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रायपुर । राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का माना विमानतल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आत्मीय स्वागत किया। गहलोत एवं भूपेश बघेल सुराजी गांव योजना के तहत ग्राम बनचरौदा में निर्मित आदर्श गौठान का अवलोकन करेंगे और गोबरा-नवापारा में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होंगे । 

 
 
रायपुर । छत्तीसगड़ सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के स्वेच्छा अनुदान नियम जारी कर दिया है। इसमें मुख्यमंत्री एक वर्ष में 10 करोड़ रुपये तक स्वेच्छा अनुदान दे सकेंगे। मंत्रियों और राज्यमंत्रियों के लिए यह सीमा डेढ़ और एक करोड़ रुपये तय की गई है। कांग्रेस सरकार ने अनुदान स्वीकृत करने वालों की सूची से संसदीय सचिव को हटा दिया है। पूर्ववर्ती सरकार में संसदीय सचिवों को भी स्वेच्छा अनुदान स्वीकृत करने का अधिकार था। हालांकि वर्तमान में मौजूदा सरकार में कोई संसदीय सचिव नहीं है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) से जारी स्वेच्छा अनुदान नियम 2019 का गजट प्रकाशन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री और मंत्री स्वेच्छा अनुदान से न्यूनतम दो हजार रुपये स्वीकृत कर सकते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री किसी एक व्यक्ति या संस्था को अधिकतम पांच लाख रुपये जबकि मंत्री 40 हजार रुपये तक दे सकते हैं। नियम में इस बात की स्पष्ट व्यवस्था की गई है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को स्वेच्छा अनुदान स्वीकृत किए जाने की जानकारी मुख्य लेखाअधिकारी, जीएडी और वित्त विभाग के साथ ही अन्य विभागों को भी अनिवार्य रूप से भेजी जाएगी। अफसरों के अनुसार ऐसा इस वजह से किया गया है ताकि कोई व्यक्ति एक से अधिक मंत्री से स्वेच्छा अनुदान स्वीकृत न करा सके।
राजनीतिक और धार्मिक संस्थाओं को नहीं दे सकते-नियम में इस बात का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि स्वेच्छा अनुदान से राशि किसी विशुद्ध राजनैतिक और धार्मिक संस्था को स्वीकृत नहीं की जाएगी। खेलकूद, शिक्षा, कला, विज्ञान, ईमानदारी, वीरता, चिकित्सा, निराश्रित, दिव्यांग, कन्या विवाह, अनाथ और बच्चों की पढ़ाई आदि के लिए राशि दी जा सकती है।
दो वर्ष पहले रमन कैबिनेट ने बढ़ाई थी राशि-इससे पहले मई 2017 में रमन कैबिनेट ने मंत्रियों, संसदीय सचिवों के स्वेच्छा अनुदान की राशि में वृद्धि की थी। तत्कालीन सरकार ने मंत्रियों की स्वेच्छा अनुदान राशि एक करोड़ से बढ़ाकर डढ़ करोड़, राज्य मंत्रियों की 80 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ और संसदीय सचिवों की स्वेच्छा अनुदान राशि 50 लाख से बढाकर 70 लाख रुपयेे किया था।
 

 
 रायपुर । मध्य प्रदेश में हनी ट्रैप मामले में मचे सियासी बवाल के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह का मामला उजागर हुआ है. राजधानी रायपुर में एक युवती ने अपनी खूबसूरती की जाल में फंसा कर कारोबारी से पैसा कमाने का जरिया बनाया. युवती पर आरोपी है कि वो कारोबारी को ब्लैकमेल कर उससे 1 करोड़ 38 लाख 51 हजार रुपये वसूल चुकी है. इसके बाद भी वो उससे और पैसों की मांग कर रही थी. पुलिस ने जाल बिछाकर युवती को कारोबारी से 50 लाख रुपये लेते गिरफ्तार किया है. रायपुर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक व्यापारी चेतन शाह ने पंडरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. इसमें उन्होंने निजी पलों का वीडियो बनाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना बताया. इसके बाद कचना रेलवे क्रॉसिंग के पास सिविल वर्दी में तैनात महिला पुलिस कर्मियों ने आरोपी युवती प्रीति तिवारी को 50 लाख रुपए की डिलीवरी लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा. आरोपी युवती कारोबारी से करीब 1 करोड़ 38 लाख 51 हजार रुपए वसूल चुकी थी. पुलिस अब युवती के मंगेतर रिंकू शर्मा समेत उसके 4 गुर्गों की तलाश कर रही है ।
अपने कब्जे में रखी थी कार-पुलिस के पास दर्ज शिकायत के मुताबिक आरोपी युवती कारोबारी को लगातार ब्लैकमेल कर न सिर्फ उससे पैसे वसूल रही थी बल्कि उसकी क्रेटा एसयूवी को भी अपने कब्जे में ले रखा था. लड़का का मंगेतर गाड़ी को लेकर फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. पुलिस की जांच में युवती के भोपाल और दिल्ली से भी कनेक्शन सामने आए हैं. पुलिस मध्य प्रदेश में पकड़े गए हनी ट्रैप गैंग से इस युवती के संबंध होने की भी जांच कर रही है. पीडि़त कारोबारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि लड़की पहले उससे बातचीत करती थी. फिर वो उसे अपने खूबसूरती की जाल में फंसा कर ब्लैकमेल करने लगी.
सोशल साइट पर दोस्ती-करीब पांच साल पहले सोशल साइट पर चेतन और प्रीति की दोस्ती हुई। पहले कुछ दिन उनके बीच चैटिंग हुई। उसके बाद वे एक दूसरे से मोबाइल पर बातें करने लगे। दोस्ती संबंधों में बदल गई। कारोबारी का कहना है कि संबंध बनाने के बाद से ही छात्रा ने उस पर पैसों के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया था।
प्रॉपर्टी बेचकर की मांग पूरी-पुलिस को इनपुट मिला है कि कारोबारी चेतन लगातार उसकी मांग पूरी कर रहा था, लेकिन उसकी कमाई इतनी नहीं थी जितनी कि प्रीति की मांग। आखिरकार छात्रा की मांग पूरी करने के लिए उसे अपनी प्रापर्टी तक बेचनी पड़ी। पुलिस इसकी पुष्टि के प्रयास भी कर रही है।

 
 
रायपुर । छत्तीसगढ़ की एक सरकारी वेबसाइट ने राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) का अफसर बना दिया है। यह कमाल रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने किया है। इस सरकारी एजेंसी की वेबसाइट पर न केवल मुख्यमंत्री, बल्कि विभागीय मंत्री मोहम्मद अकबर के नाम के आगे भी राप्रसे (राज्य प्रशासनिक सेवा) लिखा हुआ है। राज्य की दूसरी सरकारी वेबसाइट्स की भी स्थिति लगभग ऐसी ही है। आलम यह है कि न अपडेट हो रही है और न गलतियों को सुधारा जा रहा है। इसकी वजह से सरकार की ज्यादातर वेबसाइट लोगों की मदद करने की बजाय गुमराह कर रहे हैं। यही वजह है कि अभी करीब महीने भर पहले ही राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त ने सरकारी विभागों को पत्र भेज कर वेबसाइट को अपडेट करने का निर्देश दिया था। उसके बाद भी वेबसाइट जस की तस ढर्रे पर चल रही हैं।
सरकार बदली तो केवल मंत्री और उच्चाधिकारी के नाम बदले : छत्तीसगढ़ सरकार की ज्यादातर वेबसाइट्स आउटडेटेड और बेकार हो गई हैं। मतलब, विभागीय वेबसाइट्स को अपडेट ही नहीं किया जा रहा है। प्रदेश में सरकार बदल गई है, तो केवल मंत्रियों और उधा अधिकारी का तबादला हो गया है, तो उसका नाम और फोटो बदलकर काम चलाया जा रहा है। जनता को विभाग से जुड़े ताजा आंकड़े और जानकारियां वेबसाइट पर देखने को नहीं मिल रहीं। कुछ वेबसाइट तो ऐसी भी हैं, जिसमें विभाग का उच्चाधिकारी रिटायर हो गया है या उसका तबादला हो गया है, तो भी उसका ही नाम दर्ज है।
वेबसाइट खानापूर्ति के लिए चल रही : शासकीय वेबसाइट बनाने का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और उस पर हो रहे काम की जानकारी जनता को देना है। इसके अलावा ई-गर्वनेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि जनता को ऑनलाइन सेवाएं मिल सकें। विभागीय वेबसाइटों को देखा जाए, तो दोनों ही उद्देश्य पूरे होते नजर नहीं आ रहा है। इसका कारण यह है कि ज्यादातर विभागों की वेबसाइट खानापूर्ति के लिए चल रही हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की वेबसाइट से सरकार के दूसरे विभागों को सीखना चाहिए, जिसमें प्रतिदिन विभागीय निर्देश, परिपत्र समेत अन्य जानकारियां अपडेट की जाती हैं।
नागरिकों को जानकारी हासिल करने का अधिकार : राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एमके राउत को टोकना पड़ा है। दरअसल, राउत लगभग माह पहले निमोरा में आयोजित सूचना के अधिकार विषय पर आधारित कार्यशाला में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि नागरिकों को शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों और कार्यों के बारे में जानकारी हासिल करने का अधिकार है। इसलिए, शासकीय कार्यों और कार्यक्रमों को विभागीय वेबसाइट में प्रदर्शित किया जाए, ताकि आम नागरिक को सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगाने की जरूरत ही न पड़े।
जेल की वेबसाइट में अब तक डीजी नायक : जेल विभाग की वेबसाइट में अब भी डीजी (जेल) गिरिधारी नायक हैं, जबकि नायक रिटायर हो चुके हैं और अब डीजी जेल बिनय कुमार सिंह हैं। प्रदेश की 30 जेल और उपजेलों में बंदियों की संख्या 31 अगस्त 2016 के बाद अपडेट नहीं की गई है। जेल मिनिस्टरी के लिंक को क्लिक करने पर अंडर अपडेशन दिखा रहा है, जो कि पिछले कई महीनों से शो कर रहा है। यहां तक कि कांटेक्ट एड्रेस भी अंडर अपडेशन में है।
पीडब्ल्यूडी की वेबसाइट में 2018 के सर्कुलर : लोक निर्माण विभाग की वेबसाइट में टेंडर से जुड़ी जानकारियां तो अपडेट की जा रही हैं, लेकिन मंत्रालय या संचालनालय से जारी होने वाले सर्कुलर (निर्देश) नहीं डाले जा रहे हैं। तकनीकी सुर्कलर पिछली बार 11 दिसंबर 2018 और वित्त सर्कुलर पिछली बार 26 अक्टूबर 2018 को अपलोड हुआ था।

 
 
रायपुर । के मरीन ड्राइव में सुबह मिली युवती की लाश की पहचान हो गयी है। मृतिका युवती का नाम शिबा चटक है और अमलीडीह रायपुर की रहने वाली है। वहीं मृतिका के पिता शिक्षा माध्यमिक मंडल में क्लर्क के पद पर है।पुलिस को मृतिका के पिता ने बताया कि शिबा बीआईटी इंजीनियरिंग काॅलेज में कंप्यूटर साईस में लास्ट इयर की स्टूडेंट थी और पिछले एक सालों से दिमागी रूप से परेशान थी। जिसका इलाज भी परिवार वाले करवा रहे थे। कल रात आठ बजे अमलीडीह घर से बिना किसी को बताए अकेले निकली थी। जिसकी तलाश परिवार वालों ने रात भर की थी। जब सुबह बेटी की लाश मिलने की सूचना उन्हें मिली तो सभी हैरान हो गये। जिसके बाद तेलीबांधा पुलिस से संपर्क किया गया।फिलहाल मृतिका के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। कल पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं इस मामले में तेलीबांधा पुलिस ने कहा कि पीएम की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि युवती की मौत कैसे हुई थी ।

 
 रायपुर । राजधानी के सबसे भीड़ भाड़ वाले मरीन ड्राइव तेलीबांधा तालाब में एक युवती की लाश मिलने से सनसनी फैल गयी है।। सुबह के वक्त कुछ लोगों ने तालाब में शव को तैरता हुआ देखा। जिसके बाद ये जानकारी आसपास के लोगों को होने पर वहां पर भारी संख्या में भीड़ इक्क्ठा हो गयी। तेलीबांधा पुलिस को इसकी जानकारी दी गयी । मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाया और उसे पीएम के लिए भेजा गया है ।
घटना देर रात की बताई जा रही है। युवती की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। उसकी उम्र करीब 18-19 हो सकती है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह घटना आत्महत्या, हत्या या दुर्घटना कुछ भी हो सकती है। अभी इस बारे में जांच शुरू की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ जुर्म कायम किया है।

 
 
रायपुर  ।  स्कूल शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देशय से एलेट्स टेक्नोमीडिया के साथ डिजिटल लर्निंग पत्रिका 13वें स्कूल लीडरशिप समिट का आयोजन 27 सितम्बर 2019, को रायपुर छत्तीसगढ़ में ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ द्वारा संचालित किया जा रहा है। जिसे हाल ही में भारत के उभरते हुए विश्वविद्यालय और भारत के सबसे भरोसेमंद तकनीकी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी गई है। सम्मेलन का उद्घाटन माननीय उमेश नंदकुमार पटेल, उच्च शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ सरकार मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। प्रमोद दुबे, महापौर, रायपुर नगर निगम और शिव अनंत तायल (आईएएस) आयुक्त, रायपुर नगर निगम, श्री प्रवीण पुरंग, कुलाधिपति, ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़, डॉ आर.डी. पाटीदार, कुलपति, ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ और डॉ बी के स्थापक, पूर्व-कुलाधिपति, ओपी जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़, डॉ संजीव पी साहनी, जिंदल इंस्टीट्यूट ऑफ बिहेवियरल साइंसेज, जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी, सोनीपत, हरियाणा, जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी इस सम्मेलन का हिस्सा होंगे। इस सम्मेलन में शिक्षा क्षेत्र में सबसे अधिक चर्चित विषयो में से एक को सम्बोधित किया जाएगा । 
        ड्राफ्ट न्यू एजुकेशन पालिसी, एजुकेशनल अर्टिफिशल इंटेलिजेंस एंड बिग डाटा इन एजुकेशनल का अभूतपूर्ण विकास, एडुटेक समाधान प्रदाता डिजिटल शिक्षा को सरल बनाने, स्कूली शिक्षा में पुन: परिभाषित मूल्यांकन और भी बहुत से विषयो को सम्बोधित किया जाएगा। प्रदर्शनी में पारिस्तिथिकी तंत्र में नवीनतम और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके अलावा  इस सम्मेलन में – टीचर्स ग्लोरी अवार्ड्स का भी आयोजन किया जाएगा, जो शिक्षको को शिक्षा क्षेत्र में उनकी ताकत और जूनून का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके बाद एक वैधानिक सत्र होगा, जहाँ विभिन्न विद्यालयों के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित करेंगे। पिछले 12 संस्करणों में एलेट्स खुद के लिए एक जगह बनाने में सफल रहा है। स्कूल लीडरशिप समिट ने विभिन्न शिक्षा हितधारकों को तकनिकी हस्तक्षेपों द्वारा सशक्त बेहतरीन प्रथाओं पर विचार विमर्श करने के लिए एकत्रित किया गया है।              
        ओपी जिंदल विश्वविद्यालय के उप – कुलपति डॉ आर डी पाटीदार ने इस सम्मेलन के सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी तथा सम्मेलन को भव्य रूप से सफल बनाने हेतु ओपी जिंदल विश्वविद्यालय का पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया । 

 
 
 
रायपुर । डॉ भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में ब्लड बैंक में कालाबाजारी की मिली शिकायत पर संज्ञान लेकर प्रबंधन ने ब्लड बैंक से जुड़े लोगों और सौदेबाजी में संलिप्त लोगों के खिलाफ एक्शन लिया है। मेडिकल सुपरिटेंडट ने कड़ा एक्शन लेते हुए संदिग्ध की सूची बनवाई और पूछताछ करनेपर यह तथ्य सामने आया है कि दलालों के माध्यम से ब्लड बैंक में काम करने वाले लोग ही गोरखधंधे में शामिल है। प्रबंधन ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि जो भी स्टाफ और ब्लड डोनर के माध्यम से पैसा लेकर ब्लड मुहैया कराते है उन पर निगाह रखे और उनके खिलाफ एफआईआर करें।
रिकार्डिंग में संदिग्धों के नाम, पर नहीं हुई कार्रवाई : ब्लड बैंक स्टाफ और दलाल के माध्यम से मरीजों को ब्लड मुहैया कराने वालों से  जिसकी वीडियो रिकार्डिंग भी मेकाहारा प्रबंधन को सुनाया गया, जिसमें सौदागरों के नाम और स्टाफ के नाम होने के बाद भी प्रबंधन ने अपने स्टाफ को बचाने के लिए सिर्फ संदिग्धों पर नजर रखने की हिदायत देकर बख्श दिया है।
पीडि़तों की मांग, दलालों से मुक्त हो मेकाहारा : मरीजों के पीडि़त परिवार के लोगों ने मेकाहारा प्रबंधन से मांग की है कि यहां हर काम के लिए दलाल सक्रिय है, सबसे पहले प्रबंधन को मेकाहारा परिसर से दलालों को खदेडऩा चाहिए जिससे मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध सुविधा आसानी से मुहैया हो सके। यहां तो दवाई खरीदी से लेकर एक्स-रे और ब्लड के लिए दलाल मरीजों की टोह लेकर फंसाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते।
मेकाहारा के दलालों ने कहा सभी जानते हैं मुझे : गरीबों से खून का डबल पैसा लेकर दलाल उन्हें बेवकूफ बनाते है जिसके बारे में अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी नहीं होने की बात कही है, वहीं दलालों का कहना है कि मुझे सभी डाक्टर और स्टाफ जानता है । उनके कहे अनुसार ही मैं ब्लड डोनर उपलब्ध कराता हूं। जनता से रिश्ता ने हॉस्पिटल के अधिकारी से इस संबंध में बात की तो जिन्होंने बताया कि 2 महीनों से अस्पताल में शासन द्वारा यह नियम निकाला गया है कि खून मरीजों को नि:शुल्क दिया जाएगा, जो डीकेएस और मेकाहारा में लागू हो भी चुका है, खून के बदले खून दिया जाएगा, साथ ही यह भी बताया कि गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा के अंतर्गत महिलाओं को नि:शुल्क ब्लड दिया जाता है। अधिकारी ने बताया कि सभी प्रकार के खून को 30 दिन, आर बी सी 35 दिन,प्लेट्स 3 दिन, फ्रे श प्रोजेन प्लाज्मा ब्लड को लगभग 1 साल तक स्टोर कर के रखा जा सकता है, इसके अलावा गर्भवती और शिशुओं को जरूरत पडऩे पर आपातकालीन स्थिति में ब्लड देते हैं।
ब्लड की कालाबाजारी करने वाले ने खुद कबूला है कि वो दुर्ग-भिलाई से आदमी बुलाता है और डोनटेर को कुछ पैसे देता है उनसे ब्लड डोनेट करवाता है और 2500 रुपए लेता है। दलाल ने कहा कि मुझे सब मैडम जानते हैं सर जानते हैं।

रायपुर । नवरात्रि पर्व में मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए डोंगरगढ़ स्टेशन पर ट्रेनों का अस्थाई ठहराव होगा। 29 सितंबर से सात अक्टूबर तक ट्रेनें रुकेंगी। इसमें ट्रेन नंबर 58208 जूनागढ़ रोड-रायपुर पैसेंजर, रायपुर-गेवरारोड पैसेंजर को डोंगरगढ़ तक, दुर्ग-गोंदिया-दुर्ग मेमू को रायपुर तक विस्तारित किया जा रहा है। डोंगरगढ़-इतवारी-डोंगरगढ़ मेला स्पेशल पैसेंजर की सुविधा प्रदान की जा रही है। वहीं ट्रेन नंबर 68741 दुर्ग-गोंदिया मेमूं, 68742 गोंदिया-दुर्ग मेमू को रायपुर तक विस्तारित किया जा रहा है।
ट्रेन नंबर 08684 व 08683 डोंगरगढ़ -इतवारी-डोंगरगढ़ मेला स्पेशल पैसेंजर की सुविधा 29 सितंबर से सात अक्टूबर तक प्रदान की जाएगी। इसके अलावा त्योहारी सीजन में ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाए जाएंगे। इसमें ट्रेन नंबर 22909 व 22910 बलसाद-पुरी-बलसाद एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी थर्ड कोच की सुविधा बलसाद से 26 सितंबर को और पुरी से 29 सितंबर को प्रदान की गई है। इसके अलावा ट्रेन नंबर 12834 व 12833 हावड़ा-अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त शयनयान कोच की सुविधा हावड़ा से 27 सितंबर को और अहमदाबाद से 29 सितंबर को कोच की सुविधा प्रदान की गई है।

 
   रायपुर । मंगलवार को आयोजित बैठक में भूपेश कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए तीन आईपीएस अधिकारियों की पदोन्नति को निरस्त कर दिया है. डिमोट किए गए तीन अधिकारियों वर्तमान में डीजी स्तर के हैं. लेकिन कैबिनेट के फैसले के बाद डीजी मुकेश गुप्ता, संजय पिल्ले और आर. के. विज वापस एडीजी हो गए हैं. भूपेश कबिनेट ने इसके पीछ केन्द्र सरकार की ओर से सहमित नहीं मिलने का कारण बताया है. जिसके बाद सरकार की ओर से डीजी पद दी गई पदोन्नति को निरस्त कर दिया गया है। रमन सरकार ने 2018 में विधानसभा चुनाव आचार संहिता लगने के ठीक पहले आनन-फानन में तीनों अधिकारियों को एडीजी से डीजी प्रमोट कर दिया था। अब भूपेश सरकार का कहना है कि तीन ही अधिकारियों की पदोन्नति को भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से सहमति नहीं मिली लिहाजा पदोन्नति को निरस्त किया जाता है ।