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panchayattantra24.-पटना: छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी नितिन नबीन ने शुक्रवार को नक्सलियों के खिलाफ सरकार के सफल ऑपरेशन की तारीफ की। उन्होंने इस संबंध में वीडियो जारी कर अपने बयान में कहा कि यह सरकार के प्रयासों का परिणाम है कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में हमने जीत हासिल की है। इसके लिए मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करना चाहूंगा। इन्हीं लोगों के प्रयासों की वजह से आज यह ऑपरेशन सफल हुआ है। 
उन्होंने कहा कि हम यहीं तक सीमित नहीं रहेंगे। आगे भी कड़ी कार्रवाई होगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, हम इस लक्ष्य को हर कीमत पर पूरा करेंगे। हम पूरे देश से नक्सलवाद को खत्म करके रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। मौजूदा समय में जिस तरह की स्थिति प्रदेश में बनी हुई है, उससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी शिद्दत से काम किया जा रहा है। अब वो दिन दूर नहीं, जब नक्सलवाद हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। 
उन्होंने आगे कहा कि आज की तारीख में बस्तर के लोग शांति और अमन के साथ रहना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि प्रदेश में विकास की गति तेज हो। किसी भी प्रकार के विकास के कार्यों में कोई बाधा नहीं आए। जिस तरह का प्रयास नक्सलवाद के खिलाफ प्रशासन ने लिया है, वह बहुत ही लंबे समय तक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में झीरम की वर्षगांठ पूरी होने जा रही है। यह वही घटना है, जहां बड़े पैमाने पर जन प्रतिनिधियों की हत्या हुई थी। उस समय नक्सलवाद हमेशा अपने चरम पर दिखा। हालांकि, डॉ. रमन सिंह ने इस दिशा में कार्रवाई की, लेकिन आज तक उसका कोई खास असर नहीं दिखा। इसके अलावा, दूसरी तरफ से लगातार नक्सलवाद को मजबूत करने के प्रयास किए जाते रहे, जिसे अनदेखा किया गया। नबीन ने अर्बन नक्सलवाद को लेकर भी अपनी बात रखी। कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि अब अर्बन नक्सलवाद को भी हमेशा के लिए खत्म करने की प्रक्रिया जारी है।
 

 

panchayattantra24.-श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए भीषण आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलवामा जिले के त्राल इलाके में आतंकी आसिफ शेख के घर को विस्फोटक से उड़ा दिया है। आसिफ शेख लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी बताया जा रहा है और इस हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है।
यह हमला उस समय हुआ जब बैसरन घाटी में बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। इस हमले में अब तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटक शामिल हैं। इसके अलावा नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात के एक-एक नागरिक और दो स्थानीय लोग भी हमले में मारे गए। घायल लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
त्राल में आतंकी ठिकाने पर कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, आसिफ शेख का त्राल स्थित ठिकाना जब सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगा, तो उस क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया। इसके बाद, सुरक्षाबलों ने विस्फोटक का इस्तेमाल कर आतंकी के घर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह कदम आतंकियों के मनोबल को तोड़ने और घाटी में बढ़ रही आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के रूप में देखा जा रहा है।
हमले के पीछे लश्कर का डिप्टी चीफ
इंटेलिजेंस एजेंसियों ने जानकारी दी है कि इस हमले की साजिश लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद ने रची थी, जो फिलहाल पाकिस्तान में मौजूद है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमले में कुल पांच आतंकी शामिल थे, जिनमें दो स्थानीय और तीन पाकिस्तानी बताए जा रहे हैं।
संदिग्धों के स्केच जारी, घाटी में हाई अलर्ट
सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले के संदिग्ध आतंकियों – आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबु तल्हा – के स्केच जारी किए हैं। इनकी धरपकड़ के लिए घाटी में जगह-जगह नाकेबंदी की गई है और हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। घाटी में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
 

 
panchayattantra24.-उत्तरकाशी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुखवा में मां गंगा के शीतकालीन निवास पर पूजा-अर्चना की। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी से करीब 80 किमी की दूरी पर गंगोत्री हाईवे पर स्थित हर्षिल से मुखवा गांव करीब 3 किमी की दूरी पर स्थित है। जो कि अनादि काल से मां गंगा का शीतकालीन प्रवास स्थल है। आदि गुरु शंकराचार्य ने जिन चार मठों की स्थापना की थी, उनमें से एक मुखीमठ अर्थात मुखवा गांव माना जाता है। 
गंगोत्री धाम के तीर्थपुरोहित भी मुखवा गांव से आते हैं। ग्रीष्मकाल में अक्षय तृतीया के पर्व पर जब गंगोत्री धाम के कपाट देश-विदेश के श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाते हैं तो उनकी भोग मूर्ति उनके शीकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव स्थित गंगा मंदिर से ही धाम के लिए रवाना होती है, जिसे गांव के ग्रामीण बेटी की तरह विदा करते हैं। फिर जब शीतकाल में गंगोत्री धाम के कपाट बंद होते हैं तो मां गंगा की भोग मूर्ति को शोभा यात्रा के साथ मुखवा स्थित गंगा मंदिर में लाया जाता है। श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल बताते हैं कि ग्रीष्मकाल में जब मां गंगा की भोगमृर्ति गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो जाती है तो उसके बाद भी मुखीमठ में यहां मां गंगा की पाषाण मूर्ति की पूजा अनवरत नित्यक्रम से चलती रहती है।
 

 
panchayattantra24.-यूपी। प्रयागराज महाकुंभ के सफल समापन पर CM साय ने योगी को बधाई दी। सीएम साय ने कहा, आज मैंने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से दूरभाष पर चर्चा कर प्रयागराज महाकुंभ के ऐतिहासिक एवं भव्य आयोजन के सफल समापन पर उन्हें हार्दिक बधाई दी। यह भव्य और विराट आयोजन हमारी सनातन संस्कृति, आस्था और परंपराओं की अद्भुत झलक प्रस्तुत करता है। साथ ही, मैंने छत्तीसगढ़ राज्य के श्रद्धालुओं के लिए महाकुंभ मेला परिसर में साढ़े चार एकड़ भूमि आवंटित करने हेतु उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। इस मंडप में छत्तीसगढ़ के लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने निःशुल्क आवास, भोजन एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उठाया और संगम में स्नान का पुण्य प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए उत्कृष्ट प्रबंधन एवं संत-समाज के सान्निध्य में संपन्न हुए इस भव्य आयोजन के लिए पुनः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और उनकी पूरी टीम को हार्दिक शुभकामनाएं एवं साधुवाद।
 

 

panchayattantra24.- अयोध्या। अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को जल समाधि दे दी गई। श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते अंतिम यात्रा राम मंदिर के सामने से नहीं निकाली गई। आचार्य सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर पालकी से लता मंगेशकर चौक होते हुए सरयू घाट तक लाया गया। जिसके बाद संत तुलसीदास घाट पर जल समाधि दी गई।
इससे पहले दोपहर 12 बजे के बाद सत्येंद्र दास का पार्थिव शरीर रथ पर रखा गया। इसके बाद बैंड बाजा के साथ अंतिम यात्रा शुरू हुई। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। आचार्य के अंतिम दर्शन के लिए सरयू घाट के किनारे हजारों की संख्या में लोग खड़े रहे। राज्यमंत्री सतीश शर्मा और अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने आचार्य सत्येंद्र दास को श्रद्धांजलि दी। 
 यात्रा में जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य, निर्वाणी अनिअखाड़ा के पूर्व श्री महंत धर्मदास, विधायक वेद गुप्ता, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, वशिष्ठ भवन के महंत राघवेश दास आदि लोग शामिल रहे। राम नगरी में शोक की लहर आचार्य सत्येंद्र दास 1992 से अभी तक राम मंदिर के मुख्य पुजारी थे। जब प्रभु राम टेंट में थे, तब भी सत्येंद्र दास जी राम मंदिर के पुजारी थे। प्रभु राम की आचार्य सत्येंद्र दास बालक की तरह सेवा करते थे। आचार्य सत्येंद्र दास ने प्रभु राम को जीवन समर्पित कर दिया था। आचार्य सत्येंद्र दास के निधन के बाद पूरी रामनगरी में शोक की लहर है।
 

panchayattantra24.-प्रयागराज: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज महाकुंभ पहुंच गए हैं। उन्होंने संगम में डुबकी लगाई। सीएम योगी उनके साथ हैं। पीएम करीब ढाई घंटे प्रयागराज में रहेंगे। मोदी मोटर बोट से योगी के साथ संगम पहुंचे। उन्होंने भगवा रंग के कपड़े पहन रखे थे। गले में रुद्राक्ष की माला थी। मंत्रोच्चारण के बीच पीएम मोदी ने अकेले ही संगम में डुबकी लगाई। 
मोदी का विमान बमरौली एयरपोर्ट पहुंचा। यहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, CM योगी, दोनों डिप्टी सीएम ने स्वागत किया। एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर से पीएम डीपीएस के हैलिपैड पहुंचे। यहां से उनका काफिला अरैल के VIP घाट पहुंचा। वहां से बोट से संगम पहुंचे। 54 दिन में PM का महाकुंभ का दूसरा दौरा है। इससे पहले वे 13 दिसंबर को यहां आए थे। 
 

 

panchayattantra24.-मुंबई: मुख्यमंत्री साय से आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमारमंगलम बिड़ला ने मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट के दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। छत्तीसगढ़ में निवेशकों के लिए बिछाया रेड कारपेट: विष्णुदेव साय मुंबई में हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ के लिए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रास्ते खुल गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंबई में अमेरिकी कॉन्सल जनरल और रशिया कॉन्सल जनरल से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताते हुए राज्य के अनुकूल कारोबारी माहौल की सराहना की। 
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के कारण अब तक छत्तीसगढ़ ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। ये प्रस्ताव हाल ही में रायपुर, दिल्ली और मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट समिट के दौरान प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा हमने नई उद्योग नीति के माध्यम से निवेशकों के लिए रेड कारपेट बिछाया है। इस दौरान उन्होंने निवेशकों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख उद्योगपतियों से छत्तीसगढ़ सरकार को छह हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए। 
 मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 की खूबियों को साझा करते हुए कहा कि निवेशकों की पसंदीदा नीति बनाने के लिये हमने “न्यूनतम शासन-अधिकतम प्रोत्साहन” को सूत्रवाक्य के रुप में अपनाया है। इसके अंतर्गत हमने एनओसी की प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब क्लियरेंस हो रहे हैं। इससे निवेशकों को खासी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं।
 मुख्यमंत्री ने बताया नये जमाने के उद्योगों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। नवा रायपुर में हम डाटा सेंटर भी आरंभ कर रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं और यहां आईटी कंपनियों ने काम करना आरंभ कर दिया है। नवा रायपुर आधुनिक सुविधापूर्ण और व्यवस्थित शहर है साथ ही ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन, आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन्वेस्टर कनेक्ट मीट के दौरान अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के काउंसल जनरल माइक हैंकी व रूस के काउंसल जनरल इवान फेटिसोव से मुलाकात की। इस दौरान काउंसल जनरल ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। कई प्रमुख उद्योग समूहों ने राज्य में निवेश के दिए प्रस्ताव इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड ने राज्य में 2367 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की घोषणा की। वहीं बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने राज्य में विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की इच्छा जताई है, जिसके लिए उन्होंने 700 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। नया रायपुर में अस्पताल की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के राज्यों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। प्लास्टिक और टेक्सटाइल के क्षेत्र में अग्रणी वेलस्पन ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना साझा की है। वहीं ड्रूल्स कंपनी ने पालतू जानवरों के आहार के उत्पादन को बढ़ाने के लिए राजनांदगांव में 625 करोड़ रुपये का निवेश की घोषणा की है। कंपनी द्वारा ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 30 मेगावॉट सोलर पावर प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही क्रिटेक टेक्नोलॉजीज ने राज्य में आईटी क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये का निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। नन्टेक्स मशीनरी ने 45 करोड़ और नन्टेक्स इंडस्ट्रीज ने 39.50 करोड़ तथा पिडिलाइट इंडस्ट्रीज 80 करोड़ व विजन प्लस सिक्योरिटी ने 50 करोड़ के निवेश की योजना साझा की है। इन सबके साथ ही अन्य कंपनियों को मिलकर कुल 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को मिले हैं। मीट के दौरान आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य में अपने उद्योगों के विस्तार के बारे में चर्चा की। आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ में वस्त्र, पेंट और आभूषण के क्षेत्र में निवेश की सम्भावना जताई है। 
वहीं गोदरेज समूह की कार्यकारी निदेशक तान्या डुबाश ने भी छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरक, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ मोल्डेड फर्नीचर निर्माण के क्षेत्र में निवेश की संभावना व्यक्त की है। ऊर्जा, इस्पात, और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में अग्रणी एस्सार ग्रुप के वरिष्ठ सलाहकार डॉ हसीब द्रबू ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, इस्पात और खनन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं जताई हैं। वहीं, क्लोथिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री संतोष कटारिया ने मुलाकात के दौरान कहा खनिज संसाधन और सुलभ कुशल श्रमिक को राज्य में वस्त्र उद्योग के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। आधारभूत संरचना निवेशकों के अनुकूल मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि नवा रायपुर में 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। यही नहीं अगले पांच वर्षों में यहां 2.1 बिलियन डालर की नई परियोजनाएं भी आरंभ की जाएंगी। छत्तीसगढ़ में आईआईटी भी हैं, आईआईएम भी हैं तो स्वाभाविक रूप से इंडस्ट्री के लिए सक्षम तकनीकी लोग यहां उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी शानदार है। रांची, विशाखापट्नम तथा हैदराबाद के लिए एक्सप्रेसवे तैयार किये जा रहे हैं जो शीघ्र ही तैयार हो जाएंगे। रेल, रोड तथा एयर कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ में शानदार है। सबसे ज्यादा निवेश रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे कनेक्टिविटी के लिए किया गया है। इससे यहां के उद्योग जगत को माल ढुलाई में बड़ा लाभ होगा। ऊर्जा और खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया खनिज संसाधनों और विद्युत उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से हैं। जो कोर इंडस्ट्री के लिए सबसे जरूरी खनिज हैं, जैसे कोयला, लोहा और बाक्साइट आदि, यह छत्तीसगढ़ में प्रचुरता से है और स्वाभाविक रूप से हमारा प्रदेश स्टील, सीमेंट और एलुमीनियम आदि के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से है। 25 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट राज्य है। देश के 16 प्रतिशत स्टील और 15 प्रतिशत एल्यूमीनियम का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है जो टिन का उत्पादन करता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में लीथियम जरूरी है। छत्तीसगढ़ में न केवल लीथियम के बड़े भंडार मिले हैं अपितु हम लीथियम ब्लाक की नीलामी करने वाले पहले राज्य हैं।
 

 

panchayattantra24.-खजुराहो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी 25 दिसंबर को अटल बिहारी जयंती के मौके पर मध्य प्रदेश के खजुराहो में केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना की आधारशिला रखी. राष्ट्रीय नदी जोड़ो नीति के तहत यह इस तरह का पहला प्रयास होगा. इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश के 10 जिलों में लगभग 44 लाख लोग और उत्तर प्रदेश के 21 लाख लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा. यानी इस परियोजना से दो राज्यों की कुल 65 लाख आबादी को सीधा फायगा पहुंचेगा. इस परियोजना का अनुमानित खर्च 44,605 करोड़ रुपये है.
पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं एनालिसिस करने वाले विद्वान लोगों से आग्रह करूंगा कि आजादी के 75 साल हो गए हैं. विकास, जनहित, सुशासन के 100-200 पैरामीटर तय करने चाहिए और फिर जहां-जहां कांग्रेस, लेफ्ट और कम्युनिस्टों ने सरकार चलाई, वहां क्या काम हुआ, हिसाब लगाइए और जहां-जहां बीजेपी को सरकार चलाने का मौका मिला, वहां क्या हुआ? मैं विश्वास से कहता हूं कि देश में जहां-जहां बीजेपी को सेवा करने का मौका मिला है, वहां हर आयाम में बेहतर काम हुआ है.’ 
इस परियोजना से 2 हजार गांवों के करीब 7.18 लाख किसान परिवारों को लाभ मिलेगा. इससे 103 मेगावाट बिजली और 27 मेगावाट सौर ऊर्जा भी पैदा की जाएगी. मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने इस परियोजना के बारे में बताते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी 25 दिसंबर को छतरपुर जिले के खजुराहो में इस परियोजना का शिलान्यास करने आ रहे हैं, जो बुंदेलखंड के मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के भाग्य और छवि को बदलने वाली है.’ इस दौरान मोहन यादव ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सहयोग और समन्वय का एक अद्वितीय उदाहरण है.
मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नदी लिंकिंग अभियान के सपने को साकार करने की पहल की है. इस परियोजना के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा और यह पीने और औद्योगिक उपयोगों के लिए भी पर्याप्त जल आपूर्ति करेगा. इस परियोजना के तहत आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और नई रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे. सूखा प्रभावित बुंदेलखंड क्षेत्र में जलस्तर भी सुधरेगा. यादव ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना देश की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है, जो भूमिगत प्रेशराइज्ड पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाती है.
 

 
panchayattantra24.-मुंबई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा महाराष्ट्र सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने मुंबई पहुंचे। विष्णु देव साय ने कहा, “मैं और हमारे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से आए हैं। देवेंद्र फडणवीस को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। वह बहुत अनुभवी नेता हैं, आज वह तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे… पिछली महायुति सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है और इसलिए महाराष्ट्र की जनता ने महायुति को भारी जनादेश दिया है।” 
बता दें कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस आज नए मुख्यमंत्री की शपथ लेने वाले हैं। उससे पहले सस्पेंस का दौर भी जारी है और अब तक क्लियर नहीं है कि एकनाथ शिंदे डिप्टी सीएम की शपथ लेंगे या नहीं। वह चीफ मिनिस्टर न बनाए जाने और फिर गृह मंत्रालय भी न देने से नाराज बताए जा रहे हैं। इस बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना इस पर मजे लेने लगी है।
 

 

panchayattantra24.-मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता शाहरूख खान को जान से मारने की धमकी देने वाले वकील फैजान खान से हुई पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अभिनेता के बेटे आर्यन खान और उनके सुरक्षाकर्मियों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई थी। पुलिस ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन के जरिए शाहरुख खान और आर्यन खान के बारे में लंबी चौड़ी जानकारी जुटाने के बारे में पता चला है। यह जानकारी किसी और ने नहीं, बल्कि आरोपी फैजान ने ही जुटाई थी। 
जब आरोपी से यह जानने की कोशिश की गई कि आखिर वो क्यों शाहरुख खान के संबंध में जानकारी जुटाना चाहता था, तो वो किसी भी प्रकार का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसी वजह से यह पूरा मामला अभी पेचीदा बना हुआ है। आरोपी पूछताछ के दौरान कुछ सवालों के तो जवाब बड़ी ही आसानी से दे रहा है। लेकिन, कुछ सवालों के जवाब देने से बच रहा है। आरोपी की मनोवैज्ञानिक स्थिति को भी समझने की कोशिश की जा रही है, ताकि किसी सार्थक नतीजे पर पहुंचा जा सके। 
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने जिस मोबाइल फोन से शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी दी थी, वो फोन उसने 30 अक्टूबर को खरीदा था। जिसमें वो अपना पुराना सिम कार्ड ही इस्तेमाल कर रहा था। उसने दो नवंबर को पुलिस में अपना मोबाइल फोन खोने की शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, जिस नंबर से उसने शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी दी थी, वो उसने अभी तक बंद नहीं करवाया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने मोबाइल फोन कहीं न कहीं छुपाकर रखा है। आरोपी बार-बार पुलिस पूछताछ में अलग-अलग थ्योरी गढ़ रहा है। वो पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। 
बता दें कि 5 नवंबर को बांद्रा पुलिस स्टेशन को एक कॉल आया था, जिसमें शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी दी गई और 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई थी। इसके बाद बांद्रा पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(4), 351(3) और 351(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की थी। बांद्रा पुलिस ने कॉल को ट्रेस किया तो छत्तीसगढ़ के रायपुर का निकला। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर दबिश देकर फैजान खान को ढूंढ निकाला था। पुलिस ने उससे पूछताछ की थी। गिरफ्तारी से पहले फैजान खान ने दावा किया था कि उसका फोन चोरी हो गया था। मुंबई पुलिस ने आरोपी वकील फैजान खान को 12 नवंबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया था।