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 panchayattantra24.-भिलाई। भगवान् श्री गणेश द्वारा महाभारत की गाथा लिखते हुए संगमरमर पत्थर की अद्भुत सूक्ष्मतम् प्रतिमा। इस प्रतिमा का निर्माण सूक्ष्मकला के जादूगर डा. अंकुश देवांगन ने किया है। चने के दाने के बराबर इस कृति को कलाकार ने अपने ऊंगली के नाखून पर स्थापित किया है। अंकुश बड़ी बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन दौरान होने वाले जल प्रदूषण से लोगों को जागरूक करने के लिए सूक्ष्म मूर्तियां बनाते हैं। ताकि आने वाली पीढ़ी को हम एक स्वस्थ धरती दे सकें। उनके कला की विशेषता है कि सूक्ष्मता के बावजूद भी उसमें समस्त अवयव विद्यमान रहते हैं। प्रस्तुत मूर्ति में भगवान् श्री गणेश के आंख, सूंड, हाथों में कलम और मोदक तथा गोदी में महाभारत पुस्तक बहुत ही अच्छे से परिलक्षित हो रहे हैं। 
 ललित कला अकादमी, संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ से प्रथम बोर्ड मेम्बर बने डा. अंकुश देवांगन ने न सिर्फ सूक्ष्म प्रतिमाएं बनाई है बल्कि बड़ी से बड़ी प्रतिमा बनाने में भी वे महारत रखते हैं। सिविक सेंटर में कृष्ण-अर्जुन रथ, रूआबांधा का पंथी चौक, भिलाई निवास का नटराज, सेक्टर 1 का श्रमवीर चौक, बोरिया गेट का प्रधानमंत्री ट्राफी चौक, सुनीति उद्यान का एथिक्स पार्क, दल्ली राजहरा में विश्व का सबसे बड़ा लौहरथ, रायपुर में पुरखौती मुक्तागन, सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेला हरियाणा में सैकड़ो प्रतिमाएं, दुर्गापुर स्टील प्लांट पश्चिम बंगाल में भव्य से भव्यतम प्रतिमाएं उनके कला की ऊंचाईयों को दर्शाती है। सूक्ष्म प्रतिमाओं के निर्माण के लिए उन्हें लिम्का बुक ऑफ द रिकार्ड का अवार्ड मिल चुका है।
 

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 panchayattantra24.-रायपुर: महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों का घर-घर सर्वे होगा. इनमें अधूरे दस्तावेज, निर्धारित पते पर गैरमौजूदगी और मृत्यु की स्थिति में नए सिरे से रिपोर्ट मंगाई जाएगी. महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए. उन्होंने रायपुर जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, टेक होम राशन वितरण समेत पोषण अभियान की गतिविधियों का ब्यौरा लिया. उन्होंने किसी भी स्तर की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की भी चेतावनी दी है. 
इंद्रावती भवन में समीक्षा के दौरान विभागीय सचिव ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए. वहीं यह भी निर्देश दिए कि महतारी वंदन योजना में हितग्राहियों के घर-घर जाकर सर्वे करें. जिन मामलों में लाभार्थी पते पर उपलब्ध नहीं हैं, दस्तावेज अधूरे हैं या हितग्राही की मृत्यु हो चुकी है, उनकी जानकारी तत्काल सत्यापित कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ और डीपीओ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इधर रायपुर जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी और क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी को नियमित रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करने भी निर्देशित किया. 
उन्होंने कहा कि वास्तविक स्थिति का आंकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें. निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर, सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और हितग्राहियों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने का माध्यम होना चाहिए. इसके अलावा टेक होम राशन वितरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों गर्भवती एवं धात्री माताओं और कुपोषित बच्चों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण टेक होम राशन उपलब्ध कराना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है. राशन वितरण और एंट्री में कोई गड़बड़ी की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. बैठक में संचालक पदुम सिंह एल्मा एवं अन्य अफसर मौजूद रहे.
 

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 तत्कालीन मेयर सहित स्मार्ट सिटी के तत्कालीन अधिकारी भी शामिल
 भ्रष्टाचार उजागर होने के बावजूद शासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रही
 panchayattantra24.-रायपुर। स्मार्ट वहीं होता है जो सब कुछ पचा जाए, और बिना डकार के अरबों को पानी की तरह गटक जाए। रायपुर को भी अभिशाप है कि जब शहर को सजाने संवारने और सुंदर बनाने की सोच धरातल पर उतरेगी और फंड जारी होते ही सत्ता धारी दल के नेता और अधिकारी उस पर गिद्ध की तरह टूट पड़ेंगे। पिछले 25 सालों से राजधानी का तमगा लगाए रायपुर देश दुनिया को बता रहा है है कि मैं सबसे स्मार्ट हो गया हूं। यह आइना निगम के तत्कालीन सत्ताधारी दल के नेता और तत्कालीन अधिकारी शहर की जनता में यह भ्रम फैला कर राजनीति करने की सबसे निम्न स्तरीय सोच की साजिश की हिस्सा है। रायपुर का जो भी मेयर बना वह काजल की कोठरी बनी स्मार्ट सिटी की कालिख से बच नहीं पाया है। शहर में बने चौक -चौराहे स्मार्ट टायलेट, पिंक टाय़लेट और अन्य विकास कार्य अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहे न कोई जनआंदोलन हो रहा न ही अधिकारी और नेता इस विषय पर कुछ बोलना पंसद कर रहे है स्मार्ट सिटी के पैसों को जमकर दुरूपयोग औऱ दोहन किया गया । नगर निगम प्रशासन और राज्य सासन को इस मामले को संज्ञान में लेकर तत्तकाल कार्रवाई करने से कई अधिकारी और नेता जेल की शोभा बढ़ा सकते है। 
 2023 के पहले तत्कालीन विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में स्मार्ट सिटी को लेकर विधानसभा में सवाल उठाया था कि रायपुर कों स्नू-पावडर लगाने के लिए केंद्र सरकार से 10 करोड़ का फंड मिला था उसे कहां खर्च किया गया तथा रायपुर को स्मार्ट बनाने के कितने काम हुए । इसके जवाब में तत्कालीन नगरीय निकाय मंत्री डा. शिवडहरिया ने विधानसभा में बताया था कि रायपुर को स्मार्ट बनाने कुल 9615 कार्य स्वीकृत हुए थे, जिसपर 1327करोड़ 39 लाख 32 हजार जिस पर खर्च किया गया।
10 हजार करोड़ स्मार्ट सिटी के लिए मंजूरी अब तक हो चुकी है जिसमें 2000 तत्कालीन मेयर औऱ 8000 करोड़ अधिकारी स्मार्ट सिटी के तत्कालीन महाप्रबंधक, औऱ ठेकेदारों ने 10 हजार करोड़ कहा खचर् किए आज तक इसका हिसाब अनुत्तर है। पिछले 25 सालों से रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम तरह-तरह के छल प्रपंच किया गया. इसका एक फायदा यह हुआ कि रायपुर भले ही स्मार्ट न हुआ हो लेकिन अधिकारियों औऱ सत्तादारी काबिज पार्टी की छवि जरूर स्मा्र्ट हो गई। स्मार्ट सिटी के नाम पर लूट की छूट का फायदा अधिकारियों ने भऱपूर उठाया । स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित स्मार्ट शौचालय जो रायपुर शहर में कबाड़ बन चुके थे। 
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने एक और नया कारनामा कर दिखाया । जनता के करोड़ों रूपए से निर्मित स्मार्ट शौचालय को पहले तो निर्माण गैर जरूरी तरीके निर्माण किया अब उसके उपरांत उसको मेंटेन नहीं किया । मेंटेन करने के नाम पर किसी प्रकार के कोई रखरखाव के लिए न तो स्टाफ रखा न केयरटेकर की नियुक्ति की गई जिसकी वजह से करोड़ों रुपए के शौचालय रायपुर शहर में कबाड़ बन गए। अब स्मार्ट सिटी का नया करनामा सभी स्मार्ट शौचालय को टीना और ग्रिल लगाकर सील पैक कर दिया गया। अब सवाल उठता है कि जब इसका उपयोग होना ही नहीं था और तो इसका निर्णाण क्यों किय़ा गया। क्या सरकारी धन को इसी तरह बर्बाद करना स्मार्ट सिटी का आइडिया है। स्मार्ट का उपयोग जनता नहीं कर सकती ये कैसा स्मार्टनेस है। 
 रायपुर की जनता को स्मार्ट सुविधा देने के नाम पर करोड़ रूपया खर्च हो गया औऱ जनता उसका उपयोग न करें तो इस सुविधा का क्या औचित्य था। अधिकािरयों ने अपनी मनमानी का जो हठधर्मिता दिखाया उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।इस तरह के स्मार्ट शौचालय का क्या औचित्य था करोड़ों रुपए बर्बाद हो गए शौचालय सील पैक कर दिया गया।अरबों रुपए खर्च कर राजधानी रायपुर को स्मार्ट टायलेट बनाने की कवायद भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, जिसे छुपाने के लिए अब शहर में सार्वजनिक स्थलों में बनाए गए स्मार्ट टायलेट में खामियों के चलते उसे बंद कर दिया गया है। जनता के पैसों का किस तरह बर्बाद करते है इसका नमूना रायपुर में बनाए गए स्मार्ट टायलेट को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। निगम में अरबों रुपए के फंड को देखकर स्मार्ट सिटी नामक कंपनी बनाकर स्मार्ट काम सडक़ गार्डन, तालाब के स्कूल के सौंदर्यीकरण के साथ जनता को सुविधा देने के नाम पर पांच साल तक लूट मचाया। अब निगम में सत्ता बदलने के साथ अपने काले कारनामे छुपाने के लिए सारे स्मार्ट शौचालय को बंद कर सुनियोजित पर्दा डाल दिया है ताकि कोई इस मामले को मुद्दा न बना सके और अधिकारियों के काले कारनामे हमेशा के लिए दफन हो जाए। 
इस मामले में केंद्र सरकार, नगर निगम और मु यमंत्री कार्यालय संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करना चाहिए। तत्कालीन स्मार्ट सिटी के अधिकारी और तत्कालीन महापौर के खिलाफ अमानत में यानत का मामला जनता के पैसे की बर्बादी का मामला पहली नजर में बनता है। आवश्यक हुआ तो उच्च स्तरीय जांच करना भी जरूरी है । तत्कालीन महापौर ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के साथ मिलकर इतना बड़ा कारनामा कर करोड़ की लूट जनता के पैसे की कर डाली। स्मार्ट सिटी के नाम पर कहीं पर भी शौचालय का निर्माण बिना सोचे समझे सिर्फ निगम के पैसों को वाट लगाने का तरीका अपनाया। ताकि जल्द से जल्द स्मार्ट सिटी के अधिकारी और तत्कालीन भ्रष्ट महापौर को तत्काल ठेकेदार से कमीशन मिल सके । अनाप-शनाप कहीं भी स्मार्ट सिटी की योजनाओं के नाम पर पैसा बर्बाद किया गया। इसका जीता जागता उदाहरण के स्मार्ट शौचालय जो सील पैक होकर बंद पड़े है। आखिर बंद करने का निर्णय किसने लिया क्या वर्तमान एमआईसी ने लिया या फिर पूर्व में तत्कालीन एमआईसी का निर्णय था। इसकी भा जांच होनी चाहिए तािक जनता को पता लगे कि जिसको हमने शहर की चाबी सौंपी वही लुटेरा निकला।
 

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panchayattantra24.-रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी द्वारा कनिष्ठ से सहायक अभियंता के पद पर विभागीय पदोन्नति का कोटा 70 प्रतिशत से घटाकर 40 फीसदी किए जाने से पत्रोपाधि अभियंता भड़क गए हैं. कंपनी प्रबंधन के निर्णय के खिलाफ और विभागीय पदोन्नति का कोटा पूर्ववत रखने की मांग को लेकर पत्रोपाधि अभियंता 2 सितंबर को कंपनी मुख्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे. पावर जनरेशन कंपनी में कनिष्ठ से सहायक अभियंता के पदों पर भर्ती का कोटा तय किया गया है. जिसके अनुसार विभागीय पदोन्नति से भर्ती का कोटा 70 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रश कर दिया गया है. इसी तरह विभागीय सीधी भर्ती का कोटा पूर्ववत 10 फीसदी तथा खुली सीधी भर्ती के कोटे को 20 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया है. 
अब वितरण कंपनी में भी यही कोटा लागू करने की तैयारी चल रही है. कंपनी प्रबंधन द्वारा विभागीय पदोन्नति का कोटा घटाने का छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ ने कड़ा विरोध किया है. संघ के प्रांतीय महासचिव ने बताया कि पदोन्नति के कोटे में कटौती किए जाने की विरोध में पत्रोपाधि अभियंता 2 सितंबर को शाम 5 बजे कंपनी मुख्यालय के गेट के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे. इसकी सूचना कंपनी प्रबंधन को दे दी गई है. संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि ज्यादातर कनिष्ठ अभियंता सहायक अभियंता का उच्च वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं. तत्काल पदोन्नति से कंपनी पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं आएगा. सहायक अभियंता के पद पर नई भर्ती से वेतन और भत्ते की वजह से आर्थिक बोझ आएगा. सहायक अभियंता के पद पर खुली भर्ती का कोटा बढ़ाने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो जाएंगे. सहायक अभियंता पद पर भर्ती में दूसरे राज्यों से भी प्रतियोगी शामिल होंगे.
 

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 panchayattantra24.-रायपुर। CM विष्णुदेव साय दिल्ली रवाना हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “हम उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री विजय शर्मा के साथ एक दिवसीय दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। वहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।”
 इस बीच सीएम साय ने आज सुबह एक ट्वीट भी किया है, जिसमें उन्होंने बताया, छत्तीसगढ़ के मेहनतकश किसानों के लिए बड़ी राहत 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का हृदय से आभार, जिनकी संवेदनशीलता और सहयोग से सितंबर माह हेतु राज्य को 60,800 MT यूरिया का आबंटन स्वीकृत हुआ है। यह अतिरिक्त उपलब्धता खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने, किसानों की मेहनत को संबल देने और उनकी चिंताओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगी।
 

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 panchayattantra24.-दुर्ग। पुलिस ने नारकोटिक्स एक्ट के तहत दर्ज 239 मामलों में जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया। भिलाई इस्पात संयंत्र और नेवई क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल की अध्यक्षता में ड्रग्स डिस्पोजल समिति की बैठक हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर और सहायक आबकारी आयुक्त सी.आर. साहू भी मौजूद रहे।
 पुलिस प्रवक्ता पद्मश्री तंवर के अनुसार, भिलाई इस्पात संयंत्र परिसर में 1620 किलोग्राम गांजा नष्ट किया गया। साथ ही 8 किलोग्राम गांजे का पौधा, 277.29 ग्राम हेरोइन और 214.39 ग्राम ब्राउन शुगर भी नष्ट किया गया। इसके अलावा 1,94,856 नशीली टैबलेट और 76,258 कैप्सूल का भी नष्टीकरण किया गया। थाना नेवई क्षेत्र में 1,212 सीरप और 1,400 इंजेक्शन को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया। 
यह प्रक्रिया पर्यावरणीय मानकों और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पूरी की गई। छत्तीसगढ़ पुलिस की नारकोटिक्स सेल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। इस अभियान से नशे के नेटवर्क को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके दुष्प्रभाव से बचाने में मदद मिलेगी।
 

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रायपुर। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर कटौती की है। अब 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर दिल्ली में 1,580 रुपए में उपलब्ध होगा। इससे पहले 1 जुलाई को कंपनियों ने 58.50 रुपए की कटौती की थी और अगस्त की शुरुआत में 33.50 रुपए घटाए थे। यानी पिछले कुछ महीनों में लगातार दाम कम किए जा रहे हैं।

जून में यह कीमत 1723.50 रुपए थी, जबकि अप्रैल में यह 1762 रुपए थी। फरवरी में 7 रुपए की मामूली राहत मिली थी, लेकिन मार्च में फिर 6 रुपए की वृद्धि हो गई थी। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत नहीं मिली है। 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कंपनियों ने स्पष्ट किया कि केवल कमर्शियल सिलेंडर की दरों में ही संशोधन हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से होटल, ढाबा और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ होगा, जो रोजाना खाना बनाने के लिए बड़े सिलेंडर का उपयोग करते हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम और बाजार की अन्य स्थितियों को देखते हुए हर महीने गैस की कीमतों की समीक्षा की जाती है। इसी बीच केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत एक और बड़ा निर्णय लिया है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हाल ही में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपए प्रति सिलेंडर (14.2 किलो) की सब्सिडी देने की मंजूरी दी गई है।

यह सब्सिडी साल 2025-26 के लिए होगी और अधिकतम 9 बार (रीफिल) के लिए मिलेगी। 5 किलो सिलेंडर लेने वालों के लिए यह सब्सिडी अनुपातिक रूप से लागू होगी। इस फैसले पर सरकार कुल 12,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। उज्ज्वला योजना मई 2016 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देना था। 1 जुलाई 2025 तक देशभर में करीब 10.33 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

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महासमुंद। बसना थाना क्षेत्र में 30 अगस्त 2025 को हुई लूटपाट की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। आरोपियों से लूट की नकदी 1200 रुपये, एक मोबाइल फोन (कीमत 5000 रुपये) और घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल (कीमत 80,000 रुपये) सहित कुल 86,200 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

प्रार्थी बनवारी लाल नंद ने बसना थाने में शिकायत दर्ज की कि वह अपने भाई डिग्रीलाल नंद के घर बसना आया था। 30 अगस्त 2025 को शाम करीब 6:30 बजे वह हाई स्कूल बसना की ओर से टहलकर अपने भाई के घर लौट रहा था। नायकपारा बसना में लक्ष्मी किराना स्टोर्स के पास चार युवक राजा सोनवानी, हरीश ओगरे, सूरज यादव और राहुल खुटे ने उसे गाली-गलौज शुरू की। इसके बाद उन्होंने बनवारी लाल के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। राजा सोनवानी ने प्रार्थी का कॉलर पकड़ लिया और चारों ने धमकी दी कि “जो कुछ पास में है, निकाल दे, वरना मार डालेंगे।” सूरज यादव ने प्रार्थी की शर्ट की जेब से मोबाइल फोन और राजा सोनवानी ने पैंट की जेब से 3000 रुपये लूट लिए। प्रार्थी के विरोध करने पर आरोपियों ने उसे मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए।

प्रार्थी की शिकायत पर बसना थाने में धारा 296, 115(2), 309(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों की तलाश शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 06 HA 1590), रियलमी कंपनी का एक मोबाइल फोन और 1200 रुपये नकद जब्त किए। तीन आरोपियों ओमप्रकाश उर्फ राजा सोनवानी (21), सूरज यादव (21), हरीश उर्फ सोनू ओगरे (18) और एक नाबालिग को विधिवत गिरफ्तार किया गया।

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ज्योतिश शास्त्र में शनि देव को न्याय और कर्म का देवता कहा जाता है। अगर कोई व्यक्ति बुरे कर्म करता है तो शनिदेव उसे सही मार्ग पर लाने के लिए दंड देते हैं। शनि के प्रकोप से जीवन में बाधाएं, कष्ट और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति लगातार 8 शनिवार को शनिदेव से जुड़े विशेष उपायों को करता है, तो शनि की पीड़ा कम होने के साथ सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।

शनि से जुड़े उपाय

मान्यता है कि शनिवार के दिन शनिदेव के मंदिर में काले रंग के जूते या चप्पल पहनकर जाना चाहिए। कहा जाता है कि जिन लोगों पर शनि का साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है, उन्हें इस उपाय को करने से लाभ मिलता है।

लगातार 43 दिनों तक शनिदेव को तेल करें अर्पित

कहा जाता है कि रविवार को छोड़कर लगातार 43 दिनों तक शनिदेव की मूर्ति पर तेल अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पीपल की पूजा करें

कहते हैं कि सूर्योदय से पहले पीपल की पूजा करने से शनिदेव खुश होते हैं। मान्यताओं के मुताबिक शनि देव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ में लोहे की कील डालकर अर्पित करना चाहिए।

सुंदरकांड का पाठ करें

शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही शनि दोषों से छुटकारा भी मिलता है।

हनुमान चालीसा का पाठ करें

शनिवार के दिन शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना भी सही माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगल और शनि दोनों ग्रह शुभ फल प्रदान करते हैं।

पीपल के पेड़ में कच्चा सूत लपेटें

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ की चारों ओर कच्चा सूत 7 बार लपेटना चाहिए। इस दौरान शनि मंत्रों का जाप करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।

व्रत और उपवास

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को व्रत उपवास और दान करना चाहिए। कहते हैं कि काली गाय को उड़द और तिल खिलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

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गरियाबंद।  छुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जरगांव गांव के कटेलपारा में शनिवार को एक खेत से युवक का शव बरामद होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान गांव के ही 45 वर्षीय गंगाधर के रूप में हुई है।

परिजनों के अनुसार, गंगाधर बीते बुधवार को बाजार जाने के बाद से लापता था। लगातार खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने पांच दिन बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी।

शनिवार सुबह ग्रामीणों ने खेत में शव देखा, जिसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए।

थाना प्रभारी ने बताया कि “मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।”

घटना के बाद से गांव में भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हर एंगल से मामले की छानबीन में जुटी है।

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