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रायपुर ।  ईस्ट कोस्ट रेलवे के खुर्दा रेल मंडल के कपिलास रोड और सालगांव रेलवे स्टेशनों के बीच 25 अप्रैल से 8 मई तक ( 14 दिनों तक) दोहरीकरण परियोजना का कार्य किया जा रहा है. इस वजह से कपिलास रोड एवं सालगांव रेलवे स्टेशनों के बीच नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य के चलते कुछ गाड़ियों का परिचालन परिवर्तित मार्ग से किया जायेगा. कुछ गाड़ियों का परिचालन नाराज मारथापुर परिवर्तित मार्ग से चलेगी ।
इन गाड़ियों का रूट रहेगा परिवर्तन
    29 अप्रैल, 2 एवं 6 मई को भुवनेश्वर से चलने वाली 12880 भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस 1 एवं 4 मई को कुर्ला से चलने वाली 12879 कुर्ला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नाराज मारथापुर रेलवे स्टेशन में ठहराव देते रवाना होगी ।
    30 अप्रैल एवं7 मई को पूरी से चलने वाली 22866 पूरी-कुर्ला एक्सप्रेस 25 अप्रैल एवं 2 मई को कुर्ला से चलने वाली 22865 कुर्ला-पूरी एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नाराज मारथापुर रेलवे स्टेशन में ठहराव देते रवाना होगी ।
    28 अप्रैल एवं 5 मई को कुर्ला से चलने वाली 12145 कुर्ला-पूरी एक्सप्रेस 30 अप्रैल एवं 7 मई को पूरी से चलने वाली 12146 पूरी-कुर्ला एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नाराज मारथापुर रेलवे स्टेशन में ठहराव देते रवाना होगी ।
    25 अप्रैल एवं 8 मई को पूरी से चलने वाली 18425 पूरी-दुर्ग एक्सप्रेस 25 अप्रैल एवं 8 मई को दुर्ग से चलने वाली 18426 दुर्ग-पूरी एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नाराज मारथापुर रेलवे स्टेशन में ठहराव देते रवाना होगी ।

रायपुर ।  छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने छत्तीसगढ़ भाजपा के मीडिया विभाग प्रभारी नलिनीश ठोकने द्वारा समस्त मीडिया चैनलों के प्रबंधको को पत्र लिखकर उन्हें प्रतिबंधित करने की मांग को राजनैतिक विद्ववेष की भावना से प्रेरित बताया है. पूर्व में भी प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता द्वारा ऐसे ही टीवी चैनल के डिबेट में कही गई बातों को लेकर उन्हें वर्ष 2017 में आईपीसी की धारा 499/500 के तहत नोटिस भेज कर माफी मांगने या 50 लाख रूपए के मानहानी का मुकदमा दर्ज करने का पत्र भाजपा के विधी प्रकोष्ठ के वकील मनोज छाबड़ा के मार्फत भेजवाया गया था ।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा के मीडिया विभाग के द्वारा 23 अप्रैल के जिस परिचर्चा (डिबेट) में उन पर अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने का झूठा आरोप लगाकर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही है. उस परिचर्चा में ऐसी किसी भी भाषा का प्रयोग ही नहीं किया गया है. पूरे तथ्यात्मक एवं दस्तावेजी प्रमाण के आधार पर जवाब दिया गया. सच्चाई के उजागर होने पर भाजपा के प्रवक्ता तिलमिला गए और बौखलाकर भाजपा के मीडिया प्रभारी से विभिन्न चैनलों में कांग्रेस प्रवक्ता को प्रतिबंधित करने का लिखवाया गया है ।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा को सबसे पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए, जो अपने प्रवक्ताओं द्वारा लगातार यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ अपशब्दो एवं अर्नगल भाषा का प्रयोग टीवी न्यूज चैनल के परिचर्चा के दौरान करती है. किस हक से भाजपा टीवी चैनलो के प्रंबधको को पत्र लिखकर प्रतिबंधित करने की मांग की है  प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा है कि जिस टीवी डिबेट पर अशोभनीय भाषा कहने पर आरोप लगा रही है. उसके फुटेज की जांच की जाये तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा ।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि उनके द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता द्वारा डीकेएस अस्पताल में करोड़ो रूपये के अनियमितताओं के जांच मांग की शिकायत एवं पूर्व ओएसडी अरूण बिसेन की पत्नि को दिये जा रहे लाखों रूपये के वेतन के जांच हेतु लिखे गये पत्र से तिलमिला कर भाजपा द्वारा मुझ पर अर्नगल तथ्यहीन एवं मनगढ़ंत आरोप लगाकर प्रदेश के प्रतिष्ठित न्यूज चैनलो के प्रतिबंध लगाने की मांग सुनियोजित साजिश के तहत की गयी है. इस प्रकार का प्रतिबंध भाजपा की हताशा को प्रदर्शित करती है. विकास तिवारी ने कहा कि मैं ऐसी साजिशो से में घबराता नहीं हूं और भविष्य में भी मेरे द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं उनके सरकार के घोटालो को उजागर करने का काम अनवरत किया जायेगा. भाजपा के द्वारा लगाये गये प्रतिबंध से मैं भयभीत होने वाला नहीं हूं ।

रायपुर  ।  लोकसभा के तीसरे चरण का चुनाव संपन्न होने के साथ ही अब सारा फोकस ईवीएम पर आ टिका है. निर्वाचन आयोग ने सेजबाहर स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में स्ट्रांग रुम बनाकर ईवीएम को 23 मई तक के लिए सील पैक कर दिया है ।
रायपुर के एसएसपी आरिफ शेख ने बताया कि चुनाव के बाद ईवीएम को जमा करने के साथ गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में तमाम जिम्मेदार अधिकारियों और राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के सामने स्ट्रांग रुम को सील किया गया. स्ट्रांग रुम के साथ संस्थान को छावनी में तब्दील कर दिया है. सुरक्षा में 400 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है. इसके अलावा सीसीटीवी के जरिए स्ट्रांग रुम में नजर रखी जा रही है. वहीं अंदर की तस्वीर बाहर प्रोजेक्टर के जरिए दिखाई जा रही है. रायपुर लोकसभा की नौ विधानसभा क्षेत्र में से सात क्षेत्रों की ईवीएम को जीईसी में रखा गया है ।

रायपुर । छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव के साथ मतदान की प्रकिया समाप्त हो गई है. अब सभी को इंतजार नतीजे को लेकर है. लेकिन सभी 11 सीटों का विश्लेषण करे तो पता चलता है कि परिणाम विधानसभा चुनाव की तरह ही रह सकता है. लेकिन ये बात भी सच है कि राष्ट्रवाद के मुद्दे के बीच मोदी लहर से इंकार नहीं किया जा सकता है. खास तौर पर शहरी मतदाताओं में मोदी प्रभाव का असर दिखा है. लेकिन बीजेपी के लिए फिर भी राह आसान नहीं है. खुद भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ बड़े नेता भी यह मानते हैं कि छत्तीसगढ़ में इस बार परिस्थितियां 2014 की तरह अनुकूल नहीं है. लेकिन भाजपा के नेता फिर भी कह रहे हैं विधानसभा के परिणाम के उलट लोकसभा में हम अच्छी स्थिति में है. दूसरी ओर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता इस चुनाव को भी विधानसभा की तरह ही मानकर चल रहे हैं. मतलब कांग्रेसियों का आंकलन है कि जनता इस चुनाव में पूरी तरह से कांग्रेस के साथ हैं ।
छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के बाद अगर बीते तीन चुनावों की बात करे तो राज्य में भाजपा की सत्ता रहते हुए 2004, 2009 और 2014 में बीजेपी 11 में से 10 सीटों पर काबिज होती रही है. उस स्थिति में भी जब 2004 और 2009 में केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनी. लेकिन इस बार भाजपा के सामने चुनौती यह रही है कि राज्य में सत्ता कांग्रेस के पास है. लिहाजा परिस्थितियां बीते तीन चुनावों की तरह नहीं रही. लेकिन बीजेपी के लिए अच्छी बात ये भी रही कि 2014 की तरह मोदी लहर पूरी तरह तो नहीं शहर में जरूर दिखा है. ऐसे में भाजपा ने राज्य में सत्ता परिवर्तन के बीच कड़ी टक्कर दी है इससे इंकार नहीं किया जा सकता ।
लेकिन भाजपा के लिए मुश्किल और कांग्रेस के लिए फायदेमंद जो बात है वह शहरी और ग्रमीण मतदाताओं के बीच एक बड़ा अंतर है . माना यह जाता है कि शहरी मतदाताओं में भाजपा की पकड़ मजबूत रहती है जबकि ग्रामीण मतदाताओं में कांग्रेस की. वैसे देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में मोदी का जादू यहां के शहरी मतदाताओं में भी चला इसकी चर्चा भी खूब है. लिहाजा बीजेपी इसी आसरे मतदान के बाद गदगद है. तो कांग्रेस के लिए खुश होने वाली बात ये है कि शहर में मतदान प्रतिशत ग्रमीण क्षेत्रों के मुकाबले कम रहा है ।
जिन 7 सीटों पर 23 अप्रेल को मतदान हुआ है वहां विधानसभावार मतदान प्रतिशत के आंकड़े  देखें तो भाजपा और कांग्रेस के लिए जो आंकड़ा बैठेगा वह यह हो सकता है ।
रायपुर लोकसभा सीट-
रायपुर लोकसभा सीट पर 9 विधानसभा सीटें हैं.  इसमें शहरी क्षेत्र रायपुर के 4 विधानसभा सीटें है, जबकि 5 विधानसभा सीटें ग्रामीण क्षेत्र की है. रायपुर में मतदान का औसत प्रतिशत 64.60 रहा है.
रायपुर दक्षिण में  53.41
रायपुर उत्तर में 54.93
रायपुर पश्चिम में 53. 26
रायपुर ग्रामीण में 59.69
बलौदाबाजार में 60.30
भाटापारा में 61.60
आरंग में 68.73
धरसींवा में 69.78
अभनपुर में 74.12 प्रतिशत मतदान हुआ है ।
इसी तरह से अगर दुर्ग लोकसभा सीट में देखें तो यहां औसत मतदान 66.95 प्रतिशत रहा. लेकिन शहरी क्षेत्र दुर्ग शहर में 58, भिलाई नगर में 64.40, वैशाली नगर में 55.98 प्रतिशत मतदान हुआ. बाकी 6 ग्रामीण क्षेत्र वाली विधानसभा सीटों में औसत मतदान प्रतिशत 67 से ऊपर रहा है ।
इसी तरह से आप चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए इस सारिणी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत का विश्लेषण कर सकते हैं. अगर लोगों के बीच चर्चाओं और मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का विश्लेषण करे तो शहरी मतदाताओं की संख्या ग्रामीण मतदाताओं के आगे कम है. ऐसे में मोदी लहर के बावजूद शहरी मतदाता उतनी तदात में मतदान केन्द्र पहुँचे जितनी तादाद में ग्रामीणजन पहुँचे ।
फिर इसके मायने निकाले क्या जाएं  क्या इसका मतलब है कि भाजपा को छत्तीसगढ़ में मोदी लहर के बावजूद नुकसान हो रहा है. अगर नुकसान हो रहा है तो फिर कांग्रेस की बढ़त 2014 के मुकाबले कितनी हो सकती है ? भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं, क्षेत्रवार पत्रकारों और आम मतदाताओं से मिले फीडबैक के मुताबिक और मतदान प्रतिशत तो यही बता रहे हैं कि इस बार छत्तीसगढ़ में आंकड़ा 9+2 = 11 का रह सकता है !  मतलब ग्रमीण मतदाताओं ने कांग्रेस का साथ दिया है तो यह साफ है कि कांग्रेस को 2014 के मुकाबले 8 सीटों का फायदा तो भाजपा को 2014 के मुकाबले 8 सीटों का नुकसान हो रहा है।
बीजेपी अगर अपनी सीट बचाने की स्थिति में नजर आ रही है तो वो बिलासपुर और जांजगीर. मतलब यही वो दो सीट है जहां से बीजेपी जीत रही है. जबकि कांग्रेस के खाते में शेष सभी सीट जा रही है. हालांकि इसमें दुर्ग और कांकेर की सीट पर कांटे की टक्कर है. फिलहाल आंकड़ें कितनी सटीक बैठती है, इसमें कितनी सच्चाई है इसका पता 23 मई को आने वाले परिणाम से चलेगा ।

रायपुर । स्टार प्रचार के तौर पर छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव की अकेले कमान संभालने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी के लिए प्रचार करेंगे। सीएम भूपेश को AICC ने स्टार प्रचारक बनाकर सोनिया गांधी की संसदीय सीट रायबरेली और राहुल गांधी के संसदीय सीट अमेटी में चुनाव प्रचार का जिम्मा दिया है। बता दें आज से सीएम भूपेश बघेल दूसरे प्रदेशों में चुनावी मिशन के लिए रवाना हो रहे हैं। सीएम भूपेश बघेल आज जबलपुर जा रहे हैं, जहां वो कांग्रेस प्रत्याशी और सीनियर वकील विवेक तन्खा के पक्ष में प्रचार करेंगे। उसके बाद दिल्ली में आला नेताओं से चर्चा कर आगे का कार्यक्रम तय किया जायेगा। Also Read – 4 संग्रहण केंद्रों में खरीदी से ज्यादा मिला 2 हजार क्विंटल धान, कलेक्टर ने किया शो-कॉज नोटिस जारी इसके पहले श्री बघेल ने कहा, ‘मैं चुनाव प्रचार के लिए जबलपुर जा रहा हूं, 26 को अमेठी-रायबरेली जाऊंगा, दिल्ली के नेताओं से भी चर्चा होगी, झारखण्ड का भी निमंत्रण है, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित जहाँ जहाँ पार्टी भेजेगी वहां-वहां पर मई में

रायपुर। कोरबा लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस सीट से उनकी पत्नी ज्योत्सना महंत कांग्रेस की प्रत्याशी रहीं। इनका मुकाबला भाजपा के ज्योतिनंद दुबे से था। कांग्रेस को मरवाही, पाली-तानाखार और कटघोरा विधानसभा क्षेत्र से बढ़त की उम्मीद है, क्योंकि इन तीनों सीट को ही महंत और उनके करीबी विधायक जयसिंह अग्रवाल ने फोकस किया था।
वहीं, कोरबा में मोदी के प्रभाव के कारण भाजपा को बढ़त की आस है। रामपुर भाजपा का क्षेत्र है, यहां से मतदान का प्रतिशत थोड़ा कम हुआ, लेकिन फिर भी भाजपा को यहां से ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में कोरबा लोकसभा में शामिल सरगुजा संभाग की तीन सीट भरतपुर-सोनहत, मनेंद्रगढ़ और बैकुंठपुर विधानसभा सीटों से हार-तीन का फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।
कोरबा लोकसभा सीट में अभी 73.15 फीसद मतदान हुआ है। 2014 के लोकसभा चुनाव में 73.95 फीसद मतदान हुआ था, तब कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. महंत थे और उनका मुकाबला भाजपा के डॉ. बंशीलाल महतो से था। महतो ने महंत को हरा दिया था। हालांकि, विधानसभा क्षेत्रवार बात की जाए, तो उस वक्त कोरबा लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली आठ विधानसभा सीटों में से चार कांग्रेस और चार भाजपा के कब्जे में थी।
2013 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले में 2014 के लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में एक से चार फीसद तक वोट कम पड़ा था। लोकसभा चुनाव में मतदान गिरने का नुकसान कांग्रेस को हुआ था, क्योंकि महंत को सांसद की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की आठ विधानसभा सीटों में 2013 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले में 2018 के विधानसभा चुनाव में चार फीसद ज्यादा मतदान हुआ।
विधानसभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत बढ़ने का सीधा फायदा कांग्रेस को हुआ था। आठ में से छह विधानसभा सीट भरतपुर-सोनहत, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, कोरबा, कटघोरा व पाली-तानाखार पर कांग्रेस का कब्जा हो गया, जबकि केवल एक सीट रामपुर भाजपा और एक सीट मरवाही जकांछ की झोली जा पाई। भाजपा को तीन सीटों का नुकसान उठाना पड़ा।
इस आधार पर बात की जाए, तो यह कांग्रेस कोरबा लोकसभा क्षेत्र में काफी मजबूत मानी जा रही थी। उसके बाद भी कांग्रेस ने प्रत्याशी तय करने में काफी सोच-विचार किया। पहले तो महंत को उतारने का विचार हुआ, लेकिन महंत ने ही पत्नी का नाम आगे बढ़ा दिया। जिस तरह से इस लोकसभा क्षेत्र में मतदान हुआ है, उससे दोनों खेमा चिंतित है।
11 बजे के बाद ज्यादा निकले मतदाता
कोरबा लोकसभा क्षेत्र में 2014 में जो मतदान का ट्रेंड था, अभी 2019 में भी लगभग वही ट्रेंड रहा। मतदान शुरू होने के बाद पहले दो घंटे में 11 फीसद ही वोट पड़ पाया था। मतलब, सुबह मतदान की रफ्तार कुछ धीमी रही। नौ बजे के बाद कुछ तेजी आई, लेकिन फिर भी मतदान का प्रतिशत 23 फीसद ही पहुंच पाया।
11 बजे के बाद पोलिंग बूथों में लाइन लंबी हुई। कड़ी धूप की परवाह न करते हुए लोग मतदान करने पहुंचे। 11 से दोपहर एक बजे के बीच 16 और दोपहर एक बजे से दोपहर तीन बजे के बाद 17 फीसद मतदान बढ़ा। तीन बजे तक मतदान का प्रतिशत 56.23 फीसद पहुंच गया था। तीन बजे के बाद भी अंतिम समय तक मतदान की रफ्तार लगभग एक जैसी बनी रही।

रायपुर । लोकसभा के तीसरे चरण का मतदान होने के बाद भाजपा ने सभी 11 सीट जीतने का दावा किया है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा में भूपेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। डॉ रमन ने कहा कि प्रदेश की सभी सीटों पर बढ़त के साथ केंद्र में एक बार फिर मोदी सरकार के लिए जनता ने जनादेश दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला करते हुए कहा कि उनके सौ दिन का कामकाज छत्तीसगढ़ को ले डूबा। भूपेश सरकार के कारनामे ही कांग्रेस को डूबाने के लिए काफी है।
डॉ. रमन ने कहा कि बूथ से आ रही रिपोर्ट और क्षेत्रों में संपर्क से बने वातावरण और उत्साह से खुला मतदान हुआ है। न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में उत्साह का वातावरण है।
डॉ. सिंह ने कहा कि 100 दिन में जिस प्रकार वादाखिलाफी हुई है, उसका सबसे बड़ा कारण भूपेश बघेल बनेंगे। वहीं राहुल गांधी पर किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वह सुधरेंगे नहीं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद भी समझ नहीं आ रहा है। यही कारण है कि पूरे देश की जनता आज एक हुई है।
अन्य प्रदेशों में प्रचार के लिए जाएंगे रमन
डॉ रमन ने कहा कि प्रदेश के बाद अन्य प्रदेशों में प्रचार पर जाने की प्लानिंग चल रही है। सभी का कार्यक्रम बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि डॉ रमन मध्यप्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में प्रचार के लिए जा सकते हैं।

रायपुर । आदिवासियों के लिए आरक्षित सरगुजा संसदीय सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी खेलसाय सिंह के साथ संभाग के कद्दावर नेता व राज्य सरकार के मंत्री टीएस बाबा की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। साय का मुकाबला भाजपा की पूर्व मंत्री व दबंग नेत्री रेणुका सिंह से हुआ। चुनाव प्रचार में मोदी फैक्टर, कर्जमाफी, धान का समर्थन मूल्य के साथ पीडीएस का चना व नमक बंद होने का मुद्दा छाया रहा है।
बाबा के सीएम नहीं बनने की भी टीस वोटरों में दिखी। इसके बावजूद मतदाताओं ने वोटिंग का ट्रेंड कायम रखा है। आयोग के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार वहां करीब 74 फीसद मतदान हुआ है, जो पिछले आम चुनाव के 78 फीसद की तुलना में लगभग चार फीसद कम है।
इस बार सभी विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के पास
इस संसदीय क्षेत्र की सभी आठों विधानसभा सीट इस बार कांग्रेस के पास है। पिछली बार सात सीटों पर कांग्रेस व एक पर भाजपा का कब्जा था। इसके बावजूद आम चुनाव कांग्रेस हार गई थी।
सभी सीटों पर 70 फीसद से अधिक मतदान
सरगुजा के मतदाताओं ने हाई वोटिंग का ट्रेंड इस बार भी कायम रखा है। सामान्यत: यहां विधानसभा चुनावों में 80 फीसद तक और आम चुनाव में 70 फीसद से अधिक मतदान होता है। पिछले आम चुनाव में वहां 74 फीसद मतदान हुआ था। सिंहदेव की अंबिकापुर सीट पर पिछले आम चुनाव में 75 फीसद मतदान हुआ था, जो इस बार करीब 72 तक पहुंचा है।
सरगुजा संसदीय सीट
सीट 2013 2014 2018 2019*
प्रेमनगर 82.30 73.18 81.11 75.01
भटगांव 80.64 74.08 78.60 74.02
प्रतापुर 83.78 75.00 84.04 75.90
रामानुजगंज 85.91 74.98 82.14 73.80
सामरी 83.39 76.18 82.50 75.10
लुंड्रा 86.49 82.46 85.99 75.76
अंबिकापुर 80.83 75.42 79.13 71.90
सीतापुर 82.92 77.09 81.36 74.30
अब तक लोकसभा चुना
2004 48.78
2009 61.61
2014 77.96
2019 74.22*

रायपुर । देश भर में तीसरे चरण में चल रहा मतदान शाम 5 बजे थम गया है. मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह देखा गया. सुबह 7 बजे जब मतदान शुरु हुआ तो बड़ी संख्या में लोग मतदान करने मतदान केन्द्रों में पहुंचने लगे. भीषण धूप और गर्मी का असर मतदान में देखने को मिला ।  
जैसे-जैसे धूप बढ़ती गई मतदान केन्द्रों में लोगों की भीड़ कम नजर आने लगी और धूप कम होते ही एक बार फिर मतदान केन्द्रों में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी. जैसे ही घड़ी की सुंई पांच पर गई वैसे ही मतदान केन्द्रों के गेट बंद कर दिए गए. मतदान केन्द्रों के अंदर जो लोग पांच बजे से पहले पहुंच गए थे उन्हें वोट डालने दिया जा रहा है ।  
शाम पांच बजे तक 64.68 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं मतदान का अंतिम आंकड़ा अभी नहीं आया है. जो लोग मतदान केन्द्रों में अंदर मौजूद थे उनके वोट डालने के बाद ही सही आंकड़े आएंगे. माना जा रहा है कि पिछली दफा के मुकाबले इस दफे मतदान का प्रतिशत बढ़ सकता है ।  
पांच बजे तक जो आंकड़े आए हैं उसके मुताबिक
    रायपुर- 61.60
    बिलासपुर- 59.71
    दुर्ग- 64.08
    सरगुजा- 70.91
    रायगढ़- 69.68
    जांजगीर- 60.81
    कोरबा- 68.05
हालांकि ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं. देर शाम तक मतदान के सही आंकड़े आने की उम्मीद जताई जा रही है.

रायपुर ।  बीजेपी ने रमन सिंह को नकार दिया है. प्रादेशिक नेतृत्व को नकार दिया गया है. ये बीते दिनों की बात हो जाएंगे. लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद रमन सिंह सहित बीजेपी के कई नेताओं का नाम इतिहास में इनका नाम दर्ज हो जाएगा.  यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में तीसरे चरण का चुनाव संपन्न होने के बाद कही।
भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बीजेपी ने चुनाव में मुद्दों पर बात नहीं की. मोदी सेना के नाम पर वोट मांगती रही. उनके पास कोई उपलब्धि नहीं बची, जिस पर वह जनता के पास जाकर वोट मांग सके. गुजरात में 26 सीट, मध्यप्रदेश में 29 सीट, राजस्थान में 23 सीट और छत्तीसगढ़ में 10 सीटें नहीं आने वाली. एनडीए डेढ़ सौ सीटों में सिमट जाएगी. यूपीए की सरकार आएगी ।
सीएम बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीन चरण के चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं. शांतिपूर्ण मतदान हुआ. उत्साह के माहौल में लोग बढ़-चढ़कर शामिल हुए. पिछले चुनाव की अपेक्षा मत प्रतिशत बढ़ा है. नक्सल क्षेत्रों में बुलेट का जवाब बैलेट से दिया है. मतदान के आंकड़े अभी आने बाकी है, लेकिन जो सूचनाएं मिल रही है उसमें पिछले चुनाव की अपेक्षा इस चुनाव में मत का प्रतिशत बढ़ा है ।
राज्य सरकार के कामकाज से लोग खुश
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अभी-अभी विधानसभा के चुनाव हुए है. राज्य सरकार ने जो काम किया है, उससे बहुसंख्यक मतदाता संतुष्ट है. लोग खुश हैं. इस वजह से लोगों ने मतदान बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. बीजेपी के पास कोई काम नहीं था. बीच में उनके संगठन प्रभारी जब आये थे तब कहा था कि 15 साल की उपलब्धि पर चर्चा मत करो बल्कि 60 दिनों के सरकार के कामकाज पर चर्चा करो ।
नमक, चना को लेकर फैलाया भ्रम
बघेल ने कहा कि नमक, चना को लेकर बीजेपी ने जो भ्रम फैलाया उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा. रमन सरकार ने नमक से मोबाइल तक में कमीशनखोरी की है. ये आदिवासी बेहतर ढंग से जानता और समझता है. मीडिया रिपोर्ट में ही ये बातें आई थी कि वो जो नमक बांटते थे वह पानी में भी नहीं घुलता था ।
11 सीटों में हासिल करेंगे जीत
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी सीट आसान है हम ऐसा नहीं मानते. हम हर सीट को चुनौतीपूर्ण मानते है. बिलासपुर में हमारे दो ही विधायक जीते थे. जांजगीर में हमारे 4 विधायक ही थे. कोरबा में मत प्रतिशत में हम पीछे थे, इसलिए हम किसी भी सीट को कमजोर नहीं मानते थे. इसलिए सभी 11 सीटों पर हमने तैयारी की थी. हम सभी 11 सीट जीतेंगे ।
अमेठी, रायबरेली में करेंगे प्रचार
छत्तीसगढ़ में जोरदार जीत के बाद राष्ट्रीय स्तर पर बढ़े कद का संकेत देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि 26 को अमेठी, रायबरेली जा रहा हूं. आज दिल्ली जा रहा हूं, केंद्रीय नेतृत्व से मिलूंगा. झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश जैसे कई राज्यों से निमंत्रण है. पार्टी जहां-जहां के लिए आदेश देगी मैं वहां जाऊंगा ।