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 panchayattantra24.com,खंडवा/भोपाल। मध्य प्रदेश में उपचुनाव का काउंटडाउन शुरु हो गया है. दोनों प्रमुख राजनैतिक दल बीजेपी और कांग्रेस अपनी तैयारियां जोर-शोर से शुरु कर दी है. वहीं कांग्रेस ने खंडवा लोकसभा सीट से राज नारायण सिंह को टिकट देने पर मांधता के प्रभारी मंत्री विजय शाह का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी कमजोर नहीं है। 
दरअसल, खंडवा लोकसभा उपचुनाव में वन मंत्री विजय शाह को बीजेपी ने मांधता विधानसभा का प्रभारी मंत्री बनाया है. जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी राजनारायण सिंह पुरनी कमजोर प्रत्याशी नहीं है. मांधाता विधानसभा में उनकी अच्छी पकड़ है. वे मांधाता से ही हैं। 
प्रभारी मंत्री विजय शाह ने कहा कि राजनारायण सिंह ने मांधाता से तीन चुनाव लड़ हैं और एक उनका बेटा लड़ा, इसलिए उन्हें मांधाता के लिए कमजोर कैंडिडेट नहीं समझता हूं, लेकिन वे लोकसभा चुनाव हारेंगे. मैं किसी भी मुगालते में नहीं हूं पर बीजेपी मांधाता से भी जीत जाए यह हमारा पूरा प्रयास है। 
 

 
panchayattantra24.com,सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले में विंध्य पर्वत श्रेणियों के मध्य त्रिकूट पर्वत पर स्थित है विश्व प्रसिद्ध मैहर धाम। इन्हें मैहर वाली माता के नाम से भी जाना जाता है। यह मां भवानी के 51 शक्तिपीठों में से एक आदि शक्ति मां शारदा देवी का मंदिर है। मान्यता है कि मां शारदा की पहली पूजा आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। माता के दर दूर-दूर से अपनी मुरादें लेकर पहुंचते हैं और मां शारदा की महिमा का गुणगान करते हैं।
 
मान्यता है कि कलयुग में अपने भक्त की भक्ति से प्रशन्न होकर माता ने आल्हा-उदल नाम के दो भाइयों को अमरता का वरदान दिया था। कहा जाता है कि आज भी माँ शारदा की पहली पूजा आल्हा-उदल देव ही करते हैं।
मैहर पर्वत का नाम प्राचीन धर्म ग्रंथों में मिलता है। इसका उल्लेख पुराणों में भी है। मां शारदा देवी के दर्शन के लिए 1063 सीढ़िया चढ़कर माता के भक्तों मां के दर्शन करने जाते हैं। यहां हर दिन हजारों माता के भक्त अपनी मन की मुराद पूरी करने की अर्जी लेकर आते हैं। करोना काल में पिछले तीन मेले नहीं लगे। इस साल कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए भक्तों को मां के दर्शन करने की प्रशासन ने अनुमति दी है।
माता सती का हार गिरने के कारण पड़ा मैहर नाम
मान्यता है कि दक्ष प्रजापति की पुत्री सती भगवान शिव से विवाह करना चाहती थी। उनकी इच्छा राजा दक्ष को मंजूर नहीं थी। फिर भी माता सती अपनी जिद पर भगवान शिव से विवाह किया था। एक बार राजा दक्ष ने यज्ञ करवाया था। उस यज्ञ में ब्रह्मा,विष्णु, इंद्र समेत सभी देवी-देवताओं को बुलाया था। दक्ष ने भगवान शिव को नीच मानते हुए उन्हें यज्ञ में आने का न्योता नहीं दिया था। सती ने अपने पिता दक्ष से शंकर जी को आमंत्रित ना करने का कारण पूछा। इस पर राजा दक्ष ने भगवान शंकर को अपशब्द कहे। अपने पति के अपमान से आहत होकर माता सती ने यज्ञ अग्नि कुंड में कूद कर अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
भगवान शंकर माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर ब्रह्मांड में घुमने लगे। ब्रह्मांड की भलाई के लिए भगवान विष्णु ने सती के शरीर को 52 भागों में विभाजित कर दिया था। जहां भी सती के अंग गिरे वहां शक्तिपीठों का निर्माण हुआ। माना जाता है कि यहां पर भी माता सती का हार गिरा था, जिसकी वजह से मैहर नाम पड़ा। मैहर का नाम पहले मां का हार अर्थात माई का हार था, जो बाद में अप्रभंश होकर मैहर नाम पड़ गया। 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ मैहर मां शारदा देवी के मंदिर को माना गया है।
देश-विदेश से दर्शन करने आते हैं माता के भक्त
त्रिकूट पर्वत की चोटी पर ये मंदिर लोगो की आस्था का क्रेंद बन चुका है। देश विदेश से माता के भक्त उनकी दर्शन करने पहुंचते हैं। ।इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी है। ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर आल्हखंड के नायक आल्हा-उदल दो सगे भाई मां शारदा के अनन्य उपासक थे। आल्हा-उदल ने ही सबसे पहले जंगल के बीच मां शारदा देवी के इस मंदिर की खोज की थी। इसके बाद आल्हा में इस मंदिर में 12 साल तक तपस्या कर देवी को प्रसन्न किया था। माता ने उन्हें प्रसन्न होकर अमर होने का आशीर्वाद दिया था।
मंदिर के तलहटी में आज भी आल्हा देव के अवशेष सुरक्षित
मां शारदा मंदिर प्रांगण में स्थित फूलमती माता का मंदिर आल्हा-उदल की कुल देवी हैं। जहां हर दिन ब्रम्ह मुहूर्त में खुद आल्हा-उदल मां की पूजा अर्चना करते हैं। मां के मंदिर के तलहटी में आज भी आल्हा-उदल देव के अवशेष हैं। उनकी तलवार और खड़ाऊ आम भक्तों के दर्शन के लिए रखी गई है। पास ही आल्हा तालाब भी है। अल्हा-ऊदल का अखाड़ा भी है।
 

 
 panchayattantra24.com,भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीजेपी के कांग्रेस मय होने वाले बयान पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय और उनके चेले राहुल बाबा की तुष्टिकरण की नीति है. उन्होंने दिग्विजय सिंह के इस बयान को टुकड़े-टुकड़े गैंग की भर्ती करने का परिणाम बताया है। 
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि देश राष्ट्रवाद का पक्षधर है. कांग्रेस महान भारत को बदनाम भारत करने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि गुरु और चेला झाड़ू लगा रहे हैं, कांग्रेस शून्य पर आ गई है। 
वहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव में कांग्रेस के घोषणा पत्र पर भी हमला बोला है. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस सारी सीट जीत भी जाए तो क्या सरकार बन रही है क्या..? ये वादे पूरे कैसे करेंगे जो लोगों से वादे कर रहे हैं, घोषणा पत्र में कांग्रेस क्या करेगी. उन्होंने कहा कि सामूहिक घोषणा पत्र में भी देखा था जिसमें कांग्रेस ने तमाम वादे किए. कांग्रेस जनता को गुमराह करती है। 
बता दें कि दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा है कि ”भाजपा अब कांग्रेस मय होती जा रही है. मुझे पुराने भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ताओं पर दया आती है. अब भाजपा पूरी तरह से टिकाऊ लोगों को छोड़ कर पूरे तरीक़े से बिकाऊ लोगों पर निर्भर हो चुकी है। 
 

 
 panchayattantra24.com,भोपाल। प्रमोशन में रिजर्वेशन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में आज से फाइनल सुनवाई शुरू होगी. आज से सुप्रीम कोर्ट मामले पर नियमित सुनवाई करेगा. मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से विशेष अधिवक्ता मनोज गोरखेला पक्ष रखेंगे. एमपी में 30 अप्रैल 2016 से प्रमोशन बंद है। 
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को 30-30 मिनट का समय दिया है. 14 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को तीन हफ्तों का समय दिया था. हालांकि अब 10 अक्टूबर को मामले में कोर्ट फैसला सुनाएगा। 
क्यों रुके हुए हैं प्रमोशन
2002 नियम के अनुसार 2016 तक प्रमोशन में आरक्षण मिला. 2016 में हाईकोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगा दी. हाईकोर्ट में रोक के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची. 2016 में प्रमोशन में आरक्षण रद्द की याचिका भी हुई. यह याचिका सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने लगाई थी. मामले में सपाक्स का तर्क था कि प्रमोशन जूनियर को मिल रहा है. जूनियर प्रमोशन में आरक्षण पाकर उनका सीनियर हो रहा है। 
प्रमोशन अटकने के साइड इफेक्ट-
अगर प्रमोशन अटकने के साइड इफेक्ट की बता करें तो हर साल 17 से 18 हजार बिना प्रमोशन के रिटायर हो जाते हैं. अब तक 78-80 हज़ार कर्मचारी बिना प्रमोशन के रिटायर हुए. रोक के कारण किसी भी वर्ग को प्रमोशन नहीं मिल रहा है. प्रमोशन नहीं मिलने से न पद बढ़ रहा है न सैलरी. बीच का रास्ता निकालने सीएम शिवराज सिंह ने  5 मंत्रियों की कमेटी बनाई है. हालांकि कमलनाथ ने भी बनाई थी कमेटी, लेकिन कोई हल नहीं निकला। 
 

panchayattantra24.com,भोपाल। मध्यप्रदेश में तीन विधानसभा और एक लोकसभा सीटों की तिथि जारी हो गई है। तिथि जारी होने के साथ ही प्रत्याशी चयन को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है। उपचुनाव को लेकर भाजपा की बैठक पार्टी के कार्यालय में शुरू हो गई है।
बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा, खंडवा से टिकट की दावेदार अर्चना चिटनीस, नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान भी पहुंचे हैं। साथ ही विधायक मांधाता और खरगोन सांसद भी बैठक में मौजूद हैं। चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष खंडवा के टिकट दावेदारों से कुछ देर मे अलग से मुलाकात करेंगे।
यह रूटीन बैठकः प्रदेश अध्यक्ष 
बैठक पर वीडी शर्मा ने कहा कि यह रूटीन बैठक है। हम लगातार बैठक करते हैं। उपचुनाव की तैयारी को लेकर बैठक होगी। वहीं टिकट की दावेदारी पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व टिकट किसे मिलना है यह तय करता है। उस फैसले पर कार्यकर्ता काम में जुड़ जाते हैं।
इधऱ पृथ्वीपुर के कार्यकर्ता बोले- स्थानीय प्रत्याशी को मिले टिकट
भाजपा में टिकट को लेकर घमासान शुरू हो गया है। बड़े मंत्रियों के साथ स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का मिलन दौर शुरू हो गया। बीजेपी में भी टिकट को लेकर घमासान शुरू हो गया है। पृथ्वीपुर के कार्यकर्ता वीडी शर्मा से मिलने उनके घर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रत्याशी को टिकट देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि हर बार बाहरी व्यक्ति को टिकट दे दिया जाता है। जिसके कारण हमें हार का मुंह देखना पड़ता है। चुनाव हारने के बाद वो नेता भी दिखाई नहीं देते हैं।
 

पंचायत तंत्र 24.com, भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद कैलाश नारायण सारंग का आज निधन हो गया. वो कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग के पिता थे. बताया जा रहा है कि कैलाश बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे. अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें एयर एंबुलेंस कर मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज समेत कई नेताओं ने शोक जताया है । 
इससे पहले कैलाश सारंग की तबीयत सितंबर महीने में ही बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें भोपाल के बंसल हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. यहां पर उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं होने पर उन्हें नवंबर के पहले सप्ताह में एयर एंबुलेंस से मुंबई ले जाया गया था । 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी के हम सभी कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शक, मुझे पिता समान स्नेह, प्यार और आशीर्वाद देने वाले हमारे प्रिय बाबूजी श्रद्धेय कैलाश सारंग जी का देवलोकगमन आज हुआ है. हृदय व्यथित है और मन पीड़ा से भरा हुआ है. ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें । 
गौरतलब है कि स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी और राजमाता विजयाराजे सिंधिया के साथ मिलकर मध्यप्रदेश में जनसंघ की नींव मजबूत करने में कैलाश सारंग की अहम भूमिका रही है. कैलाश सारंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘नरेंद्र से नरेंद्र’ शीर्षक से किताब लिख चुके हैं. इसमें नरेंद्र मोदी के संघर्ष के दिनों से लेकर देश की सत्ता संभालने तक के सफर पर लिखा है. सांरग इमरजेंसी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए कई महीनों जेल में भी रहे थे । 
कैलाश सारंग के जीवन पर बन रही फिल्म 
पिछले साल ही उनके जीवन पर केंद्रित एक मोटिवेशनल फिल्म बनाने का निर्णय लिया गया था. इस फिल्म के लेखक, निर्देशन पंकज श्रीवास्तव विद्यापुत्र कर रहे हैं. निर्देशक के मुताबिक मध्यप्रदेश में भाजपा के संस्थापक सदस्य रहे कैलाश सारंग के जीवन के उतार-चढ़ाव बताया जाएगा. उनके जरिए राजनैतिक और सामाजिक कार्यों को दिखाकर नई पीढ़ी को प्रेरणा दी जाएगी । 
 
 

पंचायत तंत्र 24.com,बेंगलुरु। प्रख्यात लेखक, पत्रकार और फिल्मी दुनिया से जुड़े रवि बेलागेरे का आज तड़के सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. रवि ने 62 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. छाती में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन पर कई नेताओं, लेखकों और फिल्मी हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है ।
रवि बेलागेरे ने हाय बेंगलुरु की स्थापना की थी. उनकी यह कन्नड़ टैब्लॉइड काफी लोकप्रिय है. उन्होंने कन्नड पत्रकारिता क्षेत्र में एक नया आयाम स्थापित किया. कई पुस्तकें, यात्रा वृतांत और विभिन्न व्यक्तित्वों के आत्मकथाएं लिखी हैं. इसके अलावा शिक्षा संस्थान प्रार्थना भी स्थापित किया जिसमें हजारों छात्रों ने प्रवेश लेकर गुणवत्ता परक शिक्षा प्राप्त कर रहे  ।
15 मार्च 1958 को बल्लारी में जन्मे रवि बेलागेरे अपनी अनूठी और आकर्षक शैली के साथ एक घरेलू नाम बन गए. उन्होंने टेलीविजन और सिल्वर स्क्रीन पर भी हाथ आजमाया था. बेलागेरे अपने लोकप्रिय कन्नड़ टैबलॉयड “हाय बैंगलोर से कर्नाटक में एक जाना माना नाम थे. उनके 70 से अधिक साहित्यिक कार्य जिसमें कथा, अनुवाद, कहानी, कॉलम लेखन और जीवनी शामिल हैं ।
उन्हें अपराध की दुनिया पर उनके लेखन और उनके स्तंभ ‘पपीगला लोकदल्ली’ के लिए जाना जाता था. बेंगलुरु अंडरवर्ल्ड पर एक श्रृंखला बहुत लोकप्रिय थी. रवि को कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार, राज्योत्सव पुरस्कार और अन्य लोगों के बीच लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए कर्नाटक मीडिया अकादमी पुरस्कार सहित कई पुरस्कारों मिल चुके थे ।
 

 
पंचायत तंत्र-भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कृषि अध्यादेशों के विरोध में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के पक्ष में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने अध्यादेशों की मंशा और नीयत पर सवाल खड़े करते हुए चौतरफा हमले किए ।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने बताया कि कृषि आर्थिकी में कोई भी सुधार न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किए बिना किसानों का हितैषी नहीं हो सकता. नये अध्यादेश शोषण और छोटे किसानों के दमन को मौका देते हैं. उन्होंने बताया कि देश में 86.21 प्रतिशत किसानों के परिवार में 5 एकड़ से कम की जोत है. क्या ऐसा किसान कारपोरेट अनुबंधों के खिलाफ मुकदमे लड़ सकता है? जो किसान पेट भरने की लड़ाई लड़ रहा है ,फसल के मूल्य की लड़ाई लड़ रहा है, क्या वह वकील की फीस भी चुका सकता है. टीएस सिंहदेव ने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि कांट्रैक्ट फार्मिंग वर्तमान परिस्थितियों में शोषण और किसानों की लूट को हवा देने का हथियार बन गया है ।
उन्होंने बताया गुजरात में पेप्सीको कंपनी ने कई किसानों पर लेय्ज में लगने वाले आलू पैदा करने के खिलाफ मुकदमे लगा रखे हैं. स्वयं प्रधानमंत्री उन किसानों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं. अनुबंधों में बंधा किसान इस तरह चक्रव्यूह में फंसाया जायेगा. यदि ऐसा ही पूरे देश में 1 एकड़ 2 एकड़ की होल्डिंग रखने वाले किसान के साथ हुआ तो सरकार उसे क्या संरक्षण देगी, यह बताएं? भारतीय जनता पार्टी की नीयत तो शांता कुमार कमेटी से ही जाहिर हो चुकी थी ।
सिंहदेव ने सवाल किया कि अगर न्यूनतम समर्थन मूल्य सरकार कहती है कि खत्म नहीं होगा. तो इसे अध्यादेश में लिखने में क्या आपत्ति है ? सरकार ने उसे अध्यादेशों में क्यों नहीं लिखा. उल्टे आध्यादेशों में यह लिखा गया है कि जब तक व्यापारी ₹100 के ₹200 कमाता है तब तक सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, यानी सरकार की मध्यस्थता तब शुरू होगी जब 100 का माल 201 में बेचा जाएगा ।
यह उपभोक्ता की लूट का कानूनी प्रावधान है? कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है. सिंहदेव ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब केन्द्र सरकार द्वारा उपभोक्ता मामलों पर बनाए गए वर्किंग ग्रुप के सदस्य थे, तब उन्होंने स्वयं उस बैठक में यह मुद्दा डलवाया था कि कोई भी अंतर राज्यीय आदान-प्रदान बिना न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित किए वैध नहीं माना जाना चाहिये. तब आज प्रधानमंत्री की हैसियत में वे इसी संरक्षण को कानून से क्यों गायब रखना चाहते हैं ? इसका उत्तर आना चाहिए ।
सिंहदेव ने कहा कि संघीय ढांचे में शेड्यूल सात एवं कॉन्करेंट सूची के अनुसार कृषि राज्य का विषय है. इसमें कोई भी दखल संवैधानिक बुनियादी अधिकार का अतिक्रमण है. राज्य सरकारों के अधिकारों पर कुठाराघात है ।
सिंहदेव ने आश्चर्य व्यक्त किया कि राज्यसभा में जिस तरह से मत विभाजन को टाला गया. वह हिटलर शाही की ओर देश को ले जाने वाला है. जब सरकार बहुमत में है तो उसे मत विभाजन से क्या डर था यह उसे बताना चाहिए. धीरे धीरे देश को ऐसे रास्ते पर धकेला जा रहा है कि जिस का बहुमत है वह देश पर अपनी मनमर्जी थोप सकता है. कांग्रेस पार्टी इसे होने नहीं देगी ।
 

 
पंचायत तंत्र- मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में शिवसेना के पूर्व प्रदेश प्रमुख रमेश साहू की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. वहीं रमेश साहू की पत्नी और बेटी को आरोपियों ने चोट पहुंचाई है. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. जिसके बाद मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
मध्य प्रदेश शिवसेना के पूर्व  प्रमुख रहे रमेश साहू की इंदौर के पास उमरी खेड़ा में गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया. रमेश साहू उमरी खेड़ा में साईं राम ढाबा संचालित करते थे. रमेश साहू की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की है. वहीं बीच बचाव करने आई मृतक की पत्नी और बेटी को भी आरोपियों ने चोट पहुंचाई है. जिसमें वो घायल हो गईं।
हालांकि घटनास्थल से कोई सामान या पैसा चोरी नहीं किया गया है. आरोपियों ने केवल हत्या की वारदात को ही अंजाम दिया है. जिसके चलते पुलिस घटना के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जता रही है. वहीं घटना के बाद रमेश साहू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बता दें कि मध्य प्रदेश में करीब 10 साल से अधिक समय तक रमेश साहू प्रदेश शिवसेना प्रमुख रहे हैं. ताजा मामले में अज्ञात बदमाश खंडवा रोड़ स्थित शिवसेना के पूर्व प्रदेश प्रमुख रमेश साहू के ढाबे पर पहुंचे और उन्होंने शिवसेना के पूर्व प्रदेश प्रमुख की हत्या को अंजाम दे दिया ।
 

 
पब्लिकयूवाच-मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के इंदौर में एक तस्करी पुलिस को चकमा देने के लिए तस्करों की गैंग अनोखा तरीका अपना रही  एक अजीब मामला देखने को मिला जहां गांजा तस्करों ने तस्करी का तरीका ही बदल दिया. पुलिस को चकमा देने के लिए तस्करों की गैंग अनोखा तरीका अपना रही है. दरअसल, तस्कर गांजे को प्रोसेसिंग कर कंडे की तरह बना रहे हैं और फिर आसानी से पुलिस की चेकिंग के बीच निकल जाते हैं. ऐसा ही मामला बहुत समय से चल रहा था ।
एसपी नारकॉटिक्स दिलीप सोनी ने बताया कि पहले तस्कर गांजे को बोरे में भरकर लाया करते थे. गांजे की बदबू से तस्कर पुलिस की पकड़ में आ जाते थे लेकिन अब वे प्रोसेसिंग कर उसकी बेहतरीन पैकिंग करते हैं और फिर ठिकाने लगाते हैं ।
इतना ही नहीं, तस्कर अब गांजे को ऑर्गेनिक बताकर दोगुनी कमाई कर रहे हैं. हॉल ही में नारकॉटिक्स विंग ने 20 लाख रुपये का गांजा पकड़ा है. पकड़े गए तस्कर इसी तरह से गांजा ले जा रहे थे ।