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लोरमी। भाजपा नेता ने गुड़ फैक्टरी में पांच नाबालिग लड़की सहित 11 बैगा मजदूरों को बंधक बना लिया था। परिजन ने इसकी सूचना चिल्फी चौकी को दी। इस पर एसडीओपी तेजराम पटेल, नायब तहसीलदार मुकेश देवागंन, लेबर इंस्पेक्टर जीआर आर्मो मौके पर पहुंचे और सभी मजदूरों को मुक्त कराया। लोरमी क्षेत्र के ग्राम गोल्हापारा में शत्रुहन साहू गुड़ फैक्टरी चलाता है।
काम की अधिकता को देखते हुए उसने बिजराकछार पंचायत के पांच नाबालिग लड़कियों सहित 11 बैगा मजदूरों को काम कराने के लिए एक माह पहले लेकर आया था। उनसे प्रतिदिन बेतहाशा काम कराया जा रहा था। बैगा बच्चों से परिजन मिलने के लिए आते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं देता था।
न तो देता था और न ही ढंग से भोजन देता था। लड़कियां काफी परेशान थीं। छुड़ाने के बाद उनका और बैगा श्रमिकों का स्वस्थ्य परीक्षण कराया गया। संचालक के खिलाफ लेबर इंस्पेक्टर आर्मों कार्रवाई कर रहे हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार पहली से पांचवीं तक सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब न सिर्फ किताबें, बल्कि निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी नोटबुक (कॉपियां) भी देगी। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के प्रॉफिट फंड से कार्पोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के तौर पर 22 लाख बच्चों के लिए नोटबुक तैयार कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी स्कूल में ज्यादातर बीपीएल परिवार के बच्चे पढ़ते हैं। उनके लिए किताबें तो मुफ्त में मिल जाती हैं पर कॉपियां नहीं मिलतीं। ऐसे बच्चों के लिए यह योजना वरदान साबित होगी।
सीखने और सिखाने का पैमाना पहले ही तय
सरकारी स्कूलों में बच्चों के पढ़ने-पढ़ाने और सिखाने का पैमाना सरकार ने पहले ही फिक्स कर दिया है। इसके मुताबिक पहली के बच्चे को कम से कम गणित में 20 तक गिनती और जोड़, घटाने की प्रक्रिया आनी चाहिए। 20 तक गिनती के बीच में वह कौन बड़ी संख्या और कौन छोटी संख्या है, यह तय कर पा रहा है तो उसका लर्निंग आउटकम ठीक है। 01 से 20 तक गिनती सीखना पर्याप्त है। इसी तरह कक्षा दूसरी के बच्चे को 99 तक गिनती लिखना, पढ़ना आना चाहिए , साथ ही रुपए, सिक्के, शेप्स की जानकारी हो जाए तो उसे अधिक पढ़ाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कक्षा और उम्र के आधार पर बच्चों में लिखने, पढ़ने, समझने और बोलने की क्षमता को परखने का आधार तय कर दिया है। उसके हिसाब से ही नोटबुक बनाई जा रही है।
ये मिलेगा फायदा
नोटबुक इस तरह से डिजाइन की गई है कि इसमें शिक्षक किसी एक कक्षा के विभिन्न् लर्निंग आउटकम पर काम करने के बाद उन पर अलग-अलग तरीके से अभ्यास करा सकेंगे। यह सामग्री इस प्रकार से तैयार की गई है कि शिक्षक किसी एक कक्षा के विभिन्न् लर्निंग आउटकम पर कार्य करने के बाद उन पर अलग-अलग तरीकों से अभ्यास कराएंगे।
नोटबुक डिजाइन के लिए सौंप चुके हैं काम
नोटबुक बनाने के लिए समग्र शिक्षा विभाग के सहायक संचालक डॉ. एम सुधीश को काम दिया गया है। वे बच्चों के पढ़ने-पढ़ाने और सिखाने के पैमाने पर ही नोटबुक की डिजाइन कर रहे हैं। डॉ. सुधीश प्रदेश में शिक्षा गुणवत्ता अभियान के लिए हर साल माड्यूल तैयार कर रहे हैं। इसके आलावा नवाचार शिक्षा पर भी फोकस करते हुए गुणवत्ता के लिए काम कर रहे हैं।
राज्य सरकार बच्चों के हित में काम करने के लिए हर तरह से तैयार है। इसी कड़ी में हमने अब पाठ्यपुस्तक निगम के प्रॉफिट फंड को शिक्षा की गुणवत्ता में खर्च करने का निर्णय लिया है। इससे सरकारी स्कूलों के बच्चों को बेहतर डिजाइन और लर्निंग आउटकम की नोटबुक मिलेगी। – एस प्रकाश, संचालक लोक शिक्षण संचालक एवं एमडी पाठ्यपुस्तक निगम

रायपुर । 1 और 2 मार्च से शुरु होने वाले छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने 10वीं-12वीं की उत्तर पुस्तिका में बदलाव करते हुए इस बार ओएमआर सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है। किए गए बदलाव में सबसे बड़ी बात यह है कि अब परीक्षार्थियों को सप्लीमेंट्री कॉपी नहीं दी जाएगी, उन्हें ओएमआर शिट में दिए गए निर्धारित जगह में उत्तर लिखना होगा।
इस सिस्टम से परीक्षा किस तरह से दिलानी है इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव प्रोफेसर वीके गोयल ने प्राचार्यों की बैठक ली और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ओएमआर सिस्टम की कॉपियों में परीक्षार्थियों को अलग से कोई कॉपी नहीं दी जाएगी निर्धारित पेज पर ही परीक्षार्थी अपना उत्तर दे सकेंगे। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्राचार्य की जिज्ञासा भी शांत की। शिक्षा मंडल ने परीक्षा की तैयारियों शुरू कर दी है।

रायपुर । छत्तीसगढ़ की कमान सौंपने के बाद से भूपेश सरकार लगातार अपने घोषणा पत्र में किए वादों को एक के बाद एक पूरा करने में लगी हुई है। इसी कड़ी में सरकार अपना एक और वादा पूरा करने पर विचार कर रही है, जिससे प्रदेश के सभी परिवार राशन कार्ड के दायरे में आ जाएंगे।
प्रदेश में सभी परिवारों को सस्ते में चावल मिले इसके लिए सरकार ने नया कदम उठाने जा रही है। बताया जा रहा है कि सरकार गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले परिवारों को 10 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से चावल देने का फैसला लेने जा रही है। ताकि प्रदेशभर की जनता को सस्ते दर पर चावल उपलब्ध कराया जा सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगर सरकार गरीबों को 1 रुपए और गरीबी रेखा से ऊपर वालों को 10 रुपए प्रति किलो चांवल देती है तो सरकार पर प्रतिवर्ष 4 हजार 800 करोड़ रुपए का अतिरक्ति भार पड़ेगा।

रायपुर। अमेरिका की बड़ी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के बनाए हिप रिप्लेसमेंट इंप्लांट पर बबाल मचा हुआ है। देशभर से मरीजों ने केंद्र सरकार को शिकायतें भेजी है कि इंप्लांट सर्जरी के बाद तकलीफ कम नहीं बल्कि और ज्यादा बढ़ गई है। शिकायतों पर केंद्र ने संज्ञान लिया और सभी राज्यों को निर्देशित किया कि वे राज्य स्तरीय कमेटी गठित करें। विशेषज्ञों की कमेटी मरीजों की जांच करेगी। अगर डिस-एबिलिटी (दिव्यांगता) पाई गई तो रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी। छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों की कमेटी गठित की जा चुकी है। इसकी एक बैठक भी हो चुकी है। केंद्र ने 20 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का मुआवजा तय किया है।
प्रदेश के हड्डी रोग विशेषज्ञों  इन्होंने बताया कि 2006, 07, 08 में जब कंपनी ने अपना यह इंप्लांट मार्केट में लांच किया तो उस समय हिप रिप्लेसमेंट बड़ी संख्या में हुए। प्रदेश में इंप्लांट करवाने वालों की संख्या काफी अधिक हो सकती है। देश में करीब पांच हजार हिप इंप्लांट हुए थे। छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रण ने बकायदा पीड़ितों के लिए विज्ञापन जारी किया है, जहां वे शिकायत कर सकते हैं। गौरतलब है कि देश में दवाओं के निर्माण, बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन की नियामक ने जॉनसन एंड जॉनसन के एएसआर इंप्लांट का लाइसेंस 2012 में रद कर दिया था। सैकड़ों शिकायतों के बावजूद कंपनी के खिलाफ भारत सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।
यहां करें शिकायत-
कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़,
चतुर्थ तल, ब्लॉक 1, इंद्रावती भवन, अटल नगर, रायपुर- 0771-2235226
कंपनी ने भारत को रखा धोखे में
जॉनसन एंड जॉनसन ने भारतीय नियामक को इस बात की सूचना नहीं दी थी कि कंपनी के हिप इंप्लांट से ऑस्ट्रेलिया में कई मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खुद अमेरिका में भी गड़बड़ियां पाई गईं। भारतीय नियामक ने लाइसेंस जारी कर दिया था। 2006 से 2010 तक कंपनी ने मरीजों को इंप्लांट में सब्सिडी दी, जिसे 2010 के अंत में बंद कर दिया गया था।
राज्य स्तरीय समिति-
डॉ. एसएन फुलझेले, प्रोफेसर, पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर
डॉ. विनीत जैन, प्रोफेसर, पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर
डॉ. विवेक पात्रे, प्रोफेसर, रेडियो डायग्नोसिस, पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर
(नोट- समिति के सदस्यों से पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में इनके विभागों में संपर्क किया जा सकता है। इनके मोबाइल नंबर पर भी। मो. नंबर राज्य शासन ने सार्वजनिक किए हैं ताकि मरीज सीधे भी पहुंच सके।)
देखिए, हिप रिप्लेसमेंट के बाद मरीजों में डिस-एबिलिटी (दिव्यांगता) आई होगी तो उनका परीक्षण किया जाएगा। उसकी रिपोर्ट राज्य शासन के माध्यम से केंद्र को भेजी जाएगी। मुझे याद है राज्य में इंप्लांट हुए हैं। – डॉ. एसएन फुलझले, अध्यक्ष, राज्य स्तरीय कमेटी
केंद्र सरकार के निर्देश पर कमेटी गठित कर दी गई है। शिकायत पर कमेटी जांच करेगी और फिर मुआवजे के लिए केंद्र को पत्र लिखा जाएगा। फिलहाल हमारे पास अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। सभी मरीजों को न्याय मिलेगा। – हिरेन पटेल, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग

रायपुर । सर्दी का असर आप पर सीधे तौर पर हो या न हो, लेकिन रेल की पटरियों पर हो रहा है। सर्दी के कारण पटरियों की संरचना में बदलाव आता है। इसके चलते पटरियों में दरार आने से घटनाएं बढ़ रही हैं। शुक्रवार को बिलासपुर रेलवे मंडल के चांपा स्थित पटरी के क्रेक होने की वजह से मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इससे मुंबई हावड़ा रूट की अपलाइन में लोकल ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित हुईं। रेलवे ने सोमवार को भी आधा दर्जन ट्रेनें रद कर दी हैं।
वहीं छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस रविवार की जगह सोमवार की सुबह रायपुर स्टेशन पहुंचीं। ट्रेनों के विलंब होने की वजह से स्टेशन पर भीड़ देखने को मिली। रायपुर रेलवे मंडल रेल पटरियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मौसम में बदलाव का असर रेल की पटरियों पर भी पड़ता है, इसलिए रात में कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग बढ़ा दी जाती है।
ज्ञात हो कि रायपुर मंडल में पिछले एक साल में करीब एक दर्जन से अधिक बार पटरी क्रेक होने का मामला प्रकाश में आया है। इसकी वजह है कि पटरियां ठंड में सिकुड़ती हैं और गर्मियों में फैलती हैं। ये सिकुड़न व फैलाव हादसे की वजह बन सकते हैं। पटरियों को जोड़ने (लंबाई में) के लिए दो पटरियों के बीच 10 मिलीमीटर तक का गैप रखा जाता है, ताकि गर्मी में पटरियां फैलने के लिए थोड़ा स्थान मिले। ठंड में यह गैप बढ़ जाता है। इसलिए पटरियों के टूटने का खतरा बना रहता है। रेलवे के अधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आई है। मौसम बदलने का प्रभाव मैटल पर भी पड़ता है। पटरियां सिकुड़ने लगती हैं, तो कमजोर भाग में दरार आ जाती है।
नाइट गैंग पटरियों की करता है जांच
मुंबई-हावड़ा रूट दक्षिणपूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत ठंड शुरू होते ही नाइट गैंग को तैनात किया जाता है, क्योंकि आधी रात से भोर के समय पटरियों के अधिक चटकने की संभावना को देखते हुए पेट्रोलिंग की जाती है। इसके लिए जोन के प्रत्येक रेलवे लाइन के तीन किलोमीटर की दूरी तक बीट बनाई जाती है। प्रत्येक बीट में दो गैंगमैन तैनाती की जाती है। दोनों गैंग मैन अपनी बीट में पूरी रात घुमकर पटरियों पर नजर ऱखते हैं। गैंग मैन को जैसे ही कुछ पटरियों में थोड़ा भी गैप दिखाई देता है वह तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को देते हैं। गैंग मैन को रात दस बजे से सुबह छह बजे तक पटरियों पर विशेष ध्यान देने तथा किसी की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया है।
सोमवार को इतनी गाड़ियां हुईं प्रभावित
रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक चांपा यार्ड में मालगाड़ी के दुर्घटना ग्रस्त होने की वजह से हवाड़ा से मुंबई जाने वाली ट्रेनें एक दिन बाद रायपुर स्टेशन पहुंच रही हैं, जिसमें रविवार की शाम 4.10 बजे आने वाली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सोमवार की सुबह 06:45 बजे रायपुर पहुंची। ठीक इसी तरह कोरबा विशाखापट्टनम (लिंक एक्सप्रेस) को रविवार की रात 8:10 बजे रायपुर पहुंचना था, लेकिन वह सोमवार की सुबह छह बजे रायपुर पहुंची। हावड़ा से सीएसटी जाने वाली हावड़ा मुंबई मेल रायपुर सुबह 09: 10 बजे पहुंचती है लेकिन आज वह 03. 15 बजे रायपुर पहुंची।
अंतोदय एक्सप्रेस सुबह 06.25 को रायपुर पहुंचती है, लेकिन वह दोपहर 3:20 पर पहुंची। गीतांजलि एक्सप्रेस 02:15 बजे रायपुर पहुंचती है, लेकिन वह 12.54 को पहुंची, हावड़ा कुर्ला एक्सप्रेस सुबह 6:35 ना आकर वह 14:05 को पहुंची, गोंडवाना एक्सप्रेस 07:15 पर ना आकर 14:15 बजे पहुंची, आजाद हिंद अपने निर्धारित समय 11 बजे ना पहुंचकर 03:20 को पहुंची। ट्रेनों के विलंब होने से स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोमवार को इनती ट्रेनें रद
– 04 फरवरी को 58212 बिलासपुर- गेवरा पैसेंजर रद्द, वहीं शिवनाथ एक्सप्रेस बिलासपुर से रवाना होगी यह गाड़ी गेवरा-बिलासपुर के बीच रद, कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस रद, बिलासपुर-रायगढ़-बिलासपुर मेमू रद, टीटलागढ़- बिलासपुर पैसेंजर रद, टाटानगर इतवारी पैसेंजर झारसुगड़ा व बिलासपुर के बीच रद है। इसके साथ ही 5 फरवरी को बिलासपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर रद और इतवारी-टाटानगर पैसेंजर रद रहेगी।
स्टेशन पर हेल्प डेस्क
रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन द्वारा हेल्प डेस्क बनाया गया है। हेल्प डेस्क से यात्रियों को ट्रेन के आवागमन की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही यात्रियों को टिकट वापसी कर उनको सौ प्रतिशत रिफंड दिया जा रहा है। लेकिन ऐसे यात्रियों को काफी दिक्कत हो रही है, जो स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए पहुंच रहे हैं, तब उनको पता चल रहा है कि शाम को आने वाली ट्रेन सुबह आएगी।
ठंड में पटरियों में सिकुड़न आ जाती है, इसलिए बीट के हिसाब से प्रत्येक तीन किलोमीटर के दायरे में बीट बनाई गई है। प्रत्येक बीट में दो गैंग मैन की ड्यूटी लगाई गई है। गैंगमैन रात भर अपनी बीट में पटरियों का निरीक्षण करते हैं, यदि उनको जरा पटरियों के क्रेक होने आभास होता है तो वह तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को देते है। उसके बाद तत्काल कार्रवाई की जाती है। – कौशल किशोर, डीआरएम, रेलवे मंडल, रायपुर

रायपुर |  बीजेपी दफ्तर में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट का विरोध अब प्रदेश स्तर पर हो रहा है. छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस प्रमुख अजीत जोगी भी अपना समर्थन पत्रकारों को देने पहुंचे उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता देश के बाकी राज्यों की पत्रकारिता से बेहतर है देश की इतनी बड़ी पार्टी बीजेपी को चाहिए कि वह पत्रकारों पर हमला करने वालों पर कार्रवाई करें प्रदेश सरकार से अजीत जोगी ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में आरोपियों पर लगी कानूनी धाराओं को भी बढ़ाएं |
रायपुर स्थित प्रेस क्लब के बाहर चल रहे इस धरने में वरिष्ठ पत्रकार रुचिर गर्ग शहर के महापौर प्रमोद दुबे साहित्यकार गिरीश पंकज रमेश नैयर समेत तमाम बड़े पत्रकार पहुंचे छत्तीसगढ़ तृतीय कर्मचारी संघ ने भी अपना समर्थन पत्रकारों पर हुए इस हमले पर दिया है |
कर्मचारी संगठन पत्रकारों पर हुए हमले का विरोध कर रहे हो अपों पर भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर में हुआ होगा वह प्रदेश में हो रही है रायगढ़ बिलासपुर जगदलपुर धमतरी जिलों में धरना जारी है |

रायपुर |  पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह अंतागढ़ टेपकांड एफआईआर पर कुछ बोलने से बचते हुए दिखाई दिए. एफआईआर के सवाल पर डॉ रमन सिंह ने शिवरतन शर्मा को आगे कर दिया. शिवरतन शर्मा ने कहा कि भूपेश बघेल कोर्ट जा चुके और वो मामला कोर्ट से खारिज हो चुका है |
उसके बाद भी SIT गठित करना बदले की भावना को दर्शाता है. एसआईटी के गठन के बाद भी एफआईआर कराना इस बात को साबित करता है कि उन्हें अपनी SIT पर भी भरोसा नहीं है. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता इसका विरोध करते हैं और इसका हर स्तर पर जवाब देने के लिए तैयार हैं |

रायपुर । नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने आज रिव्यू मीटिंग में कड़े तेवर दिखाते हुए काम में लापरवाही बरतने वाले पांच मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत नोटिस जारी करने कहा। उन्होंने दो टूक कहा कि अफसर ध्यान रखें, कामकाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रविवार छुट्टी के दिन भी नगरीय प्रशासन विभाग के अफसर आज सुबह से सक्रिय थे। मौका था, नगरीय प्रशासन मंत्री की समीक्षा बैठक का। निर्धारित समय से राजधानी के सर्किट हाउस में मंत्री शिव डहरिया की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई।
अफसरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सिस्टम जनता की सुविधा के लिए होता है न कि उन्हें तकलीफ देने के लिए। डहरियों ने अफसरों को निर्देश दिए कि समस्त नगरीय निकायों में संपत्ति कर की ऑनलाइन वसूली हेतु कार्ययोजना बनाकर काम किया जाए। करदाताओं को एसएमएस के माध्यम से जानकारी भेजी जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कालोनी का निर्माण करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाए। निकायों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का अभाव पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए। ऐसा पाए जाने पर संबंधित अभियंता के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि उनकी नोटिस में अवैध होर्डिंग्स की बात आई है। प्रदेश स्तर पर व्यापक अभियान चला कर समस्त अवैध होर्डिंग के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। उन्होंने पांच सीएमओ को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। इनमें सीएमओ सक्ती को भारत सरकार के निरीक्षण में ओडीएफ में फेल होना, सीएमओ अकलतरा को अनाधिकृत रूप से बैरीअर के माध्यम से निर्यात कर वसूली करना, सीएमओ कटघोरा को राजस्व वसूली में लापरवाही बरतना, डोंगरगढ़ सीएमओ को प्रधानमंत्री आवास योजना में असंतोषजनक प्रगति हेतु एवं खैरागढ़ सीएमओ को राजस्व वसूली में लापरवाही हेतु नोटिस दिया गया।
बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री ने समस्त नगरीय निकायों को राजस्व वसूली में तेज़ी लाने की ताकीद की। उन्होंने कहा कि एसईसीएल के सीएमडी को बुला कर उनसे बंद पड़ी कॉलरी में जमा पानी के नगरीय निकायों द्वारा उपयोग हेतु नीति निर्धारण पर चर्चा की जाए।
एनजीटी पर निर्देश
एनजीटी के निर्देशों में कोताही बरतने पर जुर्माने की राशि संबंधित नगर निगम आयुक्त/सीएमओ के वेतन से वसूलने के निर्देश दिए गए।
हेल्प डेस्क
प्रत्येक निकायों में आम जन की सहायता हेतु हेल्प डेस्क स्थापना के निर्देश दिए गए। बैठक के बाद अफसरों ने बताया कि जन शिकायत निवारण राज्य शासन एवं विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें निदान 1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के गुणवत्ता पूर्वक निराकरण के निर्देश तत्काल करने के निर्देश दिए। इसकी मॉनिटरिंग स्वयं नगरीय प्रशासन मंत्री करेंगे। बैठक में एक अहम निर्देश ये भी दिए गए कि जिस दिन स्ट्रीट लाइट ख़राब हो, उसी दिन सुधारे जाएं….इस आशय के निर्देश ईईसीएल कम्पनी और समस्त अधिकारियों को दिए। आगामी ग्रीष्म ऋतु हेतु पेयजल संकट से निजात पाने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश समस्त निकायों को दिए गए। बैठक में सचिव नगरीय प्रशासन निरंजन दास, अतिरिक्त संचालक सौमिल रंजन चौबे एवं उप सचिव श्री एक्का सहित समस्त नगर निगमों के आयुक्त तथा नगर पालिकाओं के सीएमओ उपस्थित थे।

रायपुर। अंतागढ़ टेपकांड मामले में शहर के पंडरी थाने में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अजीत जोगी समेत 5 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें उनके बेटे अमित जोगी, पुनीत गुप्ता, राजेश मूणत और मंतूराम पवार पर भी धोखाधड़ी और पैसों के प्रलोभन और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कांग्रेस सदस्य और प्रवक्ता किरणमयी नायक की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। अपनी रिपोर्ट में किरणमयी नायक ने कहा है कि वर्ष 2014 में अंतागढ़ के उपचुनाव में कांग्रेस ने मंतूराम पवार को अपना प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन थोड़े ही दिनों के बाद मंतूराम पवार मैदान छोड़कर चले गए। उनके इस कृत्य से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा, जब पार्टी ने इसकी छानबीन की तो पता चला कि मंतूराम को मंत्री राजेश मूणत, विधानसभा के सदस्य अमित जोगी, लोकसेवक पुनीत गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आर्थिक प्रलोभन दिया था। किरणमयी नायक ने बताया कि उन्होंने इस मामले से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों और दस्तावेजों के साथ पहले भी सिविल लाइन थाने में शिकायत की थी, लेकिन तब उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया था।
अब जबकि एक बार फिर मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित हो गई है तो रिपोर्ट लिखवाई है। किरणमयी ने फिलहाल मामले से जुड़े कुछ अहम सबूत सौंपे हैं और कहा है कि जब भी पुलिस को मूल टेप और ट्रांसक्रिप्ट के अलावा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जरूरत होगी तो वह उन्हें सौंप देंगी। उन्होंने कहा कि कई करोड़ रुपए की डील के बाद मंतूराम पवार ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया था। इस घटना के थोड़े ही दिनों बाद मंतूराम ने भाजपा प्रवेश कर कांग्रेस के आरोपों की पुष्टि कर दी थी।