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चित्ताकर्षक पहाड़ों, जंगलों और जलप्रपातों से परिपूर्ण है कांकेर जिला
ग्राम गोटीटोला, उड़कुड़ा की पहाड़ियों में हैं अतिप्राचीन एलियननुमा आकृतियां
panchayattantra24.com-कांकेर। बस्तर का स्वागत द्वार कहलाने वाला कांकेर जिला विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्राकृतिक सम्पदाओं के अलावा सांस्कृतिक, पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक धरोहरों को समेटा हुआ है। यहां पर्यटन की अप्रतिम एवं अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें संरक्षित एवं विकसित करने की आवश्यकता है। जिले में एक ओर जहां प्राकृतिक जलप्रपात- मलाजकुंडुम (कांकेर) तथा चर्रे-मर्रे (अंतागढ़) स्थित है वहीं जिला मुख्यालय में ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित गढ़िया पहाड़ अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए विख्यात है। इसके अलावा अनेक प्राकृतिक गुफाएं भी यहां मौजूद है, जिनमें जोगीगुफा, रानीडांगरी, ग्राम उड़कुड़ा एवं गोटीटोला आदि शामिल हैं।
ग्राम गोटीटोला की पहाड़ियों में है अतिप्राचीन शैलचित्र
जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूरी पर चारामा विकासखण्ड के ग्राम गोटीटोला के निकट पहाड़ियों के बीच रामगुड़ा नामक विशाल वृत्ताकार शैलखण्ड है, जिसकी परतों पर रहस्यमयी आकृतियां उकेरी गई हैं। यह अपने आप में रहस्यमयी और कौतुहल का विषय है। ये आकृतियां कितनी प्राचीन हैं, यह पुरातात्विक शोध एवं अन्वेषण का विषय है, किन्तु ग्रामीणों को कहना है कि ये अति प्राचीन आकृतियां हैं, जो लगभग 7 से 10 हजार साल पुरानी है। ग्रामीण श्री भूमिलाल मण्डावी ने बताया कि यह गांव वालों के लिए यह आस्था एवं धार्मिक महत्व का क्षेत्र है। वे प्रतिवर्ष कृष्ण जन्माष्टमी और नवरात्रि पर्व में विशेष पूजा करने यहां आते हैं।
 इन शैल चित्रों को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि विशाल चट्टान की परत पर मानव की आकृति लाल एवं पीले रंग से उकेरी गई है, इसमें स्त्री, पुरूष एवं निचले हिस्से पर बच्चे भी दिखाई दे रहे हैं। इन आकृतियों के रंग इतने पक्के व अमिट हैं कि इतने हजारों साल भी फीके नहीं हुए हैं। इसके अलावा शैलचित्रों के ऊपरी हिस्से मनुष्य के हाथ के पंजों के निशान परिलक्षित हो रहे हैं। इन मानवाकृतियों की बांयी ओर थोड़े ऊपर में दो और मनुष्यनुमा आकृति बनी हुई है, जो किसी एलियन या यूएफओ की भांति दिख रही है। अर्थात उक्त आकृतियों में पैर से सिर तक विभिन्न अंग दृष्टिगोचर हो रहे हैं, किन्तु इनके सिर के बाल मनुष्य के बालों से बिलकुल ही अलग ही प्रतीत हो रहे हैं तथा पैरों एवं हाथों में तीन-तीन उंगलियां ही दिखाई पड़ रही हैं, जो यूएफओ के जैसी दिख रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य पुरातत्व एवं संस्कृति विभाग इन चित्रों के अध्ययन के लिए नासा और इसरो की सहायता लेने की योजना बना रहा है।
एलियन्सनुमा आकृतियां शोध का विषय
पुरातत्वविद् के अनुसार, इन चित्रों में दर्शाए गए प्राणी हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों में दिखाए गए एलियंस से काफी हद तक मिलते-जुलते हैं। स्थानीय निवासियों के बीच इन चित्रों को लेकर विभिन्न मान्यताएं हैं। कुछ लोग इनकी पूजा करते हैं, जबकि अन्य अपने पूर्वजों से सुनी किंवदंतियों का उल्लेख करते हैं, जिनमें ‘रोहेला’ (छोटे आकार के प्राणी) के बारे में भी जिक्र करते हैं। इन चित्रों में प्राणियों की आकृतियां हथियार जैसी वस्तुएं पकड़े हुए हैं, लेकिन उनकी नाक और मुँह स्पष्ट नहीं हैं। कुछ चित्रों में वे स्पेस सूट पहने हुए प्रतीत होते हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि इन चित्रों में दिखाए गए उड़न खटोले पंखे जैसे एंटीना और तीन पैरों वाले स्टैंड के साथ यूएफओ से मिलते-जुलते हैं, जैसा कि फिल्मों में दिखाया जाता है। इन चित्रों के रंग प्राकृतिक हैं, जो हजारों वर्षों के बाद भी फीके नहीं पड़े हैं। हालांकि यह संभव है कि प्रागैतिहासिक मानवों की कल्पना का परिणाम हो, लेकिन इस विषय पर और अधिक शोध की आवश्यकता है।

 panchayattantra24.-बस्तर। जिले को सीएम साय ने आज बड़ी सौगात दी और बच्चों से बात किया और कहा, बस्तर के ये प्यारे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी बनकर देश-प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं। जगदलपुर में स्कूली बच्चों से स्नेहिल संवाद के दौरान ऐसे जवाब प्राप्त हुए, जिसे सुनकर बस्तर संभाग के उज्ज्वल भविष्य हेतु आश्वस्त हूँ। हमारी सरकार बस्तर में बेहतर शिक्षा व्यवस्था हेतु संकल्पित है। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में 356 करोड़ से अधिक की राशि के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिलेवासियों को समर्पित किया। इस राशि से बस्तर के विकास को और गति मिलेगी, साथ ही जनसुविधा के सभी कार्य तेज गति से संपन्न होंगे।
 

panchayattantra24.com-जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में बस्तर ओलिंपिक खेल प्रतियागिता की प्रशंसा करते हुए उन्होंने इसी जर्त पर देश के अन्य राज्यों में खेल प्रतियागिता शुरू करने की भी अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां नक्सल हिंसा रही, वहां अब नई क्रांति जन्म ले रही है। उन्हाेने बस्तर ओलिंपिक में शामिल खिलाड़ियों के संघर्ष की कहानी भी बताई। उन्हाेने बताया कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में बस्तर ओलिंपिक की शुरुआत हुई, इसकी खास बात ये रही कि शहरों और गांवों के खिलाड़ियों के साथ ही आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर ओलिंपिक के सफल आयोजन पर आपके प्रोत्साहन के लिए सभी प्रदेशवासियों की ओर से आभार। आपके कुशल मार्गदर्शन में हमारी सरकार बस्तर में बदलाव और यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली लान ेके लिए संकल्पित हैं।
प्रधानमंत्री ने सुकमा जिले की पायल कवासी का जिक्र करते हुए उनकी बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल जी कहती हैं कि अनुशासन और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। वहीं पुनेम ने व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीता है, इनकी भी पीएम मोदी ने तारीफ करते हुए कहा कि सुकमा के दोरनापाल के पुनेम सन्ना की कहानी तो नए भारत की प्रेरक कथा है। एक समय नक्सली हिंसा का शिकार हुए पुनेम आज व्हीलचेयर पर दौड़कर मेडल जीत रहे हैं। उनका साहस और हौसला हर किसी के लिए प्रेरणा है। प्रधानमंत्री ने कारी कश्यप के बारे में बताते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से आने वाली कारी जी ने तीरंदाजी में रजत पदक जीता है। वे कहती हैं कि बस्तर ओलिंपिक ने हमें सिर्फ खेल का मैदान ही नहीं, जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्हाेने कहा कि मेरे लिए यह बहुत ही खुशी की बात है कि बस्तर ओलिंपिक का सपना साकार हुआ है। यह उस क्षेत्र में हुआ जो कभी नक्सल हिंसा का गवाह रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलिंपिक में 7 जिलों के 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कराटे, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल हर खेल में हमारे युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, यह हमारे युवाओं के संकल्प की गौरव-गाथा है। कोडागांव के तीरंदाज रंजू सोरी को ‘बस्तर यूथ आइकन’ चुना गया है। उनका मानना है कि बस्तर ओलिंपिक दूर-दराज के युवाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर दे रहा है।
जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली पायल कवासी काे इसकी जानकारी नहीं थी, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में उसका जिक्र किया उस दाैरान वह अपने घर के काम में व्यस्त थी, स्थानिय लाेगाें ने पायल को बताया उसके बाद मोबाइल में उन्हे प्रधानमंत्री की मन की बात को सुनाया तो वह खुश हो गईं। पायल कवासी सुकमा जिला मुख्यालय से 20 किमी. दूर स्थित राजामुड़ा पंचायत का आश्रित गांव बोरगापारा है, जहां एक कमरे वाले कच्चे घर में अपनी मां के साथ पायल कवासी रहती हैं। उनके तीन भाई हैं, जिनकी शादी हो गई है, वह अलग रहते हैं। पायल कवासी ने दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण से 12वीं तक पढ़ाई की है। उसके बाद पढ़ाई छोड़कर गांव में रहकर बुजुर्ग मां की सेवा कर रही हैं। इस संवादता से पायल ने चर्चा में बताया कि मेरेजैसे कई युवा है, जिनके अंदर भी प्रतिभा तो है लेकिन उन्हे सही मंच नहीं मिल रहा है। पायल ने बताया कि गांव में न तो खेल का मैदान है और न ही कोच की सुविधा है। उनको कबड्डी खेलने का बहुत शौक था, वह खेलती भी थी, लेकिन पढ़ाई छोड़ने के बाद घर के कामों में व्यस्त हो गई। कुछ दिन पहले गांव के सचिव फार्म भर रहे थे, किसी के कहने पर मैंने भी बस्तर ओलंपिक का फार्म भर दिया। उसके बाद पंचायत में भाला फैक में पहला स्थान प्राप्त किया। उसके बाद ब्लॉक, जिला फिर संभाग स्तर में मैंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहां मुझे गोल्ड मैडल मिला और कबड्डी में भी भाग लिया, उसमें भी मुझे मैडल प्राप्त हुआ है। अब वह घर पर ही मां के साथ रहती है। पायल से पूछा की आज देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मन की बात में उनके नाम का जिक्र किया है। उनकी बहादुरी की भी तारीफ की तो उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काे धन्यवाद ज्ञापित किया है।

 
 
 panchayattantra24.-बस्तर। बस्तर में पिछले 18 दिनों (5 से 23 दिसंबर) में नक्सलियों ने बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले में कुल 10 लोगों की हत्या कर दी है। इनमें 3 भाजपा के कार्यकर्ता, 1 आंगनबाड़ी सहायिका भी शामिल हैं। वहीं एक दिन पहले माओवादियों ने बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले में कुल 4 लोगों का मर्डर किया है। सभी ग्रामीणों पर पुलिस की मुखबिरी का आरोप लगाकर मार डाला। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से माओवादियों ने अब तक कुल 1800 लोगों की हत्या की है। इनमें सबसे ज्यादा बीजापुर में वारदात हुई है। अधिकांश ग्रामीणों को जनअदालत में मारा गया है। नक्सलियों ने दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले में एक ही दिन में 4 लोगों की हत्या कर दी।
 बीजापुर जिले के रेड्डी गांव के युवक मुकेश को भरे बाजार से अगवा किया था। जिसकी हत्याकर शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया। वहीं बीजापुर जिले के कोरचोली में जनअदालत लगाकर लखमू पोटाम समेत एक अन्य युवक को मार डाला। हालांकि, नक्सलियों की दहशत की वजह से परिजन रिपोर्ट दर्ज करवाने नहीं पहुंचे थे। इधर, दंतेवाड़ा जिले के गुफा गांव में माओवादियों ने घर में घुसकर एक युवक की हत्या कर दी थी। युवक का नाम सामनाथ कश्यप बताया जा रहा है। इसे भी पुलिस का मुखबिर बताकर मार डाला। वहीं दंतेवाड़ा जिले के ASP आरके बर्मन का कहना है कि हत्या की सूचना मिली है। तस्दीक की जा रही है।
 

 
 

panchayattantra24.-बस्तर। माओवाद को खत्म करने के लिए जवान लगातार जंगलों में घूम रहे हैं और लगातार सफलता भी मिल रहा है। वहीं माओवादी लगातार मिल रहे नुकसान से बौखलाए हुए हैं और हमेशा ये रणनीति बनाने के की फिराक में रहते हैं कि जवानों को कैसे नुकसान पहुंचाया जाए। वहीं कुछ जगहों पर नक्सली ग्रामीणों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश में रहते हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर दो ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, कोरचोली, रेड्डी इलाके का मामला की है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने शनिवार को दो ग्रामीणों का अपहरण किया था। जिसके बाद जनआदलत लगाया गया। इस दौरान दोनों ग्रामीणों को मौत की नींद सुला दी। मृतक ग्रामीण का नाम कमलू कोटाम है उसके साथ एक और ग्रामीण की भी हत्या कर दी है और शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
 

*महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने दोषी व्यक्ति के खिलाफ करवाई प्राथमिकी दर्ज*

रायपुर l बस्तर कलेक्टर हरिस एस ने महतारी वंदन योजना में ग्राम तालुर से संबंधित अनियमितता की जांच महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारियों को करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित के बैंक खाते को सीजकर वसूली की कार्यवाही करने तथा इस कार्य में संलग्न व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने रविवार को संबंधितों पर आवश्यक कार्यवाही भी की है।

बस्तर के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि मीडिया में दिखाया जा रहा समाचार महतारी वंदन योजना में सनी लियोन को मिल रहे हजार रुपए की शिकायत प्राप्त हुई जिसकी प्रारंभिक जांच से पता चला की उक्त आवेदन ग्राम तालूर की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती वेदमती जोशी की आईडी से रजिस्टर्ड हुआ है। मामले की जांच किए जाने पर पता चला की वीरेंद्र जोशी नामक व्यक्ति द्वारा जालसाजी कर अवैधानिक तरीके से राशि का आहरण अपने खाते में किया जा रहा है। संबंधित के विरुद्ध शासन के साथ धोखाधड़ी करने के अपराध में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। उसके बैंक खाते को होल्डकर वसूली की भी कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा संबंधित कार्यकर्ता और तत्कालीन पर्यवेक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जा रही हैं।

panchayattantra24.com-जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जगदलपुर पहुंचकर वे बस्तर ओलिंपिक के समापन में शामिल हुए। बस्तर ओलिंपिक में संभाग के सातों जिले के अलग-अलग खेलों के करीब 2900 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे हैं, जिसका सारा बंदोबस्त जिला प्रशासन की तरफ से किया गया है। प्रशासन की माने तो इस आयोजन में करीब 300 आत्मसमर्पित नक्सली भी हैं। इसके साथ ही नक्सल घटना में दिव्यांग हुए कुल 18 खिलाड़ी, नक्सल हिंसा पीड़ित भी अलग-अलग खेल में हिस्सा लिए हैं। यहां पंहुचे हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले और मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों का स्वागत किया गया। इनमें से कई को छत्तीसगढ़ पुलिस में भी भर्ती किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज रविवार शाम उनसे मुलाकात करेंगे।
आत्मसमर्पण कर चुकी नक्सली संध्या ने बताया कि हमें बताया गया था कि हम गरीबों की सेवा करेंगे, इसीलिए हम शामिल हुए। हमारे शामिल होने के बाद, वास्तविकता बहुत अलग थी। जैसा सोचकर भर्ती हुए थे वैसा बिल्कुल नहीं था। संध्या ने आगे बताया कि मैं 2001 में शामिल हुई थी और 2014 में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली सुकांति कहती हैं कि मैं 2003 में शामिल हुई और 2018 में आत्मसमर्पण कर दिया। मुझे बताया गया था कि हम अपनी मर्जी की जिंदगी जिएंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। इसीलिए मैंने 2018 में छोड़ दिया। मैं अब खुशी से अपनी जिंदगी बिता रही हूं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली शंकर मडका (5 लाख रुपये का इनामी मिलिशिया कंपनी कमांडर) ने बताया कि मैं 2007 में शामिल हुआ था और 2023 में छोड़ दिया। 2019-2023 तक मैं मिलिशिया कंपनी इंचार्ज था। मैंने 12 नक्सलियों की अपनी टीम के साथ मिलकर दो एसटीएफ कर्मियों की हत्या की थी।
नक्सली पीड़ित विनोद वाचम ने बताया कि मैं बीजापुर जिले का रहने वाला हूं। नक्सलियों की क्रूरता का शिकार हुआ हूं। साल 2007 में नक्सली गांव पहुंचे थे। पिता को घर से उठा लिया था। मेरे पिता की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। नक्सली पीड़ित राजू पुनेम ने बताया कि मैं बीजापुर जिले का रहने वाला हूं। साल 2020 को नक्सली गांव पहुंचे थे। मेरे पिता को मेरे सामने ही पकड़ कर अपने साथ लेकर चले गए थे। उन्हें जनअदालत में लाया गया था। यहां एक पेड़ के सहारे रस्सी से बांधकर उल्टा लटकाया। नीचे आग लगाई और फिर पूरे शरीर को चाकू से गोद दिया। नक्सली पीड़ित नागेश वाचम ने बताया कि मैं बीजापुर जिले का रहने वाला हूं। साल 2012 की उस घटना को कभी नहीं भूल सकता जब नक्सलियों ने पिता और भाई को बेरहमी से मार डाला। जनअदालत लगाकर सैकड़ों ग्रामीणों के सामने पिता और भाई की आंखों पर पट्टी बांधी। फिर दोनों हाथ-पैर बांधे, जिसके बाद चाकू से पूरे शरीर को गोद दिया। मैं बस्तर ओलिंपिक में तीरंदाजी के लिए आया हूं।

panchayattantra24.com-सुकमा। जिले में चलाये जा रहे नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति एवं नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते दबाव के फलस्वरूप आज रविवार काे क्सली संगठन में सक्रिय 1 नक्सली दम्पति सहित कुल 25 लाख के 5 नक्सलियों जिसमें 1.धन्नी उर्फ कलमू जोगी पिता नंदा (बटालियन नंबर 1 कम्पनी 2 प्लाटून नंबर 2 सेक्षन ‘‘ए’’ का पार्टी सदस्या, ईनाम 8 लाख) उम्र 20 वर्ष निवासी बडेसट्टी कोंगोंडीपारा थाना फुलबगडी 2. अनवेश उर्फ आकाश उर्फ वेट्टी भीमा पिता देवा (कम्पनी नंबर 10 प्लाटून नंबर 1 सेक्षन ‘‘ए’’ का डिप्टी कमाण्डर/पीपीसीएम एवं सीसीएम सोनू उर्फ अभय का सुरक्षा गार्ड पार्टी सदस्य, ईनामी 8 लाख) उम्र 26़ वर्ष निवासी कोमलपाड थाना किस्टाराम 3. मौसम महेश पिता स्व. कन्ना (दक्षिण बस्तर डिवीजन कम्युनिकेशन टीम कमाण्डर/अतिरिक्त प्रभार डिवीजन कमाण्ड सदस्य/एसीएम, ईनामी 5 लाख) उम्र 35 वर्ष निवासी गगनपल्ली, कलगुड़ापारा थाना एर्राबोर 4. हेमला मुन्नी पिता कोसा पति मौसम महेष (दक्षिण बस्तर डिवीजन आईटी.टीम पार्टी सदस्या, ईनामी 2 लाख) उम्र 33 वर्ष निवासी दुबामरका थाना किस्टाराम एवं 5. माड़वी पोज्जे पति देवा मुचाकी पिता स्व. हिंगा (दक्षिण बस्तर डिवीजन सीएनएम पार्टी सदस्या, ईनामी 2 लाख) उम्र 23 वर्ष निवासी साकलेर थाना किस्टाराम जिला सुकमा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सुकमा में किरण चव्हाण पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, सुरेश सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी डीआईजीपी ऑफिस सुकमा, अभिषेक वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा, परमेश्वर तिलकवार, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी सुकमा एवं मनीष रात्रे, उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। नक्सल दम्पति को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में थाना कोंटा पुलिस एंव महिला नक्सली माड़वी पोज्जे को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में विशेष आसूचना शाखा एवं शेष नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में डीआरजी एवं नक्सल सेल आसूचना शाखा का याेगदान रहा । उपरोक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता 25-25 हजार रूपये के मान से प्रत्येक को प्रोत्साहन राशि व कपड़े प्रदान किया गया एवं अन्य सुविधायें प्रदान करोये जायेंगे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पित नक्सली 1.धन्नी उर्फ कलमू जोगी पिता नंदा निवासी बडेसट्टी कोंगोंडीपारा थाना फुलबगडी जिला सुकमा (बटालियन नंबर 01 कम्पनी 02 प्लाटून नंबर 02 सेक्षन ‘‘ए’’ का पार्टी सदस्या, ईनाम 08 लाख)। नक्सल संगठन में कार्यावधि वर्ष 2020 से 2021 तक केरलापाल एरिया कमेटी सीएनएम पार्टी सदस्या। वर्ष 2022 से अब-तक बटालियन नंबर 01 कम्पनी 02 प्लाटून नंबर 02 सेक्षन ‘‘ए’’ का पार्टी सदस्या। धारित शास्त्र- सिंगल शॉट। घटना/ गतिविधि जिसमें शामिल रही है:- वर्ष 2024 में धर्मावरम पुलिस कैम्प हमला करने घटना में शामिल रही, घटना में 3 नक्सली मृत। वर्ष 2024 में नवीन कैम्प टेकलगुडे़म स्थापाना के दौरान कैम्प पर हमला करने की घटना में शामिल रहीं, उक्त घटना में 02 नक्सली मृत।
2. अनवेष उर्फ आकाष उर्फ वेट्टी भीमा पिता देवा निवासी कोमलपाड थाना किस्टाराम जिला सुकमा (कम्पनी नंबर 10 प्लाटून नंबर 01 सेक्षन ‘‘ए’’ का डिप्टी कमाण्डर/पीपीसीएम एवं सीसीएम. सोनू उर्फ अभय का सुरक्षा गार्ड पार्टी सदस्य, ईनामी 8 लाख)। नक्सल संगठन में कार्यावधि वर्ष 2015 में ( 1 माह तक तात्कालियन एसजेडसीएम रघु उर्फ विकास का सुरक्षा गार्ड)। वर्ष 2016 माह जनवरी से 2016 माह जुलाई तक माड़ डीविजन पार्टी सदस्य, कमाण्डर- फागनू। वर्ष 2016 माह अगस्त से 2019 माह जून तक सीसीएम सोनू उर्फ अभय का सुरक्षा गार्ड पार्टी सदस्य। वर्ष 2019 माह जुलाई से 2021 माह अप्रैल तक राय प्लाटून का पार्टी सदस्य (माड़ डिवीजन अन्तर्गत)। वर्ष 2021 माह मई से अब तक कम्पनी नंबर 10 प्लाटून नंबर 1 सेक्षन ‘‘ए’’ का डिप्टी कमाण्डर/पीपीसीएम। धारित शास्त्र- सिंगल शॉट। घटना/ गतिविधि जिसमें शामिल रहा है:- वर्ष 2014 में ग्राम बुर्कलंका में नक्सली-पुलिस मुठभेड़ की घटना में शामिल था, उक्त घटना के दौरान 2 नक्सली सदस्य घायल हुये थे। वर्ष 2015 महाराष्ट्रा भमरागढ़ एरिया कमेटी अन्तर्गत ग्राम अलडाण्डी में नक्सली-पुलिस मुठभेड़ की घटना में शामिल रहा, उक्त घटना में 1 नक्सली मृत।
3. मौसम महेष पिता स्व. कन्ना निवासी गगनपल्ली, कलगुड़ापारा थाना एर्राबोर जिला सुकमा, (दक्षिण बस्तर डिवीजन कम्युनिकेशन टीम कमाण्डर/अतिरिक्त प्रभार डिवीजन कमाण्ड सदस्य/एसीएम, ईनामी 05 लाख)। नक्सल संगठन में कार्यावधि:- वर्ष 2012 माह दिसम्बर से 2017 माह अक्टूबर तक तात्कालिन दक्षिण बस्तर डिवीजन कमाण्ड इनचीफ एवं टीडी इंचार्ज/डीव्हीसीएम कट्टम राजेश निवासी बुर्कलंका थाना किस्टाराम जिला सुकमा (वर्ष 2024 तेलंगाना में गिरफ्तार हुआ हैं) का सुरक्षा गार्ड ‘‘धारित हथियार- सिंगल शॉट (इसी दौरान वर्ष 2014 माह जनवरी में पार्टी सदस्य बना)। वर्ष 2017 माह नवम्बर से 2018 तक दक्षिण बस्तर डिवीजन कम्युनिकेषन टीम पार्टी सदस्य (धारित हथियार- स्टेनगन) कमाण्डर/एसीएम- पुनेम संतोष निवासी भण्डागुड़ा थाना बासागुड़ा जिला सुकमा। वर्ष 2019 माह जनवरी से अब तक दक्षिण बस्तर डिवीजन कम्युनिकेशन टीम कमाण्डर/अतिरिक्त प्रभार डिवीजन कमाण्ड सदस्य/एसीएम, (धारित हथियार- इंसास)। घटना/ गतिविधि जिसमें शामिल रहा:- वर्ष 2013 में ग्राम पूवर्ती के जंगल में (तेलंगाना ग्रेहाउन्स पुलिस टीम के द्वारा) हमारे अस्थाई कैम्प में आकर फायरिंग करने की घटना में शामिल रहा, उक्त घटना के दौरान 9 नक्सली सदस्य मारे गये थे। वर्ष 2013 में ग्राम काउरगट्टा में ग्रेहाउन्स टीम साथ मुठभेड़ की घटना में शामिल रहा। वर्ष 2013 में अस्थायी मिनपा पुलिस कैम्प पर फायरिंग करने की घटना में रहा । घटना में 1 नक्सली मृत। वर्ष 2014 में जिला बीजापुर थाना पामेड़ क्षेत्रान्तर्गत नक्सली गसत,पार्टी पर एम्बुष लगाकर फायंरिग करने की घटना में शामिल रहा। वर्ष 2015 में ग्राम पिड़मेल के जंगल हुए पुलिस मुठभेड में शामिल रहा। वर्ष 2016 में चिंतागुफा थाना पर एम्बुष लगाकर फायंिरंग करने की घटना में शामिल रहा,घटना में 7 नक्सली मृत। वर्ष 2017 में ग्राम बुरकापाल के जंगल में पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में शामिल रहा। घटना में 2 नक्सली मृत। वर्ष 2020 में ग्राम मिनपा के जंगल में पुलिस फोर्स पर फायरिंग करने की घटना में शामिल रहा, घटना में 2 नक्सली मृत। वर्ष 2021 में ग्राम टेकलगुड़ा के जंगल में पुलिस पार्टी पर हमला करने की घटना में शामिल रहा, घटना में 04 नक्सली मृत। वर्ष 2023 माह मार्च में ग्राम कुदेंड़ स्कूलपारा के पास पुलिस गस्त पार्टी पर एम्बुष लगाकर फायंिरंग करने की घटना में शामिल रहा। वर्ष 2024 में ग्राम धर्मावरम नवीन पुलिस कैम्प पर फायरिंग करने की घटना में शामिल रहा, उक्त घटना 03 नक्सली मृत। वर्ष 2024 में ग्राम टेकलगुड़ा नवीन पुलिस कैम्प पर फायरिंग करने की घटना। वर्ष 2024 में पूवर्ती नवीन कैम्प पर बीजीएल हथियारों से फायरिंग करने घटना।
4. हेमला मुन्नी पिता कोसा पति मौसम महेष निवासी दुबमरका थाना किस्टाराम जिला सुकमा (दक्षिण बस्तर डिवीजन आई0टीम पार्टी सदस्या, ईनामी 02 लाख)।
नक्सल संगठन में कार्यावधि:- वर्ष 2015 से 2017 तक दक्षिण बस्तर डिवीजन जनताना सरकार अध्यक्ष/डीव्हीसीएम तोडेम सोनी का सुरक्षा गार्ड, धारित हथियार – सिंगल शॉट। वर्ष 2018 से अब तक दक्षिण बस्तर डिवीजन आई0टीम पार्टी सदस्या, धारित हथियार – 12 बोर। घटना/गतिविधि, जिसमें शामिल रही है:- वर्ष 2021 ग्राम टेकलगुड़ा के जंगल पहाड़ी मे पुलिस पार्टी पर पीछा कर फायरिंग करने की घटना में शामिल रही। वर्ष 2024 में ग्राम टेकलगुड़ा नवीन पुलिस कैम्प स्थापित करने के दौरान पुलिस पार्टी पर हमला करने की घटना में शामिल रही, घटना में 02 नक्सली मृत।
5. महिला माड़वी पोज्जे पति देवा मुचाकी पिता स्व. हिंगा उम्र लगभग 23 वर्ष जाति मुरिया निवासी साकलेर थाना किस्टाराम जिला सुकमा। नक्सल संगठन में कार्यावधि:- वर्ष 2013 से 2016 तक ग्राम साकलेर बाल संघम सदस्या। वर्ष 2020 से 2020 माह मार्च तक साकलेर आरपीसी सीएनएम सदस्य। वर्ष 2020 माह अप्रैल से 2022 माह अगस्त तक किस्टाराम एलओएस पार्टी सदस्या। वर्ष 2022 माह सितम्बर से अब तक दक्षिण बस्तर डिवीजन सीएनएम पार्टी सदस्या। नक्सली घटनाये जिसमें शामिल रही है:- वर्ष 2021 में ग्राम गाजूलगट्टा और पोटकपल्ली के बीच नाला के पास अलग-अलग 10-15 स्थानों पर मार्ग खोदकर मार्ग अवरोध करने की घटना में शामिल रही। वर्ष 2022 में नवीन कैम्प पोटकपल्ली में बीजीएल सेल फायरिंग करने की घटना में शामिल रही।

 

panchayattantra24.-रायपुर। मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों को गीता जयंती की हार्दिक शुभकामनायें दी। और उन्होंने कहा, श्रीमद्भगवद्गीता भगवान श्री कृष्ण का अनमोल उपहार है, जो हमें धर्म पथ पर चलने की निरंतर प्रेरणा देती है। इस दिव्य ग्रंथ के माध्यम से हम जीवन के सच्चे उद्देश्य को समझ सकते हैं। 
 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय सरसंघचालक परम पूज्य बालासाहेब देवरस जी की जयंती पर कोटि कोटि नमन। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया और अस्पृश्यता समाप्ति के लिए जन जागृति को प्रेरित किया। उनका योगदान आज भी हमारे समाज में प्रेरणा का स्रोत है।
 

प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति आदेश और आवास की प्रतीकात्मक चाबी का वितरण
panchayattantra24.com-जगदलपुर। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बड़ाजी ग्राम के चौक में शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। इसके साथ ही 8 करोड़ तीन लाख के 9 विकास कार्यों का भूमि पूजन-लोकार्पण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्बा समाज के शहीद गेंद सिंह ने अंग्रेजों से लोहा लिया और क्षेत्र में अग्रेंजी शासन के नीतियों का विरोध किया। आज के युवा शहीद गेंद सिंह का स्मरण कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें, समाज के उत्थान में अपना योगदान दें । कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के 6 हितग्राहियों को आवास पूर्ण होने पर घर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए स्वीकृत आदेश पत्र का हितग्राहियों को वितरण किया गया । हल्बा समाज के प्रतिनिधियों ने स्मृति चिह्न भेंट किया।
कार्यक्रम को बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल ने संबोधित किया । इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, उपाध्यक्ष श् मनिराम कश्यप, पूर्व विधायक महेश गागड़ा, लच्छू राम कश्यप क्षेत्र के जन प्रतिनिधि एवं हल्बा समाज के पदाधिकारी, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिंहा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
शहीद गेंद सिंह बस्तर रियासत के अंतर्गत परलकोट जमींदारी के जमींदार गेंद सिंह ने मराठों और ब्रिटिश अधिकारियों के शोषण के विरुद्ध भुजरिया अबूझमाड़िया आदिवासियों को लेकर बस्तर की स्वतंत्रता का शंखनाद 1824-1825 में किया था। क्रांतिकारी धंवड़ा वृक्ष की टहनियों को संकेत के रूप में एक स्थान से दूसरे स्थान भेजते थे, पूरा मांड अंचल क्रांति की गिरफ्त में था। विद्रोह का संचालन अलग-अलग टुकड़ियों में मांझी लोग करते थे, और रात में गुटों में एकत्र होकर अगले दिन की योजना बनाते थे। उनका उद्देश्य बस्तर को गुलामी से मुक्त कराना था।
छत्तीसगढ़ के ब्रिटिश प्रशासक एगेन्यू के निर्देश या चांदा के पुलिस अधीक्षक कैप्टन पिव ने मराठा और अंग्रेज सेना की सहायता से 12 जनवरी, 1825 को गेंद सिंह और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया। क्रांतिकारियों का कठोर दमन किया गया और 20 जनवरी, 1825 को गेंद सिंह को उनके महल के सामने ही फांसी दे दी गई। अंग्रेजों के विरूद्व स्वतंत्रता का शंखनाद करने वाले शहीद गेंद सिंह बस्तर ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ के पहले शहीद है। शहीद गेंद सिंह हल्बा समाज के संबंधित थे, बस्तर जिला के बड़ाजी ग्राम हल्बा समाज की बाहुल्यता है। इसलिए शहीद गेंद सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया गया।