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रायगढ़ । छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 फरवरी को रायगढ़ में सभा करेंगे। सभा राजनीतिक होगी और आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के लिए प्रधानमंत्री कार्यकर्ता-नेताओं को रिचार्ज करने आ रहे हैं। लेकिन उस सभा में भाजपा के ज्यादातर दिग्गज नहीं होंगे। केवल पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह (Raman Singh) और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ही सभा में शिरकत करेंगे।
लेकिन न पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक होंगे न बृजमोहन अग्रवाल। यहां तक कि पार्टी के विधायक भी उस सभा में शामिल होने नहीं जाएंगे। दरअसल, उस दिन विधानसभा में छत्तीसगढ़ का बजट पेश होना है। सदन में भाजपा के कुल 15 ही विधायक हैं।
संयोग कहें या दुर्याग, बजट (Chhattisgarh Budget 2019) पेश होने और पीएम की सभा एक ही दिन निर्धारित हैं। ऐसे में भाजपा विधायकों के सामने संवैधानिक बाध्यता भी है कि वे सदन में मौजूद रहें। बताया जा रहा है कि पार्टी ने दो दिन पहले बैठक कर इस पर गंभीर मंथन भी किया। अंत में तय किया गया कि प्रधानमंत्री के सम्मान और स्वागत के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह रायगढ़ जाएंगे।
उनके साथ पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल भी रहेंगे। शेष दिग्गज विधानसभा में बजट सत्र में शामिल होंगे और विपक्षी होने के नाते अपना पक्ष रखेंगे। 15 में से 14 विधायक विधानसभा में मौजूद होने की वजह से प्रधानमंत्री की सभा में नहीं जा सकेंगे।
अनिल जैन भी नहीं होंगे
आमतौर पर ऐसा होता राष्ट्रीय अध्यक्ष या प्रधानमंत्री की सभाओं में प्रदेश प्रभारी मौजूद होते हैं। इतना ही नहीं वे तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक-दो दिन पहले ही छत्तीसगढ़ पहुंचते रहे हैं। लेकिन भाजपा के प्रदेश प्रभारी अनिल जैन का पहले से ही कार्यक्रम तय है। कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण और पार्टी के लिए उपयोगी है। ऐसे में अनिल जैन भी संभवत: 8 फरवरी को प्रधानमंत्री की सभा में मौजूद नहीं होंगे।
राष्ट्रीय महासचिव सरोज भी नहीं
ऐसा ही कुछ राष्ट्रीय महासचिव सरोज पांडेय के बारे में कहा जा रहा है। उनके भी पूर्व कार्यक्रम निर्धारित हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री की सभा में उनकी मौजूदगी को लेकर अभी तक कुछ भी तय नहीं है। सूत्रों का कहना है कि शायद राष्ट्रीय महासचिव भी पीएम की सभा में शामिल नहीं होंगी। हालांकि ऐनवक्त पर हालात को देखते हुए कार्यक्रम में बदलाव कर वे सभा में जा सकती हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष धर्मलाल कौशिक का कहना है कि 8 फरवरी को छत्तीसगढ़ का बजट है। बतौर नेता प्रतिपक्ष सदन में रहना जरूरी भी है और मजबूरी भी। विपक्ष में हैं इसलिए पार्टी के सभी विधायक अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

दंतेवाड़ा । नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में पुलिस ने एक जनमिलिशियाई नक्सली को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस दल दंतेवाड़ा जिले के मुचनार के जंगल में सर्चिंग अभियान चला रहा था, इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आशंका में एक युवक से पूछताछ की गई।
बाद में जिसकी पहचान ग्राम तोड़मा के इतवारी पोयामी के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक पोयामी पर कई नक्सली वारदातों व हत्या के आरोप हैं और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।

दंतेवाड़ा। सीआरपीएफ जवानों को उस समय बड़ी सफलता मिली जब जवानों ने नक्लसियों द्वारा लगाया गया एक शक्तिशाली आईईडी बरामद किया। ये आईईडी करीब 3 किलो का बताया जा रहा है। नक्सलियों ने संभवतः सुरक्षाबल को बड़ा नुकसान पहुंचाने के लिए सड़क के बीच इसे दबाकर रखा था। सुरक्षाबलों ने इस सफलतापूर्वक डिफ्यूज कर दिया।
दंतेवाड़ा के एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने पुष्टि करते हुए बताया कि कुआकोंडा थाना इलाके के मोखपाल-मैलावाड़ा के बीच सुरक्षाबलों ने 3 किलो का आईईडी बरामद किया। सीआरपीएफ 195 बटालियन के जवानों को सर्चिंग के दौरान सड़क के बीच से वायर निकला हुआ दिखा। इस पर पूरी टीम सतर्क हुई। टीम ने सावधानीपूर्वक सड़क की थोड़ी खुदाई की तो सभी हैरान रह गए। नक्सलियों ने यहां आईईडी प्लांट किया हुआ था। नक्सलियों ने प्लास्टिक के बैग में बारूद पैककर ये आईईडी तैयार किया और फिर उसे सड़क में दबाया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक प्लास्टिक बैग में होने के बावजूद ये बड़ा नुकसान पहुंचाने में सक्षम है। ज्ञात हो नक्सलियों के बंद सप्ताह घोषित किया और ये सप्ताह का चौथा दिन है।
फिलहाल सुरक्षाबल पूरे इलाके में सर्चिंग अभियान चलाए हुए है।

गरियाबंद लोकतंत्र प्रहरी संघ के राष्ट्रीय संयोजक सच्चिदांदन उपासने द्वारा लोकतंत्र प्रहरी संघ के सभी प्रदेश व जिले के पदाधिकारियों को राष्ट्रीय पर्व 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को धूम धाम व हर्सोल्लास के साथ मनाने कहा गया।
तदनुसार इस अवसर में प्रहरी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी के आतिथ्य में भाठागाँव के जे.पी.चौक पर गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय महापर्व के शुभ अवसर पर लोकतंत्र प्रहरी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद तिवारी ने ध्वजारोहण किया और एक दूसरे को मिठाइयाँ खिलाकर गणतंत्र दिवस का महापर्व मनाया गया। विनोद तिवारी द्वारा बताया गया कि लोकतंत्र प्रहरी छत्तीसगढ़ से इस संगठन की नींव पड़ी थी आज पूरे भारत मे इस संगठन के अच्छे कार्य के नाते जुड़ रहे है ये संगठन हमेशा गरीब बेसहारा लोगो की मदद के लिए खड़ा था और हमेसा खड़ा रहेगा। आने वाले दिनों में हमारा संगठन पूरे देश मे जनता को जागरूक करने का अभियान सुरु करने वाला है। जिससे समाज के हर व्यक्ति को सरकार की योजनाओं के बारे विसतारपूर्वक जानकारी मिल सके। जिसमें दिनेश दुबे राकेश शुक्ला रमन झा आदित्य झा दीपक तिवारी राकेश दुबे अशीष त्रिपाठी सुनील मिश्रा त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी त्रिभुननाथ तिवारी पवन रंजीत दुबे सत्येन्द्र मिश्रा अजय मिश्रा प्रकाश चौधरी आशुतोष मिश्रा मनीष वैष्णव प्रमोद तिवारी शामिल रहे।
गरियाबंद में भी प्रहरी महिला शक्तिद्वारा हर्षोल्लास से मनाया गणतंत्र दिवस,
वहीं गरियाबंद जिले में भी प्रहरी महिला शक्ति द्वारा भी ध्वजारोहण कर इस पर्व को समस्त महिला शक्तियों के द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिसमें सभी प्रहरी महिला शक्ति के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाइयां दीं । जिसमें प्रहरी महिला शक्ति की अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा साहू जिला महासचिव श्रीमती सरिता साहू महेश्वरी साहू नेहा यादव लता महिला शक्ति उपस्थित रहे।

सुनील यादव – गरियाबंद । 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय में कलेक्टर श्याम धावड़े ने ध्वज फहराया। उन्होंने जिला कार्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर कलेक्टर के.के. बेहार एवं संयुक्त कलेक्टर जे.आर. चाैरसिया एवं अमृत लाल ध्रुव सहित वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

जगदलपुर। आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने ऐतिहासिक लालबाग परेड ग्राउंड पर तिरंगा फहराने के बाद परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री का संदेश वाचन करने के दौरान मंत्री कवासी के सामने उनके ना पढ़ पाने की समस्या ए​क फिर आ खड़ी हुई।
प्रोटोकॉल के तहत जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री अतिथि को मुख्यमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाना होता है। लेकिन कवासी लखमा के ना पढ़ पाने की समस्या के चलते जिला कलेक्टर अय्याज तम्बोली ने सीएम का संदेश पढ़कर जनता तक पहुंचाया।
बता दें कि, उद्योग और आबकारी मंत्री कवासी लखमा कोंटा विधानसभा से 5 बार के विधायक हैं और उनकी गिनती प्रदेश के कुछ सबसे अधिक लोकप्रिय नेताओं में की जाती है। लेकिन अति पिछड़े बैकग्राउंड से आने वाले लखमा को कभी पढ़ाई का मौका नहीं मिल पाया था।

महासमुंद । कौन कहता है कि लड़कियां कमजोर होती हैं। अगर कोई ऐसा सोच भी रहा हो तो वो छत्तीसगढ़ के महासमुंद आकर इन दोनों लड़कियों से आ कर मिल ले। ये वो लड़कियां हैं जो अपनी आत्मरक्षा करने में इस कदर माहिर हैं कि इनसे पंगा लेने में लोग घबराते हैं। इनकी ताकत इससे नहीं कि ये खुद की सुरक्षा कर सकती हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि इन्होंने अपने जैसी कई लड़कियों को आत्मरक्षा की तकनीक सिखा कर उनके अंदर आत्म विश्वास भरा है। यह लड़कियां आज निर्भिक हो कर समाज में आत्म सम्मान के साथ रह रही हैं।
अन्नू भोई और रोशना डेविड उन लड़कियों के लिए मिसाल हैं जो खुद को समाज में डरा और असुरक्षित महसूस करती हैं। ये दोनों खुद तो आत्मरक्षा में दक्ष हैं ही दूसरी लड़कियों में भी आत्मविश्वास जगा रही हैं। दोनों ने दो- चार या दस-बीस नहीं 41170 लड़कियों को अब तक आत्मरक्षा में दक्ष बनाया है। अन्नू महासमुंद में पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर पदस्थ हैं और रोशना एक समाज सेवी संस्था और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हैं।
राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर स्थानीय डॉ. श्यामप्रसाद मुखर्जी सभागार टाउन हॉल में आयोजित समारोह में इन्हें गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नामित होने का सर्टीफिकेट प्रदान किया गया। इन्होंने डीआईजी नेहा चंपावत व एसपी संतोष सिंह के मार्गदर्शन में हमर पुलिस हमर संग के तहत प्रदेश के 10 जिलों की 41170 बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया है। महासमुंद चाइल्ड फ्रेंडली जिला है और दिसंबर 2018 में एसपी को चैम्पियन ऑफ चेंज अवार्ड से नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने पुरस्कृत किया गया था।
लिहाजा देश में जिले के उत्कृष्ट सम्मान में पुलिस अधिकारियों की मदद से बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने में दोनों बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की कमेटी प्रभावित हुई। इनके दस्तावेज देखे और इनका नाम यूएसए बेस्ड अंतराष्ट्रीय स्तर के सम्मान के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया। इस उपलब्धि से महासमुंद जिला गौरवान्वित हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एशिया हेड डॉ. मनीष विश्नोई ने कहा कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड ऐसे लोगों का सम्मान करते हैं जो समाज हित में कुछ हटके काम करते हैं।

अंबिकापुर। झारखंड सीमा से सटे बलराममपुर जिले में गुरुवार की रात हथियारबंद नक्सलियों ने सड़क निर्माण में लगे दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान बड़ी तादात में वहां नक्सली पहुंचे और काम में लगे मजदूरों को पीटकर वहां से भगा दिया। इसके बाद नक्सलियों ने वाहनों में आग लगा दी। बलरामपुर जिले का यह इलाका पूर्व में नक्सल प्रभावित रहा है। कुछ दिन पहले भी नक्सलियों ने बॉक्साइट माइन्स में धावा बोलकर तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।
बस्तर में हुई मुठभेड़
उधर दूसरी ओर बस्तर क्षेत्र के सुकमा जिले में नक्सलियों और पुलिस पार्टी के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ के दौरान नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाते हुए वहां से भाग खड़े हुए। घटना स्थल से बड़ी तादात में नक्सल सामग्री बरामद की गई है।
जिले के पुलिस अधीक्षक ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि चिंतागुफा क्षेत्र के दुब्बाकोंटा और पेंटापाड के जंगलों में नक्सलियों के जमावड़े की खबर मिली थी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त पार्टी उक्त स्थल पर पहुंची। यहां 20 की संख्या में नक्सली नजर आए जिनमें से करीब 8 नक्सली वर्दी में नजर आए। फायरिंग करने पर नक्सली पेड़ों की आढ़ लेकर वहां से फरार हो गए। क्षेत्र में सघन सर्चिंग जारी है।

लोरमी  । जूनापारा धान खरीदी केंद्र की पोल बेमौसम बारिश ने खोलकर रख दी है. इसका खामियाजा मासूम किसानों को भुगतना पड़ा है, जिनका बिना तौलाई के खुले में रखा धान बारिश में भीग गया है ।
बता दें कि खरीदी केंद्र में दर्जनभर किसान समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने के लिए टोकन कटाने के बाद सप्ताह भर पहले ही केंद्र में आ गए थे, लेकिन धान खरीदी केंद्र प्रभारी के द्वारा बारदाने की कमी होने का हवाला देते हुए धान की तौलाई नहीं की गई. अब बेमौसम बारिश से उनका सैकड़ों क्विंटल धान पानी में डूब गया है. इससे परेशान किसानों के चेहरे में बिक्री को लेकर पशोपेश में पड़ गए हैं ।
किसानों का आरोप है कि धान खरीदी केंद्र में लगातार बारदाने की कमी का हवाला देते हुए उन्हें प्रभारी चक्कर लगवाया रहे हैं, शुक्रवार को हुई बेमौसम बारिश से जहां खरीदी केंद्र परिसर पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गया, और किसानों के खून-पसीने की मेहनत से पैदा हुआ सैकड़ों क्विंटल धान पानी में डूब गया. किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्र में बिचौलिए सक्रिय हैं, जिनका काम कमीशन के चक्कर में पहले किया जाता है. अगर व्यवस्था सही रहती तो उन्हें यह मुसीबत नहीं उठानी पड़ती ।
इस पूरे मामले को लेकर धान खरीदी प्रबंधक रामचंद्र जायसवाल ने धान खरीदी केंद्र, जूनापारा में बारदाने की कमी होने की बात कहते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया, वहीं धान खरीदी केंद्र में बदहाली को लेकर जब कोटा के एसडीएम कीर्तिमान राठौर से बात की गई तो उन्होंने खाद्य निरीक्षक को जांच करने निर्देश देने की बात कही है ।

अम्बिकापुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में इसी साल अक्टूबर के महीने से यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम का लाभ प्रदेशवासियों को मिलना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सितंबर महीने तक की राशि बीमा कंपनी के पास जमा है। उक्त अवधि तक छत्तीसगढ़ सरकार यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम को व्यवस्थित तरीके से लागू करने उप स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर बड़े अस्पतालों तक सारी व्यवस्था सुनिश्चित कर लेगी।
अंबिकापुर में चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में लगभग 500 प्रकार के बीमारियों के इलाज के लिए जो दर निर्धारित की गई है उससे चिकित्सक संतुष्ट नहीं है। यदि वे उक्त योजना के तहत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रहे हैं तो यह उनका अपना आउटलुक है।
राज्य सरकार को जनता के हित का दायरा बढ़ाना है। हमारा मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार दिलाना है। इसे एक दायरे तक बांध कर नहीं रखना है। आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत जारी स्मार्ट कार्ड चलायमान हैं।
सरकार की मंशा यह है कि प्राथमिक स्तर पर ही लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें। यह बात निकलकर सामने आई है कि पचासी से 90 फीसद लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर साधारण बीमारियों की दवाइयां और डायग्नोस्टिक सुविधा मिलनी चाहिए।
इस व्यवस्था को सरकार मितानिन से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ही उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शेष गम्भीर मरीजों के लिए बड़े अस्पताल में व्यवस्था होगी। इसमें इलाज के खर्चे की कोई सीमा निर्धारित नहीं रहेगी। जिसे 10 रुपये की दवा की जरूरत होगी वह भी मिलेगी और जिनके इलाज में 20 लाख खर्च होगा उस खर्चे की भरपाई भी सरकार करेगी।
टीएस सिंहदेव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत बीमा कंपनी को 184 करोड़ से अधिक की राशि देनी पड़ रही है। इसके बावजूद चिकित्सक योजना की सफलता की दर को लेकर असंतुष्ट हैं।