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panchayattantra24.-मुंगेली। जिले में राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती, शिशुवती महिलाओं और बच्चों के अभिभावकों की उपस्थिति में पोषण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में पोषण माह अंतर्गत 06 सितम्बर को सेक्टर पर्यवेक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं द्वारा जिले के आंगनबाड़ियों में व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान पोषण आहार, 36 प्रकार की भाजियों एवं उससे मिलने वाले पौष्टिक तत्वों के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं 07 सितम्बर को आंगनबाड़ी केन्द्रों में 06 माह के बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया।
इसी तरह 08 सितम्बर को छत्तीसगढ़ी व्यंजन व फल एवं सब्जियों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। 09 सितम्बर को पोषण के प्रति जागरूक करने के साथ ही लोगों को रंगोली, चित्रकला, नारालेखन के माध्यम से जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह अंतर्गत 30 सितम्बर तक आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती, शिशुवती महिलाओं और 03 से 06 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पोषण के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस दौरान सेक्टर सुपरवाईजर, स्व सहायता समूह की महिलाएं, बच्चों के माता-पिता मौजूद रहे।

panchayattantra24.-बिलासपुर । सुप्रीम कोर्ट ने बीएड डिग्रीधारी प्राइमरी स्कूल शिक्षकों की याचिकाओं को खारिज करते हुए 2 अप्रैल 2024 को हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें शिक्षा विभाग से 42 दिनों के भीतर पुनरीक्षित सूची जारी कर (डीएलएड) डिप्लोमा धारकों को नियुक्तियां देने का आदेश दिया था. राज्य में शिक्षा विभाग ने 2023 में 12489 पदों का विज्ञापन जारी किया था, जिसमें से 6285 पद सहायक शिक्षक के थे. सहायक शिक्षकों की योग्यता को लेकर छत्तीसगढ़ में मामला लंबित था. छत्तीसगढ़ राज्य में सहायक शिक्षकों की पदों पर भी बीएड डिग्रीधारकों को शर्तों के आधार पर नियुक्तियां दे दी गई थी. इसके खिलाफ दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने 2 अप्रैल 2024 को बीएड डिग्री को सहायक शिक्षक पद के लिए अमान्य करते हुए शिक्षा विभाग को 42 दिनों के अंदर पुनरीक्षित सूची जारी कर डीएलएड डिप्लोमा धारकों को नियुक्तियां देने का आदेश दिया था.

panchayattantra24.-बिलासपुर । जिले में सरकारी राशन दुकान में 50 लाख के 800 क्विंटल अनाज की हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है. जांच के दौरान पता चला है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का चावल बाजार में बेचा जा रहा था. इस मामले में कोटा एसडीएम ने कोंचरा, सोनपुरी, आमामुड़ा, और कर्रा की समितियों को सस्पेंड कर दिया है और विस्तृत जांच की जा रही है. कोटा विकासखंड के कोंचरा, सोनपुरी और आमामुड़ा और कर्रा सोसायटी में प्रबंधक और विक्रेताओं ने सरकार को लाखों का चूना तो लगाया ही है, आम गरीब जनता को जो राशन मिलना चाहिए उसमें भी सेंधमारी की है.
लगातार शिकायत के बाद से इन सोसायटियों का भौतिक सत्यापन किया गया तो गड़बडी पकड़ में आई. जांच के बाद कोंचरा सोसायटी में 317.24 क्विं. चावल, 8.24 क्विं. शक्कर और 2.72 क्विं. नमक की कमी पाई गई. इसी प्रकार सोनपूरी में 200.85 क्विं. चावल, 3.77 क्विं. शक्कर और 5.06 क्विं चना, आमामुड़ा सोसायटी में 177.72 क्विं. चावल, 5.04 क्विं. शक्कर और 7.50 क्विं. चना और कर्रा की आनंद महिला समुह में 91.90 क्विं. चावल और 0.65 क्विं. शक्कर की कमी पाई गई थी. जिसके बाद दुकान संचालकों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर अब कार्रवाई की गई है. मामले में एफआईआर भी कराया जाएगा.
panchayattantra24.-कोरबा । जिले में दो दिन पहले एक हृदयविदारक घटना घटी थी. जहां हसदेव नदी में नहाते समय महिला के पास खेल रहा उसका 10 माह का बच्चा रेंगते हुए पानी के पास पहुंचा और डूब गया. बच्चे को बचाने के लिए मां पानी पानी में उतरी लेकिन वह भी पानी के तेज बहाव में बह गई थी. जिसे मौके पर मौजूद चरवाहों ने बचा लिया लेकिन बच्चे को नहीं बचाया जा सका. वहीं अब दो दिन की खोजबीन के बाद बांगो पुलिस ने मासूम का शव बरामद कर लिया है. बच्चे का शव घटना स्थल से करीब 8 किलोमीटर दूर हसदेव नदी में जलकुंभी के बीच फंसा हुआ मिला है. बांगो पुलिस की टीम ने शव को बरामद किया और इसकी सूचना परिजनों को दे दी है. घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है.
बता दें कि यह घटना 2 सितंबर सोमवार की दोपहर बांगो थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत पाथाकछार गांव के पास हसदेव नदी के सिरकी घाट पर घटी. जहां 25 वर्षीय सुनीता अपने 10 माह के पुत्र दुष्यंत को लेकर नहाने के लिए पहुंची थी. महिला नदी में उतरकर नहा रही थी. वहीं उसका पुत्र नदी के किनारे खेल रहा था. इस दौरान बच्चा रेंगते हुए नदी की ओर चला गया. वह जब पानी में डूबा, तब महिला की नजर पड़ी. वह उसे बचाने तेज बहाव के बीच मौके पर खोजबीन करने लगी. बच्चे के नहीं मिलने पर वह मूर्छित होकर नदी में बहने लगी. इस दौरान नदी के किनारे चरवाहों की नजर पड़ी तो उन्होंने नदी में कूदकर महिला को निकाला. उसके पेट में जा चुके पानी को बाहर निकाला तो उसे होश आया. उठने पर वह बच्चे के बारे में पूछने लगी. जिसके बाद किसी तरह से उसे शांत कराया गया.

panchayattantra24.-बिलासपुर। कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर में 3 सितंबर को स्वर्ण जयंती मशाल यात्रा के रूप में कृषि विज्ञान के 50 वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया। इस समारोह में कृषि विज्ञान की मशाल को जांजगीर-चांपा के कृषि विज्ञान केंद्र को सौंपा गया, जो इस मशाल यात्रा का अगला पड़ाव बनेगा। मशाल यात्रा की शुरुआत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से हुई थी, जो पूरे देश के कृषि विज्ञान केंद्रों से होते हुए गुजर रही है। इसी क्रम में, 29 अगस्त को यह मशाल कृषि विज्ञान केंद्र, भाटापारा से होते हुए बिलासपुर पहुंची थी। समारोह के दौरान, इसे जांजगीर-चांपा के कृषि विज्ञान केंद्र को सौंप दिया गया।
कार्यक्रम में जिले के कृषि विभाग के अधिकारियों के लिए एक प्रशिक्षण सत्र और वैज्ञानिक परिचर्चा का भी आयोजन किया गया। इसमें 50 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अरूण त्रिपाठी ने कृषि विज्ञान केंद्रों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कृषि विज्ञान केंद्रों के प्रयासों से आधुनिक कृषि तकनीकें किसानों के खेतों तक पहुंच रही हैं, जिससे देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन पाया है और किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।
कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर व्याख्यान भी दिए गए। इनमें डॉ. अमित शुक्ला, हेमकांति बंजारे, डॉ. एकता ताम्रकार, जयंत साहू, इंजी. पंकज मिंज, डॉ. निवेदिता पाठक, डॉ. चंचला रानी पटेल और डॉ. स्वाति शर्मा ने अपने ज्ञान और अनुभव साझा किए। इस आयोजन को सफल बनाने में कृषि विभाग के अधिकारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसमें उपसंचालक कृषि पी.डी. हथेस्वर, सहायक संचालक कृषि अनिल कौशिक और कृषि विज्ञान केंद्र की सुशीला ओहदार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला द्वारा किया गया।

panchayattantra24.-बिलासपुर । इंटरनेट मीडिया के प्रभाव में आकर नाबालिग अपराध की ओर बढ़ रहे हैं। इसका रोकथाम जरूरी है। बच्चे समाज का भविष्य हैं। इन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण जरूरी है। इसके लिए पुलिस काे विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को अपनाना चाहिए। ये बातें एसपी रजनेश सिंह ने बिलासागुड़ी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बच्चों के अधिकारों के संरक्षण और किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) एवं पोक्सो एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को बच्चों से संबंधित मामलों में बेहतर तरीके से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि कम्यूनिटी पुलिसिंग के दौरान पता चला कि इंटरनेट मीडिया के प्रभाव में आने के कारण बच्चे गंभीर अपराध में फंस जाते हैं। ऐसे बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों को बच्चों के साथ संवेदनशीलता और समझदारी से पेश आना चाहिए।
panchayattantra24.-गौरेला पेंड्रा मरवाही . छत्तीसगढ़ को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस लगातार नशीले पदार्थों के तस्करों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में आज मंगलवार को GPM पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने गांजा की तस्करी कर रहे 5 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही 1.6 क्विंटल गांजा, 7 मोबाइल फोन और 2 चारपहिया वाहन समेंत कुल ₹53 लाख का जुमला बरामद कर जब्त किया गया.
जानकारी के मुताबिक, गौरेला थाना और साइबर सेल जीपीएम की संयुक्त टीम ने 2 सितंबर की सुबह मुखबिर की सूचना पर हर्राटोला के पास वाहनों की जांच की. इस दौरान, एक सफेद रंग की महिंद्रा टीयूवी 300 वाहन को रोका गया, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने गाड़ी में सवार दो युवकों, तुलसी शर्मा और उदय चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की. दोनों से पूछताछ और टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर तीन और आरोपियों को पुलिस ने बिलासपुर से गिरफ्तार किया है. इनमें सक्ति निवासी उतरा खूंटे उर्फ साहिल, अनुज आदिले और अरुण चंद्रा शामिल हैं. एक अन्य आरोपी साजन मौके से भाग गया, जिसकी तलाश जारी है.

panchayattantra24.-बिलासपुर: पति-पत्नी के बीच विवाद ने मासूम बच्चे को कटघरे में खड़ा कर दिया, दोनों में आपसी विवाद के बीच पति ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर बच्चे के डीएनए टेस्ट की मांग कर दी. हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए याचिका खारिज कर दी है. मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक तिवारी के सिंगल बेंच में हुई. दरअसल, दुर्ग में रहने वाले युवक की शादी बालोद में रहने वाली युवती के साथ दो साल पहले दल्ली राजहरा में हुई थी. उनका चार माह का बेटा है. इस बीच दोनों में विवाद शुरू हुआ, और मामला कोर्ट पहुंच गया. पति ने फैमिली कोर्ट में मामला दायर करते हुए चार महीने के मासूम के रिश्ते पर सवाल उठाते हुए डीएनए टेस्ट की मांग की. माामले की सुनवाई के बाद फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका को खारिज करते हुए युवक को यह हिदायत दी कि बच्चे का लालन पालन एक पिता की तरह करें, और घर परिवार के बीच सामंजस्य बनाए रखने कहा.
इधर फैमिली कोर्ट के फैसले को युवक ने हाई कोर्ट में चुनौती दी, और चार महीने के मासूम का डीएनए टेस्ट कराने की मांग की. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया, कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ठोस प्रकरण नहीं होने पर हिन्दू रीति रिवाज से हुए विवाह के दौरान जन्म लिए बच्चे के डीएनए टेस्ट का आदेश नहीं दिया जा सकता है. DNA टेस्ट का आदेश तभी दिया जाना चाहिए, तब साक्ष्य अधिनियम की धारा 112 के तहत पर्याप्त सबूत हों.
panchayattantra24.-बिलासपुर । बिलासपुर में एयरपोर्ट और हवाई सुविधा के विकास को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विकास कार्यों में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस राधा कृष्ण अग्रवाल की खंडपीठ ने राज्य और केंद्र सरकार को जमीन हस्तांतरण के मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। नाइट लैंडिंग सुविधा के प्रगति की समीक्षा के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि 5 अगस्त को हुई बैठक में डीवीओआर टेक्नोलॉजी के उपकरण लगाने पर सहमति हो गई थी। छत्तीसगढ़ सरकार ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा बताए गए खर्च को वहन करने के लिए सहमति पत्र जारी किया है।
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने कोर्ट से आग्रह किया कि बैठक के मिनट्स और सहमति पत्र को रिकॉर्ड पर लाया जाए, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। जमीन हस्तांतरण के मामले में श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि 90 करोड़ रुपये की धनराशि वापस कर दी गई है और अब नई रायपुर में जमीन की मांग की जा रही है, जबकि रक्षा मंत्रालय ने 287 एकड़ भूमि देने पर सहमति दी थी। हाईकोर्ट ने दोनों सरकारों को भूमि हस्तांतरण पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा नाइट लैंडिंग उपकरणों के लिए नए बाउंड्री वाल के निर्माण और अन्य छोटे-छोटे कार्यों पर भी चर्चा हुई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद रखी है।

panchayattantra24.-बिलासपुर । रविवार, 1 सितंबर को संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी द्वारा एनडीए और सीडीएस की परीक्षाएं बिलासपुर के पांच केंद्रों में आयोजित की गईं थी। एनडीए की परीक्षा 3 केंद्रों में 2 पालियों 10 से 12.30 व 2 से 4.30 तक आयोजित की गई। एनडीए की परीक्षा में कुल एक हज़ार 43 छात्र शामिल होने थे जिसमे से पहली पाली में 579 उपस्थित व 464 अनुपस्थित वही दूसरी पाली में 581 उपस्थित व 462 अनुपस्थित रहे। इसी तरह सीडीएस की परीक्षा 1 केंद्र में 2 पाली व 1 केंद्र में 3 पाली में आयोजित की गई। पहली पाली 9 से 11 में 542 परीक्षार्थी शामिल होने थे जिसमे से 283 उपस्थित व 259 अनुपस्थित रहे, दूसरी पाली 12 से 2 में 291 उपस्थित व 251 अनुपस्थित रहे। वही तीसरी पाली 3 से 5 में दर्ज 274 में से 154 उपस्थित व 120 अनुपस्थित रहे।
परीक्षा के दौरान केंद्रों का निरीक्षण एडीएम कुरुवंशी, यूपीएससी से आए केआर मीणा और आब्जर्वर देशमुख द्वारा किया गया। परीक्षा के लिए शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला दयालबंद, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या शाला, शासकीय जेपी वर्मा कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक शाला, और शासकीय उच्चतर माध्यमिक कन्या शाला सरकंडा को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा में परीक्षार्थियों से अंग्रेजी, विज्ञान, इतिहास, संविधान, और सामयिक घटनाओं से जुड़े रोचक प्रश्न पूछे गए। सवालों में प्राचीन भारत के महाजनपद की राजधानी तक्षशिला से संबंधित प्रश्न, भारत में पहली कॉटन मिल की स्थापना किसने की थी, हीरे का तात्विक संयोजन क्या है, और भारत में मक्का किस रास्ते से लाया गया था जैसे प्रश्न शामिल थे।