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Author: admin
रायपुर । पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डीकेएस हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता ने जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया है. मामला कांग्रेस नेता डॉ. राकेश गुप्ता द्वारा की पुलिस अधीक्षक से शिकायत से जुड़ा हुआ है ।



रायपुर । राजधानी में डीकेएस हॉस्पिटल में अब एंबुलेंस की संख्या 12 से घटाकर 5 करने जा रही है. दरअसल, पूर्व प्रबंधक ने कमीशनखोरी और अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए 12 एंबुलेंस रखा था, जो सिर्फ धूल खाती पड़ी रहती थी. जिसे , जिसके बाद जिम्मेदार अधिकारी जागे, फिर अतिरिक्त 7 एंबुलेंस को शासन को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है ।
गौरतलब है कि कई मेडिकल कॉलेजों और हॉस्पिटल में एंबुलेंस ही नहीं है और डीकेएस में सर्व सुविधा युक्त एंबुलेंश की 16 गाड़ी धुल खाती खड़ी है, जिसका कोई औचित्य नहीं है, इन गाड़ियों में कुछ एंबुलेंस मध्यप्रदेश का है. जिसके जांच की मांग को लेकर खबर को प्रमुखता से उठाया था जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने संज्ञान लिया ।
इस मामले में डीकेएस हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ कमल किशोर सहारे ने कहा कि 5 एंबुलेंस से काम चल सकता है, इसलिए बाकी एंबुलेंस को शासन को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से इस मुद्दे को लेकर चर्चा हुई है. कागजी कार्रवाई अभी बाकी है. और बाकी शिकायत पर अभी कार्रवाई जारी है ।
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हॉस्पिटल में औसतन दिन में लगभग 10 केस रेफर किया जाता है, जिसमें संजीवनी एक्सप्रेस का सहारा लिया जाता है. डॉ सहारे के मुताबिक एंबुलेंस कर्मियों का शोषण किया जा रहा है, जिसकी शिकायत उन्हें मिली थी ।
आपको बता दें कि हॉस्पिटल में एंबुलेंस सेवा छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉर्पोशन से टेंडर हुआ है, फिलहाल सचिन आनंद मैनेजर द्वारा संचालन किया जा रहा है ।
रायपुर । सरकारी नियुक्तियों पर रोक के भाजपा के झूठे प्रचार पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. त्रिवेदा ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनने के बाद लगातार नौजवानों के लिये सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर सुलभ कराये जा रहे हैं. 15 वर्ष बाद 15000 शिक्षकों के पद विज्ञापित हुये हैं और सहायक प्राध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जा रही है. 800 स्टाफ नर्स के रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जा रही है ।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह समेत कई भाजपा नेताओं ने आज ट्वीट कर प्रदेश सरकार पर सरकारी नौकरी पर एक साल के लिए रोक लगाने का आरोप लगाया. रमन सिंह ने लिखा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव पूर्व आपने युवाओं से बड़े-बड़े वादे किये लेकिन सत्ता मिलते ही उनके साथ छल किया है. भाजपा की सरकार अथक परिश्रम से प्रदेश को समृद्ध स्थिति तक लायी परन्तु आपकी नीतियाँ दोबारा प्रदेश को पिछड़ा राज्य बनाने जा रही हैं ।
पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल ने भी मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य रुके हुए हैं और कर्ज लेकर आप सिर्फ चुनावी फंडिंग में जुटे हैं ।
इन सभी आरोपों पर त्रिवेदी ने कहा कि पिछली सरकार के आदेश को फिर से नये वित्तीय वर्ष के लिये जारी करने पर भाजपा दुर्भावनावश झूठा प्रचार कर रही है. पिछली रमन सिंह सरकार ने जो निर्णय लिया था, उसे मात्र ही जारी रखने के परिपत्र पर भाजपा झूठ फैलाने में लगी है. वित्त विभाग की अनुमति से नियुक्यिं हो, यह स्थापित और मान्य परंपरा है और इसमें कुछ भी नया नहीं है ।
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भाजपा के झूठ और असत्य आधारित राजनीति पर तगड़ा प्रहार करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की भ्रम फैलाने की कोशिशों का छत्तीसगढ़ के लोग करारा जवाब देंगे. राज्य शासन के वित्त निर्देश 09/2019 में संदर्भित 2014, 2015, 2016, 2017 और 2018 के उल्लेखित ज्ञापत्रों से यह स्पष्ट है कि यह निर्देश रमन सिंह सरकार के समय से ही प्रभावशील है और इसे राज्य की वित्तीय स्थिति या नौजवानों की नौकरियों से जोड़कर भाजपा निचले स्तर की और भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना चाहते हैं. वे पूरी तरह से निःशुल्क इलाज की व्यवस्था करना चाहते हैं. स्वास्थ्य मंत्री की कोशिश यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम लागू करने की है. लेकिन लगता है कि व्यवस्था को अव्यवस्था में बदलने वाले सिस्टमधारी लोग ये कभी पूरा नहीं होने देंगे. इसके अनेक उदाहरण समय-दर-समय देखने को मिलते ही रहे हैं. एक बार फिर आज सिस्टमधारी लोगों ने यह साबित कर दिया कि जनता भले ही सत्ता बदल देती है लेकिन सत्ता व्यवस्था को बदल पाए ऐसे सिस्टम में बैठें लोग कभी होने नहीं देते ।
नहीं तो 4 सौ किलोमीटर दूर का मरीज राजधानी में बेहतर इलाज के लिए सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में आकर डॉक्टरों के चक्कर नहीं काट रहा होता. इससे दुःखद क्या होगा कि लाचार-बीमार मरीज को एक ही दिन में 6 बार मेकाहारा से डीकेएस घुमाया जाता है. एक मरीज को अस्पताल में एंबुलेंस होने के बाद भी इसकी मदद नहीं मिलती है. एक मरीज को ऑटो में सफर करने पर मजबूर होना पड़ता है. एक मरीज को इतना तड़पना पड़ता है कि आटो में चढ़ते वक्त वह गिर जाता है।
ये एक मरीज है राजेश सोनवानी. राजेश सोनवानी जो कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के इलाके ही रहने वाला है. सूरजपुर से राजेश सोनवानी को बेहतर इलाज के लिए रायपुर अंबेडकर अस्पताल भेजा गया था. लेकिन यहाँ बेहतर इलाज तो दूर इलाज ही नसीब नहीं हो रहा है. बीते 14 दिनों से राजेश कभी मेकाहारा में डाक्टरों के चक्कर काटता, कभी डीकेएस में भटकते रहता है ।
राजेश सोनवानी सूरजपुर में सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था. एक्सीडेंट में राजेश के सिर और जबड़े में चोट है. लेकिन इस चोट से ज्यादा चोट तो बीते 14 में दिनों अंबेडकर और डीकेएस प्रशासन दे चुका है. जो उन्हें इलाज देने की बजाए इधर से उधर दौड़ा रहे हैं. राजेश के परिजन धर्मजीत सिंह ने lalluam.com से अपनी पीड़ा बताते हुए रो देते हैं. आँखों में आशु लिए धर्मजीत सिंह जैसा अस्पताल प्रशासन कह रहे हैं बस वही कर रहे हैं. क्योंकि उनके पास निजी अस्पताल में इलाज कराने को पैसा नहीं है. और यहाँ गरीबों के अस्पताल में सरकारी व्यवस्था गरीबों को मजाक उड़ाने में लगी है. उनका दर्द दूर करना छोड़ उन्हें दुःख देने में लगी है ।
हालांकि डीकेएस के अधीक्षक केके सहारे से जब हमने बात की तो उन्होंने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है. आपके माध्यम से यह बात सामने आई है. इसकी पूरी जानकारी लेकर पीड़ित मरीज को पूर्ण इलाज मुहैय्या करवाता हूँ. अगर हमारी ओर से इलाज देने में कोई लापरवाही बरती होगी तो इसमें कार्रवाई भी की जाएगी ।
उम्मीद करते हैं राजेश की स्थिति और धर्मजीत सिंह की परिस्थित इस खबर के जरिए स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव तक जरूर पहुँचेगी. स्वास्थ्य मंत्री अपने इस विभागीय लापरवाही पर जरूर एक्शन लेंगे. राजेश को जल्द से जल्द बेहतर इलाज मिलेगा. राजेश के साथ जैसा अमानवीय व्यवहार हो रहा है वह रुकेगा और आगे किसी और के साथ नहीं होगा ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में आज एक खबर बहुत तेजी वायरल हुई कि प्रदेश में एक साल तक सरकारी नौकरियों पर रोक लगा दी गई है. मीडिया में ये रिपोर्ट आने के बाद भाजपा ने इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. यहाँ रमन सिंह ने भी ट्वीट करते हुए सरकार की आलोचना कर दी. रमन सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा था- मुख्यमंत्री @bhupeshbaghel जी चुनाव पूर्व आपने युवाओं से बड़े-बड़े वादे किये लेकिन सत्ता मिलते ही उनके साथ छल किया है. @BJP4CGState की सरकार अथक परिश्रम से प्रदेश को समृद्ध स्थिति तक लायी परन्तु आपकी नीतियाँ दोबारा प्रदेश को पिछड़ा राज्य बनाने जा रही हैं ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसी के बाद भाजपा और रमन सिंह को जवाब देते हुए ट्वीट किया कि डॉक्टर की डिग्री है, 15 साल तक प्रदेश चलाया, फिर भी यह अज्ञानता क्या नियमों की जानकारी आपको नहीं है आप भले ही अपनी सरकार नियमों को ताक पर रखकर चलाते होंगे, लेकिन हम नहीं. प्रदेश में सरकारी नौकरियों पर रोक नहीं, आउटसोर्सिंग पर रोक लगी है. आदेश की कॉपी पढ़ लें और झूठ न बोलें ।
वैसे आपको बता दे कि सुबह से यह बता दिया कि सरकारी नौकरियों पर रोक नहीं लगी है, बल्कि आउटसोर्सिंग पर सरकार ने रोक लगाई है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खबर को साझा किया और उसे अपने ट्विटर पर रि-ट्वीट भी किया है ।