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जशपुर। मेडम में बहुत गुरूर में थी।  अंहकार इतना की इलाज के लिए पहुँचे बच्चे का इलाज न कर उसके पिता से अपने केबिन में पोछा लगवाने लगी।  सिर्फ इस वजह से क्योंकि बीमार बच्चे ने डॉक्टर मेडम के कक्ष में उल्टी कर दिया था।  आखिरकार डॉक्टर मेडम को यह अंहकार भारी पड़ा और निलंबन की गाज गिर गई।  स्वास्थ्य विभाग ने मीडिया में ये खबर वायरल होते ही जिला अस्पताल जशपुर में पदस्त डॉक्टर के।  केरकट्टा को निलंबित कर दिया है।  निलंबन अवधि में मेडम केरकेट्टा सरगुजा स्वास्थ्य संभागीय कार्यलय में अटैच रहेंगी। 

दरअसल बीते दिनों जशपुर के पूर्व विधायक जागेश्वर राम भगत के बेटे गंगाराम अपने पुत्र के इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुँचा था।  इलाज के लिए गंगाराम अपने 6 साल के बीमार बेटे को लेकर डॉ।  केरकेट्टा के पास पहुँचा।  लेकिन मेडम के कक्ष में बीमार मासूम ने उल्टी कर दिया।  इससे नाराज मेडम केरकट्टा ने गंगाराम से कह दिया कि पहले उल्टी को साफ करो, पोछा लगाओ फिर इलाज होगा।  लाचार पूर्व विधायक के पुत्र ने अपने पुत्र के लिए मेडम के कक्ष में पोछा लगाया।  पोछा लगाने का यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया

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रायपुर।  ऐसा दूसरी बार हुआ है जब पैथोलॉजी चलाने वाली संस्था को नोटिस थमाया गया है।  दरअसल पैथोलॉजी चलाने वाली संस्था के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थी कि वे मरीजों को टेस्ट के नाम पर डॉक्टर द्वारा लिखी गई टेस्ट से ज्यादा टेस्ट कर अधिक पैसे वसूलते थे।  ऐसा कारनामा उसके द्वारा पहले भी किया जा चुका है।  लेकिन प्रबंधन की ओर से केवल कारण बताओ नोटिस की ही कार्रवाई हर बार की जाती है।  एक बार फिर ये नोटिस थमाया गया है।  मरीजों से जांच के नाम पर अधिक पैसे लेने के आरोप में लल्लूराम। कॉम ने पहले भी खबर प्रकाशित की थी।  जिसकी जांच अस्पताल अधीक्षक द्वारा कराई गई, जांच के बाद मरीजों की शिकायत और नोटिस देने की कार्रवाई की गई है।  पैथोलॉजी संचालक को नोटिस दिए जाने की पुष्टि डीकेएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ केके सहारे ने की है। 

डॉक्टरों की भी लापरवाही आई सामने
इस मामले में डॉक्टरों की लापरवाही भी सामने आई है।  दरअसल जिस कॉलम में जांच का जिक्र किया जाता है उस कॉलम को कई बार डॉक्टर खाली छोड़ देते थे, जिसका फायदा पैथोलॉजी संचालक उठाता था और चालाकी से खाली कॉलम में अपने से टिक कर लेता।

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जांजगीर। जिले में फूड पॉइजनिंग से तबियत बिगड़ने से एक बच्चे की मौत का मामला सामने आया है वहीं दो बच्चें गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती हैं। पूरा मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है। दरअसल बच्चों की तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने तीनों बच्चों को सक्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां एक 5 साल की बच्ची कुमारी निखत ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।  वहीं दो बच्चें सय्यद अफ्तार अली और सय्यद राहत अली की गंभीर अवस्था को देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों को सक्ती अस्पताल से जिला अस्पताल जांजगीर रेफर कर दिया जहां उनका इलाज जारी है। परिजनों के मुताबिक बच्चों को पास के नटराज होटल से माजा (कोलड्रिंक) और बड़ा खरीद कर खाने के लिए दिया गया था जिसके सेवन के कुछ देर बाद ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी। तबियत बिगड़ने पर हमने तुरंत बच्चों को पास के ही समुदायीक स्वास्थ केंद्र लेकर गए। लेकिन समय पर बच्चों को इलाज नसीब नहीं हुआ।

परिजनों ने बच्चों के इलाज में लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है. मृतक बच्ची के पिता आरोप है कि जब बच्चों सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए तब वहां कोई डॉक्टर नही था आधे घंटे तक बच्ची अस्पताल में तड़पती रही और फोन करने के बाद डॉक्टर वहां पहुंचे अगर समय मे बच्ची को इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। वहीं इस मामले में सामूदायिक स्वास्थ केंद्र सक्ती के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल चौधरी का कहना है कि बच्चे के अस्पताल में आते ही उसका इलाज शुरू कर दिया गया था मगर बच्ची को नही बचा सके. फिलहाल सक्ती थाने में मामले में मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है.

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दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में पुलिस को एक लाख रूपए के इनामी नक्सली को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। मिली जानकारी के अनुसार बारसुर थाना पुलिस ने मंगलवार को ठोठापारा इलाके में एक लाख रुपए के जनमिलिशियाई कमांडर को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार नक्सली का नाम रेणु उर्फ सुनील पिता पण्डरु कश्यप 32 वर्ष है और वह बुरदुदुम गांव का रहने वाला है। गिरफ्तार नक्सली ने इलाके में हुए कई नक्सली हमले में शामिल होने का अपराध स्वीकार किया है।

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रायपुर। बैंकों द्वारा इन दिनों पैसे जमा करने से लेकर पैसे निकालने तक का शुल्क लिया जा रहा है। सबसे ज्यादा उपभोक्ताओं के लिए दुखदायी बात है बचत खाते में मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाला जुर्माना। आमतौर पर बैंक बचत खातों में मिनिमम एवरेज बैलेंस न रहने पर जुर्माना लगता है, लेकिन सभी बैंकों में मिनिमम बैलेंस की राशि और जुर्माना अलग-अलग होता है।
यह बैंक खाते के प्रकार पर भी निर्भर करता है। बैंकिंग अधिकारियों के अनुसार अधिकांश शासकीय बैंकों में अर्ध शहरी क्षेत्रों के लिए 2000 रुपये, शहरी क्षेत्रों के लिए 3000 रुपये तक मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी है। निजी बैंकों में यह राशि 10000 रुपये तक होती है। इस खबर के जरिए हम आपको बता रहे हैं कि एसबीआइ और बैंक ऑफ बड़ौदा के मिनिमम बैलेंस के बारे में।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआइ) के ग्राहकों के लिए बचत खाते में न्यूनतम राशि रखना अनिवार्य है, लेकिन बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (बीएसबीडी) में यह नियम लागू नहीं होता। एसबीआइ की शाखाओं को मेट्रो, ग्रामीण, शहरी और अर्ध शहरी में बांटा गया है। मेट्रो और अर्ध शहरी शाखाओं में ग्राहकों के लिए खाते में 3000 रुपये एवरेज मंथली बैलेंस (एएमबी) रखना अनिवार्य है। अर्धशहरी क्षेत्रों के लिए यह 2000 रुपये, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1000 रुपये है।
मेट्रो और शहरी क्षेत्र की बैंक शाखाओं में जो ग्राहक खातों में 1500 रुपये या उससे कम बैलेंस रखते हैं उन पर 10 रुपये प्रति महीना जुर्माना और जीएसटी लगता है। अगर बैलेंस निर्धारित सीमा से 50-75 फीसद से कम है तो उन्हें 12 रुपये पेनाल्टी राशि और जीएसटी पेनाल्टी स्वरूप देना होगा। अगर बैलेंस 3000 रुपये के 75 फीसद से कम है तो पेनाल्टी राशि 15 रुपये होगी और साथ में जीएसटी भी देना होगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा
बैंक ऑफ बड़ौदा ने बचत खाते पर मिनिमम तिमाही एवरेज बैलेंस की सीमा को बढ़ा दिया है। नया नियम फरवरी से लागू हो गया है। शहरी ग्राहकों के लिए मिनिमम बैलेंस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है।
अर्धशहरी ब्रांच के लिए मिनिमम बैलेंस 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। ग्राहक अगर अपने खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो उन्हें जुर्माना देना होगा। बैंक की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक शहरी और मेट्रो ब्रांच के ग्राहक मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं तो उन पर 200 रुपये जुर्माना किया जाएगा। अर्ध-शहरी शाखाओं के लिए जुर्माने की राशि 100 रुपये होगी।

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बिलासपुर। बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड मामले में आरोपी बनाए गए लोगों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट से पूर्व सीएम रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, कांग्रेस के तत्कालीन प्रत्याशी मंतूराम पवार को जमानत मिल गई है। इन्हें जस्टिस गौतम भादुड़ी के कोर्ट से जमानत मिली है। इन तीनों याचिकाकर्ता के वकील रमाकांत मिश्रा थे।

बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, अमित जोगी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता, मंतूराम पवार और पूर्व मंत्री राजेश मूणत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। रायपुर के पंडरी थाने में कांग्रेस नेत्री डॉ। किरणमयी नायक के आवेदन पर 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस रजिस्टर किया गया था।
इसके बाद डॉ. पुनीत गुप्ता, राजेश मूणत और मंतूराम पवार ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। जिसे कोर्ट ने खारीज कर दिया था और कई बार सुनवाई में डेट भी बढ़ता चला गया और जमानत नहीं मिल रही थी। लेकिन आज इन तीनों को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।

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कोरबा। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जो कुछ भी छत्तीसगढ़ में हो रहा है वो कांग्रेस के नक्सलियों के हौसला बढ़ाने के कारण हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नक्सलियों के समर्थकों से आपको सावधान रहने की जरुरत है। कांग्रेस के घोषणा पत्र को पीएम ने ढकोसला पत्र बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने ऐलान किया है कि अगर दिल्ली में उसकी सरकार आती है तो वह देशद्रोह कानून खत्म कर देगी। जो लोग नक्सली गतिविधियां करते हैं उनको बचाने की कोशिश कर रही है। पीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ को लैंडमाइन चाहिए या बिजली और पानी की लाइन चाहिए, ये छत्तीसगढ़वासियों को तय करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हाथ विनाश के साथ है। पीएम ने संबोधन की शुरुआत में दिवंगत बीजेपी विधायक भीमा मंडावी और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित किया। 

 पीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जवान सरहद पर देश की रक्षा कर रहे हैं। आतंकियों से लड़ रहे हैं। लेकिन कांग्रेस उन जवानों के सुरक्षा कवच को छिनना चाहती है। कांग्रेस के इस ऐलान से हिंसा और आतंक फैलाने वाली ताकतें खुशी से नाच रही है। पीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जमीन से इतना कट चुकी है कि उसे देश के लोगों के भावनाओं की कद्र ही नहीं है। पीएम ने आयुष्मान भारत योजना और पीएम किसान योजना को लेकर भी कांग्रेस और छत्तीसगढ़ सरकार पर जमकर निशाना साधा। पीएम ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की सूची उपलब्ध नहीं करा रही है। पीएम ने कहा कि लोगों को धोखा देने में कांग्रेस ने पीएचडी कर रखी है। पीएम ने कहा कि हमारी सरकार जब पुनः आएगी तो पीएम किसान योजना को सभी किसानों के लिए लागू कर दिया जाएगा। साथ ही किसानों के लिए 60 साल की आयु के बाद नियमित पेंशन की व्यवस्था करेंगे। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि 2022 में जब आजादी के 75 साल होंगे तब सभी के पास अपना पक्का घर होगा।

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बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता संघ के साथ चिटफंड कंपनी के प्रभावितों ने पूर्व की रमन सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोलते हुए चकरभाटा थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया।  इस प्रदर्शन में करीब हजारों की संख्या में लोग पहुंचे हुए थे।  बिलासपुर में चिटफंड कंपनी के प्रभावितों ने पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और रामसेवक पैकरा पर एफआईआर करने की मांग की।  मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। 

प्रदेश महासचिव नंद कुमार निषाद ने बताया कि रोजगार मेले में जो भी नेता मंत्री आए थे।  उनमें से कुल 32 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआरदर्ज कराई जा रही है।  जिसमें पूर्व सीएम रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, पूर्व गृह मंत्री रामसेवक पैकरा तात्कालिक कलेक्टर समेत 32 लोगों के खिलाफ शिकायत की है। 
पदाधिकरोयों ने बताया कि संघ और 25000 प्रभावित परिवारों द्वारा बिलासपुर हाईकोर्ट में पहले भी हलफनामा दायर किया।  जिसमे चिटफण्ड कंपनियों के डायरेक्टर्स के अलावा शासन-प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी को पक्षकार बनाया गया है।  जिन्होंने इन चिटफण्ड कंपनियों को जांच में क्लीनचिट दे दिया था।

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रायपुर । छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन की उपस्थिति में पूर्व भाजपा सांसद एवं स्वतंत्रता सेनानी रेशमलाल जांगड़े के पुत्र हेमचंद जांगड़े एवं उनकी पत्नि कमला जांगड़े ने कांग्रेस प्रवेश किया ।
जांजगीर लोकसभा प्रत्याशी रवि भारद्वाज के पक्ष में काम करने का वादा किया. उन्होंने कांग्रेस पार्टी को जिताने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही ।

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रायपुर । राफेल लड़ाकू विमान सौदा मोदी सरकार के लिए तो मुसीबत बना ही है, साथ ही छत्तीसगढ़ के एक गांव के लिए भी परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। राफेल विवाद की वजह से आपसाप के लोग पूरे गांव औऱ वहां रहने वाले लोगों का मजाक बनाते हैं। दरअसल छत्तीसगढ़ के महासमुंद निर्वाचन छेत्र में एक छोटा सा गांव है, जिसका नाम ‘राफेल है। इस गांव में करीब 2000 परिवार रहते है।
गांव में रहने वाले कहते हैं कि दूसरे गांवों के लोग हमारा मजाक उड़ाते हैं। वे कहते हैं कि यदि कांग्रेस केंद्र में सत्ता में आई तो हमारी जांच होगी। हम गांव का नाम बदलने का अनुरोध लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय भी गए थे लेकिन हम उनसे मिल नहीं सके। उन्होंने कहा, ”राफेल विवाद के कारण यह नाम केवल नकारात्मक ध्यान आकर्षित करता है, लेकिन हमारे गांव की कोई परवाह नहीं करता। राज्य के बाहर तो अधिकतर लोगों को गांव के बारे में पता भी नहीं है।
गांववालों ने बताया कि पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी जरूरतें भी नहीं हैं। खेती बारिश के आसरे है क्योंकि यहां सिंचाई की कोई सुविधा नहीं है। गांव वालों को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि गांव का नाम राफेल क्यों रखा गया और इसका क्या अर्थ है।
उन्होंने कहा, ”हमें नहीं पता, लेकिन गांव का नाम राफेल दशकों पुराना है। साल 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन से भी पहले यह नाम है। मुझे इस नाम के पीछे का तर्क नहीं पता।
हालांकि, शिक्षित लोगों को अब ‘राफेल’ के जिक्र से असुविधा नहीं होती। सरपंच धनीराम ने बताया कि उड़िया भाषा में ‘राफेल’ का अर्थ पलायन से है। गांव के लोग रोजीरोटी के लिए पलायन करते थे तभी से पहले गांव का नाम ‘राफेल’ हो गया। अब चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर इस गांव को लेकर एक अलग तरह का मजाक चल रहा है।
सोशल मीडिया में कहा जा रहा है कि यदि कांग्रेस सत्‍ता में आई तो छत्तीसगढ़ के इस गांव का नाम बदल कर कुछ और रख दिया जाएगा। यह भी चुटकी ली जा रही है कि यदि कांग्रेस केंद्र में आई तो गांव के लोगों के खिलाफ जांच होगी।

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