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रायपुर । छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की जीत ने कांग्रेस में लोकसभा चुनाव के दावेदारों की लंबी लाइन कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश चुनाव समिति के अध्यक्ष भी हैं, इसलिए उन पर न केवल सूची छोटी कराने की जिम्मेदारी है, बल्कि उन पर अधिक से अधिक सीटों पर पार्टी को जिताने का जिम्मा भी है। पूरा खेल प्रत्याशी चयन पर ही टिका होगा। यह बात उन्हें पता है, इसलिए सूची छोटी करना, बघेल के लिए बड़ी चुनौती है।
हर सीट पर 17 से 20 दावेदार
विधानसभा चुनाव में बम्पर जीत से नेताओं को लग रहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की लहर है। चुनाव में टिकट किसे भी दे दिया जाए, वह जीत जाएगा। यही वजह है कि हर लोकसभा सीट से 17 से 20 दावेदारों का नाम सामने आ गया है। दूसरी तरफ, पार्टी के वरिष्ठ नेता सभी 11 लोकसभा सीटों पर जीत का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी पता है कि लोकसभा चुनाव की परिस्थितियां विधानसभा चुनाव से अलग होती हैं। छत्तीसगढ़ बनने के बाद यहां हुए तीन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हर बार केवल एक-एक सीट से संतुष्ट होना पड़ा है।
संतुष्ट करना बड़ी चुनौती
11 सीटों के लिए केवल एक-एक नाम तय करना बड़ी चुनौती है। नाम फाइन करने के लिए न केवल मंत्रियों, विधायकों, जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों को संतुष्ट करना होगा, बल्कि बाकी दावेदारों को भी समझाना होगा, ताकि सूची आने के बाद दिक्कत न हो। मुख्यमंत्री के पास सूची छोटी करने के लिए समय भी कम है। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने उनके समेत चुनाव समिति के सदस्यों को सात मार्च को दिल्ली बुलाया है। पुनिया पहले समिति के अध्यक्ष व सदस्यों से स्क्रूटनी वाली सूची मांगेगे। उसके बाद ही वे आगे चर्चा शुरू करेंगे।
रायपुर । झीरम कांड में मारे गए बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा को डिप्टी कलेक्टर बनाने पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में उबाल आ गया है। पूर्व कलेक्टर और भाजपा नेता ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर चार सवाल किये हैं। चौधरी ने कहा, मैं महेन्द्र कर्मा का बहुत सम्मान करता हूं। कर्मा के बाद उनके परिवार से विधायक रहे, नगर पंचायत अध्यक्ष हैं, जिला पंचायत में भी प्रतिनिधित्व है, लोकसभा में भी उनके परिवार से चुनाव लड़ा गया। यह सब अपनी जगह है, लेकिन अब उनके एक पुत्र को कांग्रेस सरकार ने सीधा डिप्टी कलेक्टर बना दिया।
कई लोग आरोप लगा रहे हैं कि कर्मा परिवार को लोकसभा की टिकट की दावेदारी से रोकने के लिए कांग्रेस ने तुष्टिकरण का यह कदम उठाया है। चौधरी ने कहा, यदि कर्मा होते तो शायद वो अपने बेटे को काबिलियत के आधार पर कलेक्टर या डिप्टी कलेक्टर बनाना पसंद करते न कि तुष्टिकरण की राजनीति के तहत।
बेहतर होता कि कांग्रेस की सरकार तुष्टिकरण की राजनीति करके लाखों युवाओं के साथ अन्याय करने के बजाय कर्मा के परिवार की आर्थिक सुरक्षा हेतु अनुकंपा का कोई अन्य उपाय करती। चौधरी ने कहा कि इस परिवेश में मेरे मन में कुछ सवाल उठ रहे हैं, जिन्हें सार्वजनिक करना अपना धर्म समझता हूं।
इस बार सीजी पीएससी परीक्षा में डिप्टी कलेक्टर के लिए सामान्य वर्ग का एक, एसटी के लिए दो और एससी-ओबीसी के लिए शून्य पद हैं। डिप्टी कलेक्टर के सिर्फ तीन पद हैं, ऐसे में कांग्रेस सरकार का तुष्टिकरण का कदम छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ अन्याय नहीं है
क्या सरकार अन्याय नहीं कर रही
चौधरी ने पूछा-छत्तीसगढ़ के उन लाखों युवाओं के साथ क्या यह अन्याय नहीं है? जो युवा सालों से प्रदेश के सर्वोच्च प्रशासनिक पद को अपनी योग्यता से प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं? क्या झीरम कांड के अन्य शहीदों के परिवारों को सरकार के तुष्टिकरण के निर्णय से पीड़ा नही हुई होगी? हजारों जांबाज जवान, नक्सलियों से सीधे लड़ते हुए शहीद हुए हैं। उनके परिवारों को दर्द नहीं हो रहा होगा
बस्तर के सभी दलों के सामान्य जनप्रतिनिधित्व और आम आदिवासी भाई- बहन हर रोज माओवादी हिंसा से प्रभावित हो रहे हैं। दंतेवाड़ा के एजुकेशन सिटी के आस्था गुरुकुल में नक्सल हिंसा से अनाथ हुए सैकड़ों आदिवासी बच्चे अपने बेहतर भविष्य के लिये पढ़ाई कर रहे हैं। क्या इन सब लोगों के साथ कांग्रेस सरकार का यह निर्णय अन्याय नहीं है?
शहीद कर्मा परिवार को सरकार ने दिया सम्मान, सवाल न उठाए विपक्ष
पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि शहीद महेंद्र कर्मा के सुपुत्र आशीष कर्मा को डिप्टी कलेक्टर का पद देकर सरकार ने कर्मा परिवार को सम्मान देने की कोशिश की है। विपक्ष को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अंबिकापुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सिंहदेव ने कहा कि जो विपक्ष मीसा बंदियों को पेंशन सुविधा का लाभ देने का निर्णय ले सकती है उसे कम से कम शहीद के परिवार को सम्मान देने लिए गए निर्णय पर आपत्ति नहीं जताई जानी चाहिए।
रायपुर । पुलिस विभाग के एमटी पूल शाखा में समीर और खालसा ट्रैवल्स द्वारा गाड़ी लगाकर लाखों के फर्जीवाड़े में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ट्रैवल्स संचालक बगैर एमटीओ के परमिशन खुद रजिस्टर खरीदे थे और उस पर गाड़ी का मीटर दर्ज करते थे।
यही नहीं, रजिस्टर पर एमटीओ की फर्जी मोहर और हस्ताक्षर भी करके भुगतान करा लेते थे। ट्रैवल्स संचालकों द्वारा दिए गए दस्तावेज की जांच में ऐसी कई खामियां मिलीं। दरअसल, पुलिस विभाग द्वारा निजी ट्रैवल्स की गाड़ियों को अधिग्रहित करने के बाद एमटीओ द्वारा लागबुक जारी किया जाता है, जिस पर गाड़ी की मीटर रीडिंग, गाड़ी के रवाना और वापसी का समय, विजिट का हस्ताक्षर समेत अन्य डिटेल दर्ज की जाती है। इस बुक में एमटीओ का हस्ताक्षर होता है, लेकिन दोनों ने इसका पालन ही नहीं किया।
इनके खिलाफ दर्ज केस
पुलिस के मुताबिक आरोपी जहीर खान निवासी हार्डवेयर लाइंस सुपेला भिलाई, मिर्ता इब्राहिम बेग निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी चरोदा भिलाई, समीरचंद सुमन निवासी सी 30 गायत्रीनगर शंकरनगर समीर ट्रैवल्स रायपुर और जसविंदर सिंह गुरुदत्ता निवासी श्यामनगर तेलीबांधा, इंद्रजीत सिंह निवासी सेक्टर 3 भिलाई के खिलाफ धोखाधड़ी समेत 8 धराओं में केस दर्ज किया गया है।
मीटर रीडिंग बदली गई है
दो ट्रैवल्स द्वारा 1 मई 2018 से 27 फरवरी के बीच मीटर रीडिंग बदली गई है। साथ ही अपना खुद का रजिस्टर खरीदकर पुलिस अफसर के फर्जी हस्ताक्षर कर भुगतान लिया गया है।
– एमएस चंद्रा, डीएसपी, रिजर्व पुलिस लाइंस
7 लाख रुपए की ठगी
गौरतलब है, पुलिस मुख्यालय की एमटी पूल शाखा द्वारा समीर ट्रैवल्स और खालसा ट्रैवल्स की गाड़ियां अधिग्रहित की गई थीं। एक मई 2018 से दोनों ट्रैवल्स की गाड़ियों का संचालन शुरू हुआ था। इस दौरान आरोपी संचालक और चालक मिलीभगत कर मीटर बढ़ाकर और अफसर के फर्जी दस्तखत रक भुगतान कराते थे। 1 मई 2018 से 27 फरवरी 2019 के बीच करीब 7 लाख रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान लिया था। आॅडिट करने पर फर्जीवाड़े का खेल फूटा था।
रायपुर । प्रदेश के छात्र हिंदी संख्याओं को भूल रहे हैं। वे न केवल हिंदी संख्या लिखने और पहचानने में अक्षम होते जा रहे हैं, बल्कि बड़े अंकों को हिंछी में उच्चारित भी नीं रक पा रहे। हिंदी कैलेंडर, पुरानी किताबों में दर्ज हिंदी अंकों को वे समझ भी नहीं पा रहे। विस्मृत हो रही हिंदी को देखते हुए इस सत्र से छात्रों को हिंदी के अंक अर्थात देवनागरी लिपि के अंक पढ़ाए जाने की तैयारी है।
देवनागरी लिपि से परिचय के साथ हिंदी अंक में जोड़ घटाना, गुणा भाग जैसे अभ्यास भी छात्रों को कराए जाएंगे। पहली से पांचवीं कक्षा तक के पाठ्यक्रम में देवनागरी अंक शामिल रहेंगे। गणित विषय में इससे संबंधित अध्याय जोड़ा गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद इसके लिए पाठ्यपुस्तक निगम में भेजा जा चुका है। इन अध्यायों के जरिए रोचक तरीके से छात्रों को देवनागरी लिपि से परिचित कराया जा रहा है।
होगा फायदा
देवनागरी लिपि को शामिल किए जाने से छात्र छात्राओं की योग्यता बढ़ेगी। उन्हें नया सीखने को मिलेगा, जिससे उनका विकास होगा।
पी दयानंद, संचालक, एससीईआरटी
इसलिए फैसला
कुछेक सर्वे में ये बातें सामने आई कि छात्र केवल रोमन अंक ही लिखने और पढ़ पाने सक्षम है। हिंदी अंक न वे पढ़ पाते हैं और न ही लिख पाते हैं। हिंदी की बड़ी संख्याओं को भी छात्र स्पष्ट उच्चारित नहीं कर पा रहे हैं। तमाम स्थितियों को देखते हुए और छात्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए देवनागरी लिपि को कोर्स में जगह दी गई है।
इससे जुड़े अभ्यास भी छात्रों को रकने होंगे, ताकि वे इसे अपने व्यावहारिक जीवन में भी उतार सकें। रोमन अंक भी साथ ही पढ़ाए जाएंगे। गौरतलब है कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र से सिलेबस में कई अन्य बदलाव भी इससीईआरटी ने किए हैं। यह बदलाव भी उनमें से एक ही है।
रायपुर । राजधानी के मोतीबाग चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक देर रात अचानक भीषण आग लग गई। जिसके बाद दमकल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है आग इतनी तेज थी कि रिकार्ड रूम में रखे दस्तावेज जलकर खाक हो गए।
\ बैंक में ताला लगा होने के कारण रात दो बजे लगी आग को बुझाने के लिए दमकल कर्मियों कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आग बुझाने के लिए कांच तोड़कर दमकलकर्मी को घुसना पड़ा। जैसे तैसे फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। वहीं आज से आम लोगों के लिए बैंक को बन्द कर दिया गया है।
रायपुर । मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित भूपेश कैबिनेट बैठक में आज दो प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने जानकारी देते हुए बताया प्लेसमेंट में कार्यरत शिक्षकों को यथावत रखा जाएगा। लेकिन जिन एजेंसियों की अवधि खत्म हो रही है उन्हें हटाया जाएगा।
वहीं झीरम घाटी में शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा विशेष नियुक्ति देते हुए डिप्टी कलेक्टर बनाया जाएगा। मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया आज की बैठक में किसानों के और वनवासियों के मुद्दे पर चर्चाएं हुई हैं। राज्य सरकार के पास महेंद्र कर्मा के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रस्ताव आया था। राज्य सरकार ने उन्हें डिप्टी कलेक्टर बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। जिला प्रशासन और कलेक्टर शिक्षा अधिकारी चिन्हित करेंगे। चिन्हित करने के बाद सब्जेक्ट शिक्षकों को दिया जाएगा मौका।
इस दौरान मुख्यमंत्री निवास पहुंचे पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने कहा मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ता रहा हूं और इसी मामले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने आया था। आज काम नहीं हो सका इसलिए मुख्यमंत्री जी ने कल एक बार फिर बुलाया है। कल मुख्यमंत्री से मिलकर चर्चा करूंगा और कल ही जानकारी दूंगा कि किस मामले को लेकर मैंने उनसे मुलाकात की है।
रायपुर । प्रदेश मुखिया भूपेश बघेल आज सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री निवास पर कैबिनेट की अहम बैठक लेंगे । बैठक में सीएम भूपेश की अध्यक्षता में कई अहम विषयों पर चर्चा होगी ।
बता दें विधानसत्र के पहले यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बताया जा रहा है इसमें कुछ अहम फैसले होंगे जिसका सदन के दौरान ऐलान किया जाएगा । वैसे तो कैबिनेट बैठक विधानसभा में होनी थी, लेकिन आज छुट्टी की वजह से कैबिनेट CM हाउस में हो रही है।
गौरतलब है पिछले हफ्ते में भूपेश में की यह चौंथी कैबिनेट बैठक है और हर बैठक में प्रदेश सरकार ने कई अहम फैसले भी लिए हैं इस लिहाज से इस बैठक को भी अहम माना जा रहा है। किसानों और आदिवासी क्षेत्रों के साथ साथ कुछ विधेयकों को लेकर भी सरकार आज कैबिनेट में मुहर लगाएगी ।
कैबिनेट के बाद CM भूपेश बघेल दुर्ग और रायपुर में आयोजित अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे । मुख्यमंत्री रायपुर से दोपहर 12.30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर एक बजे दुर्ग के धमधा नाका पहुंचेंगे और राजपूत क्षत्रिय महासभा के अधिवेशन में शामिल होंगे।
रायपुर । प्रदेश के 46 लाख बिजली उपभोक्ताओं की अब डबल चांदी होने वाली है। नए टैरिफ के साथ बिजली बिल हॉफ के प्रदेश सरकार के फैसले के कारण 400 यूनिट की खपत पर हर उपभोक्ता को अप्रैल से हर माह 1024 रुपए की बचत होने वाली है। मार्च में यह बचत 960 रुपए होगी। कम खपत करने वालों को कम बचत होगी।
प्रदेश की नई कांग्रेस सरकार ने अपने घोषणापत्र में बिजली बिल हॉफ करने का वादा किया था। इसे पूरा करते हुए एक मार्च से बिजली बिल हॉफ करने का ऐलान किया गया है। अब अप्रैल में मार्च का जो बिल आएगा, उसमें बिजली बिल 400 यूनिट तक हॉफ हो जाएगा।
इससे ज्यादा की खपत पर 400 यूनिट के बाद के यूनिटों का बिल वर्तमान टैरिफ से लगेगा। इधर पावर कंपनी की याचिका को अमान्य करते हुए बिजली नियामक आयोग ने नए टैरिफ में कमी कर दी है। इसका भी लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
यह है फायदे का गणित
बिजली बिल हॉफ में मार्च माह का जो गणित है, उसमें 400 यूनिट का बिल टैरिफ और करों को मिलाकर 1920 रुपए होता है। ऐसे में इस माह 960 रुपए की बचत होगी। लेकिन अगले माह से नए टैरिफ के कारण यह बचत बढ़ जाएगी। सरकार ने बिजली बिल हॉफ करने का ऐलान किया है, ऐसे में पावर कंपनी टैरिफ के साथ करों को भी आधा कर रही है। टैरिफ के अलावा ऊर्जा प्रभार पर 8 फीसदी कर लगता है।
इसके अलावा प्रति यूनिट शेष कर एक पैसे और वीसीए चार पैसा है। इन तीनो को मिलाकर वर्तमान टैरिफ के हिसाब से मार्च में 104 रुपए होते हैं। इसमें से आधा 52 रुपए कम होंगे। इसी तरह से टैरिफ के 1816 में से 908 रुपए कम होंगे। नए टैरिफ में ऊर्जा प्रभार में भी बदलाव हुआ है। ऐसे में अप्रैल से यह 43 रुपए हो जाएगा। 56 रुपए वीसीए और शेष कर के होंगे।
कुल मिलाकर अप्रैल से तीनों करों को मिलाकर 96 रुपए होंगे। नए टैरिफ में चार सौ यूनिट का बिल 1680 रुपए होगा। अगर पूरा बिल और करों को मिलाया जाए तो 400 यूनिट का बिल 1776 होता है। इसका आधा ही लगेगा यानी 888 रुपए। नए टैरिफ में 400 यूनिट पर 136 रुपए की बचत अलग से होगी। कुल मिलाकर यह बचत 1024 हो जाएगी।
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्काईवॉक निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों, आमजनों और व्यापारियों से सुझाव लेने के बाद ही स्काईवॉक के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा लोक निर्माण एवं गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज विधानसभा के समिति कक्ष में विधायकों और अधिकारियों से सुझाव मांगे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है और इसके संबंध में जनप्रतिनिधियों ने विधानसभा में अनेक बार प्रश्न उठाए हैं तथा ध्यानाकर्षण आदि के माध्यम से भी अपने विचार व्यक्त किए हैं। इस संबंध में अलग-अलग विचार प्राप्त हुए हैं। स्काईवॉक ब्रिज के संबंध में अनेक आशंकाएं व्यक्त की गई हैं, जिनका समाधान किया जाना जरूरी है।
विचार-विमर्श के पहले लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने बताया कि वर्ष 2016-17 में स्काईवॉक ब्रिज के संबंध में सर्वेक्षण कराया गया था तथा इसके कंसलटेंट एस.एन. भोबे एसोसिएट्स मुम्बई ने अपने रिपोर्ट में बताया गया था कि शास्त्री चौक में प्रतिदिन 27 हजार यात्री और मेकाहारा चौक पर 14 हजार पैदल यात्रियों का आना-जाना होता है। इसके आधार पर स्काईवॉक निर्माण की निविदा वर्ष 2016-17 में आमंत्रित की गई। निविदा में मेसर्स जी.एस.एक्सप्रेस लखनऊ को 42.55 करोड़ स्वीकृत किया गया। यह निर्माण आठ माह में पूरा किया जाना था। इसकी कुल लम्बाई रोटरी सहित 1470 मीटर है तथा इसमें 10 स्थानों पर सीढ़ी, आठ जगह एस्केलेटर और दो जगह लिफ्ट का प्रावधान किया गया। बाद में इसकी पुनरीक्षित लागत राशि बढ़कर 77 करोड़ हो गई। वर्तमान में इसका लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है।
बैठक में विचार-विमर्श के दौरान अनेक सदस्यों ने कहा कि स्काईवॉक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण निर्णय के पहले जनप्रतिनिधियों या नागरिकों से जो सुझाव लिया जाना था, वह नहीं लिया गया। उन्होंने शंका जाहिर की धूल आदि के कारण एस्केलेटर का संचालन सही तरीके से नहीं हो सकेगा या बार-बार बंद होगा। स्काईवॉक के शास्त्री चौक के रोटरी के ठीक नीचे रेड लाइट सिग्नल होने के कारण गाड़ियां खड़ी होंगी और इससे नागरिकों एवं वीआईपी सुरक्षा पर खतरे की संभावना है। यह भी आशंका व्यक्त की गयी कि रात्रि के समय यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा हो सकता है।
सदस्यों ने कहा कि रायपुर शहर के हीरापुर में दो फुट ओव्हर ब्रिज एवं कबीरनगर में एक फुट ओव्हर ब्रिज पहले से बना है, लेकिन दिन भर में मुश्किल से दर्जन लोग उसका उपयोग करते हैं। यह भी कहा कि शास्त्री चौक में 27 हजार पैदल नागरिकों के आवागमन का आंकड़ा अतिरंजित लग रहा है। इसी तरह तहसील कार्यालय के भीतर सीढ़ियां बना दी गई है, जिससे कार्यालय के जरूरी रिकार्ड एवं सुरक्षा पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ के गरम वातावरण में यात्रियों को ब्रिज के अंदर असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
यह भी बताया कि मुम्बई सहित बड़े शहरों में अब ओव्हरब्रिज उपयोगिता के अभाव में तोड़े जा रहे हैं। यह भी सुझाव दिया गया कि स्काईवॉक के पोलों आदि का उपयोग विज्ञापन बोर्ड आदि के रूप में किया जा सकता है। जनप्रतिनिधियों और विधायकों ने सुझाव दिया कि स्काईवॉक योजना में जनता का कीमती पैसा लगा है और किसी भी निर्णय लेने के पहले यह जरूरी है कि शहर के नागरिकों की राय एवं सुझाव लिया जाए ।
महापौर प्रमोद दुबे ने बताया कि स्काईवॉक बनने के पहले इस स्थान पर दो फ्लाई ओव्हर का प्रस्ताव था, जो महत्वपूर्ण चौराहों के साथ-साथ शहर के रेल्वे स्टेशन से लेकर टाटीबंध और तेलीबांधा आदि को जोड़ते थे। उन्होंने कहा कि स्काईवॉक के संबंध में तकनीकी परीक्षण किए जाने की आवश्यकता है। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कहा कि रात्रि काल में स्काईवॉक की सुरक्षा को देखते हुए यहां आवागमन पर भी रोक लगानी पड़ेगी।
लोक निर्माण एवं गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यह रायपुर शहर की महत्वपूर्ण योजना है और जैसा सुझाव यहां की जनता के अलावा जनप्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और इंजीनियरों आदि से प्राप्त होगा, उस पर अमल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि स्कॉइवाक निर्माण में यातायात को परेशानी हो रही है। उन्होंने स्काईवॉक निर्माण के संबंध में विभागीय जांच कराने को कहा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में लालगंगा, पुराना बॉम्बे मार्केट, जयस्तंभ चौक जैसे क्षेत्रों के व्यापारियों की राय लिया जाना उचित होगा, जिससे उनका जमा-जमाया व्यापार नहीं उजड़े। उन्होंने कहा कि निर्मित हो चुके स्ट्रक्चरों के वैकल्पिक उपयोगिताओं पर भी विचार-विमर्श लिया जाए और माननीय मंत्री, विधायक तथा संबंधित अधिकारी स्काईवॉक ब्रिज का व्यक्तिगत रूप से स्थल निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर आम जनता और विशेषज्ञ इसे जन-उपयोगी या औचित्यहीने मानते हैं, तो क्या इसे शहर एवं आम हित में तोड़ा जा सकता है ? या इसका अन्य वैकल्पिक उपयोग संभव है ?
बैठक में आम सहमति से निर्णय लिया गया कि स्कॉइवाक ब्रिज के संबंध में अंतिम निर्णय लिये जाने तक निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा इसे बनाने, नहीं बनाने या तोड़े जाने या वैकल्पिक उपयोग के संबंध में निर्णय लेने के लिए आम जनता, बुद्धिजीवियों, व्यापारियों, तकनीकी विशेषज्ञों से राय एवं सुझाव प्राप्त किया जाए।
बैठक में रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे, रायपुर जिले के निर्वाचित विधायक सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, अनिता शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष शारदा वर्मा, अपर मुख्य सचिव (लोक निर्माण विभाग) अमिताभ जैन, कमिश्नर रायपुर संभाग जी.आर. चुरेन्द्र, कलेक्टर आर. बसवराजु, पुलिस महानिरीक्षक आनंद छाबड़ा, नगर निगम के अधिकारियों तथा विभागीय अधिकारियों प्रमुख अभियंता डी.के. अग्रवाल मौजूद थे.
रायपुर। आज आबकारी मंत्री कवासी लखमा रायपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी पार्टी ने लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जमीन से जुड़े एक नेता को सीएम बनाया है। मैं पार्टी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने एक गरीब आदिवासी को मंत्री बनाया। मंत्री ने कहा कि किसी भी आदिवासी के साथ अगर अन्याय होता है तो मैं उसका विरोध करुंगा।
केंद्र सरकार के नियमों के कारण आदिवासियों की जमीन छीन ली गई थी, जिसका हमने विरोध किया। जिसके बाद हमारी जीत हुई। हमारी सरकार हमेशा आदिवासियों के लिए खड़ी रहेगी। लखमा ने बताया कि इस बार के लोकसभा चुनाव में भी हम सभी की सभी सीटें जीतेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार ने बस्तर के आदिवासियों के जमीन लौटाकर सराहनीय काम किया है।