नई दिल्ली। आजकल लोगों में कमर दर्द की समस्या आम हो गई है। शरीर में विटामिन की कमी के कारण कमर दर्द की समस्या होती है। कई बार लगातार बैठने से कमर में दर्द होने की संभावना होती है। दरअसल बैठने के दौरान बॉडी पॉस्चर सही नहीं होने के कारण भी कमर दर्द की समस्या होती है। आज हम आपको कुछ नुस्खे बताने जा रहे हैं। जिसे अपनाकर आप कमर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।
– कमर दर्द होने पर आप गर्म दूध में हल्दी और शहद मिलाकर पिएं। इसे पीने से दर्द में राहत मिल सकता है।
– जब भी आपको लगातार बैठना है, तो ऐसे में अपने कमर के पास हीट वाटर का बैग रख सकते हैं। इस तरह आप कमर दर्द से बच सकते हैं।
– अपनी डाइट में कैल्शियम और विटामिन-डी युक्त भोजन का जरूर सेवन करें। अगर आपके शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी होगी, तो कमर दर्द का खतरा बढ़ सकता है।
– कमर दर्द से राहत पाने के लिए आप अदरक का सेवन कर सकते हैं। आप अदरक को चबा कर खा सकते हैं या अदरक वाली चाय पी सकते हैं।
– सरसों तेल में लहसुन आजवाइन को डाल दें और इसे गर्म कर लें। कमर पर इसे मालिश करने से दर्द से छुटकारा मिल सकता है।
– एक्सरसाइज करने से दर्द की समस्या कम होती है। नियमित तौर पर एक्सरसाइज करें। आप फिट रहेंगे और कमर दर्द से छुटकारा मिल सकता है।
– धूम्रपान करने से कमर दर्द की समस्या बढ़ जाती है। इससे शरीर में अन्य बीमारियों का भी खतरा रहता है। ऐसे में आप धूम्रपान करने से बचें।
– वजन बढ़ने के कारण भी कमर दर्द की समस्या होती है। ऐसे में आप वजन को मेंटेन करें। डाइट पर कंट्रोल करें, और एक्सरसाइज करें। इससे आपका वजन कम हो सकता है। आप अपने डाइट में हेल्दी फूड शामिल कर सकते हैं।
Disclaimer: लेख में दिए गए सुझाव और टिप्स सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी तरह के सवाल या परेशानी हो तो फौरन अपने डॉक्टर से सलाह करें।
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नई दिल्ली। जब शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, तो इस स्थिति में आप एनिमिया के शिकार होते हैं। आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है, जिससे हीमोग्लोबिन बनता है। शरीर में आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन कम होने लगता है, जिससे ऑक्सीजन की भी कमी होने लगती है। इसके कारण हाथ-पैरों में सूजन, चक्कर आना, अधिक पसिना आना, थकान और कमजोरी महसूस होती है। तो आज आपको इस लेख में कुछ ऐसे फल और सब्जियों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप अपने डाइट में शामिल कर खून की कमी को पूरा कर सकते हैं।
पालक
पालक में आयरन, कैल्शियम, फाइबर और अन्य विटामिन्स प्रचुर मात्रा में पाया जाते हैं। अगर आप एनिमिया के शिकार हैं तो इसे अपने भोजन में जरूर शामिल करें। यह आपके शरीर में तेजी से खून की कमी को पूरा करता है।
अंगूर
अंगूर खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन होता है, जो खून की कमी को पूरा करता है।
सेब
सेब शरीर की कई बीमारियों से छुटकारा दिलाता है। इसमें कॉफी मात्रा में आयरन होता है, इसे खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है। इसके साथ ही सेब पेट की बीमारियों को भी दूर करता है।
चुकंदर
चुकंदर शरीर में खून की कमी को पूरा करने में सहायक है। चाहें तो आप इसे सलाद में भी खा सकते हैं। या आप इसका जूस पी सकते हैं। सब्जियां बनाते समय भी चुकंदर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अनार
अनार में आयरन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसे खाने से शरीर में तेजी से खून बनता है। यह एनिमिया की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद करता है।
अंजीर
अंजीर में कई सारे विटामिन्स पाए जाते हैं। इसमें आयरन, सोडियम,कैल्शियम, पोटेशियम आदि पाए जाते हैं। शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए आप 4-5 अंजीर को दूध में उबालकर सेवन करें। इससे एनिमिया में राहत मिलती है।
Disclaimer: लेख में दिए गए सुझाव और टिप्स सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। किसी भी तरह के सवाल या परेशानी हो तो फौरन अपने डॉक्टर से सलाह करें।

नई दिल्ली। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को पोषण से भरपूर हेल्दी डाइट से काफी फायदा पहुंचता है। कई बार ज़रूरी विटामिन्स और खनीज पदार्थों की कमी दिमाग के फंक्शन को कमज़ोर बनाती है, जिससे तनाव, अवसाद, चिड़चिड़ापन, बेचैनी जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। आज दुनियाभर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day 2022) मनाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता पैदा करना है।
इस मौके पर आइए जानें ऐसे पोषक तत्वों के बारे में जिनकी कमी का असर सीधे हमारे दिमाग के काम पर पड़ता है और मानसिक तौर पर कमज़ोर होते चले जाते हैं।
दिमाग़ के हेल्दी फंक्शन के लिए ये 5 पोषक तत्व ज़रूरी होते हैं:-
1. विटामिन-डी
विटामिन-डी, एड्रेनालाईन, नॉरएड्रेनालाईन और डोपामाइन के उत्पादन को नियंत्रित करता है, और मस्तिष्क के काम के लिए एक महत्वपूर्ण हार्मोन के रूप में अहम भूमिका निभाता है।
विटामिन-डी की कमी थकान, मांसपेशियों में कमज़ोरी, बालों का झड़ना, पीठ दर्द, त्वचा की खराब स्थिति, हड्डियों में दर्द और मूड में बदलाव सहित कई तरह से लक्षण प्रकट होते हैं।
विटामिन-डी किन फूड्स में होता है: विटामिन-डी से भरपूर डाइट में अंडे, फैटी फिश, मशरूम, ब्राउन चावल, बकरी के दूध से बना चीज़ और ग्लूटन-फ्री ओट्स शामिल होने चाहिए।
2. विटामिन-बी
विटामिन-बी (B1, B6, B7, B12, B complex) की कमी की वजह से अवसाद, बेचैनी और मूड का तेज़ी से बदलना हो सकता है। यह तंत्रिका तंत्र के साथ-साथ संचार प्रणाली में व्यवधान के साथ जुड़ा हुआ है। बी12/बी9 या फोलेट बदलते मूड से जुड़ा होता है। जो लोग अवसाद से लड़ रहे होते हैं, उनके रक्त में फोलेट की कमी होती है।
3. मैग्नीशियम
मैग्नीशियम की कमी मानसिक विकारों से संबंधित कई लक्षणों को बढ़ाने के लिए जानी जाती है, जैसे कि बेचैनी, चिंता, चिड़चिड़ापन, भ्रम, अनिद्रा, सिरदर्द, मतिभ्रम और अवसाद।
मैग्नीशियम किन फूड्स में होता है: कुछ तनाव को कम करने में मदद करने के लिए दिन में कम से कम तीन बार मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे कद्दू के बीज, डार्क ऑर्गेनिक चॉकलेट (प्लस 72%), और बादाम शामिल करना चाहिए।
4. ओमेगा-3 फैटी एसिड्स
हमारे दिमाग की सेहत और काम को बढ़ावा देने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड्स काफी ज़रूरी होते हैं, जो दिमाग़ को तेज़ और मूड को सकारात्मक बनाते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी के लक्षणों में कमज़ोरी, खराब याददाश्त, रूखी त्वचा, दिल से जुड़ी दिक्कतें, मूड का बदलते रहना, तनाव शामिल है।
ओमेगा-3 किन फूड्स में होता है: तेलीय फिश, जैसे सालमन या कोड, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का बेहतरीन स्त्रोत होती हैं। यह हेल्दी फैट्स फ्लेक्स सीड्स और अखरोट में भी पाए जाते हैं।
5. प्रोबायोटिक
शरीर में प्रोबायोटिक की कमी को दुनियाभर में सबसे ज़्यादा इग्नोर किया जाता है, जो लाखों लोगों में दिक्कत से भरे लक्षणों का कारण बनता है। प्रोबायोटिक ज़िंदा बैक्टीरिया और यीस्ट के मिश्रण को कहा जाता है, जो मनुष्यों के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में प्राकृतिक तौर पर रहते हैं और तनाव को दूर करते हैं, हेल्दी पाचन, सकारात्मक मूड और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा देते हैं। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दिक्कतें, जो अस्वस्थ गट से संबंधित होती हैं, उनमें ADD/ADHD, बेचैनी, तनाव, शिज़ोफ्रेनिया और अल्ज़ाइमर बीमारी शामिल है। शारीरिक समस्याओं में ऑटोइम्यून से जुड़ी दिक्कतें (जैसे थायरॉइड और आर्थराइटिस), पाचन से जुड़ी परेशानियां (जैसे- आईबीएस, कब्ज़, दस्त, सीने में जलन या पेट का फूलना), नींद से जुड़ी समस्याएं, त्वचा पर रैशेज़, मीठा खाने की चाह।
प्रोबायोटिक किन फूड्स में होता है: प्रोबायोटिक गट और दिमाग़ के बीच के संबंध को सपोर्ट करता है। प्रोबायोटिक खानों में, ऑर्गैनिक योगर्ट, केफिर, खट्टी पत्ता गोभी, किमची, कम्बूचा और अचार शामिल हैं।
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
नई दिल्ली। हेल्थ एक्सपर्ट हमेशा बदलते मौसम में सेहतमंद रहने के लिए इम्यून सिस्टम मजबूत करने की सलाह देते हैं। इम्यून सिस्टम के मजबूत रहने से बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। खासकर, सर्दी के दिनों में तापमान बहुत कम हो जाता है। इससे सर्दी, खांसी और जुकाम संबंधी परेशानियां होती हैं। अगर आप भी सर्दियों में सेहतमंद रहना चाहते हैं, तो रोजाना इन चीजों का सेवन अवश्य करें। इन चीजों के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। आइए, इसके बारे में सब कुछ जानते हैं-
हल्दी वाला दूध पिएं
हेल्थ एक्सपर्ट हमेशा इम्यून सिस्टम मजबूत करने के लिए हल्दी वाला दूध पीने की सलाह देते हैं। इस दूध के सेवन से बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। आसान शब्दों में कहें, तो आप बदलते मौसम में सेहतमंद रह सकते हैं। खासकर, सर्दियों में सेहतमंद रहने के लिए रोजाना हल्दी वाला दूध का सेवन अवश्य करें। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल के गुण पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद साबित होते हैं।
विटामिन-सी
सर्दियों में लोग पानी कम पीते हैं। इससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, सर्दियों में मौसमी फल आसानी से मिल जाते हैं। इनमें पानी प्रचुर मात्रा में होता है। इन फलों के सेवन से शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। साथ ही इनमें विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन-सी रिच फूड के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इसके लिए सर्दियों में इम्यून सिस्टम मजबूत करने के लिए विटामिन सी रिच ताजे फल और सब्जियों का सेवन जरूर करें।
सूखे मेवे का सेवन करें
सूखे मेवे के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। अखरोट और बादाम का नियमित रूप से सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद साबित होता है। इससे न केवल बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से खतरा कम हो जाता है, बल्कि दिमाग तेज होता है और कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रहता है। इसके लिए सर्दियों में रोजाना काजू किसमिस, बादाम, अखरोट और पिस्ता का सेवन करें।
डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
बेंगलुरु। राहुल गांधी इन दिनों कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक की भारत जोड़ो यात्रा कर रहे हैं। यात्रा इन दिनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित कर्नाटक से होकर गुजर रही है। आज उनकी मां और कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इसमें शामिल हुईं। यात्रा के दौरान राहुल की कई तस्वीरें हाल के दिनों में वायरल हुई हैं। आज जो फोटो सोशल मीडिया में घूम रही है, उसमें वह बीच सड़क पर अपनी मां के जूतों के फीते को बांधते नजर आ रहे हैं।
सोनिया गांधी ने मांड्या जिले के डाक बंगला इलाके से पदयात्रा आरंभ की। वह पहली बार ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुईं। सोनिया का कर्नाटक विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मांड्या में पदयात्रा करना इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि यह देवगौड़ा परिवार के दबदबे वाला क्षेत्र माना जाता है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, “यह ऐतिहासिक क्षण है कि सोनिया गांधी जी इस यात्रा में शामिल हुई हैं। इससे पार्टी कर्नाटक में और मजबूत होगी।
राहुल गांधी और कांग्रेस के कई अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गत सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की थी। इन दिनों यात्रा कर्नाटक में है। यात्रा का समापन अगले साल की शुरुआत में कश्मीर में होगा। इस यात्रा के तहत कुल 3,570 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।
कांग्रेस ने राहुल समेत उन 119 नेताओं को ‘भारत यात्री’ नाम दिया है, जो पदयात्रा करते हुए कश्मीर तक जाएंगे। ये लोग 3,570 किलोमीटर की निर्धारित दूरी तय करेंगे। कांग्रेस का मानना है कि यह यात्रा पार्टी के लिए संजीवनी का काम करेगी।
