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पंचायत तंत्र- दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग ने सत्र 2019-20 की ऑनलाइन वार्षिक परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं को विभिन्न परीक्षा केन्द्रों एवं महाविद्यालयों में जमा करने की तिथि 5 अक्टूबर से बढा़कर 7 अक्टूबर कर दी है. विश्वविद्यालय ने यह कदम गांधी जयंती एवं रविवार के अवकाश के कारण विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिकाओं को जमा करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए उठाया है ।
कुलपति डाॅ. अरूणा पल्टा ने बताया कि विभिन्न महाविद्यालयों में उत्तरपुस्तिकाएं संग्रहण की स्थिति का जायजा लेने विश्वविद्यालय के अधिकारियों की एक टीम को भेजा गया था. इस टीम में विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक डाॅ. आरपी. अग्रवाल और स्पोर्टस् डायरेक्टर डाॅ. ललित वर्मा ने महाविद्यालयों का जायजा करने के साथ विद्यार्थियों से चर्चा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया. टीम से प्राप्त फीडबैक के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने समस्त कक्षाओं की उत्तरपुस्तिका तथा स्नातक स्तर की प्रथम वर्ष की कक्षाओं के असाइनमेंट महाविद्यालयों में जमा करने की अंतिम तिथि 7 अक्टूबर निर्धारित की है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय इसके पश्चात् अंतिम तिथि में कोई वृद्धि नहीं करेगा ।
दुर्ग विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. सीएल देवांगन ने बताया कि विभिन्न महाविद्यालय में डाक द्वारा भी बड़ी संख्या में उत्तरपुस्तिकाएं प्राप्त हो रही है. अंतिम तिथि 7 अक्टूबर के पश्चात् भी डाक में विलंब के कारण प्राप्त उत्तर पुस्तिकाओं को महाविद्यालय स्वीकार करेंगे. इस संबंध में छात्र भ्रमित न हों. वहीं विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. प्रशान्त श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के दौरान महाविद्यालय प्रशासन को सहयोग करते हुए कोविड-19 के सभी प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन करने की अपील की है. उन्होंने बताया कि जमा उत्तरपुस्तिकाओं का शीघ्र मूल्यांकन आरंभ करने कुलपति ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया है ।
 
 

पंचायत तंत्र – बेमेतरा l छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 12 सितम्बर को राज्य स्तरीय ई-लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय/कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय/अध्यक्ष, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति द्वारा राज्य के सभी जिला न्यायाधीश, एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की विडियो कान्फ्रेन्सिंग में बैठक ली गई, जिसमें यह निर्देशित किया गया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के परिणामस्वरूप न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य समस्त प्रकार के मामलों के पक्षकारों को राहत उपलब्ध कराया जा सके इस हेतु दिनांक 12 सितम्बर 2020 को राज्य स्तरीय विशेष ई-लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंघल के मार्गदर्शन में उक्त अनुक्रम में सभी ऐसे पक्षकारों से अपेक्षा की जा रही है कि वे ऐसे मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण वैवाहिक मामले भरण पोषण के मामले एवं राजीनामा योग्य मामलों को आगामी राज्य स्तरीय लोक अदालत में दिनांक 12 सितम्बर को रखे जाने हेतु अपने अधिवक्ता के माध्यम से संपर्क कर, व्हाटसअप एवं अन्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से संपर्क कर राजीनामा कर सकते है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति साजा द्वारा अन्य ऐसे वैवाहिक मामले, भरण पोषण के मामले, राजीनामा योग्य अपराध के मामले एवं अन्य प्रकार के विवाद जिनका सुलह समझौता के आधार पर निराकरण हो सकता है, उन सबसे अपेक्षा की गई है कि वे इस लोक अदालत में राजीनामा के माध्यम से लाभ उठावें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संबंधित पक्षकारों, अधिवक्ताओं, संबंधित बीमा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली जाकर सुलह समझौता की शर्ते तय की जावेंगी, जिसमें सर्वसंबंधितों का सहयोग अपेक्षित किया गया है। 

 
पंचायत तंत्र-दुर्ग ।  पूरे विश्व में इस वक्त कोरोना महामारी को लेकर दहशत का माहौल है. इसी बीच दुर्ग कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे ने कोरोना किट बेचने की अनुमति दे दी है, जिसकी पूरे प्रदेश में चर्चा है । 
कलेक्टर ने दुर्ग में चिरायुश एनजीओ को 5 हजार रुपए में ये कोरोना किट बेचने की अनुमति दी है. जबकि एनजीओ को ऐसी कोई भी दवा का किट बेचने की अनुमति देने के संबंध में नियम नहीं है । 
ये किट मरीजों को दुर्ग का स्वास्थ्य विभाग अपने सीएमएचओ दफ्तर स्थित कोरोना कंट्रोल रूम से उपलब्ध करा रहा है, इस किट के पैसे एनजीओ ऑन लाइन अपने अकाउंट में मंगवा रहे है । 
दुर्ग जिले में तमाम कोरोना मरीजों के बीच एनजीओ का नंबर वायरल हो गया है और इस किट की बिक्री धड़ल्ले से दुर्ग में की जा रही है.ये किट होम आइसोलेशन चाहने वाले कोरोना मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के दिया जा रहा है, जिसमें विभिन्न प्रकार की दवाईयां मौजूद है । 
ऐसे में सवाल उठता है कि बिना डॉक्टर के जांच किए कोरोना मरीजों को दवाई दिया जाना आईसीएमआर की गाइडलाइन के मुताबिक है ? और कलेक्टर ने एनजीओ को कोरोना किट बिक्री की अनुमति देने से पहले स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को इसकी जानकारी दी थी या नहीं ?  लल्लूराम डॉट कॉम ने चिरायुश हेल्थ एंड रिसर्च फाउंडेशन से भी पक्ष लेने फोन किया तो फोन उठाने वाली महिला ने कहा कि मैं एनजीओ की सदस्य हूं और समाज सेवा के लिए ये काम कर रहे है. नर्स और स्टॉफ कोरोना मरीजों का टैम्प्रेचर और दवा देने का काम करते है. ये सवाल पूछने पर कि किट बेचने की अनुमति किसने दी और अब तक कितने किट बेचे गए ? तो उन्होंने जवाब दिया कि मुझे ये नहीं पता मैं पूछकर बताती हूं और ये कहने के बाद उन्होंने फोन रख दिया । 
 

 
 
पंचायत तंत्र- दुर्ग। लॉक डाउन में राशन दुकान समेत सभी प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आदेश है लेकिन इसके बीच दुर्ग जिले के एक होटल में बेखौफ जुआरियों का मजमा लगा हुआ था, और लगाई जा रही थी ताश की पत्ती से लाखों रुपयों की बाजी। लेकिन इसकी भनक दुर्ग सीएसपी विवेक शुक्ला को लग गई, तो उन्होंने दल-ब-दल के साथ होटल में छापा मार दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 8 जुआरियों को जुआ खेलते गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक मोहन नगर थाना क्षेत्र के धमधा रोड स्थित ओवरब्रिज के पास स्थित होटल सूर्या के रुम नंबर 208 में शहर के नामी जुआरियों के इकट्ठा होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस की टीम ने 8 जुआरियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 52 ताश की पत्ती और 1 लाख 10 हजार 4 सौ रुपये बरामद किये। इस मामले मे सीएसपी विवेक शुक्ला ने कहा कि लॉक डाउन में होटलों को संचालन की अनुमति नहीं है। होटल सूर्या में जुआ खिलाया जा रहा था, लिहाजा होटल संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
ये हैं आरोपी
आनंद गोयल, पता कादम्बरी नगर दुर्ग
कल्याण बंसोड़, पता पोलसाय पारा दुर्ग
श्याम राव, पता स्टेशन रोड गुरूद्वारा के सामने दुर्ग
राहूल जैन, पता पोलसाय पारा दुर्ग
खेमलाल साहू, पता स्मृति नगर सभाष पेट्रोल पंप के पास भिलाई
अभिषेक जैन, पता साकेत कालोनी दुर्ग
अरूण अग्रवाल, पता कुंआ चौक मोहन नगर जिला दर्ग
बलवीर सिंग, पता गुरूद्वारा के पीछे संतराबाडी दुर्ग

 
 
पंचायत तंत्र- दुर्ग । कोरोना संक्रमण के बढ़ते असर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए लॉकडाउन की वजह से त्योहारों का रंग फीका पड़ता दिखाई दे रहा है. लोगों की परेशानी को देखते हुए सांसद विजय बघेल ने त्योहार के मद्देनजर कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे से चर्चा कर बाजार को सुचारू रूप से चालू रखने की मांग की है ।
सांसद विजय बघेल ने चर्चा करते हुए बताया कि रक्षा बंधन त्योहार के चलते बाजार में मिठाइयों की मांग रहती है, जिसे देखते हुए अभी से निर्णय लिया जाना जरूरी है कि व्यापारी भी अपनी तैयारी पूरी कर सके. उन्हें कच्चे माल से लेकर हलवाई तक की व्यवस्था करनी पड़ती है, वहीं कई व्यवसायियों ने पहले से ही त्योहारी सीजन की तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन बाजार के समय की वजह से उनका व्यापार संकट से गुजर रहा है. ऐसे में जिला प्रशासन को तैयारी करनी चाहिए कि इस भाई-बहन के त्योहार की मिठास फीकी न पड़े ।
सांसद विजय बघेल ने बाजार के खुलने के समय को बदलने की भी मांग की है. उन्होंने वर्तमान में बाजार खुलने के समय सुबह 6 से 10 बजे को अव्यवहारिक बताते हुए इसे 8 से 12 बजे करने को कहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों से शहरों में आने वाली जनता को बाज़ार से कोई सामान खरीदने में परेशानी का सामना न करना पड़े ।
 

 
 
पंचायत तंत्र  – दुर्ग । स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमैन अरुण वोरा ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही सक्रिय हो गए हैं. लॉकडाउन के दौरान उन्होंने फोन के जरिए कार्पोरेशन के 20 ब्रांच मैनेजरों के अलावा 27 नोडल अफसरों से चर्चा कर सुविधाओं और समस्याओं के साथ सेटअप की जानकारी ली है । 
अरुण वोरा ने बताया कि लॉकडाउन के बाद वे कार्पोरेशन के अंतर्गत आने वाले सभी ब्रांचों का दौरा कर गोडाउन की हालत का जायजा लेंगे. कार्पोरेशन की समस्याओं की जानकारी लेने के साथ ही कार्पोरेशन के सभी क्लाइंट्स से चर्चा कर कार्यप्रणाली में और सुधार के लिए बेहतर उपाय किए जाएंगे । 
उन्होंने कहा कि कई ब्रांच मैनेजरों ने गोडाउन में मेंटेनेंस की तो कई ब्रांच मैनेजरों ने गोडाउन भवन के विस्तार या नया गोडाउन बनाने की जरूरत बताई है. सभी गोडाउन क्षमता के अनुरूप भरे हैं. सभी ब्रांचों के मैनेजरों और नोडल अफसरों से चर्चा के बाद जरूरी कार्य करने की पहल की जाएगी । 
वोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य चौमुखी विकास कर रहा है. राज्य में आम जनता के साथ साथ औद्योगिक.व्यापारिक संस्थानों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं. छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन भी आगामी वर्षों में डिमांड के अनुसार स्टोरेज केपेसिटी बढ़ाने का कार्य करेगा । 
उन्होंने कहा कि कार्पोरेशन के क्लाइंट्स को बेहतर और आधुनिक सुविधाओं से लैस गोदामों का निर्माण कराया जाएगा. सभी गोडाउन की स्टोरेज क्षमता का विस्तार करने के साथ ही नए गोडाउन बनाए जाएंगे. साइंटिफिक तरीकों से रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे रखरखाव में कमी के कारण कार्पोरेशन को होने वाले नुकसान से बचा जा सके. उन्होंने कहा कि कार्पोरेशन के लाभ को निरंतर बढ़ाने के लक्ष्य के साथ काम किया जाएगा । 
 

 
पंचायत तंत्र-भिलाई । बॉलिवुड अभिनेता सुशांत सिंह की मौत से निराश एक 13 वर्षीय लड़की ने बुधवार रात दुर्ग जिले में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लड़की सातवीं की छात्रा थी और परिवार के सदस्यों के अनुसार वह अभिनेता सुशांत सिंह की बड़ी प्रशंसक थी। भिलाई नगर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर त्रिनाथ त्रिपाठी ने कहा कि बुधवार शाम को लड़की का शव छत से लटका पाया गया ।
पुलिस अधीक्षक, दुर्ग, प्रशांत ठाकुर ने “मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वह आत्महत्या कर रही थी, क्योंकि उन्हें अभिनेता सुशांत को दुनिया छोड़ना पसंद नहीं था। हम सभी एंगस से मामले की जांच कर रहे हैं और लड़की की लिखावट का मिलान कर रहे हैं।”
 
अभिनेता सुशांत सिंह की मौत से निराश ...
लड़की के पिता ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी बेटी सुशांत सिंह की फैन थी और उनकी मौत से उदास थी और लगातार सुशांत सिंह के गाने और वीडियो देख रही थी। एसएचओ तिवारी ने कहा कि बुधवार को लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे जब उसने आत्महत्या की।
एसएचओ ने कहा कि जब उसके माता-पिता वापस आए तो उन्होंने पाया कि दरवाजा अंदर से बंद था। पिता ने पीछे से घर में प्रवेश किया और अपनी बेटी को छत से लटका पाया। मामला दर्ज कर लिया गया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
 

 
पंचायत तंत्र- दुर्ग  । लगभग चौवालीस किमी सड़कों पर चौवालीस हजार पौधे लगाने के मातृछाया पथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में ग्राम सिकोला में लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा प्रकृति को सहेज कर विकास की ओर सतत बढ़ा रहे कदम
हम ऐसी योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं जिनके माध्यम से प्रकृति के संरक्षण के साथ ही लोगों के आर्थिक बेहतरी का रास्ता भी खुलता है। मातृछाया पथ वृक्षारोपण के लोकार्पण मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा। इस मौके पर उन्होंने बेल और कृष्ण वट पौधे को रोपा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्ग जिले में वन होम, वन ट्री अभियान चलाया गया था। इसमें भी लोगों ने बहुत उत्साह से हिस्सा लेकर अपने घरों में पौधे लगाए। प्रकृति को सहेजने लोग इतने उत्साह से आगे आते हैं तो इस दिशा में अच्छा कार्य करने का हमारा उत्साह दोगुना हो जाता है। उल्लेखनीय है कि इस योजना अंतर्गत 44 किमी रास्तों में चौवालीस हजार पौधे प्रमुख सड़कों पर रोपे गए हैं। इसमें खूबसूरत बात यह है कि इनमें केवल एक तरह के पौधे नहीं है जो आम तौर पर सड़क किनारे वृक्षारोपण में किये जाते हैं और पूरे माहौल में एकरसता सी आ जाती है। इसमें सत्रह प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें बरगद और पीपल जैसे विशाल पेड़ों के पौधे रोपे गए हैं जो दीर्घजीवी होते हैं और ढेर सारा आक्सीजन भी देते हैं और भारतीय परंपरा में जिनका विशेष महत्व है। इसके साथ ही आम, जामुन और इमली जैसे पेड़ों के पौधे लगाए गए हैं। यह फलदार पौधे छायादार और पथिकों के लिए भी उपयोगी होंगे। अर्जुन जैसा मेडिसिनल प्लांट भी लगाया गया है और हर्रा, बहेड़ा तथा आंवला जैसे मेडिसिनल प्लांट भी लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है। मातृछाया पथ वृक्षारोपण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण किए गए हैं। पौधरोपण के साथ ही इन्हें सहेजने की भी पूरी व्यवस्था की जा रही है। इस अवसर पर  मातृछाया पथ लोकार्पण स्थल पर भी अतिथियों ने पौधे रोपे। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री आरपी मंडल, पीसीसीएफ श्री राकेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू , कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती एम गीता, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज पिंगुवा,मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आईजी श्री विवेकानंद सिन्हा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी श्रीनिवास राव, वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, संचालक कृषि श्री नीलेश क्षीरसागर,  कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी श्री प्रशांत ठाकुर, डीएफओ श्री केआर बढ़ाई, जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर विधायक भिलाई श्री देवेंद्र यादव, खनिज विकास निगम के चेयरमैन श्री गिरीश देवांगन, पूर्व विधायक श्री प्रदीप चौबे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अशोक साहू एवं जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
पिछले साल खारून के किनारे लगाए गए थे पौधे- पिछले साल वन विभाग द्वारा खारून नदी के किनारे पौधे लगाए गए थे। नदी के कटाव को रोकने, तटबंध को मजबूत करने के लिए ऐसे पौधों का प्लांटेशन किया गया था जो मिट्टी की पकड़ को मजबूत करते हैं। नदी तट में प्लांटेशन से नदियों में पानी का स्तर भी बढ़ता है क्योंकि मिट्टी अधिक जल संरक्षण कर रखती है। यह ऐसा काम है जिसके दीर्घकालीन अच्छे नतीजे निकलते हैं।
ऐसा निवेश जो भविष्य के लिए बेहद उपयोगी- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सरकार द्वारा ऐसी योजनाओं पर काम हो रहा है जो इस पीढ़ी को ही नहीं, अगली कई पीढ़ियों के लिए उपयोगी साबित होंगे। मिट्टी की ऊर्वरता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने गोधन न्याय योजना आरंभ की जिससे गोबर खरीद कर कंपोस्ट खाद के माध्यम से जैविक खेती की दिशा में बड़ा काम होगा। व्यापक पौधरोपण के माध्यम से मिट्टी का संरक्षण तो होगा ही। भूमिगत जल का स्तर भी बढ़ेगा।
इन रास्तों में हुआ पौधरोपण- मड़ियापार से हिर्री, अमलेश्वर से झीट, पाटन सिकोला तुलसी मार्ग, भिलाई 3 से तर्रा, खुड़मुड़ी-झीट-मोतीपुर, पाटन-रानीतराई-जामगांव आर, सेलूद जामगांव आर, गाड़ाडीह से फुण्डा, बोरसी से उतई, मोतीपुर-जामगांव-लोहरसी, खर्रा से बरबसपुर, पाटन-मोतीपुर मुख्य मार्ग से सिपकोन्हा, बीजाभाठ से सुरपा, पाटन-मोतीपुर मुख्य मार्ग से ठकुराइनटोला, फुण्डा नहर से अरसनारा, सिकोला से सोनपुर, गुढ़ियारी से कानाकोट, दुर्ग-राजनांदगांव महमरा मुख्य मार्ग, रवेली से राखी और मानिकचौरी से गोड़पेण्ड्री।

 
 
पंचायत तंत्र – भिलाई । पिछले दस जुलाई को नगर निगम में होने वाली सामान्य सभा निगम के नेता प्रतिपक्ष के कोरोना पॉजेटिव होने की आशंका के कारण निरस्त होने के बाद आज नगर निगम भिलाई की सामान्य सभा हुई। सामान्य सभा शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर काफी देर तक तीखी नोकझोंक होता रहा। विपक्ष के सीनियर पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा ने सर्वप्रथम पानी का मुद्दा उठाते हुए सभापति से पूछा कि 90 प्रतिशत पानी दुर्ग ग्रामीण को मिलेगा और 10 परसेंट भिलाई नगर निगम क्षेत्र के रहवासियों को मिलेगा । इस संबंध में प्रशासनिक पत्राचार आखिरकार क्यों नहीं हुआ, कहां कमी रह गई इसका जवाब सत्ता पक्ष व निगम के अफ सर दें. क्योंकि परिसीमन होने के बाद रिसाली नया नगर निगम बन गया, भिलाई नगर निगम उसे पहले भी सहयोग करता था और आगे भी करेगा। युवा पार्षद पियुष मिश्रा ने 9000 एलईडी लाइट कहां कहां लगी कौन सी एजेंसी थी मामले की जांच करने की मांग की है साथ ही अर्चना जैन की बनी कंपलेक्स की उच्च स्तरीय जांच की मांग राज्य सरकार से की है। समान्य सभा में वशिष्ठ नारायण मिश्रा ने आगे कहा कि यहां पूरा देश कोविड-19 से लड़ रहा है और चिंता कर रहा है लेकिन राज्य सरकार नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के कामों में ही मस्त और व्यस्त हैं. उन्हें लोगों के अनाज की चिंता नहीं है उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 56 करोड़ की राशि बिना सामान्य सभा के अनुमति से ठेकेदारों को भुगतान कर दी गई है. जिन लोगों ने निगम क्षेत्र में जमीन लिया पर बनवाया नहीं है ऐसे कई लोगों ने लगभग 4 करोड रुपए निगम के खाते में जमा कराएं हैं. खाली पड़े 253 प्रकरण पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। वहीं पानी के मामले में अब तक हर वर्ष निगम टैंकर व ट्रक के माध्यम से पानी की सप्लाई करते आ रहा है. पार्षद छोटे लाल चौधरी जो कि एक व्यापारी भी है उन्होंने अपने स्वयं के व्यय 7 से 8 लाख क्षेत्र की जनता के लिए अब तक इतने सालों से अपने खर्चों पर जनता को पानी पिलाने का दायित्व उठाया. लेकिन खुर्सीपार के पार्षद अनिल सिंह व अन्य पार्षद कहां से पानी की व्यवस्था कर पाएंगे, बीएसपी क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने की आखिरकार क्या जरूरत थी और किसके परमिशन से पाइपलाइन बिछाया गया. जबकि बीएसपी के रहवासी आज भी बदबूदार और गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है। टाउनशिप के कई सेक्टरों में सेक्टर आज उजाड़ हो चुके हैं उनके सिवरेज और पाइपलाइन के मामलों में निगम और बीएसपी के अफसरों की क्या रणनीति है उसे भी स्पष्ट किया जाये। कोई भी फिल्टर प्लांट चलाना इतना आसान काम नहीं है उसके लिए संचालन व संधारण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नीला पीला हरा रंग का पाइप जो बिछाया जा रहा है वह अमरावती की कंपनी को काम देने के लिए किया गया था लेकिन इस कंपनी ने किसी भी प्रकार से गाइडलाइन का पालन नहीं की है। आज कई जगह पर लाइन बिछ गया है। कई जगह टंकी भी बन गई है लेकिन नलों में प्रेशर नहीं आ रहा है और पानी भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है ।
अमृत मिशन के तहत 242 करोड रुपए के लागत से 66 एमएलडी तथा पुरैना में दो एमएलडी का फिल्टर प्लांट बनाया जा रहा है। इस फिल्टर प्लांट से दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के रहवासी जिनमें तालपुरी, मरोदा, रिसाली, रूआबांधा, डुण्डेरा, पुुरैना जैसे वार्डों में जलापूर्ति होगी लेकिन भिलाई निगम क्षेत्र को इसका मात्र 10 प्रतिशत ही लाभ होगा। इन दोनो फिल्टर प्लांट का संधारण और संचालन भिलाई निगम करेगा। आखिर रिसाली निगम से भिलाई को क्या मिलेगा? इसका स्पष्ट खुलासा होना चाहिए।
परिसीमन के बाद रिसाली नगर निगम भिलाई नगर निगम की तुलना में बड़ा हो गया है भिलाई छोटा हो गया हमने 20 वर्षों तक रिसाली क्षेत्र का विकास किया लेकिन दुर्भाग्य है कि 242 करोड़ की योजना संपादित करने वाला यह निगम पानी भी नहीं दे पा रहा है ये भिलाई निगम की बड़ी विफलता है। पूर्व में रहे आयुक्त एसके सुंदरानी ने अनियमितताओं संबंधित कई मामलों की जांच कमेटियां प्रशासनिक अफसरों की बनाई जिसकी जांच रिपोर्ट का आज तक पता नही है। जबकि सात दिवस के भीतर एसी, एई व टाइम कीपर को रिपोर्ट पेश करना था लेकिन यह रिपोर्ट अब सपना बन गया है क्योंकि आज तक रिपोर्ट नहीं सौंपे। पानी बिजली सड़क पुल पुलिया बनाने का काम जनता के प्रतिनिधि को करना होता है, वो भी विवेक पर लागू होता है, प्रतिनिधि के लिए किसी डिग्री पीएससी की परीक्षा या आई एस की परीक्षा उतीर्ण करना जरूरी नहीं है. जो हम बोलेंगे उसे बहुमत से हम स्वीकृत करेंगे। आज भी निगम में कई बड़ी योजनाएं चल रही है।
सेक्टर 3 के पार्षद इंदिरा वर्मा ने पूछा कि मेरे वार्ड में एलईडी लाइट क्यों नहीं लगी इस सवाल का जवाब सदन में बैठै भाजपा पार्षद और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे बताएं। वर्मा इसका तख्ती लेकर अध्यक्ष की आसंदी तक चली गई, उस समय पूर्व मंत्री पाण्डेय के पार्षदों ने ढिढोंरा पीट कर कहा था कि टाउनशिप के सभी वार्डोँ में एलईडी लाईट लगेगी, लेकिन मेरे वार्ड में आज तक नही लगी। 88 लाख के एलईडी टेंडर 9000 लाइटिंग लगना था वह कहां गया और किस जगह लगाया गया। उधर एलईडी मामले में एमआईसी मेंबर लक्ष्मीपति राजू ने कहा कि तत्कालीन सरकार में जनप्रतिनिधि भाजपा पार्षदों के द्वारा उस समय विरोध और प्रश्न बाजी क्यों नहीं की गई। आखिरकार आज क्यों एलईडी का मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि जब उनकी सरकार थी, उस समय अपना मुंह को क्यों नहीं खोलें। इससे साफ स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार उनके कार्यकाल में ज्यादा हुआ है. पार्षद लक्ष्मीपति, सुभद्रा सिंह, साकेत चंद्राकर, राजेश चौधरी, जोहन सिन्हा सहित कई पार्षदों ने उस समय इस बात पर आपत्ति जताई जब सभापति ने सेक्टर 3 की पार्षद इंदिरा वर्मा द्वारा अध्यक्ष की आसंदी के पास तख्ती लेकर आने पर पार्षद इंदिरा वर्मा को सभापति ने यह कह दिया कि आंटी आप अपने स्थान पर जाकर बैठ जाओ। इसके कारण भी निगम के सामान्य सभा का माहौल काफी देर तक गर्माया रहा। इन पार्षदों का कहना था कि सभापति को अपने पद गरिमा की चिंता नहीं है वह सम्मानित पार्षद ना बोलकर आंटी शब्द का प्रयोग किया. इस दौरान सभापति श्याम सुंदर राव भी थोड़ा उग्र हो गए थे और कहा कि सत्ता पक्ष कुछ भी बोलेगा तो मैं सुनता रहूंगा क्या। ।
इस दौरान महापौर ने हस्तक्षेप करते हुए लक्ष्मीपति राजू और अन्य पार्षदों को शांत कराने के साथ ही सभापति को भी उत्तेजित रूप नही अपनाने का आग्रह किया। पार्षद साकेत चन्द्राकर ने कहा कि कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय भी विधानसभा अध्यक्ष व अन्य कई पदों में रहे लेकिन विपक्ष के भाजपा पार्षद उनसे कुछ सीख नही पाये। कि सदन कैसे चलाया जाता है, सदन की गरिमा कैसी होनी चाहिए और सदन में कैसे रहा जाता है मैं इस बात को इसलिए कह रहा हूं कि ये सभी पार्षद पाण्डेय जी के कटटर समर्थक और शिष्य है। उधर पार्षद सूर्यकांत सिन्हा ने भी सभापित पर सीधे भेदभाव करने का आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष को अधिक बोलने का समय देतेहै जबकि शहर सरकार को कम बोलने का समय देते है। वही पियुष मिश्रा ने अध्यक्ष से कहा कि सभापति सूर्यकांत को दो घंटे बोलने का विशेष समय दें। नेता प्रतिपक्ष रिकेश सेन क्वारांटाईन होने के कारण सामान्य सभा में नही दिखे। उनकी कमी को पूरा करने का प्रयास वशिष्ट मिश्रा, पियुष मिश्राऔर रिंकू साहू ने जमकर शहर सरकार को घेरने का किया। पियुष मिश्रा ने कहा कि हम सब एक है सभी भाजपा पार्षद नेता प्रतिपक्ष है, सदन में शहर सरकार के भ्रष्टाचार को उठाते रहंगेे।
 

पंचायत तंत्र- दुर्ग । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले में हरियाली के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे हर घर-एक पेड़ अभियान की सफलता के लिए जिले के निवासियों को पत्र लिखकर शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा है कि जिले के नागरिकों की इस अभियान में भागीदारी से हरियर दुर्ग की कल्पना साकार हो सकेगी ।

सीएम बघेल ने जिलेवासियों के नाम जारी पत्र में लिखा है कि आपके दुर्ग जिले में हरियाली के विस्तार एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए हर घर एक पेड़ अभियान (वन होम-वन ट्री कैंपेन) चलाया जा रहा है. प्रकृति को सहेजने के पुनीत उद्देश्य से यह महती अभियान जिले में 6 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है. हम सब इस दिन अपने घर में पौधे लगाएंगे. जनसरोकारों से जुड़े कार्याें में दुर्ग जिले के नागरिकों की हमेशा अग्रणी भागीदारी रही है. पौधरोपण ऐसा ही कार्य है हम जितने पेड़ लगाएंगे, प्रकृति को उतने ही बेहतर तरीके से सहेज पाएंगे. अपने घरों में पौधे लगाने पर उन्हें सहेजने में हमें आसानी होगी ।
मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों से आग्रह करते हुए पत्र में लिखा है कि इस अभियान अंतर्गत 6 जुलाई को अपने घर में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और इसे सहेजे भी. स्वयं पौधे लगाएं और अपने पड़ोसियों को, परिचितों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करें. इस अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर, शासकीय कार्यालयों में, प्रमुख मार्गाें पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण भी होगा. कुपोषण मुक्त दुर्ग बनाने बड़े पैमाने पर स्कूलों, आश्रम-छात्रावासों और आंगनबाडी केन्द्रों में मुनगा के पौधों का रोपण भी होगा. आने वाली पीढ़ी को सबसे अच्छा तोहफा आप हरियाली के रूप में दे सकते हैं. बघेल ने उम्मीद जताई है कि जिले के लोगों की भागीदारी से वन होम-वन ट्री कैंपेन सफल होगा और एक ही दिन में आप लोगों द्वारा किए गए इस महती प्रयत्न से भविष्य में हरियर दुर्ग की कल्पना साकार हो सकेगी ।