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रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास में कल बुधवार 14 अगस्त को जनचौपाल, भेंट-मुलाकात का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री के घर के दरवाजे आगंतुकों के लिए खुले रहेंगे। जनचौपाल में मुख्यमंत्री जनसमस्याओं, सुझावों, जनहितकारी योजनाओं के फीड बैक से अवगत होंगे और आमजनों तथा संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। जन चौपाल का आयोजन सुबह 11 बजे से शुरू होगा।

रायपुर । 15 अगस्त पर भूपेश सरकार राज्य के लोगों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। मंगलवार की शाम भूपेश बघेल ने कैबिनेट की बैठक बुलायी है। बैठक में स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री के संबोधन और ऐलान को लेकर कैबिनेट की हरी झंडी ली जायेगी।
चर्चा है कि 15 अगस्त को होने वाली बड़ी घोषणाओं में किसानों और सरकारी कर्मियों को राज्य सरकार बड़ा तोहफा दे सकती है। शाम मुख्यमंत्री निवास में भूपेश कैबिनेट की बैठक होगी। शाम 6 बजे से होने वाली इस बैठक में स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले ऐलान पर चर्चा के साथ-साथ बाढ़ के हालात, खेती किसानी की स्थिति पर भी चर्चा की जायेगी। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व होने वाली इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा तो ये भी है कि स्वतंत्रता दिवस पर सरकार नये जिलों का ऐलान कर सकती है, लेकिन इस चर्चा को पहले ही राज्य सरकार खारिज कर चुकी है। नगरीय निकाय चुनाव के पहले इसकी गुंजाइश भी नहीं है, पर इसे लेकर चर्चाएं खूब चल रही है।
ओबीसी ने मांगा 27 फीसदी आरक्षण: राज्य सरकार ने जैसे ही अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण उनकी जनसंख्या के अनुपात में 13 फीसदी आरक्षण की मांग की, वैसे ही समाज के दूसरे तबके ने अपना कोटा बढ़ाए जाने की मांग शुरु कर दिया है। नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने कहा है कि ओबीसी तबके ने जनसंख्या के अनुपात में 27 फीसदी आबादी आरक्षण की मांग शुरु की है। उन्होंने कहा कि मांग आती है तो सरकार इस पर विचार करती है। गौरतलब है कि राज्य में ओबीसी को 14 फीसद आरक्षण मिला हुआ है।
जबकि माना जाता है कि राज्य में ओबीसी की आबादी 50 फीसदी के आसपास है. मध्यप्रदेश में ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण देने के बाद छत्तीसगढ़ में भी ओबीसी ने आरक्षण बढ़ाने की मांग शुरु कर दी है।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कैबिनेट की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में होगी। बैठक में 15 अगस्त के मौके पर मुख्यमंत्री के भाषण को मंजूरी दी जाएगी। सरकार खेती-किसानी की स्थिति की समीक्षा करेगी। पिछले कुछ दिनों से हुई जोरदार बारिश के बाद अब किसानों को राहत मिली है। लेकिन कई जिलों में अभी भी बारिश कम की स्थिति है। ऐसे जिलों के लिए सरकार कोई घोषणा कर सकती है।

रायपुर । अंतरराष्ट्रीययुवादिवस” पर पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने दी शुभकामनाएं.! ट्वीट कर लिखा- किसी भी देश के लिए युवा उसकी रीढ़ की हड्डी होते है। वे देश की अर्थव्यवस्था को संभाले रखते है| आज के समय में हर क्षेत्र में ज्यादातर युवाओ का समर्पण है। अंतराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर सभी उर्जावान और कर्मनिष्ठ युवाओं के प्रति आभार व्यक्त करता हूँ।

रायपुर । पिछले 10 सालों से मुंबई की तर्ज पर होने वाली दही-हांडी प्रतियोगिता की तैयारी जोरशोर से चल रही है। दो साल से लड़कियां भी दही-हांडी फोडऩे के लिए दमखम दिखा रहीं हैं।
प्रारंभ में लड़कियों के लिए मात्र 15 फीट की ऊंचाई पर हांडी टांगी जाती थी, लेकिन अब इन्हें भी 20 से 25 फीट की ऊंचाई का लक्ष्य दिया जाएगा। इसे देखते हुए युवतियां प्रशिक्षण लेने में जुट गई हैं। शाम 4 बजे से 7 बजे तक युवतियां प्रशिक्षण ले रहीं हैं।
टिकरापारा हरदेव लाला मंदिर परिसर में युवतियों की कई टोलियां प्रशिक्षण लेती नजर आईं। एक-दूसरे के कंधों का सहारा लिए ऊंचाई पर टंगी मटकी फोडऩे के लिए उपर चढ़तीं फिर गिरतीं और फिर कोशिश करतीं। जब 15 फीट का लक्ष्य हासिल कर लिया तो फिर 20 फीट ऊंचा चढऩे का प्रयास करने लगीं। प्रशिक्षण ले रहीं युवतियों में भारती गढ़े, वैशाली गावडे, सीमा गावडे, रेखा मंडावी, सुमित्रा गावडे, सुहानी गावडे, पूजा गोटे, रेखा मंडावी, चंद्रिका गोटे, प्रिया गोटे, मिकी गोटे, ललिता गावडे पार्वती गावडे आदि शामिल हैं। कोच रामू मंडावी, चंदू गावडे प्रशिक्षण दे रहे हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव विकास समिति के संयोजक माधव लाल यादव ने बताया कि जन्माष्टमी पर 24 अगस्त को दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन सप्रे शाला मैदान में होगा। प्रतियोगिता में प्रथम इनाम 31 हजार, दूसरा 11 हजार, तीसरा छह हजार प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा जो भी गोविंदा मंडलियां भाग लेंगी उन सभी को 5-5 हजार रुपए सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा।

रायपुर/नई दिल्ली । आदिवासी समाज के भाषाएं-बोलियां पिछले कई वर्षों में कई कारणों से विलुप्त हो गई और कुछ इसकी कगार में है. इनके लुप्त होने से समाज की अमूल्य ज्ञान, परम्पराएं, संस्कृति भी समाप्त हो जाती है. हम सबकी जिम्मेदारी है कि ऐसी बोलियों-भाषाओं को संरक्षित करें. यह बात छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने नई दिल्ली में आयोजित इंटरनेशनल डे ऑफ द वल्र्ड इंडिजनस पीपुल्स (विश्व आदिवासी दिवस) की रजत जयंती समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से कही. उन्होंने आदिवासी समाज की कुछ बोलियों और भाषाओं के संरक्षण पर जोर दिया। उइके ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुझे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल की जिम्मेदारी दी है, वह मेरा ही नहीं पूरे जनजातीय समाज का सम्मान है, इनके लिए मैं उन्हें पूरे समाज की तरफ से धन्यवाद देती हूं। राज्यपाल ने कहा कि भाषा सभ्यता और संस्कृति की पोषक होती है। भाषा उस समाज की सभ्यता और संस्कृति का परिचय देती है. इस समय पूरे विश्व में लोक भाषा और लोक बोलियों पर संकट गहराया है. यह स्थिति हमारे देश की जनजातियों की बोलियों और भाषाओं में इसका प्रभाव अधिक है. उन्होंने कहा कि किसी भी भाषा की मौत सिर्फ एक भाषा की ही मृत्यु नहीं होती, बल्कि उसके साथ की ही उस भाषा का ज्ञान-भंडार, इतिहास, संस्कृति समाप्त हो जाती है. खासतौर पर आदिवासी समाज में अनेक संस्कृति और परम्पराओं के साथ जड़ी-बूटियों की और उनके औषधीय उपयोग की जानकारी होती है. भाषा के विलुप्त होने से यह भी गुम हो जाती है. हर भाषा में पर्यावरण से जुड़ा एक ज्ञान जुड़ा होता है. जब एक भाषा चली जाती है तो उसे बोलने वाले पूरे समूह का ज्ञान लुप्त हो जाता है? प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में दी जाए राज्यपाल ने कहा कि मेरा यह मानना है कि कोई भी व्यक्ति अपने भावनाओं को जितने सही तरीके से अपनी मातृभाषा में व्यक्त कर सकता है ।
उतने अच्छे ढंग से अन्य भाषाओं में व्यक्त नहीं कर सकता। उन्होंने अपनी बोली भाषा से अपने संतानों को अवगत कराने का और परिवार में उनका उपयोग करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि यह भी प्रयास करना चाहिए कि बच्चे की प्राथमिक शिक्षा का माध्यम उसकी मातृभाषा हो. आदिवासियों की भाषाओं-बोलियों सहित अन्य विलुप्त होती भाषाओं को बचाने का यह उपयुक्त माध्यम है. इस कार्यक्रम का आयोजन आज नई दिल्ली में इंडियन सोशल इंस्टीट्यूट एवं इंडिया इंडिजनस पीपुल्स सहित अन्य संस्थाओं द्वारा किया गया. वर्ष 2019 में इंटरनेशनल डे ऑफ द वर्ल्ड इंडिजनस पीपुल्स (विश्व आदिवासी दिवस) का थीम ‘इंडिजनस लैंग्वेजेसÓ अर्थात आदिवासियों की भाषाएं-बोली निर्धारित किया गया है।
हीरा सिंह मरकाम का सम्मान
कार्यक्रम में राज्यपाल उइके ने रजत जयंती के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका विमोचन किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक हीरा सिंह मरकाम, देश के विभिन्न भागों से आए विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रायपुर । पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह ने दी ईद-अल-अजहा की मुबारकबाद। ट्वीट कर लिखा- सामाजिक एकता और भाईचारे के त्यौहार #EidAlAdha पर समस्त देशवासियों को दिली मुबारकबाद। मैं दुआ करता हूँ कि इस ईद पर ख़ुदा के रहमत से आप सभी के घर खुशियों से भरे रहें, आप सभी की इबादत कबूल हों और देश पर परवरदिगार की नेमत बनी रहे।

मिनीमाता की स्मृति में छत्तीसगढ़ में 11 कन्या छात्रावासों के लिए अगले बजट में दी जाएगी स्वीकृति
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की व्यवस्था बहुत जल्द की जाएगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित समारोह में यह घोषणा की। समारोह का आयोजन राजधानी रायपुर के नया बस स्टैंड स्थित मिनीमाता उद्यान में किया गया।
मुख्यमंत्री ने मिनीमाता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। श्री बघेल ने इस अवसर पर सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि गिरौदपुरी धाम को उसकी गरिमा के अनुसार विकसित करने के लिए हर संभव सहयोग की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मिनीमाता की स्मृति में छत्तीसगढ़ में 11 कन्या आश्रम प्रारंभ करने की मांग को राज्य सरकार के आगामी बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मिनीमाता गृह निर्माण सहकारी समिति को नया रायपुर में जमीन आवंटित करने की मांग पर भी सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में गुरूघासीदास साहित्य एवं संस्कृति समिति के अध्यक्ष श्री के.पी. खाण्डे ने मांग पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जातियों को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है जबकि जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ अनुसूचित जातियों की जनसंख्या 12.8 प्रतिशत है। स्व. मिनीमाता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने समाज के कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान के लिए जो कार्य प्रारंभ किए, उन्हें कानूनी जामा पहनाने का काम सांसद के रूप में स्वर्गीय मिनीमाता ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के साथ मिलकर संसद में किया।
संसद में अस्पृश्यता निवारण कानून पारित कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने कहा कि मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। मिनीमाता हर समाज के लिए संसद में आवाज बुलंद करती थी और उन्हें न्याय दिलाने का भरसक प्रयास करती थी। छत्तीसगढ़ के लिए उनके किए गए कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। कार्यक्रम में विधायक मोहन मरकाम, विधायक और पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, नगर निगम रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे ने भी अपने विचार प्रकट किए करते हुए मिनीमाता को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति समिति के अध्यक्ष के पी खंडे ने मांग पत्र प्रस्तुत किया।
सुंदर लाल जोगी, डॉ. जेआर सोनी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम रायपुर द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री पहुंचे 100 साल पुराने शिक्षा एक्सप्रेस में, हजारों छात्रों को लक्ष्य तक पहुंचाया
मुख्यमंत्री दुर्ग जिले के विकासखण्ड पाटन के ग्राम सेलूद के प्राथमिक शाला शताब्दी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने वहां बालक उच्चतर माध्यमिक भवन का भूमिपूजन भी किया। साथ ही मिनीमाता की मूर्ति का अनावरण किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण स्कूल ने इस साल अपने स्थापना के 100 बरस पूरे कर लिए हैं। 100 सालों में इसने हजारों छात्र-छात्राओं को उनके लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अनमोल शिक्षा प्रदान की है। एक तरह से यह शिक्षा एक्सप्रेस की तरह है। इसलिए ही स्कूल प्रबंधन ने यहां के प्रवेश द्वार और चहारदीवारी को ट्रेन की तरह का स्वरूप दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन के ग्राम सेलूद प्राइमरी स्कूल 100 साल पूरे कर चुका है। इसके स्थापना वर्ष पर हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी शिरकत की। इस स्कूल में अब तक 6 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर चुके हैं। पुराने लोग इसे शिक्षा एक्सप्रेस कहते थे क्योंकि सैकड़ों लोग यहां से शिक्षित होकर आगे बढ़े।
इसके चलते इसके प्रवेश द्वार को शिक्षा एक्सप्रेस का रूप दिया गया। मुख्यमंत्री ने यहां अपनी तस्वीरें खिंचाई। इसके पहले मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय उदयराम एवं अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा में पुष्पांजलि भी अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा कि सेलूद इस अंचल में आजादी की लड़ाई का केंद्रबिंदु था। स्वर्गीय उदयराम ने यहीं से शिक्षा आंदोलन का शुभारंभ किया फिर गांव-गांव में स्कूल स्थापित हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पुरखों को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने इतनी अच्छी नींव रखी जिसकी बुनियाद पर अंचल में शिक्षा की ठोस व्यवस्था कायम हो पाई है। हमारा फोकस पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर है। इसके लिए हमने डिजिटल शिक्षा के अनेक प्रयोग आरम्भ किये हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे हमारे विद्यार्थी देश भर के प्रतिस्पर्धी माहौल में भी अपनी विशेष जगह बना पाएं। इसके लिए ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अनेक कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा आरम्भ किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेलूद स्कूल की दीवारों पर मैंने देखा, कहीं सौर मंडल बना है। कहीं वन्य जीवन का चित्रण है। यह बहुत अच्छा प्रयोग है। यह भी अच्छा लगा कि स्थानीयता भी इनमें है। एक जगह मैंने तीरी पासा देखा। हम दुनिया भी देखें और जमीन से भी जुड़े रहें। ऐसी शिक्षा के लिए यहां काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। डिजि क्लास रूम के लिए 15 लाख रुपये तथा अन्य जरूरतों के लिए साढ़े चार लाख रुपये दिए जाएंगे। बरसात में स्कूल मैदान में पानी नहीं भरे, इसके लिए पैबर ब्लॉक लगाए जाएंगे तथा अन्य कार्य किये जायेंगे। इसके लिए उन्होंने आठ लाख रुपये की घोषणा की।
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने कहा कि आज सेलूद स्कूल के शताब्दी वर्ष में आप लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। गुरु घासीदास का संदेश था, मनखे मनखे एक समान। स्वर्गीय मिनी माता ने इस सूत्र वाक्य के साथ जीवन भर काम किया। वे लोगों की बेहतरी के लिए हमेशा समर्पित रहीं। समाज मे छुआछूत को दूर करने में भी उन्होंने बड़ा काम किया। सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि सेलूद स्कूल के शताब्दी वर्ष के आयोजन में शामिल होकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहां शिक्षा की ज्योत को जलाए रखने अनेक विभूतियों ने कार्य किया। बहुत से लोगों ने श्रमदान किया, स्वेच्छानुदान दिया। उन्होंने इस अवसर पर स्वर्गीय मिनी माता का स्मरण भी किया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किये।
छत्तीसगढ़ पुलिस के ये जाबांज अधिकारी और जवानों को स्वतंत्रता दिवस पर वीरता पदक से किया जाएगा सम्मानित

रायपुर । स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिये जाने वाले पुरस्कारों की घोषणा हो गई है. इस साल EOW एसपी आईके एलेसेला समेत 14 अधिकारियों और जवानों को पुलिस वीरता पदक के लिए चुना गया है. इसमें तीन शहीदों का भी नाम शामिल है ।
जिनमें कोण्डागांव जिले में पदस्थ उपरनिरीक्षक पुष्पराज नागवंशी, कोरबा जिले के आदित्यशरण प्रताप सिंह और मूलचंद कंवर है. विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति पुलिस पदक रिटायर्ड DIG एसएस शोरी को दिया जाएगा. इसके साथ ही सराहनीय सेवा के लिए दिये जाने वाला भारतीय पुलिस पदक रेलवे में पदस्थ IPS अधिकारी मिलना कुर्रे और मनोज खिलाड़ी समेत 10 लोगों को दिया जा रहा है ।
सराहनीय सुधार सेवा पदक के लिए अंबिकापुर जेल में पदस्थ मुख्य प्रहरी फ्लोरा लकड़ा सहित तीन लोगों को दिया जा रहा है. दो लोगों को यूनियन होम मिनिस्टर अवार्ड के लिए चुना गया है. इसके अलावा और भी कई पुरस्कार दिये जाएंगे ।

रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आरंग थाना इलाके के अकोली कला मे छेड़छाड से मना करने पर नोहर गेन्द्रे (20) नाम के युवक ने घर में घुसकर 16 साल की किशोरी की धारदार हथियार से हत्या कर दी और बाद में युवक ने जंगल में जाकर फांसी लगा ली।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी स्कूल जाते समय किशोरी को छेड़ता था। घर वालों को किशोरी ने यह जानकारी दी तो आरोपित को समझाइश दी गई, इससे नाराज होकर की आरोपी नोहर ने घर में घुसकर युवती की धारदार हथियार से हत्या कर दी और बाद में खुद ने भी फांसी लगा ली। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।