रायपुर । मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर के निधन पर छत्तीसगढ़ भाजपा ने भी श्रद्धांजलि दी है. पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह ने बाबूलाल गौर से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए उन्होंने श्रद्धांजलि दी है. डाक्टर रमन सिंह ने कहा कि हम सबके लिए यह दुखद समाचार है. हमारे वरिष्ठ नेता, जिन्होंने न जाने कितने दायित्व का निर्वहन किया. एक सामान्य मजदूर की हैसियत से मजदूर यूनियन में काम करते हुए राजनीतिक जीवन यात्रा शुरू की. निर्दलीय रूप में विधायक निर्वाचित होने के बाद अपराजेय की तरह विधानसभा में अपना स्थान बनाया. अलग-अलग मंत्रीमंडल में मंत्री की हैसियत से संयुक्त मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ का विकास किया. भोपाल का जो नवनिर्माण हुआ है, वह शहरी विकास की कल्पना बाबूलाल गौर में थी. शहरों के विकास के लिए पूरे प्रदेश में एक कार्य योजना बनाई। उन्हें आज भी बुलडोजर मंत्री के रूप में याद किया जाता है. शहर के सौंदर्यीकरण के लिए काम किया ।
उन्होंने कहा उस वक्त जब बाबूलाल गौर जिस सड़क से निकल जाते थे, तब लोगों को लगता था कि अब इस सड़क का चौड़ीकरण होगा. बिना झुके बिना दबाव में आए भोपाल को तैयार किया. डाक्टर रमन सिंह ने कहा कि वह दौर था जब पूरे प्रदेश में विकास और निर्माण कार्य़ किया. अलग-अलग दायित्व मिला. मुख्यमंत्री भी रहे. छत्तीसगढ़ से लगातार उनका संपर्क रहा. उनका हमेशा हमे मार्गदर्शन मिला. मेरा सौभाग्य है कि उनके साथ विधायक के नाते काम करने का अवसर मिला. क्षेत्र के विकास की प्राथमिकता उनकी हमेशा रही है. प्रदेश की राजनीति में बाबूलाल गौर का अलग- स्थान रहा है. उसे कोई नहीं भर सकता. पक्ष विपक्ष के साथ बेहतर तालमेल बनाने की कला उनमें थी. रमन ने कहा कि बाबूलाल गौर जब नगरीय प्रशासन मंत्री थे, मैं उनसे मिलने गया था. उस वक्त कवर्धा में फायर ब्रिग्रेड नहीं था. मैं उनके आफिस में गया कहा कि फायर ब्रिगेड के लिए कवर्धा के लोगों की डिमांड है. उन्होंने कहा कि कवर्धा से वाहन चालक बुला लो. मैं आज ही स्वीकृत करता हूं. यदि आज आ जाता है, तो आज ही लेकर चले जाए. काम करने की ऐसी ललक थी. उनसे मेरा पारिवारिक रिश्ता रहा है ।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बाबूलाल गौर दुखद निधन का समाचार स्तब्ध करने जैसा है. राजनीति में आजातशत्रु उन्हें कह सकते हैं. लगातार जिन्होंने चुनाव जीता. एक जनप्रतिनिधियों के रूप में लोगों का प्रेम और आशीर्वाद मिला. वहां के मतदाताओं ने अपना एक जनप्रतिनिधि नहीं बल्कि एक मसीहा को खोया है. पूरा क्षेत्र शोक संतप्त है. उनकी कार्यपद्धति के प्रति लोगों का अटूट विश्वास था. भोपाल में सौंदर्यीकरण के नाम पर जब तोड़फोड़ हुई तब बीजेपी के भीतर यह संशय़ हुआ था कि आने वाले चुनाव में क्या स्थिति बनेगी, लेकिन उससे ज्यादा रिकार्ड वोटों से उन्होंने चुनाव जीता. पूरे प्रदेश में बुलडोजर मंत्री के रूप में बाबूलाल गौर को प्रसिद्धि मिली. मध्यप्रदेश में हमे उनके साथ काम करने का अवसर मिला. सत्ता में हो या विपक्ष में वह हर किसी के प्रिय नेता रहे हैं. भारतीय मजदूर संघ में काम करते हुए उन्होंने मजदूरों के शोषण के विरूद्ध उन्होंने संघर्ष किया. संगठन में अनेकों दायित्वों का उन्होंने निर्वहन किया. उनमें अद्भूत क्षमता थी, कुशलता थी. बड़े नेता होने के बावजूद छोटे कार्यकर्ताओं के प्रति बेहद सहज थे. संगठन के विकास के लिए कैसे कार्यकर्ताओं से बेहतर ढंग से काम लेना है, यह कौशल उनमें था. छोटे से कार्यकर्ता से लेकर मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे. कद्दावर, विश्वसनीय नेता को आज सबने खो दिया. मैंने जीवन में कभी नहीं देखा की बाबूलाल गौर से कोई नाराज रहा हो. यह बीजेपी के लिए अपूरणीय क्षति है ।