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panchayattantra24.com,भिलाई। सराफा कारोबारी प्रकाश सांखला मामले में रोज एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं. ताजा मामले में दुर्ग से तस्करी कर सोना ले जा रहे चार युवकों को सागर में डीआरआई की टीम ने पकड़ा है. इन युवकों के पास से 8 किलो सोना मिला है, जिसकी कीमत तकरीबन 4 करोड़ रुपए आंकी गई है। 
मंगलवार की रात राजस्व खुफिया निदेशालय भोपाल (डीआरआई) की टीम ने एनएच-26 इन तस्करों को पकड़ा है. कार में स्टेपनी की जगह पर सोने काे छिपाकर रखा गया था. वहीं, कार में सवार चार युवकों को हिरासत में लिया है. पूछताछ में कार सवार सोने के संबंध में कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए. इसके बाद डीआरआई की टीम सोना और युवकों को लेकर भोपाल रवाना हो गई। 
इस तरह से हुआ खुलासा
मंगलवार रात छत्तीसगढ़ के दुर्ग से कार की मदद से सागर के लिए सोने की तस्करी होने की सूचना डीआरआई को मिली थी, जसके बाद की तीन सदस्यीय टीम सागर पहुंची. टीम ने गौरझामर से चितौरा तक हाईवे पर वाहनों की चेकिंग के दौरान एक कार को रोका. कार की तलाशी ली तो 8 किग्रा सोना बरामद हुआ, जिसे स्टेपनी की जगह पर छिपाकर रखा गया था. कार में सवार युवकों से टीम ने सोने के संबंध में पूछताछ की और दस्तावेज दिखाने का बोला. युवक कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए. मामले में डीआरआई की टीम ने सोना जब्त कर युवकों को हिरासत में लिया और भोपाल रवाना हो गई। 
 

panchayattantra24.com, भिलाई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज दुर्ग जिले को 114 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी है. वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम भूपेश ने नगर निगम भिलाई, दुर्ग और भिलाई-3 चरोदा निगम के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि  56.31 करोड़ की लागत से ट्रांसपोर्ट नगर का विकास होगा. वहीं 16.19 करोड़ की लागत से भिलाई-3 चरोदा में गौरवपथ बनेगा। 
सीएम भूपेश सौगात देने के बाद कहा कि दुर्ग जिले में जिला प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों ने कड़ी मेहनत से कोरोना संक्रमण को कम करने में जो भूमिका निभाई है. वो अभूतपूर्व है. देशभर में आज दुर्ग जिले की प्रशंसा हो रही है. कोरोना के बढ़ते प्रकरणों के बीच दुर्ग जिले में डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, निगम कर्मी, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा कोरोना संक्रमण से जुड़े अधिकारियों कर्मचारियों के संकल्प और आम जनता द्वारा दिखाई गई जागरूकता के चलते जिले में कोरोना संक्रमण को 3 प्रतिशत तक लाने में सफलता मिली है. यह अभूतपूर्व है। 
भूपेश बोले कि कोरोना के दूसरी लहर में बढ़ते संक्रमण के बावजूद इससे लड़ने का हमारा संकल्प प्रभावित नहीं हुआ. हमने कोरोना संक्रमण को थामने के लिए कड़ी मेहनत की और इसे नियंत्रित करने में सफल हुए हैं. लॉकडाउन में शिथिलता दे दी गई है, कोरोना संक्रमण तेजी से कम हुआ है। 
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर के बनने से यातायात से संबंधित दिक्कतें कम होंगी. ट्रांसपोर्टर्स को आसानी होगी. गौरव पथ बहुत ही सुंदर सुविधाजनक सड़क होगी. इसके साथ ही नगर निगम भिलाई एवं दुर्ग में होने वाले लोकार्पण एवं भूमि पूजन कार्यक्रम से नगरीय विकास की नई छवि स्थापित होगी। 
 

 
panchayattantra24.com,भिलाई। छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. दुर्ग जिले के भिलाई में ब्लैक फंगस से दूसरी मौत हो गई है. कोरोना संक्रमण के बाद पिछले 20 दिन से अस्पताल में भर्ती थी. आज उसने दम तोड़ दिया. छत्तीसगढ़ में अब तक ब्लैक फंगस से 4 लोगों की जान जा चुकी है। 
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक महिला का नाम माधुरी रत्नानी (56 वर्ष) है, जो कि नेहरू नगर निवासी मेडिकल व्यवसायी सुरेश रत्नानी की पत्नी थी. कोरोना संक्रमण के बाद महिला का 20 दिन से रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. जहां वो वेंटिलेटर पर थी. इलाज के दौरान माधुरी को ब्लैक फंगस होने का पता चला. जिसके बाद आज उसकी मौत हो गई. इससे पहले 11 मई को भिलाई के सेक्टर- 1 सी मार्केट निवासी 48 वर्षीय व्यवसायी की ब्लैक फंगस से पहली मौत हुई थी। 
इन जिलों में हो चुकी है मौत
बता दें कि इससे पहले ब्लैक फंगस से महासमुंद-कोरिया में 1-1 मरीज और भिलाई में अब तक 2 मरीज की मौत हो चुकी है. इस तरह छत्तीसगढ़ में अब तक 4 लोगों ने ब्लैक फंगस की वजह से जान गंवाई है. प्रदेश भर में अभी तक ब्लैग फंगस के करीब 100 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। 
ब्लैक फंगस की सामान्य जानकारी और बचने के उपाय
ब्लैक फंगस (म्युकरमाइकोसिस) एक फंगस संक्रमण है. यह उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है, जो दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित है और दवाइयां ले रहे हैं. इससे उनकी प्रतिरोधात्मक क्षमता प्रभावित होती है. व्यक्ति के शरीर में यह फंगस सूक्ष्म रूप में शरीर के अंदर चला जाता है, तो उसके साइनस या फेफड़े प्रभावित होंगे. इस गम्भीर बीमारी हो सकती है. इस बीमारी का इलाज समय पर नहीं किया गया, तो यह घातक हो सकती है। 
यह बीमारी किसे हो सकती है
यह बीमारी कोविड-19 मरीजों में जो डायबीटिक मरीज हैं. अनियंत्रित डायबीटिज वाले व्यक्ति को स्टॉराइड दवाइयां ले रहे हैं. ICU में अधिक समय तक भर्ती रहने से यह बीमारी हो सकती है. लक्षण दिखे तो चिकित्सक से तुरंत सम्पर्क करना चाहिए। 
ब्लैक फंगस के लक्षण
आंख, नाक में दर्द और आंख के चारों ओर लालिमा, नाक का बंद होना. नाक से काला या तरल द्रव्य निकलना. जबड़े की हड्डी में दर्द होना. चेहरे में एक तरफ सूजन होना. नाक,तालु काले रंग का होना. दांत में दर्द, दांतों का ढ़िला होना, धुंधला दिखाई देना, शरीर में दर्द होना, त्वचा में चकते आना, छाती में दर्द, बुखार आना, सांस की तकलीफ होना, खून की उल्टी, मानसिक स्थिति में परिवर्तन आना। 
कैसे बचा जा सकता है
धूल भरे स्थानों में मास्क पहनकर, शरीर को पूरे वस्त्रों से ढंक कर, बागवानी करते समय हाथों में दस्ताने पहन कर और व्यक्तिगत साफ-सफाई रख कर रखना। 
 

 
 
 

publicuwatch24.com,भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई ने स्ट्रीट वेंडर्स और होम डिलीवरी के लिए सूची जारी कर दी है. सूची में दिए गए मोबाइल नंबर में संपर्क कर राशन सामग्री और सब्जियां अपने घरों तक मंगवा सकते हैं. प्रत्येक जोन क्षेत्र के लिए अलग-अलग सूची बनाई गई है. जिससे नजदीकी विक्रेताओं के मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उनसे आवश्यक सामग्री की खरीदी कर घर तक मंगवा सकें। 
दुर्ग जिले में लॉकडाउन 6 मई तक बढ़ा दिया गया है. ऐसे में राशन और सब्जियां घर तक मिल जाए. इसकी पूरी व्यवस्था के लिए सूची जारी की गई है. जारी सूची में विक्रेताओं से संपर्क कर आवश्यक सामग्रियों की खरीदी की जा सकती है. सूची की जानकारी प्राप्त करने के लिए नगर निगम के फेसबुक पेज @bhilainagarnigam, इंस्टाग्राम, टि्वटर या वेबसाइट www.bhilainagarnigam.com पर जाना होगा। 
इस वेबसाइट में जाकर सूचना और आदेश (नोटिस बोर्ड) पर क्लिक करके वर्ष का चयन करना होगा. इसका चयन करते ही आसानी से होम डिलीवरी के लिए सूची दिखाई देगी. अपलोड किए गए सूची में प्रत्येक जोन के लिए रहवासी के वार्ड क्षेत्र के मुताबिक उनके नजदीकी विक्रेताओं के नाम और मोबाइल नंबर दिए गए हैं। 
सूची में किराना व्यवसायी, फल और सब्जी विक्रेताओं के संपर्क नंबर दिए हुए हैं. निगम के सभी वार्ड क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए सूची को अद्यतन किया गया है. लॉकडाउन की स्थिति में निगम प्रशासन की यह अच्छी पहल है. लेकिन इसमें विक्रेता एवं क्रेता को जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत समय-सीमा का ध्यान रखना आवश्यक होगा। 
 

panchayattantra24.com, दुर्ग। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज राजधानी रायपुर के विभिन्न चौक-चौराहों का निरीक्षण कर लॉकडाउन का जायजा लेने के बाद दुर्ग के लिए रवाना हुए। उन्होंने पटेल चौक में तैनात पुलिस जवानों से लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जवानों को भी मास्क लगाने, हाथों को सेनेटाइज करने की हिदायत दी। इस अवसर पर पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।
 
 
 
 

panchayattantra24.com, दुर्ग। पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को कोविड-19 संबंधी आवश्यकताओं की शीघ्र पूर्ति के लिए पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 भिलाई में पुलिस हेल्प डेस्क चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जिले के पुलिस कर्मियों एवं उनके परिवार के सदस्यों को समय पर कोविड-19 संबंधी समस्याओं से निजात दिलाना था. इस हेल्पडेस्क का शानदार फीडबैक आने के बाद इसके लाभार्थियों का दायरा और बढ़ाया गया. अब इसमें सेवानिवृत पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवार के सदस्यों दीगर यूनिट शाखा जिसमें अन्य जिले के पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवार के सदस्यों बटालियन एसटीएफ पुलिस मुख्यालय के कर्मियों को भी इसमें शामिल किया गया । 
डेस्क में कोरोना टेस्टिंग, वैक्सीनेशन कराना, दवाइयां, राशन की घर पहुंच सेवा उपलब्ध कराना, पुलिसकर्मी एवं परिवार के सदस्यों को आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है. इसके अतिरिक्त मोबाइल पर वीडियो कॉल के माध्यम से मेडिकल काउंसलिंग की जा रही है । 
दुर्ग पुलिस अब इसमें शहीद परिवारों को भी हेल्प डेस्क का शत प्रतिशत लाभ देना सुनिश्चित कर रही है । 
इस कठिन समय में भेदभाव से परे पत्रकार बंधुओं सेवानिवृत्त सैनिकों आदि की भी मदद की जा रही है. अभी तक पुलिस हेल्प डेस्क के माध्यम से 1300 से अधिक पुलिसकर्मी और अन्य व्यक्ति लाभान्वित हो चुके हैं । 
इस प्रयास को सफल बनाने में दुर्ग पुलिस की टीम में उप पुलिस अधीक्षक विजय राजपूत, एडिशनल एसपी सिटी संजय ध्रुव, चित्रा वर्मा, निशांत पाठक, निरीक्षक गौरव पांडे, जी.एल. डडसेना, स्मृतिनगर चौकी प्रभारी एवं उनकी टीम जेवरा सिरसा प्रभारी एवं टीम दुर्ग कोतवाली एवं टीम, भिलाई कोतवाली एवं टीम, दुर्ग कंट्रोल रूम टीम, प्रधान आरक्षक आर. राजू, आरक्षक प्रशांत शुक्ला,राजेश सिंग, नारायण क्षत्री, जितेंद्र देशमुख, एमन चंद्राकर, चंद्रभान चौहान, ज्योति देवांगन (नर्स), महिला आरक्षक ज्योति यादव, पूर्णिमा देवांगन, एंबुलेंस चालक आरक्षक दूजराम एवं नवनीत के साथ निशांत जैन (इवेंट मैनेजर- बधाई हो इंडिया इवेंट & को.) दिन-रात जुटे हुए है । 
 

panchayattantra24.com, दुर्ग। जिले में 6 अप्रैल से 14 अप्रैल तक लॉक डाउन लगाया गया था. कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इस लॉकडाउन के नतीजे प्रभावी रहे हैं और इससे कोरोना संक्रमण में कमी देखी गई है । 
इस के परिप्रेक्ष्य में आज कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने लॉकडाउन को 19 अप्रैल तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. कलेक्टर ने सभी से आग्रह किया है कि जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन में पूरा सहयोग करें । 
जिले की सभी सीमाएं सील रहेगी. जिले में प्रवेश केवल ई-पास के जरिए ही मिल पाएगी.
घर पर जाकर दूध बांटने वाले दूध विक्रेता सुबह 6 से 7 और शाम में 6 बजे से 7 बजे तक अपना काम कर पाएंगे. न्यूज पेपर हॉकर को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक की इजाजत होगी । 
जिले में पूरे 9 दिन शराब दुकानें भी बंद रहेंगी.
दवा दुकान, चश्मा दुकान, पेट्रोल पंप और एलपीजी-सीएनजी पंप खुले रहेंगे.
मास्क सेनेटाइजर, एटीएम वाहन और अतिआवश्यक सेवा की गाड़ी चल सकेगी.
पेट्रोल पंपों से सिर्फ शासकीय वाहन, मेडिकल, इमरजेंसी, एंबुलेंस, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन के कर्मचारी, बस स्टैंड से संचालित आटो, टैक्सी, एडमिट कार्ड दिखाने पर परीक्षार्थी, पहचान पत्र दिखाने पर मीडियाकर्मी को ही पेट्रोल दिया जाएगा । 
बैंक और पोस्ट आफिस सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही संचालित की जाएगी.
सरकारी कार्यालयों में आमलोगों के आने पर प्रतिबंध होगा.
चार पाहिया गाड़ी में ड्राइवर सहित तीन और दो पहिया में दो लोगों को अनुमति होगी.
औद्योगिक संस्थान और माईनिंग को प्रतिबंध पर छूट दी गई है.
फैक्ट्री, निर्माण, श्रम कार्य संचालित करने वाली समस्त ईकाईया भारत सरकार और राज्य सरकार के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के शर्तों पर संचालित रहेगी । 
 

 
panchayattantra24.com,दुर्ग। जिले में कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोरोना की स्थिति का निरीक्षण करने के लिए भेजा है. केंद्रीय टीम ने सांसद विजय बघेल से मुलाकात के दौरान जिले में कोरोना संक्रमण के फैलने के पीछे बरती जा रही गंभीर खामियों को उजागर करते हुए संक्रमण को काबू में लाने के उपाय भी बताए। 
केंद्रीय टीम में शामिल भारत सरकार के ज्वाइंट सेक्रेटरी जिगमत तकपा, रीजनल डायरेक्टर MOHFW (रायपुर) केएम काम्बले, पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट (कोलकाता) डॉ. लीना बंधोपाध्याय, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज दिल्ली के प्रोफेसर (मेडिसिन) डॉ. अनिल कुमार, एनएचएम के स्टेज प्रोग्राम मैनेजर जावेद कुरैशी के साथ दुर्ग सर्किट हाउस में सांसद विजय बघेल ने विस्तार से चर्चा की. कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने के बारे में केंद्रीय टीम ने सांसद विजय बघेल को बताया कि दुर्ग जिले में आरटीपीसीआर टेस्टिंग केवल 10 प्रतिशत ही हो रही है, और रैपिड टेस्टिंग ज्यादा हो रही है, जबकि कोरोना की सही पुष्टि आरटीपीसीआर टेस्ट से ही होती है. दुर्ग में आरटीपीसीआर वाली टेस्टिंग बढ़ाये जाने की आवश्यकता है। 
केंद्रीय टीम ने सांसद विजय बघेल को बताया कि दुर्ग जिले में कंट्रोल पैनल का अभाव है. कंट्रोल पैनल द्वारा प्रत्येक पॉजिटिव मरीज की स्थिति को आंकलित करना चाहिए और उसकी बीमारी का स्टेज देखकर उसे होम क्वॉरेंटाइन या हॉस्पिटलाइज्ड कराने की सलाह देनी चाहिए. होम क्वॉरेंटाइन वाले मरीजों को ऑक्सीमीटर देना चाहिए या उन्हें ऑक्सीमीटर खरीदने की सलाह देनी चाहिए ताकि वे समय समय पर अपना अक्सीजन लेवल चेक करते रहें साथ ही स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम से प्रत्येक मरीज को नियमित कॉल करके उसका ऑक्सीजन लेवल पूछा जाना चाहिए और ऑक्सीजन लेवल कम होने पर उन्हें अविलंब हॉस्पिटल में एडमिट करने हेतु स्वयं स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही सक्रियता बरती जानी चाहिए।
वर्तमान में दुर्ग में यही स्थिति है कि होम क्वॉरेंटाइन पॉजिटिव मरीजों को कंट्रोल रूम से कोई कॉल नहीं जाता है, और गंभीरतम स्थिति में आने पर वे स्वयं ही हॉस्पिटलाइज होने के लिए भटकते हैx, इससे उनका बहुत समय व्यर्थ ही निकलता जाता है और मरीज की स्थिति क्रिटिकल होती जाती है। 
हॉस्पिटल में बेड की कमी को लेकर केंद्रीय टीम ने चिंता जताई कि मरीज की अवस्था में सुधार होने के बाद भी मरीज हॉस्पिटल नहीं छोड़ रहे हैं, जबकि अवस्था में सुधार होने के बाद आगे का इलाज होम क्वारंटाइन होकर अच्छे से किया जा सकता है. इससे दूसरे जरूरतमंद मरीज को बेड मिल सकेगा, लेकिन मरीज पूरे सुधार के बाद ही घर जाना चाहते हैं. इस कारण पुराने मरीज के आवश्यकता से अधिक समय तक हॉस्पिटलाइजेशन में रहने से बेड जल्दी खाली नहीं हो पा रहे हैं. ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे कि अत्यंत जरूरतमंद मरीज को ही हॉस्पिटल में भर्ती किया जाए। 
सांसद विजय बघेल ने केंद्रीय टीम को बताया कि दुर्ग जिले में लॉकडाउन लगा है और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए शरीर को प्रोटीन और फलों की आवश्यकता अधिक होती है और लॉक डाउन के कारण फल इत्यादि मरीजों को नहीं मिल पा रहे हैं, इससे मरीज जल्दी रिकवर नहीं हो रहे हैं. इसके उत्तर में केंद्रीय टीम ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली में कंटेनमेंट जोन में निर्धारित समय में फल, दूध, डेयरी प्रोडक्ट, इम्युनिटी बूस्टर फूड के विशेष वाहन को आने की अनुमति रहती है, जिससे कि लोग अपने घर से ही फल, दूध, डेयरी प्रोडक्ट और इम्युनिटी बूस्टर फूड इत्यादि खरीद पाते हैं. दुर्ग में भी दिल्ली की तर्ज पर कुछ वाहनों को विशेष अनुमति देकर निश्चित समय के लिए फल, दूध, डेयरी प्रोडक्ट और इम्युनिटी बूस्टर फूड बेचने की व्यवस्था करने से मरीजों तक फल, दूध, डेयरी प्रोडक्ट या इम्युनिटी बूस्टर फूड पहुंचाए जा सकते हैं। 
केंद्रीय टीम ने वार्तालाप के दौरान सांसद विजय बघेल को बताया कि दुर्ग में पुराने नेचर वाला ही कोरोना वायरस है, लेकिन स्प्रेड की क्वालिटी ज्यादा है, जिसका कारण आमजनों में जागरूकता का अभाव और लापरवाही है. मास्क का त्याग करना, भीड़भाड़ वाली जगहों में आना जाना और कोरोना से बचाव के अनिवार्य उपायों की अनदेखी करना प्रमुख है. यही कारण है कि कोरोना दुर्ग में भयावह स्थिति तक पहुंच गया है। 
सांसद विजय बघेल ने कहा कि राज्य शासन की लापरवाही और अनदेखी के चलते प्रदेश में कोरोना की स्थिति भयानक स्तर पर पहुंच गई है. अब राज्य शासन को चाहिए कि वह अपनी कुम्भकर्णी नींद से जागे और केंद्रीय टीम द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से अमल करे. उन्होंने राज्य शासन के क्रियाकलापों पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि कोरोना की भयावह स्थिति को लेकर आज तक कैबिनेट की बैठक तक नहीं बुलाई गई है. राज्य शासन के मंत्री जनसेवा के लिए सामने आने की बजाय दुबके पड़े हैं. दुर्ग जिले में मुख्यमंत्री समेत चार चार मिनिस्टर हैं, लेकिन किसी का कोई ठिकाना नहीं है। खुद कांग्रेसी बदहवासी की स्थिति में है। 
 

व्यापारियों ने  ई-कामर्स के कारोबार के संचालन पर रोक लगाने की मांग की 
panchayattantra24.com, दुर्ग। जिले में आज से 14 अप्रैल तक के लिए पूर्ण लॉकडाउन लागू हो गया है. इसी बीच चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों ने दुर्ग में लॉकडाउन के चलते व्यापारियों को हो रही परेशानी पर जिला प्रशासन को अवगत कराया है. चैंबर ने लॉकडाउन के चार दिन बाद समीक्षा कर उसके आधार पर आगे निर्णय लेने की मांग की है। 
इसके साथ ही व्यापारियों ने लॉकडाउन के दौरान ई-कामर्स के कारोबार के संचालन पर भी रोक लगाने की मांग की है. इस संबंध में चैंबर के पदाधिकारियों ने एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा है। 
चैम्बर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री अजय भसीन ने बताया कि व्यापारियों को हो रही व्यावहारिक दिकत से हमने कलेक्टर और एडीएम ऋचा प्रकाश चौधरी से मुलाकात की है. साथ 4 दिन में कोरोना संक्रमण की समीक्षा कर लॉकडाउन को खोलने की मांग भी की है। 
उन्होंने ज्ञापन सौंपकर बताया कि 12 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है. इस त्योहार से व्यापारियों को काफी उम्मीद है. इसलिए चार दिन बाद लॉकडाउन की समीक्षा कर उसके आधार पर निर्णय लिया जाए। 
भसीन ने बताया कि पिछले वर्ष के लॉकडाउन में भवन, पांडाल, सजावट, फूल माला, केटरर्स, बैंड बाजा, कपड़ा, सराफा वालों, कुम्हार ने काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था. इस बार उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सशर्त अनुमति दी जाए. दूध वालों के लिए सुबह-शाम एक-एक घंटे की छूट दी गई, इसे बढ़ाकर दो-दो घंटे करने की मांग की गई है। 
अजय भसीन ने जिले की सीमा से सटे 8-10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए अनुमति देने का अनुरोध किया है। 
 

 
panchayattantra24.com, दुर्ग। प्रदेश में कोरोना संक्रमण खतरनाक हो गया है. कोरना की दूसरी लहर ने सबसे ज्यादा दुर्ग में तबाही मचाई है. यही वजह है कि आज से यहां लॉकडाउन कर दिया गया है, जो 14 अप्रैल तक रहेगा. एजुकेशन हब के नाम से मशहूर दुर्ग की सड़कें सुनी हो गई है. पुलिस प्रशासन के अलावा कोई भी सड़क पर नजर नहीं आ रहा है। 
बता दें कि दुर्ग में सोमवार को 1169 एक्टिव मरीज की पहचान की गई. जिले में अभी सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 44053 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक यहां अब तक इस संक्रमण से 803 लोगों की जान जा चुकी है। 
पुलिस ने की है चाक चौबंद व्यवस्था- एडिशनल एसपी सिटी संजय ध्रुव
एडिशनल एसपी सिटी संजय ध्रुव ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिले में आज से लॉकडाउन लागू किया गया है. इस दौरान पुलिस ने चाक-चौबंद व्यवस्था की हुई है. फिलहाल जिलेभर में 900 जवानों का बल लगाया गया है. साथ ही 13 राजपत्रित अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, इसके अलावा जिले में कुल 82 पेट्रोलिंग पार्टी की तैनाती की गई है. जिले की सीमाओं में 13 नाकेबंदी के पॉइंट भी बनाए गए हैं. फिलहाल बगैर जरूरत घर से बाहर घूमने वालों को समझाइश देकर छोड़ा जा रहा है, और दोबारा घर से बाहर न निकले इस बात की हिदायत भी दी जा रही है. लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।