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Browsing: बिलासपुर
panchayattantra24.-बिलासपुर। महिला को टोनही बोलकर उसके बेटे-बहू मिलकर प्रताड़ित कर रहे हैं। मारपीट कर जमीन पर कब्जा करने के लिए महिला को घर छोड़ने के लिए दबाव बना रहे हैं। महिला ने मारपीट और प्रताड़ना की शिकायत पुलिस से की। लेकिन, पुलिस ने उसे थाने से भगा दिया। परेशान महिला ने मामले की शिकायत आईजी से की है, जिसमें बेटा और बहू के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। पूरा मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है। ग्राम परसदा निवासी लक्ष्मीन चन्द्राकर (60) ने अपनी शिकायत में बताया कि उसके पति शिवनंदन चन्द्राकार (60) की पहले ही मौत हो चुकी है। उसका बेटा मनहरण चन्द्राकर और बहू चित्ररेखा चन्द्राकर सौतेले बेटा-बहू है। वो अपने बेटे-बहू से अलग रहती है। 20 अगस्त को दोपहर 12.30 बजे बेटे-बहू ने लक्ष्मीन को टोनही कहते हुए विवाद किया। विरोध करने पर मारपीट की।
महिला ने बताया कि, वह अपनी शिकायत लेकर चकरभाठा थाने गई थी। लेकिन, पुलिस स्टाफ ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसे थाने से भगा दिया। महिला ने सबूत के तौर पर गवाह भी बताया। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला ने बताया कि, बेटा मनहरण और चित्ररेखा उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आए दिन मारपीट करते हैं। जिससे वो परेशान है। पुलिस ने जब कोई कार्रवाई नहीं की, तब परेशान होकर महिला ने पूरे मामले की शिकायत आईजी संजीव शुक्ला से की है। आईजी ऑफिस में पुलिस अफसरों ने महिला को कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
panchayattantra24.-कोरबा. खेत में काम कर घर लौट रहे ग्रामीण का सामना लोनर हाथी से हो गया. वह भागकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचता, इससे पहले दंतैल ने सूंड से पकड़कर ग्रामीण को जमीन पर पटक दिया. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत तनेरा ग्राम के गोरिल्ला डांड़ की है. जानकरी के मुताबिक, धन सिंह गोंड़ 45 वर्ष परिवार सहित निवास करता था. धनसिंह रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे खेत के समीप जंगल से जलाऊ लकड़ी लेकर घर लौट रहा था. इसी दौरान उसका सामना लोनर हाथी से हो गया. धन सिंह दंतैल से अपनी जान बचाकर भाग रहा था. वह सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही दंतैल ने उसे सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया. इससे उसकी मौत हो गई. पसान रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि हमला करने वाले हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा गया है. ग्रामीणों से घटनाक्रम की जानकारी ली गई. आगे की कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को हाथी से दूर रहने की समझाइश दी गई है. वन विभाग की ओर से नियमों के मुताबिक, पीड़ित परिवार को 25 हजार रुपए की तत्काल सहायता राशि दी गई है.

panchayattantra24.- मुंगेली। जिले से एक सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें एक पूर्व सोसायटी प्रबंधक ने व्हाट्सएप पर शख्स की फोटो भेजकर हत्या के लिए 50 हजार की सुपारी दी, लेकिन शराब के नशे में धुत्त सुपारी किलर ने गलत व्यक्ति की हत्या कर दी. पुलिस की तगड़ी जांच और सटीक कार्रवाई के चलते 10 दिन में हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. “व्हाट्सएप” पर भेजे गए एक फोटो से शुरू हुई यह कहानी, एक परिवार की तबाही और पांच युवाओं की जिंदगी की बरबादी पर खत्म हुई. फिल्मी अंदाज में 10 सितंबर 2025 को ग्राम दाबों, थाना फास्टरपुर-सेतगंगा क्षेत्र, जिला मुंगेली में दो युवकों पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया, इसमें एक युवक की मौत हो गई, वहीं दूसरा युवक घायल हो गया.
पुलिस कप्तान भोजराम पटेल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 10 सितंबर को रात करीब 9 बजे हेमचंद और हेमप्रसाद नवोदय विद्यालय के सामने रोड किनारे बैठे थे, तभी अज्ञात लोगों ने लोहे की रॉड से हमला किया. हेमप्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हेमचंद किसी तरह से भागने में कामयाब हो गया. गिरफ्तार मुख्य आरोपी तरवरपुर धान खरीदी सोसायटी के पूर्व प्रबंधक नेतराम साहू ने पूछताछ में बताया कि “तुलसी साहू और उसका बेटा नरेंद्र उर्फ पप्पू, मेरे खिलाफ धान खरीदी में अनियमितता को लेकर कोर्ट में परिवाद कर चुके थे. मेरी नौकरी चली गई थी. कोर्ट से बहाली के बाद भी वे लोग मुझे ड्यूटी जॉइन नहीं करने दे रहे थे. इसी कारण मैंने पप्पू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.”
नेतराम ने अपने साले सुनील साहू को हत्या की सुपारी दी और व्हाट्सएप पर पप्पू की तस्वीर भेजते हुए कहा, “ यह आदमी मुझे बहुत परेशान कर रहा है. तुम अपने दोस्तों को लेकर इसे खत्म कर दो. तुम्हें 50 हजार रुपए दूंगा.” सुनील साहू ने अपने दोस्त शुभम पाल, गौकरण साहू और एक विधि से संघर्षरत बालक को शामिल किया. सभी आरोपी नेतराम के घर चातरखार में 3 दिन रुके. फिर 10 सितंबर की शाम चारों ने छत से लोहे के पाइप निकालकर रखे और मोटर साइकिल के नंबर प्लेट हटाकर निकल पड़े. रात 8.30 बजे नेतराम ने फोन कर बताया – “टारगेट रोड किनारे शराब पी रहा है, वहीं उसकी बाइक खड़ी है. वहीं मार देना.” चारों आरोपी वहां पहुंचे, शराब पीने लगे और दो युवकों को बैठे देखा. शुभम ने पूछा – “तुममें से पप्पू कौन है?” जवाब मिला – “हम पप्पू नहीं हैं.” इसके बावजूद सुनील ने एक युवक (हेमप्रसाद) के सिर पर पीछे से लोहे की पाइप से दो वार किए और शुभम ने उसके सीने व चेहरे पर हमला किया. साथ बैठे हेमचंद साहू किसी तरह भाग निकला. दरअसल, जिसे मारना था, वो पप्पू नहीं था. सुपारी किलर ने नशे में गलत युवक को मार डाला. हत्या के बाद सुनील ने नेतराम को फोन कर बताया – “जिसे मारना था, उसे मार दिए हैं.” इसके बाद आरोपी मृतक का मोबाइल, प्रार्थी की मोटरसाइकिल और खुद की बाइक लेकर मुंगेली से होते हुए चकरभांठा, बिलासपुर चले गए. लेकिन कानून के लंबे हाथ आरोपियों तक आखिरकार पहुंच गए.
panchayattantra24.-बिलासपुर। मवेशी तस्करी करने वाले रायपुर के वाहन मालिक को पुलिस ने ओड़िशा से गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा में छिपकर मवेशी तस्करी के लिए गाड़ी उपलब्ध कराता था और तस्करों की मदद करता था। पुलिस ने मवेशी तस्करी करने वालों के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। दरअसल, दो दिन पहले पुलिस ने खूंटाघाट के पास नाकेबंदी कर17 मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़ा था। इसके साथ ही पुलिस ने मवेशी तस्करी करने वाले कुरैशी गैंग के एक सदस्य को भी गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद से पुलिस मवेशी तस्करों पर एंड टू एंड कार्रवाई करने का दावा किया था। वहीं, मवेशी तस्करी में शामिल फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
पुलिस ने दो दिन के भीतर रायपुर के हसदा अभनपुर निवासी तस्कर गुरुवेंद्र नागरची (29) को पकड़ने में सफलता हासिल की है। वह ओड़िशा के कोमना क्षेत्र, नुआपाड़ा जिले में छिपा हुआ था और वहीं से तस्करी का काम करता था। साथियों को तस्करी के लिए गाड़ी उपलब्ध कराने के साथ ही पकड़े जाने पर उनकी मदद भी करता था। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर तस्करी में उपयोग किए जाने वाले दो ट्रक और एक पिकअप ओडिशा के अलग-अलग इलाकों से जब्त किए हैं।

panchayattantra24.-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की जमानत याचिका खारिज कर दी है, कोर्ट ने कहा कि उन पर लगे आरोप गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़े हैं और जांच अभी जारी है. यदि उन्हें जमानत दी जाती है तो सबूतों से छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका है. लखमा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था. वर्तमान में वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं. ईडी का आरोप है कि 2019 से 2023 तक उन्होंने एफएल-10ए लाइसेंस नीति लागू की, जिससे अवैध शराब व्यापार को बढ़ावा मिला. जांच एजेंसी का दावा है कि शराब सिंडिकेट से उन्हें हर महीने करीब दो करोड़ रुपए मिलते थे और इस तरह कुल 72 करोड़ की अवैध कमाई हुई.
लखमा ने कोर्ट में कहा कि मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है. आरोप सह-अभियुक्तों के बयानों पर आधारित हैं, कोई ठोस सबूत नहीं है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल हो गई है. सह अभियुक्तों अरुणपति त्रिपाठी, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनिल टुटेजा और अरविंद सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी राहत मिलनी चाहिए. ईडी ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि लखमा की इस मामले में प्रमुख भूमिका रही है. उनकी रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है, हाईकोर्ट ने इस तर्क से सहमति जताते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी.

panchayattantra24.-बिलासपुर। पुलिस कप्तान ने कहा कि छात्रों से पुलिस का कोई पूर्वाग्रह नहीं है। यदि कोई छात्र या अन्य व्यक्ति अपराध में शामिल पाया जाएगा तो उसे कानून का सामना करना ही होगा। उन्होंने दोहराया कि पुलिस का लक्ष्य छात्रों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। एसपी ने बताया कि अब तक 300 से अधिक मामलों में आर्म्स एक्ट की कार्रवाई की जा चुकी है। 276 चाकू ऑनलाइन तस्करी के दौरान जब्त किए गए हैं, वहीं 36 चाकू अन्य जिलों से आए अपराधियों से बरामद किए गए। सभी मामलों की जानकारी आवश्यक दस्तावेजों सहित न्यायालय को दी गई है और अदालत पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है।
उन्होंने यह भी कहा कि रोजाना सैकड़ों लोग एसपी ऑफिस पहुंचते हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान भीड़ या नारेबाजी से नहीं हो सकता। “5–6 प्रतिनिधियों के माध्यम से ज्ञापन देना ही बेहतर तरीका है। समस्या का समाधान संवाद से ही होगा,” एसपी रजनेश सिंह ने कहा। पुलिस अधीक्षक ने अपील की कि नागरिक किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। मीडिया में चाकूबाजी की घटनाओं को अपेक्षा से अधिक उछाला जा रहा है, जबकि पुलिस ने हालात नियंत्रण में कर लिए हैं। उन्होंने कहा, “नशा, अवैध हथियार और अपराध पर रोक लगाना हमारी प्राथमिकता है। पुलिस और जनता मिलकर ही समाज की सुरक्षा कर सकते हैं।”

panchayattantra24.-कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले के प्रवास के दौरान जिला कार्यालय परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से अनेक हितग्राहियों को लाभांवित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टॉल में पीएम जनमन आवास योजना के तहत पहाड़ी कोरवा वर्ग की अजगरबहार निवासी सुमत्री बाई, ग्राम चुईया के अमर सिंह कोरवा तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत ग्राम कुरूडीह के परदेशी राम यादव और ग्राम भैसमा के रामबंधु को आवास की चाबी एवं पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया।
रेशम विभाग के स्टॉल में कोरबा निवासी शत्रुघन केंवट को कोसा उत्पादन हेतु 3 लाख 27 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनांतर्गत तुमान करतला की सविता पटवा (मां सर्वमंगला स्व सहायता समूह) को 1 लाख 20 हजार रुपये का ऋण दिया गया। आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत कोरबा जिले के बिरहोर वर्ग के मोटू, घसनीन और सुरगुजहीन बाई को वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित किए गए। श्रम विभाग की ओर से मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत पोंड़ीबहार निवासी राजकुमार टेकाम और पुरानी बस्ती निवासी श्रीमती सावित्री सिंह (पति स्व. कर्नल सिंह बैंस) को 1-1 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। नगरीय प्रशासन विभाग के स्टॉल में तब्बसुम खातुन और भान कुमारी साहू को पीएम आवास (शहरी) योजना अंतर्गत आवास की चाबी सौंपी गई। इसी तरह विमलेश यादव और गौरी राजवाड़े को शहरी आवास 2.0 निर्माण हेतु स्वीकृति पत्र, नक्शा एवं भवन अनुज्ञा पत्र प्रदान किए गए।
panchayattantra24.-कोरबा। जिले से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां सीएम विष्णुदेव साय के आगमन से पहले एक बड़ी घटना हुई है। दरअसल, सीएम साय के दौरे से पहले एक CAF जवान ने पत्नी और ससुर पर फायरिंग कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है।
बता दें कि, प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय आज कोरबा जिले के दौरे पर है। उनके दौरे से पहले CAF के एक जवान ने अपनी पत्नी और ससुर को गोली मार दी। जवान की ड्यूटी सीएम साय के कार्यक्रम में लगी थी, लेकिन जवान ड्यूटी छोड़कर अपने ससुराल उमेंदी भांठा पहुंचा और वारदात को अंजाम दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही हरदी बाजार पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से महिला और उसके पिता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है। वहीं पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
panchayattantra24.-कोरबा। उर्जाधानी कोरबा में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 11 बजे कलेक्टोरेट सभागार में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इसमें प्रदेश सरकार के लगभग आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ मंत्री, दो उप मुख्यमंत्री और प्राधिकरण के सभी सदस्य शामिल होंगे। बैठक में डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, आदिवासी विकास मंत्री गुरु खुशवंत, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और वन मंत्री केदार कश्यप विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। इनके साथ ही शासन स्तर के अन्य मंत्री 51 सदस्य और 24 विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल होकर अपने सुझाव, विचार और शिकायत रखेंगे।
गौरतलब है कि इस प्राधिकरण के अंतर्गत कोरबा, गोरेला- पेंड्रा – मरवाही, मोहला मानपुर – अंबागढ़ चौकी, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, सारंगढ़ – बिलाईगढ़, बालोद, खैरागढ़ – छुईखदान – गंडई, कबीरधाम, बिलासपुर, रायगढ़ और सक्ती जिले आते हैं। बैठक में इन जिलों से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के साथ नई प्राथमिकताओं और प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। बैठक की गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर अजीत वसंत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने अधिकारियों की बैठक लेकर सभी तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टोरेट परिसर में पार्किंग, बेरिकेडिंग, पेयजल, विद्युत, रोड क्लीयरेंस, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स जैसी व्यवस्थाओं को पुख्ता किया गया है। साथ ही विभागीय स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहां हितग्राही अपनी बातें सीधे मुख्यमंत्री तक रख पाएंगे।
panchayattantra24.-बिलासपुर। डीजे और साउंड बॉक्स के शोर से आम लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर जनहित याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई में राज्य शासन ने बताया कि कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य के कोलाहल नियंत्रण अधिनियम में संशोधन की जरूरत है. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने आज सुनवाई करते हुए बलरामपुर जिले में गणेश विसर्जन के दौरान डीजे पर नाचते समय एक नाबालिग की मौत को भी गंभीरता से लिया है.
हाईकोर्ट ने इस मामले में शासन से जवाब मांगा है. आज मंगलवार को जनहित याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि, कोलाहल अधिनियम में इतने कड़े प्रावधान है ही नहीं. एक या दो बार 500-1000 रुपए पेनाल्टी लगाकर छोड़ दिया जाता है, ना सामान की जब्ती होती है और ना ही कोई कड़े नियम बनाए गए हैं. इसी वजह से इन मामलों में कड़ाई करने के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया की जाएगी. लल्लूराम को मिली जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने मामले में सरकार को इसकी कार्रवाई के संबंध में अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
मालूम हो कि, कोलाहल मामले में विधि विभाग ने एक रिपोर्ट तैयार की थी. इसमें चर्चा हुई कि 1985 के अधिनियम और 2000 के नियमों के बीच टकराव की स्थिति में किस अधिनियम का पालन किया जाना चाहिए. 1985 के अधिनियम में लाउडस्पीकर के उपयोग पर दंड, 2000 के नियमों की तुलना में बहुत कम है. केंद्रीय कानून, राज्य के कानून पर प्रबल होता है, चूंकि 1985 का अधिनियम एक राज्य अधिनियम है और 2000 के नियम केंद्रीय अधिनियम हैं, इसलिए 2000 एक्ट के नियम प्रबल होंगे. इन नियमों में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए उपयुक्त प्राधिकारी से अनुमति लेने और ध्वनि सीमा निर्धारित करने का प्रावधान है. प्रावधानों में संशोधनः पूर्व में हुई सुनवाई में महाधिवक्ता ने कहा था कि, राज्य द्वारा ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 और कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की जांच की गई है और यह बताया गया कि, ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के प्रावधान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की तुलना में अधिक कठोर हैं, इसलिए राज्य प्रावधानों में संशोधन करने जा रहा है.