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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में सामुदायिक पर्यटन की एक नई पहल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय से जशपुर के पाँच ग्रामों-देओबोरा, केरे, दनगरी, छिछली और घोघरा में होम-स्टे योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र को एक उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कृत संकल्पित है। होम-स्टे नीति न केवल पर्यटन को नई पहचान देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमशीलता के अवसर भी प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि आदिवासी संस्कृति, परंपराएँ, खान-पान और जीवन शैली को लेकर अन्य प्रदेशों और देशों के लोगों में गहरी जिज्ञासा रहती है। होम-स्टे के माध्यम से पर्यटकों को सीधे गाँवों में रहकर स्थानीय संस्कृति, पूजन पद्धति और सादगी का अनुभव करने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए अविस्मरणीय साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह पहल जशपुर को न केवल पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाएगी, बल्कि स्थानीय संस्कृति और समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त पर्यटन मित्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए। यह प्रशिक्षण सामुदायिक पर्यटन और होम-स्टे विकास पर आधारित था, जिससे संबंधित ग्रामों को इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि जशपुर का मकरभंजा जलप्रपात छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचें जलप्रपात में से एक है, और इसके साथ जिले के अनेक झरने व दर्शनीय स्थल जशपुर को पर्यटन की दृष्टि से अनोखा बनाते हैं। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और यहाँ आने वाले पर्यटक जीवनभर इस जगह की यादों को संजोए रखते हैं।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर श्री समीर बड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज बलरामपुर जिले के चयनित 26 अग्निवीरों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, गांव और जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अग्निवीर योजना युवाओं को सेना में शामिल होकर देशसेवा का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशप्रेम की भावना से ही सफलता की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सेना में शामिल होकर ये युवा सीमाओं की रक्षा करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।

इस अवसर पर बलरामपुर जिले के चयनित अग्निवीरों में पिंकू पैकरा, जिन्दल, विकाश पैकरा, प्रकाश सिंह, खेल साय, आर्यन, देव नंन्दन पन्ना, नरेन्द्र यादव, रंजीत केरकेट्टा, रमेश पैकरा, प्रियांशु, सनोज, निकिता नरसिंह, शशि किरण, सोहन लाल, महेन्द्र पैकरा, मिथलेश पैकरा, छोंटू, बज्जू पैकरा, पंकज, विवेक पैकरा, विधायक पैकरा, किशुन पैकरा, सोभनाथ पैकरा, अमित कुजूर और एंजेल लकड़ा शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने अतिथि शिक्षक श्री सुदर्शन यादव और उनकी टीम के निःशुल्क सेना भर्ती प्रशिक्षण के उल्लेखनीय प्रयासों की भी सराहना की। उनके प्रशिक्षण से लाभान्वित 30 युवाओं में से 26 युवा अग्निवीर भर्ती में चयनित हुए हैं।

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panchayattantra24.-रायपुर। स्त्री पुरुष समानता के मामले में छत्तीसगढ़ की मिसाल पूरे देश में रही है लेकिन आर्थिक समानता में फिर भी पुरुषों का पलड़ा अब तक भारी होता था। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की सरकार आने के बाद इस आर्थिक विषमता को दूर करने का रास्ता भी खुल गया है। अब छत्तीसगढ़ की हर माँ और बहन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है। अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए वे स्वयं निर्णय ले सकती हैं। महतारी वंदन योजना जैसी योजनाएं महिलाओं को उनके श्रम और भागीदारी के लिए सम्मानित करती हैं वहीं साय सरकार की आजीविकामूलक योजनाओं से महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की राह मिली है। आधी आबादी को सशक्त कर मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला रख दी है।
छत्तीसगढ़ ने पिछले 19 महीनों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य के हर मोर्चे पर मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और त्वरित लाभ पहुंचाने की व्यवस्था स्थापित की गई है, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
आर्थिक स्वावलंबन – महतारी वंदन योजना आत्मनिर्भर महिला की ओर कदम
 1 मार्च 2024 से लागू इस महत्वाकांक्षी योजना ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में क्रांति ला दी है। विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित किए जा रहे हैं।मार्च 2024 से सितम्बर 2025 तक 69.15 लाख से अधिक महिलाओं को 12,376.19 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।यह राशि महिलाओं की आत्मनिर्भरता, पोषण और मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहायक है।चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 5, 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
 179 महतारी सदन के निर्माण के लिए 52.20 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक सदन 2,500 वर्गफुट में 29.20 लाख रुपए की लागत से बनेगा, जो महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, बैठक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र होगा।
स्वरोजगार और उद्यमिता का विस्तार
साय सरकार ने महिला श्रमिकों और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं:
जिसमें मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को 7,900 रुपए की सहायता एक सिलाई मशीन के लिए दी जा रही है।दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से 3 वर्ष से पंजीकृत महिला श्रमिकों को 1 लाख रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है।
मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत गर्भवती महिला श्रमिकों को 20,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके।
मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना ने पंजीकृत श्रमिकों को अपनी 18-21 वर्ष की अविवाहित पुत्रियों के पढ़ाई लिखाई तथा अन्य आवश्यक खर्चों के लिए 20,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त  और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी साय सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसमें महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से  उन्हें बिना जमानत के 25,000 रुपए का ऋण देकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।सक्षम योजना – 2 लाख से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को 3% ब्याज पर 2 लाख रुपए तक ऋण भी दिया जा रहा है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) – 800 करोड़ रुपए का प्रावधान, “लखपति महिला” और “ड्रोन दीदी” जैसी नवाचारी पहलें भी योजनाओं में शामिल है।इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ, उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।
साय सरकार ने महिला सुरक्षा को नीति के केंद्र में रखा है।
नवाबिहान योजना से घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा, परामर्श और आश्रय सुविधा प्रदान की जाती है।इसके लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
छत्तीसगढ़ सखी वन-स्टॉप सेंटर में SOP लागू करने वाला देश में पहला राज्य बन गया है। 27 जिलों में सेंटर संचालित, 24×7 सेवा उपलब्ध है।महिला हेल्पलाइन 181 और डायल 112 द्वारा संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित सहायता और पुलिस समन्वय की सुविधा प्रदान की जाती है।
 शुचिता योजना के तहत 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीनें, 3 लाख से अधिक किशोरियों को स्वच्छता सामग्री प्रदान की जा रही है जिसके लिए 13 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान है।हाई स्कूल छात्राओं के लिए साइकिल वितरण योजना के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
 गर्भवती और धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य पूरक और पोषण पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से सहायता दी जा रही है।
  नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपए की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है,जहाँ महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री होगी।जशप्योर ब्रांड  जशपुर जिला में निवासरत आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित वन-आधारित उत्पाद है,जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पहचान बना रहा है, साथ ही“वोकल फॉर लोकल” का सफल उदाहरण भी है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में महिला एवं बाल विकास विभाग को 8,245 करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया गया है। इसमें महतारी वंदन, पोषण, स्वास्थ्य, ऋण और सुरक्षा योजनाओं का विस्तार शामिल है।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का मानना है कि महिला सशक्तिकरण केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक बदलाव लाने से संभव है। वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर और पारदर्शी ढंग से पहुँचे।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को हर कार्य की पूर्णता के लिए समय-सीमा तय कर योजनाओं के क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने गौधाम योजना के क्रियान्वयन के लिए शीघ्र कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में कहा कि विभाग द्वारा लगातार नवाचार के कार्य किए जा रहे हैं। नवाचारों के साथ ही विभागीय संरचना और योजनाओं का सुदृढ़ीकरण व विस्तारीकरण भी किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का असर धरातल पर दिखना चाहिए। प्रत्येक कार्य की समय-सीमा तय की जाए। सभी कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही जन सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। साव ने बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को नगरीय निकायों के सेट-अप पुनरीक्षण और वर्गीकरण के साथ ही रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग तथा सामान्य प्रशासन विभाग से समन्वय कर स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी निकाय में अधिकारियों-कर्मचारियों को वेतन देने में विलंब की स्थिति नहीं निर्मित होना चाहिए। समय पर वेतन का भुगतान सुनिश्चित करें। श्री साव ने नगरीय निकायों के सभी वार्डों में आबादी के हिसाब से समुचित स्ट्रीट लाइटिंग के निर्देश दिए। उन्होंने पार्षद निधि के तहत इसके प्रावधान का प्रस्ताव आगामी बैठक में प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने दीपावली के पहले सभी निकायों के प्रत्येक वार्ड में प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
उप मुख्यमंत्री साव ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘वीमेन फॉर ट्री’ के अंतर्गत नगरीय निकायों में किए जा रहे पौधरोपण के बारे में कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव की बात है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक संख्या में वृक्षारोपण की मंजूरी मिली है। ‘वीमेन फॉर ट्री’ के अंतर्गत 27 करोड़ 48 लाख रुपए की लागत की 444 परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। अभियान के तहत विभिन्न नगरीय निकायों में कुल एक लाख 66 हजार पौधे लगाए जाएंगे। पौधरोपण के बाद एक वर्ष तक इनकी देखभाल और सुरक्षा का काम 1701 महिला समूहों को सौंपा गया है। बैठक में बताया गया कि ‘वीमेन फॉर ट्री’ के तहत अब तक एक लाख 33 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं, जो अभियान के अंतर्गत स्वीकृत कुल पौधरोपण का 80 प्रतिशत है। साव ने शेष 20 प्रतिशत पौधरोपण को भी चालू सितम्बर माह के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। 
उप मुख्यमंत्री साव ने विभिन्न नगरीय निकायों में राज्य के बजट से स्वीकृत 21 जल प्रदाय परियोजनाओं और एसटीपी निर्माण के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने यथाशीघ्र इन कार्यों के प्राक्कलन व निविदा आदि की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में कार्यों का क्रियान्वयन करने को कहा।
 

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panchayattantra24.-दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका आज रूंगटा इंटरनेशलन स्कील्स युनिवर्सिटी भिलाई में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के विद्यारंभ समारोह में शामिल हुए। इस दौरान राज्यपाल ने युनिवर्सिटी के ड्रोन क्लब का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में सांसद विजय बघेल, विधायक वैशाली नगर रिकेश सेन एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डे भी सम्मिलित हुए। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि रूंगटा अंतर्राष्ट्रीय कौशल विश्वविद्यालय में प्रतिभाशाली लोगों को संबोधित करने में अपार प्रसन्नता हो रही है, जो हमारे छत्तीसगढ़ राज्य और हमारे राष्ट्र के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब आप यहाँ से स्नातक होंगे, तो आपके पास केवल एक डिग्री ही नहीं होगी, बल्कि आपके पास वैश्विक प्रौद्योगिकी परिदृश्य को परिभाषित करने वाली कंपनियों के प्रमाणपत्र भी होंगे। आपका रिज्यूमे एक ऐसी भाषा बोलेगा जिसे दुनिया भर के नियोक्ता समझते और सम्मान करते हैं। राज्यपाल ने कहा आप सभी रोज़गार की तलाश से आगे सोचे, रोज़गार सृजन के बारे में सोचें। समाज में समस्याओं की पहचान करने और ऐसे समाधान विकसित करने के बारे में सोचें जिनसे लाखों लोगों को लाभ हो सके। यहाँ की सहायता प्रणाली – मार्गदर्शन से लेकर वित्तपोषण तक – आपके सपनों को हकीकत में बदलने के लिए डिज़ाइन की गई है। राज्यपाल ने कहा कि यहाँ की ड्रोन प्रयोगशाला इस बात का एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे तकनीक का उपयोग सामाजिक लाभ के लिए किया जा सकता है। ड्रोन केवल उड़ने वाले उपकरण नहीं हैं; वे ऐसे उपकरण हैं जो कृषि, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा वितरण और पर्यावरण निगरानी में क्रांति ला सकते हैं। जब आप इस प्रयोगशाला में प्रयोग और नवाचार करते हैं, तो याद रखें कि प्रत्येक परियोजना में जीवन को प्रभावित करने और समुदायों को बदलने की क्षमता है। 
राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों से कहा किं आज नियोक्ता ऐसे पेशेवरों की तलाश में हैं जो गंभीरता से सोच सकें, टीमों में काम कर सकें, प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें और बदलाव के साथ तालमेल बिठा सकें। ये क्लब पाठ्येतर गतिविधियाँ नहीं हैं; ये आपके पेशेवर विकास का अभिन्न अंग हैं। 2,000 युवा दिमागों के एक ही छत के नीचे इकट्ठा होने से, आप बदलाव की एक शक्तिशाली ताकत का प्रतिनिधित्व करते हैं। लेकिन इस अवसर के साथ आपके अपने, आपके परिवार, आपके संस्थान, समाज और राष्ट्र के प्रति ज़िम्मेदारी भी आती है। आप जिस दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, वह पिछली पीढ़ियों के अनुभव से बहुत अलग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और अनगिनत अन्य तकनीकें हर उद्योग को नया रूप दे रही हैं। आज जो नौकरियाँ मौजूद हैं, वे कल अप्रचलित हो सकती हैं, जबकि नई भूमिकाएँ उभरेंगी जिनकी हम आज कल्पना भी नहीं कर सकते। राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल के रूप में, मुझे कई सफल पेशेवरों, उद्यमियों और अन्य लोगों से मिलने का सौभाग्य मिला है। उन्हें सिर्फ़ उनका तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्याओं को सुलझाने की उनकी क्षमता, जोखिम उठाने की उनकी इच्छाशक्ति, दूसरों का नेतृत्व करने की उनकी क्षमता और बदलाव लाने की उनकी प्रतिबद्धता भी अलग बनाती है। 
राज्यपाल डेका ने कहा, इस रोमांचक यात्रा की शुरुआत करते हुए, मैं चाहता हूँ कि आप जिज्ञासु रहें, हर चीज़ पर सवाल उठाएँ, हर अवसर का लाभ उठाएँ और सीखना कभी बंद न करें, सहयोगी बनें, सर्वाेत्तम नवाचार तब होते हैं जब विविध विचार एक साथ काम करते हैं। साहसी बनें, असफल होने से न डरें, कोशिश करने से न डरें और प्रतिबद्ध रहें। उत्कृष्टता कोई संयोग नहीं है, यह निरंतर प्रयास का परिणाम है। अपने कौशल का उपयोग वास्तविक समस्याओं को हल करने और ज़रूरतमंदों की मदद करने के लिए करें। मैं एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता हूँ जहाँ आरआईएसयू के स्नातक प्रमुख निगमों का नेतृत्व कर रहे हों, नवीन कंपनियाँ शुरू कर रहे हों, अभूतपूर्व शोध कर रहे हों और विभिन्न क्षमताओं में समाज की सेवा कर रहे हों। मैं आपको छत्तीसगढ़ का गौरव और भारत की ताकत बनते हुए देख रहा हूँ। अब से तीन या चार साल बाद जब आप इन द्वारों से बाहर निकलेंगे, तो आप अपने साथ न केवल शैक्षणिक डिग्रियां लेकर जाएंगे, बल्कि उद्योग प्रमाणपत्र, व्यावहारिक अनुभव, उद्यमशीलता की मानसिकता और सबसे महत्वपूर्ण बात, किसी भी चुनौती को स्वीकार करने का आत्मविश्वास भी लेकर जाएंगे। 
राज्यपाल ने छात्रों से कहा, आप न केवल इस संस्थान का भविष्य हैं, बल्कि आप हमारे राज्य, हमारे देश और हमारी पूरी दुनिया का भविष्य हैं। यहाँ आप जो कौशल अर्जित करते हैं, जो नेटवर्क बनाते हैं, जो नवाचार करते हैं और जिन मूल्यों को अपनाते हैं, उनका प्रभाव इन परिसरों की दीवारों से कहीं आगे तक जाएगा। इस परिवर्तनकारी यात्रा पर निकलते समय, अपने परिवारों का आशीर्वाद अपने साथ लेकर चलें। आपके संस्थान की अपेक्षाएँ, आपके राज्य की आकांक्षाएँ और आपके राष्ट्र की आशाएँ। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को आगे की शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आप कुशल पेशेवर, नवोन्मेषी उद्यमी और ज़िम्मेदार नागरिक बनकर उभरें, जिन पर हम सभी को गर्व होगा। राज्यपाल डेका ने अपने कर कमलों से युनिवर्सिटी के प्रतिभावान छात्रों को स्मृति चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने एक पेड़ मां के नाम योजना के अंतर्गत युनिवर्सिटी परिसर में वृक्षारोपण भी किए। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने संक्षिप्त उद्बोधन में सांसद बघेल ने कहा कि भिलाई शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढ़ने जा रहा है। रूंगटा युनिवर्सिटी में देश ही नहीं विदेश से भी बच्चे यहां पढ़ने आए हैं। जिस भाव से बच्चे यहां आए है, उनकी सभी भाव की पूर्ति करने में युनिवर्सिटी की शिक्षा पद्धति सहायक हो। सांसद ने शिक्षा के साथ अनुशासन पर जोर देते हुए सभी नव प्रवेशी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। विधायक रिकेश सेन ने कहा कि युनिवर्सिटी में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के विद्यारंभ हेतु प्रदेश के राज्यपाल स्वयं यहां पधारे है। यह सौभाग्य की बात है कि रूंगटा युनिवर्सिटी वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने अपने संबोधन में ’’ काक चेष्टा, बको ध्यानं, श्वान निद्रा, अल्पाहारी, गृहत्यागी’’ विद्यार्थियों को विद्यार्थी के उक्त पांच लक्षणों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए उनको उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश की 3 करोड़ जनता के आरोग्य के साथ हम विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार करेंगे। पिछले 20 महीनों में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करते हुए दुर्गम अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य हमारी सरकार ने किया है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 का शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दंत चिकित्सा और दांतों की देखभाल से जुड़े उपयोगी उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा डेंटल एसोसिएशन की वार्षिक स्मारिका का विमोचन भी किया। 
 मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार बनने के पहले दिन से ही हमने प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दी गई है, साथ ही फिजियोथैरेपी, नर्सिंग और मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल जैसे संस्थानों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के साथ ही हम प्रगति की भी बात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2000 में जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से मरीजों और बुजुर्गों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं, सस्ती जेनेरिक दवाइयां आम जनता को राहत प्रदान कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पान मसाला, गुटखा और तंबाकू की वजह से मुँह के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि दाँतों की देखभाल और सुंदर मुस्कान देने में दंत चिकित्सकों की अहम भूमिका है।उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएँ। 
 उन्होंने भावुक होकर अपने संसदीय कार्यकाल की स्मृतियाँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि 1999 में जब श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, उस समय एम्स दिल्ली पर पूरे देश के मरीजों का दबाव था। तब हमने संसद में निवेदन किया था कि छत्तीसगढ़ में भी एम्स की स्थापना हो। सौभाग्य से 1 नवम्बर 2000 को राज्य गठन के बाद पहली किस्त में छह राज्यों को एम्स की सौगात मिली और छत्तीसगढ़ को भी यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार किया और 10 मिशन बनाकर प्रदेश को आगे बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। साय ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश का जीएसडीपी 5 लाख करोड़ है, जिसे वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इस दिशा में हम पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज और वन संपदा से समृद्ध है, मेहनतकश किसान और परिश्रमी जनता इसकी असली ताकत हैं। “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की कहावत को दोहराते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश 2047 तक अपने लक्ष्यों को अवश्य प्राप्त करेगा। 
जीएसटी सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में जीएसटी के स्लैब को 5 और 18 प्रतिशत में एकरूप किया गया है। इससे व्यापार और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा तथा व्यावसायिक गतिविधियाँ सरल होंगी। यह प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि को दर्शाता है, जो भारत को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा। मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि “मानव की मुस्कान सबसे कीमती है और उसे सुरक्षित रखने व सहेजने में दंत चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दंत चिकित्सक मुँह और दाँत से जुड़ी बीमारियों पर विस्तृत चर्चा करेंगे और उनके उपचार की दिशा में नए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं और नक्सल प्रभावित व दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और यह हमारे प्रयासों का प्रमाण है कि सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति के साथ अब कुल 15 मेडिकल कॉलेज होंगे। इसके अलावा बिलासपुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, 12 नए नर्सिंग कॉलेज और पाँच फिजियोथैरेपी कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। श्री जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और दुर्गम क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में सबसे अधिक कैशलेस इलाज सुविधा देने वाला राज्य बन चुका है।
 

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panchayattantra24.-रायगढ़। पुलिस ने खरसिया ठुसेकेला के हत्याकांड का महज़ 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला सर और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल सर के मार्गदर्शन पर की गई इस कार्रवाई में मृतक बुधराम सिदार और उसके परिवार की हत्या का कारण चरित्र शंका सामने आया है। पड़ोसी लकेश्वर पटैल ने नाबालिग के साथ मिलकर पूरे परिवार की निर्मम हत्या करना स्वीकार किया है। जानकारी के अनुसार, 11 सितंबर को ग्राम ठुसेकेला राजीव नगर में ग्रामीणों ने खरसिया पुलिस को सूचना दी थी कि बुधराम उरांव का घर अंदर से बंद है और भीतर खून के धब्बे दिख रहे हैं। सूचना मिलते ही एसपी दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी प्रभात पटेल समेत खरसिया, छाल, कोतरारोड़, पूंजीपथरा, जोबी पुलिस, एफएसएल, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच में बुधराम उरांव (42), उसकी पत्नी सहोद्रा (37) और दोनों बच्चों अरविंद (12) और शिवांगी (5) के शव बाड़ी में खाद के गड्ढे से बरामद हुए। धारदार हथियार से हत्या किए जाने की पुष्टि पर थाना खरसिया (चौकी खरसिया) में अपराध क्रमांक 498/2025 धारा 103(1),238(a) BNS कायम किया गया । 
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज आईजी डॉ0 संजीव शुक्ला सर ने भी घटनास्थल का निरीक्षक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने खरसिया में कैंप कर मामले की मॉनिटरिंग की और अलग-अलग थानों के प्रभारी और स्टाफ की विशेष टीमें बनाकर जांच तेज की। इसी दौरान जांच टीम को पड़ोसी लकेश्वर पटैल पर संदेह हुआ। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि राजमिस्त्री का काम करता है, उसका पडोसी बुधराम उराँव भी राजमिस्त्री का करता है जो अपने परिवार के साथ रहता था । दोनो के बीच पिछले कुछ समय से कई कारणों से झगड़ा विवाद हुआ था । आरोपी ने बताया कि वह पड़ोसी बुधराम के बाडी जमीन को खरीदना चाहता था जिसे कई बार बुधराम से मांगा, बुधराम ने जमीन बेचने से इंकार किया था, करीब 6 माह पूर्व लकेश्वर के लड़के ने बुधराम के घर में घुसकर चोरी किया था जिसे आपस मे सुलझा लिये थे। लकेश्वर पटैल उसके पडोसी बुधराम के चरित्र पर शंका करता था, इन सभी बातों को लेकर लकेश्वर पटैल बुधराम से रंजिश रखे हुआ था और बुधराम की हत्या की योजना बनाकर मौके की ताक में था । इसने घटना के पूर्व बुधराम और उसकी पत्नी की गैर मौजूदगी में उसके घर की रैकी की थी। 09.09.2025 की रात उसने बुधराम को खूब नशे में देखा था, उसी रात प्लान के मुताबिक आरोपित लकेश्वर और नाबालिग, बुधराम के घर घुसे और सोये बुधराम और उसकी पत्नी, बच्चों की हथियार से हमले कर हत्या कर दिये फिर शवों को घर के दूसरे कमरे में जमीन खोद कर दफनाना चाहे पर जमीन सख्त होने से गढ्ढा नहीं कर पाये और फिर शवों को घसीटते हुए बाड़ी की ओर ले जाकर खाद में गढ्ढा कर दफन करने का प्रयास किये । पुलिस ने घटनास्थल ले जाकर आरोपियों से पूरी घटना का री-क्रिएशन कराया गया । आरोपियों के मेमोरेंडम पर टंगिया, रॉड, गैंती, फावड़ा, कपड़े आदि महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जप्ती कर दोनों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गिरफ्तार आरोपी (1) लकेश्वर पटैल पिता बंशी लाल पटैल 32 साल निवासी राजीवनगर ठुसेकेला, थाना खरसिया (2) विधि के साथ संघर्षरत बालक ।
 

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panchayattantra24.-17 सितंबर : जन्मदिवस विशेष प्रधानमंत्री मोदी 2025 में 75 साल के हो जायेंगे। लेकिन अभी भी वे लगातार परिश्रम करते दिख रहे हैं। इतनी ऊर्जा आखिर वो कहां से पा रहे हैं। इसका जिक्र प्रधानमंत्री स्वयं एक वार्तालाप के दौरान करते हैं। इस वार्तालाप में वो एक छोटी बच्ची का हवाला देते हुए कहते हैं, जो अपने भाई को अपनी पीठ पर लाद कर पहाड़ पर चढ़ती जा रही थी।तभी उस बच्ची से किसी ने पूछा कि तुम इतनी छोटी हो और तुम इसको अपनी पीठ पर लाद कर पहाड़ पर चढ़ती जा रही हो, तुम थक नहीं रही हो, तुमको थोड़ा भी दर्द नहीं होता। तो बच्ची ने हांफते हुए किंतु मुस्कुराते हुए कहा कि यह मेरा भाई है, यह मेरा अपना भाई है, इसी कारण मैं इसको पीठ में लेकर चढ़ती जा रही हूं और मेरे अंदर के भाई के प्रेम भाव की वजह से मुझे कोई थकान और दर्द महसूस नहीं हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी इसी बच्ची से अपनी प्रेरणा लेते हुए लगातार देश की सेवा में लगे हुए हैं। बिना थके, बिना रुके बिना आराम किए वो देश को विकसित करने की दिशा में अनवरत चलते जा रहे हैं और वो भी मुस्कुरास्ते हुए। साथियों इसीलिए ही तो प्रधानमंत्री मोदी धवल-धवल,सबल-सबल एक विराट व्यक्तित्व हैं। 
14 साल सीएम और 11 साल पीएम रहकर हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आजाद भारत के अब तक के सबसे करिश्माई राजनेता होने का गौरव हासिल कर लिया है। अपने घर में आम आदमी को अपने परिवार में किसी मसले पर आम सहमति बनाने के लिये कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, वहीं हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 141 करोड़ के देश में अपनी लोकप्रियता लगातार पिछले 25 सालों से बरकरार रखी है। देश के विकास पर इतनी असीम ललक की वजह से ईश्वर इनकी ऊर्जा और भाग्य में लगातार उत्तरोत्तर वृद्धि करते जा रहा है। मोदी सरकार के आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को अब तक जनता ने काफी पसंद किया। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री  मोदी के संपूर्ण तीसरे कार्यकाल में तकनीकी नवाचार, बुनियादी ढांचे के विकास और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति पर नए सिरे से जोर दिया जाएगा, जिससे भारत एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित होगा। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के आदर्श वाक्य से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री  मोदी ने शासन में एक आदर्श बदलाव की शुरुआत की है जिससे समावेशी, विकासोन्मुख और भ्रष्टाचार मुक्त शासन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रधानमंत्री ने अंत्योदय के उद्देश्य को साकार करने और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सरकार की योजनाओं और पहल का लाभ सुनिश्चित करने के लिए स्पीड और स्केल पर काम किया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत रिकॉर्ड गति से गरीबी को खत्म कर रहा है। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम ‘आयुष्मान भारत’ सफलतापूर्वक चला रहा है। 50 करोड़ से अधिक भारतीयों को कवर करते हुए आयुष्मान भारत, गरीब और नव-मध्यम वर्ग को उच्च गुणवत्ता और सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित कर रहा है। गरीबों को वित्तीय धारा जोड़ने के लिए पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना शुरू की, जिसका उद्देश्य प्रत्येक भारतीय का बैंक खाता खोलना था। अब तक 51 करोड़ से अधिक जन-धन खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों ने न केवल गरीबों को बैंक से जोड़ा, बल्कि सशक्तीकरण के अन्य रास्ते भी खोले हैं। जन-धन से एक कदम आगे बढ़ते हुए श्री मोदी ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को बीमा और पेंशन कवर देकर जन सुरक्षा पर जोर दिया। JAM ट्रिनिटी (जन धन- आधार- मोबाइल) ने बिचौलियों को समाप्त कर दिया है और प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारदर्शिता और गति सुनिश्चित की है। 2016 में गरीबों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की गई थी। यह योजना 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को धुआं मुक्त रसोई प्रदान करने में गेम-चेंजर साबित हुई है। आजादी के 70 साल बाद भी जिन 18,000 गांवों में बिजली नहीं थी, उनमें बिजली पहुंचा दी गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि कोई भी भारतीय बेघर नहीं होना चाहिए और इस विजन को साकार करने के लिए, 2014 और 2024 के बीच पीएम आवास योजना के तहत 4.2 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी गई। कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जो श्री नरेन्द्र मोदी के बहुत करीब है। 2019 के अंतरिम बजट के दौरान सरकार ने किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में एक मौद्रिक प्रोत्साहन योजना की घोषणा की। 24 फरवरी 2019 को योजना के शुरू होने के बाद लगभग हर 3 महीने में नियमित रूप से किस्तों का भुगतान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मेहनत और विकास कार्यों की वजह से ही देश ही नहीं दुनिया में भी अपनी लोकप्रियता लगातार बरकरार रखी है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के एक छोटे से शहर में हुआ था। वे पिछड़ा वर्ग परिवार से आते हैं। वह बेहद गरीब, लेकिन प्यार देने वाले परिवार में पले बढ़े। जीवन की शुरुआती कठिनाइयों ने न केवल उन्हें कड़ी मेहनत के मूल्यों को सिखाया बल्कि उन्हें आम लोगों के कष्टों से भी अवगत कराया। आम जन की गरीबी ने उन्हें बहुत कम उम्र में ही लोगों और राष्ट्र की सेवा में समर्पित होने के लिए प्रेरित किया। अपने प्रारंभिक वर्षों में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ काम किया, जो राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित एक राष्ट्रवादी संगठन है और बाद में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर भारतीय जनता पार्टी के संगठन में काम करने के लिए खुद को राजनीति में समर्पित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए की पढ़ाई पूरी की है। उन्हें भारत के सबसे ज्यादा टेक्नो-सेवी लीडर के रूप में भी जाना जाता है। राजनीति से परे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखना पसंद है। उन्होंने कविता समेत कई किताबें लिखी हैं। वह अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं। योग उनके शरीर और दिमाग को मजबूत बनाता है और तेज गति चलने वाली दिनचर्या में शांति की शक्ति पैदा करता है। 
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बचपन में नरिया कहकर बुलाया जाता था 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान उन्होंने स्टेशन से गुजर रहे सैनिकों को चाय पिलाई थी। नरेंद्र मोदी बड़नगर के भागवत आचार्य नारायण आचार्य स्कूल में पढ़ते थे। नरेंद्र मोदी स्कूल में औसत छात्र थे, बचपन में उन्हें एक्टिंग का शौक था वाद विवाद नाटक को पुरस्कारों में भाग लेकर एनसीसी में भी शामिल हुए। शर्मिष्ठा तालाब से अपने बचपन में घड़ियाल का बच्चा पकड़ कर घर लेकर आ गए। मां के समझाने पर वापस से उसे तलाब छोड़कर आए। बचपन में साधु संतों से प्रभावित थे, सन्यासी बनना चाहते थे। सन्यासी बनने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी स्कूल की पढ़ाई के बाद घर से भाग गए थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल के रामकृष्ण आश्रम सहित कई जगहों पर घूमते रहे। 1958 में दीपावली के दिन गुजरात के पहले प्रांत प्रचारक लक्ष्मण राव ईमानदार उर्फ वकील साहब ने नरेंद्र मोदी को स्वयं सेवक़ की शपथ दिलाई। वे आरएसएस के बड़े शिविरों के आयोजन में मैनेजमेंट का हुनर रखते थे। आरएसएस नेताओं का ट्रेन और रिजर्वेशन का जुम्मा इन्हीं के पास था। 18 साल की उम्र में शादी हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में संघ मुख्यालय में रहते तो यहां सारे छोटे-मोटे काम करते थे। जिसमें साफ सफाई, चाय बनाना बुजुर्ग नेताओं के कपड़े धोना आदि शामिल था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी कोई भी काम शुरू करने से पहले मां का आशीर्वाद लेते थे। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह बाघेला उन्हें अपनी स्कूटर में घुमाया करते थे। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने कुर्ते की बांह छोटी करवा ली थी ताकि वह ज्यादा गंदा और खराब ना हो। जो वर्तमान में मोदी ब्रांड का कुर्ता बन गया और देश भर में मशहूर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रचारकों के विपरीत दाढ़ी रखते हैं और ट्रीम भी करवाते हैं। 
 प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी इमरजेंसी के दौरान सरदार का रूप धरकर ढाई सालों तक पुलिस को छुपाते रहे और और छकाते रहे। हिंदुत्व पर गुजराती भाषा में कई लेख लिख चुके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी महान विचारक और युवा दार्शनिक स्वामी विवेकानंद से बहुत प्रभावित हैं। गुजरात में विवेकानंद युवा यात्रा निकाली थी। शाकाहारी हैं। सिगरेट-शराब को कभी हाथ नहीं लगाया। समय के बड़े पाबंद हैं। 3: 30 घंटे की नींद लेते हैं। सुबह 5: 30 बजे उठ जाते हैं। और दिन में 18- 18 घंटे लगातार कार्य करते जा रहे हैं। इसलिए ही तो 75 के धवल धवल, सतत उर्वर होते मोदी आज भी दुनिया में भारत की यशस्वी पताका को और पुरजोर ढंग से फहराते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की मेरी कोटि कोटि स्वर्णिम शुभकामनायें। ईश्वर से प्रार्थना है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी इसी तरह जीवन पर्यन्त सतत सक्रिय रहें। बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर लोकसभा सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार
 

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 panchayattantra24.-धमतरी। एसपी के निर्देश पर आपराधिक गतिविधियों से संबंधित संवेदनशील एवं चिन्हांकित काईम हॉटस्पॉट क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरा और स्ट्रीट लाइट स्थापित करने की दिशा में ठोस पहल की गई है। थाना प्रभारी सिटी कोतवाली धमतरी से इस संबंध में विस्तृत जानकारी लेकर चिन्हांकन का कार्य किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में युवाओं में नशाखोरी की प्रवृत्ति के कारण चाकूबाजी, लूट, हत्या, मारपीट एवं अन्य अपराधों को भी होते हुए देखा गया है। प्रायः अपराधी तत्व अंधेरे और सुनसान स्थानों को चुनकर वारदात को अंजाम देते रहे हैं। हालाँकि पुलिस द्वारा अधिकांश मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्यवाही कर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन शहरी एवं आधुनिक पुलिसिंग की आवश्यकता को देखते हुए ऐसे स्थानों पर प्रकाश और सीसीटीवी की व्यवस्था बेहद जरूरी है। 
 यहां यह भी उल्लेखनीय है कि हाल में हुई अपराध समीक्षा बैठक मे जिले के कुल अपराधों में पिछले दो वर्ष की इसी अवधि की तुलना मे अपराधों में भारी कमी दर्ज की गई है जिसका श्रेय पुलिस द्वारा विभिन्न नए पुराने प्रकरणों में किए तत्काल खुलासों को दिया जा सकता हैl इसके अतिरिक्त नियमित चेकिंग पॉइंट, गुंडा और निगरानी की नई फ़ाइल, उनकी नियमित चेकिंग, जिला बदर, बदमाशों की परेड, नियमित प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों को भी श्रेय दिया जा सकता है ल 
 यह भी उल्लेखनीय है कि शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और बेहतर बनाने हेतु विभिन्न प्रतिनिधि मंडलों द्वारा भी समय समय पर SP कार्यालय में आकर चर्चा की गई हैं। इसी कड़ी में जिले के सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में क्रिमिनल हॉटस्पॉट की पहचान करने के निर्देश दिए गए थे।थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र के 21 चिन्हांकित वार्डों में कई स्थान ऐसे पाए गए हैं, जहाँ असामाजिक तत्वों का अक्सर जमावड़ा रहता है और जिनके संबंध में नागरिकों द्वारा शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इन स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी न होने के कारण अपराधियों की पहचान और उन पर कार्यवाही में कठिनाई आती है, जिससे उनका मनोबल बढ़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए धमतरी पुलिस द्वारा चिन्हांकित स्थानों पर लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हेतु नगर निगम आयुक्त को औपचारिक पत्र प्रेषित किया गया है। यह व्यवस्था स्थापित होने से अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी, अपराधों की रोकथाम होगी और वारदातों के दौरान उनकी पहचान कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकेगी।
 

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panchayattantra24.-रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में परम पूज्य संत असंग देव ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल और श्रीफल भेंट कर पूज्य संत असंग देव जी का सम्मान किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। संत असंग देव जी ने मुख्यमंत्री को गौमाता की प्रतिमा भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूज्य संत असंग देव जी के मध्य विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब तथा बड़ी संख्या में संत असंग देव जी के अनुयायी संतगण भी उपस्थित थे।
 

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