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 रायपुर ।   राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा है कि जनजाति समाज के लोगों को दलगत भावना से ऊपर उठकर समाज हित में कार्य करना चाहिए, जिससे जनजाति समाज का वांछित विकास हो सके। उइके ने यह विचार कल आदिवासी सेवा मण्डल द्वारा भोपाल के शहीद भवन में उनके सम्मान में आयोजित सम्मान समारोह में व्यक्त की। इस अवसर पर आदिवासी सेवा मण्डल भोपाल द्वारा छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके का सम्मान किया गया।
राज्यपाल उइके ने कहा कि पहले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष के पद पर रहते हुए मैंने देश के जनजाति समाज की समस्याओं को सुलझाने का हर संभव प्रयास किया और शोषितों को न्याय भी दिलाया। मुझे छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया, यह मेरा ही नहीं बल्कि पूरे आदिवासी समाज का सम्मान है। उन्होंने कहा कि मुझे जिस विश्वास से छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, उस विश्वास को कायम रखने के लिए मैं हरसंभव प्रयास करूंगी। उइके ने कहा कि जनजाति समाज के सदस्य होने के नाते जनजाति समाज के विकास के लिए मुझसे जो भी संभव होगा, उन्हें मैं पूरा करने का प्रयास करूंगी। उन्होंने कहा कि जब तक मेरा जीवन है, तब तक मैं जनजाति समाज की सेवा करती रहुंगी।
उइके ने कहा कि जनजाति समाज मान और सम्मान से जीता है। उन्होंने कहा कि मैंने जनजाति समाज की उपेक्षा देखी है और उसे दूर करने के लिए आवश्यक प्रयास करूंगी। सुश्री उइके ने कहा कि राज्यपाल के पद तक पहुंचने और सफलता का श्रेय जनजाति समाज को जाता है। उन्होंने आदिवासी सेवा मण्डल भोपाल द्वारा उनका सम्मान समारोह आयोजित करने के प्रतिउत्तर में कहा कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ की समस्याओं को दूर करने में सफलता मिलेगी। इस अवसर पर सांस्कृतिक दलों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। राज्यपाल उइके ने इस अवसर पर मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले सभी कलाकारों को बधाई दी। इस अवसर पर योगेन्द्र सिंह (बाबा) और आदिवासी सेवा मण्डल की प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रभाग चन्द्रा सर्वटे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर संयुक्त आदिवासी सामाजिक संगठन भोपाल के अध्यक्ष श्री विपिन टोप्पो और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे। अंत में आदिवासी सेवा मण्डल के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर सिंह ठाकुर ने आभार व्यक्त किया।

 
 
रायपुर ।  शिक्षाकर्मियों के संविलियन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने शिक्षाकर्मियों के अनुकंपा नियुक्ति के मामले को लेकर सीएम भूपेश बघेल को एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में सिंहदेव ने लिखा है कि शिक्षाकर्मियों के अनुकंपा नियुक्ति देने के नियमों को शिथिल कर परिवार के आश्रित सदस्यों की अनुकंपा नियक्ति दिया जाए। बता दें प्रदेश में अब तक शिक्षाकर्मियों के परिजनों की अनुकंपा नियुक्ति के 700 प्रकरण लंबित हैं।
बताया जा रहा है कि पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने अपने पत्र में नियमों को शिथिल कर शिक्षाकर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। सिंहदेव ने अपने पत्र में लिखा है कि शिक्षाकर्मियों के परिवार के आश्रित सदस्यों ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में प्रचलित नियमों के चलते परजिनों की अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालात ऐसे हैं कि परिवार के आश्रित सदस्यों के भरण पोषण के लिए कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
 

 
रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नई दिल्ली में आयोजित समारोह में बी.पी. मण्डल सामाजिक न्याय रत्न से सम्मानित करते हुए उनका जन अभिनंदन किया गया। श्री बघेल को छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाने के फैसले के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। सामाजिक न्याय के प्रणेता और पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री बी.पी. मंडल की जयंती के अवसर पर आज नई दिल्ली के कॉन्स्टिटूशन क्लब में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व राज्य सभा सांसद श्री शरद यादव ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को बी पी मंडल सामाजिक रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि, वर्षों से जिन्होंने संविधान सम्मत अधिकारों की रक्षा के लिए अपना खून-पसीना बहाया है उनके ‘दु:ख के दिन बीत गए हैÓ। 25 अगस्त सामाजिक न्याय के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मंडल आयोग की रिपोर्ट के रचयिता बीपी मंडल जी की आज जयंती है। संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने आज के ही दिन अगर मेरा सम्मान करने का फैसला किया है तो यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है और मेरे लिए भावुक कर देने वाला पल है। श्री बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण बढ़ाए जाने पर यह सम्मान उन्हें प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि, संविधान के अनुच्छेद-340 को लागू करते हुए सामाजिक न्याय का जो पहलू छूट गया था, वह मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने के साथ आज से 26 साल पहले एक हद तक पूरा हुआ था। मंडल साहब की सिफारिशों का जो हिस्सा ठीक तरह से लागू नहीं हुआ था, हमने छत्तीसगढ़ में उसे पूरा करने की कोशिश की है। दरअसल मैंने कोई खास काम नहीं किया है, बस संविधान की सिफारिशों को ठीक तरह से लागू करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि, गांधी-नेहरु की सर्वजन हिताए नीतियों पर विश्वास हमारी प्राथमिकता है। कार्यक्रम का आयोजन संविधान बचाओ संघर्ष समिति द्वारा किया गया था।
कार्यक्रम में राज्य सभा सांसद पी.एल. पुनिया, शरद यादव, संविधान बचाओ संघर्ष समिति के अनिल जय हिंद, मुख्यमंत्री के पिता नंदकुमार बघेल सहित अन्य गणमान्य नागरिक गण भी उपस्थित थे।

रायपुर । मुख्यमंत्री 8 सितंबर पर शिक्षा के मुद्दे पर रेडियो पर अपनी बातें कहेंगे। मुख्यमंत्री अपने लोकवाणी कार्यक्रम के जरिये इस रविवार मुखातिब होंगे, तो वो युवाओं और शिक्षा के मुद्दों पर बात कहेंगे। इस कार्यक्रम के जरिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समाज के हर वर्ग की भावनाओं, सवालों, और सुझावों से अवगत होने तथा अपने विचार साझा करने के लिए लोकवाणी रेडियोवार्ता शुरू की है। लोकवाणी की दूसरी कड़ी का प्रसारण 8 सितंबर रविवार को होगा। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थिति आकाशवाणी के सभी केन्द्रों तथा एफ. एम. चैनलों से सुबह 10.30 से 10.55 बजे तक होगा। लोकवाणी में युवा और शिक्षा विषय पर मुख्यमंत्री अपनी बातें रखेंगे, जिसके लिए कोई भी व्यक्ति आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नम्बर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर आगामी 28, 29 एवं 30 अगस्त को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच अपनी बात रिकार्ड करा सकते है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के जरिये शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने, शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और शिक्षकों को क्या कुछ मुख्यमंत्री नसीहत देते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

 
 
रायपुर  । स्कूली शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह के ओएसडी राजेश सिंह के खिलाफ शिकायतों का सिलसिला नहीं रुक रहा है. शनिवार को कांग्रेस के विधायकों ने शिकायत थी. तो इतवार को कांग्रेस के पदाधिकारियों ने राजेश सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के पदाधिकारियों ने इतवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से राजेश सिंह की शिकायत करके कार्रवाई की मांग की. इस पर बघेल ने उन्हें आश्वस्त किया है।
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कांग्रेस पदाधिकारियों ने शिकायत की कि प्रेमसाय सिंह के यहां उनके काम नहीं हो रहे हैं. कांग्रेस पदाधिकारियों ने शिकायत की कि कई ट्रांसफर ही नहीं विकास के काम भी रुके हुए हैं. सभी ने एक सुर में इसके लिए उनके ओएसडी राजेश सिंह को जिम्मेदार ठहराया.
सूत्रों के मुताबिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि विधायकों ही नहीं कई मंत्रियों के काम राजेश सिंह ने रोक दिए. कार्यकर्ताओं ने इस बात की भी शिकायत की है कि राजेश सिंह भाजपा से जुड़े हुए हैं. वे सरगुजा में बीजेपी के कद्दावर नेता अनिल सिंह मेजर के चचेरे भाई हैं. उनके करीबी ताल्लुक जूदेव परिवार से रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक इस जानकारी पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैरान भी हुए. पदाधिकारियों के मुताबिक उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन मिला है. बताया जा रहा है कि दिल्ली से लौटने के बाद इस मसले को लेकर वे मंत्री प्रेमसाय सिंह से बात कर सकते हैं।
गौरतलब है कि शनिवार को करीब आधा दर्जन विधायक मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह के पास पहुंचे थे और उन्हें अपना काम न होने पर जमकर सुनाया था. सबने ओएसडी राजेश सिंह के बने रहने पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई थी. इस बात से विधायकों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी अवगत कराया था।

 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री को प्रतिनिधि ने व्यापारजगत के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री बघेल को इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिकृति भी भेंट की।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि ग्राहकों की जेब में पैसा होने पर उत्पाद की बिक्री होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को कर्ज के बोझ का भार हठाया है। प्रदेश की अर्थ व्यवस्था को गति देने के लिए किसानों को धान का प्रति क्विंटल ढाई हजार रूपए और अल्प कालीन कृषि ऋण मुक्ति का ऐतिहासिक फैसला लिया है, इससे जहां उद्योग और व्यापार जगत में तेजी आयी है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जहां मंदी का माहौल है, वहीं छत्तीसगढ़ में 26 प्रतिशत की उछाल देखा गया है। मध्यम और कमजोर वर्ग को राहत देने के लिए भूमि की गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। साथ ही 5 डिसमिल से छोटे भू-खंडों की रजिस्ट्री पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है। नामांतरण, डायवर्सन और बटांकन का सरलीकरण किया गया है। प्रकरणों को लोक सेवा गारंटी योजना में शामिल कर समय सीमा में निराकरण करने से शहरों में मकान और भूखंड खरीदना आसान हो गया है। अब किसी भी आवासीय प्रोजेक्ट के लिए जरुरी सभी तरह की एनओसी लेने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का फैसला लिया गया है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष प्रवीण जैन सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 
 
 
 रायपुर । छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के सांसद 150 किमी तक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तर्ज पर ‘दांडी मार्च’ करेंगे। यात्रा के दौरान सांसद आम जनता तक गांधीजी के संदेश देंगे और लोगों की शिकायतों और सुझावों की रिपोर्ट तैयार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेगे। सासंदों की यह दांडी यात्रा 2 अक्टूबर से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के भाजपा सांसदों को पैदल यात्रा का टास्क दिया है।
 जिसके चलते छत्तीसगढ़ में भी भाजपा सांसदों को 150 किमी पदयात्रा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीजेपी के 9 सांसदों को पैदल यात्रा का प्रारूप बनाने को कहा गया। यात्रा के दौरान सभी सांसदों को गांधी जी के संदेशों को आमजनों तक पहुंचाना होगा साथ ही लोगों की समस्याओं, शिकायतों और सुझाव के आधार पर एक रिपोर्ट ​तैयार कर प्रधानमंत्री को सौंपनी होगी। इसके आधार पर सांसदों की परफॉर्मेंस भी तैयार होगी।

रायपुर ।  बृजमोहन अग्रवाल ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन पर संवेदना प्रकट की, कहा-  भाजपा के हमारे वरिष्ठ नेता पूर्व वित्त मंत्री श्रध्येय #ArunJaitley जी के निधन की खबर हृदय विदारक है। सुप्रीम कोर्ट के एक सफल वकील, एक जनप्रिय राजनेता व बेहतर संगठनकर्ता के रूप में वे सदा याद किए जाएंगे। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। ॐशांति…

 

 

रायपुर । राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली के निधन पर दुःख जताया, कहा- भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली जी के निधन से स्तब्ध हूँ, आज देश ने एक आदर्श नेता खो दिया, उनकी रिक्तता पूर्ति असम्भव है। ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने चरणो में स्थान दे। ॐ शान्ति शान्ति

 रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर में सुगम आवागमन के लिए उरकुरा-सरोना बायपास रेल लाईन के मध्य रेलवे क्रासिंग पर 51 करोड़ 62 लाख रु की लागत से नवनिर्मित गोंदवारा रेलवे ओव्हरब्रिज का लोकार्पण किया ।
इस मौके पर सीएम भूपेश ने कहा कि लंबे समय से ओवरब्रिज की मांग थी, आज इसकी शुरुआत हो गयी. 52 करोड़ की लागत से ब्रिज बना है. आवागमन की किसी को दिक्कत नहीं होगी. भौगोलिक दृष्टिकोण से हम तमिलनाडु और केरल से बड़े हैं ।
सीएम ने कहा- विकास की बात होनी चाहिए. मैं इससे सहमत हूं, लेकिन पीएम मोदी के आने के बाद सड़क बनाने और विकास कार्यों के लिए 100 फीसदी की राशि को 60-40 फीसदी कर दिया. उन्होंने मंच पर बैठे सांसद सुनील सोनी से मुखातिब होते हुए कहा कि आप सभी सांसद पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री से मिलकर इस राशि को शत-प्रतिशत कराने का दबाव डाला जाए ।
मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. बीजेपी के जो लोग जल्दबाजी में इसका उद्घाटन कर आये उन्हें उद्घाटन के लिए जल्दबाजी थी. ये सड़क तो दो फिट धंस गयी ।