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रायपुर । तत्कालीन भाजपा सरकार के कद्दावर नेता और मंत्री रहे राजेश मूणत जो कि पश्चिम के विधायक भी रहे हैं उन्हें जनता ने पिछले विधानसभा में नकार कर कांग्रेस के जिला शहर अध्यक्ष रह चुके विकास उपाध्याय जो कि चुनाव में पश्चिम से खड़े हुए थे उन्हें भारी बहुमत के साथ जनता ने अपना जनप्रतिनिधि चुना है। वही पश्चिम विधायक विकास उपाध्याय जब विपक्ष में थे, तब भी और आज कांग्रेस की सरकार बनने के बाद भी अपने क्षेत्र के आमजनता के बीच काफी एक्टिव है। विधायक विकास उपाध्याय से रूबरू होकर उनके आगामी कार्ययोजना के बारे में जानने का प्रयास किया। .
जब उनसे पूछा गया कि आने वाले पांच सालों में उनकी प्राथमिकता क्या रहेगी और क्या-क्या वे आमजनता के लिए करेंगे ? इस पर उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ मुझे चुना है, मेरी कोशिश हैं कि मैं उस पर खरा उतरू। इसके साथ ही यहाँ इस विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या बेसिक डेवलपमेंट को लेकर हैं । यहाँ आमजनता साफ-सफाई, साफ़ पेयजल और बिजली को लेकर परेशान हैं और मेरा पांच साल के कार्ययोजना में प्राथमिकता यही है सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ अच्छी शिक्षा बेहतर स्वास्थ सभी उपस्वास्थ केन्द्रों में अच्छी सुविधा देने का प्रयास रहेगा।
गरीब व निम्न वर्ग के हक के लिए काम : पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के लिए क्या प्राथमिकता होगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में ज्यादातर मिडिल क्लास और गरीब वर्ग के लोग रहते हैं। वैसे तो सभी क्षेत्रों में कार्य करना है थोड़ा-थोड़ा सब में कमी हैं लेकिन सबसे ज्यादा गुढिय़ारी, रामनगर कोटा, टाटीबंध, हीरापुर व उससे लगे अंदर में बसे छोटे-छोटे गांव साथ में संत रविदास वार्ड को भी बेहतर बनाना है जो खारुन नदी के उस पार हैं। विधायक ने कहा कि हमारा फोकस आमजनता की परेशानी दूर करना है और हम अपने काम में लगे हुए हैं। जनता सब देख रही हैं हमारी मेहनत हमारा काम तो निश्चित ही जनता हमें आगे हमारे काम के लिए दोबारा चुनेगी ऐसा हमारा विश्वास हैं।
भैंसथान की जमीन पर उद्यान बनाने प्रयास : भैंसथान की जमीन पर कामर्शियल काम्प्लेक्स बनाने के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि हमें जनता ने चुना हैं तो हम जनता की प्राथमिकता को महत्व देंगे। और जब हम किसी भी प्रकार की विकास की योजना तैयार करते है उनके सुझावों को शामिल करना है जिससे उन्हें उनकी बहुप्रतीक्षित मांग पूरा हो सके। मैं वहां के लोगों को विकास में शामिल करूंगा जो उनके अनुरूप काम हो सके। बहुत से काम करना है जो भाजपा सरकार में नहीं हो पाए थे। भैंसथान में गार्डन बनाने की बात तो मैंने प्रस्ताव बना लिया हैं और जल्द ही वहां सरकार से गार्डन बनवाने के लिए आग्रह भी करूँगा और हर संभव मेरा प्रयास रहेगा वहां गार्डन बने।
स्काई वाक गैरजरूरी : स्काईवाक के मामले पर उन्होंने कहा कि सीएम साहब जब कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष थे तब भी उन्होंने स्काईवॉक को समय की बर्बादी और राजस्व का नुकसान बताया था। मै भी इस बात से सहमत हूं, आमजनता भी अपना सुझाव सीएम साहब को दे दी है, स्काईवाक का कोई औचित्य नहीं है, उस पर न तो पैदल चल सकते न ही समय बचा सकते है, टूटना ही एक मात्र विकल्प रह जाता है। ये भाजपा सरकार के नेताओं को खुश करने के लिए बनाया गया था जो पूरी तरह से फेल साबित हुआ और इसकी जगह आमजनता के लिए कुछ बनाते तो बेहतर होता। यह तो बीच शहर में पहाड़ लांघने का दुस्साहस करने जैसा है।
लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है : देखिये इस विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 50 हज़ार वोटर है और 54 हज़ार से अधिक घर है। मेरे छ: महीने का कार्यकाल आमजनता के लिए बेहतर करने उन्हें समझने में बीता और इससे पहले जब मै यहां विधायक नहीं था तब भी मै लोगों के साथ था। आज भी हूं और रहूँगा। इस क्षेत्र में अभी बहुत सी समस्याएं हैं उन्हें दूर करना हैं और मैं लोगों से सुझाव भी ले रहा हूँ। आने वाले दिनों में मंै इनके लिए हरसंभव तरीके से बेहतर और अच्छा करूंगा और जनता ने जनप्रतिनिधि के रूप में मेरा कर्तव्य है कि मैं जनता को वह सभी मूलभूत सुविधाएं मिले जो उनकी पहली प्राथमिकता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 सालों तक विपक्ष की भूमिका निभाने के बाद कांग्रेस सत्तासीन हुई है. कांग्रेस के सत्तासीन होने पर पीसीसी चीफ भूपेश बघेल को सूबे का मुखिया बनाया गया. इसके तुरंत बाद से ही अगला पीसीसी चीफ कौन होगा इसकी तलाश शुरू हो गई थी. लेकिन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद अब नए पीसीसी चीफ की तलाश तेज हो गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आला कमान नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए महिला या आदिवासी कार्ड खेल सकती है।छत्तीसगढ़ सरकार को जल्द ही 13वें मंत्री के साथ कांग्रेस को नया पीसीसी चीफ मिल सकता है। दिल्ली में सीएम बघेल और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के बीच इसके लिए नामों को मंथन चल रही है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी के वायनाड से लौटते ही दोनों नेता उनसे मिलकर नामों पर सहमति ले सकते हैं।
भूपेश सरकार में अभी सीएम बघेल के साथ कुल 12 मंत्री हैं। 13वें मंत्री का पद खाली पड़ा हुआ है। इसके लिए कई नामों की चर्चा भी चल रही है लेकिन इनमें से किस नाम पर मुहर लगेगी यह पीसीसी चीफ की नियुक्ति से भी जुड़ा हुआ है। क्योंकि जितने नेताओं के नाम मंत्री के लिए चल रहे हैं उन्हीं नेताओं के नाम प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी चल रहे हैं। इसलिए माना जा रहा है कि एक की नियुक्ति के साथ दूसरे का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इन दोनों पदों के लिए लगभग आधा दर्जन नेताओं के नाम चल रहे हैं। मंत्रियों की रेस में अमरजीत भगत के अलावा सत्यनारायण शर्मा, धनेन्द्र साहू, अमितेष शुक्ल के नाम शामिल हैं जबकि पीसीसी चीफ के लिए अमरजीत भगत के साथ मनोज मंडावी और मोहन मरकाम के नाम भी प्रमुखता से चल रहे हैं।
रायपुर । शादी का झांसा देकर महिलाओं को ठगने वाला आरोपी पुलिस के गिरफ्त में आया है. आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया था. पीडि़ता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता लिया. आरोपी को वड़ोदरा से गिरफ्तार किया गया। दरअसल, आरोपी इलेश मनुभाई दोशी बिलासपुर की महिला एवं बाल विकास विभाग की क्लास 2 महिला अधिकारी समेत प्रदेश की कई युवतियों को शादी का झांसा दिया था. उससे लाखों रुपए लेकर गुजरात फरार हो गया था। पीडि़ता ने राजेन्द्र नगर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। शिकायत के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। लोकेशन मिलने पर पुलिस की टीम गुजरात रवाना की गई। वड़ोदरा से आरोपी इलेश को गिरफ्तार किया गया। फिर पुलिस उसे रायपुर लेकर आई। आरोपी रायपुर में एसेंशियल मार्केटिंग के नाम से कारोबार चलाता था। प्रदेश के कई कारोबारियों को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर फरार हुआ था। करीब आठ महीने से फरार था। पुलिस सोमवार को मामले का खुलासा करेगी ।
रायपुर । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन से मुलाकात कर वापस रायपुर लौट स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव।इस दौरान उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से अंबिकापुर मेडिकल कालेज को जीरो ईयर घोषित किये जाने पर स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि एमसीआई की टीम दिगभ्रमित हो गयी, इसकी वजह से कुछ तकनीकी दिक्कतें हुई। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री से इस संबंध में बातचीत कर अनुरोध किया गया है।
उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से कई बिंदुओं पर चर्चा की और छत्तीसगढ़ आने का न्योता भी दिया। सिंहदेव ने बताया कि डा हर्षवर्धन ने आश्वस्त किया है कि छत्तीसगढ़ को जिस भी तरह की जरूरत होगी, वो उसे जरूर दूर करने की कोशिश करेंगे।

रायपुर । शासन व्दारा निराश्रित और मानसिक विक्षिप्त लोगों के लिए कई योजनायें बनाई गयी हैं, इसके बावजूद निराश्रित लोग सड़कों में जीवन यापन करने मजबूर हैं। हाट-बाजारों, सड़कों, गली मोहल्लों में भीख मांग कर जिंदगी काटने के लिए मजबूर है। संबंधित विभाग बैनर पोस्टर और स्लोगन से ही कर रहा है समाज कल्याण, हकीकत में वे सभी विक्षिप्त और निराश्रित भगवान भरोसे ही है।
सरकार का विभाग भी इस ओर चिंतन नहीं कर रहा है दिन-ब-दिन सड़कों पर भिक्षावृत्ति करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है इस तरह जीवनयापन करने वाले लोग न किसी प्रकार से न कोई बुनियादी सुविधा का लाभ उठा रहे और न ही अपने लिए दो वक्त का भोजन की व्यवस्था कर पा रहे हैं। सड़कों के किनारे इनके रहने के ठीहे है, तो वही सामाजिक संस्था द्वारा भोजन इनका खाना पर इस तरह से इन सबका पूरी तरह से लाभ उठाने में असमर्थ हैं। शासन दवारा ऐसे लोगो के लिए साल दर साल योजनाएं बनती जा रही है । राजस्व से करोड़ों रूपए खर्च भी किये जा रहे हैं पर फिर भी सब ढर्रे में जा रहे हैं। राजधानी रायपुर शहर में ही लगभग 100 से ज्यादा निराश्रित और विक्षिप्त घुमन्तु लोग घूम रहे हैं इस पर ना शासन की नजर पड़ी, ना ही अधिकारियों की, दु:ख बात यह है कि जिम्मेदार प्रशासनिक विभाग एक दूसरे की जिम्मेदारी बताकर अपने काम से पल्ला झाडऩे की कोशिश कर रहे है। जिसमें शहर के इस छोर से उस छोर तक निराश्रित, मानसिक विक्षिप्त और घुमन्तू नजऱ आये। यह तस्वीर शहर के सबसे बड़े अस्पताल आंबेडकर अस्पताल के पार्किंग की हैं जहां यह निराश्रित महिला बैठी हुई है, तो वही ये तस्वीर है शहर के दूसरे कोने तेलीबांधा की हैं जहां बूढ़े काका लावारिसों की तरह सड़कों पर सोये है। वही मौदहापारा से निकले नए सड़क पर यह महिला बैठी हुई, इतना ही नहीं कॉलोनियों में दुकानों के बाहर इन्हें जहां जगह मिलती अपना बसेरा बना लेते है। दिन और रात वही बिताते हैं।
मुख्य पेशा भिक्षावृति : ऐसे घुमन्तु लोग भिक्षावृति करने के अलावा कोई काम नहीं करते है। मंदिरो के सामने ,सड़को के किनारे,सार्वजनिक स्थलों में या फिर कॉलोनियों अक्सर इन्हें देखा जा सकता है, ये वहां जा कर लोगों से भिक्षा मांगकर गुजर बसर करते हैं यहीं इनका मुख्य पेशा हैं।
बड़े गिरोह सक्रिय : भिक्षावृत्ति कानून रूप से प्रतिबधित होने के बाद भी भिक्षावृत्ति करने वाला गिरोह सक्रिय है जो झुंड में भिक्षावृत्ति करता है, और मिले पैसों को शराब में उड़ाता है। वहीं प्रशासन विक्षिप्त और भटकते निराश्रितों को पुनव्र्यवस्थापन नहीं करवा पाई है। जबकि समाज कल्याण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि किसी भी शहर या गांव में भिक्षावृत्ति नहीं हो। लेकिन समाज कल्याण विभाग सफेद हाथी साबित हो रहा है। घुमन्तु और निराश्रितों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। वे सार्वजनिक स्थलों में ये बड़ी तादाद में
रहते हैं।
संस्थाओं के भरोसे : इस तरह के लोगों को अक्सर बड़ी संस्थाओं दवारा सहानुभूति मिल जाता है और यही संस्था इन्हे रेस्क्यू कर बेहतर जीवन देने की कोशिश में लगे हुए रहते हैं। वही इस तरह के निराश्रित लोग इन संस्थाओं के भरोसे रहते हैं। लेकिन हर लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता।
सरकारी विभाग बेखबर और लापरवाह
शासन की जिम्मेदारी है की समाज के हर आखिरी व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचे फिर प्रशासनिक विभागों दवारा बड़े पैमाने में गड़बड़ी किया जा रहा है और आला अधिकारी की मनमानी से निराश्रित लोगों को शहर के सड़कों बनाना पड़ रहा हैं अपना घर तो वही संस्था को अपना भोजनालय। समाज कल्याणद विभाग और महिलाओं के लिए महिला बाल विकास विभाग मुख्य रूप से इस तरह के विक्षिप्त लोगों की जिम्मेदारी इनके कंधों पर हैं पर ये एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ जिम्मेदारियों से बचने का हर सफल प्रयास करने में लगे हुए हैं।
ऐसे विक्षिप्त लोगों के लिए हम केवल इतना ही करते हैं कि उन्हें मेन्टल हॉस्पिटल भेजते हैं वो भी हमारी नहीं पुलिस की जिम्मेदारी है। प्रदेश में केवल एक ही मेन्टल हॉस्पिटल हैं और पुलिस की ऐसे लोगों को रेस्क्यू कर सीजीएम के सामने प्रस्तुत करती है और मेन्टल हॉस्पिटल के सर्टिफिकेट के बा उन्हें रीमस भेजा जाता है यही प्रक्रिया है और बाकि समाज कल्याण विभाग ,डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और सामाजिक न्यायिक विभाग की जिम्मेदारी है उनसे बात करिये।
– एम गीता (सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग )
हम 18 साल से नीचे जो आते है उनको रेस्क्यू करते हैं बाकी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग की है। कोई भी विक्षिप्त जिम्मेदारी उनकी हैं ।
– एम एल पांडेय, सचिव, समाज कल्याण विभाग, आयोग

रायपुर । पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने बिजली कटौती पर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। डॉ रमन सिंह ने बिजली विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को बीजेपी का बताये जाने वाले आरोपों पर कहा कि बिजली विभाग में काम करने वाले कर्मचारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारी सभी बीजेपी के कार्ड होल्डर हैं, बीजेपी के सदस्य हैं तो उनकी सरकार कैसे चल रही है, बिजली की स्थिति 15 साल तक उसी विभाग ने चलाया, मैंने उर्जा मंत्री के रूप में इसे बहुत नजदीक से देखा और जितनी मॉनिटरिंग हमने की। डे बाई डे, एक-एक गांव में बिजली की व्यवस्था हमने की। बस्तर में हाईटेंशन लाईन को नक्सलियों ने उड़ा दिया। पांच दिन तक वहां अंधेरा छाया हुआ था उसके बाद हमने वहां पर ऐसी व्यवस्था कर दी कि तीन तीन लाईन एक 132 का 222 और 442 की तीन अलग अगल लाईन बस्तर के लिए बिछा दिया ताकि आने वाले दिनों में कम से कम बीस साल बस्तर में बिजली की समस्या न हो। ऐसे ऐसे उपाये किये गये। लेकिन आज जिस प्रकार का फेलियर हैं सरकार का, पूरा छत्तीसगढ़ अंधेरे में जा रहा है।
डॉ रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश में अव्यवस्था का आलम है। अब तो लोग सड़क पर आ रहे हैं धरना दे रहे है, प्रदर्शन कर रहे, आंदोलन कर रहे और अपने विधायकों को चिमनी भेट कर रहे हैं, कैंडिल भेंट कर रहे है। अब ये छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आएंगे और इस अव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। सरकार को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। छह महीने बाद भी उनको समझ नहीं आ रहा हैं कि सरकार उनकी चल रही है।
भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं चल रही और न ही डॉ रमन की सरकार चल रही है। अब इनका इतना नियंत्रण ये बताता हैं कि किसी भी विभाग में इनका कितना नियंत्रण है और कितना नहीं है।
शिवराज सिंह के पिता के त्रयोदशी कार्यक्रम में शामिल हुए
पूर्व सीएम रमन सिंह शुक्रवार को सीहोर पहुंचे और पूर्व सीएम शिवराज सिंह के पिता स्वर्गीय प्रेम सिंह चौहान के त्रयोदशी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिवराज सिंह के पैतृक गांव जैत पहुंचकर उनके पिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। साथ ही वे भजन संध्या में भी शामिल हुए। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा धर्मलाल कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा उपस्थित भी रहे ।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पहला विदेश दौरा फिलहाल रद्द हो गया है। अब मुख्यमंत्री के बिना उद्योग मंत्री कवासी लखमा और उच्च अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल कनाडा प्रवास पर जाएगा। मंत्री और अधिकारियों का यह विदेश प्रवास 9 से 16 जून तक का होगा।
इस कारण यह दल रविवार को रायपुर से रवाना हो जाएगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर में छत्तीसगढ़ के लिए संभावनाएं तलाशने के लिए मुख्यमंत्री के साथ उद्योग मंत्री और उच्चाधिकारियों के कनाडा दौरे का कार्यक्रम बना था। वीसा के लिए पांच जून को मुख्यमंत्री को दिल्ली जाना था, लेकिन ईद के अवकाश के कारण उन्हें अपना दौरा रद्द करना पड़ा था।
अब यह तय हुआ है कि उद्योग मंत्री लखमा के साथ मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर, अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआइडीसी) के एमडी कनाडा प्रवास पर जाएंगे। एक हफ्ते में मंत्री और उच्च अधिकारी कनाडा के ऑटोमोबाइल समूहों से मुलाकात करेंगे। उन्हें छत्तीसगढ़ आने का न्योता भी देंगे ताकि कनाडा के उद्योग समूह भी यहां आकर संभावनाओं को देख और समझ सकें।
सीएम ने पीएम से मुलाकात के लिए भेजा पत्र
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए पत्र भेज दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से समय मांगा है। प्रधानमंत्री से औपचारिक मुलाकात करके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उन्हें बधाई देंगे। उनकी कोशिश यह भी रहेगी कि प्रधानमंत्री से छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में कुछ चर्चा भी हो जाए।

रायपुर । राजधानी से सटे ग्राम रीवा में प्राचीन दीवार की खुदाई का कार्य प्रारंभ किया गया। संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा पुरावशेषों के अन्वेषण के लिए शुरू किए गए इस उत्खनन में एक फीट की खुदाई पर ही 18 सौ साल पुरानी ईटें मिली। मौके पर विभाग के संचालक अनिल साहू ने प्राचीन राजिम-सिरपुर पथ पर स्थित स्थल पर पारंपरिक रूप से श्रीफल अर्पित कर खुदाई प्रारंभ की।
गौरतलब है कि संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग ने प्रारंभिक सर्वेक्षण के बाद इस स्थल का चयन किया है। यहां प्रथम-द्वितीय सदी के अवशेष मिलने की व्यापक संभावनाएं दिखी थीं। रीवा ग्राम में मिट्टी के प्रकार तथा परिखायुक्त प्राचीन गढ़ तथा बसाहट के विलुप्त अवशेष भी बचे हुए मिले थे। स्थल को देख लगभग 6वीं सदी ईसवी में महत्वपूर्ण प्रशासनिक तथा व्यापारिक स्थल की संभावनाएं लगाई गई थी, जो सही साबित हुई।
उत्खननकर्ता निदेशक पद्मश्री सम्मान प्राप्त डॉ. अरूण कुमार शर्मा ने दावा किया है कि उत्खनन करते समय एक फीट की गहराई में तीन तरह की ईटें मिली है, जिसमें 35 सेंटीमीटर, 19 सेंटीमीटर और 7 सेंटीमीटर की ईंटें शामिल है। साथ ही स्थल के दूसरी ओर एक ओर टिला दिखाई दे रहा है।
इसमें लोक पूजा के स्तूप की संभावना दिख रही है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से वृषोत्तम साहू ने स्थल का सर्वेक्षण किया था। शर्मा के अनुसार यहां मौर्य काल में बसाहट आरंभ हो चुका था तथा सोमवंशी शासकों के काल में यहां मंदिरों का निर्माण कराया गया होगा।
मौके पर पुरातत्व विभाग के उप संचालक जेआर भगत ने स्थल की प्राचीनता के संबंध में ईंटों के जमाव के आधार पर अभिमत दिया है। साथ ही बताया कि उत्खनन में 7वीं सदी के अवशेष स्पष्ट रूप से परिलक्षित होने की संभावना है। उत्खनन कार्य से छत्तीसगढ़ में 18 सौ साल से पहले की व्यापार व्यवस्था और प्रशासनिक इकाईयों का प्रमाण मिल सकता है।

रायपुर । छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना के परिणाम पूरक परीक्षा यानी 5 जुलाई से पहले आएंगे. पूरक परीक्षा की तिथि घोषित होने के साथ ही अब छात्रों को पुनर्मूल्यांकन परिणाम जानने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा ।
बता दें कि परीक्षा परिणाम से करीब 18000 असंतुष्टों की कतार लग गई है कॉपियों की छाया प्रति देखने, पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना के लिए अर्जी बच्चों ने लगा दी है पहली बार ऑनलाइन आवेदन करने के लिए माशिमं ने मौका दिया था दसवीं की पूरक परीक्षा 5 से 15 जुलाई तक होगी. 12वीं की परीक्षा 5 से 18 जुलाई तक तथा 12वीं बोर्ड वोकेशनल बोर्ड की परीक्षा 15 जुलाई और डिप्लोमा इन एजुकेशन प्रथम वर्ष की परीक्षा पांच से 22 जुलाई तक होगी. परीक्षआएं सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेंगी. 27 मई से 10 जून तक विलंब शुल्क 550 रूपए के साथ 11 से 18 जून तक ऑनलाइ आवेदन किया जा सकता है इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा ।
रायपुर । किसानों को खेती बाड़ी से संबंधित जानकारी के साथ ही खेती में आने वाली समस्यओं के निदान के लिए किसान सुविधा केन्द्र की शुरूआत रायपुर जिले से हो चुकी है. प्रदेश में कृषि कार्य के बेहतर संपादन के लिए किसानों की सुविधा में बढ़ोतरी के लिए विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं किसान सुविधा केन्द्र के जरिए सभी तरह से समस्याओं का निदान किया जाएगा ।आपको बता दें कि रायपुर केंद्र के लिए अधिकारियों की नियुक्ति के साथ ही टोल फ्री नंबर जारी किया गया है किसान यहां से सीधे अथवा टेलीफोन के जरिए मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं. किसान सुविधा केन्द्र को टोल फ्री नंबर 18002331850 है इसमें कार्यालीयन समय कृषक अपनी समस्या का निदान प्रापित कर सकता है ।
इसी क्रम में किसानों को मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक जिले में किसान केंद्र सेवा केंद्र प्रारंभ करने के निर्देश शासन ने दिए हैं इसके परिपालन में रायपुर जिले में किसान सेवा केंद्र की शुरुआत कर दी गई है इस केंद्र के लिए सहायक संचालक कृषि आरके परिगनिया को नोडल अधिकारी बनाया गया है उनके अलावा 7 अन्य सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है ।
सहायक कृषि संचालक आरके परिगनिया ने बताया कि जिले में किसान सुविधा केंद्र की स्थापना के साथ ही सेवा शुरू कर दी गई है अपनी समस्याओं को लेकर यहां संपर्क कर सकते हैं उसका निराकरण किया जाएगा ।