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panchayattantra24.com,भिलाई। खुर्सीपार थाना क्षेत्र के बालाजी नगर में सोमवार शाम करीब 7.30 बजे कक्षा 9वीं की छात्रा एम चांदनी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. बच्ची के इस कदम से परिजन स्तब्ध हैं. उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ये क्या हो गया। 
घटना के वक्त उसके माता-पिता परिचित की तबीयत का पता लगाने के लिए बानबरद गए थे. परिजन के आने के बाद पुलिस ने फंदा काटकर शव नीचे उतारा. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज गया है। 
पुलिस को मौके से एक कॉपी मिली है. जिसके 50 पन्नों पर नाबालिग ने अंग्रेजी में आई हेट माई लाइफ लिखी है. कुछ पन्नों पर उसने युवक-युवती के साथ बैठने के तस्वीर भी बनाया है। 
एक पन्ने पर अकेली बैठी युवती का स्कैच बना हुआ है। 
अब तक की जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि, चांदनी कक्षा 9वीं में पढ़ाई करती थी. सोमवार सुबह माता-पिता बानबरस चले गए थे. खुद को अकेला पाकर शाम को छात्रा ने खुदकुशी कर ली। 
आस पड़ोस वालों ने पुलिस और उसके परिजन को सूचना दी. इसके बाद घटना का पता चल पाया। 
परिजन ने बताया कि चांदनी की एक लड़के से दोस्ती थी। 
 

 

panchayattantra24.com,भिलाई। देश में इंजीनियरिंग का दौर वापस लाने और क्वालिटी एजुकेशन के लिए एक बार फिर कवायद शुरू हो गई है. इसके लिए ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन नई दिल्ली (AICTE) ने प्रोग्राम शुरू किया है. सभी तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रम के शिक्षकों को उच्च गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण पहल कार्यक्रम चलाया गया था। 
कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षकों को उच्च गुणवत्ता युक्त प्रशिक्षित करने के नियम बनाये गए. जिसके राष्ट्रीय स्तर पर क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय समन्वय समिति का गठन किया गया है. जिसके अध्यक्ष वरिष्ठ शिक्षाविद् सह पूर्व कुलपति प्रोफेसर एच. पी. खिन्चा व सदस्य पूर्व कुलपति प्रोफेसर आर. पी. दहिया, एआईसीटीई के डायरेक्टर प्रोफेसर सी. थंगराज, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल के कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार, वरिष्ठ शिक्षाविद कर्नल बी. वेंकट, तकनीकी शिक्षा के गुणवत्ता सुधार में लगे देश के चारों एनआईटीटीटीआर के निदेशक सहित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई के कुलपति प्रोफेसर मुकेश कुमार वर्मा को बनाया गया है। 
इंजीनियरिंग एवं मैनेजमेंट के पाठ्यक्रम में गुणवत्ता सुधार के लिए एआईसीटीई (AICTE) द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. एआईसीटीई ने सभी स्तर के शिक्षकों की पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधार करने का जिम्मा लिया है. जिसके अंतर्गत इस पहल कार्यक्रम के माध्यम से नव नियुक्त शिक्षकों से लेकर 5 वर्ष से कम एवं ज्यादा शैक्षणिक कार्य अनुभव वाले शिक्षकों को विभिन्न स्तर के पायदानों में प्रशिक्षण देने का कार्य करेंगे. इसके लिए 8 मापदण्ड बनाए गए है तथा 25 अन्य मापदण्ड प्रक्रियाधीन है. सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेकर समिति द्वारा प्रमाणित प्रमाण-पत्र लेना होगा। 
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रोफेसर सुनील कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम द्वारा अकादमिक प्रशिक्षण मेंटर प्रशिक्षण व औद्योगिक प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा. यह तकनीकी शिक्षकों की आवश्यक योग्यताओं में से एक के रूप में एआईसीटीई द्वारा शामिल किया गया है. इस कार्यक्रम के तहत देश के लगभग 10 हजार से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। 
 

panchayattantra24.com,भिलाई। दुर्ग के पं. रविशंकर स्टेडियम स्थित आजाद गैरेज के सामने रखी कार में अचानक सुबह करीब 4 बजे आग लग गई. जिसकी सूचना फायर ब्रिगेड टीम को दी गई. मौके पर पहुंचकर टीम ने आग पर काबू पा लिया है. लेकिन आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते कार जलकर राख हो गई. गनीमत रही कि उसमें कोई सवार नहीं था। 
धूं-धूं कर जलने लगी कार
जानकारी के मुताबिक रविवार की सुबह दुर्ग शहर के आजाद गैरेज के सामने रखी कार में भीषण आग लग गई. जिससे कार धूं-धूं कर जलने लगी. आग की लपटें और धुंआ देखकर वहां पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी. दुर्ग पुलिस कंट्रोल रुम ने फायर ब्रिगेड की टीम को आग की जानकारी दी। 
 बाद मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड टीमत के बाद आग पर काबू पा लिया. गैरेज के पास और भी कई गाड़ियां खड़ी थी. कार में लगी आग की लपटें इतनी तेज थी कि आस-पास रखी गाड़ियों में भी आग फैल सकती थी. लेकिन समय रहते आग पर नियंत्रण कर लिया गया. फिलहाल अभी आग लगने का कारण अज्ञात है।
कई कारें आ सकती थी आग की चपेट में
फायर ब्रिगेड के अधिकारी विजय चतुर्वेदी ने बताया कि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि कार में आग कैसे लगी. आग लगने के कारणों का पता किया जा रहा है. मौके पर और कई कारें रखी थी, आग की लपटों से उन्हें भी नुकसान पहुंचने की संभावना थी. लेकिन समय रहते उस पर काबू पा लिया गया. जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया है।
 

 
panchayattantra24.com,दुर्ग। नगर निगम दुर्ग में 10 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई है. निगम अधिकारियों को करोड़ों रुपए का हिसाब नहीं मिल रहा है. वित्तीय वर्ष 2019-20 में राजस्व आय करीब 27 करोड़ दर्शाया गया, लेकिन इस आय से 10 करोड़ अधिक खर्च बताया गया. यानी व्यय 37 करोड़ का हुआ है. इसे लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री डाॅ. शिव डहरिया ने निगम प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए. जिसके बाद निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने प्रभारी लेखाधिकारी राजकमल बोरकर को नोटिस जारी किया है. उनसे तीन दिनों के भीतर स्थिति स्पष्ट करने कहा है। 
मंत्री ने पिछले दिनों की थी समीक्षा
दरअसल पिछले साल नगर निगम की आय बेहद कमजोर थी. इस वजह से कर्मचारियों को वेतन, जीपीएफ और ब्लीचिंग पाउडर सहित अन्य जरुरी कार्यों पर अन्य मद से भुगतान किया गया, जो 37 करोड़ पहुंच गया. इसकी समीक्षा नगरीय निकाय मंत्री डाॅ. शिव डहरिया ने पिछले दिनों की थी. जिसमें यह तथ्य उभरे. मंत्री ने मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। 
नोटिस जारी कर मांगा जवाब
इस मामले में निगम आयुक्त हरेश मंडावी ने बताया कि आय से 10 करोड़ अधिक व्यय के प्रभारी लेखाधिकारी को नोटिस जारी किया गया है. उनसे तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने बताया कि मद परिवर्तन से यह स्थिति निर्मित होने की संभावना है। 
अधिकारी-कर्मचारियों को पड़े वेतन के लाले
कोरोना काल में नगर निगम दुर्ग की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय है. कर्मचारियों को वेतन देने निगम असहाय नजर आ रहा है. मुश्किल से तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को मई महीने का वेतन भुगतान किया गया है. नियमित 323 अधिकारी-कर्मचारी वेतन की आस में बैठे हुए हैं। 
 

panchayattantra24.com, दुर्ग। दुर्ग निगम शहरवासियों को राहत देते हुए प्रॉपर्टी टैक्स में छूट देने जा रहा है. इसके अलावा लॉकडाउन के कारण बंद दुकानों के किराया राशि में पेनाल्टी नहीं वसूली की जाएगी. इस संबंध में मेयर धीरज बाकलीवाल की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया.
दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया. लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स में राहत प्रदान करते हुए 30 जून तक 6%, अक्टूबर में 4% और नवंबर में 2% की छूट देने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा दुकानों की अप्रैल-मई मासिक किराया में 10% लगने वाले अधिभार पर भी छूट का ऐलान किया गया है.
महापौर धीरज बाकलीवाल ने बताया कि निगम की मेयर इन काउंसिल की 15 विषयों को लेकर बैठक हुई. कायाकल्प योजना के तहत विगत दस सालों से बंद शहर के मध्य में स्थित चौपाटी का पुनर्निर्माण कराया जाएगा. चौपाटी के पुर्ननिर्माण से शहर और आस पास के नागरिकों के लिए मनोरंजन के लिए बड़े स्थल का उपयोग किया जा सकता. चौपाटी को नए सिरे से विकसित किया जाएगा.
 

 
नाबालिग के परिजनों को धमकाकर पैसे की मांग कर रहा था आरोपी
panchayattantra24.com, भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों को सुंदरगढ़ (ओड़िशा) से बरामद किया है. वह फरवरी से नाबालिग को डरा धमकाकर पीड़िता के परिजनों से रुपए की मांग कर रहा था. आरोपी कटिहार (बिहार) का रहने वाला है।
पीड़िता के परिजन काफी परेशान थे. 14 फरवरी 2021 को नाबालिग लड़की के परिजन ने खुर्सीपार थाने में अपनी बेटी की लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसके बाद से लगातार पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी. पुलिस को अंदाजा नहीं था कि आरोपी उसे लेकर ओड़िशा या फिर बिहार जा सकता है।
खुर्सीपार पुलिस के मुताबिक, आरोपी मोहम्मद यासीन (25 वर्ष) बड़े ही शातिर ढंग से पुलिस को चकमा दे रहा था.
सीएसपी छावनी विश्वास चन्द्राकर ने बताया कि खुर्सीपार क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग लड़की, जो 14 फरवरी 2021 से गुम थी. उसके परिजनों ने रिपोर्ट लिखवाई थी कि उनकी लड़की बिना बताए कहीं चली गई है. जिस पर से अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर तलाश की जा रही थी. नाबालिग के गुम होने के कुछ दिनों बाद ही परिजनों को फ़ोन करके अज्ञात व्यक्ति द्वारा रुपए की मांग की जा रही थी, जिसके बाद पुलिस ने उस फोन नंबर के बारे में पता किया, लेकिन वह पुलिस को भी गुमराह किया. पुलिस के द्वारा लगातार उसको फॉलो किया जा रहा था, पर वह बार-बार अपनी जगह को बदल दे रहा था, जिससे धर पकड़ करने में दिक्कत आ रही थी।
 

 panchayattantra24.com,भिलाई। कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे मरीजों की जान बचाने में भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने महती भूमिका निभाई है. बीएसपी ने देश के कोने-कोने में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर विषम परिस्थिति से बाहर निकालने में मदद की। 
भिलाई इस्पात संयंत्र ने पूरे देश में अगस्त, 2020 से लेकर 15 जून, 2021 तक 33,681 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की है. इसके अतिरिक्त बीएसपी ने अपने अस्पतालों के साथ-साथ देश-प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों को भी ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की है, जिसमें जिला प्रशासन को दी गई सहायता भी शामिल है। 
भिलाई इस्पात संयंत्र ने अगस्त, 2020 से लेकर 15 जून, 2021 तक 15165 ऑक्सीजन सिलेंडर्स की आपूर्ति कर चुका है, जिसमें बीएसपी के मुख्य चिकित्सालय को 10,417 ऑक्सीजन सिलेंडर्स, दुर्ग जिला प्रशासन को 2,295 ऑक्सीजन सिलेंडर्स तथा मध्य प्रदेश को 2,453 ऑक्सीजन सिलेंडर्स की आपूर्ति की गई। 
बता दें कि 29 मई, 2021 भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा संचालित ऑक्सीजन प्लांट-2 से पहली बार आईएसओ कन्टेनर में कुल 73 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन भरकर तमिलनाडु के मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन को भेजा गया था। 
 

panchayattantra24.com, भिलाई। भिलाई निगम के 41 कर्मचारियों को सुबह समय पर दफ्तर नहीं पहुंचने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इसके साथ ही उन्हें समय पर दफ्तर आने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. कर्मचारियों के दोबारा लापरवाही बरते जाने पर आयुक्त ने विभाग प्रमुखों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 
आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने उपायुक्त अशोक द्विवेदी को निगम मुख्यालय में अधिकारी और कर्मचारी समय पर सुबह 10.30 बजे आ रहे हैं या नहीं की, इसकी जांच करने को कहा था. इसके साथ ही सभी विभागों में उपस्थिति पंजी सुबह 10.40 को जब्त कर अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा था. इस आधार पर समय पर नहीं आने वाले 41 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। 
आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने सभी जोन कमिश्नरों से कहा है कि वो स्वयं और अधीनस्थ कर्मचारियों की कार्यालयीन समय में उपस्थिति तय करें. देरी से आने वाले कर्मचारियों की जानकारी मुझे दें. भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति होने पर वेतन कटौती के साथ निलंबन की चेतावनी दी गई। 
 

 
 panchayattantra24.com,भिलाई। पुलिस विभाग अब डॉग्स के मामले में आत्मनिर्भर बन रहा है. पुलिस विभाग में सेवाएं ली जाने वाले डॉग्स की खरीदी दूसरे राज्यों से बंद हो गई है. अब भिलाई में ही ब्रीडिंग सेंटर खुल गया है. जहां के डॉग्स प्रदेशभर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 
पिछले 2 साल के दौरान ब्रीडिंग सेंटर 32 डॉग्स का जन्म हुआ है. सबसे तेज तर्रार व समझदार बेल्जियम शेफर्ड नस्ल के डॉग्स के बच्चों ट्रेंड करके उन्हें पुलिस दल में शामिल किया जा रहा है. पिछले डेढ़ साल में इन श्वान की मदद से पुलिस ने 100 चोरी-हत्या और 66 बम के सुराग तलाशे हैं। 
इतना ही नहीं अब विदेशों की तर्ज पर अपने यहां नशीली पदार्थों की तस्करी को पकड़ने के लिए डॉग्स को ट्रेंड किया जा रहा है, जो सूंघ कर बता देंगे कि किस जगह व किस वाहन में ऐसे सामानों की स्मगलिंग हो रही है। 
भिलाई 7वीं वाहिनी, छत्तीसगढ़ सस्त्रबल के कमांडेंट विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले 3 साल पहले तक पुलिस दल में शामिल होने वाले श्वान की खरीदी उसके नस्ल व जरूरत के हिसाब से हैदराबाद, मेरठ, नागपुर समेत अन्य जगहों से की जाती थी. भिलाई स्थित राज्य श्वान प्रशिक्षण केंद्र में पहला ब्रीडिंग सेंटर खोला गया. 2019 में बेल्जियम शेफर्ड के तीन श्वान से 22 बच्चे जन्में, इसके बाद अप्रैल 2021 में 10 बच्चे हुए. 3 डॉगी डोनेट से मिले हैं. 2019 वाले डॉग्स को ट्रेंड कर अलग-अलग जिलों व टारगेट पर तैनात किया गया है। 
नशीली पदार्थों को ढूंढने दी जा रही ट्रेनिंग
इनमें से आधे को बम ट्रैकर व आधे को खोजी एक्सपर्ट के रूप में तैयार किया गया है. आज ये श्वान नक्सल एरिया में बम तलाशने के साथ अन्य जिलों के चोरी, गुमशदगी व हत्या के बड़े बड़े सुराग तलाशने में सफल हो रहे हैं. इस सेंटर से इन्हें ट्रेंड कर भेजा जाता है. ओडिशा सीमा समेत अन्य मार्गों के माध्यम से होने वाले नशीले पदार्थों की तस्करी पकड़ने के लिए अब भिलाई सेंटर में पहले चरण में दो डॉग्स को ट्रेंड किया जाएगा. यहां इन्हें अलग अलग नशीली पदार्थों को पकड़ने बाकी ट्रेंनिग दी जाएगी. इसके बाद अगला बैच तैयार किया जाएगा। 
एक नजर में पुलिस डॉग्स की उपलब्धियां
– प्रदेश में 2005 से अब तक इन श्वान की मदद से 907 केस सुलझाए गए हैं.
– इनमें 389 बम विस्फोट तलाशे गए और 518 केस चोरी, हत्या व गुमशदगी के थे.
– छोटे केस को भी शामिल करें तो 2000 से ज्यादा हिंट मिले होंगे.
– जनवरी 2020 से इन ट्रेंड पुलिस डॉग्स ने 16 जिलों में ही 100 चोरी, हत्या के केस के सुराग और 66 विस्फोटक तलाशे हैं.
– प्रदेश के पुलिस दल में शामिल ट्रेंड श्वान की संख्या 88 है. इसमें से सबसे ज्यादा बीजापुर में 8 डॉग्स हैं, जिनमें 6 बम ट्रैकर व 2 खोजबीन वाले हैं। 
– इसके बाद सीटीजेडब्लू कॉलेज कांकेर में 6, सुकमा में 5, राजनांदगांव में 5, रायपुर में 5 व बिलासपुर में 5 श्वान हैं. एसटीएफ बघेरा दुर्ग में 4, कोंडागांव में 4 समेत अन्य जिलों में भी कुल 88 डॉग्स की पोस्टिंग है। 
ट्रेंड भी बदल गया
भिलाई सेंटर के डॉग ट्रेनिंग एक्सपर्ट पीसी सुरेश कुशवाहा ने बताया कि आज प्रदेश में पुलिस दल में कुल 88 डॉग्स में से 40 बेल्जियम शेफर्ड नस्ल के हैं. बेल्जियम शेफर्ड आज सभी राज्यों व पैरामैट्री में तैनात हैं. ये एक बार में 12 किमी जा व 12 किमी आ सकते हैं. जबकि लेब्राडोर को कुछ देर का आराम लगता है. इन डॉग्स की 12 साल तक इस तरह की एनर्जी व काबिलियत रहती है. इसके बाद इन्हें रिटायरमेंट कर दिया जाता है। 
 

 
 panchayattantra24.com, भिलाई। नगर निगम भिलाई के परिसीमन के बाद आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेसी नेता अली हुसैन सिद्दिकी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिला प्रशासन ने सात वार्डों में गलत तरीके से आरक्षण किया है. कोर्ट सोमवार को मामले की सुनवाई करेगा। 
याचिकाकर्ता अली हुसैन सिद्दिकी का आरोप है कि जिला प्रशासन ने नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा -11 एवं छत्तीसगढ़ नगर पालिका (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण) नियम 1994 का उल्लंघन करके सात वार्डों में गलत तरीके से आरक्षण किया. इसमें वार्ड 19 राजीव नगर कोहका, वार्ड 36 श्याम नगर , वार्ड 47 राधा कृष्ण मंदिर न्यू खुर्सीपार, सेक्टर 2 पूर्व, वार्ड 56 सेक्टर 2 पश्चिम, वार्ड 59 सेक्टर 5 पूर्व और वार्ड 68 सेक्टर 8 में जनसंख्या और जनगणना ब्लॉक नहीं बदले गए. ऐसे में इन वार्डों को नया वार्ड नहीं माना जा सकता है। 
याचिका में कहा गया है कि इन सातों वार्डों का आरक्षण चक्रानुक्रम में कराया जाना था, लेकिन इन्हें नियम विरुद्ध नया वार्ड मानते हुए लॉटरी के माध्यम से चीट निकाल कर आरक्षण कराया गया. आरक्षण के दौरान उन्होंने दावा-आपत्ति भी लगाया था, लेकिन जिले प्रशासन की ओर से कोई सुनवाई नहीं की गई. इसके चलते उन्होंने एक अप्रैल को जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की. आठ अप्रैल को न्यायालय ने उसे स्वीकार कर लिया. इसके बाद अब 31 मई को उच्च न्यायालय सुनवाई करेगा।