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रायपुर । प्रदेश में गर्मी का कहर जारी है। भीषण गर्मी की वजह से लोग डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। प्रदेश में सबसे अधिक गर्म बिलासपुर और रायपुर हैं। बिलासपुर और रायपुर में 44। 2 डिग्री तक पहुंच गया है, नया रायपुर में तो तापमान 45 डिग्री तक पहुंच गया है। पेड्रारोड़ में 41 डिग्री, दुर्ग में 43 तो राजनांदगांव 42 डिग्री तापमान है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 30 अप्रैल तक ऐसी स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद वर्तमान में बंगाल की दक्षिण खाड़ी में मौजूद चक्रवात के आगे बढ़ते हुए ओडिसा के समुद्र तट पर आने की वजह से मौसम में बदलाव के आसार हैं। चक्रवात की वजह से 30 अप्रैल और एक मई को बस्तर, रायपुर और सरगुजा संभाग में बारिश की भी संभावना है, जिससे तापमान में करीबन 2 से 3 डिग्री कमी आने की संभावना है।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के कृषिमंत्री रविंद्र चौबे की हालत में सुधार हो रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अभी फिर से रविंद्र चौबे को देखने अस्पताल पहुंचे हैं। वे शनिवार की रात रांची से लौटने के बाद भी लखनऊ के पीजीआई अस्पताल गए थे। वहां उन्होंने रविंद्र चौबे से मुलाकात की थी। चौबे के एक करीबी ने बताया है कि वे पूरी तरह होश में हैं। लोगों से बातचीत कर रहे हैं। रात को उन्होंने खिचड़ी भी खाई थी।
रायपुर । राज्य शासन में वर्ष 2012 से 2017 के मध्य संविदा में ओएसडी के तौर पर पदस्थ रहे समुंदराम सिंह के खिलाफ शिकायत होने के बाद शुक्रवार को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की आठ टीमों की छापेमारी में उनकी लगभग 15 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता चला है. मामले में ईओडब्ल्यू की विवेचना जारी है।
संविदा में पदस्थ समुंदराम सिंह राज्य शासन के नियमों के तहत वित्तीय-प्रशासनिक अधिकार प्राप्त नहीं होने के बाद भी वित्तीय निर्णय लिए, वहीं नोटशीट पर संबंधित मंत्री का अनुमोदन लिए बिना ही आदेश जारी किए. इस सूचना का सत्यापन कर समुंदराम सिंह व अन्य के विरुद्ध धारा 7(सी) भनि,अ. 1988 यथा संशोधित भ्र.नि.अ, 2018 और 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि पंजीबद्ध किया है।
समुंदराम सिंह के बिलासपुर स्थित मकान में ईओडब्ल्यू की टीम
इस दिशा में आगे कार्रवाई करते हुए अपराध से संबंधित दस्तावेज की सूचना प्राप्त होने पर ईओडब्ल्यू की 8 टीमों ने समुंदराम सिंह एवं उनके सहयोगियों के छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश स्थित ठिकानों पर एक साथ रेड किया गया. तलाशी के दौरान बोरियाकला रायपुर में मकान, बिलासपुर में 2 मकान और प्लाट, अनूपपुर में 3 मकान और जमीन, ग्राम बिनौरी मुंगेली में लगभग 10 एकड़ का फार्म हाउस, गौशाला एवं स्वीमिंग पुल के साथ, कैश एवं ज्वेलरी, 2 चारपहिया एवं 3 दोपहिया वाहन, लगभग 20 से अधिक बैंक खातों के दस्तावेज, लगभग 20 इन्स्यारेंस पॉलिसी के दस्तावेज, अनूपपुर मप्र में 40-50 एकड़ का भव्य फार्म हाउस, जिसका मूल्यांकन करवाया जा रहा है।
आरोप है कि समुंदराम सिंह ने अपनी पदस्थापना के दौरान घड्यंत्रपूर्वक कार्य कर राज्य शासन को करोड़ों की क्षति पहुंचाई. छत्तीसगढ़ आबकारी नियमों के मुताबिक राज्य शासन को प्रतिवर्ष देशी एवं विदेशी मदिरा के अधिकतम और न्यूनतम रिटेल दर का निर्धारण किया जाना आवश्यक होता है, लेकिन वर्ष 2012-13 से 2016-17 के मध्य निविदाकर्ताओं को बिना कारण के बहुत अधिक मुनाफा प्रतिशत देते हुए रिटेलरों और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया।
भारत के नियंत्रक, महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन 2017-18 में भी उल्लेख है कि वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 तक की अवधि में विदेशी मदिरा के रिटेलरों/ठेकेदारों को लगभग 950 करोड़ और इसी अवधि में देशी मदिरा के रिटेलरों/ठेकेदारों को लगभग 570 करोड़ का अधिक मुनाफा दिया गया है. छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्य झारखण्ड एवं ओडिसा में अधिकतम 25 प्रतिशत मुनाफा दिया गया, जबकि छत्तीसगढ़ में 2012-13 एवं 2013-14 में 60 प्रतिशत तथा वर्ष 2014-15 से वर्ष 2016-17 तक 50 प्रतिशत मुनाफा दिया गया ।
रायपुर/दंतेवाड़ा । पूर्व आईएएस और भाजपा नेता ओपी चौधरी एक बार फिर मुश्किल में पड़ गए हैं. जमीन हेराफेरी के मामले में ओपी चौधरी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने जाँच जारी रखने का आदेश दिया है. मामला दंतेवाड़ा का है. आरोप है कि दंतेवाड़ा में ओपी चौधरी ने कलेक्टर रहते हुए एक व्यक्ति की कृषि जमीन के बदले शासकीय जमीन को बदलने और कुछ लोगों को फायदा पहुँचाया था।
दरअसल 2011 में ओपी चौधरी दंतेवाड़ा कलेक्टर थे. इसी दौरान वहाँ एक किसान बैजनाथ से जमीन खरीदने वाले चार लोगों ने कलेक्टर के सामने जमीन की अदला-बदली का प्रस्ताव रखा. मार्च 2013 में पटवारी, आरआई, तहसीलदार, एसडीएम ने मिलकर सिर्फ 15 दिनों के भीतर इन चारों को निजी जमीन के बदले सरकारी भूमि देने की प्रकिया पूरी कर दी. चार लोगों बैजनाथ से साढ़े तीन एकड़ जमीन 10 लाख में खरीदी थी. लेकिन उन्होंने फिर 25 लाख रुपये में बेच दिया. उसके बदले दंतेवाड़ा बस स्टैंड के पास व्यावसायिक भूमि के साथ दो अन्य स्थानों इन्हें जमीन दी गई. आरोप है कि इस पूरी प्रकिया में ओपी चौधरी शामिल थे ।
यह मामला बाद में हाईकोर्ट में चला गया. इस मामले में हाईकोर्ट ने 2016 में जाँच के आदेश दिए थे. इस आदेश के खिलाफ कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए थे. कोर्ट ने मामले में स्थगन दे दिया था. लेकिन अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि हमने जाँच प्रकिया को रोकने का स्थगन नहीं दिया था. मामले में कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के खिलाफ लंबित जाँच को आगे बढ़ाया जा सकता है. वहीं कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने को भी कहा है।
रायपुऱ । कई तरह के मामलों में फंसे निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता से सरकार ने सरकारी वाहन की सुविधा वापस ले ली. वहीं गुप्ता को मिले सुरक्षाकर्मी को लेकर समीक्षा की जा रही है. दरअसल मुकेश गुप्ता को सरकार ने नान घोटाला और फोन टैपिंग मामले में आरोपी पाए जाने के बाद से निलंबित कर दिया है. दोनों ही मामले में गुप्ता के खिलाफ ईओडब्ल्यू में एफआईआर भी दर्ज है. निलंबन के बाद गुप्ता को पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है. निलंबन अवधि में किसी भी तरह से अतिरिक्त सुविधा किसी को भी नहीं दी जाती है. लेकिन इसके बाद भी मुकेश गुप्ता सरकारी सुविधाओं को लाभ उठा रहे थे. इसकी शिकायत मिलने के बाद सरकार तत्काल प्रभाव से सरकारी वाहन देने की सुविधा को निरस्त कर दिया है।
वहीं मुकेश गुप्ता की सुरक्षा को लेकर डीजीपी डीएम अवस्थी ने डीजी गुप्तावार्ता और एसएसपी रायपुर को निर्देश दिए हैं. डीजीपी ने कहा कि सुरक्षा की समीक्षा कर उन्हें उतना ही सुरक्षा दी जाए जितनी जरूरत है. अतिरिक्त बल वापस लिया जाए।
आपको बता दे कि 25 अप्रेल को जब मुकेश गुप्ता को पूछताछ के लिए ईओडब्ल्यू बुलाया गया था तो वे सरकारी वाहन से पहुँचे थे. साथ में उनके एक गनमैन भी था. मतलब आरोपी होने के बाद भी मुकेश गुप्ता टशन के साथ वहाँ पहुँचे और पूछताछ में उसी अंदाज में शामिल भी हुए. मुकेश गुप्ता के इस टशनबाजी और सरकारी सुविधा को लेकर खबरें मीडिया में खूब में चली. इसके बाद सरकार ने तत्काल गुप्ता के खिलाफ एक्शन लिया और सरकारी वाहन की सुविधा छिन ली. फिलहाल सुरक्षा संबंधी निर्णय होना बाकी है ।
रायपुर । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मंत्री रविन्द्र चौबे को दिल दौरा पड़ने की खबर मिलने के बाद से उनके साथी राजनेता बेहद चिंतित है. फिर चाहे वह उनके अपने कांग्रेस के साथी हो या फिर अन्य दलों के राजनीतिक मित्र. सभी नेता उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना कर रहे हैं. मंत्री टीएस सिंहदेव से लेकर पूर्व सीएम रमन सिंह और जोगी परिवार तक मंत्री चौबे के जल्द स्वस्थ्य होने को लेकर ट्वीट किया हैं ।
रायपुर । राजधानी में यातायात चेकिंग के दौरान पुलिस ने नलघर चौक के पास 30 किलो गांजे के साथ दो आरोपी को गिरफ्तार किया है. मामला गोलबजार थाना इलाके का है।
मिला जानकारी के अनुसार ये तस्कर बिना नंबर प्लेट की गाड़ी में एक बैग के जरिए गांजा रखकर ले जा रहे थे. तभी ट्रैफिक जवानों को ये युवक संदिग्ध लगे और उनकी तलाशी ली गई, तो बैग से 30 किलो गांजा बरामद किया गया. कोतवाली थाना पुलिस इन दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है ।
आरोपी
गिरफ्तार दोनों आरोपी संजय कुर्मी औऱ मलेश पडाल ओडिशा के मलकान गिरी के रहने वाले हैं. मलकानगिरी से बाइक में सवार होकर गांजा दुर्ग ले जा रहे थे. लेकिन रास्ता भटक गए और नलघर चौक पहुंच गए. इनके पास से दो बैग में 15-15 किलो गांजा मिला है. जिसकी कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार आंकी जा रही है ।
रायपुर । दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में कर्मचारियों की छटनी होना शुरु हो गया है. हॉस्पिटल ने आज एक सूची जारी करते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर, लिफ़्ट मैन, सुरक्षाकर्मी फ़ायर ब्रिगेड, स्के कर्मचारियों समेत 60 कर्मचारियों को निकाला दिया है ।
डीकेएस के अधीक्षक डॉ. केके सहारे ने बताया कि कार्यकारिणी के आदेशों के अनुसार तमाम कर्मचारियों में से फिफ्टी पर्सेंट कर्मचारियों को निकाला जाएगा. जिसमें अभी कुछ लोगों की लिस्ट जारी हुई है. वहीं निकाले गए कर्मचारियों ने ग़ुस्सा जाहिर करते हुए आरोप लगाया है कि जॉइनिंग के नाम पर पैसा लेकर भर्ती का आरोप लगाया है. इस फैसले के विरोध करने की बात कर्मचारियों ने कही है ।
बता दें कि संविदा नियुक्ति को लेकर पहले भी अस्पताल में जमकर विवाद हो चुका है, तो वहीं पैसा लेकर भर्ती पर भी अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगते रहे हैं. वहीं डीकेएस में गड़बड़ी के बाद अस्पताल घाटे में चल रहा था, जिससे अस्पताल प्रबंधन ने फैसला लिया कि कर्मचारियों की छटनी की जाएगी ।
रायपुर । इस समय बड़ी खबर सामने आ रही है लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए लखनऊ गए कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे को आज सुबह अचानक दिल का दौरा पड़ गया। जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविंद्र चौबे के बेहतर उपचार के लिए गुड़गांव के मेदांता या अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल चौबे लखनऊ के सहारा अस्पताल में एडमिट हैं जहां से उन्हें मेदांता ले जाने की तैयारी चल रही है। वहीं श्री चौबे को परिजनों को दिल्ली लाने के लिए एआईसीसी ने चार्टर प्लेन की व्यवस्था की है। Also Read – मंत्री रविन्द्र चौबे की हालत नाजुक, डॉक्टरों ने मिनी वेंटिलेटर पर रखा, लखनऊ के SGPGI में हो रहा इलाज
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार वो चुनाव दौरे के लिए रायबरेली और अमेठी के दौरे पर थे। शाम को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ लखनऊ आ गये थे। देर शाम से ही उनकी तबियत कुछ खराब चल रही थी जिसकी वजह से उन्होंने रात में खाना भी नहीं खाया था। आज सुबह अचानक श्री चौबे ने बैचेनी की शिकायत की और फिर बेहोश गए। जिसके बाद तुरंत डॉक्टरों को बुलाया गया। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद बताया कि रविंद्र चौबे को हार्ट अटैक आया है। फिलहाल लखनऊ में सहारा अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है।
अंकसूची में नहीं लिखा जाएगा पर्सेंटाइल, पहले की ही तरह होगी मार्कशीट, मंडल अब इस बदलाव को नहीं करेगा लागू आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ से मंत्री रविन्द्र चौबे, मो. अकबर, शिवकुमार डहरिया, प्रेमसाय सिंह उत्तप्रदेश में कांग्रेस पार्टी के लिए प्रचार करने पहुँचे हुए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी दो दिनों से उत्तप्रदेश में चुनावी सभाएं कर रहे हैं।
रायपुर । पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉक्टर पुनीत गुप्ता को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद गोलबाजार पुलिस ने नोटिस जारी कर शुक्रवार को उन्हें तलब किया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। उनकी ओर से वकील प्रशांत बाजपेयी ने थाना प्रभारी संजय पुढ़ीर को आवेदन देकर यह जानकारी दी कि उनके मुवक्कील अभी बाहर हैं ।
किसी कारणवश नहीं आ पा रहे हैं, लेकिन जल्द ही पेश होंगे, लिहाजा और समय दिया जाए। वकील ने यह भी कहा कि उन्हें नोटिस मिल गया है। अब पुलिस ने पुनीत गुप्ता को एक और नोटिस जारी करने की तैयारी की है। फिलहाल उसकी तिथि अभी मुकर्रर नहीं की गई है।
गोलबाजार थाना प्रभारी संजय पुढ़ीर ने बताया कि डॉ. पुनीत गुप्ता को हाईकोर्ट से जमानत मिली है, लेकिन हमारे पास कोई भी ऑफिशियल लेटर नहीं आया है। हम विधिवत नोटिस देते आ रहे हैं। आज भी उन्हें नोटिस देकर पेश होने को कहा गया था, लेकिन वो नहीं आए।
उनके वकील द्वारा नोटिस के जबाव में कहा गया है कि वो जल्द ही पेश होंगे। अब डॉ. पुनीत गुप्ता को एक और नोटिस जारी किया जाएगा। पेश नहीं होने की स्थिति में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के अधीक्षक रहने के दौरान 50 करोड़ रुपये की गड़बड़ी करने के मामले में डॉ. पुनीत गुप्ता के खिलाफ गोलबाजार थाने में शासकीय धन के दुरुपयोग एवं भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है।