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panchayattantra24-बस्तर। संभाग के इकलौते नगर निगम जगदलपुर में महापौर सफिरा साहू के खिलाफ भाजपाइयों का अविश्वास प्रस्ताव वाला दांव धराशायी हो गया है. बस्तर कलेक्टर ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया है. दरअसल 5 बिंदुओं पर भाजपा पार्षद दल महापौर सफिरा साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था. इसका सम्मिलन 29 अगस्त को जगदलपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय में होना था. इसके लिए भाजपा पार्षद दल मंगलवार को कार्यालय से पैदल रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय भी पहुंचे. लेकिन इस प्रक्रिया में कांग्रेस की महापौर, निगम अध्यक्ष व अन्य पार्षद आए ही नहीं. इसके कारण कलेक्टर ने प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया।
निगम के नेता प्रतिपक्ष संजय पांडेय ने बताया कि, “कुछ समय पहले महापौर के खिलाफ भाजपा पार्षद दल की ओर से पांच बिंदुओं पर भ्रष्टाचार का अविश्वास प्रस्ताव दिया गया था. महापौर को भ्रष्टाचार का उत्तर सदन में उपस्थित रहकर देना चाहिए था. लेकिन महापौर सफिरा साहू ने अपनी निश्चित हार जानी और पूरे पार्षदों को लेकर जंग करने की बजाय कायरता से भाग जाना उचित समझा.” बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम ने निर्धारित कोरम पूरा न होने की बात कही. साथ ही अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने की जानकारी दी।

panchayattantra24.-बस्तर। पूरे देश में राखी की तैयारियां शुरू हो चुकी है. इस बीच बस्तर में राखी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. बस्तर में रविवार को नक्सली मोर्चे पर तैनात सीआरपीएफ के जवानों को इनर व्हील क्लब की महिला सदस्यों ने राखी बांधी है. दरअसल, क्लब की महिलाएं और बच्चियां बटालियन पहुंची और सुरक्षाबल के जवानों को राखी बांधा. साथ ही बस्तर के साथ-साथ खुद की सुरक्षा का वचन लिया. दरअसल, बस्तर में नक्सली मोर्चे पर तैनात सुरक्षाबल के जवान त्यौहारों में भी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं. यही कारण है कि वो त्यौहारों पर घर नहीं जा पाते. अक्सर राखी में उनकी कलाई सूनी रहती है. जवानों की कलाई सूनी न रहे इसलिए हर साल इनर व्हील क्लब की महिलाएं सीआरपीएफ जवानों को राखी बांधती है. इस साल भी क्लब की महिलाओं और बच्चियों ने बस्तर मे सीआरपीएफ के 80 बटालियन पहुंच कर सीआरपीएफ जवानों को राखी बांधी. बहनों ने पहले जवानों की आरती उतारी. फिर रंग-बिरंगी राखी बांधकर जवानों का मुंह मीठा कराया. जवानों ने भी बहनों को उनकी और बस्तर की सुरक्षा का वचन दिया.
इस दौरान इनर व्हील क्लब की अध्यक्षा ममता राणा ने बताया कि, ” रविवार को क्लब की महिलाएं और स्कूली छात्राएं शहर में तैनात सीआरपीएफ की 80 बटालियन पहुंची. उन्होंने सीआरपीएफ जवानों के हांथो में रक्षासूत्र बांधा. जवानों के रक्षा की कामना की.” वहीं, बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी मकसूद आलम ने कहा कि “इनर व्हील क्लब की महिला सदस्य बटालियन पहुंची. क्लब की सभी बहनों ने अधिकारियों के साथ ही सीआरपीएफ जवानों को राखी बांधी.”

panchayattantra24.-बस्तर। छत्तीसगढ़ का नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर का इकलौता रेल मार्ग आए दिन बाधित रहता है फिर एक बार अगस्त के महीने में ट्रेनों को रद्द किया गया है। 21 अगस्त से 1 सितंबर तक 12 दिनों के लिए किरंदुल- विशाखापट्टनम पैसेंजर स्पेशल ट्रेन रद्द कर दी गई है। इसी तरह विशाखापट्टनम- किरंदुल नाइट एक्सप्रेस विशाखापट्टनम से 21, 25, 28 अगस्त व 1 सितंबर एवं किरंदुल की ओर से 22,26 29 ,अगस्त व 2 सितंबर को रद्द रहेगी।
वॉल्टियर रेल मंडल मुख्यालय से जारी आदेश में कोरापुट रेल खंड में रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से ट्रेनों को रद्द करने की बात कही गई है। अगले 12 दिन गोरापुर और सिमिलीगुडा स्टेशन में नॉन इंटरलॉकिंग का काम चलेगा। खुर्दा रेलखंड में भी तीसरी लाइन की कमिश्निंग के लिए भुवनेश्वर जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस को भी इस माह 8 दिनों के लिए रद्द रखा जाएगा।
panchayattantra24.-बस्तर/सुकमा। अत्याधिक बारिश के चलते देश समेत प्रदेश के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. कई क्षेत्र जलमग्न हो चुके हैं. सड़कों और घरों में पानी घुस गया है. खास कर बस्तर संभाग के कई इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति है. जिससे लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. आलम ये है कि भारी बारिश के कारण नदियों और जलाशयों के उफान पर होने से कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट चूका है. जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है।
सुकमा में लगातार बारिश से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. छत्तीसगढ़ को तेलंगाना से जोड़ने वाले NH 30 कोंटा के पास बाढ़ का पानी भर गया है. लगातार बारिश से गोदावरी के बैक वाटर का खतरा बढ़ गया है. इसे लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. वहीं लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने के लिए मुनादी भी कराई जा रही है. इसके अलावा बीजापुर के भोपाल पटनम क्षेत्र में पेगडापल्ली पोटाकेबिन और कन्या आश्रम में भी पानी घुस गया है. कई गांवों की बिजली गुल हो गई है. तो कई गांवों का शहरों से संपर्क टूट गया है. जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है. फिलहाल जहां भी ऐसी स्थिति है वहीं प्रशसान व्यवस्था में लगा हुआ है. जरूरी चीजें लोगों को मुहैया कराई जा रही है।

panchayattantra24.-बस्तर। जिले में कुदरत का करिश्मा देखने को मिला है. जिले में एक गर्भवती महिला ने एक साथ 3 बच्चे को जन्म दिया है. एक साथ 3 बच्चों की डिलवरी होते ही बस्तर जिले के स्वास्थ्यकर्मी भी उत्साहित हैं. फिलहाल तीनों नवजात व मां सुरक्षित हैं. बस्तर जिले के डिमरापाल अस्पताल में महिला का नॉर्मल प्रसव हुआ है।
14 जुलाई को जगदलपुर शहर से लगे कालीपुर से एक गर्भवती महिला उषावती को प्रसव पीड़ा हुआ. जिसके बाद परिजनों ने उसे बस्तर जिले के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल डिमरापाल में पहुंचाया और भर्ती कराया. जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मी प्रसव कराने की तैयारी में जुट गए. गर्भवती महिला ने रात करीब 2 बजे एक के बाद एक 3 बच्चों को जन्म दिया. एक साथ 3 बच्चे के जन्म पर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ परिजन भी काफी खुश नजर आए. इस पल को सेलीब्रेट भी किया गया।
बताया जा रहा है कि तीनों ही बच्चे लड़के हैं. जिनमें 2 बच्चों का वजन 2.2 किलोग्राम है. वहीं 1 बच्चे का वजन 1 किलो है. डिमरापाल अस्पताल के शिशु विशेषज्ञ डीआर मंडावी ने बताया कि महिला ने जिन 3 बच्चों को जन्म दिया है. उनमें एक बच्चे का वजन कम है. जिसे नर्सरी में रखा गया है. उसका इलाज प्रोटोकॉल के अनुसार जारी है. बताया जा रहा है कि बीते 5 सालों में बस्तर में यह पहला मामला है. जहां एक महिला ने एक साथ 3 बच्चों को जन्म दिया है. राहत की बात यह है कि चारों सुरक्षित हैं।

panchayattantra24.-बस्तर। बस्तर में बारिश का मौसम पुलिस के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। बीते 3 सालों में पुलिस ने ऑपरेशन मानसून के जरिए माओवादियों को नुकसान पहुंचाने में ज्यादा कामयाबी हासिल की है। 3 सालों में करीब 36 माओवादी कैडर सिर्फ बस्तर इलाके में मारे गए हैं और इसकी वजह मानी जा रही है पुलिस स्पेशलाइज ट्रेनिंग।
स्पेशलाइज ट्रेनिंग की वजह से बारिश के दौरान भी जंगल के अंदरूनी इलाकों में फोर्स आसानी से पहुंचने लगी है। जहां पहले पहुंचने में मुश्किल होती थी बारिश के दौरान माओवादी कैडर सीमित संख्या में कैंप करता है और इसका फायदा पुलिस फोर्स को मिलता है। लंबी दूरी तय करने में माओवादियों को बारिश के दौरान मुश्किल होती है, लेकिन पुलिस सूचना मिलने पर उन जगहों पर पहुंचकर ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। सुकमा इलाके में इसी तरह से 3 नक्सल कैंपों को ध्वस्त करते हुए पुलिस ने काफी सामान भी बरामद किया है।
माओवादियों ने प्रेस नोट जारी कर हाल ही में इस बात का भी खुलासा किया है कि बीते एक साल में 90 की संख्या में माओवादी कैडर की मौत हुई है हालांकि यह आंकड़ा दूसरे क्षेत्रों का भी है। बस्तर की बात करें तो दक्षिण बस्तर में 30 माओवादी कैडर बीते साल मारे गए हैं और इस बार सीमावर्ती राज्यों के साथ मिलकर पुलिस ने ऑपरेशन मानसून का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है।
panchayattantra24.-बस्तर। जिले के अतिसंवेदनशील क्षेत्र चांदामेटा प्राथमिक शाला को पहली बार स्वयं का स्कूल भवन मिला है। प्रशासन ने इस अतिसंवेदनशील क्षेत्र में संवेदनशील पहल करते हुए नए स्कूल भवन का उद्घाटन स्कूली विद्यार्थियों के हाथों कराया। अपने ही हाथों अपने नए स्कूल भवन का लोकार्पण करते वक्त बच्चों के चेहरे उमंग से खिल उठे थे। ऐसा लग रहा था मानों यहां बच्चे विशिष्ट अतिथि हैं और उपस्थित अधिकारी और ग्रामीण सभी उनका हौसला बढ़ा रहे हों। नक्सल हिंसा से कभी प्रभावित रहा चांदामेटा आज शिक्षा और सामाजिक स्तर पर आगे बढ़ रहा है। सरकार की पहल से यहां न केवल स्कूल नियमित रूप से चलाया जा रहा बल्कि पढ़ाई के लिए बच्चे भी दुर्गम क्षेत्रों से यहां आ रहे हैं। चांदामेटा में स्कूल भवन के लिए जमीन किसान आयता मरकाम ने अपनी जमीन दान में दी है ताकि बच्चों को गांव में ही बेहतर शिक्षा के अनुकूल माहौल मिल सकें। स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने श्री आयता को स्कूल भवन के लिए जमीन दान में देने के लिए धन्यवाद दिया और पुष्पगुच्छ देकर उनका सम्मान किया।
एक ऐसा समय भी था जब इस इलाके में स्कूल संचालित कर पाना असंभव था। निजी भवनों में बड़ी कठिनाईयों के बीच स्कूल संचालित होते थे। लेकिन अब प्रशासन ने नया स्कूल भवन तैयार किया है, जिसमें नियमित रूप से कक्षाएं लग रही है। खुशी की बात है कि गांव के बच्चों ने ही अपने लिए तैयार स्कूल का शुभांरभ किया। गौरतलब है कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पिछले चार सालों में अनेकों विकास कार्य किए गए हैं, जिससे प्रदेश के सुदूर वनांचल के इलाके मुख्यधारा से जुड़कर प्रदेश के विकास में अपने भागीदारी दे रहे हैं। इनमें ऐसे इलाके भी शामिल है, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित थे। शिक्षा के लिए स्कूलों का संचालन का नहीं हो पा रहा था। संवेदनशील प्रदेश सरकार ने बस्तर संभाग में नक्सली गतिविधियों के कारण बंद पड़े 314 स्कूलों को न केवल पुनः प्रारंभ किया बल्कि विकास, विश्वास, और सुरक्षा के अपने संकल्प को मजबूती के साथ स्थापित किया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि चांदामेटा के बच्चे अब अपना भविष्य गढ़ सकेंगेे। भवन को सहेजने-संवारने की जिम्मेदारी ग्रामीणों ने ली है और यह बड़े बदलाव का सुखद संदेश है। भवन को बनाने में सुरक्षा बल के जवानों ने बहुत मेहनत की है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन द्वारा चांदामेटा के लिए सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी की सुविधाएं दी गई है और आगे भी विकास की अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे पहले कैंप में स्कूल संचालित की जा रही थी अब भवन बनने से बच्चों को सुविधा होगी।

K.W.N.S.-बस्तर। उद्योग और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने सोमवार को जगदलपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिले में चल रहे विकास कार्यो की समीक्षा बैठक ली. इस दौरान प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई. लखमा ने अधिकारियों को फटकारा.आपको बता दें कि जगदलपुर में आदिवासी सामुदायिक भवन का निर्माण 4 करोड़ रुपए की लागत से होना है. लेकिन निर्माण कार्य का टेंडर विभाग ने कई बार निरस्त कर दिया. जिसको लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई।
मंत्री कवासी लखमा ने कहा भूपेश सरकार ने प्रदेश में समाजों के लिए सामुदायिक भवन बनाने के लिए बजट का अलॉटमेंट भी कर दिया है. लेकिन बस्तर जिले में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली से भवन निर्माण का काम बेहद धीमा हो रहा है. इसके साथ ही बैठक में जिले में स्कूलों के मरम्मत के निर्देश दिए गए. प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों के मरम्मत के लिए 1 हजार करोड़ रुपए भूपेश सरकार ने जारी किए हैं. जिसमें से 70 करोड़ रुपए सिर्फ बस्तर जिले के लिए जारी किए गए हैं।
K.W.N.S.-बस्तर। छत्तीसगढ़ आयोग महिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य बालो बघेल ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के आस्था सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जन सुनवाई की। छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर की 180 वीं और जिले स्तर की 09 वीं जन सुनवाई हुई बस्तर जिले में आयोजित आज की जन सुनवाई में कुल 24 प्रकरणों पर सुनवाई की गई.
सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका उपस्थित थी. उसने अपना प्रकरण वापस लेने बाबत अपना आवेदन प्रस्तुत किया उनका एक प्रकरण न्यायालय में धारा 376 अनावेदक के विरूद्ध था जिसमे अनवेदक बरी हो गया है। अतः वह प्रकरण आगे जारी नहीं रखना चाहती प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।अन्य प्रकरण में उभयपक्ष उपस्थित प्रकरण को सुना गया इस दौरान सरक्षण अधिकारी हिरवानी ने बताया की शिकायत पर स्थानीय परिवाद समिति के द्वारा जांच किया जा रहा है और अनावेदक पक्ष का साक्ष्य लेना शेष है ऐसी दशा में एक माह का समय दिया गया अपनी रिपोट आयोग को निश्चित रूप से भेजने आगामी सुनवाई रिपोट मिलने के पश्चात रायपुर में किया जायेगा।
अन्य प्रकरण में दोनों उपस्थित दोनो पक्ष को सुना गया अनावेदक ने कहा की आवेदन की प्रति दिया जाय। आवेदीका को निर्देशित किया गया कि वह एक प्रति अनावेदक को देगी और एक प्रति संरक्षण अधिकारी हिरवानी को देगी जो स्थानिय परिवाद समिति में इस प्रकरण में की जांच कर आपसी रिर्पोट आयोग को 2 माह में प्रेषित करेंगे जिसके पश्चात प्रकरण सुनवाई हेतु रायपुर में रखा गया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि एक विभाग के दोनो प्रकरण है दो प्रकरणों का आंतरिक परिवाद समिति 02 महिने में जांच करके रिर्पोट 02 महिने के अंदर आयोग को प्रेषित करेगी तत्पश्चात प्रकरण रायपुर में सुनवाई हेतु रखी जायेगी।
अन्य प्रकरण में उभयपक्ष उपस्थित दोनों को विस्तार से सुना गया आवेदिका संविदा कर्मचारी है जिनका 03 साल का सी०आर० अनावेदक पक्ष ने रोक रखा है अनावेदक पक्ष ने जवाब में बहुत सारे कारण उल्लेखित किया है इस प्रकरण को स्थानिय परिवाद समिति को जांच के लिए संरक्षण अधिकारी बेमेतरा को दिया जाता है। जांच के पश्चात 02 माह में अपनी रिर्पोट प्रस्तुत करने के निर्देश दिया गया तथा प्रकरण की आगामी सुनवाई हेतु रायपुर में रखा जावेगा। अन्य प्रकरण में उभयपक्ष उपस्थित दोनी पक्ष को सुना गया आवेदिका अतिथि शिक्षिका है और वह कुछ दिन तक अवकाश में थी और वह अनावेदक के कहने पर उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किया है आवेदिका कीशिकायत पर कलेक्टर के द्वारा जांच करायी गयी है और आविदिका के द्वारा पुलिस और डायरेक्टर के यहां भी जांच हुई है अनावेदक ने बताया कि आवेदिका अक्सर देरी से आती है और समय से नही आने पर रोज-रोज किये जाने पर विरोध करती है प्रकरण की आगामी सुनवाई रायपुर में रखा गया है।
अन्य प्रकरण में उभयपक्ष उपस्थित दोनों पक्ष को समझाइस दिया गया लेकिन आवेदिका अनवादक के साथ रहने के लिए तैयार नहीं है क्योकि अनावेदक मारता पिटता है अनावेदक ने बताया कि वह प्रापर्टी डीलर है और स्वीकार किया कि महिना में 15,000 रुपए की शराब पी लेता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है वह महिने का लगभग एक लाख कमाता है बच्चों के खर्च वहन करता है अपनी पत्नी को पद्रह हजार रू देगा इस प्रकरण का निगरानी संरक्षण अधिकारी हिरवानी के द्वारा किया जाएगा छः माह के लिए निगरानी में प्रकरण दिया जाता है उत्सके बाद प्रकरण रायपुर में सुनवाई हेतु लिया जाएगा। शराब की वजह से परिवार तलाक की नौबत पर आया लेकीन दो बच्चों के भविष्य को लेकर आयोग द्वारा सुलह कराया गया पति को समझाईस दिया गया कि जितने का शराब पिता है उतना ही पत्नी को पति द्वारा प्रति माह देना स्वीकार किया गया।

K.W.N.S.-बस्तर। बस्तर में तेज आंधी-तूफान की वजह से बिजली हमेशा गुल तो रहती ही थी. लेकिन इस बार एक ऐसा वाकया हुआ है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे. दरअसल हाई वोल्टेज 11 केवी के बिजली खंबे में विशालकाय सांप चढ़ गया, जिसकी वजह से खंबे में शाॅर्ट सर्किट हो गया. इस घटना की वजह से आधे जगदलपुर शहर में घंटों बिजली गुल रहा. हादसे की वजह से खंबे में लगा ट्रांसफार्मर भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. नवतपा के दूसरे ही दिन अचानक दोपहर के वक्त आधे जगदलपुर शहर की बिजली गुल हो गई. इससे एकाएक सभी लोग गर्मी से हलकान हो गए. लोगों की शिकायत के बाद जगदलपुर बिजली विभाग के कर्मचारियों को शहर के प्रभावित इलाकों में फाल्ट ढूंढने और ठीक करने के लिए रवाना किया गया. कर्मचारियों ने घंटों मेहनत की, सभी सर्किट को भी चेक किया. लेकिन फाल्ट तक नहीं पहुंच पाए, जिससे कर्मचारी भी परेशान हो गए. इतने में अचानक जगदलपुर बिजली विभाग के कर्मचारी की नजर शहर के जगदलपुर केंद्रीय विद्यालय के पीछे स्थित 11 केवी के मुख्य लाइन पर लगे ट्रांसफार्मर पर पड़ी. जहां एक सांप चढ़ गया था और सांप की वजह से शाॅर्ट सर्किट हुआ था. वहां का ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गया था और सांप की भी मौत हो गई थी. ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना पर विभाग के अन्य उपकरण मुख्य लाइन में पहुंचाया गया. कड़ी मशक्कत के बाद शहर में बिजली वापस आई और शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली.