Author: admin

रायपुर । प्रदेश के तीन लोकसभा सीट कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद में आज मतदान डाले जा रहे है. इसी बीच डोंगरगांव पोलिंग स्टेशन क्रमांक 76 में दुल्हन ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया. दुल्हन की वोट डालते हुए तस्वीर चुनाव आयोग ने भी अपने ट्वीटर अकाउंट में पोस्ट की है।
इसके अलावा आईटीबीपी के जवान भी मतदान डालने पहुंच रहे लोगों की मदद कर रहे है. ऐसे बुजुर्ग और दिव्यांग वोटर जिन्हें पोलिंग बूथ तक पहुंचने में परेशानी हो रही है, वे उन्हें बूथ तक पहुंचाने में पूरी मदद कर रहे है, जिससे वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सके. वहीं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और विधायक अजय चंद्राकर भी अपने परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे थे. वहीं कवर्धा के कलेक्टर और एसपी ने भी लाइन में लगकर सामान्य वोटरों की तरह मतदान किया. वहीं आईटीबीपी ने कुछ पोलिंग बूथ में हेल्थकैंप भी लगाया है, जहां मतदान करने आने वाले वोटरों का हेल्थ चेकअप किया जा रहा है. वहीं कुछ जवान बुजुर्ग वोटरों को पानी पिलाते भी नजर आ रहे है।

Read More

गरियाबन्द ।  महासमुंद लोकसभा के गरियाबंद जिले के 7 गांव के लोग चुनाव बहिष्कार पर अभी भी अडिग है. देवभोग विकास खण्ड के इन सभी गांव के ग्रामीणों की मांग है कि जब तक तेलनदी के सेनमूड़ा घाट पर पुलिया का निर्माण नहीं होगा वो मतदान नहीं करेंगे।
छत्तीसगढ़ के बाकी लोकसभा में देखे तो मतदाता बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे है, लेकिन गरियाबंद जिले के देवभोग विकास खण्ड के सेनमूड़ा, सगुनभाड़ी, खोकसरा, खम्हारगूडा, सेनमूड़ा, परेवापली, मोटरापारा में अब तक एक भी वोट नहीं डाले गए है. जबकि ठीरलीगुड़ा में केवल 4 वोट पड़े हैं. यहां तक के इन गांव में प्रत्याशियों के पोलिंग एजेंट तक नहीं बैठाने दिया गया ।
मतदान केंद्र पड़े खाली
हालांकि प्रशासन इन ग्रामीणों को मनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका लोगों पर कोई असर नहीं पड़ रहा हैं. पूरे गांव के लोग इकठ्ठा होकर मतदान बहिष्कार कर रहे है और पुल नहीं तो वोट नहीं के नारे लगा रहे हैं।
बता दें कि जिले के करीब 11 गांव के ग्रामीणों ने पहले चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने 3 गांव को मना लिया, पर 8 गांव के ग्रामीण मानने को तैयार नहीं है. अब देखना यह होगा कि ग्रामीण चुनाव बहिष्कार पर अड़े रहेंगे या फिर अधिकारियों की बात मानकर वोट करने पहुंचेंगे ।

Read More

दिल्ली । बजाज क्यूट खरीदने की योजना बना रहे लोगों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। कंपनी ने जानकारी दी है कि भारत में इसे 18 अप्रैल 2019 को लॉन्च किया जाएगा। देश में यह क्वाड्रिसाइकिल सेगमेंट की पहली गाड़ी होगी। सड़क और परिवहन मंत्रालय इसे बाजार में उतारने की मंजूरी दे चुका है।
बजाज क्यूट फोर-व्हीलर वाहन है। दिखने में यह कार जैसी है, लेकिन हकीकत में यह कार नहीं है। इसे थ्री-व्हीलर ऑटो रिक्शा का फोर-व्हीलर वर्जन कहना भी गलत नहीं होगा। इस में एक स्टीयरिंग व्हील और चार पहिये लगे हैं। ड्राइवर के साथ एक पैसेंजर के बैठने की सीट भी इस में दी गई है। इस में ड्राइवर समेत कुल चार लोग बैठ सकते हैं। सभी पैसेंजर के लिए इस में सीटबेल्ट भी दिए गए हैं। भारत में इसे एक्सपोर्ट करके बेचा जाएगा।
बजाज क्यूट में 216.6 सीसी का पेट्रोल इंजन मिलेगा। इसे सीएनजी से भी चलाया जा सकेगा। पेट्रोल मोड में यह 13 पीएस की पावर और 18.9 एनएम का टॉर्क जनरेट करेगी। सीएनजी मोड में यह 10.98 पीएस की पावर और 16.1 एनएम का टॉर्क जनरेट करेगी। इस में मोटरसाइकिल की तरह 5-स्पीड सिक्वेंशल गियरबॉक्स मिलेगा। बजाज क्यूट की लंबाई 2752 एमएम होगी। इसका वज़न 451 एनएम होगा।
बजाज क्यूट की प्राइस 2 लाख रूपए के आसपास हो सकती है। कीमत के मामले में यह टाटा नैनो से भी सस्ती होगी। पैसेंजर इस में थ्री-व्हीलर रिक्शा से ज्यादा सुरक्षित रहेंगे।

Read More

रायपुर । प्रदेश में निगरानी दलों की सघन जाँच जारी है। जाँच दलों ने निगरानी के दौरान सबसे अधिक बस्तर लोकसभा क्षेत्र में अवैध नकद तथा वसतु जब्त किया है। वहीं जाँच के दौरान अब तक कांकेर, कोरबा और रायगढ़ लोकसभा क्षेत्रों में कोई भी नकद राशि जब्त नहीं की गई है । दूसरी तरफ बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक शराब जब्त की गई है ।
बस्तर में सबसे कम मात्रा में शराब जब्त की गई है, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू के निर्देश पर निगरानी दलों द्वारा सतत जाँच अभियान चलाया जा रहा है. प्रदेश में अवैध धनराशि तथा वस्तुओं की बरामदगी का आँकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। यह आँकड़ा बढ़कर 6 करोड़ 67 लाख रूपए हो गया है। निगरानी दल, धन और वस्तुओं के अवैध परिवहन तथा संग्रहण पर नजर रख रही है जिसमें 16 अप्रैल तक 6 करोड़ 67 लाख 95 हजार 58 रूपए की राशि तथा वस्तु बरामद की गई है। इसमें 5 करोड़ 63 लाख 76 हजार 605 रूपए से अधिक नकद राशि बरामद की गई है। इसमें आयकर विभाग ने 4 करोड़ 81 लाख 28 हजार रूपए जब्त किए हैं ।वहीं पुलिस विभाग ने जाँच के दौरान 82 लाख 48 हजार 605 रूपए जब्त किया गया है।
निगरानी के दौरान बस्तर लोकसभा क्षेत्र में सबसे अधिक नकद 3 करोड़ 56 लाख रूपए जब्त किय गया है ।अन्य सामग्रियों को मिलाकर कुल 3 करोड़ 84 लाख 27 हजार 156 रूपए की जब्ती की गई है। जबकि चार लोकसभा क्षेत्रों कोरबा, रायगढ़ और कांकेर में अब तक कोई भी नकद राशि जब्त नहीं की गई है। बस्तर के बाद रायपुर में 1 करोड़ 29 लाख 13 हजार 500 रूपए, दुर्ग में 29 लाख 15 हजार 600 रूपए , महासमुंद में 20 लाख 74 हजार 500 रूपए, ,राजनांदगाँव में 9 लाख 84 हजार,505 रूपए,सरगुजा में 13 लाख 82 हजार 400 रूपए,जंजगीर में 2 लाख 19 हज़ार एक सौ रूपाय तथा बिलासपुर में एक लाख 90 हजार रूपए जब्त किए गए हैं ।
शराब जब्ती के मामले में सबसे ज्यादा बिलासपुर में एक हज़ार एक सौ 41 लीटर इसके बाद महासमुंद में एक हज़ार 80 लीटर तथा इसके बाद रायपुर में 773 लीटर शराब जब्त की गई है। वहीं सबसे कम बस्तर में 216 लीटर इसके बाद कांकेर में 240 लीटर तथा सरगुजा में 311 लीटर शराब आचार संहिता लगने के बाद जब्त की गई है ।
16 अप्रैल तक जब्तशुदा इन वस्तुओं में 5 करोड़ 63 लाख 76 हजार 605 रूपए नकद शामिल है, वहीं इस दौरान 6 हजार 222 लीटर शराब जब्त की गई है, जिसकी कीमत 11 लाख 4 हजार 719 रूपए है। सघन जाँच अभियान के तहत अधिकारियों ने अवैध लैपटाप, साड़ी, प्रेशर कुकर आदि भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत 76 लाख 24 हजार 234 रूपए है। साथ ही 16 लाख पचास हजार रूपए के आभूषण तथा रत्न भी शामिल हैं ।

Read More

रायपुर । भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी चाटुकार मंडली द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर लगातार किये जा रहे प्रहार को सस्ती राजनीति बताया है।
उपासने ने कहा कि डॉ. रमन सिंह न केवल भाजपा के अपितु पूरे प्रदेश के सर्वमान्य आदरणीय नेता हैं, और चरित्र हनन के कांग्रेसी कुटिल प्रयासों का मुकाबला साहस, धैर्य व सत्य के साथ करने के लिए अगर भाजपा कार्यकर्ता डॉ. रमन सिंह के साथ खड़े हैं तो कांग्रेसियों के पेट में क्यों दर्द हो रहा है ।
उपासने ने कहा कि जिन लोगों को अपने आरोपी और जमानतशुदा मुख्यमंत्री के साथ खड़े होने में जरा भी शर्म नहीं आ रही है और जिनको अपने जमानतशुदा राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके खानदान की चाटुकारिता करते हुए लाज तक नहीं आ रही है, वे लोग भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री की सौजन्यता व सौम्यता का अनुचित लाभ लेकर साजिशाना अभियान चला रहे हैं और जब तक यह कांग्रेसी षड्यंत्र तार-तार नहीं हो जाता, भाजपा का हर कार्यकर्ता डॉ. रमन सिंह के साथ खुद को खड़ा रखेगा, यह बात कांग्रेसी गांठ बांध लें।

Read More

कवर्धा ।  चिटफंड कंपनियों के फेर में करोड़ों रुपए गंवाए जाने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता सेवा संघ ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा. वहीं लंबे समय बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है ।
चिटफंड कंपनियों के धोखे में आकर अपनी कमाई खोने वाले जिले के पीडितों ने बडी संख्या में बुधवार को रैली निकालकर सिटी कोतवाली पहुंचे. चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, धरम लाल कौशिक, राम सेवक पैकरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. अभिकर्ता एवं निवेशक संगठन संघ प्रदेश अध्यक्ष गगन कुंम्भकार, महासचिव नंदकुमार निषाद और अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व में बड़े पदों में रहते हुए चिटफंड कंपनियों पर बिना किसी जांच पडताल के शासकीय कार्यक्रमों में चिटफंड कंपनी को आमंत्रित किया गया, जिससे बडी संख्या में लोग कंपनी के झासे में आए. वहीं कार्रवाई के मामले में भी शिथिलता बरती गई ।
मतदान के ठीक एक दिन पहले किसी संघ द्वारा नारे लगाते हुए रैली निकालना चर्चा का विषय बना रहा. आचार संहिता के दौरान इस प्रकार की रैली बिना इजाजत के नहीं की जा सकती है. वहीं इस मामले में जिला प्रशासन ने शिकायत के बाद कार्रवाई की बात कही है ।
वही इस मामले में पुलिस का कहना है कि रैली की परमिशन लिया है या नही लिया है इसकी जानकारी हमारे पास नही है कल चुनाव है इसलिए यहाँ बड़े अधिकारी नही है पर अभिकर्ता एवं निवेशकर्ताओ ने चिटफंड कंपनी में राशि जमा किये थे राशि नही मिलने पर सिटी कोतवाली में शिकायत की है मामले को जानकारी उच्चाधिकारी को भेज देंगे ।

Read More

रायपुर ।  रायपुर में आज महावीर जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है. दादा बाड़ी स्थित दिगंबर जैन मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है. सुबह दिगंबर जैन मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा रथ में भगवान महावीर की प्रतिमा विराजमान किया गया ।
इसमें भजन मंडली द्वारा महावीर के संदेश को गाया गया. जीवंत झांकियों के माध्यम से महावीर के अहिंसा, जियो और जीने दो व शाकाहार का संदेश दिया. शोभायात्रा मंदिर से निकलकर शहर के कई इलाकों में होते हुए मंदिर पहुंची. शाम छह बजे भगवान की महाआरती की गई ।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और दर्जनों मंडली के बीच भजन स्पर्धा होगी. इस मौके पर विशाल भंडारा का आयोजन किया गया. महोत्सव को सफल बनाने में कार्यकारिणी एवं आयोजन समिति जोर-शोर से जुटी हुई है. तो वहीं आलोक जैन ने महावीर जयंती की सभी को शुभकामनाएं दी गई ।

Read More

 रायपुर ।  छत्तीसगढ़ में आमसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊपर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है. कांग्रेस ने पीएम मोदी के ऊपर 72 घंटे तक चुनाव प्रचार पर रोक लगाने की मांग की है ।
कांग्रेस नेत्री किरणमयी नायक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि दिनांक 16 अप्रैल 2019 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छत्तीसगढ़ के कोरबा एवं भाटापारा दो स्थानों पर चुनावी सभा हुई थी, जिसकी विडियों रिकार्डिंग निर्वाचन आयोग द्वारा भी करायी गयी होगी. आयोग द्वारा उसका अवलोकन कर स्वतः संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई किया जाए. क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव आयोग एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन करते हुये अपने चुनावी भाषणओं में लगातार जतिगत भावनाओं को भड़काकर भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील कर चुनाव आयोग के निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं. कांग्रेस ने कहा है कि इसमें साहू समाज की भावनाओं का पीएम भड़काने का काम कर रहे हैं ।
कांग्रेस ने अपनी शिकायत मे आगे कहा है कि इस बार के दौरे में नरेन्द्र मोदी ने जाति के आधार पर वोट अपील के साथ ही इन पुनः भारतीय सेना के शौर्य वर्णन के आधार पर सेना के नाम से वोट अपील कर उच्चतम न्यायालय एवं चुनाव आयोग के निर्देशों का पुनः उल्लंघन किया है ।
कांग्रेस की मांग है कि आयोग इस मामले में तत्काल संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ 72 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाए जाने का ओदश जारी करें. इसके साथ ही कांग्रेस ने आयोग से मांग की है कि भाजपा नेताओं और पूर्व सीएम रमन सिंह को भी इसकी सूचना देवें कि यदि किसी भी चुनावी सभा में सेना के शौर्य का वर्णन कर चनावी भाषण दिये जाने की दशा में उनके खिलाफ चुनावी आचार संहिता उल्लंघन की कार्यवाही की जाएगी ।

Read More

बलरामपुर ।  कांग्रेस की सरकार आने के बाद से राशन दुकान से चना और नमक वितरण को लेकर भाजपा के घेरे जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में चना और नमक का वितरण बंद नहीं होगा ।
बलरामपुर में हाईस्कूल मैदान में आयोजित आमसभा में मौजूद बड़ी संख्या मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विपक्ष में जाने के बाद भाजपा सिर्फ लोगों को बहकाने का काम कर रही है. पूर्व सीएम रमन सिंह ने नमक सहित सभी योजनाओं में कमीशन खाया है, और अब बंद होने को अफवाह की तरह पूरे प्रदेश में फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह आप लोगों ने छत्तीसगढ़ से भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंका है, वहीं अब केंद्र से भी भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है ।
नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बहरुपिया हैं वो गुजरात जाते हैं तो चायवाला बन जाते हैं, बनारस में गंगा का बेटा, छत्तीगढ में साहू और अनिल अंबानी के घर में चौकीदार बन जाते हैं. प्रधानमंत्री की चौकीदारी उस समय क्या कर रही थी, जब नीरव मोदी, विजय माल्या समेत कई लोग हजारों करोड़ रुपए लेकर देश से भाग गए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ अनिल अंबानी के घर पर ही चौकीदारी ही कर सकते हैं. देश को ऐसे चौकीदार की जरूरत ही नहीं है ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 5 सालों में मोदी सरकार ने जनता के साथ जमकर छलावा किया है, हर व्यक्ति को 15 लाख, प्रत्येक वर्ष 2 करोड़ लोगों को रोजगार, किसानों को दोहरा मूल्य देने का वादा और बिजली पेट्रोलियम उत्पादों के दामों में कमी जैसे मुद्दे पर सरकार हर जगह फेल हुई है. जनता पिछले 5 सालों से महंगाई के बोझ तले दबी हुई है. जनता से झूठे वादे कर अपनी सरकार बनाने वाले नरेंद्र मोदी को इस बार हराकर राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है, ताकि देश का सर्वांगीण विकास हो सके ।

Read More

रायपुर । छत्तीसगढ़ का महासमुंद लोकसभा सीट पर राज्य बनने के बाद हुए तीन आम चुनावों में से दो ने देश- विदेश में सुर्खियां बटोरी। राज्य बनने के बाद 2004 में हुए पहले आम चुनाव में इस सीट से दो कांग्रेसी दिग्गज आमने- सामने थे। कांग्रेस ने चार महीने पहले राज्य की सत्ता खोने वाले अजीत जोगी को यहां से प्रत्याशी बनाया तो भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री पं. विद्याचरण शुक्ल को कमल निशान थमा दिया।
पूरे चुनाव अभियान के दौरान दोनों-तरफ से जोरदार प्रचार अभियान चला, लेकिन मतदान के ठीक दो दिन पहले जोगी सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसा इतना भयानक था कि जोगी के बचने की उम्मीद नहीं थी। कहा जाता है कि इससे जोगी के पक्ष में सहानुभूति लहर चली। जोगी एक लाख से अधिक मतों से जीत गए, लेकिन हादसे के कारण जिंदगीभर के लिए चलने- फिरने में असमर्थ हो गए। 2014 में जोगी ने फिर इस सीट से भाग्य आजमाया। जोगी हार गए, लेकिन एक नाम के 10 से अधिक प्रत्याशियों की वजह से यह सीट चर्चा में आई।
इस वजह से वीआइपी
जोगी : इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर से पहले आईपीएस फिर आईएएस बने जोगी ने सरकारी नौकरी छोड़कर 1986 में कांग्रेस प्रवेश किया और राज्यसभा सदस्य बन गए। 1998 में रायगढ़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। लंबे समय तक कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे और छत्तीसगढ़ बना तो वे राज्य के पहले मुख्यमंत्री बनाए गए।
टिकट की भूमिका- वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना तो जोगी राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने। नवंबर 2003 में जोगी अपनी मरवाही सीट जीत गए, लेकिन सत्ता हाथ से निकल गई। पार्टी की हार के लिए जोगी को जिम्मेदार ठहराया गया। इस बीच मई 2004 के आम चुनाव में उन्होंने महासमुंद सीट से पार्टी का टिकट हासिल कर लिया।
कांग्रेस से अलग अपनी राह तलाश रहे- जोगी करीब दो वर्ष पहले कांग्रेस से अलग हो चुके हैं। उन्होंने अपनी अलग क्षेत्रीय पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) बनाई है। फिलहाल वे अपनी परंपरागत मरवाही सीट से विधायक हैं।
शुक्ल : अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल के पुत्र विद्याचरण शुक्ल की गिनती कद्दावर केंद्रीय नेताओं में होती है। शुक्ल लंबे समय तक केंद्र में मंत्री रहे। शुक्ल की गिनती संजय गांधी के बेहद करीबी नेताओं में होती थी। उनके बड़े भाई पं. श्यामाचरण शुक्ल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
टिकट की भूमिका- वर्ष 2000 में राज्य बना तो मुख्यमंत्री पद के दावेदार कांग्रेसियों में शुक्ल सबसे ऊपर थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें दरकिनार कर दिया। इसके बाद लगातार पार्टी में उनकी उपेक्षा होती रही। इस बीच 2002 में उन्होंने एनसीपी की यहां नींव रखी। पार्टी ने राज्य की सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल एक सीट पर जीत मिली, हालांकि कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने का श्रेय इन्हें भी मिला। शुक्ल ने भाजपा प्रवेश किया और महासमुंद लोकसभा सीट से टिकट मिल गई।
झीरम के शहीद : 2013 के विधानसभा चुनाव से पहले शुक्ल कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा में शामिल होने बस्तर गए थे। वहां झीरमघाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस के काफिले पर हमला कर दिया। इसमें पार्टी के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल समेत कई नेताओं की मौत हो गई। शुक्ल भी घायल हो गए थे और उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
इस वजह से रही यादगार
मतदान के ठीक दो दिन पहले चुनाव प्रचार के दौरान जोगी सड़क हादसे का शिकार हो गए। लंबे उपचार के बाद उनकी जान तो बच गई, लेकिन जोगी चलने- फिरने में असमर्थ हो गए। तभी से वे व्हील चेयर पर हैं।
दूसरे चुनाव को भी जोगी ने बना दिया यादगार
जोगी ने 2014 में फिर महासमुंद सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा। इस बार उनका मुकबाला भाजपा के सिटिंग एमपी चंदूलाल साहू से था। इस चुनाव में महासमुंद सीट से एक साथ 11 चंदूलालों ने नामांकन दाखिल किया और लड़ा भी। इसे जोगी की ही रणनीति माना जाता है। एक नाम वाले इतने लोगों के एक साथ चुनाव लड़ने यह सीट फिर चर्चा में आई। 2014 का चुनाव जोगी करीब 12 सौ वोट से हार गए।
इस बार- फिलहाल यह सीट भाजपा के कब्जे में है लेकिन पार्टी ने अपने मौजूदा सांसद चंदूलाल साहू का टिकट काट दिया है। पार्टी ने उनके स्थान पर चुन्नीलाल साहू के स्र्प में नए चेहरे को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने अभनपुर विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार के विधायक धनेंद्र साहू को टिकट दिया। साहू पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं।

Read More