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रायपुर । पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने ट्वीट कर छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण हुए सभी विद्यार्थियों को बधाई दी. ट्वीट में लिखा- छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में उत्तीर्ण हुए सभी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए ढ़ेरों शुभकामनाएँ। यह सफलता आपके कठोर परिश्रम व लगन का परिणाम है। जो विद्यार्थी इन परीक्षाओं में असफल रहे हैं वे निराश न हों, धैर्य के साथ अपना प्रयास जारी रखें, आप निश्चित ही सफल होंगे ।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आज जारी कक्षा दसवीं, बारहवीं तथा व्यावसायिक परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी सफल विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2019 तथा हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा 2019 के साथ-साथ हायर सेकेण्डरी व्यावसायिक परीक्षा 2019 के सभी सफल विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की है। उन्होंने कहा है कि जिस तरह विद्यार्थियों ने इन बोर्ड परीक्षाओं के माध्यम से जिन्दगी के एक अहम चरण में सफलता अर्जित की है, उसी तरह भविष्य में भी वे जिन्दगी के हर क्षेत्र में सफलता अर्जित करेंगे और अपने स्कूल, गांव, शहर के साथ-साथ प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। मुख्यमंत्री ने परीक्षा में सफल नहीं हो सकने वाले परीक्षार्थियों को भी बिना निराश हुए पूरे धैर्य, हिम्मत और मेहनत के साथ निरन्तर अध्ययन करने की समझाईश दी और कहा कि उन्हें भी परीक्षा सहित जीवन में सफलता निश्चय मिलेगी। उन्होंने इस बात के लिए भी शिक्षकों, पालकों और विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी है कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम आया।
उल्लेखनीय है कि आज सुबह परीक्षा परिणाम की घोषणा मंडल के सभागार में स्कूल शिक्षा सचिव और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री गौरव द्विवेदी ने की। परीक्षा परिणाम की घोषणा के साथ ही यह मंडल के ऑनलाईन वेबसाईट पर उपलब्ध है। परीक्षार्थी अपना परीक्षा परिणाम वेबसाईट डब्ल्यूडल्ब्यूडल्ब्यूडॉटसीजीबीएसईडॉटएनआईसीडॉटइन (www.cgbse.in) के माध्यम से भी देख सकते हैं। इसके लिए परीक्षार्थी वेबसाईट में रोल नम्बर दर्ज कर विषयवार अंकों की जानकारी ले सकते हैं।

रायपुर । प्रदेश की नई सरकार को प्रशासनिक कामों में गड़बड़ी के कारण दो-तीन बड़े झटके लगे, तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा उठ गया है। इस कारण उन्होंने सरकारी कामकाज की निगहबानी के लिए संगठन को मैदान में उतार दिया है।
दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ने आचार संहिता हटने से पहले ही पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव भी शुरू कर दिया है। आचार संहिता हटने के बाद न केवल मंत्रालय के कई अधिकारियों के विभाग बदले जाएंगे, बल्कि जिला स्तर पर कलेक्टर व एसपी से लेकर दूसरे विभागों के अधिकारियों को भी इधर से उधर किया जाएगा।
सरकारी कामकाज में दिक्कतों के कारण अक्सर देखा जाता है कि सत्ता और संगठन में टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में ऐसा कई बार हुआ, जब संगठन की नाराजगी अपनी ही सरकार के खिलाफ दिखी।
अभी कांग्रेस और उसकी सरकार के लिए एक बात यह अच्छी है कि संगठन का मुखिया और मुख्यमंत्री एक ही व्यक्ति है। इस कारण बघेल के लिए सत्ता और संगठन के बीच समन्वय बनाकर चलना कोई कठिन काम नहीं है। सत्ता संभालने के बाद बघेल को प्रशासनिक कामकाज में कुछ ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है कि उनके लिए अब सत्ता के साथ संगठन को जोड़कर चलना जरूरी हो गया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने पीसीसी अध्यक्ष होने के नाते संगठन को निर्देश दिया है कि अभी खरीफ फसल के मौसम में जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता गांवों का दौरा करें। किसानों से मिलें, यह जानकारी लें कि उन्हें अच्छे किस्म का खाद और बीज उपलब्ध कराया गया है या नहीं? कृषि ऋण को लेकर कोई दिक्कत तो नहीं है? पार्टी के पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं को यह निर्देश दिया गया है कि उन्हें कहीं भी किसानों के साथ कोई परेशानी दिखती है, तो उसकी सूचना तत्काल प्रदेश कार्यालय को दें। प्रदेश कमेटी सीधे मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को रिपोर्ट देगी।
संगठन की सक्रियता से प्रशासन पर बनेगा दबाव
कांग्रेस संगठन की निगरानी से प्रशासन पर दबाव बनेगा, क्योंकि अधिकारियों को पता होगा कि सत्ताधारी दल के नेता किसानों से सीधे मिलकर उनको मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ले रहे हैं, तो प्रशासनिक अमले की कोशिश रहेगी कि कोई नकारात्मक रिपोर्ट ऊपर न जाए।
ऐसे झटके लगे सरकार को
– ट्रेजरी का सर्वर बंद होने के कारण सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को वेतन देने में देर हुई।
– चिप्स के सर्वर में तकनीकी खराबी आने के कारण पीईटी व पीपीएटी को स्थगित करना पड़ा।
– बिजली के मामले में सरप्लस स्टेट होने के बावजूद पॉवरकट होने के कारण विपक्ष ने घेरा।
सीएम सुनियोजित साजिश की जता चुके हैं आशंका
मुख्यमंत्री बघेल ने अब तक हुई प्रशासिनक कार्यों में हुई गड़बड़ियों के पीछे सुनियोजित साजिश की आशंका जता चुके हैं। उनका इशारा उन अधिकारियों की तरफ है, जो पूर्ववर्ती सरकार के करीबी माने जाते थे। सत्ता में आने से पहले बघेल ने कहा भी था कि कमल फूल छाप अधिकारी सुधर जाएं, वरना खुद तय कर लें, उन्हें कहां जाना है।

रायपुर । छत्तीगसढ़ में विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा अब जमीन स्तर पर संगठन में कसावट की तैयारी में उतर गई है। नगरीय निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव को देखते हुए संगठन ने शक्ति केंद्र बनाने शुरू किए हैं। बताया जा रहा है कि इसमें पंचायत चुनाव से लेकर नगरीय निकाय के उम्मीदवारों की भी खोज होगी। प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव नवंबर और जनवरी में पंचायत के चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी ने शक्ति केंद्र को मजबूत करने के बहाने नये सिरे से संगठन को एक्टिव करने का सिलसिला शुरू कर दिया है।
लोकसभा चुनाव में पार्टी ने सभी सांसदों का टिकट काटकर नये चेहरों को मैदान में उतारा है। 23 मई को आने वाले परिणाम में यह फार्मूला सफल हो जाता है तो पार्टी नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में भी नए और फ्रेश चेहरे पर दांव लगा सकती है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव में पार्टी का ग्रामीण वोटबैंक पूरी तरह से खिसक गया।
एक दर्जन विधानसभा में पार्टी उम्मीदवारों की 40 हजार से ज्यादा वोट से हार हुई। इसमें अधिकांश विधानसभा ग्रामीण क्षेत्र की हैं और जातिगत समीकरण के आधार पर नुकसान उठाना पड़ा। पार्टी के आंतरिक आंकलन में सामने आया कि अगर इन सीटों पर नये चेहरों को मौका दिया गया होता तो परिणाम इतने बुरे नहीं आते। अब पार्टी ने 19 हजार पंचायतों में शक्ति केंद्र बनाने की कवायद शुरू की है।
गैरदलीय होता है प्रदेश में पंचायत चुनाव
प्रदेश में पंचायत चुनाव गैरदलीय आधार पर होता है। ऐसे में पार्टी ने पंचायत के कद्दावर नेताओं को एक बार फिर पंचायत स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी सूत्रों की मानें तो दिग्गज नेता भले ही अलग-अलग प्रदेश की लोकसभा सीटों पर प्रचार में जुटे हैं, लेकिन प्रदेश संगठन अब त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में भिड़ गया है।
पांच बूथ को मिलकार बनता है शक्ति केंद्र
भाजपा संगठन में पांच बूथ को मिलाकर शक्ति केंद्र बनाया जाता है। प्रदेश में करीब 24 हजार बूथ है। भाजपा के प्रदेश में 488 मंडल हैं। ऐसे में बूथ और मंडल के बीच कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में शक्ति केंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी श्ाक्ति केंद्र को महत्वपूर्ण इकाइ मानते हैं। यही कारण है कि वे अपनी हर सभा में शक्ति केंद्र प्रभारियों से संवाद करते हैं और उनको चुनावी टिप्स देते हैं।

रायपुर । प्रदेश के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को उनके द्वारा खपत की गई चार सौ यूनिट पर हाफ बिजली बिल स्कीम का लाभ देने का निर्णय छत्तीसगढ़ शासन ने लिया था। इसे छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी ने एक मार्च से प्रभावशील कर दिया है, जिसका लाभ प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने लगा है।
पॉवर कंपनी अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला ने बताया कि अप्रैल तक राज्य के लगभग 26.50 लाख उपभोक्ता इस योजना से लाभान्वित हो रहे है। योजना से राज्य के समस्त बीपीएल एवं फ्लैट रेट योजना के अंतर्गत शामिल अन्य घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में 19 लाख 93 हजार से अधिक बीपीएल कनेक्शन देकर गरीब तबके के लोगों को बिजली की मूलभुत सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। एकलबत्ती निशुल्क विद्युत प्रदाय योजना के हितग्राहियों को प्रतिमाह तीस यूनिट तक दी जा रही निशुल्क विद्युत प्रदाय की सुविधा को यथावत रखा गया है। इन उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 30 यूनिट से अधिक की खपत पर बिल की राशि को आधा करके जारी किये जा रहे है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अनेक दृष्टि से फायदेमंद हाफ बिजली बिल स्कीम योजना के अंतर्गत ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने फ्लैट रेट का विकल्प दिया था, उन्हे प्रतिमाह पचास स्र्पये की दर से बिल जारी किये जा रहे है। हाफ बिजली बिल स्कीम योजना लागू होने के पूर्व एक किलोवाट तक अनुबंध भार वाले बीपीएल. एवं फ्लैट रेट योजना के अंतर्गत शामिल अन्य घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को सौ स्र्पये प्रतिमाह की दर से बिल जारी किये जाते थे।
बकाया जमा करने के दिन से मिलेगा लाभ
हाफ बिजली बिल स्कीम योजना की सुविधा का लाभ ऐसे उपभोक्ताओं को नहीं दिया जा रहा है, जिनके विरूद्ध बकाया राशि शेष है अथवा अन्य किसी कारणों से वे डिफाल्टर घोषित है। ऐसे उपभोक्ता भी राज्य शासन की इस जनहितैशी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है। बकायादार उपभोक्ता जिस तारिख को भुगतान करता है, उसी तारिख से उसे हाफ बिजली बिल स्कीम का लाभ लेने की पात्रता होगी।

रायपुर । राजधानी के अधिवक्ता संघ के चुनाव की तारीख तय होने के बाद चुनावी प्रक्रिया औऱ तैयारी तेज कर दी गई है. अध्यक्ष पद के लिए पांच प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल किया है. इसके अलावा अधिवक्ता संघ चुनाव के 10 पदों के लिए 32 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है. कुल 64 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीदा था. अधिवक्ता संघ के निर्वाचन अधिकारी भी चुन लिए गए है।
संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र महापात्र मैदान से हटते हुए इस बार नए लोगों को चुनाव मैदान में उतार रहे है. कारण यह है कि नई विचार व युवा चेहरा सामने आएगा, तब विचार भी एक कदम आगे बढ़ने की बात कही है. इसके साथ ही उम्मीदवार अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुट गए हैं।
17 को मतदान, 18 मई को नतीजे
इस बार अधिवक्ता संघ के लिए 1860 वकील मतदान करेंगे. जिला कोर्ट में 3052 वकील हैं, जिनमें से मासिक शुल्क पटाने के आधार पर मतदाता वकीलों के नामों का प्रकाशन किया गया है. नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 9 मई को रखा गया है. दावा आपत्ति के लिए 10 मई व नाम वापसी को लेकर 13 मई निर्धारित किया गया है. 17 मई को सुबह 5 बजे से 11 बजे तक वोट डाल सकते है. परिणाम 18 मई को घोषित कर दिया जाएगा।
अधिवक्ता कल्याण कोष सबसे बड़ा मुद्दा
अधिवक्ता संघ में कल्याण कोष को लेकर चुनावी गर्मी देखने को खूब मिल रहा है. इस कोष के बारे में बताया जाता है कि जब कोई अधिवक्ता बीमारी से ग्रसित हो जाता है तब उसके इलाज के लिए कोष से पैसे दिए जाते है. इस तरह कोष का उपयोग किया जाता है. साथ ही अगर किसी की मृत्यु हो जाता है तब उसकी सहायता एक लाख रुपए दिया जाता है।

रायपुर । डीकेएस अस्पताल मामले में डॉ. पुनीत गुप्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वकील महेश जेठमलानी पैरवी करेंगे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 मई को सुनवाई होगी। बता दें कि महेश जेठमलानी मशहूर वकील रामजेठमलानी के बेटे हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में पुनीत गुप्ता की जमानत खारिज करने के लिए याचिका लगाई है। इस याचिका के खिलाफ महेश जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट में पुनीत गुप्ता की पैरवी करेंगे। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए डॉ. पुनीत गुप्ता को अग्रिम जमानत दे दी थी ।
रायपुर । राजधानी रायपुर में बलात्कार का एक मामला सामने आया है. आरोपी ने एक नाबालिग लड़की को अपना शिकार बनाया. बताया जा रहा है कि युवक लड़की को कोई पहचना का ही शख्स है. आरोपी युवक ने नाबालिग को बहला फुसला कर जंगल की तरफ ले गया और घटना को अंजाम दिया. जब पीड़िता घर पहुंची तक उसने परिजनों से आपबीती सुनाई. फिर परिजनों ने इस मामले की शिकायत पुलिस से की. आरोपी फरार बताया जा रहा है. फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में लग गई है।ये है पूरा मामला
घटना विधानसभा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है. दोन्देखुर्द गांव की एक नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म किया गया है. बताया जा रहा है कि पीड़ित नाबालिग लड़की के पिता दुकानदार है. गांव में उनकी एक छोटी सी दुकान है जहां कई लोगों का आना जाना रहता था. लड़की के पिता की दुकान में एक शख्स अक्सर आता-जाता रहता था. बुधवार को भी यही व्यक्ति लड़की के पिता की दुकान में पहुंचा. उस वक्त लड़की के पिता दुकान में नहीं थे बस बच्ची ही थी।
आरोपी ने पहले दुकान से कुछ खरीदा. फिर बच्चे से मेडिकल स्टोर से दवाई लाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया. आरोपी फिर बच्ची को गांव के पास लगे जंगल ले गया और उसके साथ बलात्कार किया. पीड़ित बच्ची ने फिर इस घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. लड़की के नालाबिग होने के कारण पुलिस ने अपहरण का भी मामला दर्ज किया है. आरोपी फिलहाल फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

रायपुर । दंपत्ती के साथ छेड़खानी और मारपीट के मामले में राजेन्द्र नगर पुलिस ने आरोपी जीतू बारले को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें करीब 20 दिन पहले आरोपी के खिलाफ राजेंद्र नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें आरोपी ने कार सवार दंपत्ति के साथ मारपीट की थी जिसमें एक आरक्षक भी शामिल था। आरक्षक की पहचान दुष्यंत सिंह के रूप में हुई थी जिसे एसपी आरिफ शेख ने निलंबित कर दिया था। वहीं मामले में एएसआई श्रवण मिश्रा पर लापरवाही बरतने पर भी विभागीय जांच की कार्रवाई की गई थी।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर शुरू हो गया है, राजधानी रायपुर समेत छग के सभी जिलों में तापमान में तेजी से बढ़ोत्तरी देखी गई है. प्रदेश की ज्यादातर जगहों पर अधिकतम तापमान 41 डिग्री के पार चला गया है. बुधवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 45 डिग्री और रायपुर में 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. सीजन में पहली बार राजधानी का पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग में अगले 48 घंटे तक चलेगी लू.साथ मौसम विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग को जरूरी कदम उठाने पत्र लिखा है. इस सीजन में पहली बार राजधानी का तापमान 44 डिग्री के पार हुआ है।
प्रदेश के शहरों का अधिकतम तापमान…
बिलासपुर में 45.0
राजनांदगांव में 45.0
रायपुर में 44.3
दुर्ग में 42.6
पेंड्रारोड 41.5
अंबिकापुर में 41.0
जगदलपुर में 41.0
