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Author: admin
इस वक्त देश के तमाम लोगों की निगाहें मोदी सरकार द्वारा आगामी 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले अंतरिम बजट की ओर लगी हैं। मोदी सरकार की ओर से ऐसे संकेत मिले हैं कि इस अंतरिम बजट में सिर्फ चार माह के लिए लेखानुदान ही पेश नहीं किया जाएगा, वरन देश की कुछ आर्थिक-सामाजिक चुनौतियों के समाधान हेतु नीतिगत दिशाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। चूंकि यह चुनावी साल है, लिहाजा उम्मीद की जा रही है कि अंतरिम बजट में आम आदमी, किसान, छोटे उद्यमियों व कारोबारियों, मध्यम वर्ग और लघु आयकरदाताओं के लिए राहत की घोषणाएं हो सकती हैं। इस बजट को लोक-लुभावन बनाए जाने की पूरी संभावनाएं हैं।
गौरतलब है कि अंतरिम बजट को लेकर ऐसी कोई कानूनी या संवैधानिक बाधा नहीं है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करों में संशोधन करने का प्रस्ताव करने से रोके। अब तक अलग-अलग समय पर विभिन्न् केंद्र सरकारों द्वारा कुछ गैर-पारंपरिक अंतरिम बजट पेश हुए हैं। वर्ष 1962-63 में तत्कालीन केंद्रीय वित्तमंत्री मोरारजी देसाई ने अंतरिम बजट में नमक पर शुल्क हटाने के प्रस्ताव के साथ ही प्रशुल्क और व्यापार पर सामान्य समझौता (गैट) के तहत कुछ वादों को जारी रखने का भी प्रस्ताव किया था। वर्ष 1977-78 में वित्तमंत्री एमएम पटेल ने अंतरिम बजट में कंपनियों को आयकर पर अधिभार के भुगतान के एवज में भारतीय औद्योगिक विकास बैंक में जमा करने के लिए सक्षम बनाने का प्रस्ताव किया था। 1980-81 में वित्तमंत्री आर. वेंकटरमन ने लद्दाख के निवासियों, गरीबी उन्मूलन से जुड़े करदाताओं, अनुसूचित जाति-जनजाति के हितों को बढ़ावा देने वाले निगमों या अन्य संस्थाओं को आयकर में छूट का प्रस्ताव किया था।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2004-05 में वित्त मंत्री जसवंत सिंह ने अंतरिम बजट पेश था। उस समय राष्ट्रीय परिदृश्य पर आर्थिक सुधारों की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिशीलता दिखाई दे रही थी। जसवंत सिंह ने अंतरिम बजट में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों में नई रियायतों के प्रस्ताव रखे थे। खासतौर से कुछ तरह के सामान पर राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क लगाने का प्रस्ताव था। वर्ष 2014-15 में वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने जब अंतरिम बजट पेश किया था तो अर्थव्यवस्था की हालत ठीक नहीं थी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे थे और राजकोषीय घाटा चिंताजनक स्थिति में था। ऐसे में अंतरिम बजट पेश करते हुए चिदंबरम ने जहां आर्थिक दिशाएं प्रस्तुत की, वहीं पूंजीगत उत्पादों समेत कई उत्पादों पर उत्पाद शुल्क घटा दिए थे। कई घरेलू उत्पादों के संरक्षण हेतु उत्पाद शुल्क की नई दरें भी घोषित कीं। यदि हम पिछले अंतरिम बजटों का तुलनात्मक अध्ययन करें तो पाते हैं कि वर्ष 2004-05 में जसवंत सिंह ने व 2014-15 में पी. चिदंबरम ने कराधान प्रस्ताव जोर-शोर से प्रस्तुत किए थे और साथ ही पूरे सालभर के लिए विभिन्न् वर्गों के लिए राहतकारी प्रावधान भी पेश किए थे।
मोदी सरकार का यह अंतरिम बजट मुख्यत: खेती और किसानों को संबल प्रदान करने वाला हो सकता है। सरकार इस बजट में नकद के रूप में राहत देने के लिए ऐसी योजना प्रस्तुत कर सकती है, जिसके तहत किसानों को सबसिडी देने के बजाय सीधे उनके खातों में नकद रकम ट्रांसफर की जाए। सरकार खेती-बाड़ी से जुड़ी तमाम तरह की सबसिडी को जोड़ने की एक उपयुक्त योजना प्रस्तुत कर सकती है। कृषि कर्ज का लक्ष्य भी 10 फीसदी बढ़ाकर करीब 12 लाख करोड़ रुपए किया जा सकता है।
देश में असमानता और बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है और ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए यूनिवर्सल बेसिक इन्कम (यूबीआई) की जरूरत महसूस की जा रही है। पूर्व वित्तीय सलाहकार अरविन्द सुब्रह्मण्यम ने वर्ष 2016-17 के आर्थिक सर्वे में इस योजना की सिफारिश की थी। अंतरिम बजट में इस आशय की घोषणा होने की भी उम्मीद है। छोटे आयकरदाता नौकरीपेशा वर्ग के साथ-साथ मध्यम वर्ग के लोग भी चाहते हैं कि उन्हें आयकर राहत मिले, ऐसे में सरकार द्वारा अंतरिम बजट में आयकर छूट की सीमा को उपयुक्त रूप से बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा 2.50 लाख रुपए है तथा 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन सुनिश्चित है। आयकर की छूट की सीमा को दोगुना करके पांच लाख रुपए तक किया जा सकता है। इसके साथ ही आयकर की विभिन्न् स्लैबों के तहत भी राहत दी जा सकती है। अभी ढाई लाख से पांच लाख रुपए की आय पर पांच प्रतिशत की दर से कर लगता है। वहीं 5 से 10 लाख रुपए की आय पर 20 प्रतिशत तथा 10 लाख रुपए से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत आयकर लगता है। अब पांच से 10 लाख रुपए तक की आमदनी पर कर की दर घटाकर 10 प्रतिशत और 10 से 20 लाख रुपए की आय पर 20 प्रतिशत तथा 20 लाख रुपए से अधिक की आय पर 25 प्रतिशत आयकर लगाया जा सकता है। वरिष्ठ नागरिक एवं महिला वर्ग के लिए आयकर में छूट की सीमा भी बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही बचत को प्रोत्साहन देने के लिए धारा 80सी के तहत कटौती की सीमा बढ़ाकर 2.50 लाख रुपए की जा सकती है। चिकित्सा खर्च और परिवहन भत्ते पर भी आयकर छूट मिल सकती है। आगामी बजट में छोटी-बड़ी हर प्रकार की कंपनियों पर कॉर्पोरेट कर की दर घटाकर 25 फीसदी रखी जा सकती है। इससे कारोबार का विस्तार होगा और कर संग्रह भी बढ़ेगा।
अंतरिम बजट में रीयल एस्टेट सेक्टर को भी प्रोत्साहन दिखाई दे सकता है। यदि इस सेक्टर को उद्योग का दर्जा मिलता है तो इससे जुड़े अन्य उद्योगों को भी तेजी मिलेगी। इससे कम दर पर फंडिंग हासिल करने में भी मदद मिलेगी। डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर टैक्स में छूट दी जा सकती है।
इस अंतरिम बजट में स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स खत्म करने और ई-केवाईसी में ढील की स्थिति दिखाई दे सकती है। एंजेल टैक्स के कारण स्टार्टअप्स में निवेश बाधित हो रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य, शिक्षा, छोटे उद्योग-कारोबार और कौशल विकास जैसे विभिन्न् आवश्यक क्षेत्रों के लिए बजट आवंटन में बढ़ोतरी की जा सकती है। निर्यातकों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर विशेष इंसेंटिव दिया जा सकता है। सालाना पांच करोड़ रुपए तक बिजनेस वाली कंपनियों को कर्ज पर ब्याज में 2 फीसदी तक छूट देने का प्रोत्साहन सुनिश्चित किया जा सकता है। हम आशा करें कि अंतरिम बजट में सरकार एक ओर विभिन्न् वर्गों की आर्थिक अपेक्षाओं के मुताबिक उपयुक्त रियायतें एवं प्रोत्साहन देते हुए दिखाई देगी, वहीं दूसरी ओर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के ऐसे कदम उठाती हुई भी दिखेगी, जिससे वर्ष 2019 के अंत तक भारत वैश्विक अध्ययन रिपोर्ट्स में जताए गए अनुमानों के मुताबिक दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाए।
मल्टीमीडिया डेस्क। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने शुक्रवार को हैमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान इतिहास रच दिया। भारत को इस मैच में 8 विकेट से हार झेलनी पड़ी लेकिन मिताली 200 इंटरनेशनल वनडे खेलने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई। मिताली ने इस उपलब्धि पर साथियों के साथ केक काटा।
36 वर्षीया मिताली ने 26 जून 1999 को मिल्टन किन्स में आयरलैंड के खिलाफ इंटरनेशनल वनडे डेब्यू किया था। वे इस मैच से पहले 199 वनडे मैचों में 51.66 की औसत से 6613 रन बना चुकी थी। उन्होंने इस दौरान 7 शतक और 52 अर्द्धशतक जड़े थे। मिताली जैसे ही शुक्रवार को न्यूजीलैंड की कप्तान एमी सैटरवेट के साथ टॉस के लिए मैदान में उतरी, उन्होंने इतिहास रच दिया। वैसे मिताली अपने इस यादगार मैच में प्रदर्शन नहीं कर पाई और मात्र 9 रन बनाकर कास्पेरेक की गेंद पर पीटरसन को कैच थमा बैठी। अब उनके नाम 200 इंटरनेशनल वनडे मैचों में 51.33 की औसत से 6622 रन दर्ज है।
अपने 19 वर्ष के इंटरनेशनल करियर में मिताली ने 10 टेस्ट मैच और 85 टी20 मैचों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके नाम 10 टेस्ट मैचों में 51 की औसत से 663 रन और 85 टी20 मैचों में 37.42 की औसत से 2283 रन दर्ज हैं।
मिताली के रिकॉर्ड को खतरा नहीं :
मिताली महिला इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में 200 मैचों के साथ शीर्ष पर है। इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स 191 मैचों के साथ दूसरे क्रम पर हैं। वे 1996 में क्रिकेट से संन्यास ले चुकी है इसलिए मिताली के रिकॉर्ड को कोई खतरा नजर नहीं आ रहा है। भारत की झूलन गोस्वामी 174 मैचों के साथ तीसरे और ऑस्ट्रेलिया की एलेक्स ब्लेकवैल 144 मैचों के साथ चौथे क्रम पर हैं।
भारतीय महिला टीम को मिली हार :
आईसीसी महिला चैंपियनशिप के तहत तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को 8 विकेट से रौंदा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की पारी 44 ओवरों में 149 रनों पर सिमट गई। दिप्ति शर्मा ने सर्वाधिक 52 रन बनाए। एना पीटरसन ने 28 रनों पर 4 और लिया ताहुहू ने 26 रनों पर 3 विकेट लिए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड ने 29.2 ओवरों में 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया। एमी सैटरवेट ने नाबाद 66 रन बनाए जबकि सूजी बेट्स ने 57 रनों को योगदान दिया।
महिला इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैच
200 मैच मिताली राज (भारत)
191 मैच चार्लोट एडवर्ड्स (इंग्लैंड)
174 मैच झूलन गोस्वामी (भारत)
144 मैच एलेक्स ब्लेकवैल (ऑस्ट्रेलिया)
जगदलपुर । भूपेश सरकार द्वारा किसानों का कर्ज माफ करने के बाद बस्तर संभाग में इस बार बम्पर धान खरीदी हुई है। किसानों ने पिछले पांच सालों का रिकार्ड तोड़ते हुए लक्ष्य से करीब 10 हजार मीट्रिक टन अधिक धान बेचा है।
इतना ही नही पिछले कुछ सालों से अपना कर्ज नहीं चुका पाने वाले किसान भी इस बार अपना धान उपार्जन केन्द्रों तक लेकर पंहुचे। नतीजा यह रहा कि बस्तर संभाग मे लक्ष्य से अधिक धान खरीदी की गई है।
दरअसल राहुल गांधी ने बस्तर से ही ऐलान किया था कि यदि उनकी सरकार बनती है तो दस दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ किया जायेगा और उनके धान 2500 रू. क्विंटल के हिसाब से खरीदे जायेंगे। हुआ भी वैसा ही सरकार बदली और वादा निभाते हुए कर्ज माफी के साथ 2500 रू. में धान खरीदी की गई।
विपणन अधिकारी के मुताबिक बस्तर संभाग के सातों जिलों के 259 खरीदी केन्द्रोें से इस बार 5 लाख 17 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया था और इस लक्ष्य को सप्ताह भर पहले ही पूरा कर लिया गया।
जिसके बाद गुरुवार को धान खरीदी के अंतिम दिन तक 10 हजार मीट्रिक टन धान अधिक खऱीदा गया। इसमें 2 लाख 49 हजार मीट्रिक धान का उठाव हो चुका है। वहीं 2 लाख 72 हजार धान का उठाव उपार्जन केन्द्रों से किया जाना है।
विपणन अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष हुए धान खरीदी का यह रिकार्ड पिछले पांच सालों की तुलना में सबसे अधिक है, बस्तर के किसानों ने बढ़चढ़कर धान बेचा। हांलाकि इस वर्ष धान खरीदी के दौरान लापरवाही बरतने वाले 5 खरीदी प्रभारियों पर कार्रवाई करने के साथ कई बिचौलियो पर भी कार्रवाई की गई है।
रायपुर | भाटापारा पूर्व विधायक चैतराम साहू ने जोगी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. त्यागपत्र में उन्होंने पार्टी के सुप्रीमो अजीत जोगी से कुछ दर्द भी बयाँ किया है. पूर्व विधायक चैतराम साहू ने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि उन्हें इस बात का काफी दुःख है कि पार्टी ने बिना उनका पक्ष सुने ही निलंबित कर दिया.
निलंबन की जानकारी उन्हें समाचार पत्र और व्हाट्सएप के माध्यम से पता चला कि 28 जनवरी की बैठक में उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया है. अब चैतराम साहू ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्राथमिक सदस्यता सहित समस्त जिम्मेदारियों से अपने आप को पृथक करते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया है.
मुंगेली | एसपी दफ्तर में पदस्थ कॉन्स्टेबल पुरुषोत्तम निषाद ने फांसी लगा ली है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस जाँच में जुट चुकी है. फ़िलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है |
जानकारी के अनुसार पुलिस आरक्षक पुरुषोत्तम निषाद अपने निवास स्थान से कुछ ही दूर जाकर खेत में फांसी के फंदे पर झूल गया. घटना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत खेढ़ा गांव की है |
दुर्ग। अमृतसर जा रही छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के एसी कोच में लूट कोशिश की गई। बदमाश ज्यादा तो नहीं पर कुछ महिलाओं के गहने, पुरुष यात्रियों के पर्स, अंगूठी, सोने की चेन लूटकर अपने साथ ले भागे। यात्रियों की सजगता और हिम्मत से लूटपाट की बड़ी घटना होने से बच गई।
घटना के बाद सीनियर डीएससी नागपुर ज्योति कुमार सतीजा ने जांच के आदेश दिए हैं। जिसके बाद अब दुर्ग स्टेशन में भी जांच होगी। बता दें छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बुधवार रात नागपुर से इटारसी रूट पर अपने नियमित समय पर रवाना हुई थी। रात 1 बजे ट्रेन आमला स्टेशन पर रुकी। वहां से छूटने के बाद बरसाली स्टेशन के करीब पहुंची ही थी कि अचानक ट्रेन रूक गई। रात होने की वजह कई यात्री सो रहे इसलिए किसी को कुछ पता नहीं चला।
तभी अचानक 10-12 युवक मुंह में कपड़ा बांधे व हाथ में हथियार लिए एसी बी-2 और बी-3 कोच में चढ़ गए और यात्रियों से लूटपाट करने लगे। इस बीच कुछ यात्रियों ने हिम्मत दिखाते हुए बदमाश युवकों को पकड़ने का प्रयास किया।
यात्रियों को एक होता देख सभी बदमाश समान को वहीं छोड़कर एसी कोच से भागकर स्लीपर कोच में चढ़ गए। थोड़ी दूर जाने के बाद डकैतों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी और भाग निकले।
बदमाश अपने साथ कुछ महिलाओं के गहने, पुरुष यात्रियों के पर्स, अंगूठी, सोने की चेन लूटकर ले गए। जानकारी के अनुसार बदमाशों ने स्लीपर कोच में भी कुछ लोगों के बैग लूटे हैं। बताया जा रहा है कि एसी बी-3 कोच से दो यात्रियों का बैग वे ले गए हैं।
रायपुर | बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि पीएम की कार्ययोजना पर पियूष जी का बजट आज आया है. हर तबके को ऊपर रखा गया है. आज देश की सबसे बड़ी योजना स्वच्छ भारत और आगे बढ़ गया है. टेक्स पेयर को छूट दी गई है जिससे देश के 3 करोड़ मिडिल क्लास को छूट मिलेगी |
सेविंग में 6,5 लाख की छूट हुई. 12 करोड़ किसानों को 6000 दिया जायेगा. कामधेनु योजना के तहत प्रति किसान 500 रु दिया जाएगा. पीएम जनधन योजना, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 3000 रु प्रतिमाह लाभ होगा. अनुसूचित जनजाति को छूट दी गई है. 5 करोड़ के टर्नओवर वाले व्यपारियों को तिमाही टेक्स देना होगा. महंगाई की दर कम की गई 10 प्रतिशत से घटकर 4.5 प्रतिशत किया गया |
दृष्टि अटल है, समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आये इस बजट का असर हर वर्ग पर पड़ेगा. इसके लिए धन्यवाद. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर कहा कि यहां की सरकार ने घोषणा की थी अब वो पूरी करें. हमारी केंद्र सरकार ने तो आमजनों के लिए बजट दिया है |
सिंगरौली। सिंगरौली में देर रात हुए एक दर्दनाक हादसे में ट्रक ड्राइवर जिंदा जल गया। हादसा उस वक्त हुआ, जब तेज रफ्तार से आ रहे दो ट्रक टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ मिनटों में ट्रक धू-धूकर जल उठा। एक ट्रक के ड्राइवर को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और वो जिंदा जल गया। रात का वक्त होने की वजह से वक्त पर मदद नहीं मिल सकी। तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयानक रहा हो। दोनों ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो चुके हैं। चालक का नाम संतोष कुमार साह है। अभी उनका पोस्टमार्टम जिला अस्पताल बैढन में किया जा रहा
रायपुर। खुद को एसबीआई का अधिकारी बताकर महिला ने एक सरकारी कर्मचारी से ओटीपी नंबर पूछकर खाते से 20 हजार 300 रुपये उड़ा लिये। कर्मचारी की शिकायत पर तेलीबांधा पुलिस ने चार सौ बीसी का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक ढेबर पिंक सिटी निवासी आदित्य हीराधर (55) सरकारी कर्मचारी हैं।
31 जनवरी की सुबह 11.55 बजे वे घर पर थे, तभी उनके मोबाइल पर 8011058253 नंबर से कॉल आया। कॉल महिला ने किया था। उसने खुद को एसबीआइ में एटीएम कार्ड की अधिकारी बताते हुए कहा कि ओटीपी नंबर भेज रही हूं, उसे देखकर मुझे नोट करा दें ताकि स्टेटमेंट आपके घर भेजा जा सके।
मोबाइल पर ओटीपी नंबर आने पर आदित्य ने बता दिया। कुछ देर बाद किश्तों में खाते से 20 हजार 300 रुपये का आहरण होने का मैसेज आया तो वे चौंक गए। इसके बाद एसबीआई कार्ड के ऑफिस से मोबाइल नंबर 11247108871 से कॉल आया।
पूछा गया कि आपने अपने एसबीआइ कार्ड से किसी सामान का आर्डर दिया है क्या? आदित्य ने नहीं करना बताया तो पूछा गया कि किसी का कॉल आया था क्या? तब उन्होंने कॉल आना और फर्जी तरीके से 20 हजार 300 का आहरण होने की जानकारी दी।
रायपुर। स्वाइन फ्लू का वायरस ठंड में तो इस साल सक्रिय रहा ही, लेकिन चिकित्सकों का मानना है कि जब मौसम बदला तो इसकी सक्रियता बढ़ी यानी ठंड कम होना, हल्की गर्मी से इसके वायरस अधिक प्रभावी होते हैं। यही वजह है कि दिसंबर और जनवरी में राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू ने दो मरीजों की जान ले ली।
इनमें से महावीर नगर निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग और आमा सिवनी निवासी 58 वर्षीय महिला शामिल हैं। इनके अलावा अब तक नौ मरीजों में एच1एन1 वायरस पॉजिटिव मिला है। सूत्रों की मानें तो शहर के पचपेड़ी नाका स्थित निजी अस्पताल में अभी दो मरीजों का इलाज जारी है, जो क्रिटिकल हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में भी नवंबर में आइसोलेटेड वार्ड को दुरुस्त किया गया था। यहां कोई मरीज भर्ती नहीं है।
गौरतलब है रायपुर के इन दो मरीजों के अलावा भिलाई निवासी एक महिला मरीज की शहर के निजी अस्पताल में मौत हुई है। इस सीजन में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या का तीन हो गई है। डॉ. आंबेडकर अस्पताल के टीबी एंड चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. आरके पांडा कहते हैं कि यह अब साधारण फ्लू की तरह ही है।
हां, हमें इसे लेकर सावधानी बरतने की जरुरत है। चिकित्सकों को समय रहते दिखाएं, ताकि समय रहते इलाज शुरू हो सके। डॉ. पांडा मानते हैं कि यह वायरस कभी भी सक्रिय हो सकता है, पूर्व के वर्षों में 45 डिग्री तापमान में भी केस रिपोर्ट हुए हैं।
– स्वाइन फ्लू के वायरस का लेकर पूर्व में अलर्ट जारी किया गया है। सतर्क रहने की आवश्यकता है। बीते कुछ वर्षों का ट्रेंड है कि बदलते मौसम में ही इसकी सक्रियता होती है। फिलहाल जो मरीज पॉजिटिव मिले हैं, वे ठीक हैं। उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। – डॉ. आरके चंद्रवशीं, जिला नोडल अधिकारी, महामारी नियंत्रण कार्यक्रम