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K.W.N.S.-हिंदी पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के अगले दिन अमावस्या तिथि पड़ती है। इस प्रकार वैशाख अमावस्या 20 अप्रैल को है। इस दिन साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। अमावस्या तिथि को अमावस्या और पूर्णिमा तिथि को चंद्र ग्रहण लगता है। इस तरह वैशाख अमावस्या को पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। ग्रहण को लेकर दो मत है। एक विज्ञान के तहत ग्रहण की गणना की जाती है। दूसरा धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण की गणना की जाती है। सूर्य ग्रहण तीन तरह के होते हैं, जो क्रमशः पूर्ण सूर्य ग्रहण, आंशिक सूर्य ग्रहण और वलयाकार सूर्य ग्रहण हैं। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के समय राहु और केतु का नकारात्मक प्रभाव रहता है। अतः ग्रहण के समय धार्मिक अनुष्ठान और शुभ काम करने की मनाही होती है। खासकर गर्भवती महिलाओं को सेहत का विशेष ख्याल रखना पड़ता है। आइए, सूर्य ग्रहण के बारे में सबकुछ जानते हैं
 

 P. T. मेष राशि – गुरू और राहु से दिमाग भ्रमित होगा, गलत रास्ते पर चलने की प्रेरणा दे सकती है. निर्णय में सावधानी रखें. कुसंगति से स्वयं को नहीं बचाएंगे तो आप भी व्यसनी हो जाएंगे, इस से आपकी बदनामी भी हो सकती है. आर्थिक तंगी से भी नहीं जूझना पडेगा. आप पेट की तकलीफों और कब्जजन्य रोगों से परेशान रह सकते हैं. उपाय करें तो लाभ होगा – उॅ नमः शिवाय नमः का जाप करें. दूध चावल का दान करें. सूर्य को अर्ध्य दें.

 

वृषभ राशि – बारहवे भाव में राहु के साथ गुरू सूर्य एवं बुध होने के कारण अति उत्साह से बचें. क्रोध आए तो उस पर नियंत्रण पाने की कोशिश करें और परेशानियों के समय अधिक निराश न हों. विवाह या वैवाहिक जीवन में कुछ विसंगतियां आ सकती हैं. घर से दूर रह सकते हैं. जमीनी विवादों में फस सकते हैं. साथ ही बिजनेस का एक्सटेंशन कर सकते हैं, जो आपके लिए अहितकारी होगा. किंतु ज्यादा तेज गाड़ी हानिकारक हो सकती है. शांति के लिए – माता के मंदिर में मसूर दाल या लाल वस्त्र चढ़ायें. दुर्गा कवच का पाठ करें.

 

मिथुन राशि – कष्ट और विपत्ति कि आशंका. नकारात्मक प्रभाव के कारण आप अभिमानी हो सकते हैं. आपको भाइयों का विरोध करने से बचना होगा. संबंध बहुत अच्छे न रहें किन्तु सामाजिक अपयश से बचें. सबके सामने अपमानित होने के कारण निरंतर मानसिक प्रताड़ना सहन करनी पड़ सकती है. व्यवसाय में काम का टेंशन ज्यादा होगा. प्रर्दशन का स्तर सुधारने की कोशिश करें. दोषों को दूर करने के लिए – ऊॅ बृं बृहस्पतयै नमः का एक माला जाप करें. मंदिर में केला नारियल का दान करें. पीले वस्त्र चढ़ायें.

 

कर्क राशि – दशम में गुरू राहू आपके कामों में स्थिरता लाने में व्यवधान उत्पन्न कर सकता है. व्यर्थ बोलने की आदत से बचें. पैतृक सम्पदा का विनाश कर सकते हैं, धन का दुरुपयोग कर सकते हैं. कुपात्रों पर धन खर्च कर सकते हैं. आपको आंखो की तकलीफों के साथ-साथ पेट में कब्ज की तकलीफ भी हो सकती है. कष्ट निवारण हेतु. बटुक भैरव का रोज 11 माला जप करें. सूक्ष्म जीवो की सेवा करें। 

 

सिंह राशि – अच्छे मित्र और पद प्रतिष्ठा प्राप्त होगा. दुस्साहसी भी हो सकते है. आपको किसी भी प्रकार के बेवजह शक कर सकते हैं. अच्छे को बुरा और बुरे को अच्छा समझने का भ्रम रह सकता है. जीवनसाथी के साथ खूब यात्राएं करने का मौका मिलेगा. बुखार के कारण परेशानी रह सकती है. उपाय करने चाहिए – ऊॅ शं शनैश्चराय नमः का जाप करें. उड़द या तिल दान करें। 

 

कन्या राशि – यह सप्ताह आपके लिए शुभ फलदायी है. आप ब्राह्मणों और देवताओं के प्रति श्रद्धा रखेंगे. दान और धर्म में भी आपकी गहरी आस्था होगी. शुक्र आपको विभिन्न शुभ परिणाम देगा, नियमित रूप से धनागमन होता रहेगा. आपमें नेतृत्व करने की क्षमता भी है. शिक्षा में व्यवधान आ सकता है, बडे प्रयास के बाद भी असफलता मिल सकती है. बरसात या मौसमी शारीरिक अस्वस्थता रह सकती है. अतः काम में लाभ की पूर्ण प्राप्ति के लिए निम्न उपाय आजमायें – ऊॅ सों सोमाय नमः का एक माला जाप करें. खीर बनाकर कम से कम एक कन्या को खिलायें. स्वेत वस्त्र माता दुर्गा को अर्पित करें। 

 

तुला राशि – आपके धन लाभ के कुछ तरीके अनैतिक हो सकते हैं, जो लिटिगेट कर सकते हैं. कुछ बेकार के विवाद में पडकर आप अपनी ऊर्जा का व्यय करेंगे. आपको चाहिए कि अनैतिक माध्यम से धन न कमाएं अन्यथा संतान से सम्बंधित परेशानी रह सकती है. गायन, वादन, साहित्य रचना, चित्रकारी जैसी ललित कलाओं में आपकी अच्छी रुचि होगी, जो लाभ और यश दे सकता है. जीवनसाथी के स्वास्थ्य से आप परेशान होंगे. आहार की अनियमितता कष्टकारी हो सकती है. अतः निवृत्ति के लिए – प्रातः स्नान के उपरांत सूर्य को जल में लाल पुष्प तथा शक्कर मिलाकर. अर्ध्य देते हुए. ऊॅ धृणि सूर्याय नमः का पाठ करें. गुड़, गेहू का दान करें. आदित्य ह्दय स्त्रोत का पाठ करें। 

 

वृश्चिक राशि – राहु की यह स्थिति एकान्तप्रियता देती है, अतः इस सप्ताह आप अपने आपको प्रपंचों से दूर रखना चाहेंगे. किसी प्रतियोगी परीक्षा में मनचाही सफलता मिल सकती है. आप कार्यक्षेत्र में बडी सफलता पा सकते हैं. आपको अपने घर में रहने का सुख कम मिलेगा. आपके द्वारा थोड़ी सी भी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है, सावधानी रखना होगा. आप को वात रोग से कष्ट रहेगा अतः उससे बचाव के कार्य करें. आप खानपान में सावधानी रखें. शांति के लिए निम्न उपाय करें – ऊॅ अं अंगारकाय नमः का जाप करें. हनुमानजी की उपासना करें. मसूर की दाल गुड दान करें। 

धनु राशि – राहू अशुभ प्रभावी होने पर पापाचार की ओर उन्मुख करता है और धर्म पर श्रद्धा कम कराने की कोशिश करता है. इसलिए सावधान रहें. किसी ट्रस्ट के माध्यम से भी आपको धनलाभ हो सकता है. कभी धन का सुख तो कभी ऋण भी देता है, कामों में भी कठिनाइयां या व्यवधान आ सकते हैं. शत्रुओं पर कठिनाई से विजय मिल सकती है. आप व्यर्थ के घूमने फिरने और वाद विवाद से बचें और उचित कर्म करें. आप को जीवन साथी या पुत्र को लेकर चिंताएं भी रह सकती है. आपको मांस मदिरा के सेवन न करने और कुसंगति से बचने की सलाह दी जाती है. आपको नेत्ररोग, उन्माद या रक्तविकार की परेशानी रह सकती है. शुभ प्रभाव में वृद्धि एवं कष्टों की निवृत्ति के लिए – ऊॅ बृं बृहस्पतयै नमः का एक माला जाप करें. पुरोहित को केला नारियल का दान करें. साई जी के दर्शन कर दिन की शुरूआत करें। 

 

मकर राशि – आप अपने गुणों के कारण समाज में पूजित होंगे, आप अपने प्रभाव के कारण सर्वत्र सम्मान प्राप्त करेंगे. आप अध्ययन संबधी कार्य कर पायेगे और साथ ही अपने व्यवसाय या नौकरी संबंधी कार्य कर पायेंगे. अच्छा घरेलू खाना एवं परिवार तथा घरेलू सुख-सुविधा का पूरा आनन्द लेंगे. घर में आराम से पूरा सप्ताह बिताने का आपका प्लान सभी पारिवारिक सदस्यों को प्रसन्न करेगा. सिर्फ अपने बजट के अंदर रहकर कार्य करें. एलर्जी या इन्फेकशन से बचें. निम्न उपाय आजमायें – ऊॅ शुं शुक्राय नमः का जाप करें. मां महामाया के दर्शन करें. चावल दूध दही का दान करें। 

 

कुंभ राशि – बेचौनी और चिडचिडापन देने के साथ-साथ तर्क और बहस करने वाला भी बना सकती है. अतः आपका धन व्यर्थ के कामों में भी खर्च हो सकता है. आप अच्छा काम भी करेंगे तो भी बुराई ही आपके हिस्से में आएगी. इस सप्ताह आपको परिवर्तन बहुत पसंद आएगा. आपके खर्चे आमदनी से अधिक हो सकते हैं. आप किसी विवाद को स्वयं सुलझाने के लिए अपने पार्टनरों से मुलाकात कर सकते हैं. हो सकता है कि इसके लिए आपको यात्रा करनी पड़ जाए. समझौता कराने के प्रयास में आप तनाव में हो सकते हैं. अतः जनित तनाव से निवारण के लिए – ऊॅ शं शनैश्चराय नमः की एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें. भगवान आशुतोष का रूद्धाभिषेक करें. उड़द या तिल दान करें। 

 

मीन राशि – अपने काम में नयी योजना से काम करने के लिए सभी को प्रेरित कर सकते हैं. हो सकता है कि आप अपने कार्यालय में पूरा इलेक्ट्रानिक उपकरणों का काम पूरा करवायें जैसे. कम्प्यूटरीकरण या आधुनिकीकरण. काम की नई रणनीति तथा सोच आपको अच्छी सफलता तथा यष दिला सकता है. थोड़ा बहुत विरोध तथा हानि से सावधान रहें एवं बचाव के लिए तथा शांति के लिए – ऊॅ रां राहवे नमः का एक माला जाप कर दिन की शुरूआत करें. मूली का दान करें. सूक्ष्म जीवों को आहार दें। 

 

K.W.N.S.-हर कोई अपने जीवन में धनवान बनने की इच्छा रखता है इसके लिए लोग दिनों रात मेहनत और प्रयास भी करते है। लेकिन फिर भी अगर उन्हें मन मुताबिक फल नहीं मिलता है या फिर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो ऐसे में व्यक्ति निराश और परेशान हो जाता है।
अगर आप भी अपने जीवन दुख परेशानियों को झेल रहे है और धन की कमी आपकी चिंता का कारण बनी हुई है तो ऐसे में आप ज्योतिषीय उपायों को अपना सकते हैं। ज्योतिषशस्त्र में कई ऐसे उपाय बताए गए है। जो व्यक्ति की समस्याओं को पलभर में दूर कर सकते हैं। तो आज हम आपके लिए लेकर आए है। शंखपुष्पी का अचूक उपाय जो आपको रातोंरात धनवान बना सकता है, तो आइए जानते है।
शंखपुष्पी के अचूक टोटके-
शंखपुष्पी को बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है। इसका प्रयोग ज्योतिषशास्त्र में टोने टोटके आदि के लिए किया जाता है। कहते हैं कि शंखपुष्पी का टोटका धन प्राप्ति के लिए कारगर होता है। ऐसे में अगर आप आर्थिक परेशनियों व कर्ज जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं और इससे जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं तो ऐसे में किसी भी माह के शुक्ल पक्ष में जब गुरु पुष्य या रवि पुष्य नक्षत्र रहे।
तो शंखपुष्पी के पौधे की जड़ को गंगाजल से धोकर इस पर केसर का तिलक करें। इसके बाद इसे चांदी की डिब्बी में भरकर तिजोरी में रख दें। मान्यता है कि इस चमत्कारी उपायों को करने से जातक की आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगता है और धन आवक भी बढ़ सकती है। साथ ही साथ परिवार में सदा सुख समृद्धि व शांति का वास होने लगता है।
 

 
 K.W.N.S.-धार्मिक तौर पर हर दिन किसी न किसी देवी देवता की पूजा को समर्पित होता है। वही मंगलवार का दिन हनुमान पूजा के लिए उत्तम माना जाता है। भक्त इस दिन भगवान की पूजा आराधना करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं। मान्यता है कि इस दिन पूजा पाठ और व्रत के साथ अगर कुछ उपायों को आजमाया जाए तो हनुमान कृपा बरसती है जिससे हर परेशानी दूर हो जाती है तो आज हम आपको बता रहे है मंगलवार के दिन किए जाने वाले आसान उपाय। मंगलवार के अचूक उपाय—
अगर आप लंबे वक्त से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं और इससे छुटकारा पाने का कोई मार्ग नजर नहीं आ रहा है तो ऐसे में आप कुछ उपायों को कर के इस परेशानी से मुक्ति पा सकते है। इसके लिए मंगलवार के शुभ दिनपर ‘ऊँ हं हनुमते नमः’ इस मंत्र का कम से कम 21 बार जाप जरूर करें मान्यता है कि इस उपाय को करने से आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो जाती है और कर्ज से भी छुटकारा मिलता है। वही अगर आपको किसी प्रकार का भय सता रहा है तो आप आज के दिन हनुमान जी की प्रतिमा के आगे आसन बिछाकर बैठ जाए। फिर एक लाल वस्त्र में मसूर दाल रखें इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें। पाठ पूरा होने पर वस्त्र में रखी दाल को पूजन स्थल पर रखें दें और लाल वस्त्र को अपने पास रख लें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से हर प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है और सुख समृद्धि सदा बनी रहती है।
 

 
 K.W.N.S.-आज दिनांक 06 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव है. इस दिन व्रत रख हनुमान जी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. आज कम समय होने के कारण पूरे विधि-विधान के साथ पूजा नहीं कर सकते हैं, तो आज के दिन हनुमान चालीसा का पाठ अवस्य करें और हनुमान जी आरती करें. इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी. तो ऐसे में आइए आज हम आपको अपने इस लेख में हनुमान जी की आरती की विधि और उससे होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताएंगे.
हनुमान जी की आरती करने से होते हैं ये फायदे
1. जो व्यक्ति हनुमान जी की आरती करता है, उस व्यक्ति को रोग और दोष से मुक्ति मिल जाती है. उस व्यक्ति पर हनुमान जी की कृपा बनी रहती है.
2. जो हनुमान जी नियमित रूप से पूजा करता है. उसे बैकुंठ की प्राप्ति होती है. जब आप आरती करेंगे, उसके आखिरी में इस पंक्ति का जिक्र है.
3. आरती करने से घर की नकारात्मकता चली जाती है और दोष से भी मुक्ति मिल जाती है.
4. जो व्यक्ति पूरे विध से इनकी आरती करता है, उनकी कृपा से दुख और भय दूर हो जाता है.
5. अगर आप रोजाना हनुमान जी की आरती करते हैं, तो व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है.
ऐसे करें हनुमान जी की आरती
हनुमान जी की पूजा करने के बाद सबसे आखिरी में आरती की जाती है. इसके लिए पीतल का दीपक या फिर आटे का दीपक बनाएं. फिर उसमें लाल रंग के धागे वाले बत्ती डालें, फिर उसमें चमेली का तेल डालें. उसे जलाकर थाल में रख दें. फिर घंटी और शंख बजाकर हनुमान जी की आरती करें, फिर आरती के अंत में कर्पूरगौरं मंत्र पढ़ें. फिर आरती के दीपक को पूरे घर में दिखाएं. फिर उस दीपक को घर के पूजा मंदिर में रख दें.
हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।।
आरती कीजै हनुमान लला…
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुधि लाए।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।
आरती कीजै हनुमान लला…लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे।
आरती कीजै हनुमान लला…
पैठी पाताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखारे।
बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संत जन तारे।
आरती कीजै हनुमान लला…
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।
आरती कीजै हनुमान लला…
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।
जो हनुमानजी की आरती गावै। बसी बैकुंठ परमपद पावै।
आरती कीजै हनुमान लला…
ये है कर्पूरगौरं मंत्र
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदा बसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।

 
K.W.N.S.-तिरुपति। तिरुपति के वार्षिक ब्रह्मोत्सवम (ब्रह्मोत्सवम) के तहत गुरुवार को भगवान स्वामी कल्पवृक्ष वाहन से श्रद्धालुओं के दर्शन करने पहुंचे. इस मौके पर मंदिर के चार माडा गलियों में वाहन सेवा का आयोजन किया गया। भक्तों ने पग-पग पर कपूर चढ़ाकर भगवान के दर्शन किए।
पुजारियों ने कहा, ‘पेड़ प्रकृति को सुंदरता देता है। सृष्टि में अनेक प्रकार के वृक्ष हैं। इसके ऊपर कल्प वृक्ष है। कल्प वृक्ष सभी मनोवांछित फलों को प्रदान करता है। पता चला कि स्वामी ऐसे कल्पवृक्ष वाहन पर चढ़े थे। बाद में श्री सीता लक्ष्मण ने श्री रामचंद्र मूर्ति के साथ उत्सवरों के लिए स्नापना थिरुमंजना का संचालन किया। तिरुमाला पेड्डा जीयर स्वामी, चिन्ना जीयर स्वामी, मंदिर उप ईवीओ नागरत्न, एईओ मोहन, कंकनबट्टार आनंदकुमार दीक्षितुलु और भक्तों ने वाहनसेवा में भाग लिया।
 

नवरात्रि। चैत्र नवरात्रि में मां की आराधना कर रहे भक्तों को माता को प्रसन्न करने के लिए प्रतिदिन मां दुर्गा के नवरूपों के मंत्रों का जाप करके आप मां को खुश कर सकते हैं. पौराणिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के 9 दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा-आराधना का विधान है. नवरात्रि में देवी के बीज मंत्रों की प्रतिदिन मंत्र जाप करने से मनोरथ सिद्धि होती है- 

1.शैलपुत्री- ह्रीं शिवायै नम:.

2.ब्रह्मचारिणी- ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:.

3.चन्द्रघण्टा- ऐं श्रीं शक्तयै नम:.

4.कूष्मांडा- ऐं ह्री देव्यै नम:.

5.स्कंदमाता- ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:.

6.कात्यायनी- क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:.

7.कालरात्रि – क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:.

8.महागौरी- श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:.

9.सिद्धिदात्री – ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:.

  K.W.N.S.-हर साल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को चैत्र नवरात्रि हर साल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को चैत्र नवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है. आपको बता दें कि इस बार चैत्र नवरात्रि  का त्योहार 22 मार्च, बुधवार से प्रारंभ हो रहा है. मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा करने की परंपरा है. गौरतलब है कि नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना भी की जाती है. मान्यता है कि नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. तो चलिए जानते हैं मां शैलपुत्री की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, शुभ रंग व भोग के बारे में. 
 मां शैलपुत्री की पूजा विधि नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा करने की परंपरा है. शास्त्रों के मुताबिक, मां शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा अर्चना करने से मान सम्मान में बढ़ोत्तरी होने के साथ साथ स्वास्थय भी उत्तम रहता है. गौरतलब है कि मां शैलपुत्री को सफेद वस्त्र अतिप्रिय माने गए हैं. इसलिए प्रतिपदा तिथि में मां दुर्गा को सफेद वस्त्र या सफेद पुष्म अर्पित करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इसी के साथ ही इस दिन मां को सफेद बर्फी या मिठाई का भोग लगाने से मां प्रसन्न होती हैं.
 चैत्र नवरात्रि के पहले दिन के शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त 4.49AM से 5.36AM प्रात: संध्या 5.12AM से 6.23AM विजय मुहूर्त 2.30PM से 3.19 PM गोधूलि मुहूर्त 6.32PM से 6.56PM सायान्ह संध्या 6.33PM से 7.44PM अमृत काल 11.o7AM से 12.35PM 
मां शैलपुत्री का प्रिय रंग व भोग 
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है और मां शैलपुत्री का पसंदीदा रंग लाल माना गया है और वहीं अगर मां के लिएभोग की बात करें, तो इस दिन मां को गाय के घी और दूध से बनी चीजों का भोग लगाना बहुत ही शुभ माना गया है, मान्यता है कि ऐसा करने से मां शैलपुत्री प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं.
 

 
K.W.N.S.-गणेश रुद्राक्ष को धारण करने से हर प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है, साथ ही इससे विघ्नों का नाश होता है।
गणेश रुद्राक्ष धारण करने से पढ़ाई में सफलता मिलती है। किसी भी परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए गणेश रुद्राक्ष अत्यंत लाभकारी होता है। भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना जाता है इसलिए विद्यार्थियों को गणेश रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए।
गणेश रुद्राक्ष धारण करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है। इससे धन और वैभव में वृद्धि होती है।
गणेश रुद्राक्ष बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे धारण करने से विद्यार्थियों की एकाग्रता में वृद्धि होती है।
गणेश रुद्राक्ष धारण करने से बुध ग्रह के सभी नकारात्मक प्रभाव दूर हो जाते हैं। इसलिए इस रुद्राक्ष को बहुत ही चमत्कारी रुद्राक्ष माना जाता है।
गणेश रुद्राक्ष किसी के मार्ग में नकारात्मकता और बाधाओं को दूर करता है। यह पहनने वाले की भौतिकवादी इच्छाओं को पूरा करता है।
गणेश रुद्राक्ष शरीर को स्वस्थ और रोग मुक्त बनाता है। यह तनाव और डिप्रेशन से राहत दिलाता है। साथ ही यह चिंता को भी कम करता है।
गणेश रुद्राक्ष धारण करने से सभी प्रकार के क्लेशों से मुक्ति मिलती है। यह फलदायी रुद्राक्ष अनेक समस्याओं का स्वत: ही समाधान कर सकता है। गणेश रुद्राक्ष धारण करने वाला व्यक्ति जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करता है।
भगवान गणेश भगवान शिव के पुत्र हैं, इसलिए भगवान शिव और देवी पार्वती (महा देवी) का आशीर्वाद इसे धारणा करने से मिलता है।
गणेश रुद्राक्ष धारण करने से बुध के अशुभ प्रभाव से मुक्ति मिलती है।
यदि किसी व्यक्ति की याददाश्त कमजोर है या उसे अपने कार्यों को करने में एकाग्रता की कमी है तो उसे गणेश रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। गणेश रुद्राक्ष के शुभ प्रभाव से याददाश्त और एकाग्रता बढ़ती है।
गणेश रुद्राक्ष के द्वारा मानसिक समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को कोई मानसिक विकार या मानसिक रोग है तो उसे गणेश रुद्राक्ष धारण करने से लाभ होगा।
गणेश रुद्राक्ष धारण करने के बाद व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। साथ ही अगर आप अपने फैसले लेने में अटके हुए हैं तो आपको गणेश रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
गणेश रुद्राक्ष पर भगवान गणेश की कृपा होती है और इसे धारण करने वाले व्यक्ति को व्यापार में बहुत लाभ होता है। यह रुद्राक्ष स्वतः ही आपकी सफलता के मार्ग खोलता है। साथ ही अगर आप कोई नया व्यापार शुरू करने वाले हैं तो गणेश रुद्राक्ष धारण करने से आपको अधिक लाभ होगा।
 

 
K.W.N.S.-साल भर में 4 नवरात्र आती हैं। शारदीय नवरात्र के पश्चात् चैत्र नवरात्रि सबसे अहम है। इस बार चैत्र नवरात्र 22 मार्च से आरम्भ हो रही है। 22 से 30 मार्च तक पूरे 9 दिन मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाएगी।
22 मार्च को सूर्योदय के साथ नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होगी.
चैत्र नवरात्रि पूजन विधि:-
कलश स्थापना की विधि आरम्भ करने से पहले सूर्योदय से पहले उठें तथा स्नान करके साफ कपड़े पहनें. तत्पश्चात, एक साफ स्थान पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर माता रानी की प्रतिमा स्थापित करें. इस कपड़े पर थोड़े चावल रखें. एक मिट्टी के पात्र में जौ बो दें. इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करें. कलश पर स्वास्तिक बनाकर इसपर कलावा बांधें. कलश में साबुत सुपारी, सिक्का और अक्षत डालकर अशोक के पत्ते रखें. एक नारियल लें एवं उस पर चुनरी लपेटकर कलावा से बांधें. इस नारियल को कलश के ऊपर पर रखते हुए देवी दुर्गा का आवाहन करें. फिर दीप आदि जलाकर कलश की पूजा करें. नवरात्रि में देवी की पूजा के लिए सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश स्थापित किया जाता है.
मां दुर्गा के किस स्वरूप की किस दिन होगी पूजा?
1- नवरात्रि पहला दिन 22 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां शैलपुत्री पूजा (घटस्थापना)
2- नवरात्रि दूसरा दिन 23 मार्च 2023 दिन गुरुवार: मां ब्रह्मचारिणी पूजा
3- नवरात्रि तीसरा दिन 24 मार्च 2023 दिन शुक्रवार: मां चंद्रघंटा पूजा
4- नवरात्रि चौथा दिन 25 मार्च 2023 दिन शनिवार: मां कुष्मांडा पूजा
5- नवरात्रि पांचवां दिन 26 मार्च 2023 दिन रविवार: मां स्कंदमाता पूजा
6- नवरात्रि छठवां दिन 27 मार्च 2023 दिन सोमवार: मां कात्यायनी पूजा
7- नवरात्रि सातवं दिन 28 मार्च 2023 दिन मंगलवार: मां कालरात्रि पूजा
8- नवरात्रि आठवां दिन 29 मार्च 2023 दिन बुधवार: मां महागौरी
9- नवरात्रि 9वां दिन 30 मार्च 2023 दिन बृहस्पतिवार: मां सिद्धिदात्री