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Author: admin
छुरा (रक्सी)। छुरा विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्रामीण इलाकों में झोला छाप डॉक्टरों का बोल बाला है। सुदूर वनांचल क्षेत्र में बाइक में सवार होकर अपने कंधे पर झोला लटकाए हुए कुछ इंजेक्शन एवं मामूली दवाई लेकर गांव-गांव घूमने वाले ये डॉक्टर क्षेत्र में इलाज करते हैं। इनके पास ना तो डॉक्टरी की कोई डिग्री होती है और ना ही इस विषय में कोई विशेष ज्ञान होता है।
विदित हो कि ये झोला छाप डॉक्टर छूट-पुट बीमारियों का इलाज कर डॉक्टर का तमगा हासिल कर लेते है व बाकायदा अपनी बाइक पर डॉक्टर होने का प्रमाण देते हुए रेडक्रॉस का निशान बना कर बेखौफ घूमते हैं। विदित हो कि छुरा नगर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दर्जनों गांव के ग्रामीण अपना इलाज कराने पहुंचते हैं परंतु वहां पर पदस्थ कर्मचारियों द्वारा स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों के साथ दुर्व्यवहार कर कोई भी जानकारी पूछे जाने पर नहीं दी जाती जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण अपने जान को हथेली में रख कर इन झोला छाप डॉक्टरों के माध्यम से इलाज करने को विवश हो जाते हैं।
रायपुर । भारतीय राजनीति के सबसे सफल राजनेताओं में से एक, इंजीनियर, प्रोफेसर, आईपीएस, आईएएस रहने वाले छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने जीवन के महत्वपूर्व 72 साल पूरे कर लिए हैं. 29 अप्रेल सोमवार को अजीत जोगी ने अपना 73वाँ जन्मदिन मनाया. हालांकि अजीत जोगी इस खास मौके पर छत्तीसगढ़ में मौजूद नहीं थे. उन्होंने अपना जन्मदिन हिमाचल प्रदेश में हसीन वादियों के बीच मनाया. जोगी का जन्मोत्सव मना धर्मशाला स्थित धौलाधार पहाड़ियों में. इस विशेष मौके पर अजीत जोगी के साथ उनका पूरा परिवार था. अजीत जोगी के इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए जोगी की पत्नी रेणु जोगी, बेटा अमित जोगी, बहू ऋचा जोगी और अजीत जोगी के मित्र लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह मौजूद थे. अमित जोगी ने इस खास मौके की तस्वीरें अपने ट्विटर पर साझा की है ।
बिलासपुर/रायपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक बलराम सिंह ठाकुर का निधन हो गया. काफी लंबे से समय से बीमार चल रहे बलराम सिंह ने 81 वर्ष की आयु में आज अंतिम सांस ली. उनके निधन से छत्तीसगढ़ कांग्रेस में और खास तौर बिलासपुर में शोक की लहर है. बलराम सिंह ठाकुर बिलासपुर के कद्दावर नेताओं में से एक थे. वे रतनपुर महामाया मंदिर ट्रस्ट के आजीवन अध्यक्ष भी थे. बलराम सिंह ठाकुर कांग्रेस नेता आशीष ठाकुर के पिता और तखतपुर विधायक रश्मि सिंह के ससूर थे. बलराम सिंह की राजनीतिक विरासत को अब उनके पुत्र-वधु संभाल रहे हैं ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बलराम सिंह के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया. सीएम बघेल ने बलराम सिंह ने ट्वीट कर कहा कि उनका जाना हम सबके लिए छत्तीसगढ़ के अपूर्णीय क्षति है. वे न सिर्फ एक बेहतर राजनेता थे बल्कि सामाजिक जन चेतना के नेता भी थे. उन्हें कई सामाजिक-धार्मिक कार्यों के लिए भी याद किया जाएगा ।
वहीं मुख्यमंत्री ने स्व श्री ठाकुर के सुपुत्र आशीष सिंह से दूरभाष से बातचीत कर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री ठाकुर का निधन छत्तीसगढ़ के लिये अपूरणीय क्षति है ।
आपको बता दे कि बलराम सिंह ठाकुर तखतपुर से दो बार विधायक रहे और दो बार बिलासपुर नगर निगम के महापौर रहे. वे रतनपुर महामाया मंदिर के अध्यक्ष भी रहे. वे बीते कई माह से काफी बीमार चल रहे थे. उन्हें पहले बिलासपुर स्थित अपोलो में भर्ती कराया गया था, फिर बेहतर इलाज के लिए वेंदाता अस्पताल दिल्ली भी ले जाएगा था. लेकिन बाद फिर उनका इलाज बिलासपुर स्थित अपोलो अस्पताल में ही चल रहा था. उन्हें साँस लेने में काफी दिक्कतें हो रही थी. उनके फेपड़े में पानी जमा हो गया था. अंतिम संस्कार आज सरकंडा स्थित मुक्तिधाम में शाम 4 बजे किया जाएगा ।
रायपुर । डा. पुनीत गुप्ता आज मंलगवार को गोलबाजार थाना में उपस्थित हो सकते हैं. जिसको लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. डीकेएस अस्पताल फर्जीवाड़े में 50 करोड़ रुपए घोटाले का आरोपी पुनीत गुप्ता बीते कई माह से फरार हैं ।
गौरतलब हो कि डीकेएस अस्पताल में डॉ. पुनीत पर में कार्यकाल के दौरान 50 करोड़ रुपए घोटाले समेत कई अनियमितताओं को लेकर फर्जीवाड़े के आरोप हैं अस्पताल के वर्तमान अधीक्षक डॉ. केके सहारे ने पिछले महीने 15 मार्च को DKS पूर्व अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ गोलबाजार थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. जिसको लेकर गोलबाजार पुलिस बयान और पूछतांछ करना चाहती है ।
कुछ ही समय में गोलबाजार थाने डॉ पुनीत गुप्ता पहुंचने वाले हैं.टीआई गोलबाजार और आजाद चौक सीएसपी नसर सिद्दीकी पहुंच गए है. दोनों जांच अधिकारी पुनीत गुप्ता से करेंगे पूछताछ.डीकेएस फर्जीवाड़े मामले के आरोपी है पुनीत गुप्ता को पुलिस ने 11 बजे का टाइम दिया है.पुलिस ने पुनीत गुप्ता से पूछताछ के लिए प्रश्न तैयार कर लिए हैं ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के भाजपा विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के नेतृत्व में झारखंड में चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाल लिया है। कौशिक 30 अप्रैल से 10 मई तक झारखंड में रहेंगे और धनबाद लोकसभा में प्रचार अभियान में शामिल होंगे। कौशिक के साथ विधायक रजनीश सिंह, डॉ. केएम बांधी सहित भूपेंद्र सवन्नी, ज्योतिनंद दुबे रहेंगे।
केंद्रीय राज्यमंत्री विष्णुदेव साय व वनौषधि पादप बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रामप्रताप सिंह 6 मई को खुंटी लोकसभा क्षेत्र के प्रवास पर रहेंगे। प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव व विशेष आमंत्रित सदस्य ओपी चौधरी रांची संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार करेंगे। चौधरी झारखंड पहुंच गये हैं और उनकी करीब 20 नुक्कड़ सभाएं होंगी।
झारखंड के सहप्रभारी रामविचार नेताम लगातार दौरा और सभाएं कर रहे हैं। पूर्व मंत्री केदार कश्यप, किरण देव और श्याम बिहारी जायसवाल 19 मई को दुुमका संसदीय क्षेत्र में प्रचार करेंगे। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा राजमहल संसदीय क्षेत्र में पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे।
गिरिडीह में लोकेश कावडिया, विष्णुशंकर मिश्रा, चम्पालाल प्रजापति, सुरेन्द्र पाटनी, आसुतोष दत्ता व बलराम विश्वकर्मा, जमशेदपुर में मोतीलाल साहू, प्रदीप गांधी व प्रीतम साहू, वीरेन्द्र साहू, संजय पांडेय व तोखन साहू और सिंहभूमि संसदीय क्षेत्र में भरत मटियारा व सतीश लाटिया, मंतूराम पवार, ब्रह्मानंद नेताम व भोजराज नाग तथा सतीश लाटिया पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे।
रायपुर । लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटते ही प्रदेश सरकार पर भारी दबाव रहेगा। एक तरफ, तो उस पर अपने बड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने की चुनौती रहेगी और दूसरी तरफ किसान से लेकर दूसरे दूसरे वर्ग और संगठनों की फिर से सरकार पर निगाह टिक जाएगी। सरकार ने किसानों को बोनस राशि तो दे दी है, लेकिन उन्हें बैंकों से कर्जमाफ का सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया है। किसान सर्टिफिकेट चाहेंगे।
पुलिस से लेकर शिक्षाकर्मी, अनियमित कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत दूसरे संगठन अपनी मांगों को लेकर फिर से सड़क पर उतर सकते हैं। इसका कारण यह है कि इसी साल नवंबर-दिसंबर में नगरीय निकायों का चुनाव होना है, उसके पहले हर कोई चाहेगा कि उसकी मांग पर सरकार मुहर लगा दे।
छत्तीसगढ़ का खजाना खाली होने को है। कांग्रेस सरकार का कहना है कि जब उसे सत्ता की चाबी मिली तो पूर्ववर्ती भाजपा सरकार 50 हजार करोड़ का कर्ज छोड़कर गई थी। इसके बाद जब कांग्रेस सत्ता में आई, तो उसने किसानों का कर्जमाफ, बोनस और धान का मूल्य 1750 स्र्पये से बढ़ाकर 25 सौ स्र्पये देने के लिए प्रतिभूतियां गिरवी रखकर लोन लेना पड़ा। तीन माह में कांग्रेस सरकार ने 10 हजार 400 करोड़ स्र्पये का कर्ज ले लिया है।
यह केवल प्रतिभूतियों वाला कर्ज है। विभागीय कर्ज की बात की जाए, तो वह अलग है। जैसे कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए 900 करोड़ कर्ज लेने की तैयारी चल रही है। सरकार के कर्ज लेने पर विपक्ष भाजपा बार-बार हमला कर रही है।
विपक्ष का कहना है कि आर्थिक कुप्रबंधन का नतीजा है, जिसकी वजह से कांग्रेस सरकार को शुस्र्आत में ही ताबड़तोड़ कर्ज लेना पड़ा है। आरोप-प्रत्यारोप तो चलता रहेगा, लेकिन सच्चाई यह है कि आर्थिक संकट से जूझ रही सरकार अब तक आय के दूसरे स्त्रोत भी नहीं तलाश पाई है, जिससे कर्ज चुकाते हुए खजाने को फिर से भरा जा सके।
योजना लागू करने की चुनौती रहेगी
– नरवा, गस्र्वा, घुरवा, बाड़ी- यह मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका मॉडल आरंग विधानसभा क्षेत्र के बैहार गांव में बनाया गया है। इस योजना के तहत हर गांव की आर्थिक स्थिति सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।
– सर्वजन स्वास्थ्य का अधिकार- दुर्ग के एक अस्पताल से मॉडल प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। इस व्यवस्था के माध्यम से हर नागरिक को न केवल इलाज, बल्कि मेडिकल जांच की सुविधा भी मुफ्त में दी जाएगी।
– 35 किलो चावल- आचार संहिता हटने के बाद पहले की तरह न केवल गरीब, बल्कि सामान वर्ग के परिवार को भी प्रतिमाह 35 किलो चावल देने की घोषणा की गई है। पहले तो हर परिवार का नया कार्ड बनाया जाएगा।
मांगों को पूरा करना आसान नहीं
अनियमित कर्मचारी- विधानसभा चुनाव के पहले से संविदा, दैनिक वेतन भोगी और प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारी नियमितीकरण और समान वेतन-समान काम की मांग कर रहे हैं।
शिक्षाकर्मी- शिक्षाकर्मी नियमितीकरण की लंबे समय से मांग कर रहे हैं। अब बाकी खाली पदों पर नियमित शिक्षकों की भर्ती की मांग भी हो रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका रोजी के आधार पर भुगतान के बजाए मासिक भुगतान की मांग कर रहे हैं।
चिटफंड घोटाले के शिकार-चिटफंड कंपनियों में एक करोड़ लोगों के 5000 करोड़ स्र्पये डूब गए हैं, सरकार ने पैसा वापस दिलाने का वादा किया है।
पुलिस कर्मी-पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की घोषणा हो चुकी है, लेकिन व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। भत्ता बढ़ाने की भी मांग लंबित है।
रायपुर । विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सीटें और लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिलने के बाद अब जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ सुप्रीमो अजीत जोगी कांग्रेस में वापसी की जद्दोजहद कर रहे हैं। इस बात की राजनीतिक गलियारे में चर्चा इसलिए शुरू हो गई है, क्योंकि जोगी परिवार के साथ पिछले कई दिनों से दिल्ली में डटे हुए हैं।
उनके करीबी लोगों की मानें तो कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं से चर्चा भी हुई है। लोकसभा चुनाव के नतीजे के पहले ही जोगी अपनी गोटी फिट करने में लगे हैं, इसलिए उन्होंने सोमवार को अपना जन्मदिन भी दिल्ली में ही सादे तरीके से मनाया।
जोगी ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) से सभी 90 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने की बात कहते रहे, लेकिन जैसे ही चुनाव पास आया, उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन कर लिया था। जकांछ 55 सीटों पर चुनाव लड़ी, उसमें से केवल पांच सीटों पर जीत पाई। जीती हुई सीटों में एक तो जोगी और दूसरी पत्नी डॉ. रेणु जोगी की है। इसके बाद जोगी ने लोकसभा चुनाव के रास्ते दिल्ली जाने की सोची।
उन्होंने विधानसभा चुनाव की तरह बसपा से गठबंधन करके लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया। जोगी बसपा सुप्रीमो मायावती से 11 लोकसभा सीटों में से केवल एक या दो ही सीट चाह रहे थे। बाद में खुद के लिए एक सीट पर भी समझौता करने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन मायावती ने जकांछ के लिए एक भी सीट नहीं छोड़ी।
ऐसी स्थिति में जोगी ने कहा कि वे साम्प्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे भाजपा को हराना चाहते हैं। इसके बाद जोगी ने यह बयान भी दिया कि वे जब चाहेंगे, कांग्रेस में उनकी वापसी हो जाएगी। दरअसल, जोगी के लिए केवल पांच सीटों पर रहकर विपक्ष की राजनीति करते हुए जकांछ को चला पाना मुश्किल हो गया है, इस कारण वे कांग्रेस में आना चाह रहे हैं।
पत्नी रेणु बन सकती हैं माध्यम
जकांछ सुप्रीमो की पत्नी डॉ. रेणु जोगी को विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया, तो जकांछ के टिकट से चुनाव लड़कर विधायक बन गईं। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से डॉ. रेणु जोगी का संबंध आज भी अच्छा है। जोगी और कांग्रेस हाईकमान के बीच चर्चा में रेणु जोगी माध्यम होंगी।
जकांछ नेताओं का कांग्रेस प्रवेश, क्या संकेत दे रहा?
जकांछ के टिकट से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सात नेता ऐन लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में आ चुके हैं। कुछ ने कांग्रेस में प्रवेश किए बिना लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए काम किया है। इतना ही नहीं, जकांछ के कई प्रवक्ताओं और दूसरे पदाधिकारियों ने भी कांग्रेस में प्रवेश कर लिया है।
जिन नेताओं ने जकांछ छोड़ा है, उनमें से कुछ का कहना है कि जोगी ने ही उन्हें हरी झंडी दी है। अब इसके पीछे कारण यही हो सकता है कि जोगी सोच रहे हैं, जब कांग्रेस में उनकी वापसी हो, तो उनकी टीम पहले से बनी रहे।
कांग्रेस का बड़ा खेमा नहीं चाहेगा जोगी की वापसी
कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं का बड़ा खेमा नहीं चाहेगा कि जोगी की कांग्रेस में वापसी हो। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तो अंतागढ़ टेपकांड में जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी की जांच के लिए एसआइटी का गठन कर दिया है। दोनों के खिलाफ एफआइआर भी हो चुकी है। बघेल कई बार कह चुके हैं कि अब जोगी के लिए कांग्रेस का दरवाजा बंद हो चुका है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने भी यही बात कही है कि जोगी की वापसी संभव नहीं है, क्योंकि उनके नहीं रहने से कांग्रेस को उम्मीद से ज्यादा विधानसभा सीटों पर जीत मिली है।
मंत्री टीएस सिंहदेव पहले ही कई बार कह चुके हैं कि जोगी कांग्रेस में वापस आए, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। वहीं, कांग्रेस के पुराने नेता और कार्यकर्ता जकांछ के लोगों के कांग्रेस प्रवेश से भीतर ही भीतर नाराज हैं। उनका कहना है कि जब कांग्रेस मुश्किल दौर में थी, तब पार्टी छोड़कर चले गए थे। अब सत्ता में आ गई है, तो सुख भोगने के लिए कांग्रेस में वापस कर रहे हैं।
रायपुर। जे.सी.आई (J.C.I) रायपुर सिटी के द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न चौक चौराहों एवं कॉलोनियों में 40 लीटर वाले पानी के कोटने वितरण किये गए। इसी प्रकार हर रविवार को कोटने वितरण किये जायेंगे। साथ ही साथ जगह – जगह सकोरों का भी वितरण किया जाएगा।जिस किसी सज्जन को कोटनो एवं सकोरे की आवश्यकता हो इस नंबर पे संपर्क करें – 7828023457 , कोटने वितरण में मुख्य रूप से जगदीश सोनी,विशाल कुकरेजा, शंकरलाल वरन्दानी,सुरेश टहल्यानी,जित्तू सोनी,मयंक नागदेव,अंकित बसंतवानी, अमित नागदेव आदि उपस्थित थे।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के चुनावी वादे किसानों का कर्जा माफ , बिजली बिल हाफ की मौजूदा स्थिति पर कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ की जनता को धोखा देने के अलावा और कुछ नहीं किया है। किसानों को छला गया। बिजली बिल हाफ करने का वादा किया था तो छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ तो नहीं हुआ बल्कि बिजली की आपूर्ति आधी हो गई और कई जगह तो बिजली साफ ही हो गई।
रायपुर । लोकसभा चुनाव और अपराधिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के सम्मान में समारोह का आयोजित किया गया. समारोह में डीजीपी डीएम अवस्थी ने अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया. इस अवसर पर रायपुर आईजी, एसएसपी, दुर्ग आईजी और एसपी सहित पीएचक्यू के अधिकारी उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर चार महत्वपूर्ण अपराध को सुलझाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया. इसमें टिकरापारा में छतीसगढ़ ज्वेलर्स में हुए चोरी का खुलासा करने के लिए एसपी नीथू कमल, टीआई अश्वनी राठौर सहित जवान को पुरस्कार प्रदान किया गया. इसके अलावा भिलाई गोलीकांड और बालोद में आँचल यादव हत्याकांड सुलझाने वाले अधिकारी दुर्ग एसपी प्रखर पांडे और निरीक्षक गौरव तिवारी, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह भी पुरस्कृत हुए. इसके साथ लोकसभा चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए रायपुर आईजी आनंद छाबड़ा, डीआईजी अजय यादव, एसपी नक्सल ऑपरेशन डी. रविशंकर, एआईजी देवनाथ, डीआईजी ओपी पाल, डीआईजी डॉ संजीव शुक्ला पुरस्कृत किए गए ।
इस अवसर पर डीजीपी डीएम अवस्थी ने कहा कि पुलिस वालों की कठिनाइयां बहुत हैं. लगातार 4 महीनों तक काफी वीआईपी मूवमेंट हुआ. राहुल गांधी और प्रधानमंत्री का दौरा हुआ. इन दौरों में सफलतापूर्वक सुरक्षा रही. अधिकारियों ने काफी मेहनत की. अपराधों को भी बेहतर तरीके से निपटाया गया. यह सम्मान कार्यक्रम होता रहेगा. हवलदार और आरक्षक मेहनत के साथ काम करते हैं. इस भीषण गर्मी में वे मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं ।
टीम वर्क से ही मिलती है सफलता
डीजीपी ने कहा कि मैं बिलासपुर जाने वाला हूं, वहां बच्चे की अपहरण की घटना को बेहतर तरीके से सुलझाया गया. एक मई को मैं खुद वहां जाकर सम्मान करुंगा. बालोद में मर्डर कांड और रायपुर के सराफा दुकान में हुई चोरी मामले भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बेहतर भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बस्तर के सुरक्षा अधिकारियों को जगदलपुर जाकर सम्मानित करुंगा. टीम वर्क से ही सफलता मिलती है. डीजीपी ने नसीहत देते हुए कहा कि जो एसपी और अधिकारी सम्मानित नहीं हुए हैं, वे भी ईमानदारी से मेहनत करें, ताकि वे भी सम्मानित हो सके. सम्मान हासिल करना है इसलिए किसी प्रकार की चोरी-डकैती न हो. मैं हर पुलिस कर्मी को सम्मान पाते देखना चाहता हूं ।
इन मामलों पर मिली पुलिस को सफलता
पहला मामला : रायपुर में 76 लाख की नकबजनी की घटना में तत्कालीन एसपी नितुकमल ने एक टीम गठित की गई थी, जिन्हे सफलता भी मिली… DGP ने एसपी नितुकमल सहित पूरे टीम को सम्मानित किया गया ।
दूसरा मामला : दुर्ग में एक लूट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को दिरफ्तार कर नगद सहित हथियार भी बरामद किया गया था… जिसके लिए दुर्ग एसपी प्रखर पांडे सहित asp रोहित सिंह, निरिक्षिक गौरव तिवारी और पूरी टीम को सम्मानित किया गया ।
तीसरा मामला : जिला बालोद में 26 मार्च 19 को हुए हाईटेक हत्याकांड आँचल यादव मामले में पुलिस की स्पेशल टीम ने भाई सिध्दार्थ और उनकी माँ को गिराफ्टर किया था… जिसके लिए एसपी एम एल कोटवानी सहित उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया गया ।
चौथा मामला : दुर्ग के पाटन में ज्वेलरी के कर्मचारी दुर्घटना कर उसकी हत्या कर ज्वेलरी में चोरी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को पुलिस ने पकड़ने में सफलता पाई थी… जिसको लेकर दुर्ग एसपी प्रखर पांडेय सहित पूरी टीम को सम्मानित किया गया ।