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Author: admin
दंतेवाड़ा। नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट में शहीद हुए चार जवानों को श्रद्धांजलि देने सीएम भूपेश बघेल दंतेवाड़ा पहुंचे हैं. पुलिस लाईन मैदान में श्रद्धांजलि सभा रखी गई. पहले शहीद जवानों को सलामी दी गई. सीएम भूपेश के साथ गृहमंत्री ताम्रध्ज साहू समेत आला अधिकारी भी मौजूद रहे. शहादत में शामिल होने के लिए लोगों का हूमज उमड़ा पड़ा है ।
श्रंद्धाजलि देने के बाद शहीदों के पार्थिव देह को गृह ग्राम के लिए रवाना किया जाएगा. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है हम सब बेहद दुःखी हैं. नक्सलियों से हर स्थिति में लड़ेंगे ।
गौरतलब है कि दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र में कल मंगलवार को नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया था जिसमें विधायक भीमा मंडावी और 4 जवान शहीद हो गए थे ।
खरसिया । बिलासपुर से रायगढ़ की ओर से आ रहा शराब से भरा मेटाडोर क्रमांक सीजी Cg 04. Lw 2271 सड़क किनारे मिट्टी में धंसकर पलट गया.खरसिया के बोतल्दा गांव के पास की ये घटना है. पलटे मेटाडोर में चालक बाल-बाल बच गया है.सड़क पर बिखरी पड़ी शराब की बोतलों को देखकर आस-पास के गांव के लोग शराब लूटने पहुंच गए ।
मिली जानकारी के अनुसार घटना ग्राम बोतल्दा के पास सुबह की है.जैसे ही लोगों को पता चला की शराब का मेटाडोर पलट गया है शराब लूटनो के लिए शराबियों का हूजूम उमड़ पड़ा ।
वाहन चालक के मना करने पर भी लोग आजू-बाजू से शराब की बोतले निकलते रहे. लोगों ने जमकर जाम झालकाए. खरसिया थाना प्रभारी को जब इसकी जानकरी मिली तो मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया ।
राजिम । फिंगेश्वर ब्लाक के अन्नदाता नहर से पानी नहीं छोड़े जाने से परेशान हैं. शिकायतों के बाद भी निराकरण नहीं होने पर ग्राम छुइहा के आक्रोशित किसानों ने आज पानी की मांग को लेकर जल संसाधन कार्यालय का घेराव कर दिया. किसानों ने चेतावनी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा पहले सिंचाई के लिए पानी दिया. जिससे 25 सौ हेक्टेयर में धान की फसल लगाई गई है. लेकिन धान की जब बाली आने वाली है. तब सिंचाई विभाग ने पानी देना बंद कर दिया है, जिससे फसल पूरी तरह से धूप में झुलस रही है ।
किसानों ने लगातार मांग करने पर भी पानी जरूरत के हिसाब से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है. इसी वजह से परेशान किसानों ने जल संसाधन कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा. किसानों ने कहा कि फिंगेश्वर जल संसाधन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर मॉनिटरिंग जरुर किया, लेकिन किसानों की मांग को गंभीरता से नहीं लिया. जिसके चलते पानी की कमी से खेतों में अब दरारें आने लगी हैं. हमारी मांगे जल्द से जल्द पूरी की जाए ।
धान की फसल चौपट की कगार पर
आपको बता दें कि छुइहा गांव जो कि टेल एरिया में हैं. इस वजह से यहां के किसानों को अपनी फसल को बचाने के लिए हर बार पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ता है. वहीं पीड़ित किसानों ने बताया कि अभी रवि का फसल लगाये हुए हैं, जिसमें विगत 17 दिनों से पानी के अभाव में लगभग 200 एकड़ धान की फसल चौपट होने की कगार पर आ गई है ।
जल्द व्यवस्था की जाएगी-कलेक्टर
इस मामले में कलेक्टर ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारी से बात करके तुरंत मामले की जानकरी लेता हूं. अभी तो सिकासार से लगातार पानी दिया जा रहा है. किसानों को पानी की कोई दिक्कत ना हो इसकी व्यवस्था जल्द की जाएगी ।
दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद राज्य में सक्रिय नक्सली संगठनों व सरकार के बीच शांति वार्ता की अटकलों के बीच नक्सलियों ने एक बार फिर अपना खूनी चेहरा दिखाया है। दंतेवाड़ा के भाजपा विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर नक्सलियों ने हमला कर उनकी जान ले ली।
यही नहीं, उनकी सुरक्षा में तैनात चार अन्य पुलिस कर्मियों को मौत के घाट उतार दिया है। इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर नक्सलियों का क्रूर चेहरा सामने आ गया है। माना जा रहा है कि नक्सली अभी भी बातचीत के जरिए शांति के रास्ते पर आने के बजाय हिंसा पर उतारू हैं।
राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ये चर्चा अटकलों के साथ सामने आ रही थी कि राज्य सरकार व नक्सलियों के बीच शांति के लिए वार्ता होने की संभावना है। दरअसल इन चर्चाओं का आधार बस्तर से आई मीडिया रिपोर्ट की वजह से बनी थी।
बस्तर से ऐसी खबरें आई थीं कि नक्सलियों ने कुछ स्थानों पर पोस्टर लगाकर ये संदेश देने की कोशिश की कि वे सरकार के साथ बाचतीत को तैयार हैं। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा था कि ये बात उनके समक्ष मीडिया रिपोर्ट के माध्यम से आई है। नक्सलियों ने सरकार से बातचीत के लिए कोई पेशकश नहीं की है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने फिर ये बयान दिया कि नक्सली अगर संविधान में विश्वास जताएं व हथियार छोड़कर आएं, तो उनके साथ बातचीत की जा सकती है। मुख्यमंत्री के इन दोनों बयानों के बाद नक्सलियों की ओर से न कोई बयान जारी किया गया, न किसी माध्यम से कोई संदेश दिया गया।
लिहाजा नक्सलियों से वार्ता की पहल केवल अटकल साबित हुई। नक्सली अगर शांति के रास्ते पर जाने की सोच रखते, तो एक चुने हुए जनप्रतिनिधि पर इस तरह का कायराना हमला नहीं करते।
पुलिस का खुफिया तंत्र फिर फेल
छत्तीसगढ़ में जब कभी नक्सली हमले की कोई बड़ी वारदात होती है, सबसे पहले यही सवाल सामने आता है कि पुलिस या उससे संबंधित खुफिया विभाग को नक्सलियों के आने-जाने या किसी प्रकार की गतिविधि की कोई जानकारी क्यों नहीं मिली। मंगलवार को हुई घटना के बाद भी यही सवाल सामने आ रहा है।
इससे पहले झीरम घाटी कांड से लेकर कई अन्य बड़े हमलों के दौरान भी ये बात सामने आई है कि नक्सलियों के बड़ी संख्या में जमा होने के बाद भी खुफिया तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल पाती। कई अवसरों पर पुलिस व सरकार के उच्चाधिकारियों ने खुफिया तंत्र फेल होने की बात स्वीकार करते हुए इसमें सुधार करने की बात कही है, लेकिन क्या सुधार किया गया, यह पता नहीं लगता।
दूसरी ओर जानकार ये भी मानते हैं कि बस्तर दंतेवाड़ा के दूरदराज के इलाकों में पुलिस से लिए सूचनाएं एकत्र करना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। दूसरी ओर नक्सलियों का अपना सूचना तंत्र है, जिसके माध्यम से वे पुलिस व सुरक्षा बलों की आवाजाही पर पूरी नजर रखे होते हैं। मौका मिलते ही हमला करते हैं।
झीरम घाटी कांड की याद हुई ताजा
बस्तर में एक और जनप्रतिनिधि की नक्सल हमले में मौत के साथ ही करीब 6 साल पहले हुए झीरम घाटी कांड की याद एक बार फिर ताजा हो गई। 2013 में राज्य विधानसभा चुनाव के कुछ महीना पहले तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस की परिवर्तन रैली निकाली गई थी ।
इस रैली पर नक्सलियों ने भीषण हमला किया था। नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार, दिनेश पटेल सहित कई नेताओं तथा सुरक्षा कर्मियों सहित कई लोगों की मौत हो गई थी ।
रायपुर । 6 साल पहले 25 मई 2013 को नक्सलियों ने कांग्रेस पार्टी के परिवर्तन यात्रा को निशाना बनाया था, जिसमें महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल समेत कांगेस के कई बड़े नेता शहीद हो गए थे।
इस घटना के बाद यह दूसरी बड़ी घटना है, जिसमें माओवादियों ने दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी के काफिले को निशाना बनाया है। भाजपा के साथ ही कांग्रेसी नेताओं के बीच भी सामान्य रूप से लोकप्रिय आदिवासी नेता भीमा मंडावी का पीछा दुर्भाग्य ने अंतिम समय तक नहीं छोड़ा।
बाइक से गिरकर पत्नी की मौत, बेटी ने कूदकर की आत्हत्या
2018 में बतौर विधायक उनकी राजनीतिक यात्रा शुरू हुई थी, लेकिन इसके कुछ दिनों बाद ही उनकी पत्नी बाइक से गिरकर दुर्घटना में मौत की शिकार हो गई। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने अपनी बेटी को भी खो दिया था।
उनकी बेटी ने हॉस्टर की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। भीमा मंडावी की बेटी 14 वर्षीय मोना शहर के मयूर स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा थी। मयूर स्कूल ने शंकर नगर स्थित आदित्य हाईट के चौथे और पांचवी मंजिल को छात्रावास के लिए किराए पर लिया था। यहीं से कूदकर मोना ने जुलाई 2013 में आत्महत्या की थी। मां के मौत के कारण मोना मानसिक रूप से परेशान थी। बताया जाता है कि भीमा मंडावी अपनी बेटी से बहुत प्यार करते थे बेटी के जाने से उन्हें गहरा सदमा लगा था।
दूसरी पत्नी सहित 3 बच्चे
पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भीमा ने दूसरी शादी की। उनकी दूसरी पतनी कांकेर जिले के माकड़ी की रहने वाली हैं। अभी स्व. मंडावी के परिवार में पत्नी समेत 2 बेटियां और 1 पुत्र है। नक्सलियों के खतरे के चलते वे दंतेवाड़ा के चितालंका में मकान बनाकर रह रहे थे।
उनका छात्र जीवन भी संघर्ष भरा रहा। गदापाल के जिस गांव से वे कई साल तक पंचायत सचिव रहे,उस गांव के पूर्व पंचायत सचिव नंदलाल ताती के दंतेवाड़ा के निवास में रहकर ही उन्होंने पढ़ाई की। 10वीं तक की पढ़ाई दंतेवाड़ा में करने के बाद वे आगे की पढ़ाई के लिए फरसगांव गए। एमए की डिग्री उन्होंने यहां हासिल की।
देवती को हराकर दोबारा बने विधायक
2013 के चुनाव में फिर से भीमा को टिकट मिली, लेकिन देवती कर्मा से वे चुनाव हार गए। 2018 के चनुाव में देवती कर्मा को हारकार वे बस्तर संभाग के इकलोते भाजपा के जीतने वाले विधायक बने। बस्तर की 12 सीटों में से केवल दंतेवाड़ा में ही भाजपा को जीत हासिल हुई थी। अपने क्षेत्र में वे बहुत लोकप्रिय थे। व्यक्ति गत परेशानियों के ाबद भी उन्होंने अपन काम पर कभी भी इसका आसर पड़ने नहीं दिया। लोगों की मदद के लिए वे हमेश तैया रहते थे।
पंचायत सचिव से विधायक बने थे भीमा
41 साल केि भीमा मंडावी का राजनैतिक सफर अचानक शुरू हुआ। जब वे दंतेवाड़ा के समीप गदापाल में पंचायत सचिव थे, उस दौरान पंचायत सचिव संघ के अध्यक्ष भी बने। उनका रूझान छात्र जीवनल से ही राजनीति की ओर रहा। पहला चुनाव ही बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा के खिलाफ 2008 में लड़ने का उन्हें अवसर भारतीय जनता पार्टी से मिला, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की।
दंतेवाड़ा । विधायक भीमा मंडावी का पार्थिव शरीर जिला भाजपा कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां केदार कश्यप, प्रत्याशी बेदूराम कश्यप सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर अपनी श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद विधायक मंडावी के पार्थिव शरीर को पुलिस लाइन लाया गया। जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, डीएम अवस्थी ने श्रद्धांजलि दी। वहीं उनके अंतिम दर्शन देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा
रायपुर । दंतेवाड़ा में नक्सली हमले के बाद सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की गई. इसमें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. सरकार ने डीआईजी अमरेश मिश्रा को तत्काल दंतेवाड़ा भेजने का आदेश दिया. सीनियर आईपीएस अमरेश मिश्रा बुधवार को दंतेवाड़ा पहुंचेंगे. वे दंतेवाड़ा जिले के एसपी रह चुके हैं. जिले की जानकारी होने की वजह से उन्हें सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है ।
गौरतलब है कि इससे पहले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दो सीनियर आईपीएस को नक्सल जिलों में तैनात किया गया है. सुकमा जिले में अकबर राम कोर्राम और बीजापुर में रतनलाल डांगी को भेजा गया है ।
दिवंगत विधायक मनोज मंडावी के अंतिम संस्कार में भाजपा के बड़े नेता शामिल होंगे. जानकारी के मुताबिक उनके अंतिम दर्शन के लिए दंतेवाड़ा के बीजेपी कार्यालय में सुबह 9 बजे पार्थिव देह रखा जाएगा. दिवंगत मंडावी के अंतिम संस्कार में पूर्व सीएम रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सौदान सिंह, अनिल जैन समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेता मौजूद रहेंगे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल रहेंगे ।
बता दें कि दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के नकुलनार-बचेली मार्ग पर विधायक भीमा मंडावी के काफिले में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया था. जिसमें उनकी मौत हो गई है. इसके साथ ही काफिले में मौजूद पीएसओ सहित 4 जवान भी घटना में शहीद हो गए है।
दंतेवाड़ा । नक्सली हमले में शहीद बीजेपी विधायक भीमा मंडावी का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा. भीमा मंडावी का पार्थिव शव भाजपा कार्यालय लाया गया है, जहां पर प्रदेश भर के भाजपाई अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
दंतेवाड़ा भाजपा कार्यालय में सबुह से ही भीड़ जुटने लगी है. अंतिम दर्शन को लोगों का उमड़ा हुजूम पड़ा है. पूर्व मंत्री केदार कश्यप भी पहुंच चुके हैं।
बतादें की दिवंगत मंडावी के अंतिम संस्कार में पूर्व सीएम रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, सौदान सिंह, अनिल जैन समेत बीजेपी के तमाम बड़े नेता मौजूद रहेंगे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उनके अंतिम संस्कार में शामिल रहेंगे।
रायपुर । माओवादी हमले में दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी सहित पांच लोगों के मारे जाने पर कांग्रेस ने गहरा शोक व्यक्त करते हुये इस घटना की कड़ी निंदा की है। पूरा कांग्रेस परिवार दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों का सहभागी है।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि हम कांग्रेसजन इस दर्द को समझते और महसूस करते हैं। कांग्रेस ने भी माओवादी हमले में अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों सहित बड़े नेताओं को खोया है। आज के माओवादी हमले 2013 के झीरम हमले जिसमें शहीद विद्याचरण शुक्ल, शहीद नंदकुमार पटेल, शहीद महेंद्र कर्मा, शहीद दिनेश पटेल, शहीद उदय मुदलियार, शहीद योगेन्द्र शर्मा सहित 31 लोगों की शहादत का घाव फिर से ताजा हो गया है।
माओवादियों की इस हरकत को क्रूर और अमानवीय ठहराते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यह माओवादी हमला लोकतंत्र पर प्रहार है। यह असहनीय और अस्वीकार्य है। बस्तर में लोकतंत्र की जड़े बहुत मजबूत है। इस प्रकार की हिंसक घटनाओं से माओवादी अपने नापाक मंसूबे पर कामयाब नहीं हो सकते।
रायपुर । दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी की नक्सल हमले में मौत पर भाजपा ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इस हमले में शहीद हुए जवानों एवं वाहन चालक के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन ने दंतेवाड़ा के नक्सल हमले में भीमा मंडावी एवं जवानों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है. डॉ. जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 100 दिन पुरानी नक्सल संरक्षक कांग्रेस सरकार के कारण नक्सलियों ने इस कायरतापूर्ण घटना को अंजाम दिया है. यह राजनीतिक साजिश है और कांग्रेस इससे अपना दामन नहीं बचा सकती. इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए ।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने विधायक मंडावी पर हुए नक्सली हमले को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा है कि नक्सलियों ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए यह हमला किया है. नक्सली लोकतंत्र के घोर विरोधी हैं और वे नहीं चाहते कि जनता निर्भय होकर मतदान करें. नक्सलियों ने दहशत फैलाने के इरादे से ही इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. लेकिन जनता लोकतंत्र विरोधी नक्सलियों को करारा जवाब देगी ।
उसेंडी ने कहा कि भाजपा ने अपना एक समर्पित कार्यकर्ता और दंतेवाड़ा की जनता ने अपना सच्चा सेवक खोया है. भीमा मंडावी के निधन से भाजपा को असहनीय आघात पहुंचा है और क्षेत्र की जनता ने अपना ऐसा प्रतिनिधि खो दिया है जो नक्सली चुनौती का सामना करते हुए हर क्षण जनता के हित में सक्रिय था. उसेंडी ने भीमा मंडावी के काफिले पर हुए हमले में शहीद हुए जवानों को श्रध्दांजलि दी ।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधायक भीमा मंडावी की मौत को अपनी और भाजपा की भारी क्षति बताया. डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैंने अपना जीवट साथी और मेरी पार्टी ने समर्पित साथी खोया है. आज हम शोक के इन क्षणों में यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि नक्सली कभी भी अपने लोकतंत्र विरोधी इरादों में सफल नहीं हो पाएंगे. डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधायक भीमा मंडावी और सुरक्षा जवान लोकतंत्र की राह में शहीद हुए हैं. उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी. डॉ. सिंह ने कहा कि भाजपा की संवेदनाएं शहीद जवानों के परिवार के साथ है ।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने नक्सली हमले में विधायक भीमा मंडावी के निधन को भाजपा की अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि मंडावी सच्चे अर्थों में ऐसे जन नेता थे जो नक्सली चुनौती का मुकाबला करते हुए जनता की सेवा में लगे हुए थे. भाजपा ने उनके निधन से एक समर्पित कर्म योगी कार्यकर्ता खो दिया है. भीमा मंडावी ने लोक तंत्र के लिए अपने प्राण न्यौछावर किये हैं. हम उन्हें और शहीद वीर जवानों को नमन करते हैं ।
बता दें कि दंतेवाड़ा के कुआकोंडा थाना क्षेत्र के नकुलनार-बचेली शार्टकट मार्ग में विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया. जिसमें उनकी मौत हो गई है. इसके साथ ही काफिले में मौजूद पीएसओ सहित 4 जवान भी घटना में शहीद हो गए है ।