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धमतरी। एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे एक युवक नाबालिग की मांग में सिंदूर भरकर दूसरे शहर ले गया और फिर लड़की के साथ दुष्कर्म किया। जब पुलिस में युवक को पकड़ा तो… यह मामला मगरलोड ब्लाक के करेली बड़ी थाना क्षेत्र का है। न्यायालयीन सूत्रों के मुताबिक एक गांव की नाबालिग लडक़ी को शादी का झांसा देकर ग्राम खर्रा निवासी हेमलाल यादव ने उसे रायपुर ले गया और वहां जाकर दुष्कर्म किया। यही नहीं बीते 28 नवंबर 2018 को उसकी इच्छा के विरूद्ध आर्य समाज में ले जाकर उससे शादी भी कर लिया। इधर, नाबालिग के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज दर्ज कर लिया।
पुलिस ने पीडि़ता को आरोपी हेमलाल यादव के कब्जे से बरामद कर लिया। प्रार्थियां की शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 363,366,376-2 भादंस एवं धारा 6 पाक्सो एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद पुलिस ने केस डायरी न्यायालय में पेश किया, जहां मामले की अंतिम सुनवाई विशेष न्यायालय
में हुई।
फैसला एक नजर में : न्यायाधीश छमेश्वर लाल पटेल ने मामले में सभी सबूतों को देखने और गवाहों को ेसुनने के बाद आरोपी हेमलाल यादव पर दोष सिद्ध पाया। इसके बाद उसे आरोपित धाराओं के तहत 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 5 सौ रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर उसे 6 माह अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगा। शासन की ओर से लोक अभियोजक राजकुमार सोनी ने पैरवी की।

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कोरबा । युवक की हत्या कर नेवसा के जंगल में फेंकी गई लाश की गुत्थी पुलिस सुलझाने के करीब पहुंच गई है। मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा है। अभी तक पांच व्यक्ति पुलिस की गिरफ्त में हैं।
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर सूत्रों ने बताया कि ग्राम मांगामार के रहने वाले संजय आंडिल का संबंध हरदीबाजार चौकी क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली युवती से चल रहा था। युवती की शादी तय हो गई थी। इस बीच एक मई को संजय अपने एक अन्य दोस्त के साथ युवती से मिलने गया था। युवक युवती के घर में चोरी-छिपे मिल रहा था। युवती के रिश्तेदारों ने देख लिया। नाराज होकर दोनों को फटकार लगाई। संजय को बहला फुसलाकर नेवसा जंगल की ओर ले गए। जंगल के करीब सड़क पर स्थित एक पुल के नीचे युवक को धक्का देकर फेंक दिया। गंभीर चोट लगने से युवक की मौत हो गई। इसके बाद शव को उठाकर जंगल में फेंककर फरार हो गए थे। अभी तक पुलिस ने लगभग पांच लोगों को हिरासत में लिया है। गोलू और नवल नाम के दो लोग शामिल हैं। हिरासत में लिए आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। सोमवार को पुलिस मामले का खुलासा कर सकती है।
शनिवार को मिली थी लाश : हरदीबाजार चौकी क्षेत्र में ग्राम नेवसा के पास शनिवार को जंगल में एक लाश मिली थी। मृतक की जेब से आधार कार्ड मिला था। इसके जरिए पहचान हुई थी। जांच आगे बढ़ी तो ऑनर किलिंग से जुड़ गई।

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कोरबा। ब्याज के लिए घर में घुसकर एसईसीएल कर्मी को धमकाने और गाली गलौज के आरोप में पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ अजाक थाने में केस दर्ज किया है। आरोपियों की पतासाजी की जा रही है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने बताया कि गिरधारी कंवर एसईसीएल में जनरल मजदूर के पद पर कार्यरत है। कंपनी की आवासीय कॉलोनी बलगी के आवास बी-45 में रहता है। उसने वर्ष 2010 में पुत्र की शादी के लिए दिनेश्वर मेहता नाम के व्यक्ति से दो लाख रुपए उधार लिया था। दिनेश्वर ने पैसे के बदले गिरधारी की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड को गिरवी रख लिया था।
गिरधारी का आरोप है कि दिनेश्वर ने पैसे के बदले 10 फीसदी ब्याज की दर से प्रत्येक माह 20 हजार रुपए की राशि वसूल किया। गिरधारी ने पुलिस को बताया है कि अभी तक उसने 20 से 21 लाख रुपए मूलधन व ब्याज के तौर पर दिनेश्वर को लौटाया है। इसके बाद भी दिनेश्वर पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड नहीं लौट रहा था। परेशान होकर गिरधारी ने मामले की शिकायत की। इसके बाद दिनेश्वर ने गिरधारी को चेकबुक और पासबुक लौटा दिया, लेकिन एटीएम कार्ड को नहीं लौटाया। गिरधारी ने बैंक से दूसरा एटीएम कार्ड जारी करवाया।
एक मुश्त मांग रहे थे पांच लाख रुपए : गिरधारी ने पुलिस को बताया कि 11 अप्रैल की सुबह दिनेश्वर का पुत्र अविनाश उसके घर पहुंचा। ब्याज के तौर पर 20 हजार रुपए की मांग की। गिरधारी ने आर्थिक स्थिति का हवाला देकर पैसे देने से मना किया, तब अविनाश ने घर में घुसकर गिरधारी को धमकाया। उससे गाली गलौज की। डर से गिरधारी ने 10 हजार रुपए अविनाश को दिया, लेकिन वह ब्याज की राशि 20 हजार रुपए से कम लेने को तैयार नहीं हुआ। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।
अविनाश ने अपने पिता दिनेश्वर को गिरधारी के घर बुलाया। दोनों एक मुश्त पांच लाख रुपए की मांग कर रहे थे। इसके बाद ही सूद पर लिए गए पैसे की खाता बंद करने को तैयार थे।
गिरधारी ने घटना की सूचना बांकीमोंगरा थाने में दी। पुलिस ने दिनेश्वर और उसके पुत्र अविनाश के खिलाफ आदिवासी व्यक्ति के घर में घुसकर धमकाने और पैसे की मांग करने का केस दर्ज किया है।

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रायपुर/भोपाल। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया है कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ की सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करेगी. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जिस तरह से कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, उस जीत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सिर्फ रीचार्ज ही नहीं किया बल्कि जनता का ध्यान भी कांग्रेस की तरफ आकर्षित किया था. जिससे नरेंद्र मोदी और अमित शाह का प्रभाव कम हुआ.छत्तीसगढ़ में बीजेपी की जीत पर क्यों ब्रेक लगा इसका जवाब देते हुए सीएम बघेल ने कहा कि बीजेपी के लिए चुनाव जीतने के लिए अमित शाह मशीन बने हुए थे, उसे छत्तीसगढ़ की जनता ने खराब कर दिया. जिससे उनका आत्मविश्वास हिला हुआ है क्योंकि हमने उनके एक-एक मुद्दे जो जनता से जुड़े थे रमन सरकार उनके विरुद्ध काम कर रही थी, हमने जनता के सामने वो सब बताए और जनता को खुद से जोड़ा. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए छत्तीसगढ़ लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कमबैक पर पूछे गए सवाल पर कहा कि वो पराजित सेना है. छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव खत्म हुए सिर्फ तीन महीने ही हुए हैं. बीजेपी का छत्तीसगढ़ में जो ढांचा है वो पूरी तरह से खोखला हो चुका है, उस ढांचे को हमने ढाह दिया है।
अब बीजेपी को छत्तीसगढ़ में पुन: खड़े होने में समय लगेगा. सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि हमने जो छत्तीसगढ़ में किया उसका असर आसपास के राज्यों में भी देखने को मिलेगा. आज मध्यप्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, केरला में छत्तीसगढ़ की ही चर्चा हो रही है. आज बीजेपी इनता पीछे चली गई है कि उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है. लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती राज्यों में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करेगी. कांग्रेस ओडिशा में 11 सीटों पर जीत दर्ज करेगी।
मुख्यमंत्री ने तूफान प्रभावित ओडिशा को 11 करोड़ देने का किया ऐलान
ओडिशा में फानी तूफान से अरबों की संपत्ति तबाह हो गई है और कुछ लोगों को जान गंवानी पड़ी। ओडिशा राज्य के इस संकट की घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार अपने पड़ोसी राज्य की मदद के लिये सामने आया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ऐलान किया कि ओडिशा राज्य की मदद के लिये राज्य सरकार मुख्यमंत्री सहायता कोष से 11 करोड़ रुपये की राशि जारी करेगी। राज्य सरकार से जुड़े उच्चपदस्थ सूत्र ने बताया कि पहले इस बात पर विचार किया जा रहा था कि ओडिशा राज्य को भारी मात्रा में चावल भेजकर मदद की जाये,लेकिन इस संबंध में विचार-विमर्श करने के बाद नकद राशि के रुप में मदद को ज्यादा कारगर माना गया। यह बताया गया कि ओडिशा राज्य को फिलहाल नष्ट हुए अधोसंरचना को फिर से खड़ा करने की जरुरत है ना कि बड़े पैमाने पर भोजन की। इस तथ्य पर विचार करने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने नकद सहायता के रुप में ओडिशा की मदद करने का निर्णय लिया है और इसी के तहत मुख्यमंत्री सहायता कोष से 11 करोड़ रुपये की राशि देने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि फोनी तूफान के उपरांत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ओडि़शा के मुख्यमंत्री नवीन पट्नायक से दूरभाष पर चर्चा की थी और ओडि़शा के इस विपदा की कठिन परिस्थितियों में राज्य को हर संभव मदद देने की पेशकश की थी। उन्होंने ओडिशा की मुख्यमंत्री से यह भी कहा था कि ओडि़शा राज्य के इस संकट की घड़ी में छत्तीसगढ़ राज्य और यहां की जनता ओडिशा राज्य और वहां की जनता के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए तैयार है।
भूपेश बघेल ने की कमलनाथ से मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की। चुनाव प्रचार के सिलसिले में भोपाल पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के हालात और राज्य सरकार के कामकाज को लेकर उनसे चर्चा की। करीब आधे घंटे की ये मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भोपाल में दिग्विजय सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार किया। देर शाम भोपाल के जम्बूरी मैदान में भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव ने छत्तीसगढिय़ा सम्मेलन में शिरकत की। इस कार्यक्रम का मकसद मध्यप्रदेश में रहने वाले छत्तीसगढ़
के लोगों को एकजुट कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाना था।

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सुकमा । नक्सलियों ने एक बार फिर रविवार को सड़क निर्माण कार्य में लगे वाहनों में आग लगा दी। इस बार नक्सलियों ने तेलांगना सीमा से सटे गोलापल्ली क्षेत्र में वारदात की है। इसके साथ ही वाहन चालकों से मारपीट भी की गई। कुछ कर्मचारियों को नक्सली अपने साथ भी ले गए हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। सूचना मिलने पर जवानों को मौके पर रवाना किया गया है। उनके लौटने के बाद ही ज्यादा जानकारी मिल सकेगी। जानकारी के मुताबिक, गोलापल्ली से करीब 10 किमी दूर वेंजलवाही में बीजापुर की मेसर्स शिवशक्ति इंजीनियर वक्र्स कंपनी सड़क निर्माण के कार्य में लगी हुई थी। ये सड़क निर्माण कार्य बिना पुलिस सुरक्षा के चल रहा था। ये इलाका धुर नक्सल प्रभावित है।
बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने 8 वाहनों में आग लगाई है। इसमें दो ट्रैक्टर, दो हाईवा और 4 पोकलेन शामिल हैं। हालांकि पुलिस की ओर से अभी केवल 4 वाहनों में ही आगजनी की पुष्टि की गई है। वहीं एरिया डोमिनेशन के लिए निकली फोर्स के साथ मुठभेड़ की भी सूचना आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जहां पर आगजनी की गई है, वह इलाका कोंटा से करीब 55 किमी दूर बताया जा रहा है। एएसपी शलभ सिन्हा ने 4 वाहनों में आगजनी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फोर्स को मौके के लिए रवाना किया गया है। उसके लौटने के बाद ही विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।

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राजनांदगांव । रायपुर आ रही एक बस में रविवार दोपहर अचानक आग लग गई। सड़क चलते बस में लगी आग से यात्रियों में हड़कंप मच गया। किसी तरह चालक ने तोलुम गांव के पास बस को रोका तो यात्री उससे कूदकर नीचे भागे। इस चक्कर में कई यात्रियों को चोटें भी आई हैं। आग लगने से बस में रखा यात्रियों का सारा सामान जलकर खाक हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सड़क बंद कर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी। वहीं यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

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रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भोपाल में पत्रकार वार्ता पर पलटवार करते हुए भाजपा ने 14 सवाल पूछे हैं। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा, आतंकवादी हमले का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से नहीं देना चाहिए, बातचीत से देना चाहिए, क्या ये कांग्रेस पार्टी की आतंकवाद को डील करने की नीति है  कांग्रेस और उनके नेता जेएनयू में देशद्रोही नारे लगाने वाले लोगों के साथ खड़ी थी? राहुल गांधी ने अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर जो अभिव्यक्त किया, वह कभी गांधी, नेहरू, इंदिरा और राजीव ने भी नहीं कही थी। राहुल ने उनका समर्थन किया, जिन्होंने देश को तोडऩे और उसके टुकड़े-टुकड़े करने के नारे लगाए थे ।
संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी पर भी कांग्रेस ने राजनीति की? कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा था कि अफजल गुरु को फांसी देना गलत था? कांग्रेस ने याकूब मेनन की फांसी पर आपत्ति जताई थी। क्या कांग्रेस आतंकियों के साथ है? कौशिक ने कहा कि कांग्रेस का हाथ आतंकवाद के साथ है। राहुल गांधी को देश की जनता, शहीदों के परिवार और सेना से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति और संस्कार आतंकियों को महिमा-मंडित करने की है? बाटला हाउस एनकाउंटर में जब आतंकियों को मार गिराया गया, तो सोनिया गांधी ने रोने का नाटक क्यों किया? क्यों मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत उन्होंने देशहित से खिलवाड़ किया? इस्लामी कट्टरपंथी धर्म प्रचार जाकिर नाइक से कांग्रेस के क्या ताल्लूकात रहे हैं? दिग्विजय सिंह ने जाकिर नाइक को मैसेंजर ऑफ पीस बताया था ।
जाकिर नाइक ने राजीव गांधी ट्रस्ट को 50 लाख रुपये क्यों दिए? इसका खुलासा सितंबर 2016 में तब हुआ, जब जाकिर नाईक के खिलाफ सरकारी एजेंसियां जांच कर रही थीं। आतंकवाद और नक्सलवाद जिनके शासन काल मे फला फुला, ऐसी कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र ने चीख-चीख कर कांग्रेस के देश विरोधी नीति और कांग्रेस का हाथ आतंक के साथ होना प्रमाणित कर दिया है।

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रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का भूजल स्तर साल दर साल घट रहा है। केन्द्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर में पिछले 10 सालों के दौरान भूजल स्तर तेजी से नीचे गिरा है। हर साल रायपुर का औसत जल स्तर 1 मीटर नीचे जा रहा है, जो राजधानी में रहने वालों के लिए अलार्म की स्थिति है. अगर यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में लोगों को ग्राउंड वाटर नसीब नहीं होगा. राजधानी की बढ़ती आबादी ने जमीन के भीतर के पानी को भी नहीं बख्शा. हालात ये है कि धीरे-धीरे भूजल स्तर नीचे चला जा रहा है और रायपुर सीमेंट और कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो गया है. यहां के तालाब सिकुड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गए हैं और अधिकतर कुओं को पाट दिया गया. नतीजा ये हुआ कि इसका सीधा प्रभाव धरती की जल अवशोषण क्षमता पर पड़ा और बीते 10 सालों में हर साल एक से डेढ़ मीटर वॉटर लेवल नीचे जाता जा रहा है. केन्द्रीय भूजल सर्वेक्षण बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 10 सालों में रायपुर का जल स्तर 14 मीटर तक नीचे चला गया. 21 ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 50 सेंटीमीटर हर साल जल स्तर नीचे जा रहा है. बोरवेल खुदाई में 13 मीटर और जलस्तर नीचे जा चुका है. स्थायी जल स्तर – 2010 में 12 मीटर था अब 2019 में ये 20 मीटर पर चला गया है.
राजधानी के इन इलाकों में स्थिति खतरनाक…
देवपुरी, पचपेढ़ी नाका, मोवा, पंडरी, दलदल सिवनी, खमतराई, बीरगांव, मठपुरैना, भाठागांव, टाटीबंध, रावांभाठा, कोटा।
पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ निनाद बोधनकर इस हालात के लिए जागरूकता की कमी और खराब वाटर मैनेजटमेंट को इसके लिए मुख्य कारण मानते है। भूविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ.निनाद बोधनकर का कहना है कि लोगों में पानी के कैसे बचाया जाए, इसे लेकर जारुकता नहीं है। लोगों को पानी का मैनटमेंट नहीं आता। लोग पानी बर्बाद ज्यादा कर रहे है, बचाव न के बराबर इसलिए रायपुर में पानी की कमी होती जा रही है। वहीं राजधानी में गिरते भूजल स्तर को लेकर संभाग आयुक्त जीआर चुरेन्द्र का कहना है कि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए बजट की कमी है और ऐसे में डबरी बनाकर ग्राउंड वॉटर को रिचार्ज किया जाएगा।

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रायपुर । काले कारोबारियों के लिए राजधानी सबसे सुरक्षित जगह है, सट्टा-जुआ ,देहव्यापार के साथ हुक्काबार और नशीली दवाओं के सौदागरों खास पसंदीदा जगह रायपुर है। जहां वे राजनीतिक संरक्षण के चलते बड़े आराम के काम को अंजाम देते है। कल पकड़ाए आरोपी ने पुलिस को खुला चैलेंज किया है कि मेरे बड़े-बड़े नेताओं से संपर्क है, जमानत के छूटने के बाद मेरा कारोबार दोगुना तेजी से चलेगा, मेरा कोई कछ नहीं बिगाड़ सकता। आरोपियों को छुड़ाने के लिए कई छुटभैया कांग्रेसी नेता गोलबाजार थाने का चक्कार लगाते रहे लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और कानून व्यवस्ता का पालन करते हुए कारवाई की। जिससे नसे के कारबोरा से जुड़े कारोबारियों  में हड़कप मच गया है।
राजधानी के सभी 70 वार्डो की स्लम बस्तियों और स्टेशन के आसपास में रूमाल में सिलोशन सूंघने वाला गिरोह सक्रिय है। स्टेशन के आसपास दर्जनों नाबालिग बच्चे नशीली दवाओं का खुलेआम सेवन करते है। ताजुब्ब की बात है कि इतने बड़े पैमाने में नशीली दवाओं की राजधानी में खपत होने के बाद भी प्रशासन को खभर नहीं। यदाकदा नशे के सौदागरों को पकडऩे पुलिस कामयाब तो हुई है लेकिन इस गिरोह के सरगना तक नहीं पहुंच पाई है। राजधानी सहित प्रदेश के अन्य शहरों में मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाओं की सप्लाई होने के बाद भी पुलिस प्रशासन एक दो कार्रवाई कर ठंडे पड़ जाती है। राजधानी में धड़ल्ले से नशीली टैबलेट, सिरफ आदि दवाइयों का कारोबार चल रहा है। शनिवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गोलबाजार पुलिस ने दो स्थानों पर छापा मारकर नशीली दवाओं की बड़ी खेप बरामद की। मौके से दवा सप्लाई करने वाले चार कारोबारी पकड़े गए। बरामद दवाओं की कीमत सवा लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्त में आया एक सप्लायर खुद को स्पेशल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो का अधिकारी बताकर लोगों पर धौंस जमाता था। उसके पास से फर्जी आइकार्ड भी मिला है।
एडिशनल एसपी सिटी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि गोलबाजार इलाके में नशीली दवाओं की सप्लाई की लगातार शिकायत मिल रही थी। सप्लायरों को रंगेहाथ दबोचने के लिए मुखबिरों को लगाया गया था। इसी दौरान शनिवार को सूचना के आधार पर फूल चौक में सहयोग पार्क, महावीर नगर निवासी अभिषेक वर्मा (44) को वाहन क्रमांक सीजी 05 एबी 2306 में चार कार्टून रखते हुए पकड़ा गया। कार्टून की तलाशी लेने पर उसमें कफ सिरफ की 576 बोतल मिला। प्रत्येक बोतल में सौ एमएल सिरफ है। इसमें कीमत 120 रुपये अंकित है। कुल 69 हजार 120 रुपये का प्रतिबंधित कफ सिरफ बरामद किया है। पुलिस ने मामले में आरोपित अभिषेक के खिलाफ अपराध कायम कर लिया है।
एक साल से कर रहा था सप्लाई
अभिषेक वर्मा पिछले एक साल से प्रतिबंधित दवाइयों की सप्लाई करता आ रहा है। अपने आप को स्पेशल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो का अधिकारी बताकर फर्जी आइकार्ड दिखाकर लोगों पर धौंस जमाता था।
500 बोतल कफ सिरफ बरामद
गोलबाजार पुलिस ने नयापारा स्थित आजम किराना स्टोर के पास शेख नासिर अहमद के मकान में पहुंची। वहां शेख नासिर अहमद (31), सैयद कादिर (33) तथा सैयद साजिद खान (20) को दवा सप्लाई करते हुए पकड़ा। शेख नासिर अहमद के कब्जे से एक कार्टून में 168 प्लास्टिक बोतल में कफ सिरफ, सैयद कादिर के पास से 168 बोतल तथा सैयद साजिद खान के पास से 164 बोतल कफ सिरफ मिली। कुल 500 नग सीलबंद प्लास्टिक बोतल में प्रत्येक में 100 एमएल सिरप है। प्रत्येक बोतल की कीमत 120 रुपये अंकित है। सभी बोतलों की कीमत 60 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने तीनों सप्लायरों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अपराध कायम कर लिया।
बिना पर्ची के कर रखा था डंप
प्रतिबंधित कफ सिरफ को डॉक्टर की पर्ची के बगैर नहीं रखा जा सकता, लेकिन इन्होंने डंप कर रखा था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि शहर की झुग्गी बस्तियों, बीएसयूपी कालोनी समेत अन्य स्थानों पर वे दवाओं को खपाते हैं। दवाओं के सप्लायर हर मोहल्ले में होते हैं जो मोटी कमीशन के लालच में दवाओं को बेचते हैं।

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रायपुर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पाटन निवासी प्रकाश चंद जैन को भर्ती करवाया गया है। प्रकाश को फेफड़ों की बीमारी के साथ निमोनिया था। स्थिति में सुधार के बाद वेंटिलेटर से बाहर आ चुका था। 24 अप्रैल को डॉक्टर्स ने इंजेक्शन लिखा। प्रकाश के बेटे ने एम्स परिसर में ही संचालित अमृत फॉर्मेसी से उसे खरीदा। इनमें से कुछ इंजेक्शन को लगाने के बाद प्रकाश की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। वह फिर से वेंटिलेटर पर जा पहुंचा। परिजनों ने पाया कि इंजेक्शन सुपरपेनम 500 एमजी है, सभी एक्सपायर्ड हैं।
सूचना मीडिया तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। इंजेक्शन की जांच की गई। सबसे पहले अमृत फॉर्मेसी के दो फॉर्मासिस्ट को बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले की जांच के लिए डॉक्टर्स की चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी चार दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी
 प्रथम दृष्टया दवा एक्सपायरी होना पाया गया है। फॉर्मेसी के स्टाफ पर कार्रवाई की गई है। मगर संपूर्ण जांच के बाद ही नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। – डॉ. अजय दानी, अधीक्षक, एम्स रायपुर

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