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Author: admin
रायपुर । लोकसभा चुनाव के लिए 11 अप्रैल को पहले चरण में छत्तीसगढ़ के बस्तर सहित 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों पर मतदान कराए जाएंगे. इन राज्यों में तेलंगाना, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं ।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ की बस्तर सीट, ओडिशा, बिहार, महाराष्ट्र, जम्मू एवं कश्मीर,असम, मणिपुर, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की कुछ सीटों पर भी पहले चरण में मतदान कराए जाएंगे. देश भर में 7 चरणों में मतदान कराए जा रहे हैं. सभी चरणों के मतदान संपन्न होने के बाद 23 मई को वोटों की गिनती की जाएगी ।
रायपुर । बस्तर लोकसभा क्षेत्र में गुरुवार 11 अप्रैल को मतदान किया जाएगा। प्रथम चरण में बस्तर क्षेत्र में मतदान दिवस के दिन सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में सभी संबंधित शासकीय तथा गैर शासकीय विभागों, संस्थानों तथा प्रतिष्ठानों में अवकाश दिए जाने का का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही निजी संस्थानों, औद्योगिक तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अधिकारी तथा कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिए जाने निर्देश जारी किया गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने अवकाश संबंधी आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए बस्तर संभागायुक्त तथा संभाग के सभी कलेक्टर समेत बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को इस आशय का पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि सवैतनिक अवकाश नहीं देने वाले नियोक्ता पर होगी दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुब्रत साहू ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने कहा है कि लोकसभा आम निर्वाचन के लिए औद्योगिक, व्यावसायिक तथा अन्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को मतदान दिवस को सवैतनिक अवकाश दिया जाए. आयोग ने इस संबंध में देश के सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को पत्र भेजा था। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी साहू ने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135(बी) के तहत प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में संचालित औद्योगिक, व्यवसायिक तथा अन्य प्रतिष्ठान इस बात को सुनिश्चित करें कि मतदान दिवस पर कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश दिया जाए।
उन्होंने आगे बताया कि आयोग के पत्र में कहा गया है कि ऐसा नहीं करने तथा कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश नहीं देने पर नियोक्ता पर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इसके नियम के अंतर्गत वे कर्मचारी भी अवकाश के पात्र होंगे जिनका नाम अन्य निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह नियम उन लोगों के लिए अनिवार्य नहीं है, जिसमें कोई खतरा अथवा व्यापक हानि संभावित है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में तीन चरणों में 11, 18 तथा 23 अप्रैल 2019 को मतदान होगा। पहले चरण में बस्तर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में आज मतदान हो रहा है वहीं 18 अप्रैल 2019 को कांकेर, महासमुंद तथा राजनांदगाँव लोकसभा क्षेत्र में तथा 23 अप्रैल 2019 को रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ तथा जांजगीर लोकसभा क्षेत्र के लिए मतदान होगा।
कोरबा । कोरबा में दर्दनाक हादसा हुआ है। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक एक बाइक पर तीन युवक सवार थे, जिसे ट्रेलर ने टक्कर मार दी। इस हादसे में तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मामला गुरसिया बांगो के पास का बताया जा रहा है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है।
बिलासपुर । मरवाही में बीजेपी कार्यकर्ता की मौत का मामला सियासी तूल पकड़ लिया है। जहाँ एक तरफ भाजपा के राजनेता पुलिस के कार्यवाही पर सवाल खड़े करने लगे है तो वहीं दूसरी तरफ पुलिस भी इस मामले में मौत को साधारण घटना सिद्ध करने का कोशिश करने में लगी है। बिलासपुर से बीजेपी सांसद लखनलाल साहू ने मरवाही थाने में भाजपा नेता की पुलिस पिटाई से मौत होने पर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि- मरवाही थाना प्रभारी एक्का ने बेरहमी से पीट-पीट कर बीजेपी नेता की हत्या कर दी है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम किए मृत्यु का कारण जारी कर दिया। बिलासपुर पुलिस इस घटना में लीपापोती करने में जुटी हुई है। उन्होंने राज्य सरकार से न्यायिक जांच की मांग की है। इसके साथ ही थानेदार के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज करने की मांग की है। बता दें कि सोमवार की रात मरवाही थाने में जमीन विवाद को लेकर चंद्रिका प्रसाद तिवारी और उसके रिश्तेदारों के बीच विवाद हुआ था। इस मामले को पुलिस ने चंद्रिका प्रसाद तिवारी और उसके बेटे को रात में ही थाने ले आई और बेरहमी से पिता और पुत्र से पिटाई कर दी। जिसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ गई। उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई।
भोपाल । चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों पर पडत्रें आयकर छापों को लेकर संज्ञान लिया है। आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष पीसी मोदी और राजस्व सचिव एवी पांडे को मौखिक चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी राजनीतिक पार्टी या उनसे जुड़े लोगों पर कार्रवाई से पहले आयोग को सूचत किया जाना जरूरी है।
आयोग ने कहा है कि मौजूदा कार्रवाई के बारे में आयकर विभाग चुनाव आयोग को जानकारी दे। इसके अलावा इन छापों के दौरान क्या मिला, इसकी जानकारी भी चुनाव आयोग को आयकर विभाग मुहैया कराए। राजस्व सचिव एबी चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और चुनाव आयुक्त अशोक लवासा तथा सुशील चंद्रा से मुलाकात कर छापेमारी की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार दोनों अधिकारियों ने बताया कि चुनाव में कालेधन के इस्तेमाल संबंधी खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई। यह आगे भी जारी रहेगी। आयोग ने सीबीडीटी से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबियों और अन्य के खिलाफ चार राज्यों में छापेमारी की अब तक की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा बुधवार तक देने को कहा है। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान कैश के इस्तेमाल, अवैध धन और स्त्रोतों के बारे में आयोग खुद ही जानकारी देता है। जबकि, इस छापे की जानकारी आयकर आयुक्त वाईके शर्मा ने एक पत्र जारी कर मीडिया को दी।
छापों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी
आयोग ने आयकर विभाग से इस बात पर ऐतराज जताया कि चुनाव के दौरान कैश के इस्तेमाल, अवैध धन व स्त्रोतों के बारे में आयोग खुद जानकारी देता है जबकि, इस छापे की जानकाी आयकर आयुक्त ने मीडिया को दी।
शर्मा ने हिरण की खल का बना रखा था टेबल क्लॉथ
कक्कड़ के करीबी अश्विनी शर्मा के घर से बड़ी संख्या में सामान बरामद किया है। इसमें काले हिरण, बाघ और तेंदुए के सिर से बनी ट्रॉफिया भी शामिल है। इसके साथ ही हिरण की खाल भी बरामद की गई है। इस मामले में वन विभाग का कहना है कि शर्मा के खिलाफ वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है अश्विनी ने टेबल क्लाथ की जगह हिरण की खाल बिछा रखी थी और इसके उपर सामान रखा हुआ था।
इधर छापे पर राजनीतिक हमले जारी
बोले पीएम मोदी…अब बताएं असली चोर कौन है?
करप्शन पर उंगली मैंने नहीं उठाई। करप्शन हमारा मुद्दा है। जैसे भोपाल में हुआ। भ्रष्टाचार कुछ भी बोल दें इससे बात बनती नहीं है। क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए कि नहीं चाहिए? दरबारियों के घर से नोटों से भरे बॉक्स निकल रहे हैं। अब बताएं कि असली चोर कौन है? जब कार्रवाई हो रही थी तो कांग्रेस के एक बड़े नेता वहां पर पहुंच गए और अधिकारियों को धमकाने लगे, लेकिन जब फोटो निकलना शुरू हुई तो मुंह पर रुमाल रख कर भाग गए।
सीएम कमलनाथ का पलटवार
मुझे चिंता नहीं, मुझे कोई नहीं डुबा सकता: वह (पीएम मोदी) ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह जानत हैं कि वो चुनाव हारने जा रहे हैं और उनके पास यही रणनीति बची है। मुझे कोई चिंता नहीं है, मुझे कोई नहीं डुबा सकता। छापेमारी के दौरान नोटों के साथ पकड़ा गया आदमी भाजपा का है।
रायपुर । दूसरे-तीसरे चरण की चुनाव को लेकर कांग्रेस का प्रचार-प्रसार तेज हो गया है. कल 11 अप्रैल को मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ नवजोत सिंह सिद्धू 4 जिलों का दौरा करेंगे. मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ नवजोत सिंह सिद्धू बिलासपुर, बलौदाबाजार, राजनादगांव और महासमुंद में जनसभाओं को संबोधित करेंगे ।

दंतेवाड़ा । पूर्व सीएम रमन सिंह, धरमलाल कौशिक, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विक्रम उसेंडी सहित कई बीजेपी नेता दंतेवाड़ा पहुंचे और दिवंगत विधायक भीमा मंडावी को श्रद्धांजलि अर्पित किया। सीएम रमन सिंह ने कहा कि घटना पर दुख जताते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने घटना की जांच की मांग की। बता दें कि मंगलवार को नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया था जिसमें बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई। साथ ही इस हमले में एक ड्राइवर और तीन जवान शहीद हो गए।
मल्टीमीडिया डेस्क । सियासत में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए चुनावी अखाड़े में ( Loksabha Election 2019) जोर-आजमाइश जारी है। नेता अपनी जीत के लिए जनता के बीच से लेकर देवी-देवताओं के दरबार तक में हाजिरी दे रहे हैं। हर उम्मीदवार की ख्वाहिश बेहतर प्रदर्शन की है। हर किसी को दरकार एक अदद जीत की है। ऐसे में जीत के पैमाने को हर कसौटी पर कसा जा रहा है। जनता-जनार्दन की मान-मनौव्वल की जा रही है और मंदिरों में मत्था टेका जा रहा है,लेकिन कुछ सिद्धक्षेत्रों में इन दिनों नेताओं का तांता लगा हुआ है। देवी का एक ऐसा ही दरबार मध्य प्रदेश में उज्जैन से करीब 60 किलोमीटर दूर आगर जिले के नलखेड़ा में है। मां पीतंबरा के इस मंदिर में माता बगलामुखी की आराधना से शत्रुनाश और विजय का आशीर्वाद मिलता है।
देवी की सेवा में समर्पित पंडित आत्माराम शर्मा और पंडित सागर शर्मा ने बताया कि माता बगलामुखी के मंदिर में इन दिनों हवन की अग्नि सूर्योदय के साथ ही प्रज्वलित हो जाती है। माता के इस दरबार में रात्रि में हवन का भी प्रावधान है। वैसे तो देश विदेश से यहां लोग मनोकामना सिद्धि और सुख-समृद्धि के लिए शीश झुकाने आते हैं, लेकिन इन दिनों नेता यहां पर बड़ी संख्या में शत्रुनाश और अपनी विजय के लिए हवन करवा रहे हैं।
इस संबंध में पंडित सागर शर्मा ने बताया कि राजनेताओं के यहां आने और हवन करवाने का सिलसिला चुनाव की आहट के साथ ही शुरू हो गया था, जो नवरात्रि के दौरान अपने चरम पर है। चुनाव की वजह से यहां पर पिछले करीब एक साल से हवन करने वाले नेताओं का तांता लगा हुआ है। हवन करने वाले नेताओं में देश के हर कोने के नेता शामिल है। यदि कोई नेता अपनी पहचान छिपाना चाहता है तो वह पंडित के द्वारा या अपने प्रतिनिधि के द्वारा भी हवन का संकल्प छोड़कर हवन की प्रक्रिया को पूर्ण कर सकता है।
विजय का वरदान देती है मां बगलामुखी
पंडित आत्माराम शर्मा का कहना है कि माता बगलामुखी का त्रिशक्ति स्वरूप मंदिर भारत में इसके अलावा कहीं नहीं है। मान्यता है कि मध्य में मां बगलामुखी, दाएं मां महालक्ष्मी और बाएं मां सरस्वती विराजमान हैं। धरती पर माता बगलामुखी तीन स्थानों पर विराजमान है, जो दतिया (मध्यप्रदेश), कांगड़ा (हिमाचल) तथा नलखेड़ा (मध्यप्रदेश) में हैं।
द्वापर युगीन यह मंदिर अत्यंत चमत्कारिक है। यहां देश भर से शैव और शाक्त मार्गी साधु-संत और भक्तगण तांत्रिक अनुष्ठान के लिए आते रहते हैं। आमजन भी अपनी मनोकामना पूरी करने या किसी भी क्षेत्र में विजय प्राप्त करने के लिए यज्ञ-हवन और पूजा-पाठ करवाते हैं। कहा जाता है कि मां भगवती बगलामुखी का यह मंदिर बीच श्मशान में बना हुआ है।
दस महाविद्या में है आठवीं महाविद्या है देवी
मान्यता के अनुसार माता बगलामुखी दसमहाविद्या में आठवीं महाविद्या हैं। इनको माता पीताम्बरा भी कहते हैं। ये स्तम्भन की देवी हैं। शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय के लिए इनकी आराधना की जाती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का स्तम्भन होता है तथा जातक का जीवन निष्कंटक हो जाता है। ।
माँ बगलामुखी की चमत्कारी और सिद्ध प्रतिमा की स्थापना का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नही मिलता है। मान्यता है की यह मूर्ति स्वयं सिद्ध स्थापित है। काल गणना के हिसाब से यह स्थान करीब पांच हजार साल से भी पहले से स्थापित है. कहा जाता है की महाभारत काल में पांडव जब विपत्ति में थे तब भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें माँ बगलामुखी के इस स्थान की उपासना करने करने के लिए कहा था। उस समय सम्राट युधिष्टिर ने लक्ष्मणा नदी, जो अब लखुंदर नदी कहलाती है के किनारे पर बैठकर मां बगलामुखी की आराधना की थी और कौरवों पर विजय प्राप्त की थी। माता पितवर्णी है इसलिए माता को पीली चीजों को समर्पित किया जाता है। पीले वस्त्र, पीले फूल, पीले मिष्ठान्न आदि।
राजनांदगांव । दंतेवाड़ा में बड़े नक्सली हमले के बाद राजनांदगांव के मानपुर थाना क्षेत्र के महाराष्ट्र सीमा से लगे बुकमरका पहाड़ी पर एसटीएफ और डीआरजी के जवानों ने नक्सलियों के कैंप में धावा बोल दिया है. धावा बोलते ही नक्सलियों से जवानों की जबरजस्त मुठभेड़ हुई. दोनों तरफ से लगातार फायरिंग की गई. मुठभेड़ में नक्सलियों ने फायरिंग करते हुए 3 आईईडी ब्लास्ट किया, लेकिन जवानों को उससे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है ।
मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों ने जवानों को भारी पड़ता देख गढ़चिरौली महाराष्ट्र सीमा की ओर भाग निकले. लेकिन कैंप में अपना कुछ सामान छोड़ गए. जिसमें देशी राकेट लांचर का सेल, एके-47 रायफल के खाली खोखे और भारी मात्रा में दैनिक उपयोगी सामान बरामद हुआ है. माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर नक्सली फिर किसी बड़ा वारदात को अंजाम देने के फिराक में थे. लेकिन जवानों के उनके घर में ही घुसकर उनके मंसूबे को नाकाम कर दिया है ।
नक्सलियों द्वारा बार-बार चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दी जा रही थी. गांव के लोगों से अपील कर रही थी चुनाव का बहिष्कार करें और मतदान करने ना जाए. लेकिन चुनाव आयोग ने मतदान की पूरी तैयारी कर ली है. बस्तर के सभी इलाकों में अब चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है. कल यानी 11 अप्रैल को बस्तर लोकसभा में मतदान होना है ।
बता दें कि दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के नकुलनार-बचेली मार्ग पर नक्सली हमले में विधायक भीमा मंडावी की मौत हो गई. इसके साथ ही काफिले में मौजूद 4 जवान शहीद हो गए थे ।
फरसगांव । डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए कहा कि इससे फिर देश में आतंकवाद और नक्सलवाद बढ़ जाएगा। इस संबोधन का विशेष महत्व इसलिए भी है कि इसके चंद घंटे बाद ही नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के श्यामगिरी में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की गाड़ी को विस्फोट से उड़ा दिया। इस हमले में विधायक मंडावी की मौत हो गई। साथ ही चार जवान भी शहीद हो गए ।
डॉ. रमन सिंह ने सोमवार को अस्पताल मैदान में आयोजित सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणा पत्र पर राष्ट्र द्रोह जैसे कानून में बदलाव लाकर देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की तैयारी में है। हाल ही में बढ़ती नक्सल गतिविधियों पर रमन सिंह ने कहा कि, फोर्स को जो स्पेशल पॉवर दिया गया है, वो खत्म हो जाएगा। जम्मू से लेकर बस्तर तक फोर्स की ताकत कम होने से आतंकवाद और नक्सलवाद एक बार फिर से बढ़ जाएगी ।