दंतेवाड़ा. कोरोना का संक्रमण एक बार फिर देश के कई राज्यों में तेजी से फैल रहा है। संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए फिर से वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाई जा रही है। वहीं, जिन्हें वैक्सीन लगाई जा चुकी है उन्हें बूस्टर डोज लगाया जा रहा है। लेकिन इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मृत महिला को भी वैक्सीन लगा दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने एक ऐसी महिला का वैक्सीनेशन कर दिया है, जो साल भर पहले मर चुकी है। मामले का खुलासा तब हुआ जब बेटे के मोबाइल पर वैक्सीन लगाए जाने का मैसेज आया। मैसेज देखकर युवक भी दंग रह गया। बता दें कि कुछ दिनों पहले भी ऐसी ही लापरवाही का मामला सामने आया था। दरअसल सागर संभाग के एक स्कूल के 40 बच्चों को एक ही सीरिंज से वैक्सीन लगाया गया था। बच्चों के परिजनों ने जब लापरवाही होते देखा तो हंगामा कर दिया, जिसके बाद प्रबंधन ने संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को मामले की सूचना दी।
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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में अग्निवीरों की भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 5 अगस्त से 3 सितंबर तक जारी है। प्रभारी अधिकारी सेवानिवृत्त कमांडर श्री संदीप मुरारका ने बताया कि भर्ती की कार्यवाही 11 नवम्बर से 22 नवम्बर तक आयोजित की जाएगी। अग्निवीर बनने के लिए 17.5 से 23 वर्ष के युवक एवं युवती www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड करना होगा।
अग्निवीर सामान्य ड्यूटी हेतु शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10वीं में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हेना आवश्यक हैं एवं प्रत्येक विषय में 33 अंक होना आवश्यक है। अग्निवीर लिपिक क्लर्क, स्टोर कीपर के लिए शैक्षणिक योग्यता कक्षा 12 में न्यूतम 60 प्रतिशत अंक एवं प्रत्येक विषय में 50 प्रतिशत अंको के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
अग्निवीर तकनीकी शैक्षणिक योग्यता कक्षा 12 विज्ञान, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान एवं अंग्रजी विषय में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक एवं प्रत्येक विषय में 40 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अग्निवीर ट्रेडमेन शैक्षणिक योग्यता कक्षा 10 वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है एवं प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है। आवेदक का जन्मतिथि 1 अक्टूबर 1999 से 1 अपै्रल 2005 के मध्य होना चाहिए। इस भर्ती के नियम एवं अहर्ताएं भारतीय थल सेना द्वारा निर्धारित है। आवेदक अपना पंजीयन इंटरनेट के माध्यम से स्वयं कर सकते है या किसी इंटरनेट कैफे, सीएससी, इंस्टीट्यूट के माध्यम से करवा सकते है।






रायपुर। ग्लेजिंग यूनिट के माध्यम से आर्थिक आय बढ़ाने और अपने हुनर को निखारकर बाजार तक पहुंचने की दिशा में दंतेवाड़ा जिले के कुम्हारों को बड़ी मदद मिलेगी। यह बात कुम्हाररास में ग्लेजिंग यूनिट के लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कही। उन्होंने पूरे परिसर का अवलोकन किया। यहां ग्लेजिंग यूनिट के लिए स्थापित की गई मशीनों को देखा और यहां कुम्हारों द्वारा उत्पादित किये गये उत्पादों का डिस्प्ले भी देखा। कुम्हारों ने उन्हें अपने हाथों से बनी गजराज की प्रतिमा भी भेंट की। चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लोककला में बड़ी संभावनाएं हैं और इनके पूर्ण दोहन के लिए माटीकला बोर्ड के माध्यम से ग्लेजिंग यूनिटों को प्रोत्साहित करने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है। ग्लेजिंग यूनिट में लगी आधुनिक मशीनों की मदद से कुम्हार कम समय में मिट्टी की सुंदर सामग्री तैयार कर पाएंगे। एक स्थान में ऐसा डिस्प्ले यूनिट होने से उन्हें बाजार तक पहुंचने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष बालम चक्रधारी ने उन्हें विस्तार से कुम्हाररास ग्लेजिंग यूनिट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां बाल मिल, ब्लेंजर, एजिटेटर, फिल्टर प्रेस आदि मशीनें रखी गई हैं जिनके माध्यम से माटीकला का कार्य सहज हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण का बहुत महत्व है इससे कला को निखारने में मदद मिलती है और इससे व्यावसायिक संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। दंतेवाड़ा में ग्लेजिंग यूनिट आरंभ हो जाने से अब माटीकला को बड़ा विस्तार मिल पाएगा।
दन्तेवाड़ा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दन्तेवाड़ा जिले में 97 करोड़ 29 लाख के कुल 307 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर वाणिज्य, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, सांसद बस्तर लोकसभा दीपक बैज , दन्तेवाड़ा विधायक देवती महेन्द्र कर्मा, ,मुख्य सचिव अमिताभ जैन मौजूद थे।
दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी का दर्शन कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें ग्यारह किमी लंबी चुनरी ओढ़ाई और इस तरह से दंतेवाड़ा की डेनेक्स की बहनों का नाम विश्व रिकार्ड में दर्ज हो गया। इससे पहले नर्मदा मैया को मंदसौर में 8 किमी लंबी चुनरी ओढ़ाई गई थी। डेनेक्स की 300 महिलाओं ने केवल 7 दिनों में अपने हुनर से यह कार्य कर लिया। जब मुख्यमंत्री अपने हाथों से चुनरी अर्पित करने पहुंचे तो पूरे दंतेवाड़ा शहर में उत्सव सा माहौल था। पूरा शहर इस सुंदर दृश्य को देखने उमड़ आया था। ग्यारह किमी लंबी इस चुनरी के साथ मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नागरिकों के गहरे उत्साह की जो झलक मिल रही थी। वो अपने आप में अद्भुत है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर में पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मावली माता और भैरव जी के दर्शन भी किये। इस दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की सुमधुर ध्वनि से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया था। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि डेनेक्स की महिलाओं ने जो चुनरी बनाई है उससे उनके हुनर को पूरे देश में जगह मिलेगी और इससे उनके काम की ख्याति दुनिया भर में फैलेगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर के पुजारियों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि हम प्रदेशवासी बहुत सौभाग्यशाली हैं कि हमें माईं दंतेश्वरी का निरंतर आशीर्वाद और उनकी छत्रछाया मिल रही है।