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रायपुर  |  कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज किसान आभार सम्मेलन को संबोधित करते हुए एक बड़ा ऐलान किया है. राहुल गांधी ने कहा कि 2019 में चुनाव के बाद केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनने पर हर गरीब को मिनिमम इनकम गारंटी दी जाएगी. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी मतदाताओं का दिल से धन्यवाद. आप सबने हमारे कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी दी है. मैं कांग्रेस पार्टी का एक कार्यकर्ता हूँ, मैं पूरे दिल से आप सबका धन्यवाद करता हूँ. आप सबने जो जिम्मेदारी हमें सौंपी है, उसे हम मिलकर पूरा करेंगे  |
जब हम विपक्ष में थे हमने छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए लड़ाई लड़ी. हमने भाजपा सरकार से पूछा कि किसानों का कर्ज माफ किया जाये. मगर सरकार के पास एक ही जवाब होता था कि पैसा नहीं है. सरकार के पास उद्योगपति के लिए पैसा कहाँ से आ जाता था. विजय माल्या, ललित मोदी देश का पैसा लेकर भाग जाता है. इस सरकार के पास अनिल अंबानी के लिए 30 हजार करोड़ रुपए है मगर किसानों के लिए पैसा क्यों नहीं है. बीजेपी के नेता 15 सालों में जो काम नहीं कर पाये कांग्रेस सरकार ने वो काम सिर्फ 24 घंटों में कर दिखाया. कांग्रेस ने 10 दिनों में ऋण माफ़ करने का वादा किया था. मगर हमने ये निर्णय सरकार बनते ही पहले ही दिन निर्णय ले लिया  |
नरेंद्र मोदी ने अनिल अंबानी को फायदा पहुँचाने देश के बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा किया है. ऐसा क्या कारण है कि हिंदुस्तान का हर किसान डर-डरकर जीता है. क्या कारण है कि किसानों की हालत लगातार बुरी होती जा रही है. किसान दिनभर काम करे, आधी रोटी खाए और अनिल अंबानी प्राइवेट जहाज में सफ़र करे. हम ऐसा हिंदुस्तान बनने नहीं देंगे. किसानों की जमीन उद्योगपति छीने, हम ये नहीं होने देंगे. टाटा ने जो जमीन खरीदी थी, उसे किसानों को वापस करने का काम भी हमारी सरकार ने कर दिखाया है  |
छत्तीसगढ़ पूरी दुनिया में धान का कटोरा बनेगा. न्यूयार्क के डायनिंग टेबल में भी छत्तीसगढ़ की सब्जी होगी. हमारी सरकार हरित क्रांति पर काम करेगी. मैंने दो हिंदुस्तान की बात कर रहा हूँ. नरेन्द्र मोदी दो हिंदुस्तान बना रहे हैं. एक हिंदुस्तान अनिल अंबानी, मेहुल चौकसी जैसे उद्योगपतियों का. और दूसरा हिंदुस्तान आम लोगों और किसानों का. हम ये नहीं होने देंगे. कांग्रेस ने मन बना लिया है कि 2019 में चुनाव जीतने के बाद हम और बड़े कदम उठाएंगे. हमने निर्णय ले लिया है कि 2019 चुनाव के बाद हर गरीब को मिनिमम इनकम गारंटी देने जा रही है. हम दो हिंदुस्तान नहीं चाहते हैं. उस हिंदुस्तान में कोई भी भूखा नहीं सोयेगा. छत्तीसगढ़ के युवाओं ने, किसानों ने, महिलाओं ने और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मिलकर चुनाव जिताया है. हमारी सरकार में आपके मन की बात चलेगी. आपके लिए हम काम करने आये हैं. आप हमें ऑर्डर दीजिये. हम काम करेंगे. हम यहाँ मन की बात करने नहीं आये हैं. हम यहाँ लंबे-लंबे भाषण देने नहीं आये हैं  |
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान आभार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों से मुलाकात करने दिल्ली से रायपुर आये हैं. किसानों का आभार व्यक्त करने आप सबके बीच पहुंचे हुए हैं. उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी की नेतृत्व में हमने विधानसभा चुनाव लड़ी. छत्तीसगढ़ के किसानों की बदौलत ही तीन चौथाई से जीत मिली. सीएम भूपेश बघेल ने आगे कहा कि कांग्रेस ने जो वादा किया उसे निभाया है. कांग्रेस की सरकार अच्छे दिन आएंगे कहने का धोखा नहीं देती है. कांग्रेस सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है. जो अत्याचार झीरम कांड में हुआ है, उसकी जाँच के लिए हमने एसआईटी गठित की है. केंद्र में भी अब कांग्रेस की सरकार बनाने की जरूरत है  |

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दंतेवाड़ा। सीआरपीएफ जवानों को उस समय बड़ी सफलता मिली जब जवानों ने नक्लसियों द्वारा लगाया गया एक शक्तिशाली आईईडी बरामद किया। ये आईईडी करीब 3 किलो का बताया जा रहा है। नक्सलियों ने संभवतः सुरक्षाबल को बड़ा नुकसान पहुंचाने के लिए सड़क के बीच इसे दबाकर रखा था। सुरक्षाबलों ने इस सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया।
दंतेवाड़ा के एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने पुष्टि करते हुए बताया कि कुआकोंडा थाना इलाके के मोखपाल-मैलावाड़ा के बीच सुरक्षाबलों ने 3 किलो का आईईडी बरामद किया। सीआरपीएफ 195 बटालियन के जवानों को सर्चिंग के दौरान सड़क के बीच से वायर निकला हुआ दिखा। इस पर पूरी टीम सतर्क हुई। टीम ने सावधानीपूर्वक सड़क की थोड़ी खुदाई की तो सभी हैरान रह गए। नक्सलियों ने यहां आईईडी प्लांट किया हुआ था। नक्सलियों ने प्लास्टिक के बैग में बारूद पैककर ये आईईडी तैयार किया और फिर उसे सड़क में दबाया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्लास्टिक बैग में होने के बावजूद ये बड़ा नुकसान पहुंचाने में सक्षम है। ज्ञात हो नक्सलियों के बंद सप्ताह घोषित किया और ये सप्ताह का चौथा दिन है।
फिलहाल सुरक्षाबल पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान चलाए हुए है।

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कोरबा। कोरबा में सोमवार को दो सड़क हादसे हुए। एक घटना में सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से बोलेरो जा टकराई। इस घटना में करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। इनमें से 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं दूसरी घटना में कोयले से भरा एक ट्रेलर पलटी खा गया।
मिली जानकारी के मुताबिक कोरबा के कटघोरा-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर रजकम्मा के पास एक बोलेरो सड़क एक ट्रेलर में जा घुसी। ये ट्रेलर ढाबे के पास बीच सड़क में ही खड़ा था। हादसे में बोलेरो में सवार करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। ये सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। जानकारी के मुताबिक जायसवाल परिवार के लोग शादी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कटघोरा तहसीलभाटा से बिलासपुर जा रहे थे, तभी हादसा हो गया। घायलों में 6 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल सभी घायलों को कटघोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
कोयले से भरा ट्रेलर पलटा
इसके अलावा कोरबा में एक और सड़क दुर्घटना हुई। राताखार बायपास मार्ग पर एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलटी खा गया। ट्रेलर में कोयला भरा हुआ था। लोगों ने बताया की आज सुबह लगभग 8.15 में ट्रेलर कोयला लेकर कोरबा की ओर जा रहा था। लेकिन तेज रफ्तार की वजह से मोड़ पर पलटी था गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेलर की गति और थोड़ी ज्यादा होती तो ट्रेलर सीधे घर में जा घुसता। दो दिन पूर्व एक तेज रफ्तार ट्रेलर सर्वमंगला पुल की रेलिंग तो तोड़ते हुए पुल के नीचे जा गिरा था।

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बिलासपुर। हावड़ा-हापा एक्सप्रेस के एसी कोच अटेंडर से 29 लाख 87 हजार 724 रुपये कीमती सोने की चूड़ियां जब्त की गई। उसे हावड़ा में किसी ने दवा का बाक्स बोलकर रायपुर तक ले जाने के लिए कहा था। लेकिन चांपा के करीब आरपीएफ की स्कार्टिंग पार्टी ने संदेह के आधार पर पूछताछ की। इस दौरान जैसे ही बाक्स की जांच की गई तो उसके अंदर से 72 चूड़ियां मिलीं। इसके बाद गहने समेत अटेंडर को बिलासपुर में आरपीएफ पोस्ट के सुपुर्द कर दिया गया। इसे बाद में जीआरपी को हैंडओवर किया। मामले की छानबीन जारी है।
मामला शनिवार का है। इस ट्रेन में आरपीएफ की टीम गश्त पर थी। अभी ट्रेन चांपा रेलवे स्टेशन पार हो रही थी। उसी समय गश्त टीम कोच क्रमांक बी-1 पर पहुंची। यहां अटेंडर शोभित मुदलियार पिता जगन्नाथ मुदलियार (34) ड्यूटी पर था। केबिन में एक पैकेट रखा था। यह टेप से पूरी तरह पैक था। इसी पर टीम को संदेह हुआ और उन्होंने अटेंडर से पूछताछ की। उसने बताया कि इसके अंदर दवा है। हावड़ा में एक व्यक्ति द्वारा यही कहकर पैकेट दिया है। इसे रायपुर तक पहुंचाने के लिए उसने 200 रुपये भी दिए हैं। लेकिन उसकी जानकारी से टीम संतुष्ट नहीं हुई।
यही वजह है कि उसने अटेंडर को पैकेट खोलने के लिए कहा। पैकेट खुलते ही जो नजारा था उसे देखकर आरपीएफ के होश उड़ गए। 24-24 की कड़ी में सोने की चमचमाती चूड़ियां थीं। अटेंडर भी सकते में आ गया। पैकेट में एक टैक्स इंवाइस पेपर था जिसमें आरजी इंटरनेशनल पांच कनूलाल लेन दो फ्लोर रूम नंबर 2017 कोलकाता वेस्ट बंगाल 700007 जीएसटीआइएन 19 एएएक्सएफआर 2946 एमआइजेड पांच लिखा था। साथ बिल जेआर ज्वेलर्स सदर बाजार रायपुर के नाम था। इसके अलावा किसी तरह का दस्तावेज नहीं मिला। आरपीएफ ने गड़बड़ी होने की आशंका पर जब्त चूड़ियों समेत अटेंडर को पकड़ लिया। इसके बाद ट्रेन जैसे ही दोपहर 12 बजे के करीब बिलासपुर स्टेशन पहुंची। उसे उतारकर आरपीएफ पोस्ट के हवाले कर दिया गया। मामले की जांच जीआरपी कर रही है।
आयकर विभाग को सूचना
जीआरपी प्रकरण की छानबीन में जुटी हुई है। वह कई तरह के सवालों का जवाब ढूंढ रही है। इनमें एक प्रमुख प्रश्न यह है कि आखिर झूठ बोलकर अटेंडर को इतनी कीमती चूड़ियों को क्यों दिया गया। चोरी-छिपे इसे ट्रेन में क्यों भिजवाया जा रहा था। इस मामले की जानकारी सोमवार को आयकर विभाग को दी जाएगी।
अटेंडर को सामान ले जाने का अधिकार नहीं
एसी कोच अटेंडर निजी कर्मचारी होते हैं जो ठेकेदार के अंदर काम करते हैं। रेलवे हर ट्रेन के लिए ठेका करती है। इसके तहत उन्हें केवल यात्रियों को सुविधा देनी है। सामान का परिवहन करने का अधिकार नहीं है। इसके बाद भी वह नियम को तोड़कर पार्सल वाहक बनकर कमाई के चक्कर में इस तरह कार्य करते हैं।

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भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल गौर के तेवर फिलहाल नरम नहीं पड़ रहे हैं। अब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनका वादा याद दिलाते हुए भोपाल से लोकसभा के टिकट के लिए दावेदारी की है।
गौर ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 25 सितंबर को कार्यकर्ता महाकुंभ में प्रधानमंत्री मोदी ने मुझसे कहा था, ‘बाबूलाल गौर, एक बार और”। विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री को अपना वादा निभाना पड़ेगा और मुझे लोकसभा का टिकट देना पड़ेगा।
भाजपा नेताओं से बातचीत के बाद अब गौर के सुर भी बदल गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जाने का मेरा कोई विचार नहीं है। कांग्रेस ने ऑफर दिया था, लेकिन उसे एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल दिया है।
मालूम हो, कुछ दिन पहले गौर ने कहा था कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर भोपाल से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है और मैं इस पर विचार कर रहा हूं। इसके बाद भाजपा नेता और मप्र में लोकसभा चुनाव के प्रभारी स्वतंत्रदेव सिंह ने गौर के घर जाकर उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद कांग्रेस में जाने की बात को लेकर गौर ने अपना बयान बदल दिया।

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भगवान श्रीकृष्ण जो भी करते थे, उसके पीछे एक उद्देश्य होता था। महाभारत में भी कई कहानियां हैं जहां लोगों को उनके काम समझ नहीं आए, लेकिन जब अंतिम परिणाम आया तो आभास हुआ कि कान्हा क्या सोच रहे थे। ऐसी ही एक कहानी जरासंध को लेकर भी है। आप भी पढ़िए –
कंस की मृत्यु के पश्चात उसका ससुर जरासंध बहुत ही क्रोधित था। उसने कृष्ण और बलराम को मारने के लिए मथुरा पर 17 बार आक्रमण किया।
जरासंध जब भी आक्रमण करता, उसे हार का मुंंह देखना पड़ता। वह फिर सेना जुटाता और ऐसे राजाओं को अपने साथ जोड़ता जो श्रीकृष्ण के खिलाफ थे, और फिर हमला बोल देता। हर बार श्रीकृष्ण पूरी सेना को मार देते, लेकिन जरासंध को छोड़ देते। बड़े भाई बलराम को यह बात अजीब लगती।
आखिर में एक युद्ध के बाद बलराम से रहा नहीं गया और उन्होंने श्रीकृष्ण से पूछ ही लिया – “बार-बार जरासंध हारने के बाद पृथ्वी के कोनों-कोनों से दुष्टों को अपने साथ जोड़ता है और हम पर आक्रमण कर देता है और तुम पूरी सेना को मार देते हो किन्तु असली खुराफात करने वाले को ही छोड़ दे रहे हो। ऐसे क्यों
तब हंसते हुए श्री कृष्ण ने बलराम को समझाया, “हे भ्राता श्री, मैं जरासंध को बार-बार जानबूझकर इसलिए छोड़ दे रहा हूं ताकि वह जरासन्ध पूरी पृथ्वी से दुष्टों को अपने साथ जोड़े और मेरे पास लाता रहे और मैं आसानी से एक ही जगह रहकर धरती के सभी दुष्टों को मार दे रहा हूं। नहीं तो मुझे इन दुष्टों को मारने के लिए पूरी पृथ्वी का चक्कर लगाना पड़ता। दुष्टदलन का मेरा यह कार्य जरासंध ने बहुत आसान कर दिया है।”
 जब सभी दुष्टों को मार लूंगा तो सबसे आखिरी में इसे भी खत्म कर ही दूंगा ” चिन्ता न करो भ्राता श्री

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अंतागढ़ फोन टेपकांड की जांच के आदेश दे दिए हैं। रायपुर एसपी को सरकार ने जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वे रायपुर आइजी के मार्गदर्शन में मामले की जांच करेंगे। इस टेपकांड ने 2014 में सियासत को गरम कर दिया था। ज्ञात हो कि 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दिया था। वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था। भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे।
नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इससे भाजपा को वाकओवर मिल गया था। बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल वायरल हुआ था। आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई। इसमें वर्तमान जकाँछ सुप्रीमो अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई कथित बातचीत का मामला सुर्खियों में रहा था। सरकार ने अब इस टेपकांड की जांच के आदेश दे दिए हैं। इससे पहले नागरिक आपूर्ति निगम में घोटाले की जांच भी हो रही है। पुरानी सरकार के समय के मामलों को नई सरकार चुन- चुनकर बाहर निकाल रही है।

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रायपुर। कबीर पंथ के धर्मगुरु प्रकाश मुनि से सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी मुलाकात कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने रविवार को प्रकाश मुनि से मुलाकात की।
इस दौरान दोनों नेताओं के प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर चर्चा की। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी प्रकाश मुनि से मुलाकात की थी। चर्चा है कि राहुल गांधी कटोरा तालाब स्थित आश्रम में प्रकाश मुनि से मुलाकात करेंगे।
लोकसभा चुनाव से पहले प्रकाश मुनि से मुलाकात के राजनीति मायने निकाले जा रहे हैं। प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी प्रकाश मुनि से मुलाकात की थी और आशीर्वाद मांगा था।
इस बीच, राहुल गांधी के किसान आभार सम्मेलन की तैयारी का जायजा लेने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया पहुंचे। एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल जाने के दौरान दोनों नेताओं के साथ वरिष्ठ आदिवासी विधायक अमरजीत भगत भी मौजूद थे। चर्चा है कि राहुल गांधी कांग्रेस के नये प्रदेश अध्यक्ष की भी घोषणा कर सकते हैं। हालांकि कांग्रेस में यह परंपरा नहीं रही है कि मंच से कभी प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की गई हो।
कांग्रेस मीडिया सेल के चेयरमैन शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा मंच से कभी नहीं की गई है। कार्यक्रम स्थल के अवलोकन के दौरान मंत्री शिव कुमार डहरिया, डॉ. प्रेमसाय सिंह, महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व सांसद करूणा शुक्ला, मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर, पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी, मुख्यमंत्री के सचिव गौरव द्विवेदी सहित अन्य मौजूद थे।
किसान आभार सम्मेलन के लिए बनी यातायात व्यवस्था
किसान आभार रैली के लिए यातायात व्यवस्था तैयार की गई है। इसके तहत दुर्ग-भिलाई राजनांदगांव और बालोद की ओर से आने वाले व्यक्ति टाटीबंध से रिंग रोड नंबर एक होकर पचपेढ़ी नाका चैक से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 होकर ग्राम तूता स्थित पार्किंग स्थल क्रमांक पी-09 में वाहन पार्क करेंगे।
धमतरी, कांकेर एवं बस्तर से आने वाले ग्राम तूता तिराहा कोहर, तूता दाल मिल के पीछे पार्किंग स्थल पी-11 में वाहन पार्क करेंगे। रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम मार्ग वाले धनेली नाला रिंग रोड नंबर तीन से विधानसभा ओवरब्रिज होकर रिंग रोड नंबर 03 जंक्शन राजू ढाबा से सेरीखेड़ी होकर विमानतल तिराहा,गोल्फ मैदान स्थित पार्किंग क्रमांक चार, पांच, छह और 13 में वाहन पार्क करेंगे। महासमुंद वाले सेरीखेड़ी होकर राज्योत्सव टर्निंग स्थित पार्किंग क्रमांक चार एवं 13 में वाहन पार्क करेंगे।

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के फंड का इस्तेमाल अफसरों ने खुद का चेहरा चमकाने और ब्रांडिंग के लिए किया है। यह राशि एक तरह से खनन प्रभावित आबादी को हुई क्षति की भरपाई के लिए थी, लेकिन इसका उपयोग काफी गैर जिम्मेदारी से किया गया।
कई जिलों में करोड़ों के निर्माण कार्य की अनुमति दे दी गई। यह कार्य अपने चहेते ठेकेदारों को दिया गया। अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीएमएफ फंड के इस्तेमाल में हुई अनियमितता की जांच का आदेश दिया है।
गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज धारित क्षेत्रों में खनन से प्रभावित होने वाले पर्यावरण तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए डीएमएफ का गठन किया गया था। इस निधि में नवम्बर 2018 तक 3 हजार 336 करोड़ स्र्पये का अंशदान प्राप्त हुआ। अब तक कलेक्टरों ने 2 हजार 400 करोड़ स्र्पये की राशि खर्च है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस पूरे मामले की समीक्षा का निर्णय लिया है। अनावश्यक निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है, ताकि जनता का पैसा जनहित में इस्तेमाल किया जा सके। मुख्यमंत्री को शिकातय मिली थी कि कलेक्टरों ने डीएमएफ का इस्तेमाल प्रभावितों के हितों को छोड़कर शहरी क्षेत्र में कर दिया।
सेंटर फार साइंस एंड इनवायरमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट के अनुसार, कोरबा में डीएमएफ का 46 फीसदी शहरी क्षेत्र में इस्तेमाल किया गया। इसमें मल्टी लेवल पार्किंग, कन्वेन्शन सेंटर और शहरी स्वच्छता संरचना का निर्माझा किया गया। जबकि जिले में 75 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र में रहती है। बिलासपुर में डीएमएफ से हवाई अड्डे का निर्माण किया गया।
डीएमएफ में ग्राम सभा का प्रतिनिधित्व नहीं
सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार, डीएमएफ के इस्तेमाल के लिए बनी कमेटी में ग्राम सभा के सदस्यों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। इसमें जनप्रतिनिधियों की जगह सरकारी अधिकारियों का प्रभुत्व है। लोगों की भागीदारी के रूप में राजनीतिक सदस्यों जैसे सांसदों, विधायकों और पंचायती राज संस्थान के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
यह थी डीएमएफ की मंशा
डीएमएफ बनाने के पीछे यह मंशा थी कि प्लानिंग और निवेश व्यवस्थित और व्यापाक रूप से किया जाना चाहिए। प्लानिंग इस तरह से हो कि लघु और दीर्घकालिक निवेश के माध्यम से स्पष्ट परिणाम आए। सामाजिक, आर्थिक और मानव विकास स्थितियों में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करें।
यह कमियां आईं पकड़ में
-प्रदेश के किसी भी जिले में डीएमएफ के लाभार्थियों की पहचान नहीं की गई।
-जिलों में अपने-अपने तरीके से क्षेत्र और गांव की पहचान करके निर्माण हुआ।
-पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर सबसे कम राशि खर्च की गई

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रायपुर। लोकसभा चुनाव से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 207 करोड़ स्र्पये की सिंचाई कर राशि माफ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 16 लाख 65 हजार किसानों का लगभग 6 हजार 230 करोड़ स्र्पये का अल्पकालिक कृषि ऋण माफ किया गया है।
किसानों की लगभग 15 वर्षों से लंबित सिंचाई कर की बकाया राशि को मिलाकर अक्टूबर 2018 तक का सिंचाई कर भी माफ किया जाएगा। इससे 15 लाख किसानों को राहत मिलेगी। रबी फसल लेने वाले किसानों को कोई तकलीफ न हो इसलिए रबी फसलों के लिए बंद पड़ी सिंचाई सेवाओं को तत्काल प्रभाव से पुन : प्रारंभ करने का निर्णय भी लिया है।
इस बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को लोकसभा चुनाव की हुंकार भरेंगे। राहुल नया रायपुर के राज्योत्सव मैदान में किसानों को ऋण मुक्ति पत्र बाटेंगे। राहुल दोपहर दो बजे किसान आभार सम्मेलन में शामिल होंगे।
किसान आभार सम्मेलन के माध्यम से कांग्रेस की शक्ति प्रदर्शन की भी तैयारी की है। सम्मेलन में दस हजार से ज्यादा किसानों को लाने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने रविवार को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। कार्यक्रम में बस्तर से सरगुजा तक के किसान शामिल होंगे।
बघेल ने गिनाईं किसान हित की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान हित में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते बताया कि 16.60 लाख किसानों का 61 सौ करोड़ से अधिक का कर्ज माफ किया गया है। धान की खरीद 2500 स्र्पये प्रति क्विंटल किया है। 15 लाख किसानों का 207 करोड़ का सिंचाई कर भी माफ किया गया है।
इसके साथ ही बस्तर में टाटा संयंत्र के लिये अधिग्रहित 5100 एकड़ जमीन मूल किसानों को वापस किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरूवा, घुरूवा, बारी की भी शुरुआत की है, जिसमें छत्तीसगढ़ के ग्रामीण प्राकृतिक संसाधनों और परंपरागत संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और दोहन करके ग्रामीण युवाओं को रोजगार तथा गांवों की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाएगा।

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