Browsing: दुर्ग

 
पंचायत तंत्र-भिलाई । बॉलिवुड अभिनेता सुशांत सिंह की मौत से निराश एक 13 वर्षीय लड़की ने बुधवार रात दुर्ग जिले में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लड़की सातवीं की छात्रा थी और परिवार के सदस्यों के अनुसार वह अभिनेता सुशांत सिंह की बड़ी प्रशंसक थी। भिलाई नगर पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर त्रिनाथ त्रिपाठी ने कहा कि बुधवार शाम को लड़की का शव छत से लटका पाया गया ।
पुलिस अधीक्षक, दुर्ग, प्रशांत ठाकुर ने “मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वह आत्महत्या कर रही थी, क्योंकि उन्हें अभिनेता सुशांत को दुनिया छोड़ना पसंद नहीं था। हम सभी एंगस से मामले की जांच कर रहे हैं और लड़की की लिखावट का मिलान कर रहे हैं।”
 
अभिनेता सुशांत सिंह की मौत से निराश ...
लड़की के पिता ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनकी बेटी सुशांत सिंह की फैन थी और उनकी मौत से उदास थी और लगातार सुशांत सिंह के गाने और वीडियो देख रही थी। एसएचओ तिवारी ने कहा कि बुधवार को लड़की के माता-पिता घर पर नहीं थे जब उसने आत्महत्या की।
एसएचओ ने कहा कि जब उसके माता-पिता वापस आए तो उन्होंने पाया कि दरवाजा अंदर से बंद था। पिता ने पीछे से घर में प्रवेश किया और अपनी बेटी को छत से लटका पाया। मामला दर्ज कर लिया गया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
 

 
पंचायत तंत्र- दुर्ग  । लगभग चौवालीस किमी सड़कों पर चौवालीस हजार पौधे लगाने के मातृछाया पथ वृक्षारोपण कार्यक्रम में ग्राम सिकोला में लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा प्रकृति को सहेज कर विकास की ओर सतत बढ़ा रहे कदम
हम ऐसी योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं जिनके माध्यम से प्रकृति के संरक्षण के साथ ही लोगों के आर्थिक बेहतरी का रास्ता भी खुलता है। मातृछाया पथ वृक्षारोपण के लोकार्पण मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा। इस मौके पर उन्होंने बेल और कृष्ण वट पौधे को रोपा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्ग जिले में वन होम, वन ट्री अभियान चलाया गया था। इसमें भी लोगों ने बहुत उत्साह से हिस्सा लेकर अपने घरों में पौधे लगाए। प्रकृति को सहेजने लोग इतने उत्साह से आगे आते हैं तो इस दिशा में अच्छा कार्य करने का हमारा उत्साह दोगुना हो जाता है। उल्लेखनीय है कि इस योजना अंतर्गत 44 किमी रास्तों में चौवालीस हजार पौधे प्रमुख सड़कों पर रोपे गए हैं। इसमें खूबसूरत बात यह है कि इनमें केवल एक तरह के पौधे नहीं है जो आम तौर पर सड़क किनारे वृक्षारोपण में किये जाते हैं और पूरे माहौल में एकरसता सी आ जाती है। इसमें सत्रह प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। इनमें बरगद और पीपल जैसे विशाल पेड़ों के पौधे रोपे गए हैं जो दीर्घजीवी होते हैं और ढेर सारा आक्सीजन भी देते हैं और भारतीय परंपरा में जिनका विशेष महत्व है। इसके साथ ही आम, जामुन और इमली जैसे पेड़ों के पौधे लगाए गए हैं। यह फलदार पौधे छायादार और पथिकों के लिए भी उपयोगी होंगे। अर्जुन जैसा मेडिसिनल प्लांट भी लगाया गया है और हर्रा, बहेड़ा तथा आंवला जैसे मेडिसिनल प्लांट भी लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण का कार्य किया जा रहा है। मातृछाया पथ वृक्षारोपण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण किए गए हैं। पौधरोपण के साथ ही इन्हें सहेजने की भी पूरी व्यवस्था की जा रही है। इस अवसर पर  मातृछाया पथ लोकार्पण स्थल पर भी अतिथियों ने पौधे रोपे। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री आरपी मंडल, पीसीसीएफ श्री राकेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू , कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती एम गीता, प्रमुख सचिव वन श्री मनोज पिंगुवा,मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आईजी श्री विवेकानंद सिन्हा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री वी श्रीनिवास राव, वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, संचालक कृषि श्री नीलेश क्षीरसागर,  कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, एसपी श्री प्रशांत ठाकुर, डीएफओ श्री केआर बढ़ाई, जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर विधायक भिलाई श्री देवेंद्र यादव, खनिज विकास निगम के चेयरमैन श्री गिरीश देवांगन, पूर्व विधायक श्री प्रदीप चौबे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अशोक साहू एवं जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
पिछले साल खारून के किनारे लगाए गए थे पौधे- पिछले साल वन विभाग द्वारा खारून नदी के किनारे पौधे लगाए गए थे। नदी के कटाव को रोकने, तटबंध को मजबूत करने के लिए ऐसे पौधों का प्लांटेशन किया गया था जो मिट्टी की पकड़ को मजबूत करते हैं। नदी तट में प्लांटेशन से नदियों में पानी का स्तर भी बढ़ता है क्योंकि मिट्टी अधिक जल संरक्षण कर रखती है। यह ऐसा काम है जिसके दीर्घकालीन अच्छे नतीजे निकलते हैं।
ऐसा निवेश जो भविष्य के लिए बेहद उपयोगी- मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सरकार द्वारा ऐसी योजनाओं पर काम हो रहा है जो इस पीढ़ी को ही नहीं, अगली कई पीढ़ियों के लिए उपयोगी साबित होंगे। मिट्टी की ऊर्वरता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने गोधन न्याय योजना आरंभ की जिससे गोबर खरीद कर कंपोस्ट खाद के माध्यम से जैविक खेती की दिशा में बड़ा काम होगा। व्यापक पौधरोपण के माध्यम से मिट्टी का संरक्षण तो होगा ही। भूमिगत जल का स्तर भी बढ़ेगा।
इन रास्तों में हुआ पौधरोपण- मड़ियापार से हिर्री, अमलेश्वर से झीट, पाटन सिकोला तुलसी मार्ग, भिलाई 3 से तर्रा, खुड़मुड़ी-झीट-मोतीपुर, पाटन-रानीतराई-जामगांव आर, सेलूद जामगांव आर, गाड़ाडीह से फुण्डा, बोरसी से उतई, मोतीपुर-जामगांव-लोहरसी, खर्रा से बरबसपुर, पाटन-मोतीपुर मुख्य मार्ग से सिपकोन्हा, बीजाभाठ से सुरपा, पाटन-मोतीपुर मुख्य मार्ग से ठकुराइनटोला, फुण्डा नहर से अरसनारा, सिकोला से सोनपुर, गुढ़ियारी से कानाकोट, दुर्ग-राजनांदगांव महमरा मुख्य मार्ग, रवेली से राखी और मानिकचौरी से गोड़पेण्ड्री।

 
 
पंचायत तंत्र – भिलाई । पिछले दस जुलाई को नगर निगम में होने वाली सामान्य सभा निगम के नेता प्रतिपक्ष के कोरोना पॉजेटिव होने की आशंका के कारण निरस्त होने के बाद आज नगर निगम भिलाई की सामान्य सभा हुई। सामान्य सभा शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर काफी देर तक तीखी नोकझोंक होता रहा। विपक्ष के सीनियर पार्षद वशिष्ठ नारायण मिश्रा ने सर्वप्रथम पानी का मुद्दा उठाते हुए सभापति से पूछा कि 90 प्रतिशत पानी दुर्ग ग्रामीण को मिलेगा और 10 परसेंट भिलाई नगर निगम क्षेत्र के रहवासियों को मिलेगा । इस संबंध में प्रशासनिक पत्राचार आखिरकार क्यों नहीं हुआ, कहां कमी रह गई इसका जवाब सत्ता पक्ष व निगम के अफ सर दें. क्योंकि परिसीमन होने के बाद रिसाली नया नगर निगम बन गया, भिलाई नगर निगम उसे पहले भी सहयोग करता था और आगे भी करेगा। युवा पार्षद पियुष मिश्रा ने 9000 एलईडी लाइट कहां कहां लगी कौन सी एजेंसी थी मामले की जांच करने की मांग की है साथ ही अर्चना जैन की बनी कंपलेक्स की उच्च स्तरीय जांच की मांग राज्य सरकार से की है। समान्य सभा में वशिष्ठ नारायण मिश्रा ने आगे कहा कि यहां पूरा देश कोविड-19 से लड़ रहा है और चिंता कर रहा है लेकिन राज्य सरकार नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के कामों में ही मस्त और व्यस्त हैं. उन्हें लोगों के अनाज की चिंता नहीं है उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 56 करोड़ की राशि बिना सामान्य सभा के अनुमति से ठेकेदारों को भुगतान कर दी गई है. जिन लोगों ने निगम क्षेत्र में जमीन लिया पर बनवाया नहीं है ऐसे कई लोगों ने लगभग 4 करोड रुपए निगम के खाते में जमा कराएं हैं. खाली पड़े 253 प्रकरण पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। वहीं पानी के मामले में अब तक हर वर्ष निगम टैंकर व ट्रक के माध्यम से पानी की सप्लाई करते आ रहा है. पार्षद छोटे लाल चौधरी जो कि एक व्यापारी भी है उन्होंने अपने स्वयं के व्यय 7 से 8 लाख क्षेत्र की जनता के लिए अब तक इतने सालों से अपने खर्चों पर जनता को पानी पिलाने का दायित्व उठाया. लेकिन खुर्सीपार के पार्षद अनिल सिंह व अन्य पार्षद कहां से पानी की व्यवस्था कर पाएंगे, बीएसपी क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने की आखिरकार क्या जरूरत थी और किसके परमिशन से पाइपलाइन बिछाया गया. जबकि बीएसपी के रहवासी आज भी बदबूदार और गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है। टाउनशिप के कई सेक्टरों में सेक्टर आज उजाड़ हो चुके हैं उनके सिवरेज और पाइपलाइन के मामलों में निगम और बीएसपी के अफसरों की क्या रणनीति है उसे भी स्पष्ट किया जाये। कोई भी फिल्टर प्लांट चलाना इतना आसान काम नहीं है उसके लिए संचालन व संधारण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नीला पीला हरा रंग का पाइप जो बिछाया जा रहा है वह अमरावती की कंपनी को काम देने के लिए किया गया था लेकिन इस कंपनी ने किसी भी प्रकार से गाइडलाइन का पालन नहीं की है। आज कई जगह पर लाइन बिछ गया है। कई जगह टंकी भी बन गई है लेकिन नलों में प्रेशर नहीं आ रहा है और पानी भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है ।
अमृत मिशन के तहत 242 करोड रुपए के लागत से 66 एमएलडी तथा पुरैना में दो एमएलडी का फिल्टर प्लांट बनाया जा रहा है। इस फिल्टर प्लांट से दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के रहवासी जिनमें तालपुरी, मरोदा, रिसाली, रूआबांधा, डुण्डेरा, पुुरैना जैसे वार्डों में जलापूर्ति होगी लेकिन भिलाई निगम क्षेत्र को इसका मात्र 10 प्रतिशत ही लाभ होगा। इन दोनो फिल्टर प्लांट का संधारण और संचालन भिलाई निगम करेगा। आखिर रिसाली निगम से भिलाई को क्या मिलेगा? इसका स्पष्ट खुलासा होना चाहिए।
परिसीमन के बाद रिसाली नगर निगम भिलाई नगर निगम की तुलना में बड़ा हो गया है भिलाई छोटा हो गया हमने 20 वर्षों तक रिसाली क्षेत्र का विकास किया लेकिन दुर्भाग्य है कि 242 करोड़ की योजना संपादित करने वाला यह निगम पानी भी नहीं दे पा रहा है ये भिलाई निगम की बड़ी विफलता है। पूर्व में रहे आयुक्त एसके सुंदरानी ने अनियमितताओं संबंधित कई मामलों की जांच कमेटियां प्रशासनिक अफसरों की बनाई जिसकी जांच रिपोर्ट का आज तक पता नही है। जबकि सात दिवस के भीतर एसी, एई व टाइम कीपर को रिपोर्ट पेश करना था लेकिन यह रिपोर्ट अब सपना बन गया है क्योंकि आज तक रिपोर्ट नहीं सौंपे। पानी बिजली सड़क पुल पुलिया बनाने का काम जनता के प्रतिनिधि को करना होता है, वो भी विवेक पर लागू होता है, प्रतिनिधि के लिए किसी डिग्री पीएससी की परीक्षा या आई एस की परीक्षा उतीर्ण करना जरूरी नहीं है. जो हम बोलेंगे उसे बहुमत से हम स्वीकृत करेंगे। आज भी निगम में कई बड़ी योजनाएं चल रही है।
सेक्टर 3 के पार्षद इंदिरा वर्मा ने पूछा कि मेरे वार्ड में एलईडी लाइट क्यों नहीं लगी इस सवाल का जवाब सदन में बैठै भाजपा पार्षद और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडे बताएं। वर्मा इसका तख्ती लेकर अध्यक्ष की आसंदी तक चली गई, उस समय पूर्व मंत्री पाण्डेय के पार्षदों ने ढिढोंरा पीट कर कहा था कि टाउनशिप के सभी वार्डोँ में एलईडी लाईट लगेगी, लेकिन मेरे वार्ड में आज तक नही लगी। 88 लाख के एलईडी टेंडर 9000 लाइटिंग लगना था वह कहां गया और किस जगह लगाया गया। उधर एलईडी मामले में एमआईसी मेंबर लक्ष्मीपति राजू ने कहा कि तत्कालीन सरकार में जनप्रतिनिधि भाजपा पार्षदों के द्वारा उस समय विरोध और प्रश्न बाजी क्यों नहीं की गई। आखिरकार आज क्यों एलईडी का मुद्दा उठाया जा रहा है। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि जब उनकी सरकार थी, उस समय अपना मुंह को क्यों नहीं खोलें। इससे साफ स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार उनके कार्यकाल में ज्यादा हुआ है. पार्षद लक्ष्मीपति, सुभद्रा सिंह, साकेत चंद्राकर, राजेश चौधरी, जोहन सिन्हा सहित कई पार्षदों ने उस समय इस बात पर आपत्ति जताई जब सभापति ने सेक्टर 3 की पार्षद इंदिरा वर्मा द्वारा अध्यक्ष की आसंदी के पास तख्ती लेकर आने पर पार्षद इंदिरा वर्मा को सभापति ने यह कह दिया कि आंटी आप अपने स्थान पर जाकर बैठ जाओ। इसके कारण भी निगम के सामान्य सभा का माहौल काफी देर तक गर्माया रहा। इन पार्षदों का कहना था कि सभापति को अपने पद गरिमा की चिंता नहीं है वह सम्मानित पार्षद ना बोलकर आंटी शब्द का प्रयोग किया. इस दौरान सभापति श्याम सुंदर राव भी थोड़ा उग्र हो गए थे और कहा कि सत्ता पक्ष कुछ भी बोलेगा तो मैं सुनता रहूंगा क्या। ।
इस दौरान महापौर ने हस्तक्षेप करते हुए लक्ष्मीपति राजू और अन्य पार्षदों को शांत कराने के साथ ही सभापति को भी उत्तेजित रूप नही अपनाने का आग्रह किया। पार्षद साकेत चन्द्राकर ने कहा कि कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय भी विधानसभा अध्यक्ष व अन्य कई पदों में रहे लेकिन विपक्ष के भाजपा पार्षद उनसे कुछ सीख नही पाये। कि सदन कैसे चलाया जाता है, सदन की गरिमा कैसी होनी चाहिए और सदन में कैसे रहा जाता है मैं इस बात को इसलिए कह रहा हूं कि ये सभी पार्षद पाण्डेय जी के कटटर समर्थक और शिष्य है। उधर पार्षद सूर्यकांत सिन्हा ने भी सभापित पर सीधे भेदभाव करने का आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष को अधिक बोलने का समय देतेहै जबकि शहर सरकार को कम बोलने का समय देते है। वही पियुष मिश्रा ने अध्यक्ष से कहा कि सभापति सूर्यकांत को दो घंटे बोलने का विशेष समय दें। नेता प्रतिपक्ष रिकेश सेन क्वारांटाईन होने के कारण सामान्य सभा में नही दिखे। उनकी कमी को पूरा करने का प्रयास वशिष्ट मिश्रा, पियुष मिश्राऔर रिंकू साहू ने जमकर शहर सरकार को घेरने का किया। पियुष मिश्रा ने कहा कि हम सब एक है सभी भाजपा पार्षद नेता प्रतिपक्ष है, सदन में शहर सरकार के भ्रष्टाचार को उठाते रहंगेे।
 

पंचायत तंत्र- दुर्ग । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले में हरियाली के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे हर घर-एक पेड़ अभियान की सफलता के लिए जिले के निवासियों को पत्र लिखकर शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा है कि जिले के नागरिकों की इस अभियान में भागीदारी से हरियर दुर्ग की कल्पना साकार हो सकेगी ।

सीएम बघेल ने जिलेवासियों के नाम जारी पत्र में लिखा है कि आपके दुर्ग जिले में हरियाली के विस्तार एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए हर घर एक पेड़ अभियान (वन होम-वन ट्री कैंपेन) चलाया जा रहा है. प्रकृति को सहेजने के पुनीत उद्देश्य से यह महती अभियान जिले में 6 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है. हम सब इस दिन अपने घर में पौधे लगाएंगे. जनसरोकारों से जुड़े कार्याें में दुर्ग जिले के नागरिकों की हमेशा अग्रणी भागीदारी रही है. पौधरोपण ऐसा ही कार्य है हम जितने पेड़ लगाएंगे, प्रकृति को उतने ही बेहतर तरीके से सहेज पाएंगे. अपने घरों में पौधे लगाने पर उन्हें सहेजने में हमें आसानी होगी ।
मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों से आग्रह करते हुए पत्र में लिखा है कि इस अभियान अंतर्गत 6 जुलाई को अपने घर में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और इसे सहेजे भी. स्वयं पौधे लगाएं और अपने पड़ोसियों को, परिचितों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित करें. इस अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर, शासकीय कार्यालयों में, प्रमुख मार्गाें पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण भी होगा. कुपोषण मुक्त दुर्ग बनाने बड़े पैमाने पर स्कूलों, आश्रम-छात्रावासों और आंगनबाडी केन्द्रों में मुनगा के पौधों का रोपण भी होगा. आने वाली पीढ़ी को सबसे अच्छा तोहफा आप हरियाली के रूप में दे सकते हैं. बघेल ने उम्मीद जताई है कि जिले के लोगों की भागीदारी से वन होम-वन ट्री कैंपेन सफल होगा और एक ही दिन में आप लोगों द्वारा किए गए इस महती प्रयत्न से भविष्य में हरियर दुर्ग की कल्पना साकार हो सकेगी ।

 

 
 पंचायत तंत्र-दुर्ग । रायपुर एम्स से भागा कोरोना पॉजिटिव युवक अपने गांव से निकलकर मर्रा गांव पहुंच गया था। यहां उसने 2-3 घंटे अपने साथियों के साथ पार्टी की थी। युवक ने अपने दोस्तों के साथ जमकर नशा किया था।  सरपंच ये जानकारी पुलिस को दी है। उतई थाना पुलिस अब संपर्क में आए युवकों की तलाश में जुट गई है। वहीं उन्हें क्वारंटाइन रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आपको बता दें कोरोना पॉजिटिव युवक एम्स से फरार होकर अपने गांव पहुंच गया था। अचानक मरीज के गांव में वापस आने से सनसनी फैल गई थी। युवक मोटर सायकल से अपने गांव पहुंचा था। गांव पहुंचने के बाद वो कंटेन्मेंट जोन स्थित अपने घर में जाकर अपनी मां से मुलाकात कर रुपए लेकर वापस लौटा था।
 

 
पंचायत तंत्र – दुर्ग ।  वन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में  19 मई को कलेक्टर कार्यालय दुर्ग के सभाकक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद् की बैठक आयोजित की गई है। यह बैठक 19 मई को दोपहर एक बजे से ढाई बजे तक आयोजित की गई है।

 
पंचायत तंत्र – छत्तीसगढ़/ भिलाई। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी के चलते पारिवारिक विवाद बढ़ गया. इस तरफ की घटना छत्तीसगढ़ के भिलाई से सामने आई है. मिली जानकारी के अनुसार पत्नी-पति ने खुद को आग लगा ली है. अभी दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है. दोनों को भिलाई सेक्टर-9 अस्पताल में एडमिट कराया गया है. पति का नाम खिलावन वर्मा और पत्नी का नाम नीलू वर्मा बताया जा रहा है. पति-पत्नी दोनों का सेक्टर-9 अस्पताल में इलाज जारी है. घटना भिलाई-3 थाना एकता नगर की है. पुलिस भी मामले की विस्तृत विवेचना में जुट चुकी है।

पंचायत तंत्र –  बेमेतरा lभारतीय जनता पार्टी ने कोरोना वायरस संक्रमण की वैश्विक संकट से निपटने के लिए संगठनात्मक स्तर पर व्यापक अभियान शुरू किया है भाजपा प्रदेश इकाई ने विभिन्न मोर्चों पर 1 साथ पहल कर वैश्विक महामारी के ख़ात्मे स्वस्थ भारत का निर्माण और इस संकट से जूझ रहे लोगों तक पहुँचने और सरकार व भाजपा द्वारा किये जा रही सहायता उपायों को ज़रूरतमंदों तक पहुँचाने के लिए प्रदेशभर में संपर्क समूह बनाया गया है जिसमें संभागी प्रमुख श्री राजेन्द्र शर्माजी जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश जोशी जी जिला संपर्क प्रमुख विकास धर दीवान जी
के निर्देशानुसार
मैं समस्त भाजपा वह मोर्चा के हर कार्यकर्ता से निवेदन  करती हूँ कोरोना वायरस से निपटने हेतु प्रधानमंत्री राहत कोष में कम से कम सौ रुपये का अनुदान अवसय दे तथा अन्य दस लोगों को भी इस नेक काय हेतु प्रेरित कर उनसे भी अनुदान दिलाएँ 
  सेक्टर वार अनुदान की जानकारी मंडल संपर्क प्रमुख वह जिला संपर्क समूह प्रमुख को अवगत करे या जिला अध्यक्ष संभाग समूह संपर्क प्रमुख को भी अवगत करावे 
 
प्रेषक 
मधु राय
जिला मंत्री भाजपा बेमेतरा 
अकाउंट नाम  PM CARES
अकाउंट नम्बर 2121 PM 20202
IFSC SBIN0000691
Swift code – SBININBB104
New Delhi, Main Branch 
 

पंचायत तंत्र – रायपुर: छत्तीसगढ़ से कोरोना वायरस को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजीटिव मरीज की संख्या दो पहुंच गई है. मिली जानकारी के मुताबिक आज राजनांदगांव में कोरोना वायरस (COVID 19) से संक्रमित दूसरा मरीज सामने आया है. कलेक्टर जे पी मौर्य ने इसकी पुष्टि कर दी है l

बताया जा रहा है कि कोरोना पाॅजिटिव मरीज हाल ही में थाईलैड घूमकर लौटा था. वहां से लौटने के बाद कोरोना का संक्रमण देखा गया.जांच कराए जाने के बाद रिपोर्ट पाॅजिटिव मिली. बता दें कि इससे पहले राजधानी रायपुर में लंदन से लौटी 23 साल की युवती में कोरोना पाॅजीटिव पाया गया था, जिसे एम्स में क्वारंटाइन में रखा गया है l

 

K. W. N. S. -रायपुर 16 फरवरी 2020/ कृषि और जलसंसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने विगत दिवस डोंगरगांव के जनसेवा मैदान में तीन दिवसीय लोक मड़ई और कृषि मेला 2020 का शुभारंभ किया। 
 
समारोह के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि प्रदेश में श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद  किसानों में नया आत्मविश्वास जागृत हुआ है।  सरकार बनते ही किसानों का कर्जा माफ, बिजली बिल हाफ, 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल धान की कीमत, धान बोनस के वितरण से किसानों के आत्मसम्मान में वृद्धि हुई है और उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। जिस दिन मुख्यमंत्री श्री भूपेश के नेतृत्व में सरकार बनी उसी दिन से किसानों और जनता को महसूस हुआ कि अब उनका राज आया है। श्री चौबे ने  कहा कि किसानों की सोच के अनुरूप हमारी सरकार कार्य करती है। खेती-किसानी और किसानों की बेहतरी के लिए प्रदेश ने नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना शुरू की है। यह योजना किसानों की तकदीर बदलेगी। 
 
श्री चौबे ने कहा कि खेतों की सिंचाई में जल संसाधन का बेहतर से बेहतर उपयोग करने व्यापक कार्य योजना बनाई गई है। प्रदेश में पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगभग 5 हजार गौठान विकसित किए जा रहे हैं। गांवों के आस-पास बहने वाले नदी-नालों को पुनर्जीवित कर भू-जल का स्तर बढ़ाया जाएगा। प्रदेश में कृषि का विकास करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खेती पर आधारित रोजगार को बढ़ावा देने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। छत्तीसगढ़ के गांव, गरीब और किसान खुशहाल हो यही हमारी सरकार की सोच है। 
 
 श्री चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री की गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की सोच के अनुरूप छत्तीसगढ़ को खुशहाली की ओर सतत अग्रसर करना है। कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सरकार ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक तीज-त्यौहारों को विशेष महत्व देते हुए जनमानस को नये उत्साह के साथ तीज-त्यौहार मनाने नई पहल की है। 
 
 कृषि मंत्री ने कहा कि छोटे स्वरूप में मड़ई शुरू करने वाले विधायक श्री दलेश्वर साहू एक सजग जनप्रतिनिधि के साथ  छत्तीसगढ़ी कला-संस्कृति के संरक्षक भी हैं। कला-संस्कृति के प्रति उनके रूझान के कारण छोटी सी मड़ई आज लोक मड़ई के रूप में भव्य रूप ले चुकी है। 
 
    श्री चौबे ने कृषि मेले के स्टॉलों का अवलोकन किया। लोक मड़ई  में स्कूल और कॉलेज के बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम  प्रस्तुत किया गया।