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रायुपर । जिला प्रशासन रायपुर व खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व आज 14 अगस्त को प्रात: 7.00 बजे स्वतंत्रता दौड का आयोजन किया गया। यह दौड़ शहीद भगत सिंह चौक, शंकर नगर से प्रारंभ होकर खजाना चौक से वापस होते हुए पुन: शहीद भगत सिंह चौक शंकर नगर पर संपन्न हुआ। स्वतंत्रता दौड में बड़ी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राएं, एनएसएस, एनसीसी स्काउट के कैडेट खिलाड़ी एवं खेल संघों के पदाधिकारी शामिल हुए ।

 
 
रायपुर (जसेरि)। नवा रायपुर में सीएम-मंत्री बंगलों और सिविल लाइंस के लिए प्रस्तावित जगह के निरीक्षण के बाद सीएम भूपेश ने मीडिया से बातचीत में पूर्व सीएम रमन सिंह पर तीखे आरोप लगाए। बघेल ने कहा कि नवा रायपुर में रमन सिंह ने संसाधनों को लुटवाने का काम किया है। पौंता चेरिया में हुए शिलान्यास की जमीन आईआईएम को दे दी। जमीन की बंदरबांट के कई और मामले इसी तरह के हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर 24 में मुख्यमंत्री निवास, मंत्रीगणों के आवास, विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। आवास एवं पर्यावरण मंत्री मो.अकबर, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चैबे और राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीलम एक्का ने सेक्टर 24 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास, विधायक विश्राम गृह और अधिकारियों के आवास के लिए जल्द डी.पी.आर. तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन आवासों के नजदीक मंत्रीगणों के स्टाफ के लिए ट्रांजिट हास्टल बनाने भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्य साल भर के भीतर पूर्ण करने के लिए समयबद्ध कार्य योजना तैयार कर ली जाए। आवासों के नजदीक जरूरी जन सुविधाओं के लिए नजदीक में मार्केट विकसित किया जाए। यहां मनोरंजन के लिए पार्क, सिनेमा गृह आदि बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के आवास निर्माण से यहां बसाहट बढ़ेगी।
भूपेश-रमन के बीच शिलान्यास पत्थर को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
 
 सीएम भूपेश बघेल मंगलवार को नवा रायपुर का दौरा किया। वे यहां सेक्टर-24 में बनने वाले सीएम आवास, राजभवन की जगह का जायजा लने पहुंचे थे। बता दें पिछले दिनों चार मंत्रियों ने भी इस इलाके का दौरा कर निरीक्षण किया था। नवा रायपुर के दौरे में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उस शिलान्यास पत्थर को देखने पहुंचे जिस पर पूर्व सीएम रमन सिंह ने दुर्भावना का आरोप लगाया था। सीएम भूपेश बघेल ने कहा जिस जगह सोनिया गांधी के हाथों से लोकार्पण पत्थर लगाया गया उस जगह को भी रमन सिंह ने संस्था को आवंटित कर दिया ।
इस गलती को कैसे सुधारा जा सकता है, इसे देख रहे हैं । सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नवा रायपुर लेक के बगल की जमीन प्राइवेट बिल्डरों को रमन सिंह ने सौंप दी है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि 5 सालों तक बंदरबांट चलता रहा है। सीएम बघेल ने नवा रायपुर को बसाने की ठानी है। नवा रायपुर में लोगों की बसाहट बढ़े इसलिए सबसे पहले उन्होंने विधायकों और मंत्रियों को नवा रायपुर में बसाने का ऐलान किया है। सीएम के मुताबिक विधायक और मंत्रियों के बसने से वहां लोगों की आवाजाही बढ़ेगी। धीरे-धीरे लोग भी वहां बसना शुरू करेंगे। नवा रायपुर में हाउसिंग बोर्ड के मकान बनकर तैयार है।
वहां कुछ मकान ही बिके हैं, जबकि कई मकान और प्लॉट खाली पड़े हैं। रायुपर से दूरी और सूनसान होने की वजह से कोई वहां रहना पसंद नहीं कर रहा। इसलिए सरकार को राजस्व की भी हानि हो रही है। इसकी गंभीरता को देखते हुए सीएम बघेल ने विधायकों और मंत्रियों को नवा रायपुर में सबसे पहले बसाने का ऐलान किए हैं।
पूर्व सीईओ बजाज निलंबत
2003 में सोनिया गांधी द्वारा पौंता चेरिया में रखे गए नया रायपुर के फाउंडेशन स्टोन वाले इलाके को आईआईएम को आवंटित करने के पिछले सरकार के फैसले की निंदा करते हुए भूपेश कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया। इसके लिए जिम्मेदार सीनियर आईएफएस अफसर एसएस बजाज को कैबिनेट ने निलंबित कर दिया है। बजाज एनआरडीए के सीईओ के रूप में यह जमीन आवंटित की थी। कैबिनेट का कहना था कि पूरा नया रायपुर 7 हजार 500 हेक्टेयर का प्लान है। आईआईएम को कहीं भी जमीन दे सकते थे, लेकिन उक्त अफसर ने बदनीयती से इसे आवंटित कर दिया। इसके लिए प्राइमरी रूप से अफसर को जिम्मेदार माना गया है।

रायपुर। राजधानी में भाजपा शासन काल में बने स्काईवॉक को लेकर हुई मैराथन बैठक में भी कोई समाधान सामने नहीं आया । स्काई वाक को लेकर समिति से लेकर मनोनीत सदस्य घंटों माथाफोड़ी करते रहे लेकिन हल तक नहीं पहुंच पाए। कई दौर के सुझाव और बैठकों के बाद अब स्काई वाक पर फैसला एक और बैठक के लिए टाल दिया गया है। जिस तरह से स्काई वाक पर फैसले की रफ्तार चल रही है, लगता नहीं है कि इस पर फिलहाल कोई फैसला होने वाला है। रायपुर के सीनियर विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में स्काई वाक पर बनी हाईपावर कमेटी की एक बैठक हुई। बैठक में तमाम लोगों से सुझाव के साथ-साथ अलग-अलग लोगों और जगहों से आयी रिपोर्ट को रखा गया। बैठक में तमाम लोगों से सुझाव के बाद इस बात का फैसला लिया गया कि अब एक और बैठक अगले सप्ताह बुलायी जायेगी, जिसमें तमाम सुझावोँ और संभावनाओं के बाद निष्कर्ष पर पहुंचा जायेगा। 22 अगस्त को बैठक बुलाया गयी है, इस बैठक में सिर्फ जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दल के ही लोग मौजूद रहेंगे। आपको बता दें कि स्काई वाक की उपयोगिता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। सरकार ने स्काई वाक का भविष्य तय करने के लिए लोगों से सुझाव मंगाये थे और फिर एक कमेटी गठित कर स्काई वाक पर फैसले का निर्णय लिया था। बैठक में रायपुर उत्तर के विधायक कुलदीप जुनेजा, रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय और नगर निगम रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर किरणमयी नायक सहित विषय विशेषज्ञ, इंजीनियर और बुद्धजीवी वर्ग उपस्थित रहेे। बैठक में जनप्रतिनिधियो और उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार और सुझाव समिति के समक्ष रखे, जिनमें स्काई वॉक के स्ट्रक्चर पर संभावित विभिन्न विकल्पों पर आवश्यक सुझाव भी दिए गए। समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि इसकी आगामी बैठक इसी माह के 22 अगस्त को आयोजित होगी। इसके लिए सभी सदस्यों को चर्चा के अनुसार तैयारी के साथ उपस्थित होने के लिए कहा गया है। उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर में निर्माणाधीन स्काई वॉक की उपयोगिता अथवा अन्य वैकल्पिक उपयोग के संबंध चर्चा के लिए राज्य शासन द्वारा वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में 22 सदस्यीय सामान्य सुझाव समिति गठित की गई है। इसी प्रकार मुख्य सचिव सुनील कुजुर की अध्यक्षता में 25 सदस्यीय तकनीकी सुझाव समिति का भी गठन किया गया है।
महाराष्ट्र मेट्रो के आला अफसरों के बयान से स्काईवॉक प्रोजेक्ट में आया नया मोड़
स्काईवॉक पर चूंकि लगभग 38 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं इसलिए इसे तोडऩे के मूड में कोई नहीं है, लेकिन महाराष्ट्र मेट्रो के आला अफसरों ने ये कहकर मामले में नया मोड़ ला दिया है कि इसके पिलर ऐसे हैं कि इस पर कोई निर्माण संभव ही नहीं है। शासन को स्थानीय तौर पर ये सुझाव आए हैं कि स्काईवॉक तोडऩे के बजाय इसका दूसरा इस्तेमाल किया जाना चाहिए, जैसे अतिरिक्त पिलर लगाकर हल्का फ्लाईओवर बनाया जा सकता है। लेकिन सुझाव समिति की बैठक में शामिल होने आए महाराष्ट्र मेट्रो के अफसरों ने दो-टूक कह दिया कि अगर फ्लाईओवर बनाना है तो सड़क से स्काईवॉक के ऊपर तक नए पिलर खड़े करने होंगे। उस पर ही कोई प्रोजेक्ट लाया जा सकता है। बैठक में महाराष्ट्र मेट्रो के कार्यकारी निदेशक एनके सिन्हा व जीएम डॉ. एमपी रामनिवास शामिल हुए। यह टीम अभी नासिक में नियो मेट्रो बना रही है। अफसरों ने कहा कि स्काई वॉक के पिलरों की ताकत इतनी है कि उस पर केवल वॉकिंग ओवरब्रिज ही बन सकता है। इसकी ऊंचाई 10 मीटर है। अब एक ही संभावना है कि सड़क पर नए पिलर डालकर उन्हें स्काई वॉक के ऊपर ले जाया जाएगा। तभी फ्लाईओवर बन पाएगा। उन्होंने बैठक में साफ कह दिया कि इन पिलरों पर लाइट मेट्रो लाइन भी नहीं डाली जा सकती क्योंकि मौजूदा पिलर से नहीं सह सकते।

रायपुर । आईपीएस मुकेश गुप्ता की गिरफ्तारी पर अब 19 अगस्त तक की रोक लग गयी है। हाईकोर्ट ने साडा जमीन गड़बड़ी मामले में आईपीएस मुकेश गुप्ता को ये राहत दी है। आपको बता दें कि इससे पहले भी इस मामले में कोर्ट ने मुकेश गुप्ता की गिरफ्तारी पर एक सप्ताह की रोक लगायी थी। इस मामले में भिलाई में अफसर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। मोतीलाल नेहरू नगर कॉलोनी जमीन आवंटन के मामले में ही सुपेला पुलिस थाना में कुल चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज है। जिसमें निलंबित आइपीएस व तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुकेश गुप्ता, तत्कालीन सीईओ/आयुक्त एसबी सिंह, एई आरके जैन और व्यास नारायण शुक्ला के खिलाफ प्रकरण दर्ज है। आरोपी सहायक अभियंता जैन वर्तमान में नगर निगम दुर्ग के जल कार्य विभाग के प्रभारी अधिकारी हैं। सुपेला थाना में मुकेश गुप्ता के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 471, 201 और 421 के तहत अपराध दर्ज है। बता दें कि इस मामले के आरोपी व्यासनारायण शुक्ला की मौत हो चुकी है।
रेखा नायर के केयर टेकर गजंद्र से ईआएडब्ल्यू ने की पूछताछ : आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोपी रेखा नायर के नरदहा स्थित फार्म हाउस के केयर टेकर और पेटी कॉन्ट्रक्टर गजेंद्र प्रसाद महंता से ईओडब्ल्यू ने पूछताछ की है। करीब 1 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ में गजेंद्र महंता ने अपने काम से संबंधित कागज ईआएडब्ल्यू में प्रस्तुत किए। महंता साल 2011 से रेखा के पिता रेमा नायर की कंस्ट्रक्शन कंपनी में पेटी कॉन्ट्रक्टर के अलावा रेखा के नरदहा स्थित फार्म हाउस में बतौर केयर टेकर का काम देखता है। बताया जा रहा है कि गजेन्द्र को रेखा और उसके पिता के सभी काम की जानकारी होने के शंका के चलते पूछताछ के लिए बुलाया गया था। बुधवार को ईआएडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया है। गौरतलब है कि बीते दिनों बिल्डर राकेश पांडेय के सड्डू स्थित दफ्तर में दबिश दी थी।
बताया जा गया था कि रेखा नायर के खाते से बिल्डर और उसकी पत्नी के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी। मामले की जानकारी होने पर ईओडब्ल्यू की टीम ने दबिश दी थी।

 रायपुर । हिमालयन हाइट्स में पुलिस ने आज छापामार कार्रवाई करते हुए सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है. मौके से पुलिस ने एक महिला दलाल और एक युवती को गिरफ्तार किया है. मौके से आपत्ति जनक सामग्री भी पुलिस ने बरामद किया है.
महिला दलाल का नाम लक्ष्मी साहू बताया जा रहा है जो महासमुंद की रहने वाली है. वही गिरफ्तार युवती रायपुर की रहने वाली बताई जा रही है। 

 
रायपुर । योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री अमरजीत भगत ने योजना आयोग एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में योजना आयोग के सदस्य सचिव डॉ. जे.एस. विरदी ने छत्तीसगढ़ राज्य में फिल्म प्रोत्साहन नीति एवं फिल्म सिटी के निर्माण में प्रस्तुतीकरण दिया और अन्य राज्यों में फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित किए जाने के लिए बनायी गयी योजनाएं एवं दिए जा रहे अनुदानों से मंत्री भगत को अवगत कराया। 
 मंत्री अमरजीत भगत ने फिल्म उद्योग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म निर्माण से संबंधित सभी हितधारकों के साथ चर्चा कर एक अवधारणा पत्र शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश संस्कृति विभाग के अधिकारियों को दिए। 
बैठक में मंत्री अमरजीत भगत को योजना आयोग द्वारा प्रदेश के स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में जिलेवार कमजोर क्षेत्रों एवं विषयों की पहचान में उपयोग में लाए गए संकेतकों के सबंध में जानकारी दी गई। मंत्री भगत को अवगत कराया गया कि इन संकेतकों के लिए नीति आयोग द्वारा निर्धारित प्रणाली का उपयोग किया गया है। मंत्री अमरजीत भगत ने इन चिन्हित जिलों में शिक्षा के स्तर को उठाने हेतु सूचना प्रोद्योगिकी का उपयोग कर शिक्षकों को प्रशिक्षित करने तथा कमजोर विषयों में शिक्षकों की भर्ती किए जाने की आवश्यकता है। इस तारतम्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. विरदी ने राज्य में फिल्म विकास से संबंधित कौशल विकास हेतु संस्था के निर्माण एवं फिल्मों से पर्यटन को प्रोत्साहन की संभावना आदि पर भी अपने विचार रखे।
इस बैठक में योजना आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमणियम, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, विशेष सचिव आर. प्रसन्ना, संस्कृति विभाग के जे.आर. भगत सहित योजना आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 
रायपुर । पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना) के लिए 535 करोड़ 35 लाख 84 हजार रूपए जारी करने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी है। चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट प्रावधानों के तहत सामग्री मद के लिए जारी इस राशि में 127 करोड़ 72 लाख 33 हजार रूपए का राज्यांश और 407 करोड़ 63 लाख 51 हजार रूपए का केन्द्रांश शामिल है। उल्लेखनीय है कि मनरेगा कार्यों में सामग्री के लिए 25 फीसदी राशि राज्य सरकार द्वारा और 75 फीसदी राशि भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है ।

 
 
रायपुर । बीज निगम में भर्राशाही कम होने का नाम नहीं ले रहा है। माइक्रो न्यूट्रिएंट्स सप्लाई का ऑर्डरमें अनियमितता का मामला सामने आया है। दिसंबर 2018 में आरसी-22 के तहत अनुबंधित कंपनी दुर्ग की कंपनी एसआरटी एग्रो साइंस प्रायवेट लिमिटेड को अनियमितता पाए जाने पर दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। ठीक सात माह बाद ही जुलाई 2019 में आरसी- 23 में उसी कंपनी को फिर से काउंटर ऑफर दिया है।
जबकि कोर्ट ने ब्लैकलिस्टिंग के आदेश को खारिज कर दोबारा से जांच करने की छूट बीज निगम को दी थी। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने बिना दोबारा से परीक्षण किए ही कंपनी को उपयोगी खाद समेत सूक्ष्म पोषक तत्वों की वर्ष भर सप्लाई की जिम्मेदारी सौंप दी है। जबकि शिकायत के बाद कंपनी को निगम ने ही ब्लैकलिस्ट किया था। ऐसे में सवाल उठता है कि या तो पहले दुर्भावनावश कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किया गया था, या फिर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी दोबारा परीक्षण की जहमत नहीं उठाई गई है। छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम में सूक्ष्म पोषक (माइक्रो न्यूट्रिएंट) की सप्लाई के लिए बुलाई गई निविदा आरसी-23 (2019-20) में बड़ी अनियमितता की बू आ रही है। निगम के जिम्मेदारों ने हाईकोर्ट की दोबारा से जांच के आदेश के बावजूद बिना परीक्षण के ही कंपनी को काम दे दिया है।
दूसरी कंपनी को लाइसेंस नहीं होने के बावजूद ऑफर दे दिया : बीज निगम के जिम्मेदारों ने जिंक सल्फेट 21 प्रशितऔर बोरान 10.5 प्रतिशत के लिए मैनुफैक्चरिंग लाइसेंस मांगा था, जो कि इन ऑर्गेनिक उत्पाद हैं। वहीं, जानकारों के अनुसार इस तरह के उत्पादों के लिए मैनुफैक्चरिंग लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है। इसी बीच निगम ने एक फर्म को लाइसेंस नहीं होने की वजह से बाहर कर दिया, जबकि दूसरी कंपनी को लाइसेंस नहीं होने के बावजूद ऑफर दे दिया।
इसलिए किया ब्लैकलिस्टेड : उक्त कंपनी को आरसी-22 में कीटनाशक एवं बायोपेस्टीसाइड सप्लाई करने के लिए अनुबंधित किया गया था। जिसमें कंपनी ने बिना मैनुफैक्चरिंग लाइसेंस के ही ट्राइकोडर्मा समेत कई उत्पादों की सप्लाई की थी। जिस पर दुर्ग के ही सियाराम साहू नामक एक व्यक्ति ने शिकायत की थी, जिसके बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया गया था।
कोर्ट ने ब्लैकलिस्टिंग के आदेश को खारिज कर दिया था, इसके बाद लीगल सेक्टर से भी सलाह ली गई और आदेश जारी किया गया। कुछ न कुछ खामियां रही होंगी, तभी एक कंपनी को बाहर किया गया होगा। इसकी पूरी फाइल मेरे टेबल में है वर्किंग-डे में बता पाउंगा।
-नरेंद्र दुग्गा, प्रबंध संचालक, बीज निगम

 रायपुर । रेलवे क्रासिंग में फंसने वाले लोगों के लिए रेलवे ने राजधानी की सबसे पुरानी सरस्वतीनगर रेलवे क्रासिंग पर अंडरब्रिज बनाने के बजाय रेलवे ने यहां से पटरी के दोनों ओर दो सड़कें निकालकर इन्हें आमानाका अंडरब्रिज से जोडऩे का फैसला कर लिया है। दोनों सड़कें तीन-तीन सौ मीटर से कुछ ज्यादा लंबाई की रहेंगी। हर 5 मिनट में लगभग 10 मिनट तक बंद रहने वाली इस क्रासिंग से कोटा और आसपास के लोग पिछले 5 दशक से परेशान हैं क्योंकि रविवि और इंजीनियरिंग कालेज (अब एनआईटी) के अधिकांश छात्र कोटा और आसपास ही रहते हैं। रेलवे के सर्वे के मुताबिक 24 घंटे में इसे एक लाख से ज्यादा लोग पार कर रहे हैं और हर व्यक्ति आते या जाते समय एक न एक बार इस क्रासिंग के बंद रहने से 10-15 मिनट तक जाम में फंस रहा है। दोनों सड़कों का निर्माण दो महीने के भीतर शुरू किया जाएगा क्योंकि रेलवे के प्रस्ताव को हाल में शासन ने मंजूर भी कर लिया है। रेलवे ने पहले यहां अंडरब्रिज फाइनल किया था, लेकिन आमानाका अंडरब्रिज यहां से बमुश्किल 400 मीटर दूर है, इसलिए रेलवे ने अब यहां से अंडरब्रिज तक पटरी के दोनों ओर सड़कें बनाने का फैसला किया है। ये सड़कें वन-वे की तरह चलेंगी। रेलवे अफसरों ने बताया कि लगभग 30-30 फीट चौड़ाई वाली इन सड़कों के लिए सर्वे कर लिया गया है। पटरी के किनारे रेलवे की जमीन पर ही दोनों सड़कें बन जाएंगी। इनका टेंडर इसी महीने जारी होने की संभावना है।
रोजाना 20 हजार से अधिक विद्यार्थी पार करते हैं क्रॉसिंग
इस रेलवे क्रॉसिंग का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इसके दूसरे ओर शिक्षण संस्थान हैं। यह फाटक एनआईटी कैंपस के बाउंड्रीवाल से लगा हुआ है। रविवि, साइंस कॉलेज, संस्कृत कॉलेज समेत कई स्कूल भी इसी क्षेत्र में है। यहां पढऩे वाले 20 हजार से अधिक विद्यार्थी रोजाना इस क्रॉसिंग को पार करते हैं। खमतराई के बाद दूसरी भीड़भरी और हर छठवें मिनट में बंद होने वाली सरस्वती नगर क्रासिंग पर अंडरब्रिज अब नहीं बनेगा।
दो दर्जन कॉलोनियां जुड़ जाएंगी
सरस्वती नगर क्रॉसिंग के ट्रैफिक को डायवर्ट करने के लिए पटरी के दोनों तरफ सड़क बनेगी। इनसे कोटा, मोहबा बाजार, हीरापुर और कबीरनगर सहित दो दर्जन कालोनियों ही नहीं, जीई रोड से गुढिय़ारी-कोटा रोज जाने वालों को भी आसान रास्ता मिलेगा। रेलवे दोनों ही सड़कें अपने खर्च पर बनाने की तैयारी कर रहा है। यही नहीं, ट्रैक को फैंसिंग से घेर दिया जाएगा, ताकि हादसे की आशंका न हो। जिन हिस्से में सड़क बननी है, वहां अतिक्रमण भी हटाने होंगे। पटरी के एक तरफ तो जमीन खाली है, लेकिन दूसरी ओर बरसों पुराने कब्जे हैं। यहां डेढ़ सौ से ज्यादा कच्चे-पक्के मकान बने हुए हैं। सड़क बनाने से पहले नगर-निगम को यहां के लोगों की शिफ्टिंग करनी होगी। हालांकि रेलवे प्रशासन ने कब्जेधारियों को नोटिस जारी कर जगह से हटने का निर्देश दे दिया है, लेकिन बरसात के कारण प्रशासन ने कार्रवाई रोकी हुई है।
300 ट्रेनों का आवागमन रोज : सरस्वतीनगर क्रासिंग मुंबई-हावड़ा मेन लाइन पर है। इससे 155 एक्सप्रेस-पैसेंजर ट्रेनें तथा लगभग डेढ़ सौ मालगाडिय़ां (कुल लगभग 300) 24 घंटे में गुजर रही हैं। ट्रैफिक प्रेशर केकारण रेल प्रशासन ने यहां स्वचालित सिग्नल लगाए हैं, जो ट्रेन गुजरने के दस सेकेंड के बीच ही खुल जाता है। लेकिन जंबो मालगाडिय़ों के कारण फाटक 15-15 मिनट भी बंद रहता है। इसलिए दिन में कई बार जाम लग रहा है।
कचना में भी ओवरब्रिज मंजूर : राजधानी में खमतराई, कचना और सरस्वती नगर में ही रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैफिक चल रहा है। बाकी सारे फाटक पिछले पांच साल में बंद कर दिए गए हैं। सरस्वती नगर से आमानाका तक एप्रोच रोड बनने के बाद यह क्रासिंग भी स्थायी तौर पर बंद हो जाएगी। इसके बाद दो ही क्रासिंग बचेंगी। इनमें से खमतराई में फोरलेन अंडरब्रिज का प्रोजेक्ट फाइनल है, लेकिन कंपनी ने काम रोक दिया है। कचना में भी ओवरब्रिज प्रस्तावित है।

 
 रायपुर । कश्मीर मामले में भाजपा नेताओं द्वारा लगातार स्तरहीन गैर जिम्मेदाराना एवं अवसरवादी बयानबाजी पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कश्मीर के मामले में आज देश हित की सर्वोपरि रखते हुये संजीदा एवं जिम्मेदार राजनीति की आवश्यकता है। पं. नेहरू जैसे आजादी की लड़ाई के नेता को गलतियां निकालने वाले पहले अपने गरेबां में झांक कर तो देखे। 370 लागू करने के संविधान के मसौदे पर स्वयं जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने हस्ताक्षर किये थे। अपनी गलतियों के लिये पं. नेहरू को दोषी ठहराना भाजपा की देश के साथ प्रवचना है, धोखाधड़ी है। आज यदि कश्मीर भारत का हिस्सा है तो पं. नेहरू के ही कारण है। कश्मीर मामले में भाजपा नेताओं द्वारा की जा रही क्षुद्र राजनीति गलत एवं अनुचित है। शिवराज सिंह चौहान के द्वारा की गई टिप्पणी पर कड़ी निंदा करते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि जो जिस मानसिकता का होता है उसे वैसी ही मानसिकता नजर आती है। पं. नेहरू ने अंग्रेजों की जेलों में 10 साल काटे, निश्चित रूप से पं. नेहरू अपराधी थे लेकिन वे भारत की जनता के नहीं अंग्रेजी साम्राज्य के अपराधी थे। पं. नेहरू तो भारत के हीरो थे। पं. नेहरू देश की आजादी की लड़ाई लड़ी और यदि शिवराज सिंह चौहान जैसे भाजपाइयों की नजर में वे अपराधी थे, तो ऐसे अपराध करने पर हम सबको गर्व है। पं. नेहरू द्वारा किये गये स्वाधीनता संघर्ष पर हर भारतवासी को गर्व है। शिवराज सिंह चौहान की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है। शिवराज सिंह चौहान की टिप्पणी के प्रति पूरे देश में गहरी नाराजगी है। पं. नेहरू को अपराधी कहने वाले शिवराज सिंह चौहान जी बताये कि वे अपने भाजपा के नेता पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमितशाह के बारे में क्या सोचते है? ये शिवराज सिंह चौहान को देश को बताना चाहिये। शिवराज सिंह चौहान के अपने बयान पर कायम रहने को राजनैतिक बेशर्मी की पराकाष्ठा निरूपित करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राष्ट्रकवि दिनकर को ऐसी ही परिस्थितियों को देख कहना पड़ा था कि समर शेष है, शपथ धर्म की हमे लाना है वह काल जब बिचरे अभय देश में गांधी और जवाहर लाल ।