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Browsing: बस्तर

panchayattantra24.com-जगदलपुर। राज्यों के समन्वय से नक्सलियों के विरुद्ध चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान में नक्सलियों को चौतरफा नुकसान झेलना पड़ रहा है। अब छत्तीसगढ़-तेलंगाना राज्य की सीमा में मुलगू जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में सात नक्सलियों को मार गिराया गया है।
मुठभेड़ स्थल से सात नक्सलियों के शव मिले हैं। एके-47 समेत अन्य हथियार भी बरामद किए गए हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि मुठभेड़ में बड़े नक्सली भी मारे गए हैं। ग्रेहाउंड्स फोर्स मौके पर ही मौजूद है। क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है।

panchayattantra24.com-जगदलपुर। उत्तर छत्तीसगढ़ में शीतलहर के बाद अब दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी तेजी से पारा गिरा है। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर सहित ग्रामीण इलाकों में सुबह के वक्त लोगों को कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बस्तर संभाग के ग्रामीण इलाकाें में इसका सबसे अधिक असर देखने काे मिल रहा है। नारायणपुर में न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार नारायणपुर में न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस, बस्तर में 12.6 डिग्री सेल्सियस, दंतेवाड़ा में 12.3 डिग्री सेल्सियस, बीजापुर में 13.5 डिग्री सेल्सियस और सुकमा में 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि वातावरण में नमी के कारण छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है, लेकिन प्रदेशभर में न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम जारी है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है।
बस्तर संभाग में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रह सकती है। बस्तर में नवंबर माह में ठंड के तेवर से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी जबरदस्त कड़ाके की ठंड का असर रहने वाला है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है और इस वर्ष पड़ने वाली ठंड पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

panchayattantra24.com-सुकमा। जिले के भेज्जी थाना क्षेत्र में बीते 22 नवम्बर को हुई मुठभेड़ में 10 नक्सलियों ढेर कर दिया था, मुठभेड़ के बाद शवों के साथ एके 47, इंसास और एसएलआर जैसे हथियार भी बरामद हुए थे। इस मुठभेड़ को लेकर नक्सलियों के दक्षिण बस्तर डिविजनल कमेटी की सचिव गंगा ने आज साेमवार काे पर्चा जारी कर भेज्जी इलाके में 22 नवम्बर को हुए मुठभेड़ के विरोध में 29 नवम्बर को सुकमा जिला बंद का आह्वान किया है। और क्षेत्र की जनता, बुद्धिजीवियों और युवाओं से इस बंद को सफल बनाने की अपील की है।
जारी पर्चे में बताया गया है कि मुठभेड़ के दौरान सिर्फ 4 लोगों के पास हथियार थे और 6 लोग निहत्थे थे। नक्सली प्रवक्ता ने इनमें से दो लोगों को ग्रामीण बताते हुए आरोप लगाया कि इन सभी को पकड़कर निर्ममता से मार डाला गया। विदित हाे कि जारी पर्चे में नक्सलियाें ने पहले सभी मारे गये 10 नक्सलियाें काे अपने साथी कामरेड बताते हैं, इसके साथ ही वे दाे ग्रामीण दूधि उंगी एवं कुजाम बामन काे ग्रामीण बताकर आराेप लगाते हैं।

panchayattantra24.com-जगदलपुर। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के भीतर स्थित कोटमसर गुफा अपने अद्वितीय प्राकृतिक निर्माणों और रहस्यमय जीवों के कारण पर्यटकों को आर्कषित करती है। पहले बारिश और फिर विवाद के कारण इस बार कोटमसर गुफा को लगभग एक माह देरी से खोला गया है। इस बीच यहां पहुंच रहे पयर्टकों को निराश होना पड़ रहा था, लेकिन वन विभाग और ग्रामीणों के बीच कोटमसर गांव में एक घंटे का स्टापेज देने के निर्णय के आधार पर ग्रामीणों ने भी गुफा खोले जाने पर सहमति दे दी। कोटमसर गुफा खुलने के एक सप्ताह में यहां एक हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं। आज रविवार को भी 52 जिप्सी की बुकिंग यहां हुई थी। इधर कोटमसर गुफा के नहीं खोलने के कारण कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित अन्य गुफाओं में पर्यटन बढ़ने की बात प्रबंधन ने कही थी। कोटमसर में ग्रामीणों के विवाद के कारण प्रबंधन ने कैलाश गुफा में सुविधाएं विकसित करना प्रारंभ कर दिया था। इससे विगत एक माह में लगभग पांच हजार पर्यटकों ने कैलाश गुफा पहुंचे हैं, प्रबंधन की ओर से अब यहां और भी सुविधाएं विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उल्लेखनिय है कि कोटमसर गुफा में प्रवेश करते ही, पर्यटक इन प्राकृतिक चमत्कारों को देखकर दंग रह जाते हैं। इस गुफा में स्थित अंधे कुएं पर चोट करने से जो खोखली आवाज सुनाई देती है, वह यहां आने वालों को एक अनोखा अनुभव देती है। साथ ही, यहां पाई जाने वाली अंधी मछलियां और अन्य सरीसृप इस गुफा को और भी रहस्यमय बनाते हैं। कोटमसर गुफा में प्रकृति ने गढ़ी है अद्भुत संरचनाएं कोटमसर गुफा को प्रकृति ने अद्भुत संरचनाओं से संवारा है, यहां स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट स्तंभों की भरमार है। गुफा का प्रवेश द्वार मात्र पांच फीट ऊंचा और तीन फीट चौड़ा एक छोटा सा मार्ग है। गुफा में पांच विशाल कक्ष हैं, जिनमें कई अंधे कुएं भी हैं। चट्टान से ढंके एक अंधे कुएं पर चोट करने पर खोखली ध्वनि सुनाई देती है। गुफा के अंदर जाने का रास्ता 330 मीटर लंबा और 20 मीटर से 72 मीटर चौड़ा है। गुफा में कई सरीसृप, मकड़ियां, चमगादड़ और झींगुर मौजूद हैं। यहां अंधी मछलियां पाई जाती हैं, जो गुफा के जैव विविधता को दर्शाती हैं। गुफा के पिछले हिस्से में चूना पत्थर से बना एक ‘शिवलिंग’ पर्यटकाे के लिए आकर्षण केंद्र है। जहां प्रकृति ने आकर्षक रहस्यों का संग्रह किया है, पर्यटकों के बीच अब एक आकर्षण का केंद्र बन चुका है।
कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के प्रबंधक चूड़ामणी सिंह ने बताया कि कोटमसर गांव बस्तर की विशिष्ट धुरवा जनजाति का घर है। यह जनजाति केवल राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के आस-पास ही निवास करती है। इससे अब पर्यटकों को धुरवा जनजाति के संस्कृति, परंपरा को देखने-समझने का भी अवसर मिलेगा। पार्क प्रबंधन की ओर से कोटमसर के ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने यह निर्णय लिया गया है। यहां पर्यटक धुरवा जनजाति के पंरपरागत नृत्य का आनंद लेने के साथ ही बस्तर की पंरपरागत भोजन का स्वाद भी चख सके।

panchayattantra24.com-सुकमा। जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है, इसी तारतम्य में प्रतिबंधित संगठन “मूलवासी बचाओं मंच” के कार्यकर्ता द्वारा थाना चिंतलनार क्षेत्रांतर्गत ग्राम मुकरम पटेलपारा, ताड़मेटला आस-पास व दूरस्थ गांव के 30-40 की संख्या में ग्रामीणों को एकत्रित कर बिना प्रशासनिक अनुमति के सभा किया जा रहा था। सूचना पर थाना चिंतलनार पुलिस बल ग्राम मुकरम पटेलपारा में पहुंची तो ‘‘मूलवासी बचाओं मंच’’ के सदस्य भोगाम रामा पिता नंदा उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम सुरपनगुड़ा थाना चिंतलनार तथा मूलवासी बचाओं मंच सिलगेर के माड़वी रितेश पिता माड़वी दुला उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम पुवर्ती थाना जगरगुण्डा के द्वारा लगभग 30-40 की संख्या में उपस्थित भिन्न-भिन्न गांव से आये ग्रामीणों को अंदरूनी माओवाद प्रभावित क्षेत्र में स्थापित हो रहे नवीन पुलिस कैम्प तथा सड़क, पुल/पुलिया मोबाईल टावर के विरोध में ग्रामीणों को भड़का रहे थे, तथा ग्रामीणों के लिये चांवल, बर्तन व रूकने हेतु अस्थाई झोपड़ी का निर्माण व अन्य साधन की व्यवस्था किया जा रहा था। उक्त प्रतिबंधित संगठन ‘‘मूलवासी बचाओं मंच’’ ताड़मेटला को छ.ग. विशेष जन सुरक्षा अधिनियम की 2005 की धारा 8 (1) (3) का होना पाया गया जाने से धारा सदर का अपराध पंजीबद्ध कर प्रतिबंधित ‘‘मूलवासी बचाओं मंच’’ ताड़मेटला के सदस्य भोगाम रामा तथा ‘‘मूलवासी बचाओं मंच’’ सिलगेर के माड़वी रितेश को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रतिबंधित संगठन‘‘मूलवासी बचाओं मंच’’ के उक्त कार्यकताओं द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालते हुये गांव के विकास हेतु शासन की योजना का दुष्प्रचार किया जा रहा था। सभा में उपस्थित ग्रामीणों से पूछताछ पर बताये कि ‘‘मूलवासी बचाओं मंच’’ ताड़मेटला के अध्यक्ष उमेश माड़वी ग्राम ताड़मेटला, उपाध्यक्ष वेट्टी संतोष ग्राम कोत्तागुड़ा एवं सदस्य हेमला नरेन्द्र ग्राम मोरपल्ली, भोगाम रामा ग्राम सुरपनगुड़ा, गोड़से देवा ग्राम ताड़मेटला, तेलाम अजय ग्राम कुमोड़तोंग, मड़कम हिड़मा ग्राम ताड़मेटला, सलवम राहुल ग्राम मोरपल्ली माओवाद प्रभावित दूर दराज के गांव जाकर ग्रामीणों को अधिक से अधिक संख्या में मुकरम में इक्कठा होने के लिए दुष्प्रेरित किया जा रहा है। ‘‘मूलवासी बचाओं मंच’’ ताड़मेटला के सदस्य भोगाम रामा तथा ‘‘मूलवासी बचाओं मंच’’ सिलगेर के माड़वी रितेश को गिरफ्तार किया गया है।

panchayattantra24.com-सुकमा। कोंटा के भेज्जी इलाके में नक्सल मुठभेड़ में 10 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है। ये नक्सली ओडिशा से छत्तीसगढ़ आए थे। इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई। समाचार लिखे जाने तक मुठभेड़ जारी थी। खबर है कि इस मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए हैं, और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं।
panchayattantra24.-बस्तर। जिले में एक युवती से उसके परिचित युवक ने ही रेप कर दिया है। बताया जा रहा है कि युवती लामनी पार्क घूमने गई थी। लौटते समय परिचित युवक मिला जिसने घर छोड़ने की बात कही। लिफ्ट दिया, जंगल में लेकर गया। जहां उसकी खूब पिटाई की। जिसके बाद उसका रेप कर दिया। मामला बोधघाट थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, युवती ने पुलिस को बताया की 7 नवंबर को वह जगदलपुर के लामनी पार्क घूमने गई थी।
वापसी के दौरान कोई वाहन नहीं थी। वहीं उसके पहचान का एक युवक राजू नायक उसे मिला। उसने कहा कि मैं बाइक से घर छोड़ देता हूं। पहचान का युवक था इसलिए उसके साथ बैठकर घर के लिए निकल गई। युवती का कहना है कि घर ले जाने की बजाए युवक उसे करकापाल के जंगल लेकर गया। फिर वहां उसकी पिटाई किया। जिसके बाद उसने जबरदस्ती उसका रेप कर दिया। रेप के बाद उसे वहीं छोड़कर चला गया। किसी तरह युवती घर पहुंची। थाना प्रभारी लीलाधर रौठार ने बताया कि, युवती की शिकायत के बाद अब पुलिस ने आरोपी युवक राजू को गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया है।
publicuwatch24.-बस्तर। बस्तर के डिमरापाल में मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने 10 मंजिला सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनकर तैयार हो गया है। यहां हाईटेक मशीने इन्स्टॉल की जा रही है। अब 29 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अस्पताल का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। जिसके बाद से बस्तर के लोगों को यह सर्वसुविधायुक्त अस्पताल मिल जाएगा। यह अस्पताल करीब 250 बेड का है। हालांकि, इस नए अस्पताल के लिए अब तक स्टाफ की नई भर्ती नहीं हो पाई है। उद्घाटन के बाद शुरुआत में मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ही यहां सेवा देंगे। खास बात है कि इस नए हॉस्पिटल में न्यूरो, लिवर और हार्ट की बीमारियों का इलाज होगा। इसके लिए जल्द ही यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी।
इस अस्पताल का कुल प्रोजेक्ट 232 करोड़ 73 लाख रुपए का है। इसमें राज्य सरकार 40 प्रतिशत और केंद्र सरकार की तरफ से 60 प्रतिशत पैसे खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 10 मंजिला इमारत बनाने में 111 करोड़ से ज्यादा और अस्पताल में लगने वाली आधुनिक मशीनों के लिए 100 करोड़ से ज्यादा रुपए खर्च किए जा रहे हैं। साथ ही डॉक्टर, स्टाफ नर्स, वार्डबॉय, टेक्नीशियन, गार्ड समेत अन्य पदों पर भर्ती भी होगी। इस अस्पताल के संचालन के लिए डॉ टीकू सिन्हा को अधीक्षक नियुक्त किया गया है।

panchayattantra24.-बस्तर । केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक डॉक्यूमेंट्री शेयर किया है। जिसमें उन्होंने लिखा, नक्सल हमलों से प्रभावित होने वाले लोगों की अंतहीन पीड़ा और दर्द को बताती ‘बस्तर शांति समिति’ द्वारा बनाई गई यह डॉक्यूमेंट्री सभी को देखनी चाहिए। मानवता के दुश्मन नक्सलवाद ने कैसे इन लोगों के जीवन को उजाड़ दिया…इनका यह दुःख ह्यूमन राइट्स का एक तरफा शोर मचाने वाले लोगों के दोगलेपन को भी दर्शाता है।

panchayattantra24.-बस्तर । जिले के दरभा में पिछले सप्ताहभर के अंदर एक 8 साल के मासूम समेत एक 65 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई है। गांव वालों का कहना था कि इन्हें डायरिया था। जबकि CMHO का कहना है कि बच्चे की मौत डायरिया से हुई है और बुजुर्ग की हाई बीपी की वजह से। फिलहाल मेडिकल टीम गांव में घर-घर जाकर जांच कर रही है। दरअसल, मामाल दरभा ब्लॉक के कोएनार गांव का है। इस गांव के रहने वाले राम सिंह (65) की और एक दूसरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे नरेंद्र (08) की मौत हो गई है। गांव वालों का कहना है कि इन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत थी। समय पर इलाज नहीं मिला जिसके चलते इन्होंने दम तोड़ा है। गांव में और भी कुछ लोग बीमार हैं।
संजय बसाख ने कहा कि दोनों की मौत डायरिया से होने वाली बात गलत है। इसमें 78 साल के बुजुर्ग को हाई ब्लड प्रेशर था, जिससे उसने दम तोड़ दिया। वहीं बच्चे की मौत डायरिया से हुई है। इस मामले की जानकारी मिलते ही गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई है। गांव में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों का इलाज किया जा रहा है।