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भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा और निर्णायक वनडे मैच पुणे के एमसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। भारत ने अपनी प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव करते हुए कुलदीप यादव की जगह पर टी नटराजन को टीम में शामिल किया है। इंग्लैंड ने टॉम करन के स्थान पर मार्क वुड को टीम में रखा है। 
भारत का प्लेइंग XI: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत, केएल राहुल, क्रुणाल पांड्या, टी नटराजन, भुवनेश्वर कुमार, टी नटराजन, प्रसिद्ध कृष्णा।
इंग्लैंड का प्लेइंग XI: जेसन रॉय, जॉनी बेयरस्टो, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, डेविड मलान, लियाम लिविंगस्टोन, मोईन अली, सैम करन, मार्क वुड, रीस टोप्ले, आदिल राशिद। 

 
पंचायत तंत्र 24.com,भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर घर में कोविड-19 का पॉजिटिव मामला मिलने पर पृथकवास में चले गए है। उन्होंने भी हालांकि इसकी जांच कराई है लेकिन अभी नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। गंभीर ने ट्वीट किया, ‘घर में मामला (कोरोना वायरस) मिलने के बाद मैं पृथकवास पर हूं और अपनी जांच के नतीजे का इंतजार कर रहा हूं। मैं सभी से गुजारिश करता हूं कि सभी दिशानिर्देशों का पालन करें और इसे हल्के में ना लें। सुरक्षित रहे।’ दिल्ली के 39 साल के गंभीर ने 58 टेस्ट, 147 एकदिवसीय और 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह पूर्वी दिल्ली से सांसद भी है।
दिल्ली मे गुरुवार को कोविड-19 के रिकार्ड 6,700 से ज्यादा पॉजिटिव मामले मिले। बीमारी की चपेट में आने से इस दिन 66 लोगों की मौत भी हो गयी। दिल्ली में कोरोना वायरस के कुल मामले 4.16 लाख से ज्यादा हो गए है।
 

पंचायत तंत्र-स्पोर्ट्स डेस्क- अनिल कुंबले टीम इंडिया के पूर्व स्टार खिलाड़ी, पूर्व कप्तान, पूर्व हेड कोच और पूर्व दिग्गज फिरकी गेंदबाज, अनिल कुंबले एक ऐसे क्रिकेटर जिन्हें क्रिकेट की बहुत ज्यादा समझ है, और उन्होंने उस दौर में अपनी फिरकी गेंदबाजी का लोहा मनवाया जिस दौर में रिकी पोंटिंग, इंजमाम उल हक सरीखे धाकड़ बल्लेबाज, हुआ करते थे, जो फिरकी गेंदबाजों को भी खेलने में महारत रखते थे।
अनिल कुंबले की फिरकी गेंदबाजी की दुनिया कायल थी, हरभजन और कुंबले की जोड़ी को आज भी याद किया जाता है, दोनों ही फिरकी गेंदबाजों की जोड़ी ने टीम इंडिया को कई मैच में जीत दिलवाई, तो वहीं अनिल कुंबले ने तो एक टेस्ट मैच की एक ही पारी में 10 विकेट लेकर इतिहास बना दिया था जो आज भी याद किया जाता है जिसे अनिल कुंबले भी अपने क्रिकेट करियर का स्वर्णिम दिन मानते हैं।
कोटला में किया था कमाल
अनिल कुंबले ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में ये कमाल किया था साल 1999 को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में अनिल कुंबले ने पाकिस्तान के 10 बल्लेबाजों को अकेले ही पवेलियन वापस भेज दिया था। वर्ल्ड क्रिकेट में ऐसा करने वाले अनिल कुबंले दूसरे गेंदबाज बने थे, उनसे पहले ये एचीवमेंट इंग्लैंड के जिम लेकर ने हासिल किया था।
अभी हाल ही में अनिल कुंबले ने जिम्बाब्वे के एक पूर्व तेज गेंदबाज से सोशल मीडिया में बात की जिसमें उन्होंने अपने इस समय को याद किया, और उस वाकये का भी पूरा जिक्र किया, कुंबले ने कहा कि ये मेरे लिए काफी खास था, मेरे लिए तो ये ऐसा है जैसे ये सब कल ही हुआ हो, दो टेस्ट मैच की ये वो सीरीज थी जो भारत और पाकिस्तान लंबे समय बाद खेल रहे थे, पहला टेस्ट मैच चेन्नई में खेला गया था, जिसे हम 12 रन से हार गए थे, कोटला में जाते समय हमें पता था कि हमें जीतना होगा, उस दिन पिच कैसा व्यवहार कर रही थी उसका जिक्र करते हुए भी कुंबले कहते हैं कि जब विकेट का व्यवहार दोहरा होता है, उसमें असीमित उछाल होता है तो मैं ज्यादा प्रभावी होता हूं, अगर गेंद ज्यादा स्पिन भी न करे तो ये ज्यादा मायने नहीं रखता है, क्योंकि मैं असीमित उछाल का फायदा उठा सकता हूं, कुंबले ने इस रहस्य से भी पर्दा उठाया कि कैसे जवागल श्रीनाथ ने उनकी मदद 10 विकेट लेने में की थी।
अनिल कुंबले इसका जिक्र करते हुए कहते हैं कि लंच तक पाकिस्तान को अच्छी शुरुआत मिल चुकी थी, मुझे पता था कि ये एक विकेट की बात है लंच के बाद मैंने छोर बदला और फिर मुझे एक विकेट मिला, दूसरा विकेट मिला, और फिर मिलते चला गया विकेट की झड़ी लग गई। मैं लंच फिर टी ब्रेक तक गेंदबाजी करते चला गया, मैं थक चुका था, लेकिन मुझे पता था कि मेरे पास अपने प्रदर्शन को बेहतर करने का मौका है, क्योंकि मैं 6 पर 6 था, लंच के बाद मुझे 7,8,9 विकेट मिल गए, मैंने अपना ओवर खत्म किया, और श्रीनाथ आए, शायद इससे मुश्किल स्थिति में मैंने कभी गेंदबाजी नहीं की होगी,
अनिल कुंबले आगे कहते हैं कि श्रीनाथ को सब कुछ भूलना पड़ा था और बाहर गेंदबाजी करनी पड़ी, लेकिन मैंने उनसे कुछ नहीं कहा था, मैंने सोचा वसीम अकरम को एक रन दे देते हैं, मैंने सोचा मुझे एक ओवर में विकेट लेना होगा, क्योंकि एक और ओवर मांगना अच्छा नहीं लगता, मेरी किस्मत में शायद यही लिखा था, पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में एक मैच से पीछे रहना फिर ये सब होना विशेष था। 

 
 
पंचायत तंत्र – वेबडेस्क।  भले ही आज सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता हो, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. एक समय सचिन के जीवन में ऐसा भी आया, जब उन्हें ये लगने लगा कि वो इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के काबिल ही नहीं हैं. तब उनकी मदद टीम इंडिया के मौजूदा कोच रवि शास्त्री ने की. शास्त्री ने उस मुश्किल समय में सचिन तेंदुलकर का साथ दिया और उनकी मदद की. इस बात का खुलासा खुद सचिन ने किया है ।
सचिन का टेस्ट डेब्यू 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ हुआ. अपने पहले ही मैच में सचिन को इमरान खान, वसीम अकरम और वकार यूनिस जैसे दिग्गज गेंदबाजों का सामना करना पड़ा. पहले टेस्ट में सचिन के लिए कुछ ठीक नहीं रहा. सचिन को लगा कि पहला टेस्ट मैच ही उनके जीवन का आखिरी टेस्ट मैच बन जाएगा, लेकिन फिर रवि शास्त्री ने उनकी मदद की. इसके बाद सबकुछ बदल गया और फिर मास्टर ब्लास्टर ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा ।
सचिन ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ”मुझे यह मानना पड़ेगा कि मैंने पहला टेस्ट मैच ऐसे खेला, जैसे कि मानो मैं स्कूल मैच खेल रहा था. इमरान, वसीम और वकार तेजी से गेंदबाजी कर रहे थे और वो मुझे छोटी गेंदों से डरा रहे थे. मैंने ऐसा कुछ पहले कभी नहीं महसूस किया था, इसलिए पहला मैच सुखद नहीं था. उनकी गति और बाउंस से मैं मात खा गया और आखिरकार मैं 15 रन पर आउट हो गया. ऐसा लगा कि यह मेरा पहला और आखिरी मैच था. मैं बहुत उदास था ।
जब निकलने वाले थैसचिन के आंसू
इसके आगे तेंदुलकर ने कहा, ”मैं ऐसे सोच रहा था कि तुमने क्या किया, तुमने ऐसा क्यों खेला और जब मैं ड्रेसिंग रूम में पहुंचा तो मैं सीधे बाथरूम में गया और मेरे आंसू निकलने ही वाले थे. मुझे लगा कि मैं बिलकुल अच्छा नहीं था. मैंने खुद से सवाल किए और कहा कि ऐसा लगता है कि यह पहला और अंतिम मुकाबला होगा. मुझे लगा कि मैं इस स्तर पर खेलने के लिये अच्छा नहीं हूं. मैं निराश और हताश था ।
शास्त्री के मंत्र ने बदली ज़िंदगी
तेंदुलकर की परेशानी उनके सीनियर खिलाड़ी भांप गए थे और फिर शास्त्री ने उनसे बात की. शास्त्री ने उन्हें एक ऐसा सुझाव दिया जिसके बाद सचिन की लाइफ पूरी तरह से बदल गई. सचिन ने कहा, ”टीम के साथियों को यह एहसास हुआ. मुझे अभी भी शास्त्री के साथ हुई बातचीत याद है. उन्होंने मुझसे कहा कि आपने ऐसा खेला जैसे कि यह एक स्कूल मैच हो. आपको याद रखना होगा कि आप सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ खेल रहे हो. आपको उनकी क्षमता और उनके कौशल का सम्मान करने की जरूरत है ।
सचिन ने कहा, ”तब मैंने रवि से कहा कि मैं पाकिस्तानी गेंदबाजों की गति से मात खा जाता हूं. उन्होंने मुझसे कहा कि ऐसा होता है और आपको घराबने की जरूरत नहीं है. आपको बस आधे घंटे क्रीज पर बिताने की जरूरत है और तब आप उनकी गति के साथ तालमेल बिठा पाएंगे और सबकुछ सही हो जाएगा ।
काम आई शास्त्री की सलाह
शास्त्री की ये सलाह न सिर्फ अगले मैच में सचिन के काम आई, बल्कि पूरे करियर के दौरान उन्होंने इस फॉर्मूले को अपनाया. इसके बाद अपने दूसरे टेस्ट मैच में सचिन ने 59 रनों का पारी खेली थी. ये टेस्ट मैच फैसलाबाद में खेला गया था. सचिन ने 22 गज़ की पट्टी पर 24 साल तक क्रिकेट खेला और उनके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज़्यादा 100 शतक लगाने का रिकॉर्ड है ।
अगर शास्त्री सचिन को वो सलाह न देते तो शायद तेंदुलकर इतने बड़े बल्लेबाज़ न बन पाते. क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट में शुरूआत ही काफी मुश्किल होती है, लेकिन जब एक बार खिलाड़ी सेट हो जाता है तो फिर वो अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाता है और ऐसा ही सचिन के साथ भी हुआ ।

 
मल्टीमीडिया डेस्क। भारतीय ओपनर रोहित शर्मा के लिए मैनचेस्टर में क्रिकेट वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच यादगार बन गया। रोहित ने इस मैच में शानदार अर्द्धशतक जड़ा। उन्होंने अपने इंटरनेशनल वनडे करियर में पहली बार लगातार पांचवीं फिफ्टी लगाई।
रोहित ने वर्ल्ड कप के इस महामुकाबले में 34 गेंदों में 6 चौकों और 2 छक्कों की मदद से फिफ्टी लगाई। उन्होंने शादाब खान की गेंद पर चौका लगाकर फिफ्टी पूरी की। उन्होंने अपने 209 इंटरनेशनल वनडे मैचों के करियर में पहली बार लगातार पांच मैचों में फिफ्टी प्लस (50 से ज्यादा रन) स्कोर बनाया।
उन्होंने इस शानदार सफर की शुरुआत 10 मार्च 2019 को मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 95 रन बनाकर की थी। उन्होंने इसके बाद दिल्ली में 13 मार्च को 56 रन बनाए। रोहित ने वर्तमान वर्ल्ड कप में साउथम्पटन में द. अफ्रीका के खिलाफ नाबाद शतक (122) जड़ा। रोहित ने इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 57 रन बनाए। अब पाकिस्तान के खिलाफ फिफ्टी पूरी करते ही रोहित ने यह खास मुकाम हासिल कर लिया।
रोहित का पाक के खिलाफ शानदार प्रदर्शन
रोहित का यह पाकिस्तान के खिलाफ 17वां मैच है। उन्होंने पाक के खिलाफ 1 शतक और 7 अर्द्धशतक लगाए हैं। इस मैच से पहले उन्होंने पाक के खिलाफ 16 मैचों में 45.69 की औसत से 594 रन बनाए थे।

 
मुंबई । इंग्लैंड में चल रहे क्रिकेट विश्वकप में विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी कटार निशान वाले ग्लब्स पहने रह सकते हैं. आईसीसी की आपत्ति पर बीसीसीआई ने स्पष्टीकरण देते हुए निशान वाले ग्लब्स के लिए अनुमति मांगी है। 
बता दें कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए भारत के शुरुआती मैच में विकेटकीपर धोनी ने अपने पैराशूट रेजीमेंट के निशान ‘कटार’ लगा हुआ ग्लब्स पहना था. इस पर आपत्ति जताते हुए आईसीसी ने बीसीसीआई से इस निशान को हटाने कहा था. मामले में बीसीसीआई के प्रशासकों की समिति (CoA) के प्रमुख विनोद राय ने शुक्रवार को कहा कि बीसीसीआई ने औपचारिक तौर पर आईसीसी को पत्र लिखा है. आईसीसी के नियमों के मुताबिक, खिलाड़ी कोई व्यावसायिक, धार्मिक या सैन्य प्रतीक चिन्ह धारण नहीं कर सकते. जहां तक हम समझ रहे हैं कि इस मामले में कहीं व्यावसायिक या धार्मिक वाली बात नहीं है. धोनी के ग्लब्स में पैरामिलेट्री रेजीमेंट का निशान भी नहीं खुदा है. इस लिहाज से धोनी आईसीसी के नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं। 
विनोद राय का यह स्पष्टीकरण इस लिहाज से भी सही है क्योंकि पैराशूट रेजीमेंट के निशान में कटार के साथ बलिदान शब्द लिखा है, जबकि धोनी ने जो ग्लब्स पहना हुआ था उसमें केवल कटार का निशान है. लेकिन आईसीसी अगर नियमों के मुताबिक चले तो बीसीसीआई का यह तर्क अगले मैच में काम नहीं आएगा. इस पर जब राय से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरी समझ में आईसीसी ने आग्रह किया है, निर्देश नहीं दिया है. वैसे भी बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी आस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले मैच से पहले इंग्लैंड जा रहा है, और आईसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। 

इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार को पहले अभ्यास मैच में भी ख्वाजा चोटिल हो गये थे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा था। आस्ट्रेलिया ने यह मैच 12 रन से जीता था।   
साउथम्पटन । ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच के दौरान सोमवार को यहां चोटिल हो गये। ख्वाजा के बायें घुटने पर क्षेत्ररक्षण करते समय चोट लगी और उन्हें लड़खड़ाते हुए मैदान छोड़ना पड़ा । 
इंग्लैंड के खिलाफ बुधवार को पहले अभ्यास मैच में भी ख्वाजा चोटिल हो गये थे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा था। आस्ट्रेलिया ने यह मैच 12 रन से जीता था। 
इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान बल्लेबाजी करते समय ख्वाजा के जबड़े पर चोट लगी थी लेकिन स्कैन से पता चला था कि फ्रैक्चर नहीं है। बायें हाथ के इस बल्लेबाज का आस्ट्रेलिया के अफगानिस्तान के खिलाफ एक जून को होने वाले विश्व कप मैच में खेलना संदिग्ध है। 

मल्टीमीडिया डेस्क । रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर (आरसीबी) के कप्तान विराट कोहली ने बेंगलुरु में गुरुवार को आईपीएल 2019 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ खास मुकाम हासिल किया। विराट इस टी20 लीग के इतिहास में 5000 रन पूरे करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए।
विराट ने 165वें मैच की 157वीं पारी में 5000 रन पूरे किए। उन्होंने इससे पहले 164 मैचों की 156 पारियों में 38.10 की औसत से 4954 रन बनाए थे। उन्हें इस मंजिल तक पहुंचने के लिए 46 रनों की आवश्यकता थी। विराट ने गुरुवार को मुंबई के जसप्रीत बुमराह द्वारा डाले गए पारी के 14वें ओवर की दूसरी गेंद पर 1 रन लेकर अपने स्कोर को 46 पर पहुंचाते हुए इस खास मुकाम को हासिल किया।
चेन्नई सुपर किंग्स के सुरेश रैना आईपीएल इतिहास में 5000 रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे। उन्होंने 23 मार्च को चेन्नई में आरसीबी के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने 177वें मैच की 172वीं पारी में इस मुकाम को हासिल किया था। विराट ने 165वें मैच की 157वीं पारी में इस मंजिल पर पहुंचकर रैना को पीछे छोड़ दिया। विराट 46 के स्कोर पर बुमराह की गेंद पर हार्दिक पांड्या को कैच दे बैठे। रैना 178 मैचों की 174 पारियों में 34.24 की औसत से 5034 रन बना चुके हैं।
कोहली ने आईपीएल में 4 शतक और 34 अर्द्धशतक लगाए हैं। उन्होंने ये चारों शतक 2016 के सत्र में लगाए थे। कोहली को आईपीएल के इस सत्र से पहले 5000 रन पूरे करने के लिए 52 रनों की दरकार थी लेकिन वे शनिवार को सीएसके के खिलाफ पहले मैच में मात्र 6 रन ही बना पाए थे।
आईपीएल में सबसे ज्यादा रन
5034 सुरेश रैना (सीएसके)
    5000 विराट कोहली (आरसीबी)
    4555 रोहित शर्मा (मुंबई इंडियंस)
    4231 रॉबिन उथप्पा (केकेआर)
    4217 गौतम गंभीर (दिल्ली)
विराट के खास पड़ाव
    1000 रन 45वीं पारी (2011)
    2000 रन 79वीं पारी (2013)
    3000 रन 110वीं पारी (2015)
    4000 रन 128वीं पारी (2016)
    5000 रन 157वीं पारी (2019)

कोलकाता । कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच बुधवार को आईपीएल 2019 में संघर्षपूर्ण मुकाबला होने की उम्मीद है। दोनों टीमें अपने-अपने शुरुआती मैच जीत चुकी है और लगातार दूसरी जीत दर्ज करने के लिए बेताब होंगी।
कोलकाता ने पहले मैच में मजबूत सनराइजर्स हैदराबाद को हराया था। इस मैच में आंद्रे रसेल ने अंतिम क्षणों में तूफानी पारी खेल अपनी टीम को जीत दिलाई थी। दूसरी तरफ किंग्स इलेवन ने जयपुर में राजस्थान रॉयल्स को हराकर विजयी आगाज किया था। यह मैच रविचंद्रन अश्विन द्वारा जोस बटलर को मनकडिंग तरीके से आउट किए जाने के लिए सुर्खियों में रहा था लेकिन इस मैच में क्रिस गेल ने विस्फोटक अर्द्धशतक लगाया था। केकेआर और किंग्स इलेवन के मैच को दो कैरेबियाई खिलाड़ियों क्रिस गेल और आंद्रे रसेल की भिड़ंत के रूप में देखा जा रहा है।
किंग्स इलेवन का केकेआर के खिलाफ रिकॉर्ड खराब रहा है और अश्विन की टीम इस मैच को जीतकर अपने इस रिकॉर्ड को सुधारना चाहेगी। इन टीमों के बीच अभी तक हुए 23 मैचों में से केकेआर ने 15 मैचों में जीत दर्ज की जबकि किंग्स इलेवन 8 मैच ही जीत पाया है। केकेआर ने अपने इस घरेलू मैच में अधिकांश मैच लक्ष्य का पीछा करते हुए जीते हैं। उसकी ताकत उसकी स्पिन तिकड़ी (सुनील नरेन, कुलदीप यादव और पीयूष चावला) है। इसी तरह किंग्स को भी अपने स्पिनरों अश्विन और मुजीब से दमदार गेंदबाजी की उम्मीद रहेगी।
टीमें (संभावित) – कोलकाता नाइटराइडर्स : क्रिस लिन, सुनील नरेन, रॉबिन उथप्पा, नीतीश राणा, शुभमन गिल, दिनेश कार्तिक (कप्तान), आंद्रे रसेल, पीयूष चावला, कुलदीप यादव, लोकी फर्ग्यूसन, प्रसिद्ध कृष्ण।
किंग्स इलेवन पंजाब : क्रिस गेल, केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, सरफराज खान, निकोलस पूरन/डेविड मिलर, मनदीप सिंह, एंड्रयू टाई/सैम कुरैन, रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी, मुजीब उर रहमान, अंकित राजपूत।

मल्टीमीडिया डेस्क । किंग्स इलेवन पंजाब के विस्फोटक ओपनर क्रिस गेल के लिए आईपीएल 2019 की शुरुआत शानदार रही थी जब उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अर्द्धशतकीय पारी खेली थी। इस कैरेबियाई क्रिकेटर ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के धमाकेदार प्रदर्शन को जयपुर में भी जारी रखा और अब वे एक खास उपलब्धि के करीब पहुंच गए हैं। गेल आईपीएल इतिहास में 300 छक्के लगाने वाले दुनिया का पहला बल्लेबाज बनने से मात्र 4 कदम दूर है।
गेल आईपीएल में 113 मैचों की 112 पारियों में 296 छक्के लगा चुके हैं। उन्होंने इस दौरान तीन फ्रेंचाइजियों कोलकाता नाइटराइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर और किंग्स इलेवन पंजाब का प्रतिनिधित्व किया है। वे इस दौरान 41.56 की औसत से 4073 रन बना चुके हैं। इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 175 रहा है जो उन्होंने 2013 में बेंगलुरु में आरसीबी की तरफ से पुणे वॉरियर्स के खिलाफ बनाया था।
गेल ने इस सत्र की शुरुआत में राजस्थान के खिलाफ पारी में 8 चौके और 4 छक्के जड़े। वे अब 4 छक्के और लगाने के साथ ही आईपीएल में 300 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। इस मामले में वे दुनिया के अन्य दिग्गज बल्लेबाजों से कितना आगे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अन्य कोई बल्लेबाज 200 छक्के भी नहीं लगा पाया है। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के महेंद्रसिंह धोनी 187 छक्कों के साथ दूसरे स्थान पर है। उन्होंने 177 मैचों की 159 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी।
आरसीबी के एबी डीविलियर्स और सीएसके के सुरेश रैना 186-186 छक्के लगाकर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर है। मुंबई इंडियंस के रोहित शर्मा184 छक्कों के साथ चौथे और आरसीबी के विराट कोहली 177 छक्कों के साथ पांचवें स्थान पर है। किंग्स इलेवन को बुधवार को कोलकाता में कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) से खेलना है और गेल के पास इस मैच में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने का मौका है।