Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
Browsing: रायपुर
रायपुर । लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा के साथ ही अब कांग्रेस और भाजपा में एक-दूसरे पर जुबानी और ट्विट हमले भी बढ़ गए हैं। दोनों पार्टियां एक दूसरे से जनता के सरोकार से जुड़े सवालों के जवाब मांग रही हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर राज्य में अपनी सरकार के 60 दिन के कार्यकाल का ब्योरा दिया।
उन्होंने बताया कि इन कामों के दम पर वे इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। दूसरी तरफ इस कांफ्रेंस के बाद सीएम भूपेश बघेल ने एक ट्विट किया है, जिसमें उन्होंने देश के विकास को लेकर पीएम मोदी से जवाब मांगा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्विट में लिखा है कि, ‘हमने तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपना 60 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर दिया। क्या मोदी जी में हिम्मत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने 60 महीनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे’ अब इस ट्विट पर प्रदेश भाजपा या पीएम मोदी की तरफ से किसी जवाब का इंतजार है।
रायपुर । पांच संभाग और 27 जिलों में बंटे छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा और 11 लोकसभा की सीटें हैं। इसमें चार आदिवासी व दो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। पांच सीटें सामान्य हैं। नौ लोकसभा क्षेत्रों में आठ- आठ तथा दो में नौ-नौ विधानसभा क्षेत्र आते हैं। 2008 में हुए परिसीमन से पहले सारंगढ़ लोकसभा सीट भी हुआ करती थी, लेकिन परिसीमन में उस सीट को समाप्त कर दिया गया, उसके स्थान पर कोरबा नई लोकसभा सीट है।
सरगुजा संभाग में केवल एक सीट
सरगुजा संभाग में लोकसभा की केवल एक सीट है। हालांकि इसी संभाग के जशपुर जिले की तीन सीट रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। इसी तरह कोरिया जिले की भरतपुर-सोनहट विधानसभा क्षेत्र कोरबा लोकसभा सीट में शामिल है। वहीं, रायपुर का कसडोल विधानसभा सीट जांजगीर लोकसभा सीट में शामिल है। धमतरी जिले की सिहावा, दुर्ग जिले की संजारी-बालोद व गुंडरदेही विधानसभा कांकेर लोकसभा सीट के अंतर्गत है।
राज्य से चुने जाते हैं पांच राज्यसभा सदस्य
संसद की उच्च सदन राज्यसभा के लिए छत्तीसगढ़ से पांच सदस्य चुने जाते हैं। फिलहाल इनमें से तीन सीट भाजपा और दो कांग्रेस के खाते में हैं।
राज्य की लोकसभा सीट व उनमें शामिल विधानसभा क्षेत्र
– सरगुजा (अजजा)- कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य-03, अजजा- 05)
प्रेमनगर, भटगांव, अंबिकापुर, प्रतापपुर, रामानुजगंज, सामरी, लुंड्रा, सीतापुर।
– रायगढ़ (अजजा)- कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य- 02, अजजा-05, अजा- 01)
जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव, रायगढ़, खरसिया, लैलूंगा, धरमजयगढ़, सारंगढ़।
– जांजगीर (अजा)- कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य-06, अजा- 02)
कसडोल, बिलाईगढ़, अकलतरा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, जैजैपुर, चंद्रपुर, पामगढ़।
– कोरबा (सामान्य) कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य- 04, अजजा- 04)
भरतपुर-सोनहट, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, रामपुर, पाली-तानाखार, कोरबा, कटघोरा, मरवाही।
– बिलासपुर (सामान्य) कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य- 06, अजा- 02)
कोटा, लोमरी, तखतपुर, बिल्हा, बिलासपुर, बेलतरा, मुंगेली, मस्तूरी।
– राजनांगदांव (सामान्य) कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य-06, अजजा-01, अजा-01)
पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, डोंगरगढ़, मोहला-मानपुर।
– दुर्ग (सामान्य) कुल नौ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य- 07, अजा-02)
पाटन, भिलाई नगर, वैशाली नगर, दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, साजा, बेमेतरा, अहिवारा, नवागढ़।
– रायपुर (सामान्य) कुल नौ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य- 08, अजा- 01)
बलौदाबाजार, भाटापारा, धरसींवा, रायपुर पश्चिम, रायपुर उत्तर, रायपुर दक्षिण, रायपुर ग्रामीण, अभनपुर, आरंग।
– महासमुंद (सामान्य) कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य- 06, अजा- 02)
बसना, खल्लारी, महासमुंद, सराइपाली, राजिम, बिंद्रानवागढ़, कुरूद, धमतरी।
– बस्तर (अजजा) कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (साामान्य- 01, अजजा- 07)
जगदलपुर, कोंडगांव, बस्तर, चित्रकोट, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंटा।
– कांकेर (अजजा) कुल आठ विधानसभा क्षेत्र (सामान्य- 01, अजजा 07)
सिहावा, संजरी- बालोद, गुंडरदेही, डोंडीलोहारा, अंतागढ़, भानुप्रातापुर, कांकेर, केशकाल।
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दो माह के कार्यकाल में भाजपा ने सवाल खड़ा किया है। भाजपा प्रवक्ता शिवरतन शर्मा ने कहा कि घोषणापत्र में किए गए वादों से मुकर कांग्रेस सरकार ने किसानों, युवाओं, शिक्षाकर्मियों, अनियमित कर्मचारियों व चिटफंड पीड़ितों के साथ अन्याय किया है।
शासन में आने के बाद नियम लगाना कि केवल अल्पकालीन ऋण माफ होगा, केवल 400 यूनिट बिजली बिल आधा होगा, पूर्ण शराबबंदी नहीं होगी, यह कांग्रेस पार्टी के दागदार चरित्र को और दागदार बनाता है। कांग्रेस पार्टी चिटफंड कम्पनियों के समान जनता का विश्वास लूटने वाली चिटफंड सरकार है, जिससे जनता मोहभंग होने लगा है और लोग भूपेश सरकार के खिलाफ आंदोलन करने लगे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि सीएम खुद जमानत पर हैं, लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर उंगली उठाने पर उन्हें लज्जा नहीं आती है। भूपेश बघेल हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को न्यायालय ने आरोप मुक्त कर दिया है और आपका यह आरोप न्यायालय की अवमानना के साथ-साथ व्यक्ति विशेष के मान का हनन भी है।
शर्मा ने कहा कि रायपुर से दिल्ली तक मुख्यमंत्री से लेकर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व राष्ट्रीय सोनिया गांधी तक जमानत पर घूम रहे हैं। भूपेश बघेल अपने करामाती वर्तमान और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के टैक्स चोरी के आरोपों पर क्या कहना चाहेंगे जमानती पार्टी देश में सरकार बनाने का दिवा स्वप्न देख रही है।
रायपुर । लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही भाजपा चुनावी मोड में आ गई है। दो दिन पहले प्रदेश अध्यक्ष बने विक्रम उसेंडी ने पूरी मुस्तैदी के साथ काम करना शुरू कर दिया है। पार्टी अगले 15 दिन में उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर देगी। उम्मीदवारों के चयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक 11 मार्च को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में बुलाई गई है।
इसमें प्रदेश पदाधिकारी, कोर ग्रुप और लोकसभा सांसदों के साथ मंथन किया जाएगा। पहले चरण में छत्तीसगढ़ की एक लोकसभा सीट होने के कारण पार्टी को 25 मार्च तक उम्मीदवार की घोषणा करनी है। ऐसे संकेत मिले हैं कि पहले चरण के उम्मीदवार की घोषणा दस दिन में कर दिया जाएगा।
पार्टी ने हर लोकसभा का प्रभारी बनाया है। साथ ही 11 लोकसभा सीट के लिए तीन क्लस्टर भी बनाया है। इसमें दिग्गज नेताओं को कमान सौंपी गई है। विक्रम उसेंडी खुद सभी 11 लोकसभा का अगले पांच दिन में दौरा करेंगे और टिकट के दावेदारों से चर्चा करेंगे।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो अमित शाह की टीम के सदस्यों ने सभी लोकसभा के उम्मीदवारों का सर्वे किया है। इसमें पांच सांसदों के परफार्मेंस को कमजोर मानते हुए उनके स्थान पर नए उम्मीदवार को उतारने की अनुशंसा की है। पार्टी ने संकेत दिया है कि नए और युवा चेहरों पर दांव लगाया जाएगा।
विक्रम उसेंडी ने बताया कि जमीन स्तर पर सर्वे का काम पूरा हो गया है। प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के बाद उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप दिया जाएगा। चुनाव समिति की बैठक 20 मार्च को संभावित है।
पांच लोकसभा में हर बार बदले जाते हैं उम्मीदवार
पिछले तीन चुनाव के आंकड़ों को देखते तो पांच लोकसभा में हर चुनाव में उम्मीदवार बदल दिये जाते हैं। पिछले चुनाव में राजनांदगांव, कांकेर, सरगुजा, कोरबा और बिलासपुर के उम्मीदवार को बदलकर नये चेहरे को मैदान में उतारा गया था। इस चुनाव में भी करीब पांच चेहरे बदले जा सकते हैं।
पिछले चुनाव में लगातार जीत दर्ज कर रहे रमेश बैस, विष्णुदेव साय, कमलादेवी पटले, चंदूलाल साहू पर पार्टी एक बार फिर दांव लगा सकती है। दुर्ग लोकसभा पर जातिगत समीकरण के आधार पर उम्मीदवार की खोज होगी। पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बाद भी सरोज पांडेय दुर्ग लोकसभा से हार गई थी। सरोज के राज्यसभा में होने के कारण पार्टी वहां नए उम्मीदवार की तलाश कर रही है।
रायपुर । भाटापारा रेलवे स्टेशन में पदस्थ आरपीएफ की एक महिला इंस्पेक्टर ने अपने पति को गोली मार दी। घायल दीपक श्रीवास्तव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपित महिला एसआई को उसके पति ने किसी और के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। इसके बाद आरोपित महिला ने पति पर गोलियां चला दीं।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपित महिला एसआई सुनीता मिंज और आरपीएफ में ही इंस्पेक्टर दीपक श्रीवास्तव के बीच प्रेम संबंध था और कुछ समय पहले दोनों ने शादी कर ली थी। शादी के बाद दोनों अलग-अलग जगह पदस्थ थे।
रायपुर । विश्व में पहली बार थर्ड जेंडर समुदाय का सामूहिक विवाह होने जा रहा है। यह अयोजन रायपुर में होगा। इस सामूहिक विवाह में 15 ट्रांसजेंडर अपने पुरुष साथी संग परिणय सूत्र में बधेंगी। खास बात यह है कि इनका कन्यादान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी इस विवाह समारोह में शिरकत करेंगे।
सामूहिक विवाह में हिस्सा लेने प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और कोलकाता से भी जोड़े आ रहे हैं। 15 जोड़ों में से 8 प्रदेश के हैं, जबकि शेष देश के अन्य राज्यों से हैं। सामूहिक विवाह के लिए 50 कपल ने आवेदन किया था। इनमें से 15 ऐसे जोड़ों का चयन किया गया है, जिनके दस्तावेज सही पाए गए।
थर्ड जेंडर समुदाय की विद्या राजपूत ने बताया कि यह आयोजन इसलिए कराया जा रहा है, ताकि थर्ड जेंडर का भी समाजीकरण हो सके। हमारे समाज के जो लोग रिलेशनशिप में रह रहे हैं, उनके रिश्ते को एक नाम दिया जा सके। बचपन से हमारी ख्वाहिश होती है। कि हमारी शादी हो और हम भी दूल्हा-दुल्हन बने। इस सपने को सच करने की दिशा में ही हमने कदम बढ़ाया है।
अब अपनी शादी में नाचेंगे
अभी तक दूसरों की शादियों में ही नाचते और खुशियां मनाते आ रहे हैं। इस आयोजन के जरिए हमारे बचपन का सपना पूरा होगा। हम अपनी शादी का जश्न मनाएंगे।
– विद्या राजपूत, थर्ड जेंडर वेलफेयर बोर्ड
हल्दी मेहंदी से लेकर बारात बिदाई और रिेसेप्शन भी
सामूहिक विवाह परंपरागत हिंदू रीति रिवाज से होगा। 29 मार्च को हल्दी और मेहंदी की रस्म होगी। इसके अगले दिन बारात आएगी। 30 मार्च को बारात ाअने के बाद विवाह होगा। विदाई और रिसेप्शन भी इसी दिन रखा गया है। विवाह आयोजन के लिए दो स्थलों पर चर्चा चल रही है।
शादी या तो वीआईपी रोड स्थित एक निजी होटल में होगी अथवा शहर के भीतर एक होटल में इस विवाह के लिए बात की जा रही है। शादी समारोह में किसी तरह की कोई कमी न रह जाए, इसका कपूरा ध्यान रखा जा रहा है। यह आयोजन थर्ड जेंडर को समाज की मुख्यधारा में लाने और उन्हें परिवार से जोड़ने का एक प्रयास है।
रायपुर । विधानसभा चुनाव की बम्पर जीत का उत्साह लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं का अतिउत्साह न बन जाए। कांग्रेस को इस बात की चिंता सता रही है कि लोकसभा चुनाव में कहीं कार्यकर्ताओं का यह अतिउत्साह पार्टी की नैय्या न डुबा दे। पार्टी के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने मंत्रियों और विधायकों को तो नसीहत दे दी है कि वे अब विधायकी छोड़कर रोड पर उतर जाएं। वहीं, संगठन इस कोशिश में लगा है कि कार्यकर्ता उत्साहित रहें, लेकिन अतिउत्साहित न हों।
छत्तीसगढ़ बनने के बाद यह देखा गया है, कि जिस पार्टी की प्रदेश में सरकार बनती है, उसे ही लोकसभा चुनाव में भी बढ़त मिलती है। इसका कारण यह है कि विधानसभा चुनाव के नतीजे के चार माह बाद लोकसभा चुनाव हो जाता है। जीतने वाली पार्टी के पक्ष में माहौल बना रहता है।
अभी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 90 में से 68 सीटों पर जीत मिली है, इसलिए कांग्रेस का मानना है कि प्रदेश में कांग्रेस की लहर बनी हुई है। पार्टी मानती है कि कांग्रेस कुछ पक्ष में मजबूत है, तो कहीं पर अपनी कमजोरी भी मानकर चल रही है। कमजोरी को दूर करने की कवायद चल रही है।
कांग्रेस का मजबूत पक्ष
– तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में जीत।
– प्रदेश सरकार के 60 दिनों की उपलब्धियां।
– पहली बार बूथ स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कार्यकर्ता तैयार।
– सरकार बनने पर पार्टी पर भरोसा लौटा, कई नेता वापस आए।
– मोदी को घेरने राफेल, जीएसटी, नोटबंदी जैसे सशक्त मुद्दे हैं कांग्रेस के पास।
कांग्रेस का कमजोर पक्ष
– मंत्रिमंडल गठन के बाद से वरिष्ठ विधायकों में नाराजगी।
– ज्यादा दावेदार होने पर असंतोष का खतरा।
– मोदी सरकार की विफलता को घर-घर पहुंचाने की चुनौती।
– ऊपर ही ऊपर जिम्मेदारी का तय होना, इसलिए रणनीति के क्रियान्वयन में पिछड़ जाना।
– पिछले तीन लोकसभा चुनाव में केवल एक-एक सीट जीतती रही।
रायपुर । लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों का बड़ा हथियार सोशल मीडिया रहेगा। छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया वार के लिए कांग्रेस अपने छह लाख से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को तैयार करने में जुट गई है। पहली बार पार्टी का आइटी सेल सभी मोर्चा, संगठन, विभाग और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों को सोशल मीडिया वार की ट्रेनिंग दे रहा है। प्रशिक्षण पाने वाले पदाधिकारी अपने संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया वार के लिए तैयार करेंगे।
छत्तीसगढ़ बनने के बाद विधानसभा चुनाव में पहली बार कांग्रेस ने सोशल मीडिया में अपनी ताकत दिखाई थी। आइटी सेल का गोपनीय स्थान पर बकायदा वार रूम तैयार किया गया था, जहां न केवल पार्टी के आइटी सेल के पदाधिकारी, बल्कि दूसरे राज्यों से आइटी विशेषज्ञों ने भी मोर्चा संभाल रखा था।
वार रूम से आइटी सेल की जिला स्तर की टीम जुड़ी थी, जो कांग्रेस समर्थित पोस्ट को मतदाताओं तक फैलाने का काम करती थी। अब लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सोशल मीडिया में वृहद स्तर पर विस्तार नजर आएगा।
इसका कारण यह है कि आइटी सेल न केवल अपनी टीम, बल्कि युवा कांग्रेस, एनएसयूआइ, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यक विभाग समेत अन्य मोर्चा-संगठनों को जोड़कर सोशल मीडिया वार में कूदने वाला है। सब मिलाकर कांग्रेस के लगभग छह लाख तीन हजार सदस्य हैं, सभी को सोशल मीडिया वार से जोड़ा जा रहा है, जिसकी शुस्र्आत रायपुर संभाग से हो चुकी है।
आइटी सेल ने 17 मार्च तक सभी संभाग के मोर्चा, संगठन, विभाग व प्रकोष्ठों के जिलास्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। जिले के पदाधिकारी कैंप लगाकर ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।
बघेल सरकार की ब्रांडिंग एपीसोड
प्रदेश में अब कांग्रेस की सरकार है, इसलिए आइटी सेल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के 60 दिनों के काम की ब्रांडिंग करने वाला वीडियो एपीसोड भी तैयार कर रहा है। इसे भी सोशल मीडिया पर हर दिन चलाया जाएगा।
केंद्र की नाकामियों पर भी वीडियो सिरीज
विधानसभा चुनाव में ‘रमन का उल्टा चश्मा” नाम से वीडियो सिरीज कांग्रेस आइटी सेल ने बनाया था, जो हिट हुआ था। राहुल गांधी ने भी इस वीडियो सीरिज की तारीफ की थी। अब प्रदेश का आइटी सेल लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टॉरगेट करने की तैयारी कर रही है। आइटी सेल के प्रदेश अध्यक्ष जयवर्धन बिस्सा ने बताया है कि सोशल मीडिया पर मोदी को घेरने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं की पोल खोलती वीडियो सिरीज तैयार किया जा रहा है, जो कि जल्द ही एक के बाद एक लांच किया जाएगा।
रायपुर । बीजेपी कार्यालय एकात्म परिसर में बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी का जोरदार स्वागत किया गया. कार्यकर्ताओं ने जमकर ढोल-नगाड़े बजाये. स्वागत कार्यक्रम के बाद विक्रम उसेंडी ने पदभार ग्रहण कर लिया है. नए अध्यक्ष के इस पदभार ग्रहण कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद रमेश बैस उपस्थित हैं. साथ ही बड़ी संख्या में महिला मोर्चा के पदाधिकारी भी मौजूद हैं ।
नए अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण के लिए आयोजित कार्यक्रम में कई बड़े पूर्व मंत्री मौजूद नहीं है. इससे कयास तेज हो गए हैं कि एक बड़ा धड़ा विक्रम उसेंडी को अध्यक्ष बनाये जाने से बेहद खफा हैं. फ़िलहाल किसी बड़े बीजेपी लीडर की ओर से नाराजगी के बयान अब तक नहीं आये हैं. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने भी सोशल मीडिया में किसी तरह की नाराजगी व्यक्त नहीं की है ।
मगर ऐसे लम्हे में बीजेपी के कई बड़े पूर्व मंत्रियों का अनुपस्थित रहना कई सवाल खड़े कर रहे हैं. बता दें कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बीजेपी ने नए अध्यक्ष के रूप में एक आदिवासी लीडर के रूप में चर्चित विक्रम उसेंडी पर भरोसा जताया है ।

रायपुर। हार्वर्ड लॉ स्कूल ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित किया है। सुधा भारद्वाज वर्तमान में पुणे जेल में बंद हैं। हार्वर्ड लॉ स्कूल ने महिलाएं जो परिवर्तन को प्रोत्साहित करती हैं नाम की विशेष श्रेणी तैयार की है।
ह दी गई है। सुधा भारद्वाज पिछले कई दशकों से छत्तीसगढ़ में मजदूरों के लिए संघर्ष कर रही हैं। आइआइटी कानपुर से गणित में गोल्ड मैडलिस्ट सुधा ने मजदूरों का मुकदमा लड़ने के लिए बाद में वकालत की पढ़ाई की। वे मानवाधिकारों की समर्थक मानी जाती हैं।क आत्मसमर्पित नक्सली कुमारसाय और पहाड़ सिंह की निशानदेही पर भावे जंगल से 500-500 लीटर के सिंटेक्स टैंक में छुपाकर रखे गए 10 किलो के 7 कूकर, पांच किलो के आठ कूकर, 15 किलो का स्टील डिब्बा, वॉकी टॉकी, रिकॉर्डर, रिमोट बनाने का किट, बैटरी, इलेक्ट्रिक वायर, नक्सली वर्दी, सिविल कपडा़, राशन के समान सहित बडी़ संख्या में सामान बरामद किया है।
डीआईजी रतनलाल डांगी ने सर्चिंग पर निकले जवानों को बधाई देते हुए इसे नक्सली मोर्चे पर बड़ी कामयाबी बताया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को देखते हुए आगे भी गहन सर्चिंग अभियान चलाया जाएगा।