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 पंचायत तंत्र –  नई दिल्ली- 24 मार्च 2020. देश में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए मोदी सरकार पूरी कोशिश कर रही है. इसके तहत कई अहम कदम भी उठाए जा रहे हैं. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना महामारी पर देश को आज दूसरी बार संबोधित कर रहे हैं. पीएम मोदी ने इस दौरान ऐलान किया कि आज रात 12 बजे से पूरे देश में लॉकडाउन किया जा रहा है. देश में यह लॉकडाउन 21 दिन के लिए होगा. यह जनता कर्फ्यू से आगे का कदम है. यह कदम हर हिंदुस्‍तानी को बचाने के लिए लिया जा रहा है ।

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज इस 21 दिन अगर आप नहीं संभलें तो देश 21 साल पीछे चला जाएगा. बाहर निकलना क्‍या होता है, यह 21 दिन के लिए भूल जाइये. घर पर ही रहें. मैं यह बात परिवार के सदस्‍य के तौर पर कह रहा हूं.’ पीएम मोदी ने कहा कि मैं यह बात परिवार के सदस्‍य के तौर पर कह रहा हूं. इसमें लिखा है, को-कोई, रो-रोड पर, ना- न निकले.’

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि हर भारतीय ने जनता कर्फ्यू को सफल बनाया है. हर भारतीय ने पूरी जिम्‍मेदारी के साथ जन कर्फ्यू में योगदान दिया है. आप सभी प्रशंसा के पात्र हैं ।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से बचने का एकमात्र उपाय है सोशल डिस्‍टेंसिंग. इसके अलावा कोई और उपाय नहीं है. कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्‍टेंसिंग सिर्फ बीमारों के लिए है. यह सही नहीं है. यह सभी नागरिकों के लिए है, प्रधानमंत्री के लिए भी है ।

K. W. N. S. – नई दिल्ली l देश में कोरोना वायरस का मामला बढ़कर 428 तक पहुंच चुका है। कोरोना के चलते जेलों में भीड़ कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश स
दिया है। अब कई कैदी रिहा होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से स्वंय फैसला लेने को कहा कि किन सजायाफ्ता कैदियों एवं विचाराधीन मुल्जींमो को कुछ समय के लिए रिहा कर सकते हैं। सुझाव- 7 साल से कम की सज़ा पाए कैदियों और छोटे अपराधों में विचाराधीन मुल्जीमों को 6 हफ्ते का परोल देना ठ उचित रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद कैदियों के बेल और पैरोल देने के लिए राज्य सरकार से एक कमेटी बनाने के लिए कहा है | यह कमेटी तय करेगी की किस श्रेणी के अपराधी को बेल दिया जाये | सुप्रीम कोर्ट ने जेलों में भीड़ कम करने के इरादे से कहा कि ऐसे कैदियों को पेरोल दिया जा सकता है जिन्हें सात साल तक की सजा हुई है या जिन पर इतनी अवधि की सजा के अपराध के लिए अभियोग निर्धारित हुये हैं |

K. W. N. S. – रायपुर। देश जिस समय कोरोना वायरस की महामारी झेल रहा है, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने लॉकडाउन का ऐलान किया है. इसके बाद भी कुछ जगहों पर भारी संख्या में लोग घरों से निकल रहे हैं. इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने अपील की है कि कई लोग अभी भी गंभीर नहीं, कृपया निर्देशों का पालन करे l

पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वे नियमों और कानूनों का पालन करवाएं l

 

 K. W. N. S. – नई दिल्ली l कांग्रेस से त्यागपत्र देने वाले मध्यप्रदेश के दिग्गज नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज दोपहर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
सूत्रों के अनुसार भाजपा के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में ज्योतिरादित्य सिंधिया को पार्टी की सदस्यता ग्रहण करायेंगे। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

मध्यप्रदेश में राजनीतिक घमासान के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को PM नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के बाद कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र की प्रति ट्वीटर पर पोस्ट कर दी। इस्तीफे पर सोमवार की तारीख अंकित है। इससे संकेत मिलता है कि उन्होंने अमित शाह एवं नरेन्द्र मोदी से मिलने से पूर्व ही कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया के त्यागपत्र के ऐलान के बाद उनके समर्थक 22 कांग्रेसी विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया। इससे मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गयी है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे का मध्यप्रदेश की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ना तय है। ग्वालियर-चंबल और उत्तरी मालवा क्षेत्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव के कारण पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सर्वाधिक सफलता मिली थी। उनके जैसे बड़े एवं व्यक्तिगत जनाधार वाला नेता कांग्रेस और भाजपा किसी भी दल में नहीं है। अगर उन्हें भाजपा में अपेक्षित सम्मान मिला तो भविष्य में मध्यप्रदेश के राजनीतिक पटल पर कांग्रेस के अस्तित्व के लिए गंभीर संकट पैदा हो सकता है। 

K. W. N. S. – मध्य प्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली पहुँच गए है | आज ही वे राहुल गांधी समेत अन्य कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात करेंगे | बताया जाता है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों के अरमानों पर पानी फिरने के बाद छत्तीसगढ़ से पार्टी आलाकमान को काफी उम्मीदे है | लिहाजा छत्तीसगढ़ से नामाकिंत होने वाले राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला बुधवार शाम तक हो सकता है l

बताया जाता है कि पार्टी आलाकमान छत्तीसगढ़ से उम्मीदवारी करने वाले दो नेताओं के नामों पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में लेगा | इस बारे में सूत्र बता रहे है कि कांग्रेसी नेता करुणा शुक्ला , वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा , प्रदेश सचिव गिरीश देवांगन , वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा और प्रियंका गांधी का नाम छत्तीसगढ़ से प्रस्तावित है | जानकारी के मुताबिक राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी दिल्ली तलब किया गया है | मध्यप्रदेश में मौजूदा राजनैतिक संकट के मद्देनजर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की संभावना नजर आ रही है |

फ़िलहाल दिग्विजय सिंह और मुख्यमंत्री कमलनाथ राज्य की कांग्रेस सरकार को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे है | माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश में मौजूदा राजनैतिक समीकरण के चलते कांग्रेस की जीत की संभावना काफी कम हो गई है | ऐसे में छत्तीसगढ़ में एक स्थानीय और एक बाहरी प्रत्याशी को कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में उतार सकती है | यहां दोनों ही सीटों पर उसकी जीत सुनिश्चित है | जबकि मध्यप्रदेश में मामला मजधार में अटक गया है | 

उधर मुख्यमंत्री बघेल ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है | एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ,  हमने हमेशा देखा है कांग्रेस से जाने वाले लोग हमेशा गुर्राते हुए जाते हैं और दुम दबाकर आते हैं और ऐसे अनेक उदाहरण हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा- कुछ तो मजबूरियां रहीं होगी, कोई यूं ही बेवफा नहीं होता।

यह भी बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में सियासी संकट के मद्देनजर छत्तीसगढ़ में भी पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी से बचने के लिए निगम मंडलों में नियुक्ति पर जोर दिया जा रहा है | जानकारी के मुताबिक राज्य में कांग्रेसियों को रेवड़ी बटने का काम जल्द शुरू हो सकता है | प्रदेश के ज्यादातर निगम मंडलों में दस्तक देने के लिए बड़े पैमाने पर कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दांव खेला है | सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने पहले लोकसभा चुनाव फिर नगरीय निकाय और अब पंचायत चुनाव का हवाला देकर कांग्रेस ने नियुक्तियां टाल दी थी | लेकिन अब मध्यप्रदेश जैसा सियासी संकट अन्य राज्यों में ना फ़ैल जाए , इसके चलते कांग्रेस सतर्क हो गई है | जानकर बता रहे है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य सभा उम्मीदवारों के नामों पर फैसला लेने के बाद निगम मंडलों में नियुक्ति की सूची पर भी पार्टी आलाकमान की मुहर लगवा सकते है |

K. W.N.S. – मध्य  प्रदेश की सरकार पर दिल्ली से भोपाल तक सियासी महाभारत जारी है. इस बीच मंगलवार को यानी होली के दिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हो रही है. इस बैठक में राज्यसभा के उम्मीदवारों के नाम तय होंगे. कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया एक या दो दिन में शामिल होंगे बीजेपी में शुत्रो के अनुशार और औपचारिक तौर पर बीजेपी में उन्हें शामिल किया जाएगा l

दिल्ली में बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति की हो रही ये बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी को राज्यसभा चुनाव पर चर्चा करनी है. कहा ये भी जा रहा है कि सिंधिया को बीजेपी राज्यसभा भेजने जा रही है. ऐसे में उनके नाम का ऐलान भी इस बैठक में हो सकता है l

बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, थावरचंद गहलोत, बीजेपी संगठन मंत्री बीएल संतोष, शाहनवाज हुसैन, विजय राहठकर समेत कई नेता पार्टी हिस्सा ले रहे हैं. बीजेपी चुनाव समिति की बैठक के बाद संसदीय दल की बैठक होगी. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित तमाम नेता मौजूद होंगे l

 K. W. N. S. –  नई दिल्ली l होली से पहले बैंक से जुड़े काम जल्दी निपटा लें वरना आपकी होली खराब हो सकती है। बैंक की हड़ताल, होली की छुट्टी और साप्ताहिक अवकाश की वजह से आने वाले हफ्ते में बैंकों का शटर नहीं उठने वाला। आठ मार्च से बैंक 8 दिनों के लिए बंद रह सकते हैं। 
बता दें मार्च में होली की छुट्टी के साथ-साथ बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल भी है। होली का मजा किरकिरा न हो इस लिए 8 मार्च से पहले आप बैंक से जुड़े का निपटा लें। बैंक यूनियनों की प्रस्तावित 3 दिन की हड़ताल, होली की छुट्टी और शनिवार-रविवार के कारण करीब आठ दिन लगातार बैंक बंद रह सकते हैं। आइए जानते हैं कि मार्च में कब और क्यों रहेंगे बैंक बंद ताकि आपको अपने कामों के लिए शेड्यूल तय करने में आसानी हो…
दरअसल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी 11 से 13 मार्च तक तीन दिनी हड़ताल पर जा सकते हैं। नौ और दस फरवरी को होली की छुट्टी है। इससे पहले आठ फरवरी को रविवार के कारण बैंक बंद होंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अगर 11-13 मार्च को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं तो बैंक लगातार 8 दिन बंद रह सकते हैं। इसकी वजह है कि ​तीन दिन की हड़ताल के बाद 14 मार्च को महीने का दूसरा शनिवार और उसके बाद 15 मार्च को रविवार पड़ रहा है, यानी अगर हड़ताल हुई तो बैंकों में लगातार 8 दिन तक कामकाज प्रभावित रहेगा।
कुल 14 दिन बंद रह सकते हैं बैंक 
वहीं अगर मार्च में छुट्टियों की बात करें तो आरबीआई के मुताबिक इस महीने बैंकों में 6 छुट्टियां पड़ रही हैं। इसके अलावा दूसरे और चौथे शनिवार को मिलाकर कुल 7 सप्ताहिक छुट्टियां पड़ रही हैं। यानी मार्च में कुल 14 दिन बैंक बंद रहेंगे। 

K. W. N. S. – रायपुर, 15 फरवरी 2020/ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 14 फरवरी को अपने अमेरिका प्रवास के दौरान बोस्टन में रहें जहां उनकी मुलाकात मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नालाॅजी और सोलन स्कूल आॅफ मेनेजमेंट के प्रोफेसर श्री स्काॅट स्टर्न और सोशल प्रोग्रेस इम्पेरेटिव के सीईओ श्री माइकल ग्रीन से हुई। इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ राज्य के इकोनाॅमिक एवं सोशल इंडेक्स, सोशल इकानाॅमी सर्वे और सोशल आॅडिट सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह चर्चा इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण रही कि इसके पहले इस विषय पर इतने बड़े स्तर में सोशल इकोनाॅमिक इंडेक्स के अध्ययन पर काम नही किया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि इनके अध्ययन से राज्य सरकार को नई नीति तैयार करने में मदद मिलेगी।
   प्रोफेसर स्काॅट स्टर्न ने इस अवसर पर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया। जिसमें उपरोक्त आर्थिक-सामाजिक इंडेक्स के सर्वे के माध्यम राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के आर्थिक विकास पर अध्ययन कर उनके विकास के लिए नए प्रोग्राम और नीति आदि तैयार करने में मदद मिलेगी ताकि ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास हो सके और लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। इसके माध्यम से प्रमुख रूप से रोजगार उपलब्ध कराना एवं एक वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से आर्थिक सुधार पर कार्य करने के लिए यह अच्छे उपाए साबित होंगे।
     इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे सुपोषण अभियान, हाॅट-बाजारों और शहरी स्लम इलाकों में चलित अस्पताल तथा बस्तर क्षेत्र में पिछले 15 सालों से बंद पड़े लगभग 300 स्कूलों को फिर से प्रारंभ करने और महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में दिए जा रहे विशेष ध्यान को बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख सोशल इंडेक्स के बारे में जानकारी दी।
      इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री आर.पी.मण्डल, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, सीएसआईडीसी के एमडी श्री अरूण प्रसाद सहित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत आईएएस अधिकारी सुश्री एम.गीता भी उपस्थित रहीं।

K. W.N.S. – गांधी परिवार से SPG सुरक्षा वापस लेने के बाद अब सरकार ने सभी वीआईपी लोगों की सुरक्षा से NSG कवर हटाने का फैसला लिया है. सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विशिष्ट लोगों को सुरक्षा देने के काम से अब राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) को दूर रखा जाएगा. इससे पहले भी गृह मंत्रालय सोनिया गांधी और राहुल गांधी की SPG सुरक्षा हटाने के साथ-साथ कई बड़े नेताओं की सुरक्षा घटा चुका है.

करीब दो दशक बाद ऐसा होगा जब एनएसजी के ब्लैक कैट कंमाडोज को अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा से दूर रखा जाएगा. 1984 के दंगों के बाद जब एनएसजी का गठन हुआ था तब वीआईपी की सुरक्षा इस बल की जिम्मेदारियों में शामिल नहीं थी. आधुनिक हथियारों से लैस यह खास सुरक्षा दस्ता वीआईपी लोगों को सुरक्षा कवर देता है जो फिलहाल जेड प्लस सुरक्षा हासिल 13 अति विशिष्ट लोगों को मिली हुई है. ऐसे हर वीआईपी की सुरक्षा में करीब दो दर्जन कमांडो तैनात रहते हैं.

एनएसजी के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में तैनात एनएसजी की जगह अब यह जिम्मेदारी जल्द ही अर्धसैनिक बलों को सौंप दी जाएगी. इन नेताओं के अलावा पूर्व सीएम मायावती, मुलायम सिंह यादव, चंद्रबाबू नायडू, प्रकाश सिंह बादल, फारूक अब्दुल्ला को भी एनएसजी सुरक्षा घेरा मिला हुआ है. इसके साथ ही असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भी एनएसजी सुरक्षा मिली हुई है.

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक एनएसजी का मुख्य काम एंटी टेरर ऑपरेशन और विमान हाइजैक जैसी घटनाओं को रोकना है. लेकिन विशिष्ट लोगों को सुरक्षा देना इस सीमित और स्पेशल फोर्स पर बोझ की तरह है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से यह फैसला लिया है. अधिकारी ने बताया कि इस फैसले के बाद अब एनएसजी के करीब 450 कमांडोज वीआईपी को सुरक्षा देने से मुफ्त हो जाएंगे और उन्हें फोर्स के मूल काम पर लगाया जा सकेगा.    

सुरक्षा कवर से हटने के बाद देश में मौजूद एनएसजी के पांच ठिकानों पर इनकी तैनाती की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर वहां से इनकी सेवाएं ली जा सकें. सरकार की योजना के मुताबिक वीआईपी लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF और CRPF जैसे अर्धसैनिक बलों को दी जा सकती है जो पहले ही करीब 130 हाई प्रोफाइल लोगों की सुरक्षा में तैनात हैं.

हाल ही में CRPF को ऐसे पांच अतिविशिष्ट लोगों की सुरक्षा सौंपी गई है जिन्हें पहले SPG कवर हासिल था. इनमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी से लेकर, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी शामिल हैं. इसके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की सुरक्षा भी इस बल के जिम्मे है. वहीं सीआईएसएफ पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को सुरक्षा देने की जिम्मेदारी हैl

K.W.N.S. _ दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक कई कारणों से चर्चा में रही हैं | वे लंबे समय बाद एसिड अटैक सर्वाइवर की संवेदनशील कहानी के साथ दर्शकों के सामने हैं हालांकि वे जेएनयू में हुई हिंसा के खिलाफ स्टूडेंट्स का समर्थन करने पहुंची तो सोशल मीडिया पर एक धड़े ने उनकी फिल्म को बायकॉट करने की धमकी दे डाली | बीजेपी के कई नेताओं और प्रवक्ताओं ने भी उनके इस कदम की आलोचना की और उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल भी किया गया | हालांकि तमाम विवादों के बावजूद फिल्म लोगों के बीच पॉजिटिव संदेश भी दे रही है |  दीपिका की फिल्म ने उत्तराखंड सरकार को काफी प्रभावित किया है और राज्य की सरकार ने एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए पेंशन स्कीम की घोषणा की है | स्टेट वुमेन एंड चाइल्ड वेल्फेयर मिनिस्टर रेखा आर्या ने इस स्कीम की घोषणा के दौरान कहा ,  सरकार एक पेंशन स्कीम की शुरुआत कर रही है जिससे हर महीने एसिड अटैक के बाद अपनी जिंदगी काट रहे लोगों को 5000-6000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी ताकि वे अपनी जिंदगी को गरिमापूर्ण तरीके से जी सकें | 

रेखा आर्य ने बताया कि जल्द ही सरकार पीड़िताओं को 5000 से 6000 रुपए महीना देने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने जा रही है | इस दौरान उन्होंने छपाक फिल्म को लेकर हो रहे विरोध कहा कि यदि यह फिल्म सच्चाई पर आधारित है और एसिड अटैक पीड़िता को इसमें कोई आपत्ति नहीं है तो इस फिल्म को बनाने और देखने में कोई हर्ज नहीं है |  

फिल्म प्रमोशन्स के दौरान दीपिका ने बताया था कि वे स्क्रिप्ट पढ़ने के दौरान इस कहानी से काफी प्रभावित हुई थीं | इस फिल्म के टाइटल ट्रैक लॉन्च इवेंट के दौरान वे एसिड अटैक सर्वाइवर और एक्टिविस्ट लक्ष्मी अग्रवाल के साथ भी नजर आईं थीं | बता दें कि ये फिल्म लक्ष्मी अग्रवाल की जिंदगी पर आधारित है | इस फिल्म को मेघना गुलजार ने डायरेक्ट किया है और फिल्म में विक्रांत मैसी का भी अहम रोल है |