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रायपुर ।  दाउ कल्याण सिंह सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल में  दवा वितरण प्रणाली को सुचारु रुप से संचालित करने के उद्देश्य से डीकेएस के सेंट्रल ड्रग स्टोर का सिस्टम ऑनलाइन किए जाने का निर्णय किया गया है. संचालक डीकेएस भुवनेश यादव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉपरेशन लिमेटेड (सीजीएमएससी) के माध्यम से डीकेएस के सेंट्रल ड्रग स्टोर के सिस्टम को ऑनलाइन किया जा रहा है ।
इस सिस्टम के लागू होने से स्टोर में दवाईयों की उपलब्धता, दवाइंयों की मांग प्राप्ति वितरण और संस्था के विभागों में ट्रांसफर वो ऑनलाइन ही किया जाएगा इतना ही नहीं खपत के साथ ही दवाईयों की नियर एक्सपाइरी रिपोर्ट भी आसानी से उपलब्ध होगी. इस सिस्टम के माध्यम से सभी विभागों से दवाईयों की मांग ऑनलाइन रजिस्टर कराई जा सकेगी. इतना ही नहीं डीकेएस जो दवाईयां कम उपयोगी है वो जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में जहां उनकी आवश्यता है उसे ऑनलाइन ही ट्रांसफर कर सकते हैं ।

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रायपुर । फेसबुक के जरिए महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाकर ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के एक विदेशी नागरिक और एक महिला को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. मामला रायपुर के सिविल लाइन थाने का है ।
मिली जानकारी के अनुसार यूके के व्यक्ति के नाम पर फ़र्ज़ी आईडी बनाकर महिला को झांसे में लिया था. युवक फेसबुक के माध्यम से चैट कर धीरे-धीरे महिला का विश्वास और मोबाइल नंबर हासिल कर लिया था. इसके साथ ही महिला का फोटो और वीडियो भी हासिल कर लिया था. जिसके बाद महिला से शादी कर ब्रिटेन ले जाने का झांसा देकर 9 लाख 33 हजार रुपए से अधिक पैसे अपने खाते में ले चुका था ।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली में टीम ने कैम्प करते हुए लगातार 7 दिन तक अभियान चलाकर गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 लैपटॉप, 4 नग मोबाइल फोन, 1 पासपोर्ट, 1 पेन ड्राईव, 3 पासबुक, आधार कार्ड एवं पेन कार्ड जब्त किया है. इससे पहले भी अब तक सैकड़ों महिलाओं को ये दोनों अपना शिकार बना चुके है. महिला आरोपी लिण्डा मणिपुर की रहने वाली है. और युवक चार्ली मगाने फ्रांज सीन नाईजीरियन नागरिक है. दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और मिलकर ठगी की घटना को अंजाम देते थे. अभी रायपुर पुलिस ने दोनों को रिमांड पर जेल में रखा है ।

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पिथौरा  । प्रदेश में चल रही 108 एम्बुलेंस के एक चालक की लापरवाही ने एक नवजात का जीवन दुनिया में आते ही खतरे में डाल दिया है. अभी नवजात राजधानी के मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. 108 के जिला प्रभारी सूरज ने बताया कि शिकायत मिलते ही उक्त 108 को रायपुर तक भेज दिया गया था. अब उस लापरवाह स्टाफ पर भी आवश्यक कार्यवाही की जाएगी ।
घटना के सम्बंध में पिथौरा ब्लड डोनेशन ग्रुप के राजेश चौधरी एवं ग्राम लाहरौद के ग्रामीण विश्राम निषाद ने बताया कि विगत शनिवार को विश्राम की पत्नी तुलेश्वरी को प्रसव के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था. कल रविवार तक स्थानीय चिकित्सकों के प्रयाशों के बाद भी जब प्रसव में सफलता नहीं मिली, तब तुलस्वरी को तत्काल रायपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई.  गरीब परिवार के विश्राम ने पूरा मामला स्थानीय ब्लड डोनेशन ग्रुप के राजेश चौधरी को दी. चौधरी ने तत्काल 108 की व्यवस्था करनी चाही, लेकिन पिथोरा की 108 रायपुर गई थी. गंभीर हालात को देखते हुए पटेवा की 108 उपलब्ध कराई गई. पटेवा 108 एम्बुलेंस में पदस्थ कर्मियों ने पहले तो पिथौरा पहुंचने के लिए एक घण्टा लगने की बात कही. इसके बाद चौधरी ने अस्पताल के पास ही खड़ी 102 एम्बुलेन्स से तुलेश्वरी को पटेवा तक ओर पटेवा से 108 द्वारा रायपुर तक ले जाने की सहमति बन गई ।
अब 102 के पटेवा पहुंचकर मरीज को 108 के सुपुर्द करने के बाद ही लापरवाही का सिलसिला प्रारम्भ हो गया. सबसे पहले पिथौरा से रायपुर स्थानांतरित मरीज को 108 कर्मियों ने पटेवा में ही उपचार की सलाह देकर पटेवा के अस्पताल में आधा घण्टा समय खराब कर दिया. इसके बाद अनमने ढंग से निकली 108 को उसके कर्मियों ने रायपुर ले जाने की बजाय आरंग शहर ले गए और उनके घर में काम की बात कह कर आरंग की एम्बुलेन्स में रायपुर भेजने के प्रयास करने लगे ।
इस बात की जानकारी चौधरी को होते ही उन्होंने तत्काल कलेक्टर महासमुंद एवं विधायक महासमुंद विनोद चन्द्राकर को घटना की जानकारी दी. जिस पर कलेक्टर और विधायक द्वारा तत्काल 108 के जिला प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए. 108 स्टाफ के उक्त हरकत से प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को रायपुर पहुंचने में एक घण्टा देर हो गई. प्रसव के बाद नवजात को आईसीयू में भर्ती किया गया है ।

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रायपुर ।  लोकसभा के पहले चुनाव के साथ अस्तित्व में आए रायपुर संसदीय क्षेत्र का न केवल प्रदेश के बल्कि देश के राजनीतिक इतिहास में एक अहम स्थान है. इस सीट पर आजादी के समय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे आचार्य कृपलानी ने चुनाव लड़ा था, तो यहां से चुनाव जीतकर समाजवादी नेता पुरुषोत्तम लाल कौशिक ने भी अपनी राष्ट्रीय पटल पर पहचान बनाई. यहां से निर्वाचित कांग्रेस नेता विद्याचरण शुक्ल का आपातकाल के दौरान और बाद में भी राष्ट्रीय राजनीति में दबदबा रहा. वहीं गांधीवादी और किसान मजदूर आंदोलन के प्रणेता केयूर भूषण भी इसी रायपुर संसदीय क्षेत्र से दो बार सांसद रहे ।
रायपुर संसदीय क्षेत्र का अस्तित्व 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में ही आ गया था. शुरुआती दौर में कांग्रेस का इस संसदीय क्षेत्र में दबदबा रहा. स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आजादी से लेकर 1971 तक हुए चुनावों में कांग्रेस ने एकतरफा जीत हासिल की. केवल विजयी प्रत्याशियों के नाम बदलते गए. द्वि सदस्यीय इस संसदीय क्षेत्र में पहले चुनाव में भूपेंद्र नाथ मिश्रा के साथ मिनीमाता अगमदास गुरु चुनीं गईं. 1957 में हुए दूसरे चुनाव में राजा बिरेंद्र बहादुर सिंग के साथ रानी केशर कुमारी देवी चुनीं गईं. 1962 में हुए तीसरे चुनाव में रानी केशर कुमारी देवी के साथ श्याम कुमारी देवी सांसद के रूप में चुनी गईं ।
महात्मा गांधी के साथ आचार्य कृपलानी
आचार्य कृपलानी को खानी पड़ी शिकस्त
एक सदस्यीय सीट होने के बाद 1967 में हुए चुनाव में कांग्रेस के लखनलाल गुप्ता ने जीत हासिल की. उन्होंने 1947 में भारत की आजादी के समय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे जेबी कृपलानी (आचार्य कृपलानी) को पराजित किया. कृपलानी कांग्रेस से अलग होकर जन कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर खड़े थे. इसके बाद 1971 में हुए चुनाव में परिदृश्य बदल गया था. अबकी बार मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल के पुत्र विद्याचरण शुक्ल ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उतरे और जनसंघ के प्रत्याशी बाबूराव पटेल को 84 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया ।
आपातकाल का वीसी ने झेला गुस्सा
इंदिरा गांधी मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री के तौर पर आपातकाल के दौरान अहम भूमिका निभाने वाले विद्याचरण शुक्ल भी आपातकाल को लेकर लोगों के गुस्से से बच नहीं पाए और 1977 में हुए चुनाव में लोकदल के प्रत्याशी के तौर पर खड़े पुरुषोत्तम लाल कौशिक से 85 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से पराजित हुए. 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े रहे गांधीवादी केयूर भूषण ने स्वतंत्र प्रत्याशी के तौर पर लड़ रहे पवन दीवान को पराजित किया. 1984 में हुए चुनाव में केयूर भूषण ने फिर से जीत हासिल की, इस बार उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी रमेश बैस को एक लाख से ज्यादा मतों से पराजित किया ।
बैस की जीत के साथ बन गया भाजपा का गढ़
1989 में हुए लोकसभा चुनाव में रमेश बैस ने कांग्रेस प्रत्याशी केयूर भूषण को लगभग 90 हजार मतों के अंतर से पराजित कर भाजपा का खाता खोला. 1991 में हुए चुनाव में कांग्रेस में वापसी करने वाले विद्याचरण शुक्ल ने रमेश बैस को हजार से भी कम मतों के अंतर से पराजित किया. लेकिन इसके बाद हुए चुनावों में रमेश बैस ने क्षेत्र पर मानो एक तरह से एकाधिकार जमा लिया हो. 1996 में हुए चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के धनेंद्र साहू को, 1998 में हुए चुनाव में विद्याचरण शुक्ल को, 2004 में श्यामाचरण शुक्ल को सवा लाख से भी ज्यादा मतों के अंतर से पराजित किया ।
भाजपा ने बैस के स्थान पर सोनी पर लगाया दांव
2009 के चुनाव में रमेश बैस ने भूपेश बघेल को 57 हजार मतों के अंतर से तो 2014 के चुनाव में कांग्रेस के सत्यनारायण शर्मा को करीबन पौने दो लाख मतों के अंतर से पराजित किया. लेकिन 2018 में विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद भाजपा ने छत्तीसगढ़ के सभी 10 सांसदों की टिकट काट नए प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है. 2019 में भाजपा ने सुनील सोनी पर दांव लगाया है, वहीं कांग्रेस ने अबकी बार रायपुर महापौर प्रमोद दुबे को मैदान पर उतारा है. रायपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नौ सीटों में से बलौदाबाजार में जनता कांग्रेस, भाटापारा में भाजपा, धरसींवा में कांग्रेस, रायपुर ग्रामीण में कांग्रेस, रायपुर पश्चिम में कांग्रेस, रायपुर दक्षिण में भाजपा, रायपुर शहर में कांग्रेस और अभनपुर में भी कांग्रेस के विधायक हैं ।

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रायपुर ।  अगर आप इंडिगो फ्लाइट से यात्रा करते हैं तो ये वीडियो आपके लिए ही है. क्योंकि कहीं यात्रा के दौरान आपके साथ ऐसा कुछ घटित न हो जाए. इंडिगो विमान सेवा का एक सच सामने आया है जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है ।
वीडियो में लोग मच्छरो से परेशान दिख रहे हैं एयरहोस्टेज aभी मच्छरों को भगाने का भरसक प्रयास कर रही हैं . हर कोई यात्री मच्छरों के इस आतंक से परेशान है लेकिन कोई क्या कर सकता है ।
वीडियो कहां का है इसकी कोई जानकारी तो नहीं है लेकिन जिस तरह से लोग मच्छरों से खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जिससे इंडिगो फ्लाइट सेवा पर कई सवालिया निशान उठ खड़े हुए हैं ।

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रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में चल रही केन्द्र सरकार की योजनाओं को लेकर एक बार फिर पत्र लिखा है. बघेल ने इस दफा पीएम मोदी को पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने राज्य में संचालित स्टैण्डअप इंडिया योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को सरल बनाने कहा है ।
पत्र में भूपेश ने योजना का जिक्र करते हुए लिखा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति तथा महिला वर्ग में उद्यमिता का विकास करने के लिए भारत सरकार द्वारा 15 अगस्त 2015 को स्टैण्डअप इडिया योजना प्रारंभ की गई है. इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित व्यवसायिक बैक की प्रत्येक शाखा को 01 अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति उद्यमी और 01 महिला उद्यमी को विनिर्माण क्षेत्र या व्यवसाय में नया उद्यम प्रारंभ करने के लिए रू 10.00 लाख से रू 1.00 करोड़ तक का ऋण दिया जाना अपेक्षित है ।
भारत सरकार द्वारा उपरोक्तानुसार निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ में रिथत बैंक शाखाओं को वर्ष 2016-17, 2017-18 एवं वर्ष 2018-19 के लिए क्रमशः 4300, 4300 तथा 4800 प्रकरणों में ऋण वितरित करना था. इस लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक केवल 1870 प्रकरण (रु. 438.35 करोड़) स्वीकृत किए गए हैं तथा केवल 1279 प्रकरणों में (रू, 160.29 करोड़) पर ऋण वितरण किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई हैं. यह अत्यल्प प्रगति भी बैंक शाखाओं से राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के निरन्तर अनुसरण एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी में लगातार चिन्ता व्यक्त करने के बाद प्राप्त की जा सकी है. इससे यह स्पष्ट है कि भारत सरकार की इस फ्लैगशिप योजना के क्रियान्वयन के प्रति राज्य के बैंकों में उत्साह का अभाव है ।
अतः आपसे अनुरोध है कि यथोचित हस्तक्षेप कर प्रक्रिया में सरलीकरण हेतु संबंधितों को निर्देश देने का कष्ट करें ताकि नये वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य में स्टैण्डअप इंडिया का लक्ष्य प्राप्त हो सके एवं राज्य के अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा महिला वर्ग के नवोदित उद्यमी उद्योग प्रारंभ करने के लिए प्रोत्साहित हो ।

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रायपुर । लोकसभा चुनाव के लिए देशभर में सात चरणों में मतदान होना है. पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. मतदान की जिम्मेदारी जिन कर्मचारियों के ऊपर होती है उन्हें मतदान केन्द्रों के लिए रवाना करने का कार्य भी किया जा रहा है. ईवीएम-वीवीपैट लेकर मतदान दलों को मौजूद साधनों से केन्द्रों में भेजा जाता है लेकिन छत्तीसगढ़ में एक ऐसी जगह भी है जहां मतदान दलों को जीप, बस या कार से नहीं बल्कि हेलीकाप्टर से भेजा जाता है ।
दरअसल छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भू-भाग दुर्गम इलाकों से भरा पड़ा है, भूगौलिक चुनौतियों के साथ-साथ यहां नक्सलवाद सबसे बड़ी चुनौती रहा है.छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर, दक्षिण बस्तर, राजनांदगांव और कवर्धा जिला नक्सलग्रस्त क्षेत्र हैं. जिसमें कि बस्तर संभाग से दो लोकसभा सीटें जिनमें बस्तर और कांकेर लोकसभा सीट धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं. चप्पे-चप्पे पर नक्सली खौफ और जानलेवा बारुदी सुरंगों का बिछा खतरा मौजूद है ।
ऐसे में यहां मतदान कराना एक बड़ी चुनौती के साथ ही चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी उपलब्धि भी है. नक्सली खौफ की वजह से इन इलाको में मतदान कराने के लिए आयोग द्वारा दल और चुनाव सामग्री को हेलीकॉप्टर के माध्यम से भेजा जाता है ।

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जशपुर ।  जिला मुख्यालय से लगभग 60 किमी दूर कुंजारा एवं हल्दीमुंडा के बीच सौ मीटर का पुल बनाया जा रहा है, लेकिन यह पुल छह साल बाद भी नहीं बन पाया है. दरअसल, एक करोड़ 49 लाख 14 हजार की लागत से बनने वाला इस पुल का निर्माण कार्य 18 मार्च 2013 को प्रारंभ हुआ था, जिसे ठेकेदार को 31 मार्च 2016 को पूरा करना था. लेकिन ठेकेदार ने अधूरा निर्माण कर छोड़ दिया है ।
गौरतलब है कि अंग्रेजों के जमाने का यह पुल संकरा व जर्जर है. इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने इस पुल के ठीक बगल में नया पुल का निर्माण पिछले छह वर्षों से कराया जा रहा है.पुराने पुल में वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर पार करते हैं. न चाहते हुए भी वाहन चालक इसको पार करने के लिए मजबूर है,  इसके अलावा अन्य कोई विकल्प भी नहीं है. किसी व्यक्ति को यदि हल्दीमुण्डा, केरसई, सिंगीबहार, तपकरा एवं ओडिशा की ओर जाना है तो उसे इस पुल को पार करना मजबूरी है ।
निर्माण स्थल से हटा दिया साइन बोर्ड
छह साल पहले जब इस जगह पर पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था. उस दौरान वहा एक साइन बोर्ड लगाया गया था, जिसमें ठेकेदार का नाम, लागत, कार्य प्रारंभ और निर्माण कार्य पूर्ण होने की तारीख लिखी हुई थी. लेकिन कुछ समय बाद ही इस साईन बोर्ड को यहां से हटा दिया गया है. जिससे लोगों को यह जानकारी नहीं हो पाती है कि इस पुल का निर्माण कार्य कब पूरा होगा ।

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धरमजयगढ़ । धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम आमपाली में खेत में पैरावट में लगी भीषण आग की चपेट में आने से एक मां और उसकी दुधमुही बेटी झुलस गए ।
जानकारी के मुताबिक गांव आमपाली निवासी हिरन बाई और उसका तीन साल का बच्चा अर्जुन घर में थे,तभी अर्जुन खेलते-खेलते घर के पास खेत में रखे पैरावट के पास पहुंच गया और माचिस से खेल रहा था तभी अचानक पैरावट में भीषण आग लग गई,आग की चपेट से अपने बेटे को बचाने खुद की चिंता किए बिना वो आग में झुलस गई. हिरन बाई की गोद में दुधमुही बच्ची भी आग की चपेट में आ गई ।
तत्काल 112 को फोन करके अस्पताल लाया गया.डॉक्टरों की माने तो 50 प्रतिशत जल चुकी हिरन बाई को बेहतर उपचार हेतु जिला चिकित्सालय रेफर करने का फैसला लिया गया है ।

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बलौदाबाजार ।  जिले के ग्राम पंचायत खैरा में ग्रामीण लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की बात कह रहे हैं. इसकी वजह है उनकों शौचालय निर्माण की राशि का नहीं मिलना. जिससे ग्रामीण आक्रोशित होकर समझाने आए तहसीलदार व सीईओ को चारों ओर से घेर लिया है. तहसीलदार की गाड़ी के सामने महिलाए धरने बैठ गई है ।
दरअसल यह पूरा मामला बलौदाबाजार जनपद पंचायत का है. गांव को ओडीएफ तो घोषित कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश घरों में अभी तक शौचालय बना ही नहीं है. जिन्होंने शौचालय बना भी लिया है उनको पैसे नहीं दिया गया है. जिस बात को लेकर ग्रामीण नाराज है. हालांकि इस दौरान वहां पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद हैं ।

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