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रायपुर । छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोकगायिका और समाजसेवी रजनी रजक को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार 2018 के लिए चुना गया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ काेविंद द्वारा प्रशस्ति पत्र और 1 लाख रुपए की राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि रजनी रजक वर्तमान में भिलाई इस्पात संयंत्र में कार्यरत हैं। रजनी लंबे समय से छत्तीसगढ़ के महिलाओं में अलख जगाने का काम करती आ रही हैं। वह महिलाओं को साक्षर बनाने का काम करती हैं। महिला सशक्तिकरण पर उनका गीत हमन नारी आवनिया लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है।
नारी शक्ति सम्मान लेने दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रिका से रजनी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका सम्मान नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बहू और बेटियों का है, वे केवल सभी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। हमारे छत्तीसगढ़ की बेटियों ने हर क्षेत्र में खुद को बेहतर साबित किया है।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल आज दिल्ली दौरे पर हैं। उन्होंने यहां आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सौजन्य मुलाकात की । उन्होंने राष्ट्रपति को पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिवादन किया। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों के नामों को लेकर गुरुवार को दिल्ली में प्रदेश कांग्रेस समिति की बैठक की गई। बैठक में सीएम भूपेश बघेल , प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया सहित कई नेता मौजूद रहें।
आज की बैठक में लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश चुनाव समिति द्वारा शॉर्टलिस्ट किए गए नामों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है 70 से अधिक नाम आए थे। जिसके बाद बैठक में सभी 11 सीटों के लिए दावेदारों का पैनल तैयार किया गया है। संभवत: शुक्रवार को होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में इन दावेदारों के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
रायपुर । पूर्व सीएम और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.रमन सिंह बुधवार को दिल्ली पहुंचे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल भी दिल्ली पहुंचे। दोनों केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन के निवास पर आयोजित संकल्प पत्र उपसमिति की बैठक में शामिल हुए। बता दें कि लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने घोषणा पत्र के लिए संकल्प पत्र समिति का गठन किया है।
जिसमें संकल्प पत्र तैयार करने के लिए ट्रेड्स और इंड्रस्टीज से संबंधित विषयों के लिए एक उपसमिति का गठन किया गया है। इस उपसमिति में केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन के साथ डॉ. रमन व अग्रवाल सहित कुल पांच लोग शामिल हैं। इसी क्रम में आज रमन सिंह और अमर अग्रवाल इस बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान संकल्प पत्र में किन – किन विषयों को शामिल किया जाए, इसको लेकर चर्चा की गई। दोनों नेता कल वापस प्रदेश लौट आएंगे। आपको बता दें कि कल छत्तीसगढ़ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी दौरा है। जिसको लेकर बीजेपी ने तैयारियां पूरी कर ली है।
रायपुर । स्वच्छता सर्वेक्षण के स्वच्छ शहरों की सूची में अंबिकापुर को दूसरा स्थान मिलने पर पूर्व सीएम रमन सिंह ने प्रसन्नता जाहिर किया है। रमन सिंह ने ट्विटर पर लिखा है ‘ स्वच्छता सर्वेक्षण के स्वच्छ शहरों की सूची में अंबिकापुर को दूसरा स्थान मिलना हमारे मनोबल एवं आकांक्षाओं को और बढ़ा देता है। अब प्रदेशवासियों की दृष्टि फिर एक नए आयाम को तलाश रही हैं। मैं आशा करता हूँ कि वर्तमान सरकार प्रदेश की स्वच्छता के इस कीर्तिमान को आगे भी बनाए रखेगी।
अपने दूसरे ट्वीट में रमन सिंह ने लिखा है कि ” आज स्वच्छता सर्वेक्षण के “बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट” में हमारा छत्तीसगढ़ प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वच्छता व जागरूकता की मिसाल बन चुका है। मैं इस उपलब्धि पर समस्त प्रदेशवासियों के प्रति हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त करता हूँ, जिनकी सजगता से यह उपलब्धि हमारे प्रदेश को प्राप्त हुई है।
आपको बता दें कि बुधवार को केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण की सूची जारी की गई। इस सूची में राज्य के अंबिकापुर को देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। वहीं छत्तीसगढ़ को सबसे स्वच्छ राज्य का सम्मान मिला है।
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिए गए निर्देश पर प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति ए.के.पटनायक इस समिति के अध्यक्ष रहेंगे।
छत्तीसगढ़ के महाधिवक्ता अथवा अतिरिक्त महाधिवक्ता, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव, महानिदेशक जेल (नक्सल ऑपरेशन प्रभारी), पुलिस महानिदेशक और बस्तर संभाग के कमिश्नर इस समिति के सदस्य होंगे।
रायपुर । स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थानीय स्तर पर होने वाली स्कूल की वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। पहली से चौथी तक की परीक्षा 2 अप्रैल से शुरू होगी और 9 अप्रैल तक चलेगी। पहली से चौथी के बीच परीक्षाओं के बीच काफी दिनों का अंतर दिया गया है। 2 अप्रैल के बाद 4 अप्रैल, फिर 8 अप्रैल और उसके बाद 9 अप्रैल को परीक्षा होगी। वहीं 6वीं और सातवीं की परीक्षा 11 अप्रैल तक चलेगी।
रायपुर । राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में छत्तीसगढ़ को दो पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को बेस्ट परफार्मिंग स्टेट के अवार्ड से नवाजा गया है। इसके साथ ही अंबिकापुर राष्ट्रीय स्तर पर देश का दूसरे नंबर का सबसे स्वच्छ शहर बना है। इस सूची में स्टील सिटी के नाम से मशहूर भिलाई शहर को 11वें नंबर पर जगह मिली है। अंबिकापुर शहर ने अपनी कचरा निपटारे की अनोखी प्रणाली के चलते देशभर में यह गौरव हासिल किया है।
इंदौर के बाद अंबिकापुर देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ है। अंबिकापुर शहर में सफाई की यह कवायद आज से 5 साल पहले शुरू हुई थी। यहां तत्कालीन कलेक्टर रीतु सेन के द्वारा नगर निगम के सहयोग से एक व्यवस्था लागू की गई थी जिसके परिणामस्वरूप अंबिकापुर शहर एक स्वच्छ शहर बन गया।
अंबिकापुर में 40 साल पुराने डंपिंग यार्ड को सेनेटरी पार्क बना दिया गया। 25 एकड़ का यह क्षेत्र आज एक खूबसूरत बगीचे में बदल गया है। महिलाओं की समिति घरों से कचरा एकत्र कर रही है। इस कचरे की छटनी होती है। गीले कचरे के निदान के लिए कंपोस्ट मशीन लगाई है।
इसके अलावा 160 प्रकार का कचरा ठोस कचरे के रूप में मिलता है। सेनिटेशन सेंटर में इस पूरे कचरे को पृथक किया जाता है। हर महीने इसकी बिक्री होती है। वेंडर्स का नगर निगम से रजिस्ट्रेशन होता है। करीब तीन साल में अंबिकापुर नगर निगम में लगभग दो करोड़ की आमदनी कचरा बेचने से हो चुकी। इसके अलावा कंपोस्ट खाद से भी आय हो रही है।
अंबिकापुर मॉडल की पूरे देश में चर्चा हुई। शहर को अपनी श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। इसके बाद यहां राष्ट्रीय स्तर की कई स्वच्छता कार्यशालाओं का भी आयोजन हुआ जिसमें देश भर से निकायों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके बाद सफाई के अंबिकापुर मॉडल को राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में लागू किया।
सूची में भिलाई को मिला 11वां स्थान
भिलाई शहर का नाम देश सबसे स्वच्छ शहरों में 11वें नंबर पर है। इस औद्योगिक शहर की संरचना वर्ष 1955 में रशियन वास्तुशिल्पों के सहयोग से तैयार की गई थी। यहां पर्यावरण और उद्योग के बीच अच्छा संतुलन देखने को मिलता है। टाउनशिप में अच्छी खासी हरियाली है। इसके साथ ही यहां के लोग भी सफाई को लेकर काफी जागरूक हैं। भिलाई नगर निगम ने भी कचरे के निपटारे के लिए अंबिकापुर मॉडल को अपनाया है और इसी के साथ यहां भी सफाई के क्षेत्र में व्यापक काम हुआ।
रायपुर । इस साल विदेशी और देसी मदिरा की खपत बेतहाशा बढ़ी है। इन दोनों की खपत में करीब 42 प्रतिशत का उछाल आया है। इसमें विदेशी शराब 31.7 और देशी 12.5 फीसद बिक्री सिर्फ जनवरी माह तक हुई है। इसी गति से लगभग फरवरी माह में भी खपत रही। आबकारी के आकड़ों के मुताबिक गत वर्ष दो लाख 28 हजार 21 लीटर माल्ट अंग्रेजी शराब की खपत जनवरी तक हुई थी। जबकि इस वर्ष जनवरी माह में 38 लाख 66 हजार 633 लीटर माल्ट अंग्रेजी शराब मदिरा प्रेमी पी गए। लगभग यही हाल देशी शराब का भी रहा।
गत वर्ष 84 लाख 46 हजार 918 माल्ट लीटर की खपत हुई थी। इसके सापेक्ष में इस साल के सिर्फ जनवरी माह तक 86 लाख 99 हजार 832 लीटर की खपत बढ़ी है। आकड़ों पर गौर करें तो देशी मदिरा प्रेमी अंग्रेजी शराब प्रेमी से अधिक है।
वैसे अभी विभागीय अधिकारियों का दावा है कि अभी मार्च खत्म होने तक शराब की खपत में और भी वृद्धि होगी। 900 करोड़ रुपये की बिकी शराब आय के नजरिए से 900 करोड़ स्र्पए की शराब इस साल के जनवरी माह तक बेची जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष 900 करोड़ स्र्पए की आय हुई थी। इसमें देशी और विदेशी दोनों प्रकार की शराब की खपत से आई राशि भी शामिल है। यानी पिछले साल की अपेक्षा इस बार 8.6 प्रतिशत अधिक आय हुई।
मार्च तक खपत और आय में और होगी वृद्धि
अभी आबाकरी विभाग फरवरी के आकड़ों को जुटा नहीं पाया है। लेकिन मार्च तक खपत के साथ आय में वृद्धि होने की संभावना है। आबकारी अधिकारी के अनुसार मार्च तक स्टॉक में बचे देशी और विदेशी ब्रांडों के खपत पहले कराने के निर्देश दिए गए हैं।
होली के पूर्व तक पुरानी ही ब्रांड बिकेगी
होली तक सभी पुरानी ब्रांड के देशी और विदेशी शराब के स्टॉक को खपाने की रणनीति बनाई गई है। कई ऐसी ब्रांड भी हैं, जिनकी डिमांड कम है। इसमें अधिकांश ऐसी ब्रांड हैं जो कभी प्रचलन में ही नहीं रही। लेकिन पीने के शौकीन लोग इसे लेने से परहेज करते हैं।
नए साल में नई ब्रांड की फिर मिलेगी शराब
नए वित्तीय वर्ष में रायपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में नई कंपनियों के ब्रांड की शराब मिलेंगी। अपनी शराब को बेचने के लिए आधा दर्जन कंपनियों ने आबकारी को आवेदन भी दिए हैं, लेकिन इस बार बढ़े रेट पर शराब मिलेगी
अभी इसकी खपत में और वृद्धि होगी। बचे हुए स्टॉक को जल्द खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। – बीआर नेताम, प्रभारी उपायुक्त आबकारी विभाग
रायपुर । बिरगांव संतोष नगर में एक दंपत्ति ने फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा दंपत्ति ने कर्ज और उधारी से परेशान होकर फांसी लगा ली। घटना देर रात करीब 2 बजे के आसपास की बताई जा रही। दंपत्ति नड्डा मुरकू बनाने का काम करता था ।
मिली जानकारी के अनुसार मोहनलाल(45) ने रात 2 बजे करीब अपनी पत्नी राधा साहू(36) और पुत्र सेवक राम(18) के साथ फांसी लगा ली। फांसी लगाने से दोनों दंपत्ति की मौत हो गई लेकिन बेटे सेवक की रस्सी अचनक टूट गई जिस वजह से उसकी जान बच गई। जिसके बाद सेवक राम ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर पुलिस जांच में जुट गई है।
रायपुर । राजधानी के शहीद स्मारक के उद्घाटन पर सियासत गरम हो गई है। भाजपा ने उद्घाटन समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को नहीं बुलाने पर भूपेश सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने एक वीडियो जारी करके कहा कि शहीदों के सम्मान की परिकल्पना भाजपा सरकार ने की थी, लेकिन सरकार इस पर राजनीति कर रही है। इस मुद्दे पर राजनीति से उपर उठकर सोचने की जरूरत है।
भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि पूर्व मंत्री राजेश मूणत के कार्यकाल में निर्मित 3डी पिक्चर के माध्यम से क्रांतिकारियों की जीवन के नित्य प्रदर्शन के लिए भव्य डोम से युक्त शहीद स्मारक का लोकार्पण 10 अक्टूबर को होना था,लेकिन चुनाव आचार संहिता के चलते यह कार्यक्रम टल गया।
शहीद स्मारक भवन के नवस्वरूप का बुधवार को प्रदेश सरकार उदघाटन करने जा रही है, इस पर खुशी जाहिर करते हुए प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि प्रदेश की जनता को मिलने वाली इस सौगात के पीछे शहर को सुन्दर स्वरूप देने की भाजपा सरकार की सोच थी।
साथ ही देश भर के क्रांतिकारियों जिसमें छत्तीसगढ़ के वीर सपूत शहीद वीर नारायण सिंह भी शामिल है, के जीवनी से आम जनता को परिचित कराने का उद्देश्य साकार होने जा रहा है।
भवन की भव्यता एवं उद्देश्य पर उन्होंने कहा कि हर कहीं संकीर्ण मानसिकता का परिचय देने वाली कांग्रेस सरकार आज जिस स्काई वाक पर हल्ला मचा रही है, उसी पर चलते हुए शहर एवं राज्य की जनता शहीद स्मारक के समीप क्रांतिकारी वीर शहीदों के शौर्य से परिचित हो सकती थी। यह विडंबना ही है, कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को सरकार ने आमंत्रित करना भी उचित नहीं समझा। यह कांग्रेस पार्टी एवं उनके मुख्यमंत्री की संकीर्णता का परिचायक है।