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Author: admin
रायपुर। साल का पहला महीना जनवरी गुजर गया। इतनी ठंड नहीं पड़ती, जितनी इस साल पड़ी है। खुद मौसम विभाग का पूर्वानुमान था कि रायपुर का पारा 12 डिग्री के नीचे नहीं जाएगा, लेकिन यह 10 तक पहुंच गया। इसकी वजह रही उत्तर से आने वाली सर्द हवाएं, जो रफ्तार के साथ छत्तीसगढ़ की ओर आ रही थीं।
मगर गुरुवार से इनकी दिशा बदल गई। हवाएं अब पूर्व की तरफ से आनी शुरू हो गई हैं। यही वजह है कि शुक्रवार को तापमान बढ़ेगा। रायपुर का न्यूनतम पारा 10.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है, जो अगले तीन दिन में बढ़ता हुआ 15 डिग्री पहुंच सकता है।
बुधवार की अपेक्षा गुरुवार की शुरुआत हल्की ठंड से हुई। दिन में ठंड नहीं लगी, शाम और रात को भी अपेक्षाकृत ठंड कम रही। मौसम वैज्ञानी एचपी चंद्रा का कहना है कि इस साल ठंड सभी पूर्वानुमान पर भारी पड़ी है।
ठंड गुजर चुकी है, अब गर्मी शुरू हो चुकी है इसका कोई पैमाना नहीं है न ही घोषणा की जा सकती है। यह महसूस होने वाली चीज है। उसी के आधार पर मौसम विभाग तापमान जारी करता है। जानकारी के मुताबिक जनवरी के अंतिम चार दिन में रायपुर का न्यूनतम पारा 10.1 डिग्री रिपोर्ट हुआ है, जो रिकॉर्ड है।
प्रदेश का मौसम
जिला- न्यूनतम
रायपुर- 10.4 (-4)
माना- 9.7 (-5)
बिलासपुर- 9.0 (-6)
पेंड्रा- 6.6 (-6)
अंबिकापुर- 6.3 (-4)
जगदलपुर- 9.2 (-4)
दुर्ग- 6.8 (-9)
राजनांदगांव- 8.0 (-6)
रायपुर। एक मां का दर्द महसूस कीजिए, जब उसे यह पता चलता है कि उसके लाल के पैर टेढ़े हैं। वह ठीक से चल नहीं पा रहा है। अगर इलाज नहीं मिला तो जिंदगी उसे उन्हीं टेढ़े पैरों के सहारे ही गुजारनी होगी। मगर जब यह मालूम होता है कि वह ठीक हो सकता है तो उसकी चिंता आधी हो जाती है। ऐसी सैकड़ों मां डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में अपने बच्चों को हुई ‘फुट क्लब’ नामक बीमारी का इलाज करने के लिए दौड़ती हैं।
लेकिन विडंबना देखिए कि इन्हें पैरों को सीधे रखने के लिए बैंडेज, प्लास्टर साथ लाना होता है। अस्पताल में यह मेडिकल सामग्री है ही नहीं। जिस अस्पताल में बड़ी-बड़ी, जटिल से जटिल बीमारी का इलाज होता है, करोड़ों की मशीन हैं और करोड़ों के उपकरण इंप्लांट किए जाते हैं, मरीज ठीक होकर घर लौटता है, वहां 500 और 1000 रुपये के बैंडेज मांताओं को बाहर से खरीदकर लाने होते हैं।
हड्डीरोग विभाग की ओपीडी के पास प्लास्टर रूम के बाहर दो मां अपने फुट क्लब पीड़ित बच्चों के साथ मिलीं। ये बैंडेज, प्लास्टर खरीदकर लाई थीं। पुराने प्लास्टर्स को गीला करने में जुटी हुई थीं, ताकि नया प्लास्टर बंध सके। मां ही कम्पाउंडर बन जाती हैं, क्योंकि कम्पाउंडर इन्हें ऐसा करने के लिए कहते हैं। इनसे कम्पाउंडर से पूछा गया कि बैंडेज, प्लास्टर क्यों नहीं है तो कहने लगे कि इनकी सप्लाई नहीं हो रही है।
सुनिए मां का दर्द
निर्मला निर्मलकर, पिथौरा- निर्मला ने एक महीने पहले ही बेटे को जन्म दिया। प्यार से नाम रखा खिलेश, लेकिन नन्ही सी जान फुट क्लब बीमारी से ग्रसित है। पिथौरा के डॉक्टर ने आंबेडकर अस्पताल ले जाने की सलाह दी, जहां दूसरी बार वे बच्चों को लेकर पहुंचीं।
कहती हैं कि डॉक्टर हर 15-15 दिन में बुलाते हैं। हर बार बाहर से ही 500 रुपये का बैंडेज और प्लास्टर खरीदना पड़ता है। अस्पताल में कहते हैं कि आता नहीं है। अब बेटे को ठीक करना है तो इतना खर्च तो उठा सकते हैं।
चिनेश्वरी मानिकपुरी, नर्मदा पारा रायपुर- चिनेश्वरी के जुड़वा बच्चे हुए, जिनमें से एक को फुट क्लब बीमारी है। महेश आज दो साल का गया है, लेकिन उसके पैरों से प्लास्टर उतरता ही नहीं है।
चिनेश्वरी हर 15 दिन में अस्पताल पहुंचती हैं। खुद ही प्लास्टर को भीगोती हैं और फिर प्लास्टर रूम का स्टाफ मेहरबानी करके प्लास्टर काटता है। चिनेश्वरी कहती हैं कि हम तो थोड़े सक्षम हैं जैसे-तैसे खर्च काटकर बैंडेज, प्लास्टर खरीद लेते हैं कई तो खरीद भी नहीं पाते। उनके लिए व्यवस्था होनी चाहिए।
क्या है फुट क्लब बीमारी- फुट क्लब जन्मजात बीमारी है। हड्डी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सटीक कारण आज दिनांक तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। सबके अलग-अलग मत है।
पहला- गर्भावस्था के समय गर्भस्था के समय शिशु की पोजिशन (जेस्चर) सही नहीं होने के कारण बधाों के पैर खराब हो जाते हैं।
दूसरा- आधुनिक खानपान भी है एक कारण।
तीसरा- गर्भवस्था के दौरान स्टेराइट्स का इस्तेमाल घातक करना।
रायपुर । प्रदेश के हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में संचालित वोकेशनल कोर्सेस के परीक्षार्थियों को अब इंटर्नशिप करना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य में 540 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में वोकेशनल एजुकेशन संचालित है। इनमें आइटी,रिटेल ,ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, बीएफएसआइ, टेली कम्युनिकेशन, एग्रीकल्चर एवं मीडिया एंटरटेनमेंट , इलेक्ट्रानिक्स एवं ब्यूटी एनवेलनेस ट्रेड के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप कराने की व्यवस्था जिला शिक्षा अधिकारियों को करनी है। इसके लिए जिले में शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
इन विद्यालयों के लेवल तीन कक्षा ग्यारहवीं, लेवल चार कक्षा बारहवीं में पंजीकृत विद्यार्थियों का इंटर्नशिप किया जाना है। प्रति विद्यालय 25 हजार रुपये प्राचार्य के खाते में हस्तांतरित कर दिया गया है। 31 मार्च से पहले स्कूलों में इंटर्नशिप करानी है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा में वोकेशनल के परीक्षार्थी भी शामिल होंगे।
किस ट्रेड को कहा करनी है इंटर्नशिप
रिटेल : खुदरा दुकानें, सुपर बाजार
आइटी/ आइटीइएसः डीटीपी केंद्र, आइटी पार्ट्स निर्माण इकाई, बीपीओ, संचार और इंटरनेट कैफे, आइटी प्रशिक्षण संस्थान, कम्प्यूटर का उपयोग करने वाला कोई भी व्यावसायिक उद्यम ।
ऑटोमोबाइलः गैराज, ऑटोमोबाइल सेवा केंद्र, ऑटो पार्ट्स केंद्र , विनिर्माण संयंत्र औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ।
हेल्थकेयर : अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र, पैरामेडिकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, पीएचसी ।
एग्रीकल्चर : कृषि अनुसंधान केंद्र, कृषि विज्ञान केंद्र, एटीएमए, चावल अनुसंधान केंद्र, कृषि फार्म, उपकरण और सेवाओं के लिए कृषि डीलर ।
बीएफएसआइः बैंक, एमएफआइ, कियोस्क, बैंकिंग केंद्र, ई- बैंकिंग इकाइयां ।
मीडियाः पोस्ट प्रोडक्शन यूनिट, एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर, विज्ञापन और संचार एजेंसियां, वीडियो शूटिंग व्यवसाय
दूरसंचारः ब्रॉडबैंड और संचार सेवा प्रदाता
इंटर्नशिप के लिए यह है जरूरी
ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को अवकाश के दिनों में 80 घंटे का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। समय और तिथि विद्यार्थियों एवं व्यावसायिक संस्थान के मध्य समझौते के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। इंटर्नशिप का स्थान यथासंभव विद्यालय या घर के आसपास रखने के लिए प्रयास किया जाएगा। इंटर्नशिप में बच्चों को ले जाने से पहले उनके अभिभावकों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सुरक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को पूर्व प्रशिक्षण और जानकारी साझा की जाएगी।
31मार्च से पहले बच्चों को इंटर्नशिप करानी है। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेज चुके हैं। – पी दयानंद, संचालक, समग्र शिक्षा अभियान, छत्तीसगढ़
बलरामपुर । कलेक्टर श्री हीरालाल नायक के द्वारा धान उर्पाजन केन्द्र तातापानी, भवंरमाल, महावीरगंज, त्रिकुण्डा, डिण्डो व सनावल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने महावीरगंज एवं त्रिकुण्डा समिति में धान खरीदी में भारी अनियमितता पाये जाने पर धान की उठाव पर तत्काल रोक लगा दी है।
कलेक्टर श्री हीरालाल नायक ने धान उपार्जन केन्द्र तातापानी, भंवरमाल, महावीरगंज, त्रिकुण्डा, डिण्डो व सनावल पहुंचकर धान खरीदी पंजी व टोकन पंजी तथा अन्य दस्तावेजों का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने महावीरगंज व त्रिकुण्डा समिति में धान खरीदी में भारी अनियमितता पाये जाने तथा नियमानुसार एवं मापदण्ड के अनुरूप धान का स्टेकिंग नहीं होने के कारण समिति से धान की उठाव पर तत्काल रोक लगा दी एवं समिति के कर्मचारियों से खरीदे गये धान का स्टेकिंग मापदण्ड के अनुरूप करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने धान खरीदी के अंतिम दिवस 31 जनवरी के बाद दोनों उपार्जन केन्द्र के सभी दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण करने की बात कही और समिति में विक्रय मात्रा धान का भौतिक सत्यापन नोडल अधिकारी द्वारा किये जाने हेतु समिति प्रबंधक, धान खरीदी प्रभारी, संचालक मंडल सदस्य एवं कम्प्यूटर आपरेटर सहित सभी को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दुर्गेश वर्मा, नायब तहसीलदार श्री पंचराम सलामे, उप संचालक पशु श्री बी.पी. सतनामी, सहायक संचालक मत्स्य श्री मूरत सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में अब तक 1394162.90 किं्वटल धान की आवक हो चुकी है। जिसमें से 79883.40 क्विंटल मोटा धान एवं 1314279.50 क्विंटल पतला धान की खरीदी हुई है। इसमें 583888 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है।
जगदलपुर । कलेक्टर जिला बस्तर के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत विकासखंड बकावंड के ग्राम जैबेल, डिमरापाल एवं बस्तर के ग्राम बेसोली, बाकेल में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन गुरुवार 31 जनवरी को किया गया। इन शिविरों में 1363 लोगों ने अपने स्वास्थ्य का परीक्षण कराया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. देवेन्द्र नाग ने जानकारी दी कि जैबेल स्वास्थ्य शिविर में कुल 820 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें 184 दंत एवं 02 स्केलेटल फलोरोसिस के मरीज एवं बेसोली स्वास्थ्य शिविर में 543 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया जिसमें 109 दंत एवं 01 स्केलेटल फलोरोसिस के मरीज मिले। शिविर में इन मरीजों का उपचार चिकित्सकों द्वारा किया गया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को फलोरोसिस से बचाव हेतु स्वास्थ्य शिक्षा दी गई।
उल्लेखनीय है कि विकासखंड बस्तर के 16 ग्राम बकावंड के 14 ग्राम फलोराइड से प्रभावित हैं । विगत वर्ष प्रभावित ग्रामों में 04 स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था जिसमें 878 दंत प्रभावित एवं स्केलेटल से प्रभावित 12 तथा 05 कूबड के मरीज पाये गये थे जिनका उपचार किया गया ।
स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने हेतु कलेक्टर बस्तर के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जगदलपुर, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग जगदलपुर, संबंधित विकासखंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहयोग किया गया। लोक स्वास्थ्य यंात्रिकी विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामों के पेयजल स्त्रोंतो का नमूना लिया गया है ।
राजनांदगांव । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पूण्यतिथि पर 30 जनवरी से 13 फरवरी 2019 तक जिले में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का आयोजन किया जा रहा है। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान का शुभारंभ 30 जनवरी को पुराना जिला अस्पताल परिसर से रैली निकलकर किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली पुराना जिला अस्पताल परिसर से मानव मंदिर चौक, जूनीहटरी, शनि मंदिर चौक, गुड़ाखू लाईन, कामठी लाईन, भारत माता चौक, जमातपारा सहित नगर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए पुराना जिला अस्पताल परिसर में समाप्त हुआ। रैली में कुष्ठ के प्रति जागरूता हेतु कुष्ठ बताएं-नहीं छुपाएं, छŸाीसगढ़ ने ठाना है-कुष्ठ रोग मिठाना है, हल्का पीला बदरंग दाग-कुष्ठ की सरल पहचान, आओ मिलकर जांच कराएं-एमडीटी खाएं कुष्ठ मिटाएं का नारा भी लगाया गया। रैली के पश्चात् कुष्ठ रोग को समूल नष्ट करने की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय कुष्ठ अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र रायपुर के सहायक निदेशक डॉ. निगम ने कुष्ठ रोग को समाप्त करने एवं कुष्ठ की पहचान की जानकारी दी।
डॉ. चौधरी ने बताया स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के अंतर्गत प्रचार-प्रसार के साथ ग्राम सभा में जनसमुदाय को कुष्ठ पीड़ितों से भेदभाव न करने तथा कुष्ठ मुक्त करने का संदेश भी दिया जायेगा। उन्होनें बताया कि अभियान को सफल बनाने हेतु जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है। इस अवसर पर जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनीष मेजरवार, श्री रवि मेश्राम, एमआर ठाकुर, बीपी शर्मा, एसपी निमजे, एमएन भूआर्य, श्री तन्मय घोष, एचएन साहू, श्री संतोष चौहान, सुरेखा सहारे, आरके सोनी, जेके कलचुरी सहित बीएससी नर्सिंग प्रशिक्षु, महिला बहुउद्देशीय एएनएम प्रशिक्षु उपस्थित थे।
रायपुर । लोक निर्माण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर में तीन फ्लाई ओव्हर तथा ओव्हर पास का निर्माण प्रगति पर है। इनमें से भाठागांव फ्लाई ओव्हर ब्रिज तथा कुशालपुर चौक पर ओव्हरपास के निर्माण कार्य को माह फरवरी में पूर्ण कर लिए जाने की संभावना है। वर्तमान में दोनों फ्लाई ओव्हर के 99 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। इनमें से 649 मीटर लम्बाई वाले भाठागांव फ्लाई ओव्हर ब्रिज के निर्माण के लिए 40 करोड़ 55 लाख रूपए और कुशालपुर चौक पर 740 मीटर लम्बाई के ओव्हर पास निर्माण के लिए 22 करोड़ 94 लाख रूपए की राशि स्वीकृत है। इसी तरह 786 मीटर लम्बाई के फ्लाई ओव्हर का निर्माण कमल विहार में 25 करोड़ 38 लाख रूपए की राशि से किया जा रहा है। वर्तमान में इसका 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। कमल विहार में निर्माणाधीन फ्लाई ओव्हर को आगामी अप्रैल माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
रायपुर । लोक निर्माण विभाग द्वारा दुर्ग-पाटन मार्ग स्थित ठगड़ा में रेलवे ओव्हर ब्रिज और रेल अण्डर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण के लिए 27 करोड़ 39 लाख रूपए की राशि स्वीकृत है। वर्तमान में इसका लगभग 20 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलेंगे। इससे पहले कुर्मी सम्ममेलन में नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री रायपुर आए थे तो भूपेश बघेल ने उनकी तीमारदारी में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी।
तब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में बघल सूबाई भाजपा सरकार से टकरा रहे थे और बिहार में नीतीश कुमार भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे थे। अब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार पटना पहुंच रहे हैं।
रविवार को आयोजित विपक्षी एकता रैली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ वे दिल्ली से पटना रवाना होंगे। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी एकता की बड़ी पटकथा पटना के गांधी मैदान से लिखी जानी है।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने पहले ही राहुल गांधी को अगले चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद के लिये उपयुक्त चेहरा माना है। विपक्षी गोलबंदी में भूपेश बघेल को कांग्रेस पार्टी बड़े कुर्मी नेता के रूप में देशभर में प्रोजेक्ट करने की रणनीति बना रही है, खासकर उप्र और बिहार के चुनावों में भूपेश बघेल के जादुई नेतृत्व का आलाकमान जमकर फायदा उठाना चाहता है।
कुर्मी कोइरी बिरादरी के नेता के रूप में बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के पाले में हैं तो विपक्ष की ओर से स्थानीय जातीय नेतृत्व के अलावा राष्ट्रीय कुर्मी नेता के रूप भूपेश बघेल की महती भूमिका होगी। विपक्षी रैली के बाद बघेल की औपचारिक मुलाकात नीतीश कुमार से भी होनी है।
नारायणपुर । छत्तसीगढ़ में नक्सलियों ने 31 जनवरी को भारत बंद का आह्वान किया है, जिसका मिला-जुला असर नारायणपुर जिले में देखने को मिल रहा है। यहां नक्सली दहशत के कारण यात्री बसों के पहिए थम गए हैं। इस कारण यात्रियों के आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक अंदरूनी इलाकों में कई स्थानों पर नक्सलियों ने दहशत फैलाने वाले पर्चे भी फैलाए हैं।
कांकेर में महाराष्ट्र सीमा पर नक्सली उत्पात
गढचिरोली में नक्सलियों द्वारा भारी आगजनी की भी घटना सामने आई है। कांकेर जिले के कुरखेडा-कोरची मार्ग पर ट्रक को नक्सलियों ने आग लगा दी है। पेड़ काटकर रास्ते पर गिरा दिए हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं गढ़चिरोली के पोटेगांव-जडेगाव क्षेत्र में 2 जेसीबी, 4 ट्रैक्टर को आग लगाने की भी जानकारी मिली है।