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 panchayattantra24.-बिलासपुर। बिलासपुर में मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों और बाहरी पंचायत क्षेत्रों की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने टीएल बैठक में अधिकारियों को बारिश के बाद तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए योजना तैयार रखने के निर्देश दिए। बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया गया। 
कलेक्टर ने यूरिया की आने वाली खेप को लेकर निजी विक्रेताओं पर नजर रखने और मुनाफाखोरी रोकने के लिए छापेमारी जारी रखने को कहा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जिले में चिह्नित 825 वेटलैंड का सर्वे और सीमांकन किया जाएगा। भरूच स्थित योकोहामा टायर कंपनी में मशीन ऑपरेटर के पद पर 136 युवतियों का चयन हुआ है। कलेक्टर ने उनके अभिभावकों की बैठक कर सहमति लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम पोर्टल, सीएम जनदर्शन, ई-ऑफिस और मुख्यमंत्री की घोषणाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए हैं।
 

 

panchayattantra24.-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने झूठी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के मामले में बिलासपुर के एसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के आरोप गंभीर हैं और पुलिस की कार्रवाई संदिग्ध लग रही है, इसलिए इस पर स्पष्ट जवाब देना जरूरी है। 
यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि पुलिस ने पति-पत्नी को झूठे एनडीपीएस केस में फंसा दिया। सरोज श्रीवास की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 5 जून 2025 को सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस घर पहुंची और दंपती को थाने ले गई। लेकिन कुछ घंटे बाद लगभग 10:55 बजे उसलापुर रेलवे स्टेशन पार्किंग में उन्हें उतारकर नशीली दवा बेचने का झूठा केस दर्ज कर लिया गया। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि पूरा घटनाक्रम पड़ोसी के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है। वहीं उनके घर का सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने जब्त कर लिया है। परिवार ने थाने का फुटेज मांगने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश ने 3 जुलाई को आदेश पारित कर पुलिस को सुबह 6 बजे से 11 बजे तक का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। 
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बी.डी. बिभु दत्ता गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। अब अगली सुनवाई में एसपी बिलासपुर को हलफनामा पेश करना होगा।
 

 

panchayattantra24.-बिलासपुर। सीबीआई के स्पेशल कोर्ट द्वारा पीएफ राशि निकालने में रिश्वतखोरी के आरोप पर दी गई सजा को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है. जस्टिस रजनी दुबे की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ता एसईसीएल कर्मियों को सशर्त जमानत भी दी है. कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर होने की स्थिति में याचिकाकर्ताओं को उपस्थित होना पड़ेगा. प्रकरण के अनुसार, शिकायतकर्ता कर्मचारी ने अपनी सीएमपीएफ राशि जारी करने के लिए अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ कार्मिक प्रबंधक, एसईसीएल सुराकछार कोलियरी को आवेदन प्रस्तुत किया था. उन्होंने संबंधित कर्मचारी से संपर्क किया तो उनके आवेदन पर कार्रवाई करने के लिए 10,000 रुपए रिश्वत की मांग की गई. शिकायतकर्ता ने राशि देने में असमर्थता जताते हुए आरोपी उमेश यादव और नित्यानन्द को रिश्वत के रूप में 2,000 रुपए देने पर सहमति व्यक्त की. 
इसके बाद शिकायतकर्ता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. शिकायत दर्ज होने के बाद 8 नवंबर 2004 को सीबीआई ने शिकायतकर्ता के माध्यम से संबंधित कर्मचारियों को रुपए दिलाए और उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (2) के साथ धारा 7 और 13(1) (डी) के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई. स्पेशल कोर्ट ने आरोप तय करने के बाद आरोपियों को डेढ़ साल की सजा और 3000 रुपये का जुर्माना किया. जुर्माना अदा न करने पर 6- 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्देश दिया. इस फैसले को याचिकाकर्ताओं ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी. दोनों याचिकाओं पर एकसाथ सुनवाई हुई. 
 सजा के खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की, पैरवी करते हुए अधिवक्ता संदीप दुबे ने कहा कि दोषसिद्धि और दंडादेश का विवादित निर्णय अवैध, विकृत और कानून की दृष्टि में टिकने योग्य नहीं है. शिकायतकर्ता ने अपने साक्ष्य में कहा कि अपीलकर्ता नित्यानंद ने रिश्वत के पैसे रख लिए, जबकि रिश्वत स्टोर रूम से जब्त की गई थी न कि आरोपी व्यक्तियों के कब्जे से, यह तथ्य अपने आप में शिकायतकर्ता की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा करता है.
 

 

panchayattantra24.-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक प्रकरण में स्पष्ट किया है कि हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 19 के तहत विधवा बहू को तब तक ससुर से भरण-पोषण पाने का अधिकार है, जब तक वह पुनर्विवाह नहीं कर लेती। आदेश जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की खंडपीठ ने कोरबा फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई अपील पर सुनाया। हाई कोर्ट ने ससुर की अपील को खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा। 
 प्रकरण कोरबा का है। चंदा यादव का विवाह वर्ष 2006 में गोविंद प्रसाद यादव से हुआ था, लेकिन 2014 में सड़क हादसे में गोविंद की मौत हो गई। इसके बाद विवाद के चलते चंदा अपने बच्चों के साथ अलग रहने लगी। उसने ससुर तुलाराम यादव से हर माह 20 हजार रुपये भरण-पोषण की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में याचिका दाखिल की। अदालत ने उसकी मांग आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 6 दिसंबर 2022 को आदेश दिया कि ससुर अपनी बहू को हर महीने 2500 रुपये भरण-पोषण देगा। यह आदेश तब तक लागू रहेगा, जब तक बहू पुनर्विवाह न कर ले। इस फैसले के खिलाफ तुलाराम यादव ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने दलील दी कि वह पेंशन पर आश्रित हैं और उनकी आय सीमित है। बहू खुद भी नौकरी कर सकती है। साथ ही उन्होंने बहू पर चरित्र को लेकर आरोप भी लगाए। दूसरी ओर बहू की ओर से कहा गया कि उसके पास कोई नौकरी नहीं है और बच्चों की जिम्मेदारी भी उसी पर है। चरित्र को लेकर आरोप झूठा है। 
हाई कोर्ट ने सभी दलीलें सुनने और दस्तावेज देखने के बाद कहा कि तुलाराम यादव को करीब 13 हजार रुपये पेंशन मिलती है और परिवार की जमीन में भी उनका हिस्सा है। वहीं बहू के पास न नौकरी है, न संपत्ति से कोई अधिकार। ऐसे हालात में कानूनन बहू को भरण-पोषण का अधिकार है और ससुर को यह जिम्मेदारी निभानी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हिंदू दायित्व और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 की धारा 19 विधवा बहू को सुरक्षा कवच प्रदान करती है। अगर पति की संपत्ति या अन्य साधनों से उसका भरण-पोषण संभव न हो, तो ससुराल पक्ष पर यह दायित्व आता है। हालांकि यह अधिकार सशर्त है और तभी लागू होगा जब ससुर की संपत्ति से बहू को पहले कोई हिस्सा न मिला हो।
 

 panchayattantra24.-बिलासपुर। प्रार्थना सभा के नाम पर चंगाई सभा और धर्मान्तरण पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर से हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने लोगों की बीमारी ठीक करने और प्रलोभन देकर धर्म बदलने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पास्टर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है। दरअसल, बिलासपुर जिले में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत प्रार्थना सभा के बहाने हिंदुओं को बर्गलाने और शहर से लेकर गांव तक चंगाई सभा करने का आरोप लगाकर ऐसे लोगों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया जा रहा है।
 हिंदू संगठन के कार्यकर्ता लगातार घूम-घूम कर शुक्रवार और रविवार को होने वाले प्रार्थना सभा को ही टारगेट कर रहें हैं, जहां हिन्दू वर्ग के लोगों को बुलाया जाता है। उनका आरोप है कि गरीब और ज़रुरतमंद लोगों के साथ बीमारी सहित अन्य तरह से परेशान लोगों को उनकी मदद करने का झांसा देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। साथ ही उनका ब्रेनवॉश किया जा रहा है। इस दौरान पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। थाने में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने धर्मान्तरण कराने का आरोप लगाया। उन्होंने धर्मांतरण के लिए प्रलोभन देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही थाने में एक आवेदन भी दिया। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने पास्टर सुखनंदन लहरे और उसके भाई रघुनंदन लहरे के खिलाफ धर्म स्वातंत्रय अधिनियम और बीएनएस की धारा 299 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
 

 

panchayattantra24.-बिलासपुर। कांग्रेस नेता आशीष सिंह ठाकुर की माता एवं पूर्व विधायक स्व. बलराम सिंह ठाकुर की धर्मपत्नी आशा सिंह का 13 अगस्त की सुबह निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा अर्चना विहार, नेहरू नगर से सरकंडा मुक्तिधाम के लिए दोपहर 3 बजे निकलेगी।
 

 

panchayattantra24.-बिलासपुर। सीएम साय के हाथों मेधावी छात्र सम्मानित हुए। साय ने X पोस्ट में बताया कि आज उपमुख्यमंत्री अरुण साव के साथ गुरु घासीदास केंद्रीय विश्विद्यालय बिलासपुर स्थित रजत जयंती सभागार में शहीद विनोद सिंह कौशिक मेधावी छात्र अभिनंदन समारोह में शामिल हुआ। मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करना केवल गर्व का क्षण नहीं, बल्कि नए भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति हमारे विश्वास का प्रमाण है। शिक्षा ही विकास का सबसे मजबूत स्तंभ है और प्रदेश सरकार संकल्पित है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे तक पहुंचे। कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल , धरम लाल कौशिक , धरमजीत सिंह , सुशांत शुक्ला , महापौर पूजा विधानी , क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी , पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे सहित छात्र-छात्राएं एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
 

 

panchayattantra24.-बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की याचिका पर आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी. चैतन्य बघेल ने ईडी की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए 5 अगस्त को याचिका दायर की थी, जिस पर आज जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच में सुनवाई होगी. इसके पहले गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए हाईकोर्ट जाने की सलाह दी गई थी. इसके बाद चैतन्न बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. 
 बता दें कि बता दें कि ईडी ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 18 जुलाई को भिलाई 3 स्थित बघेल निवास पर छापा मारकर चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया था. मामले में पूछताछ के लिए कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेजा था. 22 जुलाई को सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 4 अगस्त तक के लिए 14 दिन की न्यायायिक रिमांड में जेल भेज दिया था. रिमांड खत्म होने पर उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें फिर से 14 दिन की न्यायायिक रिमांड में जेल भेज दिया था. अब चैतन्य बघेल को 18 अगस्त को कोर्ट में पेश किया जाएगा. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए हैं. ईडी के अनुसार, 2019-22 के बीच राज्य में 2100 करोड़ का घोटाला हुआ था. इसका पूरा पैसा चैतन्य ने ही मैनेज किया.
 

 
 panchayattantra24.-बिलासपुर। बिलासपुर में एक मौलाना ने अपनी गर्भवती पत्नी को एसिड पिलाकर मारा फिर अपने पैतृक निवास UP के मिर्जापुर ले जाकर दफना दिया था। घटना 12 जुलाई की है। 14 दिन बाद परिजनों की मांग पर 26 जुलाई को शव कब्र खोदकर निकाला गया और जांच की तो एसिड से जलाने की पुष्टि हुई।मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पीएम रिपोर्ट में पत्नी सलमा के साथ बेरहमी से मारपीट की भी पुष्टि हुई है। उसके शरीर पर 4 जगहों पर चोंट के निशान मिले हैं, छाती में गंभीर चोट है। हालांकि मौलाना ने पत्नी को क्यों मारा इसका कारण अभी भी अज्ञात है। परिजनों ने दूसरी महिला को लेकर पत्नी की हत्या का आरोप लगाया है। 
 इससे पहले यूनिटी अस्पताल प्रबंधन ने अपनी रिपोर्ट में महिला के मानसिक रूप से बीमार होने के बाद मौत की बात कही थी। लेकिन शव के दोबारा जांच पर एसिड से जलाने की बात आई है। अब परिजनों ने कलेक्टर से इसकी शिकायत की है। 26 जुलाई को उत्तरप्रदेश के रामपुर जिले में कब्र खोदकर महिला सलमा का शव निकाला गया था, जिसके बाद तीन डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया। टीम में एमओ डॉ. फारूख अहमद, अजय कुमार और एलएमओ डॉ अंजू सिंह शामिल थीं। 
पीएम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने स्पष्ट बताया है कि दाहिने ऊपरी सीने पर 2.5 सेमी लंबा व 2 सेमी चौड़े आकार का एक घाव दाहिने कंधे से करीब 5 सेमी नीचे है। कलाई के जोड़ के ठीक नीचे, दाहिने हाथ के ऊपर भाग पर 4 सेमी लंबा व 3 सेमी चौड़ा चोट के निशान हैं। वही, दाहिने कंधे से लगभग 5 सेमी नीचे, दाहिने भुजा के ऊपर 6 सेमी लंबा व 4 सेमी चौड़ा चोट के निशान मिले हैं। महिला के शरीर में चार जगहों पर जख्म के निशान मिले हैं। पीएम के दौरान मौके पर मौजूद मृतका के भाई रागीब को डॉक्टरों ने मुंह में एसिड से जलना बताया है। डॉक्टरों की टीम ने मौत के कारणों की जांच के लिए बिसरा भी प्रिजर्व भी किया है।
 

 
panchayattantra24.- बिलासपुर। जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 23, मदर टेरेसा नगर, मगरपारा में संचालित जय महालक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह की उचित मूल्य दुकान को अनियमितताओं के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर खाद्य शाखा कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत की गई है।
मगरपारा स्थिति शासकीय उचित मूल्य की दुकान में राशन के बदले चावल देने की बजाय उपभोक्ताओं से पैसे वसूलने की शिकायत हुई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए खाद्य विभाग ने 7 जून 2025 को जांच की। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद 16 जून को अध्यक्ष, सचिव और विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली आदेश 2016 की कंडिका 16 के तहत दुकान का संचालन तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
खाद्य निरीक्षक ने बताया कि संबंधित अब उसी वॉर्ड में अलग से दुकान खोलकर राशनकार्डधारियों को राशन सामग्री वितरित की जाएगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।