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Author: admin
रायपुर। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय पोषण माह 2025 का भी आयोजन 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक पूरे देश में किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश के इंदौर से इस अभियान और पोषण माह का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ करेंगे।
छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन राजधानी रायपुर में कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी।
अभियान के तहत प्रदेशभर में 7,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में महिलाओं और बच्चों के उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, क्षय रोग, कुष्ठ जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच और उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसवपूर्व जांच, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड वितरण, बच्चों का टीकाकरण और किशोरी बालिकाओं के लिए पोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे।
राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत विशेष गतिविधियां जैसे पोषण पंचायतें, आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत स्तर पर सामुदायिक सहभागिता, स्वास्थ्य जांच, पोषण परामर्श और मातृ-शिशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। पात्र महिलाओं का विशेष पंजीकरण कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। साथ ही, मिलेट्स और स्थानीय पौष्टिक खाद्य जैसे कोदो, कुटकी, रागी को अपनाने के लिए महिलाओं और परिवारों को प्रेरित किया जाएगा। बच्चों की परवरिश में पुरुषों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की वास्तविक आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला और बाल स्वास्थ्य को लेकर जो राष्ट्रीय अभियान प्रारंभ हो रहा है, वह हर घर और हर समाज को नई शक्ति देगा। छत्तीसगढ़ में इस अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह को हम सभी के सामूहिक प्रयास और सामाजिक सहयोग से एक सफल जन आंदोलन बनाएंगे। पंचायत प्रतिनिधियों, नगरीय निकायों, महिला मंडलों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से यह संदेश हर गांव और हर शहर तक पहुँचेगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य की व्यापक जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रदेशभर में 7,500 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ सरकार महिला एवं बाल स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इस अभियान से न केवल मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी बल्कि किशोरियों और परिवारों में पोषण व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिला और बाल स्वास्थ्य एवं पोषण ही सशक्त परिवार और सशक्त राष्ट्र की नींव है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ और राष्ट्रीय पोषण माह पूरे देश में एक नई जनचेतना का संचार कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और समाज की सहभागिता से एक सफल जन आंदोलन का स्वरूप मिलेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर माँ और हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं पहुँचें, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सक्षम बन सके।
उल्लेखनीय है कि अभियान के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम” विशेष कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण को मातृ सम्मान और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, रक्तदान शिविर, निक्षय मित्र नामांकन और दूरस्थ अंचलों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की सेवाएं भी शामिल रहेंगी। जिला और विकासखंड स्तर पर कैंसर स्क्रीनिंग, एएनसी जांच, किशोरी स्वास्थ्य सत्र, पोषण काउंसलिंग और इम्यूनाइजेशन ड्राइव आयोजित की जाएगी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 17 सितम्बर को अपरान्ह 2 बजे राजधानी रायपुर स्थित इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग द्वारा प्रदेश के एक लाख 84 हजार 220 श्रमिकों को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार 456 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी रहेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के श्रमवीरों को आर्थिक मदद एवं उन्हें संबल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मंडल द्वारा 01 लाख 77 हजार 049 निर्माण श्रमिकों को 58 करोड़ 32 लाख 38 हजार 136 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा 3 हजार 839 हितग्राहियों के खाते में 4 करोड़ 77 लाख 50 हजार 750 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 3 हजार 332 हितग्राहियों के खाते में 2 करोड़ 06 लाख 72 हजार 570 रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे।
रायपुर। ग्राउंड लेवल पर रहकर फील्ड रिपोर्टिंग करने वाले तमाम पत्रकारों का सम्मान यंग आर्म्स फाउंडेशन ने आज रायपुर में किया। ये वही पत्रकार हैं जो अपनी जान पर खेल कर कठिन परिस्थितियों में भी तथ्यों को उजागर करते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर अनिल द्विवेदी जी ने बताया की सार्थक पत्रकारिता वह होती है जिसमें खबरों की तह तक जाना होता है,तथ्यों की पड़ताल करनी पड़ती है फिर सही तथ्यों को सामने रखा जाता है।
अगर हम बात करें पत्रकारिता में एआई के योगदान की तो यह एक धीमी जहर के समान है, जिस दिन से कोई पत्रकार अपनी पत्रकारिता के लिए एआई पर निर्भर होगा ,उसी दिन उसके अंदर की असल पत्रकार मर जाएगा।
विशेष अतिथि पुरुषोत्तम मिश्रा ने बताया कि यंग आर्म्स फाउंडेशन किस तरह ट्रू डायग्नोस्टिक के जरिए हजारों लोगों को डायग्नोस्टिक में घर पहुंच सेवा दे रहा है, 50% के डिस्काउंट रेट पर, वह भी क्वालिटी पर किसी तरह का कंप्रोमाइज किए बिना। उन्होंने आगे बताया कि पत्रकारों का सम्मान करके संस्था स्वयं को सम्मानित महसूस कर रही है।
संस्था के अध्यक्ष नरेश मखीजा जी ने बताया की यंग आर्म्स फाउंडेशन हर साल सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए बहुत से प्रकल्पों पर काम कर रहा है।
संस्था की कोऑर्डिनेटर निलेश शाह जी ने फाउंडेशन के कार्यों पर प्रकाश डाला ।
व्यास पाठक जी ने इस कार्यक्रम को ऑर्गेनाइज करने में अपनी महिती भूमिका निभाई।
खबर वर्ल्ड मीडिया ग्रुप के प्रधान संपादक एवं छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष
व्यास पाठक जी ने इस कार्यक्रम को ऑर्गेनाइज करने में अपनी महिती भूमिका निभाई।
सम्मान पाने वाले सभी पत्रकार बंधुओ ने अपने-अपने जीवन पर , अपने पत्रकारिता के सफर पर प्रकाश डाला। संस्था ने निम्नलिखित पत्रकारों का सम्मान किया।
राहुल गोस्वामी ,विप्लव दत्त, निशा द्विवेदी ,वर्षा यादव ,अमित मिश्रा ,अखिलेश तिवारी ,संदीप शुक्ला ,सुमय,दीपक शुक्ला, छाया जायसवाल ,अभिनव सोनी, महेंद्र गोस्वामी, शंभू राही, प्रदीप नामदेव, गुलेश पाल ,सुमन पांडे ,मोनिका दुबे ,मनोज नायक, सरिता दुबे ,एवं प्रमोद मिश्रा।
इस प्रोग्राम के प्रोग्राम डायरेक्टर जतिन झरिया ,आनंद यादव तथा संदीप अग्रवाल थे।
प्रोग्राम का संचालन लक्ष्य चौरे जी ने किया। प्रोग्राम का कंक्लूजन संस्था के को -अध्यक्ष जतिन ठक्कर ने किया।
इस मीडिया अवार्ड 2025 में अनिल वर्मा,पूर्व अध्यक्ष हेमंत यादव,डॉ प्रशांत चतुर्वेदी, तथा पूर्व को -अध्यक्ष प्रसाद मेंहर एवं गौतम झा उपस्थित थे ।
सम्मान पाने वाले सभी पत्रकार बंधुओ ने अपने-अपने जीवन पर , अपने पत्रकारिता के सफर पर प्रकाश डाला। संस्था ने निम्नलिखित पत्रकारों का सम्मान किया।
राहुल गोस्वामी ,विप्लव दत्त, निशा द्विवेदी ,वर्षा यादव ,अमित मिश्रा ,अखिलेश तिवारी ,संदीप शुक्ला ,सुमय,दीपक शुक्ला, छाया जायसवाल ,अभिनव सोनी, महेंद्र गोस्वामी, शंभू राही, प्रदीप नामदेव, गुलेश पाल ,सुमन पांडे ,मोनिका दुबे ,मनोज नायक, सरिता दुबे ,एवं प्रमोद मिश्रा।
इस प्रोग्राम के प्रोग्राम डायरेक्टर जतिन झरिया ,आनंद यादव तथा संदीप अग्रवाल थे।
प्रोग्राम का संचालन लक्ष्य चौरे जी ने किया। प्रोग्राम का कंक्लूजन संस्था के को -अध्यक्ष जतिन ठक्कर ने किया।
इस मीडिया अवार्ड 2025 में अनिल वर्मा,पूर्व अध्यक्ष हेमंत यादव,डॉ प्रशांत चतुर्वेदी, तथा पूर्व को -अध्यक्ष प्रसाद मेंहर एवं गौतम झा उपस्थित थे ।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार नए आयाम जुड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों के निर्माण से न केवल युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन जिलों में नए फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे उनमें मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर शामिल हैं। इन महाविद्यालयों के निर्माण के लिए सरकार ने कुल 83 करोड़ 62 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की है। प्रत्येक महाविद्यालय के लिए लगभग 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए (करीब 14 करोड़) का बजट तय किया गया है। यह निवेश न केवल आधुनिक इमारतों और प्रयोगशालाओं के निर्माण पर खर्च होगा बल्कि छात्रों के लिए आवश्यक उपकरणों और अधोसंरचना पर भी किया जाएगा।
यह निर्णय प्रदेश की युवाशक्ति के लिए नई राह खोलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य और हमारे युवाओं का भविष्य, दोनों हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। आज जिन 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्वीकृति दी गई है, वे केवल संस्थान नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नई इमारत की नींव हैं। इन महाविद्यालयों से प्रदेश के युवा डॉक्टर और विशेषज्ञ बनकर न केवल छत्तीसगढ़ की सेवा करेंगे बल्कि पूरे देश में राज्य की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य शिक्षा नई ऊँचाइयों को छू रही है। 6 नए फिजियोथेरेपी महाविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य शिक्षा के अवसर मिलेंगे और फिजियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण सेवा अब गांव-गांव तक पहुंच सकेगी। यह निर्णय प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ ही युवाओं के लिए नए रोजगार और अवसरों का द्वार खोलेगा।
उल्लखेनीय है कि फिजियोथेरेपी वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इन नए महाविद्यालयों से प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार होंगे, जो आने वाले समय में समाज को बेहतर सेवाएं देंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत प्रदान करेगा। अब मरीजों को फिजियोथेरेपी उपचार के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि अपने ही जिले में सेवाएं मिल सकेंगी। प्रदेश में पहले से मौजूद मेडिकल कॉलेजों और Also Read – जिले में सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान 17 सितंबर से प्रारम्भ नर्सिंग कॉलेजों के साथ फिजियोथेरेपी कॉलेजों की यह नई श्रृंखला स्वास्थ्य शिक्षा की व्यापकता को और बढ़ाएगी। इससे छत्तीसगढ़ न केवल डॉक्टर और नर्स तैयार करेगा बल्कि विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराएगा। इस निर्णय से रोजगार के नए अवसर भी सामने आएंगे। इन महाविद्यालयों के निर्माण से लेकर संचालन तक स्थानीय स्तर पर अनेक लोगों को रोजगार मिलेगा और स्नातक होने वाले विद्यार्थी स्वास्थ्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर प्रदेश की जरूरतें पूरी करेंगे।
रायपुर। गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की मछुआ सहकारी समितियों को पुनः मछली पालन का हक मिलने पर प्रभावित समितियों के सदस्यों ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास पहुँचकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए अभिनंदन किया। इस अवसर पर गंगरेल डुबान क्षेत्र के तीन जिलों—धमतरी, कांकेर और बालोद की 11 मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर ग्रामीणों की मांग पर डुबान क्षेत्र में जनसुविधा हेतु एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय बैंक की शाखा शीघ्र खोले जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से आम जनता को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और लोग सीधे लाभान्वित हो सकें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर में शौचालय निर्माण को बढ़ावा देकर बेटियों और महिलाओं को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। आज स्वच्छ भारत मिशन एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से आम नागरिकों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और विभिन्न योजनाओं का लाभ अब सीधे डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुँच रहा है। इस व्यवस्था ने बिचौलियों की भूमिका समाप्त की है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महिला स्व-सहायता समूहों को पुनः रेडी-टू-ईट कार्य का जिम्मा सौंपा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक वर्ग के उत्थान और सम्मान के लिए हमारी सरकार सतत कार्य कर रही है।
इस अवसर पर धमतरी महापौर रामू रोहरा एवं पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष हर्षिता पांडेय उपस्थित थीं। कार्यक्रम में गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ समितियों में ग्राम उरपुरी, तेलगुड़ा, मोगरागहन, कोलियारी पुराना, कोलियारी नया, गंगरेल, फुटहामुड़ा, तुमाबुजुर्ग, अलोरी, भिलाई एवं देवीनवागांव के सदस्यगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी एवं ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने थिप्से की खेल प्रतिभा और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि प्रवीण महादेव थिप्से शतरंज में ग्रैंडमास्टर की उपाधि प्राप्त करने वाले खिलाड़ी हैं और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र में आयोजित दूरदर्शन के 66वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए और दूरदर्शन परिवार, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं दर्शकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ी अपनी स्मृतियाँ साझा कीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दूरदर्शन के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, गीत तथा शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। मुख्यमंत्री के समक्ष कलाकारों ने गौर नृत्य, बांस गीत, जवारा नृत्य, सुआ नृत्य और गौरी-गौरा जैसे लोकनृत्य प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरदर्शन ने मनोरंजन के साथ-साथ हमें वैचारिक रूप से समृद्ध करने और संस्कारित करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने 1982 में एशियाई खेलों के रंगीन प्रसारण, रामायण और महाभारत जैसे धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में दूरदर्शन का जादू ऐसा था कि प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “मिले सुर मेरा तुम्हारा” जैसे गीतों के माध्यम से दूरदर्शन ने देश की एकता और सांस्कृतिक एकरूपता का संदेश दिया। समाचारों की गरिमा और भाषा की शुचिता बनाए रखने में दूरदर्शन की परंपरा सदैव सराहनीय रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरदर्शन के प्रादेशिक केंद्रों ने स्थानीय कलाकारों और प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है। रायपुर दूरदर्शन ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रमों और विशेषकर “हमर चिन्हारी” के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया तक पहुँचाया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि दर्शन, महिलाओं से जुड़े कार्यक्रमों और युवाओं के लिए प्रस्तुत विशेष सामग्री के माध्यम से दूरदर्शन ने समाज के हर वर्ग को जोड़ा है। उन्होंने अपनी मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सँभालने के बाद “अपनी बात” कार्यक्रम में दिए गए साक्षात्कार को याद करते हुए कहा कि दूरदर्शन हमेशा स्पष्टता से और विस्तारपूर्वक अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों हितग्राहियों को मिल रहा है और दूरदर्शन के द्वारा समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किसी एक व्यक्ति की सफलता की कहानी दूरदर्शन पर प्रसारित होती है, तो वह लाखों लोगों के जीवन को बदलने का सशक्त आधार बनती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दूरदर्शन परिवार को पुनः स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि दूरदर्शन इसी प्रकार आम जनता का मनोरंजन, संस्कार और जागरूकता का प्रमुख माध्यम बना रहेगा।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि दूरदर्शन ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी दूरदर्शन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक सशक्त रूप से दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।
इस अवसर पर रायपुर दूरदर्शन केंद्र के उप महानिदेशक संजय कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया।
आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), विक्रांत सिंह एवं राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।
*जशपुर जम्बूरी से जिले के पर्यटन को मिल रही नयी पहचान, नए सीजन का आयोजन 06 से 09 नवंबर तक*
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में पर्यटन एवं कृषि क्रांति का शुभारंभ किया। जशपुर पर्यटन एवं कृषि क्रांति इको टूरिज्म और होमस्टे से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम जशपुर के स्व सहायता समूह और किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय जशपुर में आयोजित कार्यकम को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर सबका साथ सबका विकास को चरितार्थ किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में कार्य करने वाले स्व सहायता समूह और युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए दायित्वों और जिम्मेदारियों की वजह से अब ज्यादातर समय मुझे जशपुर से बाहर रहना पड़ता है, लेकिन जशपुर निरंतर आता रहूंगा और विकास के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जशपुर जम्बूरी के जरिए जशपुर को पर्यटन के नक्शे पर नयी पहचान दिलाने की पहल की गई है। वर्ष 2024 में हुए जशपुर जम्बूरी में हमारे पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने और उस अवसर का गवाह बनने पहुँचे। जशपुर जम्बूरी में न सिर्फ ईको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट के लिए लोगों ने नया महौल दिया, बल्कि जनजातीय परम्पराओं से भी रूबरू कराया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों का मेला और जनजातीय नृत्यों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, जिससे स्थानीय कारीगरों और गाइड्स को रोजगार मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार फिर जशपुर जम्बूरी के नए सीजन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें आगामी 6 से 9 नवम्बर तक देश, दुनिया के लोग यहाँ पहुँचकर रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों से परिचित हो पाएँगे। जशपुर की मिट्टी की खुशबू को जीवंत करने के लिए कर्मा, सरहुल जैसे जनजातीय नृत्य के साथ गोदना कला, काष्ट शिल्प और लौह शिल्प जैसे हस्तशिल्प की प्रदर्शनी और लोकनाट्य पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। इससे न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और प्रसार होगा, बल्कि स्थानीय कला और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। जशपुर जम्बूरी एक ऐसा उत्सव है जो प्रकृति, संस्कृति और विकास को एक सूत्र में पिरोता है। यह आयोजन जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय विरासत और आधुनिक विकास को एक साथ पेश करता है। जशपुर जंबूरी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत मयाली नेचर कैंप में बोटिंग, कैक्टस गार्डन और टेंट सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। यहाँ के पर्यटक स्थल अब बेहतर सुविधाओं से सजे हैं, मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ को गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है जो जशपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम टूरिज्म सेक्टर को एक उद्योग के रूप में देख रहे हैं, जिससे स्थानीय उद्यमशीलता बढ़ेगी। राज्य में होम-स्टे नीति लागू की है ताकि पर्यटक जनजातीय संस्कृति को जानना-समझना चाहते हैं। उनके भीतर आदिवासी संस्कृति, परम्पराओं, उनके खान-पान, रहन-सहन को लेकर एक जिज्ञासा और उत्सुकता रहती है। ऐसे में होम-स्टे छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में विकास की नयी अवधारणा है, जिसमें स्थानीय समुदायों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जशपुर जम्बूरी जैसे उत्सव से स्थानीय होम-स्टे, गाइड्स और शिल्पकारों को सीधा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जशपुर जम्बूरी को एक वार्षिक महोत्सव के रूप में स्थापित करना चाहते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी जशपुर आकर्षण का बड़ा केन्द्र बन पाए। जीआईएस (GIS) मैपिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जशपुर की पहुँच बढ़ेगी। यहाँ युवाओं और पर्यटन से जुड़े सभी लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकें।
कार्यकम में सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत और जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने भी संबोधित किया और जशपुर के विकास, पर्यटन के क्षेत्र और कृषि क्रांति की विस्तार से जानकारी दी।
*दूसरी जम्बूरी 6 से 9 नवम्बर तक, पहली 2024 में हुई*
जशपुर जम्बूरी जशपुर की वादियों और झरनों के बीच हर साल एक ऐसा उत्सव मनाया जाता है, जो केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि इस जिले की आत्मा का अनुभव है। जशपुर जम्बूरी ने 2024 में अपनी शानदार शुरुआत की और अब 2025 में एक और भव्य रूप में लौट रहा है।
2024 में आयोजित पहली जशपुर जम्बूरी ने रोमांच, संस्कृति और समुदाय का ऐसा संगम पेश किया, जिसने देशभर से प्रतिभागियों को आकर्षित किया। झारखंड, ओडिशा, रायपुर और छत्तीसगढ़ के कई जिलों से आए लोगों ने इस उत्सव में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने रानी दाह, टी-गार्डन और जशपुर संग्रहालय जैसे स्थलों की सैर कर इतिहास और संस्कृति को करीब से महसूस किया। फ़ूड लैब ने स्थानीय व्यंजनों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत कर सबका दिल जीता। सरहुल और कर्मा नृत्य की प्रस्तुतियों ने जनजातीय परंपराओं की गहराई दिखाई। चार दिन रोमांचक गतिविधियों, सांस्कृतिक रंग और सामुदायिक मेलजोल के नाम रहे। इस आयोजन ने जशपुर को ईको-टूरिज़्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स का नया गंतव्य बना दिया।
दूसरी जशपुर जम्बूरी 2025 नये अनुभवों की ओर अब यह उत्सव और बड़े स्वरूप में वापस आ रहा है। 6 नवम्बर से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाला जशपुर जम्बूरी 2025 रोमांच, कला और सामुदायिक अनुभवों को और भी समृद्ध करेगा। रोमांचक-रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, ज़िपलाइन, ट्रेकिंग, मयाली डैम पर वॉटर स्पोर्ट्स, पैरामोटर और हॉट एयर बलून से माधेश्वर पहाड़ों के दृश्य देखे जा सकेंगे। जनजातीय नृत्य (कर्मा, सरहुल), लोक संगीत, हस्तशिल्प कार्यशालाएँ (मिट्टी, बाँस, गोंदना कला, लकड़ी व लोहे की कारीगरी), लोकनाट्य और स्थानीय व्यंजन का भी अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेल, टीम-बिल्डिंग गतिविधियाँ और तारों भरे आसमान के नीचे अलाव की गर्माहट से लोगों के मन में आनंद की अनुभूति होगी। जशपुर जम्बूरी 2025 का उद्देश्य है प्रतिभागियों को प्रकृति, परंपरा और समुदाय की उस धारा से जोड़ना, जहाँ हर पल एक नई कहानी कहता है। कार्यकम में आभार व्यक्त डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा ने किया।
रायपुर। जिले के किसानों के हित में चलाई जाने वाले कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत आज किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और बाजार व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा अपने बगिया स्थित निज निवास कार्यालय से किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, विधायक जशपुर रायमुनी भगत, जिला पंचायत सालिक साय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ, कटहल जैसी फसलों का भी बहुतायत में उत्पादन हो रहा है। ऐसे में किसानों के पास बाजारों के विकल्प के ना होने से उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसलों को बिचौलियों को बेचना पड़ता था, अब क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे उपार्जकों तक पहुंच एवं बेचने की व्यवस्था होने से जिले के किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे, जिससे किसानों को अनावश्यक बिचौलियों, कोचियों जैसे लोगों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा। कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों द्वारा किसी भी समस्या पर सहायता प्राप्त होगी। इन दोनों पहलों से कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और किसानों को उचित मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 06 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम किस्म के दुधारू पशुओं के वितरण के साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारम्भ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, किसानों को इसके दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची के साथ कटहल की फसल भी बहुतायत में होती है। जिसके प्रसंस्करण और विकास के लिए जशपुर में विगत दिनों कटहल मेला भी आयोजित किया गया था। ऐसे में इन नवीन पहलों से किसान उत्पादन के साथ उचित मूल्य पर उत्पादों का निर्यात भी कर सकेंगे।
*किसानों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी*
किसानों को नवाचारी कृषि और कृषि के विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनांन्तर्गत 35 कृषकों के दल को रायपुर एवं दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इसमें कुनकुरी के 15 एवं कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। यह किसान वहां जाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसे वे जिले में आकर अपना सकेंगे। बीएनआर सीड रायपुर एवं इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा इस भ्रमण में कृषकों को जानकारी प्रदान की जाएगी।
*किसान कॉल सेंटर में 08069378107 नम्बर पर किसानों को मिलेगी सहायता*
इस किसान कॉल सेंटर के माध्यम से जिले के किसान खेती से जुड़े प्रश्नों एवं समास्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए आज मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष जिला प्रशासन एवं एग्रिबिड के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ योजना का लाभ लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं को भी बिना किसी देरी के अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे किसानों को उनकी छोटी छोटी समस्याओं का सीधा निराकरण प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए 12 विशेषज्ञों का दल कार्य करेगा, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कॉल, मैसेज, व्हाट्सप्प द्वारा किसानों से जुड़ेंगे। किसानों को केवल कॉल सेंटर के नम्बर 08069378107 पर सम्पर्क करना होगा।
*जिले के किसानों की उत्पादों कोे पूरे देश से मिलेंगे खरीददार*
जी कॉम इंडिया के क्यू आर कोड से देश के किसी भी कोने के क्रेता से जिले के किसान से सीधे संपर्क कर व्यापार कर पाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से जिले के किसानों को स्थानीय मंडी पर निर्भर ना रहते हुए पूरे देश की सभी मंडियों से संपर्क हो सकेगा। देश के किसी भी कोने में बैठे खरीददार ऐप के माध्यम से किसान के पास उपलब्ध उत्पाद की जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ उनसे संपर्क कर व्यवसाय कर सकेंगे। इस ऐप के माध्यम से यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा उपलब्ध ना हो तो वह समुदाय के अपने साथी किसानों के पास उपलब्ध मात्रा को जोड़कर क्रेता को उपलब्ध करा सकते हैं, इससे सभी का सामूहिक विकास सुनिश्चित होगा। इस अभियान से किसानों को धान के साथ साथ उनकी तिलहन, दलहन, नगदी फसलों को घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा। किसान को केवल अपने पास उपलब्ध फसलों की मात्रा और उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।