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इस गोदाम की कुल क्षमता 7200 टन होगी

panchayattantra24.com,रायपुर। आधुनिक तकनीक से खाद्यान्न का भंडारण करने ट्रसलेस गोडाउन बनाए जाएंगे. पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सूरजपुर में प्रदेश का पहला सेल्फ सपोर्टेड ट्रसलेस गोदाम 4 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से बनेगा. इस गोदाम की कुल क्षमता 7200 टन होगी. इस बात की जानकारी छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने दी।
अरुण वोरा ने बताया कि भविष्य में स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के सभी गोडाउन ट्रसलेस तकनीक से बनाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है. वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोदामों में अनाज के सुरक्षित भंडारण के लिए ट्रसलेस तकनीक काफी बेहतर मानी गई है. इस तकनीक से अनाज के भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान में कमी आएगी. साधारण गोदामों की तुलना में ट्रसलेस गोडाउन में अधिक अनाज भंडारण किया जा सकता है।
गेल वैल्यूम शीट फायदेमंद
अनाज भंडारण गोदामों को कवर करने के लिए छतों पर लगाई गई गेल वैल्यूम शीट को केंद्रीय एजेंसियों भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) द्वारा काफी सराहा गया है. एफसीआई ने नए बनने वाले गोदामों में इस शीट को लगाने कहा है. छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन ने भी इसी तकनीक से गोडाउन का निर्माण करने का प्लान तैयार किया है. इसकी शुरुआत सूरजपुर के गोडाउन से की जा रही है. इससे पहले प्रदेश में सेंट्रल वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन द्वारा तिफरा में इसी तकनीक से गोडाउन बनाया गया है।
सेल्फ सपोर्टेड रूफिंग के फायदे
साधारण गोडाउन में वॉशर खराब होने पर बारिश का पानी बोल्ट के माध्यम से लीक होने लगता है. गोडाउन में धूल भी प्रवेश करती है और गोडाउन के भीतर जमा होने लगती है. गोडाउन के भीतर पक्षी घोसला बनाते हैं. ट्रसलेस गोडाउन रखरखाव मुक्त होते हैं. गोडाउन के भीतर रखी वस्तुओं को बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं. अज्वलनशील होने के साथ ही आग और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने में ये ज्यादा सहायक होते हैं।

 

 
panchayattantra24.com, रायपुर। राज्य शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर मनरेगा के सभी वर्गों के श्रमिकों का मजदूरी भुगतान एकरूपता से किए जाने का आग्रह किया है. दरअसल, मनरेगा के तहत एक ही ग्राम पंचायत में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य वर्ग के श्रमिकों को मजदूरी भुगतान के लिए एफटीओ जारी किया गया था, लेकिन इनमें से केवल अन्य वर्ग को ही भुगतान हो रहा है. अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के श्रमिकों का भुगतान नहीं हो रहा है। 
राज्य शासन ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजे पत्र में बताया है कि भारत सरकार द्वारा मजदूरी भुगतान के लिए नए नियम लागू करने के कारण यह समस्या हो रही है. भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2021 से मजदूरी भुगतान के लिए राशि वर्गवार (सामान्य, अजा एवं अजजा) जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है. इसके लिए राज्य शासन ने अनुसूचित जनजाति व अनुसूचित जाति वर्ग के लिए दो पृथक-पृथक खाते मार्च के महीने में खोले गए हैं. सामान्य वर्ग के श्रमिकों के भुगतान के लिए भारत सरकार से 26 अप्रैल को 241 करोड़ 80 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं, जो उनके खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं। 
वहीं अनुसूचित जाति के श्रमिकों के लिए 5 मई को पांच करोड़ 26 लाख रुपए और अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों के लिए 11 मई को 122 करोड़ नौ लाख रुपए प्राप्त हुए हैं. लेकिन इन श्रमिकों के खाते में पैसा ट्रांसफर नहीं हो रहा है. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में राज्य में मनरेगा के नोडल बैंक भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति मद के नए खुले खातों को पीएफएमएस में मैपिंग करने का कार्य चल रहा है, इसलिए इस मद में राशि प्राप्त होने के बाद भी क्रेडिट नहीं हो पा रहा है. बैंक ने बताया है कि मैपिंग का कार्य 14 मई तक पूर्ण कर लिया जाएगा। 
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इसके साथ ही अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के अंतर्गत प्राप्त राशि से भुगतान नहीं हो पाने के संबंध में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अवर सचिव से चर्चा हुई है. उन्होंने बताया कि मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया में वर्गवार भुगतान संबधी परिवर्तन के कारण ग्रामीण विकास मंत्रालय स्तर पर राज्यों के लिए नामित डीडीओ को एक दिन में ही बहुत अधिक एफटीओ पर डिजिटल हस्ताक्षर करने पड़ रहे हैं. इसके अलावा वर्तमान में लॉकडाउन के कारण उन्हें यह कार्य सीमित संसाधनों के साथ घर से करना पड़ रहा है, इसलिए इसमें अधिक समय लग रहा है। 
 

panchayattantra24.com, रायपुर। नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक मनाया जाता है. नवरात्रि में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग अवतारों की पूजा की जाती है. नवरात्रि के चौथे दिन कुष्मांडा देवी की पूजा का विधान है. नवरात्रि का चौथा दिन माता कुष्मांडा को समर्पित होता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां कुष्मांडा की पूजा करने से आयु, यश, बल और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। 
मां कुष्मांडा की विधि विधान से पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्त होते हैं. मान्यता है कि मां कुष्मांडा संसार को अनेक कष्टों और संकटों से मुक्ति दिलाती हैं. इस दिन लाल रंग के फूलों से पूजा करने की परंपरा है, क्योंकि मां कुष्मांडा को लाल रंग के फूल अधिक प्रिय बताए गए हैं. मां कुष्मांडा की पूजा विधि पूर्वक करने के बाद दुर्गा चालीसा और मां दुर्गा की आरती जरूर करनी चाहिए। 
अष्ट भुजा हैं कुष्मांडा देवी
कुष्मांडा देवी को अष्टभुजा भी कहा जाता है. इनकी आठ भुजाएं हैं. मां ने अपने हाथों में धनुष-बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल धारण किया हुआ है. वहीं एक और हाथ में मां के हाथों में सिद्धियों और निधियों से युक्त जप की माला भी है. इनकी सवारी सिंह है। 
मां कुष्मांडा की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार मां कुष्मांडा का अर्थ होता है कुम्हड़ा. मां दुर्गा असुरों के अत्याचार से संसार को मुक्त करने के लिए कुष्मांडा का अवतार लिया था. मान्यता है कि देवी कुष्मांडा ने पूरे ब्रह्माण्ड की रचना की थी. पूजा के दौरान कुम्हड़े की बलि देने की भी परंपरा है. इसके पीछे मान्यता है ऐसा करने से मां प्रसन्न होती हैं और पूजा सफल होती है। 
मां कुष्मांडा की पूजा विधि
नवरात्रि के चौथे दिन सुबह स्नान करने के बाद मां कुष्मांडा स्वरूप की विधिवत करने से विशेष फल मिलता है. पूजा में मां को लाल रंग के फूल, गुड़हल या गुलाब का फूल भी प्रयोग में ला सकते हैं, इसके बाद सिंदूर, धूप, गंध, अक्षत् आदि अर्पित करें. सफेद कुम्हड़े की बलि माता को अर्पित करें. कुम्हड़ा भेंट करने के बाद मां को दही और हलवा का भोग लगाएं और प्रसाद में वितरित करें। 
मां कुष्मांड को प्रसन्न करने का मंत्र
ॐ देवी कूष्माण्डायै नम:॥
 

 
 
 panchayattantra24.com, रायपुर। रायपुर के अंबेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने अव्‍यवस्‍था का आरोप लगाते हुए हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है। कोरोना संकट काल में इस घोषणा से हड़कंप मच गया है। इससे अस्‍पताल की व्‍यवस्‍था चरमरानी तय है। मरीजों का उपचार भी प्रभावित हो जाएगा। नाराज चिकित्‍सकों ने अस्पताल के सीएमओ को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है। चिकित्‍सकों का आरोप है कि न तो पीपीई किट मिल रही है और न ही ग्लब्स। फेस मास्क सहित अन्य जरूरी सामान नहीं मिल रहे हैं। सारी दिक्कतों से कई बार अधीक्षक और डीन को अवगत कराया गया है। इसके बाद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
 

 
panchayattantra24.com, पेंड्रा। गौरेला थाना क्षेत्र में बारातियों से भरी पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें बैठे 5 लोगों को गम्भीर चोट पहुंची है. सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है. गौरेला पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 
गौरेला पुलिस को सूचना मिली कि निवासखार (अचानकमार) से गौरेला के आमानाला (ठाड़पथरा)  बरातियों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें सवार कुछ लोगों को मामूली चोट तो 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।  सूचना मिलने के तत्काल बाद पुलिस के साथ सामाजिक संस्था हॉस्पिटल ब्लड मेडिसिन की टीम भी तत्काल सक्रिय होकर घटना स्थल पहुंची, और घायलों को लेकर तत्काल जिला अस्पताल लाया गया. अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है. फिलहाल, गौरेला पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। 
 

 
panchayattantra24.com, रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई. उन्होंने पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में कोरोना वैक्सीन लगवाई है. इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने रायपुर निवास परिसर में यूनिसेफ की ‘रोको अउ टोको’ परियोजना के वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृहमंत्री  ताम्रध्वज साहू, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिवरेणु जी. पिल्लै, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. आर.के. सिंह, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  अजय यादव, रायपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विष्णु दत्त, डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनीत जैन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल मौजूद थीं।
 

 
panchayattantra24.com, पथरिया। पूर्व विधायक खेमसिंह बारमते पर ग्रामीणों ने मुक्तिधाम और शासकीय निस्तार भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है. पूर्व विधायक ने रुतबा दिखाते हुए शासकीय भूमि को निजी भूमि बताकर अपनी पत्नी अनार बाई के नाम पर कर दिया. इसके बाद धान खरीदी केंद्र ककेड़ी में जमीन पंजीकृत कराकर धान बेच दिया। 
पूरा मामला ग्राम पंचायत उमरिया का है, जहां पटवारी ने शासकीय निस्तारी भूमि, मुक्तिधाम एवं पड़ती जमीन का गिरदावरी कर गलत जानकारी दिया, जिसे खेमसिंह बारमते ने गौचर पड़ती भूमि को अपना निजी खेतिहर जमीन बताकर 56 क्विंटल धान बेच दिया। 
पड़ती भूमि निस्तार पत्रक पर खसरा नम्बर 383/6 एवं 383/7 पर शासकीय जमीन मुक्तिधाम बता रहा है, जिसमें ग्रामीण कफ़न दफन का कार्य करते हैं. उसी भूमि पर ग्राम पंचायत के द्वारा शासकीय मद से कच्ची सड़क का निर्माण कराया गया है। 
सरकारी मद से हुआ बोर खनन
इसके अलावा भू नलजल सरकारी योजना से बोर खनन का कार्य किया गया है और पानी निकासी की व्यवस्था सरकारी मद से किया गया है. उसी जमीन पर दो परिवारों द्वारा बेजा कब्जा कर मकान बनाकर निवास कर रहे है. इससे पहले भी इसी पड़ती जमीन को खेती बताकर 120 कट्टी धान को बेचा गया था, जिसे तत्कालीन कलेक्टर ने कार्यवाही करते हुए धान की जब्ती कर स्थल निरीक्षण के लिए टीम गठित की थी, जिस पर जांच समिति के द्वारा मौका जांच पर उक्त जमीन को पड़ती गौचर भूमि पाया गया था। 
पहले हो चुकी है शिकायत
ग्राम पंचायत उमरिया के सरपंच संतोष बंजारे ने कहा कि ग्राम निस्तारी की जमीन जिस पर गांवों के सभी दफन कफ़न का कार्य करते हैं, उसी जमीन पर दो अन्य लोगों का कब्जा भी है, जिस पर पूर्व विधायक खेमसिंह बारमते ने पटवारी रिपोर्ट में अपना धान उपजाऊ जमीन बता रिपोर्ट तैयार कराया गया है, जो गलत है. पूर्व में भी इनके द्वारा धान बेचने की शिकायत की थी, जिस पर जब्ती की कार्रवाई की गई थी. उक्त जमीन को पड़ती भूमि बताया गया था। 
सात दिन में होगी मामले की जांच
एसडीएम प्रिया गोयल ने बताया कि शिकायत मिली है. जांच टीम गठित कर 7 दिन के भीतर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। 
शिकायत वापस लेने का बनाया दबाब
शिकायतकर्ता राजीव मनहर बोले कि पूर्व विधायक खेमसिंह बारमते ने 3.80 एकड़ जमीन को निजी जमीन बता धान बेच दिया, जो गलत है. मुक्तिधाम के लिए निस्तार पत्रक में दर्ज जमीन को अपना निजी जमीन बताया जा रहा है. पूर्व विधायक के द्वारा मेरे से शिकायत वापस लेने दबाव बना धमकी दी जा रही है। 

 

जैविक खेती को मिलेगा प्रोत्साहन, आवारा मवेशियों की समस्या होगी हल
 
 
panchayattantra24.com,रायपुर। लोकसभा में कृषि मामलों की स्थायी समिति ने मंगलवार को सदन में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना की सराहना करते हुए केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि किसानों से मवेशियों के गोबर खरीद की ऐसी ही योजना पूरे देश के लिए शुरु की जानी चाहिए।
पर्वतागौड़ा चंदनगौड़ा गद्दीगौडर की अध्यक्षता वाली लोकसभा की कृषि मामलों की स्थायी समिति ने केंद्र सरकार को दिए अपने सुझाव में कहा है कि किसानों से उनके मवेशियों का गोबर खरीदने से उनकी आय में बढ़ोतरी होने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही आवारा मवेशियों की समस्या का भी समाधान होगा। लोकसभा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पूर्व यह समिति केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों को भी ऐसा ही सुझाव दे चुकी है।
 उल्लेखनीय है कि  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 20 जुलाई 2020 से छत्तीसगढ़ में गोबर को गोधन बनाने की दिशा में सुविचारित कदम उठाते हुये गोधन न्याय योजना लागू की गई है, जिसमें पशु पालकों से गोबर क्रय करके गोठानों में वर्मीकंपोस्ट एवं अन्य उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना का संचालन सुराजी गांव योजना के तहत गांव-गांव में निर्मित  गौठानों के माध्यम से किया जा है। इन गोठानों में पशुओं के चारे और स्वास्थ्य की देखभाल के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इन्हीं गोठानों में गोधन न्याय योजना के तहत वर्मी कंपोस्ट टांकों का निर्माण किया गया है, जिनमें स्व सहायता समूहों की महिलाएं जैविक खाद का निर्माण कर रही हैं। गोबर की खरीद गोठान समितियों के माध्यम से 2 रुपए किलो की दर से की जाती है। अब तक गोबर विक्रेता किसानों, पशुपालकों और संग्राहकों को 80 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
स्व सहायता समूहों द्वारा अब तक 71 हजार 300 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा चुका है। वर्तमान में 7 हजार 841 स्व-सहायता समूह गोठान की गतिविधि संचालित कर रहे है। इन समूहों के लगभग 60 हजार सदस्यों को वर्मी खाद उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी, गोबर दिया निर्माण इत्यादि विभिन्न गतिविधियों से 942 लाख की आय प्राप्त हो रही है। गोठान योजना के लिये वर्ष 2021-22 के बजट में 175 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। स्व सहायता समूहों द्वारा निर्मित जैविक खाद के विक्रय के लिए छत्तीसगढ़ में 10 रुपए प्रति किलो की दर तय की गई है। राज्य में वन, उद्यानिकी, कृषि समेत सभी शासकीय विभागों द्वारा आवश्यकतानुसार स्व सहायता समूहों से जैविक खाद की खरीद की जाती है, इसके साथ-साथ किसानों द्वारा भी जैविक खाद खरीदा जा रहा है। गोधन न्याय योजना से भूमिहीन कृषि श्रमिकों को भी नियमित आय हो रही है।छत्तीसगढ़ शासन की गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन से जैविक खेती एवं गौ-पालन को बढ़ावा, पशु पालकों को आर्थिक लाभ तथा रोजगार के नये अवसरों का सृजन हो रहा है। सरकार की इस पहल को भारत सरकार एवं अन्य राज्यों द्वारा भी सराहा जा रहा है।

panchayattantra24.com,रायपुर। 5 मार्च से टी20 अनएकैडमी रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत हो गई है. शुक्रवार को पहला मैच इंडिया लीजेंड्स और बांग्लादेश लीजेंड्स के बीच खेला जा रहा है. टॉस जीतकर बैटिंग करने उतरी बांग्लादेश की टीम ने 9 ओर में 68 रन बना लिया है. लेकिन 2 विकेट भी गवां दिए है। 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरिज क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया. क्रिकेट मैच देखने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे हुए हैं. इस मैच का सीधा प्रसारण कलर्स सिनेप्लेक्स, रिश्ते सिनेप्लेक्स, कलस4 कन्नड़ा सिनेमा, वूट और जियो पर हो रहा है। 
इंडिया लेजेंड्स : सचिन तेंदुलकर (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ, यूसुफ पठान, नमन ओझा, प्रज्ञान ओझा, नोएल डेविड, मुनाफ पटेल, इरफान पठान, मनप्रीत गोनी, एस. बद्रीनाथ और विनय कुमार।
बांग्लादेश लीजेंड्स : मोहम्मद रफीक (कप्तान), खालिद महमूद, मोहम्मद शरीफ, मुश्फिकुर रहमान, मैमून राशीद, नफीस इकबाल, अब्दुर रज्जाक, खालिद मशूद, हनन सरकार, जावेद उमर, राजिन सालेह, मेहराब हुसैन, आफताब अहमद, आलमगीर कबीर।

 
publicuwatch24.com,छत्तीसगढ़। कोरबा में आबकारी विभाग के कारगुजारी से परेशान एक आदिवासी शख्‍स ने आत्‍महत्‍या के इरादे से हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया. घंटों तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद ग्रामीणों की समझाइश पर वह नीचे उतरा. कोरबा के नकटीखार में लोग उस समय सकते में आ गए जब एक व्यक्ति हाई टेंशन टावर पर चढ़ गया. बड़ी संख्या में लोग टावर के पास पहुंच गए और दूजराम के ड्रामे को देखते हुए नीचे उतर जाने को लेकर समझते नज़र आए. दरअसल, नकटीखार निवासी दूजराम बिंझवार आबकारी विभाग के कर्मचारियों से परेशान होकर हाई टेंशन टावर पर चढ़ गए. उनका आरोप है कि आबकारी विभाग के कर्मचारी उनसे दस हजार रुपये की मांग कर रहे थे. अपने पीने के लिए महुआ शराब बनाने पर आबकारी विभाग के लोग कार्रवाई की धमकी देते हैं. उन्‍होंने बताया कि शाम तक दस हज़ार रुपए देने की बात से वह परेशान हो गए थे. इसलिए मरने की मंशा से टावर में चढ़ गया. दूजराम के टावर पर चढ़ने की सूचना पाकर पुलिस, सरपंच और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर समझाइश दी. टावर पर चढ़ा दूजराम किसी तरह टावर से नीचे उतरा तो परिजन और ग्रामीणों की सांस में सांस आई.