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रायपुर । दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने अष्टमी पर्व पर शनिवार को अनेक मंदिरों के हवन पूजन कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दी. अष्टमी की सुबह विजय सबसे पहले चरोदा स्थित हनुमान मंदिर के हवन पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए. उसके बाद अपने गृह ग्राम उरला के मां शीतला मंदिर के धार्मिक आयोजनों में शामिल हुए. लिमतरा के आश्रम में आध्यात्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए. फिर औद्योगिक क्षेत्र हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के कालीबाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना कर स्थानीय बंगाली समाज एवं अन्य विभिन्न समाज प्रमुखों से मुलाकात कर उनसे देश के स्वाभिमान और विकास के लिए मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाने के लिए आशीर्वाद मांगा. विजय ने कहा, देश का नेतृत्व सशक्त हाथ में हो ।
सादगी का परिचय देते हुए भरा था नामांकन
इससे पहले विजय बघेल ने सादगी का परिचय देते हुए अपना नामांकन भरा था. भाजपा से लोकसभा प्रत्याशी विजय बघेल ने शोरगुल से अलग शांतिपूर्ण तरीके से अपना नामांकन दाखिल किया था और अपने प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिमा चंद्राकर के पैर छूकर जीत का आशीर्वाद लिया. दोनों ही प्रत्याशी नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे. दोनों ने एक दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए अपना नामांकन दाखिल किया था, विजय बघेल का मानना है कि राजनीति अपनी जगह है और रिश्ते अपने स्थान पर है. इसलिए उन्होंने अपनी बहन से जीत का आशीर्वाद लिया है ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में 15 साल हमने सरकार चलाकर किसानों की बेहतरी के लिए जो कदम उठाए हैं. जहां तक सवाल है छोटा आदमी का तो इसका उपयोग करना ही नहीं और न किया गया. मैंने अटल जी पंक्तियों को दोहराया था कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता. जब मुख्यमंत्री बने हैं तो मन छोटा नहीं होना चाहिए. व्यक्ति कहां छोटा-बड़ा होता है, मन छोटा नहीं होना चाहिए. यह बात पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अंबेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के छोटा आदमी कैंपेन पर कही ।
डॉ. रमन सिंह ने अंबेडकर चौक में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन करते हुए समाज सुधार के लिए उनके योगदान को याद किया. उन्होंने कहा कि बोली और भाषा की विविधता के बाद भी भारत का संविधान भारत को मजबूत बनाने का काम करता है. समाज को संघर्ष संगठित शिक्षित करने का मूल उद्देश्य रहा है. दुनिया में हिंदुस्तान का संविधान सर्वश्रेष्ठ है. आज बाबा साहब को याद करते हुए उनके मार्गदर्शन में चलना है. आज से लाखों साल बाद भी बाबा साहब को याद किया जाएगा ।
शिक्षित ही भारत को आगे ले जाएगा
बाबा को मालूम था कि शिक्षित व्यक्ति ही भारत को आगे ले जाएगा. भारत को वैचारिक दृष्टि से जोड़ने का काम बाबा साहब ने किया है. सामाजिक एकता का काम बाबा ने किया, संगठित समाज के रचयिता हैं. बड़े प्रलोभन और बड़े दवाव के बाद भी बाबा ने निर्णय लिया था संघम बुद्धम गच्छामि. वक्त के साथ समाज लोगों समाहित करने का काम महामानव बाबा साहेब अंबेडकर ने किया. उन्होंने जो रास्ता दिखाया आज उसी दिशा में लोग आगे बढ़ रहे है. जनता ने मुझे 15 साल छत्तीसगढ़ की सेवा का अवसर दिया. बाबा साहब के रास्ते पर चलकर लोगो की सेवा की ।
बड़ा मन करिए, बड़ा बजट करिए
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान कांग्रेस के छोटा आदमी कैंपेन पर किए गए सवाल पर डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब आप व्यापक रूप से प्रदेश के मुख्यमंत्री हो तो विशाल ह्रदय बड़ा मन करिए, अटल जी के उन पंक्तियों को आगे बढ़ाइए कि पूरे राज्य को समाज के सभी वर्गों को जो वादा किया है. आज बस्तर जाता हूं तो चना और नमक की योजना बंद हो रही है, युवकों को रोजगार भत्ता देना, शराबबंदी करना, इन सभी चीजों को खटाई में डाल दिया गया है. शिक्षाकर्मियों की उपेक्षा हो रही है, जो वादा आपने किया था. अरे भाई बड़ा मन करिए, बड़ा बजट करिए, आपको बहुमत इतना बड़ा मिला है कि किसी से पूछने की जरूरत नहीं, बहाना बनाने की जरूरत नहीं ।
आय पर चर्चा करें लेकिन तनख्वाह मिले
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की आय और चर्चा को लेकर रमन सिंह ने कहा कि आय पर चर्चा करें, लेकिन तनख्वाह मिले, पेंशन मिले, लोगों को तो जो वादा किया था वो सब बंद हो गया. 23 दिन से सर्वर डाउन हो गया. कर्ज की बोझ से पूरा छत्तीसगढ़ डूब गया है. चर्चा करो कि वित्तीय प्रबंधन कैसे करेंगे. कितने दिन में घोषणाओं को पूरा करेंगे ये तय करें. आय पर चर्चा और चाय पर चर्चा अलग बात है. छत्तीसगढ़ की जनता विकास चाहती है, स्कूल, पुलिया, सड़क और पंचायत के काम सब ठप हो गए हैं. उस काम को आगे बढ़ाने की जरूरत है. हम सब मिलकर बेहतर करें ।
अधिकांश सीटों पर जीतेगी भाजपा
मोदी और अमित शाह के दौरे बाद क्या कांग्रेस को डर है इसलिए राहुल और प्रियंका का रोड शो कराना चाहती है इस सवाल पर रमन सिंह ने कहा कि राहुल और प्रियंका को रोड शो करना चाहिए. उनके अंदर खलबली है. भाजपा ने जबरदस्त रूप से बढ़त हासिल की है. पूरे 11 लोकसभा क्षेत्र में बेहतर वातावरण का निर्माण हो चुका और हम अधिकांश सीटों पर जीतेंगे. बस्तर में बढ़ा हुआ मतदान भाजपा के पक्ष में जाएगा ।
रायपुर । राजधानी के सिविल लाइन थाना में आज छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना औऱ सिंधी समाज के लोगों के बीच झड़प हो गई. मामला क्रांति सेना के पदाधिकारी को पुलिस हिरासत में लेने का. जैसे क्रांति सेना के नेताओं को अपने साथी को हिरासत में लिए जाने की खबर मिली वे थाने पहुँच गए. थाने में उन्होंने बिना जुर्म पदाधिकारी को समाज विशेष के दवाब में हिरासत लेने का आरोप लगाने लगे. इसकी जानकारी लगते ही सिंधी समाज के लोग भी थाने पहुँच गए. इस दौरान क्रांति सेना और सिंधी समाज के लोग आमने-सामने हो गए और दोनों के बीच झड़प की नौबत आ गई ।
दरअसल, विवाद के पीछे वजह कुछ दिन पूर्व रैली-जुलूस के लिए प्रतिबंधित जय स्तंभ चौक में आयोजित रैली से जुड़ा है. सिंधी समाज की ओर झूलेलाल जयंती के मौके पर रैली निकाली जा रही थी. इस दौरान दौरान एंबुलेंस जाम फंस गई थी. जाम फंसे रैली को लेकर क्रांति सेना के सचिव ने फेसबुक लाइव किया था. लाइव के बाद में ढेर सारी आपत्तिजनक कमेंट्स आ गए. इसके बाद सिंधी समाज के लोगों ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की. समाज के कुछ लोगों ने फेसबुक पर आपत्तिजनक कमेंट को लेकर फेसबुक लाइव करने वाले क्रांति सेना के सचिव के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद पुलिस ने आज क्रांति सेना के सचिव को हिरासत में ले लिया इसके बाद इस मामले में राजनीति गरमा गई है और बवाल मच गया है ।
छतीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल ने कहा कि पुलिस के पास अपराधी को पकड़ने की फुर्सत नहीं है. रोज अपराध हो रहा हैं. बाहर से आये अपराधी लूट, हत्या, बलात्कार कर रहे हैं, लेकिन इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस का हाथ पैर नही चल रहा. क्रांति सेना के संजीव साहू ने मानवतावश घटनाक्रम का फेसबुक लाइव किया. यह व्यस्ततम मार्ग है तो समाज द्वारा शक्ति प्रदर्शन करने की क्या जरूरत है. यह अपराध की श्रेणी में आ गया. इतने में सिंधी समाज का अपमान हो गया. परदेशिया 144 धारा को तोड़ेंगे तो उनके लिए जायज है, और छग का आदमी मानवता के नाते फ़ेसबुक लाइव चला दिया तो उसे गिरफ्तार थाने के आई और उस पर कार्रवाई की जा रही है ।
रायपुर । नक्सल हमले में मारे गए विधायक भीमा मंडावी की मौत मामले की बीजेपी जांच कराने की मांग कर रही है. इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, तो वहीं बीजेपी के बड़े नेता बयानबाजी कर रहे है. लेकिन कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बताया कि 10 अप्रैल को ही राज्य सरकार ने न्यायिक जांच कराने के लिए चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अनुमति मांगी है. आचार संहिता लगने की वजह से राज्य सरकार इसका ऐलान नहीं कर सकती. अनुमति मिलते ही राज्य सरकार भीमा मंडावी की मौत की न्यायिक जांच का कराने की आदेश देगी ।
शैलेश नितिन त्रिवेदी ने बताया कि राज्य सरकार ने भीमा मंडावी की हत्या की न्यायिक जांच की मांग की गई है. लेकिन बीजेपी इस पर राजनीति कर रही है उसे ऐसा नहीं करना था. राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग को लिखी चिठ्ठी को सार्वजनिक किया है. कांग्रेस इस घटना की पीड़ा और भयावहता को समझती है. क्योंकि कांग्रेस ने भी पहले नक्सली हमले में अपने नेता खोए है. निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद न्यायिक जांच होगी. बीजेपी को निर्वाचन आयोग पर विश्वास करना चाहिए ।
रायपुर । रितेश्वर महाराज लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मतदाताओं को जागरुक करने मतदाता जागरण महोत्सव आयोजित कर रहे हैं. रितेश्वर महाराज के मुताबिक, प्रजातंत्र व्यवस्था के अंतर्गत मतदान राष्ट्र प्रदत्त हमारा बड़ा अधिकार एवं सच्चे नागरिक तथा राष्ट्रभक्त के लिए एक अहम् एवं पुनीत कर्तव्य है. इस अभियान के तहत 13 अप्रैल को मनेंद्रगढ़ के राम मंदिर में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया. रितेश्वर महाराज का शनिवार शाम को कटघोरा में और रविवार को बिलासपुर में कार्यक्रम होगा ।
रायपुर । चिड़ियाघर के पिंजरे में बंद शेर की दहाड़ सुनकर बच्चा भी नहीं दहलता और छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का दावा करने वाले किसी भी राजनीतिज्ञ के बयान पर प्रदेश की जनता का अब ऐतबार नहीं रहता. यही कारण है कि देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह की छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान नक्सलियों के खिलाफ गुर्राहट बस्तर में फुसफुसाहट भर का भी असर छोड़ पाने में नाकाम रही ।
पांच साल से देश के गृहमंत्री पद का दायित्व संभाल रहे राजनाथ सिंह का गत दिवस दुर्ग में क्रोध से भरा बयान आया कि ‘भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सलियों द्वारा की गई हत्या से मैं बेहद दुखी हूं और इन हत्यारों को छोडूंगा नहीं.’ गृहमंत्री का यह लहजा छत्तीसगढ़ की आवाम में कोई भरोसा या उम्मीद जगा पाने में इसलिए नाकाम है क्योंकि पांच साल तक गृहमंत्री रह चुकने के बाद भी झीरम नरसंहार के दोषियों को सजा दिलाना तो दूर उसके लिए जिम्मेदार लोगों को पहचान पाने तक में वह नाकाम रहे हैं. नक्सली मोर्चे पर भी उनके खाते में शून्य बटा सन्नाटा ही दर्ज है ।
चार दशक से बस्तर में नक्सली नासूर बन भोले-भाले आदिवासियों के जीवन में भय का और सरकारों के लिए तनाव का कारण बने हुए हैं. किसी समय इन नक्सलियों को भटके हुए युवा करार देने वाले तमाम प्रगतिशील राजनीतिज्ञ भी पिछले कुछ समय से हिंसक घटनाओं के अतिरेक से आखिरकार इन्हें लोकतंत्र के लिए खतरा मानने को तैयार हो गए. लेकिन, इस स्वीकार्यता के बाद भी राजनीतिक स्वार्थों की खातिर तमाम राजनीतिक दल ‘बुलेट बनाम बैलेट’ की लड़ाई में एक साथ आने को तैयार नहीं हैं ।
तीन दिन पहले दंतेवाड़ा के विधायक भीमा मंडावी पर हुआ नक्सली हमला क्या महज एक भाजपा नेता पर हमले की निगाह से देखा जाना न्यायोचित है? पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह और बृजमोहन अग्रवाल को जहां इसमें राजनीतिक साजिश दिखाई दे रही है वहीं मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पुलिस अधिकारियों के तर्कों से सहमत हो इसे विधायक की लापरवाही का नतीजा करार दे देने को तत्पर रहे हैं. निश्चित ही यह दोनों दलीलें तर्क की कसौटी पर खरी नहीं उतरती हैं ।
अगर भीमा मंडावी पर हमला राजनीतिक साजिश है तो फिर छह साल पूर्व घटित झीरम हादसे को भी महज नक्सली हमला कैसे स्वीकार कर लिया जाए? जिस हमले में कांग्रेस नेतृत्व की एक पीढ़ी ही पूरी तरह खत्म हो गई. राजनाथ सिंह के बयान के प्रति अविश्वास और आक्रोश भी इसलिए है क्योंकि पांच साल में वह इस जघन्य हत्याकांड में मामले में कुछ भी ठोस करके दे पाने में नाकाम रहे, लेकिन आज आपके पार्टी के विधायक के साथ यह घटना घटित हो गई तो आपके बाजू फड़कने लगे. नक्सली वारदातों को यदि जिम्मेदार राजनीतिज्ञ ही अगर दलगत हित के आधार पर देखते रहेंगे तो लोकतंत्र का सूली पर चढ़ जाना तय ही है ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दलील है कि इलाके के थानेदार ने भीमा मंडावी को इस मार्ग पर जाने से रोका था, लेकिन वह नहीं माने और यह सब घटित हो गया. अगर यह दलील सही भी है तो भी इलाके की पुलिस को क्लीन चिट देने की इतनी जल्दबाजी की जरूरत क्या थी क्या यह सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए कि जब चुनाव के चलते अस्सी हजार पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के जवान वहां मौजूद थे, तो नक्सली इतनी मात्रा में विस्फोटक का उपयोग कैसे कर पाए उस इलाके में तो हथियारों की कोई फैक्ट्री भी नहीं है फिर भी इन अपराधियों के पास इस किस्म के अत्याधुनिक हथियार हममें से किसकी गद्दारी से इनके पास पहुंच जाते हैं ।
भीमा मंडावी पर जब हमला हुआ तो उनकी गाड़ी अकेली थी. पायलट और फालो वाहन उनसे इतने अधिक पीछे क्यों रह गए ऐसे तमाम सवाल हैं, जिनके जवाब अनुत्तरित हैं. लेकिन इन सवालों की आड़ में सरकार को संलिप्त ठहराने की कोशिश राजनीतिक अवसरवाद ही मानी जाएगी. ठीक वैसे ही जैसे झीरम में रमन सरकार को शामिल बताया जाना. क्योंकि चाहे बात डा. रमन सिंह की हो या भूपेश बघेल की, उनका सार्वजनिक जीवन और आचरण किसी को यह सवाल उठाने की इजाजत नहीं देता कि वह राजनीतिक लाभ के लिए कभी भी ऐसी राह चुन सकते हैं ।
यह बात समझने की जरूरत हममें से हर एक को है कि बस्तर में नक्सलियों की बंदूक से निकली गोली से कोई व्यक्ति भर नहीं मरता है। झीरम में शहीद होने वाले महज कांग्रेसी नहीं थे और ना भीमा मंडावी केवल भाजपाई ही थे. यह सब हमारे भाई थे जिनका विश्वास लोकतंत्र पर था. नक्सली बनाम लोकतंत्र की लड़ाई में जीत की उम्मीद ‘लोक’ तभी कर सकता है जब ‘तंत्र’ स्वार्थ त्याग कर एक राय हो कंधे से कंधा मिलाकर मैदान में उतरे. यह समय एक दूसरे के खिलाफ बयान देकर राजनीतिक स्वार्थ पूर्ति करने का नहीं है, निर्णायक लड़ाई के लिए आमजन और सुरक्षा बलों का आव्हान करने का है ।
संकट के क्षणों में कर्तव्य पालन का उदाहरण सीखने के लिए हमारे राजनीतिज्ञों को कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है. भीमा मंडावी के पिता और उनकी पत्नी का उदाहरण हमारे सामने है, जिन्होंने अपने पुत्र और पति की मौत के महज छत्तीस घंटे बाद ही बेखौफ मतदान कर साहस और कर्तव्य पालन की जो मिसाल कायम की है, उस पर हर भारतीय गर्व महसूस कर सकता है ।
क्या यह बेहतर ना होता कि भीमा मंडावी की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए अलग-अलग साधनों से दंतेवाड़ा पहुंचे भूपेश बघेल और डा. रमन सिंह एक साथ वहां पहुंचते. हमले के बाद उपजी परिस्थितियों की समीक्षा के लिए सभी दलों के प्रमुखों को भी साथ बिठाया जाता. नक्सली हिंसा के खिलाफ बयान अलग-अलग जारी करने की जगह इन नेताओं ने साथ बैठकर जारी किया जाता. स्मरण रहे कि ‘अनेकता में एकता ’ की बुनियाद पर ही भारत का वजूद है. हुक्मरानों में अगर यह सामूहिकता का भाव रहता हो तो जनता के भीतर भी यह भाव बना रहता कि….वह सुबह कभी तो आएगी. अभी तो बस वह क्रुद्ध हैं और हम क्षुब्ध ।
रायपुर । भाजपा सरकार के दौरान सरकार के प्रचार प्रसार के नाम पर आर्थिक अनियमिताओं के आरोप सरकारी संस्था संवाद पर लगे थे इस मामले में अब नामजद एफआईआर कराई गई है ।
आईएएस अधिकारी राजेश कुमार टोप्पो एवं अन्य के खिलाफ आईएएस ने दो अलग अलग मामलो में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा, 7C , 13 (A) के तहत मामला दर्ज किया है. सरकार की ओर से EOW के अधिकारी जीवन प्रकाश कुजूर ने यह एफआईआर दर्ज कराई गयी है ।
मेकअप आर्टिस्ट की तरह डॉ रमन का चेहरा चमकाने का काम करते थे आईएएस टोप्पोः उचित शर्मा
इस मामले में मेसर्स क्यूब मीडिया एन्ड ब्रांडिंग प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है. दोनों ही मामले वर्ष 2016 -17 और 2017 – 18 में वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े है. इसमें राजेश कुमार टोप्पो के अलावा मेसर्स मूविंग फिक्सल प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद को भी आरोपी बनाया गया है. इस मामले के पहले संवाद के उमेश मिश्रा, पंकज गुप्ता, हीरालाल देवांगन, जेएल दरिया की कमेटी ने प्रारंभिक जांच की थी. जांच रिपोर्ट ईओडब्ल्यू को भेजी गई. उसी रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है. अब तक इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. चर्चा है कि ईओडब्ल्यू केस से जुड़े अधिकारियों को नोटिस देकर बयान के लिए बुलाएगी ।
लगातार विवादों में रहे है टोप्पो
राजेश टोप्पो वो आईएएस अधिकारी है जो अक्सर विवादों में रहे है. जनसंपर्क विभाग के तत्कालीन आयुक्त रहते हुए टोप्पो ने नियमों का जमकर मखौल उड़ाया. एक नौकरशाह होने के नाते उन्हें विमान के इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने की अनुमति है, लेकिन उन्होंने बिजनेस क्लास में सफर किया था, अपने गृह नगर रांची से दिल्ली तक की यात्रा भी सरकारी खर्चे पर की. बिजनेस क्लास में उनकी यात्रा पर सरकारी खजाने से 20 हजार 779 रुपए भुगतान किया गया. इसके अलावा दिल्ली की पांच सितारा होटल जेडब्ल्यू मैरियट में 20 हजार रोजाना के किराए पर रुकते थे. इसका भुगतान भी शासकीय खजाने से किया गया था. जबकि, एक आइएएस को 6 हजार रुपए तक प्रतिदिन किराया भुगतान की अनुमति होती है. इससे भी अधिक चौंकाने वाला सच यह है कि उन्होंने चंडीगढ़ शहर के अंदर घूमने के लिए 4 दिन में 73 हजार 626 रुपए खर्च कर डाले थे ।
चुनाव आयोग ने हटाया था टोप्पो को
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होने थे, ऐसे में चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को जनसंपर्क आयुक्त राजेश टोप्पो को उनके पद से हटाने का आदेश दिया था. यह निर्णय चुनाव आयोग ने टोप्पो के एक कथित ऑडियो टेप को सुनने के बाद लिया था. इस टेप में टोप्पो एक पत्रकार से कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने की बात कर रहे थे. इसके साथ ही वो इस काम के लिए कथित रूप से पैसों की पेशकश करते पकड़े गयी थी ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज से आय पर चर्चा करेंगे. यह चर्चा रिंग रोड स्थित वालफोर्ट सिटी के पीछे स्थिति बीएसयूपी की कॉलोनी के बीच की जाएगी ।
चर्चा में मुख्यमंत्री गरीबों की आमदनी को लेकर उनसे बात करेंगे. कांग्रेस इस चुनाव मे गरीबों की आय दोगुनी करने का वादा कर रही है ।
गौरतलब है कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चाय पर चर्चा की थी. जिसमें जगह-जगह मोदी अपनी 3डी इमेज से चाय की चुस्कियों के बीच लोगों से संवाद करते थे. जिसका उनकी जीत में बड़ा योगदान माना जाता है ।
इसी तर्ज पर भूपेश बघेल आय पर चर्चा करने जा रहे हैं. इस आयोजन के ज़रिये भूपेश कांग्रेस की सबसे महत्वाकांक्षी योजना न्याय की जानकारी देकर वोटरों को साधने का प्रयास करेंगे ।
चर्चा सुबह 10:30 बजे शुरू होगी. कांग्रेस लगातार ऐसे कार्यक्रम के ज़रिये न्याय को लोगों के बीच ले जाएगी.
रायपुर । पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के द्वारा दिए गए इतना छोटा आदमी वाले बयान पर सियासत गर्म हो गई है. अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रमन सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि आप बड़े आदमी बन गए थे, आपको मुबारक. मैं छोटा आदमी हूं, किसान का बेटा हूं. ऐसा ही रहूंगा. जिससे सभी किसान, युवा और आम जनता के बीच उपलब्ध रह सकू ।
मुख्यमंत्री ने ये लिखा है ट्वीट में…
हां! मैं छोटा आदमी हूं, एक किसान का बेटा हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मैं ऐसा ही रहूं हमेशा। ताकि बस्तर से लेकर सरगुजा तक और रायपुर से लेकर सुपेबेड़ा तक हर किसान, आदिवासी, युवा और आम जनता के बीच मैं सहज उपलब्ध रह सकूं। आप ‘बड़े आदमी’ बन गए थे। वह आपको ही मुबारक, रमन जी।
लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे नेताओं का बयानबाजी भी तेज हो गया है. बड़े से बड़े नेता एक दूसरे पर तंज कसते हुए बयान दे रहे हैं. औऱ ये बयानबाजी भी स्वभाविक है क्योंकि राजनीति में बयानबाजी ना हो तो वो राजनीति भी कैसी राजनीति ।
गौरतलब है कि कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्विटर हैंडल से ‘देखो आइऩा मोदी जी’ का वीडियो को लोगों के साथ शेयर किया गया है. जिसके बाद प्रतिक्रिया आने का दौर जारी है. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कांग्रेस के वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि इतना छोटा आदमी छोटे मन से छोटी-छोटी हरकतें करता है. मजाक का पात्र बनेगा ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बदमाश इतने हावी हो गए हैं कि दिनों दिन अपराध बढ़ते जा रहा है. ताजा मामला गोकुल नगर से निकलकर सामने आया है. जहां मामूली विवाद पर 25 से अधिक बदमाशों ने कुछ युवकों पर तलवार से हमला कर दिया और कार, बाइक में तोड़फोड़ भी की. हमले में एक निजी वेब पोर्टल का पत्रकार और उसका भाई गंभीर रुप से घायल हो गया है. वहीं वारदात के बाद पुलिस आरोपियों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार बाकियों की तलाश कर रही है ।
मिली जानकारी के मुताबिक घटना बीती रात टिकरापारा थाना क्षेत्र का है. लोकश यदु दुध के व्यापारी के पास दूध लेने लगा हुआ था, तभी आरोपी प्रेम गवाला द्वारा मामूली विवाद को लेकर उस पर दूध के डब्बे से मारा गया. जिसकी जानकारी युवक ने अपने भाइयों को फोन के जरिए दी. जिस पर मौके पर पहुंचे भाई संदीप यदु और पत्रकार श्रीकांत यदु पर भी आरोपी प्रेम गवाला, सतीश गवाला, सुभम गवाला समेत अन्य साथियों ने तलवार से हमला किया और मारपीट की. दो भाई गंभीर रुप से घायल हो गए, जबकि तीसरे को हल्की चोट आई है. फिलहाल दो भाइयों का एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है ।
पीड़ित श्रीकांत यदु का कहना है कि गोकुल नगर में दूध का व्यापारी और आदतन अपराधी प्रेम गवाला ने पार्टी संदीप यदु के छोटा भाई लोकेश यदु के साथ दूध की बात को लेकर विवाद हो गया. फिर प्रेम गवाला ने लोकेश यदु के साथ मारपीट कर दी. मारपीट की सूचना पर हम अन्य तीनों भाई गोकुल नगर पहुंचे जहां पर प्रेम गवाला और उसके अन्य साथियों ने हमें मारना शुरू कर दिया. इसके साथ कार, बाइक पर भी तोड़फोड़ की है. घटना में बडे भाई लोकेश यदु और एक छोटे भाई को ज्यादा चोटें आई है ।
श्रीकांत यदु
वारदात की शिकायत पर टिकरापारा पुलिस ने आरोपी प्रेम गवाला, सतीश गवाला, सुभम गवाला और अन्य साथियों के खिलाफ धारा 407, 427, 34 के तहत मामला दर्ज किया है. वहीं घटना के तत्काल बाद एसएसपी आरिफ शेख के निर्देश पर एक टीम गठित कर सतीश और सुभम गवाला सहित दो और आरोपियों को टिकरापारा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही और वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी ली जा रही है. पुलिस जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेने की बात कह रही है ।