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रायपुर । विधानसभा में बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को स्कूल शिक्षा मंत्री ने ऐलान किया कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने वाले NGO की जांच की जायेगी।  JCCJ और बसपा गठबंधन के सदन के नेता धर्मजीत सिंह के सवाल पर मंत्री प्रेमसाय सिंह ने इस बात का ऐलान किया। धर्मजीत सिंह ने सवाल उठाया कि मध्याह्न भोजन बनाने वाले NGO बच्चों के खानों पर डाका डाल रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को भोजन के नाम पर ठगा जा रहा है। स्कूलों में चावल और पानी वाला दाल के साथ बैगन की ही सब्जी दी जाती है। जबकि शिक्षा मंत्री ने बताया कि मध्याह्न भोजन का मैन्यु तैयार किया गया है।
दलपत सागर में हुए अतिक्रमण की होगी जांच – जगदलपुर के प्रसिद्ध दलपत सागर में हुए अतिक्रमण की जांच की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने आज विधानसभा में इसके लिए मंत्री जयसिंह अग्रवाल को निर्देशित किया है। बता दें कि बजट सत्र के प्रश्न काल के दौरान विधायक मोहन मरकाम ने दलपत सागर में हुए अतिक्रमण को लेकर सवाल उठाया था ।

रायपुर । विधानसभा में शून्यकाल के दौरान 10 प्रतिशत आरक्षण का मामला उठा। बीजेपी ने कहा कि केंद्र सरकार की तरह से 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के बाद भी राज्य सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। इसको लेकर विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की। सभी विपक्ष के नेता गर्भ गृह में आकर नारेबाजी करने लगे। जिसके बाद सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
दलपत सागर में हुए अतिक्रमण की होगी जांच – जगदलपुर के प्रसिद्ध दलपत सागर में हुए अतिक्रमण की जांच की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने आज विधानसभा में इसके लिए मंत्री जयसिंह अग्रवाल को निर्देशित किया है। बता दें कि बजट सत्र के प्रश्न काल के दौरान विधायक मोहन मरकाम ने दलपत सागर में हुए अतिक्रमण को लेकर सवाल उठाया था ।

रायपुर ।   चिटफंड कंपनी पीएसीएल में रकम गंवा चुके लोगों के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनकी रकम लौटाई जाएगी। इसके लिए निवेशन करने वाले लोगों को 1 मार्च से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मदद के लिए जिला एवं जनपद स्तर पर मदद करने के लिए नोडल एवं कंप्यूटर तकनीकी अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है। इसको लेकर सीएम बघेल ने ट्वीट भी किया है।

रायपुर । भले ही इन दिनों मल्टीप्लेक्स के अंदर फूड स्टोर में पैसों की लूट मची हुई है, लेकिन वहां जाकर सिनेमा देखने वालों के लिए खुशखबरी है कि जीएसटी की दरों में आई कमी की वजह से अब उनके टिकट 13 रुपये से लेकर 40 रुपये तक सस्ते हो गए हैं यानी वीकेंड को छोड़कर सप्ताह के बाकी दिन जो टिकट 51 रुपये में मिलता था, वह अब 37 रुपये में मिल रहा है तथा वीकेंड के दिनों में 200 रुपये तक मिलने वाला टिकट 170 रुपये तथा 180 रुपये में मिलने वाला टिकट 180 रुपये हो गया है।
मल्टीप्लेक्स में सिनेमा सस्ती होने के साथ ही घरों का मनोरंजन यानी आपका एलसीडी भी सस्ता हो गया है। इसके अनुसार आप 20000 रुपये की एलसीडी ले रहे हैं तो आपको 2000 रुपये तक सस्ता मिल रहा है।
बताया जा रहा है कि जीएसटी की दर में गिरावट के चलते अब 100 रुपये तक की टिकट पर केवल 12 फीसद टैक्स लग रहा है। फ्रोजेन और प्रिजेर्व सब्जियां तथा म्यूजिक बुक्त में कोई टैक्स नहीं लग रहा है। इसके साथ ही अच्छी चीज यह रही कि अब जनधन खाताधारकों को भी बैंक से मिलने वाली किसी भी सर्विस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
व्हील चेयर के दाम गिरे
जीएसटी दरों में कमी के चलते अब व्हील चेयर पर टैक्स 23 फीसद घटाकर 28 से 5 फीसद कर दिया गया है। इसके कारण 10000 रुपये वाली व्हील चेयर केवल 8000 रुपये तक ही मिल रही है।
डिजिटल कैमरा, रिकार्डर सस्ते
इसी तरह नए साल से डिजिटल कैमरा, रिकार्डर, पावर बैंक, वीडियो गेम भी 10 फीसद टैक्स कम कर दिया गया है। इनकी कीमतों में भी गिरावट आ गई है।
केबल हुआ महंगा
भले ही आपको मल्टीप्लेकस जाकर सिनेमा देखना सस्ता पड़ रहा है, लेकिन आपके घर का केबल कनेक्शन या डीटीएच कनेक्शन अब ट्राई के नियमों की आड़ में महंगा होने लगा है। बताया जा रहा है कि ट्राई के नए नियमों के चलते फ्री वाले चैनल के भी आपको पैसे देने पड़ रहे है तथा ऐसे पैकेज बनाए जा रहे हैं,जो आपको महंगे

रायपुर । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षा आज से शुरु हो रही है। दसवीं की परीक्षा आज से शुरु हो रही है। इसको लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा तैयारी पूरी कर ली गई है। आपको बता दें कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में प्रदेशभर के कुल 6 लाख 50 हजार 811 छात्र शामिल हो रहे है। 10वीं की परीक्षा 1 मार्च से 23 मार्च तक चलेगी और 10 वी में 3 लाख 88 हजार 320 छात्र विद्यार्थी है।
वहीं 12वीं की 2 मार्च से 29 मार्च तक परीक्षा चलने वाली है। जिसमें 2लाख 62 हजार 491 छात्र शामिल हो रहे है। दसवीं के परीक्षार्थियों के लिए प्रदेश भर में 2231 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। इसमें रायपुर जिले में 141 केन्द्र बनाए गए हैं। राज्य में 126 परीक्षा केन्द्र हैं, जिनकी पहचान संवेदनशील के दर्जे में है और 60 अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्र हैं। इन परीक्षा केन्द्रों में पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
इस बार दो बदलाव किया गया है -इस बार परीक्षा के पैटर्न में भी दो बड़े बदलाव भी किए गए हैं। पहला, दसवीं की परीक्षार्थियों को इस बार सप्लीमेंट कापी नहीं मिलेगी, बल्कि उत्तरपुस्तिका ही ४० पेज की होगी। दूसरा उत्तरपुस्तिका में परीक्षार्थियों को केवल प्रश्न पत्र का सेट क्रमांक भरना होगा और अपना हस्ताक्षर ही करना होगा।

रायपुर. । पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ हिन्दुस्तान का पहला राज्य होगा जहां लोगों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार एवं दवाई जैसी तमाम चिकित्सा सुविधा लोगों को निःशुल्क मिलेगी। लोगों को अपने गांव, अपने घर के पास ही प्रारंभिक चिकित्सा उपलब्ध हो और लोगों को निःशुल्क उपचार मिले, इसके लिए सरकार यूनिवर्सल हेल्थ केयर लागू करने जा रही है। श्री सिंहदेव ने कांकेर जिले के चारामा विकासखंड के ग्राम कोटेला में शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल के लोकार्पण के दौरान यह बात कही। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया, भानुप्रतापपुर के विधायक श्री मनोज मंडावी और अंतागढ़ के विधायक श्री अनूप नाग भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि कोटेला में 95 लाख 35 हजार रूपए की लागत से हायर सेंकडरी स्कूल के नए भवन का निर्माण किया गया है।
      पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने कोटेला सहित आसपास के अनेक गांवों के लिए कुल तीन करोड़ आठ रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। हाल ही में 345 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। एक साल के भीतर 600 और नए डाक्टरों की भर्ती की जाएगी। दूरस्थ और भौगोलिक रूप से कठिन इलाकों में काम कर रहे डॉक्टरों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वनाधिकार मान्यता पत्र प्राप्त किसी भी व्यक्ति को वन से बेदखल नहीं किया जाएगा। सरकार हमेशा वनवासियों को साथ खड़ी है। ऐसे परिवार जो 13 दिसम्बर 2005 के पहले से वन भूमि में काबिज हैं, उन्हें वनाधिकार मान्यता पत्र दिया जाएगा।
      महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा कांकेर जिले की प्रभारी श्रीमती अनिला भेड़िया ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्हें पढ़ाई का पूरा मौका दें, उनकी पढ़ाई बीत में न छुड़ाएं। उन्होंने हायर सेकंडरी स्कूल भवन के लोकार्पण पर स्थानीय लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्रीमती भेड़िया ने कहा कि किसानों, मजदूरों और गरीबों की चिंता और उनकी समस्याओं को हल करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। क्षेत्र की सभी समस्याओं का भी शीघ्र निराकरण किया जाएगा। भानुप्रतापपुर के विधायक श्री मनोज मंडावी और अंतागढ़ के विधायक श्री अनूप नाग ने भी लोगों को संबोधित किया। लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री मिथिलेश शोरी, चारामा जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती उषा वट्टी, उपाध्यक्ष श्री ठाकुर राम कश्यप, कोटेला की सरपंच श्रीमती जमुना शोरी, कलेक्टर श्री डोमन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. ध्रुव तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संजय कन्नौजे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अटलनगर नया रायपुर के सेक्टर 19 कैपिटल कॉम्प्लेक्स में 30 करोड़ रूपए की लागत से जल संसाधन विभाग के नवनिर्मित सर्वसुविधायुक्त प्रमुख अभियंता कार्यालय ‘शिवनाथ’ भवन का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में राज्य में सिंचाई के क्षेत्र में स्वर्गीय पंडित श्यामाचरण शुक्ल और स्वर्गीय बिसाहू दास महंत के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए इन महापुरूषों ने अथक प्रयास किया है। जल संसाधन विभाग के समक्ष वर्तमान समय में पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जल की आवश्यकता को पूरा करने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि राज्य के बडे़ बांधों में सिल्टिंग की समस्या और नहरों के रखरखाव और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे सिंचाई योजनाओं का पूरा लाभ किसानों को मिल सके।
     मुख्यमंत्री ने लघु सिंचाई योजनाओं की आवश्यकता एवं महत्व पर बल देते हुए लघु सिंचाई संरचनाओं के निर्माण में भौगोलिक और तकनीकी पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान देने पर जोर दिया, जिससे निर्मित संरचनाओं का अधिक से अधिक लाभ किसानों को मिल सके। उन्होंने कहा कि छोटी सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण से कई दिक्कतों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि भू-जल के अत्यधिक दोहन से जलस्तर में कमी देखी जा रही है। ऐसे समय नदी-नालों को पुनर्जीवित करने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है।
         विधानसभा अध्यक्ष श्री चरणदास महंत ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ में अन्नदाता किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है। राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से किसानों की खुशहाली और आमदनी में वृद्धि के लिए प्रयास किया जा रहा है। सिंचाई का रकबा बढ़ने से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे अन्नदाता किसानों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि हमने ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का सपना देखा है उसके अनुरूप कार्ययोजना बनाकर अन्नदाताओं के जीवन मंे खुशहाली लाने का कार्य किया जा रहा है।
    जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने नवनिर्मित भवन की लोकार्पण पर अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए राज्य में सिंचाई क्षमता का विकास जरूरी है। कृषि एवं सिंचाई के लिए अच्छे कार्य कर किसानों की खुशहाली बढ़ाने के लिए शासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम को गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू और विधायक श्री धनेन्द्र साहू ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ,राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, नगरीय प्रशासन मंत्री श्री शिव कुमार डहरिया, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, जनप्रतिनिधिगण, सचिव जल संसाधन श्री अविनाश चंपावत और प्रमुख अभियंता श्री एच.आर. कुटारे सहित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

रायपुर। राज्य सरकार ने बिजली की नई दरें घोषित कर दी हैं। इसमें मध्यम वर्ग को भी राहत पहुंचाने के लिए कदम उठाए गए हैं। नई दरों के मुताबिक मध्यम वर्ग के घरेलु उपभोक्ताओं के लिए बिजली की नई दरों में 6 फीसद प्रति यूनिट की कमी की गई है। इसके साथ ही बीपीएल वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर में 10 फीसद तक की कमी की गई है। वहीं कृषि पंप के लिए विद्युत की नई दर में 30 पैसे प्रति यूनिट कमी की गई है।
नई दरों के लागू होने से राज्यभर के गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं सहित किसानों को भी फायदा मिलेगा। राज्य में बिजली की दरें चुनावी मुद्दा बनी थीं। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बिजली बिल आधा करने का फैसला किया था। अब सरकार अपने इस वादे को पूरा करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ी है और आम उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत दी है।
विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2019-20 के लिए आकलित औसत विद्युत प्रदाय दर 6 रुपए 7 पैसे निर्धारित की है जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 पैसे प्रति यूनिट कम है। 100 यूनिट प्रतिमाह की खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट दर 3 रुपए 76 पैसे से घटाकर 3 रुपए 40 पैसे की गई है। 100 से 200 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताओं की प्रति यूनिट दर 3 रुपए 80 पैसे से घटाकर 3 रुपए 60 पैसे कर दी गई है। विद्युत दरों में की गई इस कमी का लाभ लगभग 91 फीसद घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा। राज्य सरकार ने पुनर्वास केंद्रों, वृद्धाश्रमों, स्कूलों, अस्पतालों को भी रियायती बिजली दर की श्रेणी में लाने का निर्णय लिया है।
किसानों को खेत की रखवाली के लिए 40 वॉट तक की बल्ब जलाने की सुविधा पहले से दी जा रही है। 40 वाट की रोशनी को अपर्याप्त मानते हुए सरकार ने अब 100 वॉट तक के बल्ब खेतों में जलाने की स्वीकृति दी है। गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली की दर में कमी की गई है। इन्हें अब 100 यूनिट तक की खपत पर 6 रुपए 35 पैसे की बजाए 5 रुपए 90 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जाएगी।

रायपुर। राज्य सरकार ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए। सरगुजा, बस्तर और मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। सीएम भूपेश बघेल की अनुशंसा पर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के लिए अध्यक्ष और दो-दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति की है।
खेलसाय सिंह को सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण में बृहस्पति सिंह और गुलाब कमरो बनाए गए हैं। लखेश्वर बघेल को बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। संतराम नेताम और विक्रम मंडावी प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।
लालजीत राठिया को मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष और लक्ष्मी ध्रुव व पुरूषोत्तम कंवर को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इन प्राधिकरणों के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री व उपाध्यक्षों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और परियोजना विजयी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सशक्त बालिकाएं सफल जीवन की ओर विषय पर कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि बहुत अच्छा लगा कि स्वागत में पुस्तक दी गई।
सीएम ने कहा कि विभाग अपना काम नहीं जार पाते। यह देखना होगा 18 साल बाद आप कहाँ खड़े है। तुलना करने पर ही वास्तविक स्थिति का अंदाजा होगा। सीएम ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट तो शुरू होते है, लेकिन बाद में बंद हो जाते है। सीएम ने कहा कि अगर हम शिक्षा में पिछड़े तब हर जगह पिछड़ जाएंगे। इसके लिए वातावरण तैयार करना होगा। शिक्षकों को बच्चों से कनेक्ट होना होगा। शिक्षक अगर अपनी रोजी रोटी की सोचता रहा और आंदोलन की ही तैयारी करता रहा तब बच्चों को कौन पढ़ायेगा। बस्तर के आदिवासी बच्चों का उदाहरण दिया कि वे मेरिट में आये। हमें बच्चों को अवसर देने की जरूरत है।