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panchayattantra24.-गरियाबंद। पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में कार्रवाई करते हुए 01 क्विंटल 90 किलो गांजा पकड़ा है। जिले में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में गांजा तस्करी पकड़ी गई है। यह गांजा उड़ीसा से गरियाबंद होते हुए जबलपुर मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा था। इस प्रकरण में तीन आरोपियों में एक युवती भी शामिल है। वहीं इनोवा समेत दो कार भी जप्त की गई है। बता दें कि, मुखबिर की सूचना पर छुआ से लगातार पीछा करते हुए मालगांव इलाके में इनोवा समेत दो कार को पुलिस वाहन सी.पी.आर से ठोकर मारकर रोका गया। 
कार में सवार दो युवक और एक युवती को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार तस्करों ने बताया कि जबलपुर में गांजे की कीमत ज्यादा मिलने के कारण वे उड़ीसा से गांजा खरीदकर ले जा रहे थे। एसडीओपी निशा सिन्हा ने मौके पर पहुंचकर जांच की। उन्होंने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान चल रहा है और आगे भी ऐसी कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। पकड़े गए तस्करों के अलावा कुछ तस्कर फरार हैं उनकी भी खोज खबर ली जा रही है।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां जिला प्रशासन की टीम फरार तोमर बंधुओं वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। जिला प्रशासन की टीम आज तोमर बंधुओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकती है। जिला प्रशासन की तरफ से तोमर बंधुओं की करोड़ों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। 
रायपुर जिला प्रशासन की टीम की द्वारा तोमर बंधुओं के करोड़़ों के मकान, जमीन और लग्जरी कारों को कुर्क किया जाएगा। आपको बता दें कि, वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर के खिलाफ सूदखोरी, आर्म्स एक्ट, मारपीट के कई मामले दर्ज है। दोनों ही भाई पिछले दो महीने से फरार चल रहे हैं। वहीं अब जिला प्रशासन की टीम ने लीगल एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। इससे पहले भी तोमर बंधुओं के खिलाफ प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की थी। प्रशासन की टीम ने रोहित और वीरेंद्र तोमर के आलिशान ऑफिस पर बुलडोजर चलाया था।
 

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panchayattantra24.-पिथौरा। छत्तीसगढ़ में आज पोला त्योहार का उत्साह गांव से लेकर शहर तक नजर आ रहा है. छत्तीसगढ़ के इस पारंपरिक त्योहार में कृषि कार्यों में लगे बैलों की पूजा का विधान है. इस दिन किसान कृषि कार्यों से विरत रहते हैं, और बैलों को नहलाकर उसे सजाकर पूजा करते हैं. घरों में मिट्टी, लकड़ी या पीतल के बने बैलों की पूजा करते हैं, जिन्हें बच्चे 
वृषभ पूजन दिवस भाद्र पद मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या को होता है, जिसे छत्तीसगढ़ में पोला-पोरा तिहार कहा जाता है. पंडितों के अनुसार अमावस्या तिथि 22 अगस्त को दोपहर 11.37 से प्रारंभ होकर दूसरे दिन 11.02 मिनट तक रहेगा. श्राद्ध कर्म पूर्व दिन होगा, जबकि वृषभ पूजन उदय तिथि अनुसार 23 अगस्त को मनाया जाएगा. इसे ही कुशोत्पाटिनी अमावस्या भी कहा जाता है. शास्त्रों में इस अमावस्या को कुशोत्पाटनी अमावस्या भी कहा जाता है. इस दिन पुरोहित कर्म में लगे हुए ब्राह्मण कुश उखाड़ने का कार्य करते हैं, जो देव एवं पितृ कार्यों में काम आता है.
 

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panchayattantra24.-रायपुर/जापान। सीएम साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो पहुँचते ही एनटीटी लिमिटेड, जापान की सीईओ कायो इतो से मुलाकात की। एनटीटी लिमिटेड, आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल समाधानों में 90 बिलियन डॉलर के राजस्व के साथ एक वैश्विक अग्रणी कंपनी है। इस बातचीत में छत्तीसगढ़ में डिजिटल और उन्नत आईटी तथा तकनीक-संचालित निवेश के अवसरों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर में की पूजा-अर्चना सीएम विष्णुदेव साय ने जापान पहुंचने के बाद सबसे पहले जापान की राजधानी टोक्यो में स्थित ऐतिहासिक असाकुसा मंदिर के दर्शन किए। टोक्यो का यह सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित मंदिर शांति और सामर्थ्य का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर मानवता को शांति और शक्ति का संदेश देता है और यही भाव छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं में भी झलकता है। 
उल्लेखनीय है कि भारतीय व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO), भारत सरकार के आमंत्रण पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर है। इस ग्लोबल आउटरीच मिशन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को वैश्विक निवेश मानचित्र पर स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसरों को तलाशना है।
 

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panchayattantra24.-जगदलपुर। छत्तीसगढ़, जिसे धान का कटोरा के रूप में जाना जाता है, एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां की संस्कृति और परंपराएं गहरे रूप से खेती-किसानी और प्रकृति से जुड़ी हुई हैं। यहां के त्यौहार और पर्व न केवल सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं, बल्कि किसानों और उनके पशुधन के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को भी व्यक्त करते हैं। इनमें से एक प्रमुख और लोकप्रिय पर्व है पोला, जो छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से किसानों और उनके बैलों के प्रति समर्पित है, जो खेती में उनकी सबसे महत्वपूर्ण सहायता करते हैं।
पोला छत्तीसगढ़ का एक पारंपरिक और सांस्कृतिक पर्व है, जो भाद्रपद मास की अमावस्या को मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से कृषि और पशुधन, विशेषकर बैलों की पूजा से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ के अलावा, यह पर्व महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। यह त्यौहार किसानों के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह उनकी मेहनत और पशुधन के योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है।
पोला पर्व का मूल उद्देश्य खेती में बैलों के योगदान को मान्यता देना और उनकी पूजा करना है।  यह छत्तीसगढ़ की सनातन परंपराओं और कृषि संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। बैल, जो खेती में किसानों के सबसे बड़े सहायक हैं, इस दिन विशेष सम्मान के पात्र बनते हैं। यह पर्व मानसून के समापन और खरीफ फसल की बोआई के बाद मनाया जाता है, जो किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण समय होता है।
पोला पर्व की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू हो जाती हैं। पोला पर्व के दिन, सुबह से ही उत्साह का माहौल होता है। किसान अपने बैलों को नदी या तालाब में ले जाकर स्नान कराते हैं। इसके बाद बैलों को रंगों, कपड़ों, घुंघरू, घंटियों, और कौड़ियों से सजाया जाता है। उनके सींगों पर पॉलिश और रंग लगाए जाते हैं, और गले में आभूषण पहनाए जाते हैं। बैलों को विशेष भोजन, जैसे गुड़ और चावल का मिश्रण, खिलाया जाता है। जिनके पास बैल नहीं होते, वे मिट्टी या लकड़ी से बने बैलों की पूजा करते हैं। पूजा में चंदन का टीका, धूप, अगरबत्ती, और माला का उपयोग किया जाता है।
घरों में महिलाएं पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवान बनाती हैं, जैसे चीला, गुड़हा, अनरसा, सोहरी, चैसला, ठेठरी, खुरमी, बरा, मुरकु, भजिया, तसमई आदि। ये व्यंजन चावल, गुड़, तिल, और अन्य स्थानीय सामग्रियों से तैयार किए जाते हैं, जो छत्तीसगढ़ की खाद्य संस्कृति को दर्शाते हैं।
बच्चों के लिए यह पर्व विशेष रूप से रोमांचक होता है। वे मिट्टी या लकड़ी से बने खिलौनों, जैसे बैल और रसोई के बर्तनों के साथ खेलते हैं।  कुछ क्षेत्रों में इस दिन बैल दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं, जो पर्व के उत्साह को और बढ़ाती हैं।
पोला पर्व का महत्व केवल धार्मिक या कृषि तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक, सांस्कृतिक, और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।  बैल खेती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी पूजा करके किसान अपनी समृद्धि और प्रगति के लिए आभार व्यक्त करते हैं। यह पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखता है। बच्चों को मिट्टी के खिलौनों जैसे खेलों के माध्यम से अपनी संस्कृति और प्रकृति के महत्व का ज्ञान होता है। बैलों और प्रकृति की पूजा के माध्यम से यह पर्व पर्यावरण और पशुधन के संरक्षण का संदेश देता है। यह हमें हमारी जड़ों और प्रकृति के साथ जुड़ाव की याद दिलाता है।
आधुनिक युग में, जहां मशीनों ने खेती में बैलों की भूमिका को कुछ हद तक कम कर दिया है, फिर भी पोला पर्व अपनी प्रासंगिकता बनाए रखता है। यह पर्व न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संजोता है, बल्कि हमें यह भी सिखाता है कि हमें अपने पर्यावरण और पशुधन का सम्मान करना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में भी यह पर्व छोटे स्तर पर मनाया जाता है, जहां लोग मिट्टी के बैलों की पूजा करते हैं और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेते हैं।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की अनुशंसा पर रायपुर लोकसभा क्षेत्र में बीएसएनएल की दूरसंचार सलाहकार समिति (टीएसी) में 8 सदस्यों की नियुक्ति को केंद्र सरकार ने मंजूरी प्रदान की है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी दी है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा अनुशंसित व्यक्तियों में से 8 सदस्यों को समिति में स्थान दिया गया है जिनमें प्रेम बिरनानी, राहुल जैन, श्याम सुंदर अग्रवाल, हर्षिला रूपाली शर्मा, पवन सिंघानिया, कमलेश शर्मा, कृष्ण कुमार अवधिया, जब्बार दग़्गली शामिल हैं। 
यह नियुक्तियाँ विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई हैं। सांसद अग्रवाल ने नामित सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि वे दूरसंचार सेवाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण सुधार के लिए सकारात्मक योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि, दूरसंचार सेवाएँ आज के युग में विकास और सुशासन की रीढ़ हैं। BSNL टीएसी में प्रतिनिधियों की भागीदारी से रायपुर संसदीय क्षेत्र के उपभोक्ताओं की समस्याएँ और सुझाव सीधे विभाग तक पहुँचेंगे और समाधान की दिशा में ठोस कार्यवाही होगी।
 

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बिजली, रेल, सड़क, आवास, स्वास्थ्य और जलापूर्ति क्षेत्र की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण
 
 panchayattantra24.-गयाजी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ‘ज्ञानस्थली’ के रूप में चर्चित बिहार के गयाजी पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने मगध विश्वविद्यालय के मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में 13 हजार करोड़ से ज्यादा की लागत से रेल, सड़क, बिजली, आवास, जलापूर्ति और स्वास्थ्य क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित रहे। पीएम मोदी यहां एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं, जिसमें मगध क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गयाजी और दिल्ली के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस और वैशाली और कोडरमा के बीच बौद्ध सर्किट ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 
 ‎गयाजी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने बक्सर में 660 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट, मुजफ्फरपुर में होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, एनएच 31 का बख्तियारपुर से मोकामा क्षेत्र चार लेन पथ, नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत मुंगेर में एसटीपी और सीवरेज नेटवर्क योजना, औरंगाबाद, बोधगया और जहानाबाद में जल आपूर्ति परियोजना की सौगात दी। पीएम मोदी ने बेगूसराय में छह लेन सिमरिया पुल का उद्घाटन किया। एनएच 31 पर बना यह पुल 8.15 किमी लंबा है। यह पटना के मोकामा और बेगूसराय के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा। यह पुल पहले से मौजूद दो लेन वाले राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में 4,260 और ग्रामीण क्षेत्रों में 12,000 लाभार्थियों को गृह प्रवेश कराया।
इस अवसर पर पांच प्रमुख लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से अपने घरों की चाबी सौंपी। इनमें तीन ग्रामीण और दो शहरी परिवार शामिल रहे। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर एनडीए कार्यकर्ताओं में भी खासा उत्साह दिखा। सुबह से ही लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। सुरक्षा के भी कड़े प्रबंध किए गए हैं।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कबीरनगर थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय नशे के सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो युवतियों समेत कुल 5 ड्रग पैडलर्स को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 273.19 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हेरोइन अफगानिस्तान से लाई गई थी।
 गिरफ्तार आरोपियों में मनमोहन सिंह, जसप्रीत कौर, दिव्या जैन, विजय मोटवानी और नितिन पटेल शामिल हैं।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गैंग लंबे समय से नशे की तस्करी में सक्रिय था और राजधानी में इसकी बड़ी सप्लाई चेन तैयार की जा रही थी। पुलिस आज इस पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा कर सकती है। कबीरनगर थाना क्षेत्र का मामला फिलहाल रायपुर पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना तथा न्योता भोज के तहत जिला प्रशासन की अभिनव पहल “प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां” के तहत जिला रायपुर में विभिन विभाग में कार्यरत शासकीय अधिकरियों एवं कर्मचारियों को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही है एवं जन्मदिन आंगनबाड़ी या स्कूल में मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में स्थल सहायक अश्वनी कुमार साहू, लेक्चरर प्रमोद कुमार साहू ने बच्चों के साथ केक काटकर और पौष्टिक आहार के साथ अपना जन्मदिन मनाया। प्रोजेक्ट के तहत कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने 53 कर्मचारियों को एसएमएस द्वारा ई-कार्ड के माध्यम से जन्मदिन की पूर्व संध्या बधाई संदेश भेजा एवं नजदीकी आंगनबाड़ी अथवा स्कूल की जानकारी दी गई।
 

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 panchayattantra24.-बेमेतरा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज बेमेतरा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जेवरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के भी साथ में उपस्थित थे। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर अस्पताल के कार्य प्रणाली के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने दवाइयों के स्टाक और उपलब्धता की जांच करते हुए दवाइयों की एस्सपायरी डेट की भी जांच और दवाइयों के रखने के तरीकों तथा साफ सफाई की भी जांच की। मंत्री जायसवाल ने अस्पताल के पंजीयन कक्ष, ओपीडी एवं अस्पताल के वार्ड का निरीक्षण कर वहाँ के व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पंजीयन कक्ष में पहुँचकर उपस्वास्थ्य केन्द्र में प्रतिदिन इलाज हेतु आने वाले एवं अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल के वार्ड में पहुँचकर भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। 
 जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके समुचित इलाज तथा अस्पताल में उन्हें प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, पेयजल, दवाइयां,अस्पताल के शौचालय, स्नानागार आदि के व्यवस्थाओं के संबंध में भी मरीजों से जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मौके पर उपस्थित चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अस्पताल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा मरीजों के बेहतर इलाज, दवाइयां आदि सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा।
 

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