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इंदौर। कॉमेडी में किशोर कुमार, मेहमूद, चार्ली चैप्लीन और मेहनत में अमिताभ बच्चन को अपना आदर्श मानने वाले कॉमेडी के सुपर स्टार जॉनी लीवर रविवार को शहर में थे। थियेटर, फिल्म इंडस्ट्री और टेलीविजन की दुनिया के साथ लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाले जॉनी चाहे पर्दे या मंच पर हों या फिर रूबरू चर्चा करें, जो बातें उनकी जुबां बयां करती हैं उसमें उनका साथ अचानक बड़ी-बड़ी हो जाती आंखें व झटके से घूमते हाथ भी देते हैं। शायद यही वह कला है जिसे सेंस ऑफ ह्यूमर के साथ जोड़ते हुए उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
कॉमेडी शो में प्रस्तुति देने आए जॉनी लीवर ने मीडिया से भी चर्चा की। इस चर्चा में उन्होंने अपनी व्यस्तता और खालीपन दोनों के बारे में बेबाकी से बात की। वे बताते हैं कॉमेडी का हुनर बेशक ईश्वर से तोहफे में मिला लेकिन उसे तराशने का काम किशोर कुमार और मेहमूद की कॉमेडी देखकर किया। शायद यही वजह है कि मेरी कॉमेडी में आज भी द्विअर्थी बातें नहीं होती। आज की पीढ़ी यह नहीं समझती कि ये दोनों कितने बड़े कलाकार थे। जिन्होंने कोई एक्टिंग स्कूल ज्वाइन किए बिना अपना अहम स्थान बनाया। जहां तक बात लोगों को हंसाने और खुद के खुश रहने की है तो इसके लिए कॉमेडियन को भीतर से मजबूत होना पड़ता है। ठीक चार्ली चैप्लीन की तरह। जिसके जीवन में दुखों की कमी नहीं थी, लेकिन उन्होंने उन गमों को किनारा कर औरों को हंसाया।
भोपाल। एक फरवरी, मोदी सरकार का अंतरिम बजट या चुनावी बजट या फिर जनता का बजट। नाम कुछ भी हो, लेकिन शुक्रवार को यह देश का सबसे बड़ा इवेंट साबित हुआ। घोषणाएं होती रही तालियां बजती रही। हर किसी की निगाह सिर्फ टेलीविजन पर टिकी हुई थी।
बजट को लेकर हरिभूमि की टीम ने बरकतउल्ला में पढ़ने वाले और वॉयस हॉस्टल में रहने वाले युवाओं से बात की। उन्होंने कहा यह बजट पूरा भी है और अधूरा भी। जो उम्मीदें युवाओं ने लगाई थी, उन पर मोदी सरकार खरी नहीं उतर सकी।
बेरोजगारों के लिए कोई खास नहीं
छात्र आसिफ इकबाल का कहना है कि यह बजट बेरोजगारों के लिए कोई खास नहीं रहा। युवाओं ने इस बजट में रोजगार के विकल्प तलाशे थे, लेकिन हाथ कुछ नहीं आया है। युवाओं को उम्मीद थी कि सरकार युवाओं को रोजगार देने में कोई ठोस कदम उठाएगी।
रोजगार के संसाधन उपलब्ध करवाने की दिशा में उठाने चाहिए कदम
छात्रा साक्षी मिश्रा का कहना है कि आज देश की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है। केंद्र सरकार को युवाओं के लिए रोजगार के संसाधन उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए थे। वहीं, युवतियों की बात करें तो नगदी निकासी के लिए छूट दी जानी चाहिए थी। क्योंकि, मौजूदा समय में बहुत सी महिलाएं ज्यादा शिक्षित नहीं है।
युवाओं को निराश किया
छात्र गौरव पटेल का कहना है कि मेरे पिता किसान है। सरकार ने कृषि क्षेत्र में तो काम किया है, लेकिन युवाओं को निराश किया है। युवाओं ने सरकार से उम्मीद लगाई थी कि छात्रावास व्यवस्था दुरुस्त होगी। शिक्षा स्तर को सशक्त बनाया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
सिंगरौली। सिंगरौली में देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे में ट्रक ड्राइवर जिंदा जल गया। हादसा उस वक्त हुआ, जब तेज रफ्तार से आ रहे दो ट्रक टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ मिनटों में ट्रक धू-धूकर जल उठा। एक ट्रक के ड्राइवर को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वो जिंदा जल गया। रात का वक्त होने की वजह से वक्त पर मदद नहीं मिल सकी। तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक रहा हो। दोनों ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो चुके हैं। चालक का नाम संतोष कुमार साह है। अभी उनका पोस्टमार्टम जिला अस्पताल बैढन में किया जा रहा
इंदौर । लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी किए जाने वाले वार्षिक कैलेंडर में इस बार इंदौर के कलाकार की रचनात्मकता नजर आ रही है। महात्मा गांधी के संदेशों, विचारों और कार्यों को आत्मसात करने के लिए इस बार उन्हीं पर आधारित कैलेंडर प्रकाशित किया गया है। 12 पन्नों वाले इस कैलेंडर को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कुछ अलग रूप से लाने का सोचा था, जिसे शहर के युवा चित्रकार सारंग क्षीरसागर की कलाकृतियों से सजाया गया है।
इस कैलेंडर में न केवल गांधीजी के संदेशों को अंकित किया गया है, बल्कि चित्रकारी के जरिए उनकी उस विचारधारा को भी दर्शाने का प्रयास किया है, जो हर दौर की आवश्यकता और समसामयिकता है। गांधीजी की घड़ी, चश्मा, चरखा, छड़ी, चप्पल, नमक, तीन बंदर आदि के जरिए विचारों को जनमानस तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
कलाकार सारंग बताते हैं हर पन्नों की डिजाइन में इस बात का ध्यान रखा गया कि कैलेंडर देखने वाले का ध्यान केवल गांधीजी पर ही केंद्रित होकर न रह जाए, बल्कि उनके उस संदेश को समझ सके, जिसे वे देना चाहते थे। इसलिए चरखे के बैकग्राउंड में लूम पर तिरंगा बुनते कारीगरों के साथ सभी मजहब के लोगों को लिया जोकि स्वावलंबन, एकता की बात कहता है। उनकी घड़ी का चित्र बनाकर बैकग्राउंड में बापू की प्रार्थना सभा बनाई गई है। उनका चश्मा बनाकर उसके रिफ्लेक्शन में तिरंगे को बताया गया, जो यह बात कहता है कि वे केवल देश की आजादी पर ही ध्यान दे रहे थे।
सारंग के अनुसार यह कैलेंडर डिजाइन करना इसलिए चुनौती भरा था क्योंकि इसमें केवल रेखांकन और रंग तक ही बात सीमित नहीं थी बल्कि विचारों को अप्रत्यक्ष रूप से मूर्त रूप में भी लाना था। 12 अलग-अलग विषयों को एक तानेबाने में रखते हुए ये कैलेंडर डिजाइन किया गया। कैलेंडर का विमोचन सुमित्रा महाजन ने किया
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल गौर के तेवर फिलहाल नरम नहीं पड़ रहे हैं। अब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका वादा याद दिलाते हुए भोपाल से लोकसभा के टिकट के लिए दावेदारी की है।
गौर ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 25 सितंबर को कार्यकर्ता महाकुंभ में प्रधानमंत्री मोदी ने मुझसे कहा था, ‘बाबूलाल गौर, एक बार और”। विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री को अपना वादा निभाना पड़ेगा और मुझे लोकसभा का टिकट देना पड़ेगा।
भाजपा नेताओं से बातचीत के बाद अब गौर के सुर भी बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जाने का मेरा कोई विचार नहीं है। कांग्रेस ने ऑफर दिया था, लेकिन उसे एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल दिया है।
मालूम हो, कुछ दिन पहले गौर ने कहा था कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर भोपाल से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है और मैं इस पर विचार कर रहा हूं। इसके बाद भाजपा नेता और मप्र में लोकसभा चुनाव के प्रभारी स्वतंत्रदेव सिंह ने गौर के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद कांग्रेस में जाने की बात को लेकर गौर ने अपना बयान बदल दिया।
बैतूल। बैतूल के व्यस्तम नेहरू पार्क क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब एक चलती स्कॉर्पियो में आग की लपटें उठती दिखाई दी। चालक ने सावधानी से गाड़ी सड़क किनारे रोकी और भाग खड़ा हुआ। इसके बाद स्कॉर्पियो में आग बढ़ती गई और पूरी गाड़ी आग की बड़ी लपटों में घिर गई। जब तक दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचती तब तक गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो गई थी।
मिली जानकारी के मुताबिक बैतूल के नेहरू पार्क के समीप व्यस्ततम मार्ग पर दोपहर करीब 12 बजे चलती स्कॉर्पियो में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग से गाड़ी जलकर खाक हो गई है। स्कॉर्पियो नंबर MH-04 CT 2658 में जिला अस्पताल के पास आग लग गई। चालक को जैसे ही गाड़ी में धुआं निकलते दिखा, वैसे ही उसने गाड़ी सड़क किनारे लगाई तो जैसे-तैसे गाड़ी से कूदकर जान बचाई। गाड़ी से आग की ऊंची लपटे उठते देख वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने यातायात रोक दिया। वहीं सूचना मिलते ही दमकल की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी में लगी आग को बुझाया। कार में संभवतः शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगी।
जानकारी के मुताबिक स्कार्पियो गाड़ी कोलगांव निवासी अनिल साहू के नाम से रजिस्टर्ड है। वहीं इस गाड़ी को अनिल का साला विनोद साहू चला रहा था। वह गाड़ी से बैतूल में तेरहवीं के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आया था। गनीमत यह रही कि गाड़ी में सवारी नहीं थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता।
भोपाल। आप लोग सोच रहे होंगे कि अभी तो चुनाव हारा है और फिर आ गया, लेकिन हमें चुनाव परिणामों से फर्क नहीं पड़ता। यह सरकार भी लगड़ी है। विधायक धमकी दे रहे हैं कि मंत्री नहीं बनाया तो सरकार गिरा देंगे। बैसाखी पर चलने वाली सरकार बनानी होती तो हम भी बना लेते। पहले हम ताकत से काम करते थे। अब लड़ाई से काम करेंगे। संबल बंद की तो सरकार चलाना मुश्किल कर दूंगा।
गुरुवार को यह बात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वल्लभ भवन के सामने स्थित भीम नगर में संवाद कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम का आयोजन जन कल्याणकारी योजनाओं की वर्तमान स्थिति को लेकर हितग्राहियों से संवाद के लिए आयोजित किया गया।
चौहान ने खुले मंच से कहा कि भाजपा सरकार में गरीबों के हित के लिए कई योजनाओं को जमीन पर उतारा गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार की नीयत इन योजनाओं को लेकर खराब है। उन्होंने कहा कि संबल के कार्ड में मेरे फोटो छपे थे। इसी कारण लोगों से कार्ड वापस लिए जा रहे हैं।
प्रदेश में चलाएंगे जनजागरण अभियान
संबल योजना को लेकर शिवराज ने कहा कि बल्लभ भवन के सामने बस्ती से जनजागरण अभियान की शुरूआत की गई है। उन्होंने ऐलान किया कि पूरे प्रदेश में इस योजना को बचाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद हस्ताक्षर अभियान चलाकर सरकार के जनविरोधी निर्णयों के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश में जल्द ही बड़े आंदोलन करने की बात कही।
हर बस्ती में टीम बनाओ, तार काटें तो फिर जोड़ लेना
चौहान ने कहा कि संबल योजना में 200 रुपए बिजली बिल का प्रावधान किया गया था। उधर, कांग्रेस सरकार ने बिजली के बिल आधे करने की बात अपने वचन पत्र में कही है। मतलब 100 रुपए से एक रुपए भी ज्यादा मत देना। यदि कोई बिजली तार काटे तो जोड़ लेना, लेकिन डरना मत। योजनाओं को बचाने बस्ती स्तर पर टीम तैयार करने का आह्वान उन्होंने किया।
उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए कांग्रेस सरकार के पास पैसा नहीं है। इसलिए लाड़ली लक्ष्मी योजना, कन्या विवाह, तीर्थ दर्शन, संबल योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार की नीयत खराब है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से सरकार बदली है उस दिन से एक दिन भी चैन से नहीं बैठा। मैं भी लड़ाई का मास्टर हूं, कांग्रेस तो 15 साल में ट्रेनिंग भी सही से नहीं ले पाई।
एडजेस्टमेंट में लगी है सरकार
चौहान ने प्रदेश में हो रहे अधिकारियों के तबादलों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को जनता की चिंता नहीं है। इसी कारण ताबड़तोड़ तबादले कर एडजेस्टमेंट किए जा रहे हैं। मंत्री हों, अधिकारी हों या विभागों की बंदरबाट हो सिर्फ रखने-हटाने में ही इनका फोकस है। सरकार कौन चला रहा है यह भी समझ नहीं आता। जबाव किसी से मांगता हूं और देता कोई और है।
इन मांगों को लेकर करेंगे आंदोलन
-वर्ष 2022 तक वर्तमान स्थान पर ही लोगों को पक्के आवास बनाकर देना।
-केजी से पीजी तक गरीबों के बच्चों के लिए मुफ्त पढ़ाई की योजना जारी रखना।
-गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा मुहैया कराना।
-बच्चे के जन्म के पहले 4 व बाद में 12 हजार रुपए परिवार को आर्थिक सहायता जारी रखना।
– कन्यादान योजना के तहत विवाह में 51 हजार रुपए देना जारी रखना।
– सामान्य मौत पर 2 लाख, दुर्घटनाओं में 5 लाख व अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार की सहायता जारी रखना।


