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Author: admin
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजिम में नई रेल सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की आवागमन सुविधा में वृद्धि करते हुए राजिम से रायपुर के लिए नई मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने राजिम-रायपुर-राजिम मेमू नई ट्रेन सेवा तथा रायपुर-अभनपुर 2 मेमू रेल सेवा का राजिम तक विस्तार भी प्रारंभ किया। भारी संख्या में यात्री इस अवसर पर ट्रेन में सवार हुए और उत्साहपूर्वक रायपुर की ओर रवाना हुए। सस्ती एवं सुलभ नई रेल सुविधा मिलने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस नई रेल सेवा से राजिम सहित गरियाबंद एवं देवभोग क्षेत्र के लोगों को भी राजधानी रायपुर तक सस्ती और किफायती यात्रा का विकल्प प्राप्त होगा। विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग सहित सभी के लिए यह ट्रेन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग, राजिम अब रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अब और अधिक सुगम, सुविधाजनक और किफायती बन गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से लगातार 19 महीनों से विकास की गति निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए नया भविष्य गढ़ेगा। उन्होंने बताया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व धमतरी से रायपुर तक नैरोगेज ट्रेन चलती थी और अब आठ वर्षों के अंतराल के बाद यहां ब्रॉडगेज ट्रेन सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके लिए उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में रेलवे की लगभग 45,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश में रेल सेवाओं का तीव्र विस्तार और विकास सुनिश्चित हो रहा है।
इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, लोकसभा सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, अभनपुर विधायक इन्द्रकुमार साहू, राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, नगर पालिका गोबरा नवापारा अध्यक्ष ओमकुमारी संजय साहू, नगर पंचायत राजिम अध्यक्ष महेश यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, रेलवे अधिकारी-कर्मचारी एवं भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम तक सीधी रेल पहुँच सुनिश्चित हो गई है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 22 मई को ‘निर्मल भारत रेलवे स्टेशन’ के नाम से देश के 103 रेलवे स्टेशनों को मॉडिफाई करने के लिए चयनित किया गया, जिनमें से छत्तीसगढ़ के पाँच रेलवे स्टेशन शामिल हैं और 32 स्टेशन भी इस योजना में जोड़े गए हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया और मुख्यमंत्री साय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 45,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएँ चालू हैं, जिनसे रेल कनेक्टिविटी में तेजी आएगी। बस्तर को भी इससे लाभ हो रहा है और रावघाट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 140 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का कार्य प्रगति पर है।
रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में बाहर से साधु-संत एवं पर्यटक भारी संख्या में आते हैं। अब उन्हें सीधे रायपुर से राजिम आने की सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यटन एवं क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी और विश्व पटल पर राजिम का नाम और अधिक रोशन होगा।
महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने नई रेल सेवा के लिए लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अब राजिम से रायपुर आना बहुत आसान हो गया है। श्रद्धालु एवं पर्यटक यात्री अब राजिम से सीधे डोंगरगढ़ तक भी यात्रा कर सकेंगे।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक किया जाएगा। 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 राजिम-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोरों—राजिम और रायपुर—से संचालित होगी। इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित सेवा पखवाड़े में हितग्राहियों को राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। अपनी जरूरते पूरी होने और परेशानियों से मुक्ति मिलने से हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बिलासपुर में हुए कार्यक्रम में जरूरतमंद परिवारों को पक्के आशियाने की चाबी, भवन अनुज्ञा, पहले किश्त की राशि और वय वंदन कार्ड प्रदान किए गए। इसके साथ ही लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से लाभान्वित कुदुदन निवासी ममता दुबे को आवास स्वीकृत हुआ और भवन का नक्शा मिलने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब उन्हें किराए के घर से निजात मिल गई है। इसी तरह हेमूनगर की गोटीवाड़ा विजया और बिजौर निवासी ओम साहू को घर की चाबी मिलने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। विजय ने बताया कि पति ड्राइविंग का काम करते हैं आमदनी इतनी नहीं कि खुद का घर बना सकें पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवास योजना से अब उनका पक्के घर का सपना साकार हो गया है और कच्चे घर से निजात मिल गई।
इसी तरह अशोक नगर निवासी संतोषी श्रीवास व पूनम टंडन लिंगियाडीह निवासी को खमतराई, और बहतराई में मकान आवंटित हुआ और उन्हें पहले किश्त का चेक प्राप्त हुआ। उन्होंने खुशी से बताया कि अब उनका अपने खुद के घर में रहने का सपना साकार होने जा रहा है। वहीं रानी यादव सरकंडा थाना के सामने बेजा कब्जा कर परिवार के साथ रह रही थी जिसके कभी टूटने की आशंका है उन्होंने बताया कि घर तोड़े जाने का उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है पर अब आवास स्वीकृत होने से उनकी एक बड़ी चिंता दूर हो गई है बहुत से हितग्राहियों को इस अवसर पर जहां गृह प्रवेश के लिए आवास की चाबी सौंपी गई वहीं लखपति दीदीयों का सम्मान भी किया गया। तालापारा, ख्वाजा नगर निवासी अब्दुल नईम को आवास स्वीकृत हुआ। मैकेनिक का कार्य करने वाले नईम ने बताया कि अब उनके परिवार को सुरक्षित छत मिल सकेगी।
बिलासपुर के ही हरनारायण पटेल, शांति देवी और विद्या परिहार को वय वंदन कार्ड के अंतर्गत पाँच लाख रुपये की स्वास्थ्य सहायता का लाभ मिला। सभी हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं से उनके जीवन को एक नई उम्मीद और संबल मिला है।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मध्यप्रदेश के धार जिले से स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान और 8वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मंडपम से हजारों महिलाओं के साथ इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़कर इन अभियानों के शुभारंभ के साक्षी बने। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया और पोषण कैलेंडर का विमोचन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि विकसित भारत की यात्रा नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान, इन चार स्तंभों पर टिकी है और यह अभियान इस लक्ष्य को नई मजबूती देगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशभर में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें टीबी, एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच व दवाई उपलब्ध होगी। उन्होंने माताओं-बहनों से अपील की कि वे इन शिविरों में जरूर जाएं ताकि किसी भी महिला को जानकारी के अभाव में गंभीर बीमारी का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति राष्ट्र का मुख्य आधार है और मां के स्वस्थ होने से परिवार के साथ-साथ समाज भी सशक्त होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 4.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को 19 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी समाज को सुरक्षित करने के लिए सिकल सेल एनीमिया मिशन की शुरुआत शहडोल से की गई थी। अब तक 5 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है और 1 करोड़ कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान से आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने गरीबों और किसानों को योजनाओं के केंद्र में बताते हुए कहा कि मुफ्त राशन से लेकर आयुष्मान कार्ड तक, सरकार की हर योजना गरीब के जीवन को बदलने के लिए है। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ चुके हैं और यह मोदी की गारंटी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम मित्र पार्क और पीएम विश्वकर्मा योजना की जानकारी साझा करते हुए कहा कि इससे लाखों रोजगार सृजित होंगे और छोटे कारीगरों को नई पहचान मिलेगी। त्योहारों के अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि “जो भी खरीदें, वह स्वदेशी हो, ताकि पैसा देश में रहे और विकास की गति तेज हो।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता और नेतृत्व ने भारत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई है। नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब और किसान को विकसित भारत के चार स्तंभ मानकर जो योजनाएं उनके नेतृत्व में शुरू की गई हैं, वे देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले स्वास्थ्य शिविरों में महिलाओं की टीबी, एनीमिया और कैंसर जैसी बीमारियों की मुफ्त जांच व दवाई उपलब्ध कराई जाएगी। यह मातृशक्ति के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान और सिकल सेल एनीमिया मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे करोड़ों महिलाओं और आदिवासी भाई-बहनों का जीवन सुरक्षित हुआ है। इसी तरह पीएम मित्र पार्क और पीएम विश्वकर्मा योजना लाखों युवाओं और कारीगरों को रोजगार व पहचान दिला रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों के परिणामस्वरूप 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं, जो उनके संवेदनशील नेतृत्व का प्रमाण है। साय ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर प्रधानमंत्री का स्वदेशी अपनाने का आह्वान हर भारतीय के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर प्रारंभ हुई ये योजनाएं विकसित भारत के संकल्प की ठोस नींव हैं।
मेधावी छात्राओं का किया सम्मान, पोषण कैलेंडर का किया विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कृषि मंडमप में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के शुभारंभ के अवसर पर पोषण माह कैलेंडर का विमोचन किया। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत मेधावी छात्राओं को सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित स्वास्थ्य शिविर और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों का अवलोकन कर जानकारी लीं। विशेष रूप से पोषण संगोष्ठी, हमर स्वस्थ लइका, रेडी-टू-ईट, छत्तीसगढ़ के मिलेट्स, मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, बाल विवाह मुक्त अभियान, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी जांच, ईएनटी, सिकल सेल जांच, किशोरी स्वास्थ्य, मातृत्व स्वास्थ्य के लिए केंद्रित स्टालों को देखा और आगंतुकों से शासकीय योजनाओं से मिल रहे लाभ के संबंध में चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने पोषण रथ को दिखाई हरी झंडी, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लगाया चंदन का पौधा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 8वें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ के अवसर पर पोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह सभी वाहन प्रदेश के जिलों का भ्रमण कर माताओं-बहनों को पोषण एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी जानकारी देगी। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में चंदन के पौधे लगाये।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक सुनील सोनी भी उपस्थित रहे।
रायपुर। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से आवेदनों तथा रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की औसत मासिक संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल से शून्य बिजली बिल की ओर कदम बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर तैयार हो रहे हैं, जिसका असर आने वाले महीनों में बड़ी उपलब्धि के रूप में दिखाई पड़ेगा। शासन की मंशानुसार उपभोक्ताओं का रुझान अब सस्ती बिजली हेतु सरकारी योजना के बदले आत्मनिर्भरता की तरफ बढने लगा है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केन्द्र सरकार द्वारा एक किलोवाट के लिए 30,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 60,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए 78,000 रूपये सब्सिडी प्रदान की जा रही थी। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 जून, 2025 को आयोजित राज्य मंत्री परिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से भी सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत एक किलोवाट के लिए 15,000 रूपये, दो किलोवाट के लिए 30,000 रूपये तथा तीन किलोवाट के लिए भी 30,000 रूपये सब्सिडी देने की घोषणा की गई। जिससे एक से लेकर तीन किलोवाट तक कुल सब्सिडी क्रमशः 45,000 रूपये, 90,000 रूपये तथा 1,08,000 रूपये हो गई है। मार्जिन मनी के लिए बैंकों से 10 वर्षों के लिए 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री साय की विशेष पहल पर राज्य सब्सिडी का प्रदाय जल्दी से जल्दी करने के निर्देश दिये गये। जिसके कारण 8 सितम्बर को आयोजित एक कार्यक्रम में 618 हितग्राहियों के बैंक खाते में 1.85 करोड़ रूपये की सब्सिडी उनके बैंक खातों में अंतरित कर दी गई। साथ ही यह व्यवस्था की गई है कि अब स्थापना के एक माह के भीतर स्टेट सब्सिडी दे दी जाएगी। इस तरह उपभोक्ताओं का विश्वास तथा उत्साह तेजी से बढ़ा है। राज्य सब्सिडी घोषित होने के पूर्व औसत मासिक आवेदनों की संख्या 1,607 थी तथा स्थापनाओं की सख्या 337 थी। वहीं 18 जून को स्टेट सब्सिडी घोषित होने के बाद आवेदनों की औसत मासिक सख्या 3,906 हो गई है तथा स्थापनाओ की औसत प्रतिमाह सख्या 744 हो गई है।
इस तरह अब प्रदेश में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए काफी उत्साह देखा जा रहा है। कुल आवेदनों की संख्या 58,500 हो गई है, जिनमें से 6,500 घरों में रूफटॉप सोलर पेनल लगाये जा चुके हैं तथा 17,000 का कार्य प्रगति पर है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वकर्मा जयंती मनाया। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को विश्वकर्मा जयंती मनाई जा रही है। ऋग्वेद में भगवान विश्वकर्मा को ब्रह्माण्ड के वास्तुकार व इंजीनियर के रूप में वर्णित किया गया है।
मान्यता है कि विश्वकर्मा भगवान की पूजा करने से रोजी-रोजगार, कारोबार, नौकरी में उन्नति होती है। शास्त्रों के अनुसार, कन्या संक्रांति के दिन, भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था, जो ब्रह्मा जी के पुत्र माने जाते हैं।
विश्वकर्मा पूजा के दिन मशीनों, वाहन, कारखाने, औजार, दुकान व फैक्ट्री आदि की पूजा भी करते हैं। दुकान, मशीन व वाहन आदि की साफ-सफाई व करें। इसके बाद कलावा बांधकर विश्वकर्मा जी का ध्यान करें। फूल माला, फल, धूप, अक्षत चढ़ाएं। घी के दीपक से आरती व पूजा करें।
रायपुर। मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी की मुलाकात। सीएम साय ने बताया, इस अवसर पर उनका शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री निवास रायपुर में हुए इस मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी उपस्थित रहीं।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े तथा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री साय ने संसार के प्रथम वास्तुकार एवं सृजन-निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर प्रदेश की प्रगति और निर्माण के वास्तविक आधारस्तंभ हैं। श्रम की सार्थकता और सृजन की भावना को समाज में प्रतिष्ठित करने का श्रेय भगवान विश्वकर्मा को जाता है। विश्वकर्मा जयंती का यह अवसर हम सभी को समर्पण और ईमानदारी से कार्य करने की प्रेरणा देता है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में ’स्वच्छता ही सेवा’ और ‘अंगीकार-2025’ अभियान तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 एवं लोक कल्याण मेला का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया। उन्होंने विभिन्न नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 11 हजार लाभार्थियों को गृहप्रवेश भी कराया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायकद्वय राजेश मूणत और सुनील सोनी तथा रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में राज्य स्तरीय स्वच्छता सुपर लीग के टूल-किट का विमोचन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत हितग्राहियों को उनके स्वीकृत आवासों के भवन निर्माण अनुज्ञा पत्र तथा पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। उन्होंने रायपुर नगर निगम के दिवंगत कर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी दिए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने रायपुर नगर निगम और अन्य नगरीय निकायों में स्वच्छता को समर्पित डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि देश को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ा काम किया है। स्वच्छता अब लोगों की आदत में शुमार हो गया है। उन्होंने कहा कि घर के अंदर और बाहर साफ-सफाई केवल महिलाओं का ही दायित्व नहीं है, बल्कि यह पुरूषों का भी काम है। उन्होंने देश में स्वच्छता को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में छत्तीसगढ़ को सात राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। बीस हजार से कम आबादी वाले देश के 100 सबसे स्वच्छ शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहर शामिल हैं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए नगरीय निकायों में काम कर रहे स्वच्छता दीदियों, सफाई कर्मियों और वहां के नागरिकों को धन्यवाद देते हुए रैंकिंग में आगे और भी सुधार करने को कहा। उन्होंने कहा कि हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत बनाने के लिए अपने विजन डॉक्युमेंट-2047 के अनुरूप काम कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले 11 वर्षों में देश के एक-एक व्यक्ति की चिंता की है। ‘सबका साथ सबका विकास’ के ध्येय पर चलते हुए देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में ‘अंगीकार-2025’ अभियान के तहत हर पात्र परिवार तक आवास पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए 4 सितम्बर से 31 अक्टूबर तक यह विशेष अभियान संचालित है। स्ट्रीट वेंडर्स को आगे बढ़ाने और उनके कल्याण के लिए भारत सरकार प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 लेकर आई है। आज से पूरे प्रदेश में यह लागू हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज से प्रारंभ हो रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान से हर व्यक्ति को जोड़कर स्वच्छता को जन आंदोलन बनाया जाएगा। साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हम राज्य के सभी शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए काम कर रहे हैं। हर शहर में नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ा रहे हैं।
नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में आज से प्रारंभ हो रहे अभियानों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज से शुरू हो रहा स्वच्छता पखवाड़ा इस बार ‘स्वच्छोत्सव’ के रूप में मनाया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान सभी नगरीय निकायों में गंदगी के ब्लैक-स्पॉट्स को चिन्हांकित कर साफ-सफाई का अभियान चलाया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन और सुडा के वरिष्ठ अधिकारी, रायपुर नगर निगम के एमआईसी सदस्य, पार्षदगण और विभिन्न योजनाओं के हितग्राही बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित रक्तदान अमृतोत्सव 2.0 कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा अनिवार्य है। शिक्षा केवल डिग्री या नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता का मूल आधार है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य प्रकोष्ठ, उच्च शिक्षा विभाग एवं पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा सेवा पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेशभर के महाविद्यालयों में रक्तदान सहित विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री साय ने रक्तदान कर रहे युवाओं से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि रक्तदान न केवल जीवन रक्षा का माध्यम है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह सबसे बड़ा दान है, जिसे बार-बार किया जा सकता है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है और विद्यार्थियों को उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा सहित अनेक क्षेत्रों में समृद्ध है। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ की पहचान पूरे देश में है। नक्सलवाद जैसी बाधाओं को सुरक्षा बलों के साहस और निरंतर अभियानों से समाप्त किया जा रहा है। जल्द ही बस्तर में विकास की गंगा बहेगी और एक विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि युवाओं का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उच्च शिक्षा विभाग में 700 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने एनएसएस को समाज को जोड़ने वाला सशक्त विचार बताया।
कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा का भाव निहित है और रक्तदान सबसे बड़ा दान है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराते हुए उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सेवा जीवन का सार है। रक्तदान या शिक्षा—किसी भी माध्यम से सेवा जीवन को यशस्वी बनाती है।
कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष देवांगन, कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ल, राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी, कुलसचिव प्रो. अम्बर व्यास सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक विद्यार्थी उपस्थित थे।
रायपुर । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित मुख्य समिति कक्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ आगमन की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वनमंत्री एवं संसदीय कार्यमंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री अजय चंद्राकर, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियों को समयबद्ध तरीके से और सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उल्लखेनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष में आयोजित राज्योत्सव समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवीन भवन, छत्तीसगढ़ आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे तथा राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे।