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panchayattantra24.-रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद आए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईडी केंद्रीय संस्था है. पूर्व में जो भ्रष्टाचार हुआ था, उस पर ईडी काम कर रही है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विधानसभा के अंतिम सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में ईडी को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि ED की अपनी जांच है, शराब घोटाला यहां हुआ था, यहां का कॉन्सेप्ट अन्य प्रदेशों में भी पहुंचाया गया था, दिल्ली -झारखंड. हम जानते हैं. ऐसा ही कुछ मामला हुआ होगा, जिससे ईडी आई है.
 ईडी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि देश की बड़ी संस्थाओं के बारे में इस तरह की बयानबाजी से देश का तंत्र कमजोर होता है. (भूपेश बघेल) वो दिन याद कर लें जब इलेक्शन कमीशन से इन्होंने क्या-क्या काम कराए थे. वो दिन याद कर लें 1975 का, जब आपातकाल लगा था. वो दिन याद कर लें, जब इलेक्शन कमीशन को कोई जानता नहीं था. आज आप इलेक्शन कमीशन की बात कर रहे हैं. आज संवैधानिक तौर पर इलेक्शन कमीशन काम कर रहा है. विपक्ष के शराब घोटाले को सदन में उठाए जाने पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि विपक्ष कोई भी सवाल उठा ले. विष्णु देव सरकार में विपक्ष के किसी भी तार्किक विषय पर विरोध का स्वागत है. बता दें कि ईडी के छापे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा था कि आज मेरे बेटे का जन्मदिन है. पिछले साल मेरे जन्मदिन पर ईडी भेजा गया था. आज तो विधानसभा में अडानी का मामला उठना है, और अपने मालिक को खुश करने के लिए मोदी और शाह ने ईडी को मेरे घर भेज दिया है.
 

 

panchayattantra24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल में धान का उठाव नहीं होने के मुद्दे पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल घिर गए. कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने उठाव नहीं होने तो कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने बिलासपुर जिले की दो सोसायटी में गड़बड़ी का आरोप लगाया. खाद्य मंत्री ने सोसायटी में धान की कमी की स्वीकार करते हुए बताया कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. 
कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने बिलासपुर जिले में 10 हजार 800 क्विंटल धान की कमी का जिक्र करते हुए इस मामले में की गई कार्रवाई और जांच में पाए गए दोषियों की जानकारी मांगी. इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि बिलासपुर जिले के मल्हार और रिसदा सोसाइटी में धान की कमी पाए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में समिति प्रबंधक सहित अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है. मामले की जांच जारी है.
 

 

panchayattantra24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णु के सुशासन में संवाद और समाधान की कड़ी निरंतर रूप से चल रही है। इस सुशासन की सरकार में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित हर योजना का लाभ हितग्राही को सुनिश्चित कराने हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय की पहल पर सुशासन तिहार-2025 का आयोजन प्रदेशभर में किया जा रहा है। शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत से रूबरू होने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं लोगों के बीच पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार-2025 के तहत आमागोहन समाधान शिविर में पहुंचे और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। गौरतलब है कि सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत तीसरे चरण में समाधान शिविर का आयोजन हो रहा है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेना और स्थानीय समस्याओं का त्वरित निवारण करना है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर के कोटा विकासखंड के आमागोहन गांव पहुंचे। 
 मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सुशासन के माध्यम से हर गांव तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। समाधान शिविर के जरिए हम ग्रामीणों की समस्याओं को सुन रहे हैं और उनका तुरंत समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने राज्य में सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए। हमने महतारी वंदन के तहत माताओं-बहन को आर्थिक सहायता देने का काम किया। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। आज महिला सशक्तीकरण का काम महतारी वंदन के माध्यम से हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के जरिए प्रदेश के 22 हजार से ज्यादा लोग श्रीरामलला के दर्शन का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा दर्शन योजना के तहत देशभर के धार्मिक स्थलों में दर्शन की व्यवस्था हमने शुरू की है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो सरकार अच्छा काम करती है, उसी की जनता के बीच जाने की हिम्मत होती है। हम अपने डेढ़ साल का रिपोर्ट कार्ड लेकर जा रहे हैं। अपने काम का फीडबैक ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई लाभार्थियों को योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र और सहायता राशि वितरित की। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। यह शिविर छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें ग्रामीण विकास और सुशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी और लोगों की समस्याओं का समाधान होगा। 
 हितग्राहियों से सीएम साय का सीधा संवाद : 
आमागोहन समाधान शिविर के दौरान सीएम श्री साय और हितग्राहियों के बीच सीधा संवाद हुआ। इस दौरान ग्रामीण महिला श्रीमती विमला साहू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन के तहत हर महीने एक हजार रुपए मिल रहे हैं, इस पैसे को वो अपने नातिन के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना में राशि बैंक में जमा करती हैं। ग्राम मोहली के श्री छोटेलाल बैगा ने बताया कि पहले उनका कच्चा था, जहां बारिश में पानी टपकने से लेकर जहरीले जीव जंतुओं का खतरा हमेशा बना रहता था, अब पीएम आवास बनने से जीवन आसान हुआ है, अब सिर पर छत सुनिश्चित हो गया है। श्रीमती दिलेश्वरी खुसरो ने बताया घर में दो लोगों का आयुष्मान कार्ड बनने से अब उन्हें बीमार होने की स्थिति में किसी तरह की चिंता नहीं रही।
 मुख्यमंत्री ने जनहित में घोषणाएं की : मुख्यमंत्री साय ने आमागोहान में समाधान शिविर में बेलगहना में कॉलेज शुरू करने की घोषणा की। वहीं क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए कहा कि आमागोहन में 32 केवी का विद्युत सब स्टेशन स्थापित किया जाएगा। जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए आमागोहन में एक सामुदायिक भवन की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों संग किया भोजन : मुख्यमंत्री ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं ग्रामीणों के साथ भोजन करने की मंशा जताई। मुख्यमंत्री के साथ अनीता ध्रुव, कलेशिया बाई, विमला पुरी, छोटेलाल बैगा, दिलेश्वरी खुसरो और अन्य ग्रामीणों के साथ भोजन किया। मुखिया को हाथों से बनाया स्कैच किया भेंट : एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहे 24 वर्षीय देव सिंह खुसरो ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को अपने हाथों से बनाया गया पेंसिल स्कैच भेंट किया और कहा कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसान कल्याण की दिशा में बहुत बेहतर काम कर रहे हैं, जिसके लिए उनके परिवार, गांव के लोगों समेत किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। एक नज़र में आमागोहन : उल्लेखनीय है कि आमागोहन एक आदिवासी बाहुल्य गांव है। 2073 की आबादी वाले आमागोहन में 567 परिवार निवासरत हैं। चार आंगनबाड़ी के साथ ही गांव में दो प्राथमिक शाला, दो पूर्व माध्यमिक शाला, एक हाईस्कूल, एक हायर सेकेंडरी स्कूल और एक हॉस्टल संचालित है। आमागोहन ग्राम पंचायत में निवासरत परिवार विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इसमें से सभी 567 निवासरत परिवार के पास राशनकार्ड हैं, जिनमें से 132 परिवार बीपीएल, 114 एपीएल एवं 321 परिवार अंत्योदय राशनकार्डधारी हैं। आवास योजना के कुल 134 हितग्राही परिवार हैं। वहीं उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वाले 114 परिवार हैं। 185 हितग्राहियों को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। बिहान योजना से 20 लाभान्वित हैं। ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन से 210 स्वीकृत शौचालय हैं। महतारी वंदन योजना का 384 माता-बहनों को मिल रहा है। गांव में 1179 आयुष्मान कार्डधारी हैं।
 

 
 panchayattantra24.-रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे. इसके बाद वे जोरा इलाके में बने नवनिर्मित मॉल का उद्घाटन करेंगे. राजधानी की गतिविधियों के बाद वे जशपुर जिले के दौरे पर जाएंगे, जहां वे महाकुल यादव समाज के एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे. जशपुर के बगीचा स्थित वृंदावन भवन में आयोजित श्री हरि अखंड संकीर्तन महायज्ञ में भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति रहेगी. शाम को वे रायपुर लौटकर निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया के पदभार ग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे. यह भी पढ़े देशभर में पहलगाम आतंकी हमले के बाद शोक की लहर के बीच राजनीतिक दलों ने अपने कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं. इधर, गर्मी के बढ़ते कहर को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा कर दी है.
 

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐतिहासिक फिल्म छावा को बढ़ावा देने के लिए अहम फैसला किया है।सरकार ने 27 फरवरी 2025 से अगले छह माह तक इस फिल्म के टिकट पर लगने वाले राज्य माल और सेवा कर की पूरी राशि की प्रतिपूर्ति करने का आदेश दिया है।

सरकार के इस फैसले से सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखने वाले दर्शकों को टिकट पर SGST में पूरी छूट दी जाएगी।दर्शकों को टिकट खरीदते समय टैक्स नहीं देना होगा, जिससे वे रियायती दर पर फिल्म देख सकेंगे। फिल्म छावा में छत्रपति संभाजी महाराज की वीर गाथा को दर्शाया गया है। इस फिल्म से युवाओं को प्रेरणा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने यह फैसला किया है।

जारी आदेश में मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों के लिए नियम तय किए गए हैं। जिसके मुताबिक टिकट में से SGST की राशि घटाकर बेची जाएगी। साथ ही सामान्य टिकट मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की जा सकेगी। वहीं पहले सिनेमाघर खुद SGST वहन करेंगे, जिसे बाद में सरकार वापस करेगी.

बता दें कि राजिम कुंभ कल्प मेला के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फिल्म छावा को टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी। जिसके बाद आज इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के खम्हारडीह स्थित शासकीय बालिका गृह पहुंचकर अपना जन्मदिन नन्ही मुस्कानों के साथ सादगीपूर्वक मनाया। मुख्यमंत्री साय ने अपने विशेष दिन को इन नन्हीं मुस्कानों के साथ साझा कर यह संदेश दिया कि समाज के हर वर्ग की खुशियों में भागीदार बनना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

मुख्यमंत्री साय ने बालिका गृह में बच्चियों के संग केक काटा, उनके साथ समय बिताया और उनकी मासूम हँसी और बातों को आत्मीयता से सुना। इस दौरान बच्चियों ने अपनी छोटी-छोटी इच्छाएँ उनके सामने रखीं, जिनमें एक साउंड बॉक्स की माँग भी थी। मुख्यमंत्री ने इसे तत्काल पूरा करते हुए बालिका गृह को यह उपहार भेंट किया।इसके अलावा, उन्होंने बालिका गृह में कंप्यूटर, वॉटर कूलर एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की, जिससे यहाँ रह रही बच्चियों की शिक्षा में कोई असुविधा न हो।

*मुख्यमंत्री साय ने स्कूली जीवन की यादें की साझा*

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर अपने स्कूली जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके गाँव का प्राथमिक स्कूल खपरेल वाला था, और बारिश के दिनों में पानी टपकता था। उन्होंने बच्चियों को बताया कि वे भाग्यशाली हैं कि उन्हें एक बेहतर छात्रावास और पढ़ाई के लिए अच्छा वातावरण मिला है। उन्होंने बच्चियों को लगन और मेहनत से पढ़ाई करने की प्रेरणा दी और समझाया कि शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने देश-दुनिया के महान व्यक्तित्वों के जीवन संघर्षों का उदाहरण देते हुए कहा कि संघर्षों से घबराने के बजाय, उन्हें अपनी ताकत बनाना चाहिए। उन्होंने बच्चियों को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहायता देगी।

उल्लेखनीय है कि बालिका गृह में फिलहाल 57 बच्चियाँ रह रही हैं, जहाँ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उन्हें निशुल्क आवास, भोजन, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 
 

panchayattantra24.-रायपुर। मुंबई में हाल ही में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में छत्तीसगढ़ के लिए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के रास्ते खुल गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुंबई में अमेरिकी कॉन्सल जनरल और रशिया कॉन्सल जनरल से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताते हुए राज्य के अनुकूल कारोबारी माहौल की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के कारण अब तक छत्तीसगढ़ ने लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए हैं। ये प्रस्ताव हाल ही में रायपुर, दिल्ली और मुंबई में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट समिट के दौरान प्राप्त हुए। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन्वेस्टर्स कनेक्ट मीट में देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा हमने नई उद्योग नीति के माध्यम से निवेशकों के लिए रेड कारपेट बिछाया है। इस दौरान उन्होंने निवेशकों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में शामिल हुए प्रमुख उद्योगपतियों से छत्तीसगढ़ सरकार को छह हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुए। 
मुख्यमंत्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 की खूबियों को साझा करते हुए कहा कि निवेशकों की पसंदीदा नीति बनाने के लिये हमने “न्यूनतम शासन-अधिकतम प्रोत्साहन” को सूत्रवाक्य के रुप में अपनाया है। इसके अंतर्गत हमने एनओसी की प्रक्रिया को बेहद आसान कर दिया है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से अब क्लियरेंस हो रहे हैं। इससे निवेशकों को खासी राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं। 
मुख्यमंत्री ने बताया नये जमाने के उद्योगों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। नवा रायपुर में हम डाटा सेंटर भी आरंभ कर रहे हैं। नवा रायपुर को हम आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं और यहां आईटी कंपनियों ने काम करना आरंभ कर दिया है। नवा रायपुर आधुनिक सुविधापूर्ण और व्यवस्थित शहर है साथ ही ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन, आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन्वेस्टर कनेक्ट मीट के दौरान अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के काउंसल जनरल माइक हैंकी व रूस के काउंसल जनरल इवान फेटिसोव से मुलाकात की। इस दौरान काउंसल जनरल ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री लखन लाल देवांगन, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। कई प्रमुख उद्योग समूहों ने राज्य में निवेश के दिए प्रस्ताव इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड ने राज्य में 2367 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की घोषणा की।
 वहीं बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने राज्य में विश्वस्तरीय अस्पताल बनाने की इच्छा जताई है, जिसके लिए उन्होंने 700 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। नया रायपुर में अस्पताल की स्थापना से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि आसपास के राज्यों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। प्लास्टिक और टेक्सटाइल के क्षेत्र में अग्रणी वेलस्पन ग्रुप ने छत्तीसगढ़ में 500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना साझा की है। वहीं ड्रूल्स कंपनी ने पालतू जानवरों के आहार के उत्पादन को बढ़ाने के लिए राजनांदगांव में 625 करोड़ रुपये का निवेश की घोषणा की है। कंपनी द्वारा ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 30 मेगावॉट सोलर पावर प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही क्रिटेक टेक्नोलॉजीज ने राज्य में आईटी क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये का निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। नन्टेक्स मशीनरी ने 45 करोड़ और नन्टेक्स इंडस्ट्रीज ने 39.50 करोड़ तथा पिडिलाइट इंडस्ट्रीज 80 करोड़ व विजन प्लस सिक्योरिटी ने 50 करोड़ के निवेश की योजना साझा की है। इन सबके साथ ही अन्य कंपनियों को मिलकर कुल 6000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को मिले हैं। मीट के दौरान आदित्य बिड़ला ग्रुप के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर राज्य में अपने उद्योगों के विस्तार के बारे में चर्चा की। आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा छत्तीसगढ़ में वस्त्र, पेंट और आभूषण के क्षेत्र में निवेश की सम्भावना जताई है। वहीं गोदरेज समूह की कार्यकारी निदेशक तान्या डुबाश ने भी छत्तीसगढ़ में रासायनिक उर्वरक, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ मोल्डेड फर्नीचर निर्माण के क्षेत्र में निवेश की संभावना व्यक्त की है। ऊर्जा, इस्पात, और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में अग्रणी एस्सार ग्रुप के वरिष्ठ सलाहकार डॉ हसीब द्रबू ने छत्तीसगढ़ में ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, इस्पात और खनन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं जताई हैं। वहीं, क्लोथिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री संतोष कटारिया ने मुलाकात के दौरान कहा खनिज संसाधन और सुलभ कुशल श्रमिक को राज्य में वस्त्र उद्योग के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। आधारभूत संरचना निवेशकों के अनुकूल मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि नवा रायपुर में 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। 
यही नहीं अगले पांच वर्षों में यहां 2.1 बिलियन डालर की नई परियोजनाएं भी आरंभ की जाएंगी। छत्तीसगढ़ में आईआईटी भी हैं, आईआईएम भी हैं तो स्वाभाविक रूप से इंडस्ट्री के लिए सक्षम तकनीकी लोग यहां उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी शानदार है। रांची, विशाखापट्नम तथा हैदराबाद के लिए एक्सप्रेसवे तैयार किये जा रहे हैं जो शीघ्र ही तैयार हो जाएंगे। रेल, रोड तथा एयर कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ में शानदार है। सबसे ज्यादा निवेश रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे कनेक्टिविटी के लिए किया गया है। इससे यहां के उद्योग जगत को माल ढुलाई में बड़ा लाभ होगा। ऊर्जा और खनिज उत्पादन में छत्तीसगढ़ अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया खनिज संसाधनों और विद्युत उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से हैं। जो कोर इंडस्ट्री के लिए सबसे जरूरी खनिज हैं, जैसे कोयला, लोहा और बाक्साइट आदि, यह छत्तीसगढ़ में प्रचुरता से है और स्वाभाविक रूप से हमारा प्रदेश स्टील, सीमेंट और एलुमीनियम आदि के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से है। 25 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट राज्य है। देश के 16 प्रतिशत स्टील और 15 प्रतिशत एल्यूमीनियम का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र राज्य है जो टिन का उत्पादन करता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में लीथियम जरूरी है। छत्तीसगढ़ में न केवल लीथियम के बड़े भंडार मिले हैं अपितु हम लीथियम ब्लाक की नीलामी करने वाले पहले राज्य हैं।
 

मध्य प्रदेश के सागर जिले में इनकम टैक्स विभाग की एक बड़ी कार्रवाई ने सभी को चौंका दिया है। विभाग द्वारा एक पूर्व विधायक के घर पर छापेमारी के दौरान दो जीवित मगरमच्छ, भारी मात्रा में सोना, नकदी, और बेनामी संपत्ति का पता चला। इस घटना ने न केवल प्रशासन बल्कि आम जनता को भी हिला कर रख दिया है।

क्या है मामला?

यह मामला तब सामने आया जब आयकर विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर पूर्व विधायक के घर और उससे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। यह रेड पिछले 48 घंटों से चल रही थी।

मगरमच्छ कैसे बरामद हुए?

रेड के दौरान अधिकारियों को घर के पिछले हिस्से में एक विशेष संरचना दिखाई दी, जो एक छोटे तालाब की तरह थी। जब इसे जांचा गया, तो उसमें से दो मगरमच्छ जीवित पाए गए। इन मगरमच्छों को तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया।

बेनामी संपत्ति और सोना

रेड के दौरान विभाग को:

  • 50 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज़ मिले।
  • करीब 10 किलो सोना बरामद किया गया।
  • 5 करोड़ रुपये की नकदी भी जब्त की गई।

पूर्व विधायक पर लगे आरोप

पूर्व विधायक पर पहले से ही भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप थे। इस रेड ने उन पर लगे आरोपों को और गंभीर बना दिया है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

इस पूरी घटना पर प्रशासन ने कहा कि:

“यह मामला न केवल आयकर चोरी बल्कि वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन से भी जुड़ा है। पूर्व विधायक के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और आयकर अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

वन विभाग का बयान

वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, और इस मामले में अलग से जांच शुरू की जाएगी।

आगे की कार्रवाई

पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आयकर विभाग अब यह जांच कर रहा है कि उनके पास मौजूद संपत्ति और नकदी का स्रोत क्या है।

यह क्यों है हैरान करने वाला मामला?

मध्य प्रदेश में इस तरह का यह पहला मामला है, जहां एक राजनेता के पास वन्यजीवों की अवैध रूप से मौजूदगी पाई गई है। यह घटना न केवल भ्रष्टाचार बल्कि वन्यजीवों के अवैध व्यापार और तस्करी की ओर भी इशारा करती है।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि कैसे इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियां लंबे समय तक छिपी रहीं।


यह मामला भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों की जड़ तक पहुंचने के लिए प्रशासनिक सख्ती की आवश्यकता को रेखांकित करता है। इससे यह भी साबित होता है कि कानून के हाथ लंबे हैं और गलत काम करने वालों को देर-सवेर जवाब देना ही पड़ेगा।

 
देशभर के 400 जल विशेषज्ञ और अनुभवी इंजीनियर्स हो रहे शामिल
 
 
panchayattantra24.-रायपुर । पानी प्रकृति का अनमोल उपहार है, जिसे ईश्वर ने हमें बेमोल दिया है, लेकिन हमें इसका मोल समझना होगा। आज पूरा विश्व जल संकट से जूझ रहा है। देश-दुनिया के कई शहरों में भू जल स्तर में तेजी से गिरावट आ रही है। यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो जल संकट विकराल रूप धारण कर सकता है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद को सहेजना होगा। जल संरक्षण की जिम्मेदारी हम सबकी है। जल प्रबंधन आज समय की मांग है। हमें आने वाली पीढ़ियों के बेहतर जीवन के लिए जल के प्रबंधन, संरक्षण के साथ ही जल स्रोतों के संवर्धन पर विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंडियन वाटर वर्क्स एसोसिएशन के 57वें वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वैश्विक जलवायु संकट के परिपेक्ष्य में जल संरक्षण और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जल संरक्षण के लिए जल जीवन मिशन, जल शक्ति अभियान, अमृत सरोवर, मिशन अमृत और एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान शुरू कर जल और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मोदी जी ने प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर घर नल से जल योजना शुरू की। हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नल कनेक्शन प्रदान किया है, जिससे लोगों के घरों में साफ पानी पहुंचने से उनका स्वास्थ्य स्तर भी सुधरा है और ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंडियन वॉटर एसोशिएसन की स्मारिका का विमोचन किया।
उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश भर से आए इंजीनियर्स, जल संरक्षण के विषय विशेषज्ञ जल संरक्षण के विषय में गहन विचार विमर्श करेंगे और जल संरक्षण के लिए रणनीति तैयार करने में योगदान देंगे।
उल्लेखनीय है कि इंडियन वॉटर एसोशिएसन की मेजबानी में दूसरी बार राजधानी रायपुर में 10 से 12 जनवरी तक आयोजित किए जा रहे इस अधिवेशन में जल-360 डिग्री की थीम रखी गई है। अधिवेशन में देश के 400 जल विशेषज्ञ और अनुभवी इंजीनियर शामिल हो रहे हैं। अधिवेशन में जल, अपशिष्ट जल उपचार और सतत प्रबंधन में नवीन टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर विचार-विमर्श किया जाएगा।